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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सर्वदलीय बैठक में बताया कि भारत के पास पर्याप्त गोला-बारूद है। रक्षा मंत्री ने कहा कि देश के पास पर्याप्त गोला-बारूद है। सरकारी कंपनियों ने गोला बारूद का उत्पादन बढ़ा दिया है और वे इसे और भी बढ़ा सकती हैं। सूत्रों ने बताया कि राजनाथ सिंह ने कहा कि प्राइवेट सेक्टर भी इसमें बड़ा योगदान दे रहा है। भारत का रक्षा क्षेत्र अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार ने पिछले साल ही 1.45 लाख करोड़ रुपये की बड़ी सैन्य खरीद परियोजनाओं को मंजूरी दी थी। इसका मकसद देश में ही रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देना है। इस वजह से, कई सरकारी रक्षा कंपनियां (PSU) गोला बारूद का उत्पादन कर रही हैं।
बोफोर्स के गोले बहुत महंगे खरीदे गए थे
आज देश में ही गोला-बारूद बनाया जा रहा है, लेकिन करगिल युद्ध के दौरान जब गोला-बारूद कम पड़ने लगे तो उस समय की सरकार को कई दूसरे देशों से महंगे गोला-बारूद खरीदने पड़े थे। यह भी कहा जाता है कि उस दौरान कुछ मित्र देशों ने भी गोला-बारूद देने के लिए भारत सरकार तय कीमत से कहीं ज्यादा पैसे लिए थे।
तैयारी बहुत पहले से ही थी
सरकार देश में ही उत्पादन को बढ़ावा दे रही है और रक्षा क्षेत्र को आधुनिक बना रही है। इससे उम्मीद है कि ये PSU कंपनियां आने वाले समय में अच्छा मुनाफा कमाएंगी, साथ ही सुरक्षा के मोर्चे पर देश को मजबूत भी बनाएंगी। आसान लहजा में कहें तो सरकार रक्षा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कई कदम उठा रही है। इससे HAL, BEL, BDL, MDL और GRSE जैसी कंपनियों को फायदा होगा। इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक एंटिक स्टॉक ब्रोकिंग ने पांच ऐसी कंपनियों को चुना है जिनमें विकास की अच्छी संभावना है। ये कंपनियां हैं: हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL), भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL), भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL), मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL), और गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (GRSE)। ये पांचों कंपनियां भारत के लिए पांच तरह के हथियार बना रही हैं बिल्कुल वैसे ही जैसे महर्षि दधीचि की हड्डियों का उपयोग देवराज इंद्र के वज्र, पिनाक धनुष, सारंग धनुष, और गांडीव धनुष बनाने में किया गया था। इन धनुषों और वज्र का इस्तेमाल देवताओं ने असुरों के खिलाफ युद्ध में किया था।
1. हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) भारत की एक बड़ी एयरोस्पेस कंपनी है। HAL के पास FY24 तक 94,000 करोड़ रुपये के ऑर्डर हैं। मतलब अगले 3.2 सालों तक कंपनी अच्छी कमाई करती रहेगी। HAL को Su-30 MKI विमान के लिए 240 एयरो इंजन का 26,000 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिलने वाला था। इससे HAL का ऑर्डर बढ़कर 1.2 लाख करोड़ रुपये हो जाएगा। HAL को ALH (25), LUH (12), Su-30 (12), और RD-33 इंजन (80) के भी ऑर्डर मिलने वाले थे।
2. मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड
रिपोर्ट के मुताबिक मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) के पास तीनों शिपयार्ड में सबसे ज्यादा ऑर्डर हैं। 14 अगस्त 2024 तक MDL के पास 40,400 करोड़ रुपये के ऑर्डर थे। इसमें P17A स्टील्थ फ्रिगेट और P15B डिस्ट्रॉयर के बड़े ऑर्डर शामिल हैं। अगले दो सालों में MDL सात जहाजों की डिलीवरी करने वाला है। सरकार नौसेना को मजबूत करने पर ध्यान दे रही है, जिससे MDL को फायदा होगा। नए खरीद प्रस्तावों से MDL के ऑर्डर और बढ़ सकते हैं।
3. गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड
गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (GRSE) के पास अभी 25,230 करोड़ रुपये के ऑर्डर हैं। जून तिमाही में कंपनी को 3,610 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर मिले। GRSE अभी अपने मौजूदा ऑर्डर को पूरा करने पर ध्यान दे रही है। इसमें अगली पीढ़ी के अपतटीय गश्ती जहाजों के ऑर्डर शामिल हैं। GRSE का काम समय पर चल रहा है। उम्मीद है कि FY26 और FY27 तक कंपनी को अपने ऑर्डर बुक का एक बड़ा हिस्सा मिल जाएगा। इससे GRSE का विकास जारी रहेगा।
4. भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड
भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) को भी फायदा होगा। सरकार ने हाल ही में एयर डिफेंस फायर कंट्रोल रडार खरीदने की मंजूरी दी है। BEL ऐसे रडार बनाने में माहिर है। BEL इलेक्ट्रॉनिक्स और रडार सिस्टम के क्षेत्र में एक बड़ी कंपनी है। यह भारत के रक्षा क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। BEL के पास अच्छे ऑर्डर हैं और यह रणनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है। इसलिए, BEL का विकास जारी रहेगा।
5. भारत डायनेमिक्स लिमिटेड
भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) गोला-बारूद और मिसाइल सिस्टम बनाने वाली एक बड़ी कंपनी है। BDL को फ्यूचर रेडी कॉम्बैट व्हीकल्स (FRCV) प्रोजेक्ट से फायदा होगा। BDL के पास अच्छे ऑर्डर हैं और यह अपनी उत्पादन क्षमता को बढ़ाने पर ध्यान दे रही है। इससे BDL आधुनिक रक्षा सिस्टम की बढ़ती मांग को पूरा कर पाएगी।
]]>वर्ष 2022, 2023 और 2024 के लिए कुल 32 पदक दिए गए। इनमें छह राष्ट्रपति तटरक्षक पदक (विशिष्ट सेवा), 11 तटरक्षक पदक (वीरता) और 15 तटरक्षक पदक (सराहनीय सेवा) शामिल हैं। यहां पुरस्कार विजेताओं और उनके परिवारों ने राजनाथ सिंह से बातचीत की। पिछले एक साल में आईसीजी ने समुद्री सुरक्षा, संरक्षा और मानवीय कार्यों में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। इनमें 14 नावों और 115 समुद्री लुटेरों को पकड़ना शामिल है। साथ ही लगभग 37,000 करोड़ रुपये कीमत के मादक पदार्थ जब्त किए गए।
इसके अलावा, आईसीजी ने विभिन्न बचाव कार्यों के माध्यम से 169 लोगों की जान बचाई और 29 गंभीर रूप से घायल लोगों को चिकित्सा सहायता प्रदान की। रक्षा मंत्री ने इन उपलब्धियों को केवल आंकड़े नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति आईसीजी के साहस और समर्पण की कहानी बताया। उन्होंने कहा कि समुद्री सीमाओं पर सतर्क रहकर आईसीजी न केवल अवैध घुसपैठ को रोकता है, बल्कि भारत की संप्रभुता और आंतरिक सुरक्षा को सकारात्मक रूप से प्रभावित करने में भी मदद करता है।
नवीनतम तकनीकी प्रगति के कारण अपरंपरागत खतरों के उभरने पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने समुद्री बलों, विशेष रूप से आईसीजी से पारंपरिक खतरों के अलावा साइबर हमलों, डेटा उल्लंघन, सिग्नल जामिंग, रडार व्यवधान और जीपीएस स्पूफिंग जैसी चुनौतियों के प्रति सतर्क रहने का आह्वान किया। रक्षा मंत्री ने जवानों को बधाई देते हुए कहा कि ये पदक सिर्फ एक स्मृति चिन्ह नहीं हैं, बल्कि ये तिरंगे के सम्मान को बनाए रखने के लिए बहादुरी, दृढ़ता और अटूट संकल्प का प्रतीक हैं। उन्होंने तटीय सुरक्षा, संगठनात्मक दक्षता, मादक पदार्थों की जब्ती, बचाव अभियान और अंतरराष्ट्रीय अभ्यास सुनिश्चित करने में जवानों के प्रयासों की सराहना की।
