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हाल ही में सोशल मीडिया पर एक संदेश तेजी से वायरल हो रहा था, जिसमें दावा किया गया कि फाइनेंस एक्ट 2025 के तहत रिटायर्ड सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ता (DA) और पे कमीशन से मिलने वाले लाभ बंद कर दिए जाएंगे। यह संदेश लाखों पेंशनर्स के बीच चिंता का कारण बन गया था।
केंद्र सरकार ने अब इस दावे को पूरी तरह नकारते हुए साफ किया है कि रिटायर्ड कर्मचारियों को मिलने वाला DA और वेतन आयोग का लाभ जारी रहेगा। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों की जानकारी पर भरोसा करें और ऐसे वायरल मैसेजों पर विश्वास न करें।
PIB ने बताया सच
प्रेस इनफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर स्पष्ट किया कि वायरल मैसेज झूठा और भ्रामक है। PIB ने कहा कि सरकार ने ऐसा कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं किया है जिसमें पेंशनर्स को मिलने वाले लाभ रोके जाने की बात कही गई हो। PIB फैक्टचेक के अनुसार, CCS (पेंशन) नियम, 2021 के नियम 37 में सिर्फ इतना बदलाव किया गया है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी किसी गलत काम के कारण बर्खास्त किया जाता है, तो उसके रिटायरमेंट के बाद मिलने वाले पेंशन और अन्य लाभ जब्त किए जा सकते हैं।
सामान्य रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए इस नियम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। DA की बढ़ोतरी और पे कमीशन के तहत मिलने वाले फायदे उन्हें जारी रहेंगे। मई 2025 में PIB ने इस संशोधन की जानकारी भी प्रेस रिलीज के माध्यम से साझा की थी।
पेंशनर्स को मिली राहत
सरकारी बयान से स्पष्ट हो गया है कि केवल अनुशासनात्मक कारणों से बर्खास्त कर्मचारी ही अपने पेंशन और लाभ खो सकते हैं। अन्य सभी रिटायर्ड कर्मचारियों के DA और पे कमीशन का लाभ बिना किसी रोक के मिलता रहेगा।
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त्योहारी सीजन में केंद्र सरकार कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दे सकती है. 8वां वेतन आयोग लागू होने से पहले एक बार फिर कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) और पेंशनर्स के लिए महंगाई राहत (DR) में इजाफा किया जा सकता है, जिससे 1.2 करोड़ से ज्यादा केंद्रीय कमचारियों और पेंशनर्स को लाभ मिल सके.
केंद्र सरकार दिवाली से ठीक पहले, अक्टूबर के पहले हफ्ते में महंगाई भत्ते में इजाफा कर सकती है. इस बदलाव के साथ कर्मचारियों के लिए DA 55 फीसदी से बढ़कर 58 फीसदी हो जाएगा, जो जुलाई 2025 से लागू होगा.
फाइनेंशियल एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को तीन महीने का बकाया भी मिलेगा, जिसका भुगतान अक्टूबर के वेतन के साथ किए जाने की उम्मीद है.
2025 में महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी
सरकार साल में दो बार महंगाई भत्ते में बदलाव करती है. एक बार जनवरी-जून की अवधि के लिए होली से पहले और दूसरी बार जुलाई-दिसंबर की अवधि के लिए दिवाली से पहले. पिछले साल केंद्र सरकार ने त्योहार से करीब 2 हफ्ते पहले 16 अक्टूबर, 2024 को महंगाई भत्ते में इजाफे का ऐलान किया थी. इस साल दिवाली 20-21 अक्टूबर को पड़ रही है.
DA का कैलकुलेशन कैसे किया जाता है?
सातवें वेतन आयोग के तहत उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI-IW) के आधार पर महंगाई भत्ते को तय किया जाता है. यह फॉर्मूला CPI-IW के 12 महीने के औसत आंकड़ों पर आधारित है. जुलाई 2024 से जून 2025 तक, औसत CPI-IW 143.6 रहा, जो 58% की महंगाई भत्ते की दर के बराबर है. इसका मतलब है कि जुलाई-दिसंबर 2025 सर्किल के दौरान केंद्र सरकार के कर्मचारियों का महंगाई भत्ता तीन प्रतिशत बढ़ जाएगा.
