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छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के जामुल थाना क्षेत्र से एक दुखद घटना सामने आई है, जहां गणेश नगर वार्ड-5 में रहने वाली 10 वर्षीय बच्ची गुरप्रीत कौर ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। जानकारी के अनुसार, गुरुवार 19 मार्च की शाम को खुशी का अपने बड़े भाई से किसी बात पर विवाद हुआ था। भाई की डांट से तनाव में आकर चौथी कक्षा की इस छात्रा ने कमरे में जाकर आत्मघाती कदम उठा लिया।
घटना के समय घर में कोई बड़ा सदस्य मौजूद नहीं था। पिता पेशे से ड्राइवर हैं और मां ब्यूटी पार्लर गई हुई थी। शोर सुनकर जब पड़ोसी और परिजन पहुंचे तो बच्ची को तुरंत भिलाई के बीएम शाह अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
जानकारी के मुताबिक, खुशी स्वामी आत्मानंद स्कूल जामुल की छात्रा थी। शुक्रवार को गमगीन माहौल में बच्ची का अंतिम संस्कार किया गया। फिलहाल जामुल पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
]]>दंतेवाड़ा जिले के बारसूर थाना क्षेत्र में स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां कक्षा 6 के एक 11 वर्षीय छात्र ने अपने हॉस्टल के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार, मृतक छात्र सुनील पोड़ियामी, जो कि गाटम, दंतेवाड़ा का रहने वाला था, गुरुवार की सुबह अपने हॉस्टल के कमरे में मृत पाया गया। उसके साथ रहने वाले अन्य छात्रों ने उसे पंखे से लटका हुआ देखा तो तत्काल रस्सी काटकर उसे बचाने का प्रयास किया और बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल ले गए। हालांकि, अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आरके बर्मन ने बताया कि फिलहाल छात्र के पास से कोई भी सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस हॉस्टल के अन्य छात्रों से पूछताछ कर रही है ताकि घटना के पीछे के कारणों का पता लगाया जा सके। साथ ही, मृतक छात्र के परिजनों को भी सूचित कर दिया गया है और उनसे भी घटना के संबंध में जानकारी ली जा रही है।
छात्रों में भय का माहौल: इस दुखद घटना के बाद से हॉस्टल में छात्रों के बीच भय और दहशत का माहौल है। सभी छात्र सहमे हुए हैं और इस घटना से आहत हैं। स्कूल प्रशासन ने भी छात्रों को ढांढस बंधाने और किसी भी तरह की परेशानी से निपटने के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं। सुनील पोड़ियामी ने किस अज्ञात कारण से यह खौफनाक कदम उठाया, यह अभी एक पहेली बनी हुई है। पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है।
]]>उत्तर प्रदेश के बांदा जिले की रहने वाली शहजादी को एक बच्चे की मौत के जुर्म में दुबई की अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है. शहजादी ने फोन करके अपने परिजनों को पूरी बात बताई, जिसके बाद उसके माता-पिता के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं. माता-पिता अब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर से मामले में हस्तक्षेप कर भारत की बेटी की जान बचाए जाने की गुहार लगा रहे हैं.
दुबई की जेल में बंद कैदी शहजादी ने फोन कॉल पर पिता को बताया, ''अब्बू यह मेरी आखिरी कॉल है. मुझे अब दूसरे कमरे में शिफ्ट कर दिया गया है. हो सकता है कि अब मैं आपको दोबारा फोन न कर सकूं.'' शहजादी के फोन के बाद बुजुर्ग माता-पिता का रो रोकर बुरा हाल है. उन्होंने शहजादी से बातचीत का ऑडियो भी शेयर किया है.'
बता दें कि बांदा के मटौंध थाना इलाके के गोयरा मुगली गांव की रहने वाली शहजादी को फेसबुक के जरिए आगरा के रहने वाले एक उजैर नाम के युवक ने बहला फुसलाकर प्रेम जाल में फंसाया. इसके बाद उसे 2021 में चेहरे की प्लास्टिक सर्जरी कराने की बात कहकर दुबई अपने रिश्तेदारों के पास भेज दिया.
शहजादी जिस घर में रुकी थी, अचानक एक दिन उनके बच्चे की तबीयत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई. इसके करीब दो महीने होने के बाद मृतक बच्चे के माता-पिता ने शहजादी को अपने बच्चे की मौत का दोषी ठहराया और हत्या के आरोप में लगाया. जांच के बाद दुबई की अदालत ने युवती शहजादी फांसी की सजा सुनाई थी. जिसके बाद शहजादी अब अल्बतवा जेल में कैद है. इधर उसके बुजुर्ग माता-पिता बेटी की जान बचाने की गुहार लगा रहे है. बीते दिन ही शहजादी के फोन कॉल ने उनकी नींद उड़ा दी है.