राजनाथ सिंह ने कहा कि सुरक्षित और समृद्ध भारत का सपना तभी साकार हो सकता है जब देश की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हो और सेनाएं सशक्त हों। उन्होंने आईसीजी की दक्षता बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
उन्होंने कहा, “वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भारतीय तटरक्षक बल को 9,676.70 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो पिछले बजट से 26.50 प्रतिशत अधिक है। यह आईसीजी के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके अलावा, आईसीजी को मजबूत बनाने के लिए 14 फास्ट पेट्रोल वेसल, छह एयर कुशन वाहन, 22 इंटरसेप्टर बोट्स, छह नेक्स्ट जेनरेशन ऑफशोर पेट्रोल वेसल और 18 नेक्स्ट जेनरेशन फास्ट पेट्रोल वेसल की खरीद को मंजूरी दी गई है।”
रक्षा मंत्री ने डिजिटल कोस्ट गार्ड परियोजना की आधारशिला रखने की सराहना करते हुए आईसीजी की तकनीकी प्रगति पर ध्यान केंद्रित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि ये सभी प्रयास आईसीजी को पारंपरिक और अपारंपरिक खतरों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए निरंतर मजबूत करेंगे। उन्होंने इस उद्देश्य को प्राप्त करने में सरकार के पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया। समारोह से पहले रक्षा मंत्री ने औपचारिक सलामी गारद का निरीक्षण किया, जो इस अवसर की गंभीरता और महत्व को दर्शाता है।
]]>वर्ष 2022, 2023 और 2024 के लिए कुल 32 पदक दिए गए। इनमें छह राष्ट्रपति तटरक्षक पदक (विशिष्ट सेवा), 11 तटरक्षक पदक (वीरता) और 15 तटरक्षक पदक (सराहनीय सेवा) शामिल हैं। यहां पुरस्कार विजेताओं और उनके परिवारों ने राजनाथ सिंह से बातचीत की। पिछले एक साल में आईसीजी ने समुद्री सुरक्षा, संरक्षा और मानवीय कार्यों में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। इनमें 14 नावों और 115 समुद्री लुटेरों को पकड़ना शामिल है। साथ ही लगभग 37,000 करोड़ रुपये कीमत के मादक पदार्थ जब्त किए गए।
इसके अलावा, आईसीजी ने विभिन्न बचाव कार्यों के माध्यम से 169 लोगों की जान बचाई और 29 गंभीर रूप से घायल लोगों को चिकित्सा सहायता प्रदान की। रक्षा मंत्री ने इन उपलब्धियों को केवल आंकड़े नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति आईसीजी के साहस और समर्पण की कहानी बताया। उन्होंने कहा कि समुद्री सीमाओं पर सतर्क रहकर आईसीजी न केवल अवैध घुसपैठ को रोकता है, बल्कि भारत की संप्रभुता और आंतरिक सुरक्षा को सकारात्मक रूप से प्रभावित करने में भी मदद करता है।
नवीनतम तकनीकी प्रगति के कारण अपरंपरागत खतरों के उभरने पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने समुद्री बलों, विशेष रूप से आईसीजी से पारंपरिक खतरों के अलावा साइबर हमलों, डेटा उल्लंघन, सिग्नल जामिंग, रडार व्यवधान और जीपीएस स्पूफिंग जैसी चुनौतियों के प्रति सतर्क रहने का आह्वान किया। रक्षा मंत्री ने जवानों को बधाई देते हुए कहा कि ये पदक सिर्फ एक स्मृति चिन्ह नहीं हैं, बल्कि ये तिरंगे के सम्मान को बनाए रखने के लिए बहादुरी, दृढ़ता और अटूट संकल्प का प्रतीक हैं। उन्होंने तटीय सुरक्षा, संगठनात्मक दक्षता, मादक पदार्थों की जब्ती, बचाव अभियान और अंतरराष्ट्रीय अभ्यास सुनिश्चित करने में जवानों के प्रयासों की सराहना की।