बढ़ जाएगी पेंशन और सैलरी
अगर किसी कर्मचारी का बेसिक सैलरी 50,000 रुपये है, तो 55% की पुरानी DA पर भत्ता 27,500 रुपये होगा. वहीं बढ़ोतरी के बाद 58% के नए डीए के साथ, यह बढ़कर 29,000 रुपये हो जाएगा यानी अब कर्मचारी हर महीने 1,500 रुपये अतिरिक्त घर ले जाएगा. इसी तरह, 30000 रुपये की बेसिक पेंशन वाले पेंशनभोगी के लिए, DR 16,500 रुपये (55%) से बढ़कर 17,400 रुपये (58%) हो जाएगा, जिससे उन्हें हर महीने 900 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे.
7वें वेतन आयोग के तहत अंतिम बढ़ोतरी
यह संशोधन इसलिए भी उल्लेखनीय है क्योंकि यह सातवें वेतन आयोग के तहत अंतिम डीए बढ़ोतरी होगी, जिसकी अवधि 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हो रही है. सरकार जनवरी 2025 में आठवें वेतन आयोग की घोषणा पहले ही कर चुकी है, लेकिन इसके संदर्भ की शर्तें (टीओआर), अध्यक्ष और सदस्यों को अभी अंतिम रूप दिया जाना बाकी है.
छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के लाखों कर्मचारियों और अधिकारियों को बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री ने महंगाई भत्ता (DA) में 2 प्रतिशत की वृद्धि का ऐलान किया है। इस बढ़ोतरी के बाद अब प्रदेश के कर्मचारियों को 55 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा, जो केंद्र सरकार के बराबर होगा।
महंगाई की मार झेल रहे कर्मचारियों के लिए यह निर्णय बड़ी राहत लेकर आया है। विशेषज्ञों का मानना है कि महंगाई भत्ते में हुई यह वृद्धि सीधे कर्मचारियों की आय को प्रभावित करेगी और त्योहारी सीजन में उनकी जेब थोड़ी और मजबूत होगी।
केंद्र के समान लाभ
अब राज्य कर्मचारियों को महंगाई भत्ते में वही लाभ मिलेगा जो केंद्र सरकार के कर्मचारियों को दिया जा रहा है। इससे प्रदेश के कर्मचारियों और अधिकारियों में उत्साह का माहौल है।
DA में 2% बढ़ोतरी; अब कुल 55% (केंद्र के समकक्ष)
लाभार्थी: सभी शासकीय अधिकारी-कर्मचारी एवं पेंशनभोगी
लागू होने की तिथि: वित्त विभाग की अधिसूचना के बाद प्रभावी
वेतन/पेंशन बिल पर अतिरिक्त वित्तीय भार; सरकार ने इसे बजट प्रावधानों से वहन करने की बात कही
सरकार ने महंगाई और लागत-जीवन सूचकांक में हालिया बदलावों को देखते हुए महंगाई भत्ते में 2% की बढ़ोतरी का फैसला लिया है। इस कदम से राज्य के कर्मचारियों का DA अब 55% हो जाएगा, जो केंद्र सरकार के बराबर है। वित्त विभाग जल्द ही औपचारिक अधिसूचना जारी करेगा, जिसके बाद बढ़ा हुआ DA आगामी वेतन और पेंशन भुगतान में समायोजित किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय त्योहारी सीज़न से पहले खपत को बढ़ावा देगा और कर्मचारियों की क्रय-शक्ति में सुधार करेगा। साथ ही, पेंशनभोगियों को भी समकक्ष लाभ मिलेगा।
| मद | पहले | अब | परिवर्तन |
|---|---|---|---|
| महंगाई भत्ता (DA) | 53% | 55% | +2% |
बता दें कि एक नवंबर 2000 को मध्य प्रदेश से छत्तीसगढ़ राज्य अलग हुआ था. ऐसे में दोनों राज्यों का प्रशासनिक ढांचा और सरकारी सेवकों को मिलने वाली सुविधाओं को लेकर नियमावली भी अलग-अलग बनाई गई थी, लेकिन इस दौरान धारा 49(6) को लेकर फंसा पेंच आज भी सेवानिवृत्त कर्मचारियों के गले की फांस बना हुआ है. दरअसल, केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों को मूल सूचकांक के आधार पर साल में दो बार जनवरी और जुलाई में मंहगाई भत्ता और पेंशनर्स को महंगाई राहत प्रदान करता है. इसके आधार पर ही राज्य के कर्मचारियों और पेंशनर्स को डीए-डीआर दिया जाता है. मध्य प्रदेश में राज्य के कर्मचारियों को केंद्र के समान डीए का लाभ तो दिया जा रहा है, लेकिन पूर्व कर्मचारी इससे वंचित हैं.