शहजादी के पिता सब्बीर ने बताया कि शनिवार देर रात करीब 12 बजे शहजादी का फोन आया. उसने बताया कि अब्बू मेरा आखिरी समय है. मुझे अलग कमरे में रख दिया गया है. वहां कैद लोगों ने कहा कि शहजादी घर में कॉल कर लो, वरना ये लोग अब आगे नहीं करने देंगे.
पिता ने कहा, ''मैं भारत सरकार गुजारिश करता हूं कि बेटी को बचाया जाए. हमे उसके फोन के बाद से कोई सूचना नहीं है. शहजादी को आज शाम तक या सुबह फांसी हो गई होगी. मेरी करीब 10 मिनट बात हुई है. पहली बार उसने इतनी बात की. वरना 7 मिनट से ज्यादा कभी बात नहीं हुई. पहले बात हो जाती थी. मामला शांत हो गया था. अचानक उसको फांसी की सजा दी जा रही है. मेरी लड़की बेकसूर है. उसे जबरन फंसाया जा रहा है. पिछले दो साल से दुबई की जेल में बंद है. मैंने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, विदेश मंत्रालय हर जगह जा जाकर बेटी को बचाने की गुहार लगाई है. जिनके घर में हमारी बेटी शहजादी रहती थी, उनका नाम नाजिया और फैज है.''
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मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में बहुत ही मार्मिक खबर सामने आई है। यहां परासिया चांदामेटा के वार्ड क्रमांक 7 बडिया लाईन में 19 वर्षीय युवती उर्वषी उर्फ राधिका मालवी ने आज फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। युवती का शव बाथरूम में साड़ी के फंदे से लटका पाया गया। घटना दोपहर साढे़ तीन बजे के आसपास की है। तहसीलदार की मौजूदगी में पुलिस ने शव को फंदे से उतारकर पंचनामा बनाया। साथ ही मामले की जांच कर रही है।
दरअसल, युवती के पति की हत्या एक महीने पहले 15 सितंबर की रात उसके पिता और भाई ने चाकू मारकर कर दी थी। आरोपी पिता और भाई बेटी के प्रेम विवाह से नाराज थे। सुसाइड से पहले उर्वषी उर्फ राधिका ने सभी के साथ समय बिताया। उसने सास, ससुर, सास की बड़ी बहन, देवर, जेठ, जेठानी सभी के साथ मिलकर खाना खाया। दोपहर के भोजन के बाद जेठ जेठानी अपने घर चले गए। उर्वषी ने बरतन मांजे। इसके बाद झूले में खेल रहे बच्चों से बात की। खुद भी झूले में झूली। फिर जो किया सबके होश उड़ गए।
बाथरूम में जाकर लगाई फांसी
झूला झूलने के बाद राधिका नहाने चली गई। काफी देर बाद जब वह बाथरूम से नहीं लौटी तो परिवार के लोगों ने दरवाजा देखा। उसने किचन का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया था। उसका देवर छत पर चढ़ा। उसने बाथरूम के दरवाजे पर पत्थर मारा तो कोई आवाज नहीं आई। इसके बाद देवर ने चारदीवारी कूदकर खिड़की से देखा तो उर्वषी फांसी के फंदे पर लटकी थी।
मोहल्ले से गुजर रहे थे टीआई
वे पुलिस को सूचना देने जा रहे थे। उसी दौरान चांदामेटा टीआई अरुण मर्सकोले मोहल्ले से ही गुजर रहे थे। उन्हें सूचना दी गई। उन्होंने ही दरवाजा तोड़ा। इसके बाद परासिया तहसीलदार को सूचना दी गई। परासिया तहसीलदार मोनिका विश्वकर्मा मौके पर पहुंची। इसके बाद सब इंस्पेक्टर के साथ सिपाही आए। उन्होंने पंचनामा बनाकर शव को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
घर के सामने चाकू मारकर की थी पति की हत्या
23 साल का योगेश मालवी वार्ड सात में रहता था। अपने पिता के साथ टाईल्स लगाने का काम करता था। उसके घर के समीप रहने वाली राधिका से उसका प्रेम था। दोनों का प्रेम विवाह युवती की नानी ने कराया था। लेकिन परिजन नाराज थे। पंद्रह सितंबर की रात युवती के पिता बिल्लू उर्फ विदेषी मालवी ने अपने नाबालिग पुत्र के साथ जाकर युवक को बुलाया और उसके पेट में चाकू मारकर उसकी हत्या कर दी थी।
तबाह हो गए दो परिवार
योगेष की हत्या के आरोप में युवती के पिता और भाई जेल में है। उसकी मां कहीं चली गई है। उनके घर में ताला लटका है। इधर योगेश की मौत हो गई और एक महीने बाद आज उसकी पत्नी ने भी फांसी लगा ली। दोनों परिवार तबाह हो गए।
बेटी जैसी रख रहे थे उर्वषी को