राजनाथ सिंह ने कहा कि सुरक्षित और समृद्ध भारत का सपना तभी साकार हो सकता है जब देश की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हो और सेनाएं सशक्त हों। उन्होंने आईसीजी की दक्षता बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
उन्होंने कहा, “वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भारतीय तटरक्षक बल को 9,676.70 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो पिछले बजट से 26.50 प्रतिशत अधिक है। यह आईसीजी के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके अलावा, आईसीजी को मजबूत बनाने के लिए 14 फास्ट पेट्रोल वेसल, छह एयर कुशन वाहन, 22 इंटरसेप्टर बोट्स, छह नेक्स्ट जेनरेशन ऑफशोर पेट्रोल वेसल और 18 नेक्स्ट जेनरेशन फास्ट पेट्रोल वेसल की खरीद को मंजूरी दी गई है।”
रक्षा मंत्री ने डिजिटल कोस्ट गार्ड परियोजना की आधारशिला रखने की सराहना करते हुए आईसीजी की तकनीकी प्रगति पर ध्यान केंद्रित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि ये सभी प्रयास आईसीजी को पारंपरिक और अपारंपरिक खतरों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए निरंतर मजबूत करेंगे। उन्होंने इस उद्देश्य को प्राप्त करने में सरकार के पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया। समारोह से पहले रक्षा मंत्री ने औपचारिक सलामी गारद का निरीक्षण किया, जो इस अवसर की गंभीरता और महत्व को दर्शाता है।
]]>चीन की सीमा से लगे अरुणाचल प्रदेश में रक्षा मंत्री बुधवार को इंडियन एयर फोर्स एससीसी की वायु वीर विजेता कार रैली को हरी झंडी भी दिखाएंगे। यह रैली अपने आप में काफी महत्वपूर्ण है, इसका आयोजन भारतीय वायु सेना की 92वीं वर्षगांठ और 1999 के कारगिल युद्ध में भारत की जीत के 25 साल पूरे होने के अवसर पर किया गया था। रैली का उद्देश्य युवाओं को सशस्त्र बलों में शामिल होने के लिए प्रेरित करते हुए युद्धों और बचाव कार्यों में भारतीय वायुसेना के गौरवशाली इतिहास और वीरता के बारे में जागरूकता बढ़ाना था।
‘वायु वीर विजेता’ कार रैली 8 अक्टूबर को लद्दाख के थोईस से रवाना हुई थी। थोईस, समुद्र तल से 3,068 मीटर की ऊंचाई पर स्थित दुनिया का सबसे ऊंचा वायु सेना स्टेशन है। इस रैली के अंतर्गत वायु योद्धाओं, सेना के जवानों, पूर्व वायुसैनिकों और उत्तराखंड युद्ध स्मारक (यूडब्ल्यूएम) के सदस्यों का एक दल अब तवांग पहुंचा है। केंद्रीय राजमार्ग राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने थोईस से इसे रवाना किया था। भारतीय वायु सेना- उत्तराखंड युद्ध स्मारक (आईएएफ-यूडब्ल्यूएम) के इस दल ने 7,000 किलोमीटर की दूरी तय की है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 1 अक्टूबर को राष्ट्रीय युद्ध स्मारक, नई दिल्ली से थोईस के लिए इस कार रैली को गर्मजोशी से विदाई दी थी।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक इस कार रैली ने अपनी 7000 किलोमीटर लंबी यात्रा के दौरान, विभिन्न स्थानों पर देश के युवाओं से संपर्क किया। इस दौरान युवाओं को सशस्त्र बलों में शामिल होने के लिए प्रेरित किया गया। युवाओं को भारत के विभिन्न युद्धों की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि इन युद्धों में वायु सेना की क्या भूमिका रही। भारतीय वायुसेना के गौरवशाली इतिहास व युद्धों के साथ साथ बचाव अभियानों में वायु योद्धाओं की वीरता के बारे में भी युवाओं को अवगत कराया गया। कार रैली के दौरान युवाओं को मातृभूमि की सेवा के लिए आकर्षित करने का प्रयास भी किया गया। रैली में विभिन्न चरणों में कई पूर्व वायुसेना प्रमुख भी हिस्सा लिया।