क्या है धारा 49(6)
मध्य प्रदेश के साढ़े 4 लाख और छत्तीसगढ़ के करीब 5 हजार कर्मचारियों को पेंशन देने के लिए लिए राज्य पुनर्गठन अधिनियम 2000 की धारा 49 (6) बनाई गई थी. इसमें स्पष्ट था कि प्रदेश में रिटायरमेंट कर्मचारियों को पेंशनर्स के डीआर में बढ़ोत्तरी करने के लिए मध्य प्रदेश सरकार को छत्तीसगढ़ से अनुमति लेनी होगी. बता दें कि 1 नवंबर 2000 से पहले के पेंशनर्स की जिम्मेदारी को दोनों राज्यों के बीच जनसंख्या के अनुपात में बांटा गया था. इसमें मध्य प्रदेश की हिस्सेदारी 73.38 प्रतिशत और छत्तीसगढ़ की 26.62 प्रतिशत तय हुई थी. हालांकि इसमें स्पष्ट था कि दोनों राज्यों के पेंशनर्स को बिना किसी रुकावट के भुगतान मिलता रहेगा.
पुर्नगठन के 5 साल तक नहीं आई अड़चन
कर्मचारी नेता और पेंशनर अनिल बाजपेई ने बताया कि "साल 2005 तक मध्य प्रदेश में रिटायरमेंट कर्मचारियों को पेंशन देने के लिए धारा 49 (6) का जिक्र तक नहीं किया गया. सबको बराबर महंगाई राहत का लाभ मिलता रहा, लेकिन साल 2006 में तत्कालीन मुख्य सचिव एपी श्रीवास्तव ने मध्य प्रदेश में पेंशनर्स को महंगाई राहत देने के लिए छत्तीसगढ़ से सहमति लेने पर जोर देना शुरू किया. साथ ही बिना छत्तीसगढ़ के सहमति राज्य ने पूर्व कर्मचारियों को महंगाई राहत देना बंद कर दिया. हालांकि अब इस मामले को लेकर एक बार फिर कर्मचारी संगठन कोर्ट की शरण में पहुंचे हैं."
केंद्र के हस्तक्षेप पर भी नहीं बनी सहमति
बता दें कि धारा 49 (6) हटाने को लेकर मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अधिकारियों के बीच कई बैठकें हो चुकी हैं. दोनों राज्यों के वित्त प्रमुख सचिव भी आपस में बात कर चुके हैं. यह भी समझौता किया गया था कि जल्द ही धारा 49 (6) को हटाया जाएगा. वहीं केंद्र सरकार ने भी इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए दोनों राज्यों को पत्र लिखा था. इसके साथ ही केंद्र सरकार ने दोनों राज्यों के प्रतिनिधियों को बुलाया था, लेकिन दोनों ही राज्यों ने पूर्व कर्मचारियों के इस मामले में कोई विशेष रुचि नहीं दिखाई.
दोनों राज्यों के सरकारों को जारी किया नोटिस
इस मामले को लेकर मध्य प्रदेश पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष आमोद सक्सेना ने अक्टूबर 2024 में हाईकोर्ट में एक याचिका लगाई है. इसमें प्रदेश के साढ़े 4 लाख पेंशनर्स को महंगाई राहत देने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य से सहमति लेने की प्रक्रिया को चुनौती दी गई है. इस मामले में हाईकोर्ट ने गृह मंत्रालय, केंद्र सरकार, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के सामान्य प्रशासन विभाग व वित्त विभागों को नोटिस जारी किया है. साथ ही पूछा है कि मध्य प्रदेश में मंहगाई राहत देने के लिए छत्तीसगढ़ से सहमति क्यों ली जा रही है.