मृतक युवती के ससुर पप्पी मालवी ने बताया कि घर में गंगा पूजन है। इसलिए साफ सफाई का काम चालू है। सभी आज हंसी खुशी घर में थे। तनाव या डिप्रेषन जैसी कोई स्थिती नहीं थी। बेटे की मौत के बाद वे बहु को बेटी जैसी रख रहे थे। कई बार उससे पूछा गया कि उसे कहीं जाना हो, कहीं और रहना हो तो उसे छोड देंगे। वह यहीं रहने की बात करती थी। आज उसने दूसरा दुख दे दिया।
]]>पाकिस्तान के सिंध से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहां पुलिस ने रविवार को एक लड़की को गिरफ्तार किया है। कथित तौर पर लड़की ने अपने परिवार के 13 लोगों के खाने में जहर मिलाकर हत्या कर दी। इसकी वजह भी सामने आई है। दरअसल लड़की के परिवार वाले उसकी पसंद के मुताबिक शादी करने के लिए तैयार नहीं थे। जानकारी के मुताबिक ये मौतें 19 अगस्त को खैरपुर के पास हैबत खान ब्रोही गांव में हुईं थी। अब खुलासा हुआ है कि उसने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने माता-पिता समेत परिवार के सभी सदस्यों को जहर देने की साजिश रची।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी इनायत शाह ने बताया, "खाना खाने के बाद सभी 13 सदस्य बीमार पड़ गए और उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां सभी की मौत हो गई। जब पोस्टमार्टम किया गया तो पता चला कि इन लोगों की मौत जहरीला खाना खाने से हुई थी।" उन्होंने बताया कि जब पुलिस ने गहन जांच की तो पता चला कि बेटी और उसके प्रेमी ने घर में रोटी बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले गेहूं में जहर मिला दिया था। इसके बाद पुलिस ने रविवार को उसे गिरफ्तार कर लिया।
क्या है मामला
19 अगस्त को घर में खाना खाने के बाद बीमार पड़ने के बाद परिवार के नौ सदस्यों की मौत हो गई थी। अगले दिन अस्पताल में इलाज के दौरान चार अन्य की भी मौत हो गई। रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, गंबाट डीएसपी मलहीर खान ने कहा कि घटना की सूचना पुलिस स्टेशन में दी गई थी और माना जा रहा था कि उनकी मौत का कारण कोई रहस्यमय बीमारी या फूड पॉइजनिंग है। हालांकि उन्होंने कहा कि पुलिस ने खैरपुर एसएसपी समीउल्लाह सूमरो के निर्देश पर विभिन्न कोणों से जांच शुरू कर दी। डीएसपी ने कहा कि पुलिस ने दो शवों की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट हासिल की और उस पर काम किया ताकि यह पता लगाया जा सके कि किस तरह का जहरीला पदार्थ इतनी मौतों का कारण बना। खोज में वे इस नतीजे पर पहुंचे कि पीड़ितों द्वारा खाए गए भोजन में जहर मिलाया गया था।
प्रेमी ने दिया था जहर
डीएसपी ने कहा कि उन्होंने एक ही जगह रहने वाले संयुक्त परिवार के जिंदा बचे सदस्यों में से एक शाइस्ता ब्रोही से पूछताछ शुरू की। कई बार कड़ी पूछताछ के दौरान वह आखिरकार टूट गई और उसने कबूल किया कि उसने परिवार को दिए जाने वाले खाने में जहर मिलाया था। उसने कहा कि यह तरल पदार्थ उसे उसके प्रेमी आमिर बख्श ब्रोही ने दिया था। डीएसपी ने कहा कि शाइस्ता आमिर बख्श से प्यार करती थी लेकिन उसका परिवार प्रस्ताव के लिए सहमत नहीं था। उसने कहा कि एक दिन आमिर ने उसे एक तरल पदार्थ दिया और उसे भोजन में मिलाने के लिए कहा। उसने उसे आश्वासन दिया कि यह खाने के बाद उसका परिवार शादी के प्रस्ताव पर सहमत हो जाएगा और फिर वे शादी कर सकेंगे। सोशल मीडिया पर शाइस्ता द्वारा कथित तौर पर अपलोड किए गए एक वीडियो क्लिप में भी उसे ऐसा बयान देते हुए दिखाया गया है। डीएसपी ने कहा कि शाइस्ता और आमिर बख्श के खिलाफ बराडी जटोई पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज करने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
]]>मेरठ में एक भाई ने अपनी नाबालिग बहन की गला दबाकर सिर्फ इसलिए हत्या कर दी क्योंकि वो अपनी पसंद के लड़के से शादी करना चाहती थी. ऐसा नहीं है कि आरोपी ने इस वारदात को घर में अंजाम दिया हो. उसने बीच सड़क पर पहले 16 साल की बहन को पटक दिया और फिर गला दबाकर मार डाला. इस दौरान वहां कई लोग मौजूद थे, जो इसका वीडियो बना रहे थे, लेकिन किसी ने उस किशोरी की जान नहीं बचाई. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.