भारतीय वायुसेना द्वारा उत्तराखंड युद्ध स्मारक के बुजुर्ग सैनिकों के साथ समन्वय में आयोजित इस रैली का उद्देश्य भारतीय वायु सेना के प्रति लोगों को महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध कराना था। इस मेगा कार रैली में महिलाओं सहित 52 वायु योद्धा शामिल रहे। रास्ते में, वायु योद्धा 16 पड़ावों पर रुके, जहां उन्होंने विभिन्न कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में छात्रों के साथ बातचीत कर उन्हें सेना में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया।
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भाजपा प्रत्याशी बलवंत सिंह के लिए रक्षा मंत्री ने मांगा वोट
बुधवार को बिलासपुर के ऐश्वर्य पैलेस में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उमड़े जनसमूह को सढौरा से भाजपा प्रत्याशी बलवंत सिंह के पक्ष में वोट की अपील करते हुए कहा कि लोकसभा का चुनाव हुआ और चार महीने बाद अब विधानसभा का चुनाव हो रहा है। यह सिलसिला देश में कहीं न कहीं चलता रहता है। जनता के हित के लिए इसी संसद में एक विधेयक एक देश एक चुनाव लेकर आए है। इनके साथ ही नगर निगम और नगर पालिका के चुनाव साथ हो। हरियाणा का जवान कहीं न कहीं सेना में हर जगह मिलता है।
अब पूरी दुनिया में भारत की बात को सम्मान पूर्वक सुना जाता है
उन्होंने कहा कि विपक्ष के बहकावे मत आइए। कांग्रेस ने वादे किए तो 55 वर्षों में देश विश्व में कद बढ़ा होता। पहले भारत की बात को दुनिया में गंभीरता से नहीं लिया जाता था। लेकिन आज पूरी दुनिया भारत की बात को सम्मान पूर्वक सुना जाता है। उन्होंने कहा कि राहुल कहते है कि उनका हर कार्यकर्ता टाइगर और शेर है। लेकिन हमारा कार्यकर्ता सेवक बनकर कार्य करेगा। आज भारत दुनिया के सामने एक बड़ी ताकत बनकर खड़ा हो गया है। आज भारत अर्थव्यवस्था के मामले में 11वें स्थान से छलांग लगाकर पांचवें स्थान पर खड़ा है। अगर देश धनवान बनता है तो उससे राज्यों को लाभ मिलता है और सबका विकास होता है।
जम्मू कश्मीर से कांग्रेस धारा 370 हटाने की बात करती है
उन्होंने कहा कि हिमाचल की कांग्रेस की सरकार की हालत सबके सामने है। यहां बिना खर्ची पर्ची के नौकरियां दी जा रही है। आपका भरपूर समर्थन चाहिए। कांग्रेस जम्मू कश्मीर में कह रही है की उनकी सरकार बनने पर धारा 370 हटाएंगे। यह सब झूठ फैला रहें है। अग्निवीर जवानों के लिए झूठ बोला जा रहा है। हमारी राज्य की सरकार ने उनके लिए नौकरियों के सभी दरवाजे खोल दिए है। चाहे अमरीका, चीन,ब्रिटेन सभी जगह यह व्यवस्था है। जो काम प्रधानमंत्री ने किया । दुश्मनों के घर में घुसकर एअर स्ट्राइक की।
सिख समाज का बलिदान भुलाया नहीं जा सकता
उन्होंने कहा कि हरियाणा का किसान आज खुशहाल है। कांग्रेस ने किसानों ने कुछ नही किया। सेना का मनोबल नही टूटना चाहिए। यहां सेना के लेकर ही कांग्रेस सवाल उठाती है। चीन को लेकर यें न जाने क्या क्या बोला जाता है। गरीबी, रोजगार, महिलाओं की समस्याएं है इसकी चर्चा की जानी चाहिए। हम युवाओं को रोजगार देंगे। सभी वर्गों को साथ लेकर चलते है। हमारे सिख भाइयों के बारे में अमेरिका में जाकर गलत बोला जाता है। जबकि सिख समाज का बलिदान भुलाया नहीं जा सकता। सत्ता हासिल करने के लिए कांग्रेस बांटने का काम करती है।
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