बिहार, झारखंड और यूपी समेत अन्य राज्यों में नहीं दिक्कत
मध्य प्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष एमपी द्विवेदी ने बताया कि "नियमित कर्मचारी तो समय पर लाभ पा रहे हैं, लेकिन पेंशनरों को गुजारा पेंशन के लिए भटकना पड़ रहा है. 3 से 4 माह इनके भुगतान में विलंब हो रहा. इनके एरियर्स की राशि भी राजकोष में हजम हो रही है. द्विवेदी ने बताया कि राज्य के विभाजन के बाद डीआर को लेकर देश में सिर्फ मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में ही विवाद की स्थिति है. जबकि बिहार से झारखंड अलग होने के बाद से सहमति संबंधित किसी भी प्रकार का विवाद सामने नहीं आया. उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भी डीआर को लेकर आपसी सहमति है."
]]>राज्य शासन ने शासकीय सेवकों को बड़ी राहत देते हुए मंहगाई भत्ते की दर में वृद्धि का आदेश जारी किया है।आदेश में कहा गया है कि फरवरी-2024 से 7वें वेतनमान के तहत 50 फीसदी महंगाई भत्ता दिया जा रहा है। विभाग ने कहा है कि एक जुलाई 2024 से 53 प्रतिशत और एक जनवरी 2025 से 55 प्रतिशत राशि का भुगतान कर्मचारियों को किया जाएगा।
बता दें कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इसी महीने महंगाई भत्ता देने की घोषणा की थी। इसे पिछली कैबिनेट बैठक में मंजूरी भी दे दी गई है।
दो चरणों में बढ़ेगा DA
आदेशानुसार, सातवें वेतनमान के तहत आने वाले कर्मचारियों को वर्तमान 50% महंगाई भत्ते के स्थान पर दो चरणों में बढ़ा हुआ भत्ता मिलेगा। एक जुलाई 2024 से मंहगाई भत्ता 3% बढ़कर 53% किया गया है, जिसका भुगतान अगस्त 2024 के वेतन में होगा।इसी तरह 1 जनवरी 2025 से इसमें और 2% की वृद्धि कर इसे कुल 55% कर दिया जाएगा, जिसका भुगतान फरवरी 2025 के वेतन के साथ किया जाएगा।
मई 2025 से मिलेगा लाभ, एरियर 5 किश्तों में
राज्य शासन ने स्पष्ट किया है कि इस वृद्धि का वास्तविक लाभ 1 मई 2025 से दिया जाएगा और 1 जुलाई 2024 से 30 अप्रैल 2025 तक की एरियर राशि का भुगतान जून से अक्टूबर 2025 के बीच 5 किश्तों में किया जाएगा।
1 मई से 55% भत्ता वेतन के साथ मिलेगा वित्त विभाग के आदेश में कहा गया है कि कर्मचारियों को बढ़े हुए महंगाई भत्ते का फायदा एक मई 2025 से मिलेगा, जिसका भुगतान जून में होगा। एक जुलाई 2024 से 30 अप्रैल 2025 तक की एरियर राशि का भुगतान 5 समान किस्तों में जून, जुलाई, अगस्त, सितंबर और अक्टूबर 2025 में किया जाएगा।
जो कर्मचारी अधिकारी एक जुलाई 2024 से 31 मई 2025 की अवधि में रिटायर हुए हैं या जिनकी मौत हो गई है उन्हें और उनके नॉमिनेट परिजन को एरियर की राशि दी जाएगी।
पेंशनर्स और उनके परिजन के लिए भी आदेश वित्त विभाग ने प्रदेश के पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स को भी महंगाई राहत देने के आदेश जारी किए हैं। इसमें कहा गया है कि 30 अक्टूबर 2024 के आदेश द्वारा पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स को 1 अक्टूबर 2024 (भुगतान नवंबर-2024) से सातवें वेतनमान में मूल पेंशन, परिवार पेंशन पर 50% की दर से और छठे वेतनमान पर 239% की दर से महंगाई राहत दी जा रही है।
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 12 मार्च 2025 से मप्र पुनर्गठन अधिनियम की धारा 49 के अंतर्गत एक मार्च 2025 से सातवें वेतनमान में 53% और छठवें वेतनमान में 246% महंगाई राहत दिए जाने के फैसले में मध्य प्रदेश सरकार से सहमति चाही गई थी।
इसलिए प्रदेश के पेंशनर्स और परिवार पेंशनर्स को एक मार्च 2025 से सातवें वेतनमान पर 3 प्रतिशत और छठवें वेतनमान पर सात प्रतिशत महंगाई राहत मंजूर की जाती है। इसके बाद छठवें वेतनमान पर 246 प्रतिशत और सातवें वेतनमान पर पेंशनर्स और परिवार पेंशनर्स को 53 प्रतिशत महंगाई राहत मिलेगी।