यह घटना इंचौली थाना इलाके के नंगला शेखू गांव की है, जहां हसीन (26) नाम के युवक ने अपनी छोटी बहन अमरीशा (16) को सरेआम बीच चौराहे पर गला दबाकर मार डाला. अमरीशा ने खुद को बचाने का प्रयास किया, लेकिन वो भाई की मजबूत पकड़ से निकल नहीं सकी. भाई के ऊपर खून का ऐसा भूत सवार था कि उसने रिश्तों को ताक पर रखकर छोटी बहन को खत्म करने का ठान लिया था. इस दौरान किशोरी अपने हाथ-पैर झटपटाते हुए मदद की गुहार लगा रही थी, लेकिन वहां मौजूद भीड़ में कोई ऐसा नहीं निकला, जो उस मासूम की जान बचा सकता. इससे ज्यादा शर्मनाक तो ये रहा कि कुछ लोग हत्या का वीडियो बनाने में लगे रहे.
दूसरे समुदाय के युवक से था किशोरी का प्रेम-प्रसंग
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, दरअसल नंगला शेखू गांव के रहने वे जुम्मन उर्फ शहजाद की 16 साल की बेटी अमरीशा का दूसरे समुदाय के एक युवक से प्रेम प्रसंग चल रहा था. यहां तक कि वो कुछ दिनों पहले उस युवक के साथ भाग भी गई थी, जिसके बाद अमरीशा के घर वालों ने युवक पर अपहरण का केस लगाकर जेल भी भिजवाया था, लेकिन हाल ही में वह जमानत पर छूटकर आया था. उसके बाद से ही अमरीशा अपने प्रेमी के साथ रहने की जिद पर अड़ी थी. इस बात को लेकर बीते कुछ दिनों से घर पर लगातार विवाद चल रहा था.
घर के लोग काम पर गए थे तभी दोनों के बीच हुई थी लड़ाई
बुधवार की सुबह जब मां और पिता समेत पूरा परिवार काम पर चला गया तो किशोरी की मांग पर बड़े भाई हसीन का पारा चढ़ गया. इसके बाद दोनों के बीच मारपीट भी हो गई. गुस्साई अमरीशा घर छोड़कर जाने लगी तो हसीन ने उसे बीच रास्ते दबोच लिया. उसे सड़क पर गिराकर गला दबाकर मार डाला. दर्जनों लोगों की भीड़ मौके पर मौजूद थी, लेकिन किसी ने अमरीशा को नहीं बचाया. कत्ल करने के बाद आरोपी भाई हसीन वहीं लाश के पास बैठकर रोता रहा.
मां की तहरीर पर दर्ज हुआ हत्या का केस
इंचौली पुलिस ने मृतक किशोरी की मां की तहरीर पर बेटे हसीन के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है. मृतका का पिता बैंड की दुकान पर काम करता है. उसके आठ बच्चे हैं. सबसे बड़ा लड़का हसीन गाजियाबाद की किसी प्राइवेट कंपनी में काम करता है. हत्यारोपी भाई के परिवार मं पत्नी और दो बच्चे हैं.
पुलिस ने इस मामले में क्या बताया?
एसपी (ग्रामीण) कमलेश बहादुर ने बताया कि हमने एक हसीन नाम को गिरफ्तार किया है, जिसने इंचौली पुलिस स्टेशन क्षेत्र में एक तर्क के बाद अपनी नाबालिग बहन का गला घोंट दिया था. पीड़िता का अपने परिवार की इच्छा के खिलाफ दूसरे समुदाय के एक व्यक्ति के साथ संबंध था और कुछ महीने पहले वह उसके साथ भाग भी गई थी.
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