अगर किसी को पति या पत्नी की मृत्यु के कारण अनुकंपा नियुक्ति के आधार पर सेवा में रखा गया है तो ऐसे मामले में परिवार पेंशन पर महंगाई राहत की पात्रता नहीं होगी।
6वें वेतनमान वाले कर्मचारियों को ऐसे मिलेगा डीए वित्त विभाग के आदेश में कहा गया है कि छठवां वेतनमान पा रहे कर्मचारियों को एक जनवरी 2024 से 239 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता दिया जा रहा है। अब नई व्यवस्था के अनुसार एक जुलाई 2024 से सात प्रतिशत ज्यादा भत्ता मिलेगा, जो 246 प्रतिशत होगा।
इसके साथ ही एक जनवरी 2025 से 246 प्रतिशत महंगाई भत्ते को 6 प्रतिशत की बढ़ोतरी करते हुए 252 प्रतिशत कर दिया गया है। इस आधार पर एक जुलाई 2024 से 246 प्रतिशत और एक जनवरी 2025 से 252% महंगाई भत्ता छठवां वेतनमान पाने वालों को मिलेगा।
इनके एरियर का भुगतान भी सातवां वेतनमान पाने वाले कर्मचारियों की तरह जून, जुलाई, अगस्त, सितंबर और अक्टूबर 2025 में पांच समान किस्तों में किया जाएगा।
सेवानिवृत्त व दिवंगत कर्मियों को एकमुश्त भुगतान
1 जुलाई 2024 से 31 मई 2025 के बीच सेवानिवृत्त हो चुके शासकीय कर्मचारियों को एरियर की पूरी राशि का एकमुश्त भुगतान किया जायेगा। इसी तरह एक जुलाई 2024 से 31 मई 2025 की अवधि में मृत कर्मचारियों के परिजनों को एरियर की पूरी राशि एकमुश्त प्रदान की जाएगी।
अन्य निर्देश
50 पैसे या उससे अधिक की राशि को अगले पूर्णांक रुपए में पूर्णांकित किया जाएगा। मंहगाई भत्ते का कोई भी भाग वेतन के रूप में नहीं माना जाएगा। इस भुगतान का व्यय संबंधित विभाग के चालू वित्तीय वर्ष के स्वीकृत बजट प्रावधान से अधिक नहीं होना चाहिए।
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एमपी में सरकारी अमले के लिए राज्य सरकार की मेहरबानी लगातार जारी है। सरकार ने कर्मचारियों, अधिकारियों के भत्ते में फिर बढ़ोत्तरी की है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इसके आदेश भी जारी कर दिए हैं। राज्य सरकार ने मंत्रालय भत्ते में बढ़ोतरी की है। भत्ते में ढाई गुना से ज्यादा वृद्धि की गई है।प्रदेश में मंत्रालय भत्ता करीब डेढ़ दशक बाद बढ़ाया गया है। ऐसे में कर्मचारियों, अफसरों ने खुशी जाहिर की है।
राज्य सरकार ने मंत्रालय में पदस्थ कर्मचारियों, अधिकारियों के भत्ते में खासा इजाफा कर दिया है। इनमें मंत्रालय भत्ते में करीब 2.57 गुना वृद्धि की गई है। मंत्रालय के सभी संवर्गों के अधिकारियों, कर्मचारियों को भत्ता बढ़ोत्तरी का लाभ मिलेगा।
सभी अधिकारियों, कर्मचारियों के मंत्रालय भत्ते में वृद्धि
जिन अधिकारियों, कर्मचारियों के मंत्रालय भत्ते में वृद्धि की गई है उनमें अपर सचिव, उप सचिव, अवर सचिव, स्टाफ आफिसर, अनुभाग अधिकारी शामिल हैं। इनके साथ ही निज सचिव, निज सहायक, स्टेनोग्राफर, अनुभाग अधिकारी, सहायक ग्रेड-2 और सहायक ग्रेड-3 के भत्ते भी बढ़ाए गए हैं।
मंत्रालय भत्ता में 1 अप्रैल 2025 से बढ़ोतरी की गई
सामान्य प्रशासन विभाग ने मंत्रालय भत्ता बढ़ोत्तरी के आदेश जारी कर दिए हैं। आदेश के अनुसार मंत्रालय भत्ता में 1 अप्रैल 2025 से बढ़ोतरी की गई है जिसका भुगतान मई माह के वेतन में किया जाएगा। मंत्रालय कर्मचारियों, अधिकारियों को अभी सन 2013 में स्वीकृत मंत्रालय भत्ता दिया जा रहा था।
मध्य प्रदेश सरकार ने रविवार को कर्मचारियों का डीए 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 55 प्रतिशत कर दिया है. इस भारी बढ़त के साथ सरकारी कर्मचारियों में खुशी की लहर है. वहीं अब कर्मचारी ये गणित जानने में लगे हुए हैं कि उनकी अगली सैलरी बढ़कर कितनी आएगी? इस आर्टिकल में जानें डीए 55 प्रतिशत होने के बाद आपकी संभावित सैलरी क्या हो सकती है?
पहले जानें क्या होता है DA?
नई सैलरी का गणित जानने से पहले बता दें कि DA को अंग्रेजी में डियरनेस अलाउंस कहते हैं. इसका मतलब होता है महंगाई भत्ता. सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में महंगाई भत्ता एक जीवनयापन भत्ता है, जो महंगाई को देखते हुए दिया जाता है. महंगाई भत्ता महंगाई के असर को कम करने कि लिए दिया जाता है. डीए यानी महंगाई भत्ता कर्मचारी के मूल वेतन से कैल्क्युलेट किया जाता है.
DA के बाद वेतन कैसे कैल्क्युलेट किया जाता है?
उदाहरण के तौर पर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी अगर 15 हजार रु है, और डीए 50 प्रतिशत है तो उसका डीए 15000 का 50 प्रतिशत यानी 7500 रु होगा. वहीं कर्मचारी का सकल वेतन या ग्रॉस सैलरी 15000+7500 = 22,500 रु होगी. हालांकि, ग्रॉस सैलरी में डीए के अलावा कई अन्य तरह के भत्ते भी जोड़े जाते हैं. ये भत्ते व्यक्ति के ग्रेड पे और अन्य फैक्टर्स को देखते हुए दिए जाते हैं. इसमें HRA यानी हाउस रेंट अलाउंस, ट्रेवल अलाउंस समेत कई तरह के भत्ते जोड़े जाते हैं, जिससे आखिर में ग्रॉस सैलरी कैल्क्युलेट की जाती है. इसके बाद पीएफ व अन्य टैक्स काटने के बाद नेट सैलरी बनती है, जो कर्मचारी के खाते में क्रेडिट होती है.
55 प्रतिशत DA बढ़ने के बाद कितनी होगी नई सैलरी?
मान लीजिए कि आपका मूल वेतन 25,000 रु है. वहीं, अबतक 50 प्रतिशत के हिसाब से 12,500 रु महंगाई भत्ता दिया जा रहा था. ऐसे में जनवरी 2025 के बाद 5 प्रतिशत डीए बढ़ने से कुल डीए 25,000 रु का 55 प्रतिशत यानी 13,750 रु होगा. यानी हर महीने 1250 रु की बढ़ोत्तरी. एरियर में एकसाथ ये राशि मिलने से कर्मचारियों को काफी राहत मिलेगी. हालांकि, जुलाई 2024 से दिसंबर 2024 तक 3 प्रतिशत के हिसाब से डीए जोड़ा जाएगा. वहीं जनवरी 2025 के बाद 2 प्रतिशत के हिसाब से. डीए बढ़ने के बाद कर्मचारियों की सैलरी में बढ़त ग्रेड पे के हिसाब से भी होगी. यानी जितनी ज्यादा बेसिक सैलरी होगी डीए और वेतन उतना बढ़ेगा.
5 किश्तों में सरकार देगी डीए की राशि
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ाने की घोषणा करते हुए कहा है कि सभी शासकीय कर्मचारियों को 1 जुलाई 2024 से 3% और 1 जनवरी 2025 से 2% महंगाई भत्ता दिया जाएगा. ऐसे में कर्मचारियों की सैलरी में महंगाई भत्ता जिस तारीख से लागू होगा उसे पांच समान किश्तों में दिया जाएगा.
कर्मचारियों को कब मिलेगी बढ़ी हुई सैलरी?
मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा, '' प्रदेश के सभी कर्मचारियों को केंद्र के समान ही 55% महंगाई भत्ता दिया जाएगा. महंगाई भत्ते में वृद्धि के फल स्वरुप एरियर राशि का भुगतान पांच समान किस्तों में जून 2025 से अक्टूबर 2025 तक दिया जाएगा.''
]]>एमपी में महंगाई भत्ते में फिर बढ़ोत्तरी की गई है। इसे बढ़ाकर 55 प्रतिशत कर दिया गया है। महंगाई भत्ता यानि डीए में बढ़ोत्तरी का लाभ प्रदेश के आईएएस, आईपीएस, आईएफएस अधिकारियों को मिलेगा। इसके साथ ही प्रदेश में प्रतिनियुक्ति पर आए कर्मचारियों को भी बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता मिलेगा। इस संबंध में वित्त विभाग ने आदेश जारी कर दिए हैं। राज्य सरकार द्वारा इसका नकद भुगतान किया जाएगा।
भारत सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता बढ़ाया है। केंद्रीय कर्मचारियों को बढ़ा हुआ भत्ता 1 जनवरी 2025 से मंजूर किया गया है। इस संबंध में 2 अप्रेल को आदेश जारी किया गया था जिसके अनुसार केंद्रीय कर्मचारियों और अधिकारियों को 55 प्रतिशत प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जाएगा।
महंगाई भत्ते में दो प्रतिशत बढ़ोत्तरी की
केंद्र सरकार ने महंगाई भत्ते में दो प्रतिशत बढ़ोत्तरी की। अभी तक उन्हें मूल वेतन का 53 प्रतिशत डीए दिया जा रहा था। केंद्रीय कर्मचारियों अधिकारियों के लिए जारी किए गए इस आदेश के आधार पर मध्यप्रदेश सरकार ने भी केंद्र के कर्मचारियों, अधिकारियों को 55 प्रतिशत महंगाई भत्ता देने का आदेश जारी कर दिया है।
एक जनवरी 2025 से 53 की बजाय 55 प्रतिशत महंगाई भत्ता
मध्यप्रदेश के वित्त विभाग ने आदेश जारी किए। इसमें एक जनवरी 2025 से 53 की बजाय 55 प्रतिशत महंगाई भत्ता देने की बात कही गई है। प्रदेश के आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों के साथ ही राज्य में प्रतिनियुक्ति पर आए कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा।
इसके तहत 201 से 300 किमी की यात्रा अगर कर्मचारी अपने वाहन से करेंगे तो उन्हे 1350 रुपये का भत्ता मिलेगा जबकि दूसरे साधन से इतनी यात्रा करने पर 550 रुपये मिलेंगे।
301 से 405 किमी की यात्रा अगर कर्मचारी अपने वाहन से करेंगे तो उन्हे 2050 रुपये का भत्ता मिलेगा जबकि दूसरे साधन से इतनी यात्रा करने पर 750 रुपये मिलेंगे।
451 से 600 किमी की यात्रा अगर कर्मचारी अपने वाहन से करेंगे तो उन्हें 2500 रुपये का भत्ता मिलेगा जबकि दूसरे साधन से इतनी यात्रा करने पर 950 रुपये मिलेंगे।
601 से 800 किमी की यात्रा अगर कर्मचारी अपने वाहन से करेंगे तो उन्हें 3000 रुपये का भत्ता मिलेगा जबकि दूसरे साधन से इतनी यात्रा करने पर 1100 रुपये मिलेंगे।
800 किमी से ज्यादा की यात्रा अगर कर्मचारी अपने वाहन से करेंगे तो उन्हें 3700 रुपये का भत्ता मिलेगा जबकि दूसरे साधन से इतनी यात्रा करने पर 1250 रुपये मिलेंगे।
दैनिक भत्ता
A श्रेणी- 375 रुपये (भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर के लिए550 रुपये)
B श्रेणी- 300, रुपये (भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर के लिए 440 रुपये)
C श्रेणीः 225 रुपये(भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर के लिए 330 रुपये)
D श्रेणी: 185 रुपये (भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर के लिए 280 रुपये)
E श्रेणी: 125, (भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर के लिए 190 रुपये)
हाउस रेंट भत्ता
7 लाख या इससे अधिक जनसंख्या वाले शहरों में मूल वेतन का 10%
3 लाख से अधिक पर 7 लाख से कम जनसंख्या वाले शहरों में मूल वेतन का 7%
3 लाख से कम जनसंख्या वाले शहरों में मूल वेतन का 5%
इसके साथ ही प्रदेश सरकार ने अधिकारी-कर्मचारियों की श्रेणियों के हिसाब से हवाई, रेल और बस यात्रा पर भत्ता, भोजन भत्ता, यात्रा के दौरान ठहरने की पात्रता, ट्रांसफर होने पर सामान परिवहन और शासकीय सेवकों को स्थाई यात्रा भत्ते में भी वृद्धि की है। यह उन्हें वेतन व श्रेणी के हिसाब से मिलेंगे।
अनुग्रह राशि भी बढ़ी
वहीं राज्य सरकार ने नौकरी के दौरान किसी कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसके परिवार को वेतनमान में बैंड वेतन के योग के छह माह के बराबर अधिकतम 50 हजार रुपए तक अनुग्रह राशि दी जाती है। अब इसे बढ़ाकर 125000 रुपए स्वीकृत की गई है। वहीं सरकार डॉक्टरों को वेतन बैंड में समान वेतन तथा ग्रेड वेतन में नॉन प्रक्टिस एलांउस 25 प्रतिशत था, अब यह 20 प्रतिशत मिलेगा।
]]>सातवें वेतनमान के हिसाब से मिलेगा डीए
बता दें कि अभी तक मध्य प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों छठे वेतनमान के अनुसार महंगाई भत्ता मिल रहा था. वहीं, केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों को सातवें वेतनमान के हिसाब से महंगाई भत्ता देना शुरू कर दिया था. इससे मध्यप्रदेश के सरकारी कर्मचारियों में सरकार के प्रति रोष पनप रहा था. कर्मचारियों की मांग को देखते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सभी सरकारी कर्मचारियों को 01 अप्रैल से सातवें वेतनमान के हिसाब से महंगाई भत्ता देने का फैसला लिया है. कुछ दिनों पहले हुई कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. अब अप्रैल माह की सैलरी बढ़ी हुई मिलेगी.
कर्मचारियों के अब होंगे धड़ाधड़ प्रमोशन
ज्ञात हो कि मध्यप्रदेश में साल 2016 से सभी सरकारी विभागों में कर्मचारियों के प्रमोशन पर रोक लगी हुई थी. इस दौरान 9 साल बीत गए. कर्मचारियों ने इस रोक को हटाने के लिए कई बार आंदोलन किए. लेकिन सरकार ने रोक नहीं हटाई. सैकड़ों कर्मचारी प्रमोशन की बाट जोहते-जोहते रिटायर्ड हो चुके हैं. कर्मचारियों की बढ़ती नाराजगी को देखते हुए अब प्रमोशन पर रोक हटा ली गई है. कुछ दिन पहले हुए कैबिनेट की बैठक में इस बारे में निर्णय लिया गया. इससे कर्मचारियों में खुशी की लहर है.
केंद्र के बराबर महंगाई भत्ता क्यों नहीं दिया
मध्यप्रदेश तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री उमाशंकर तिवारी का कहना है "कर्मचारियों को ₹200 वाहन भत्ता पिछले 13 साल से मिल रहा था, जिसे बढ़ाकर 384 किया गया है, जबकि केंद्र सरकार के कर्मचारियों को सातवें वेतनमान में 1800 रुपए वाहन भत्ता, अब 55% महंगाई भत्ते के साथ 2790 प्राप्त होंगे. 3 साल बाद मिले भत्ते भी बहुत कम हैं. बढ़े हुए मकान भाड़ा भत्ते में झुग्गी भी नहीं मिलेगी किराए पर. खुशी तो हुई है लेकिन कटौती स्वीकार्य नहीं."
खुशी तो है लेकिन अभी कसक बकाया है
केंद्रीय कर्मचारी समन्वय समिति के महासचिव यशवंत पुरोहित ने कहा "केंद्र सरकार ने दो प्रतिशत महंगाई भत्ता और महंगाई राहत में बढ़ोतरी की है. इसके लिए हम सरकार का स्वागत करते हैं. लेकिन सरकार कर्मचारियों के महंगाई राहत भत्ते में निरंतर कटौती कर रही है. इसके पहले भी 4 प्रतिशत देने के बजाय सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों का केवल 3 प्रतिशत डीए और डीआर बढ़ाया था. अब एक बार फिर कर्मचारी और पेंशनर को निराशा हाथ लगी है."
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