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छत्तीसगढ़ राज्य शासन ने ई-ऑफिस प्रणाली को और अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में अहम निर्णय लिया है. नई व्यवस्था के तहत अब शासकीय पत्राचार में कार्यालयीन ज्ञापन, पत्र और आदेश जैसे दस्तावेजों में केवल मूल प्रति पर ही सक्षम अधिकारी के हस्ताक्षर किए जाएंगे.
जारी आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि पृष्ठांकित प्रति (एंडोर्समेंट) पर अब हस्ताक्षर करने की आवश्यकता समाप्त कर दी गई है. इस फैसले से सरकारी कामकाज में अनावश्यक औपचारिकताओं को कम करने के साथ-साथ कार्यप्रणाली में तेजी आने की उम्मीद है. शासन का मानना है कि इस पहल से प्रशासनिक दक्षता में उल्लेखनीय सुधार होगा और ई-ऑफिस प्रणाली और अधिक प्रभावी बन सकेगी. सभी विभागों और कार्यालयों को इस नई व्यवस्था का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं.
छत्तीसगढ़ में अभी सभी सरकारी विभागों में ई-आफिस के जरिए काम किया जा रहा है। इससे एक अधिकारी के लिए दो जगहों पर हस्ताक्षर करना संभव नहीं है। इस तकनीकी दिक्कत को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने सभी आनलाइन और आफलाइन दस्तावेजों में दो जगहों हस्ताक्षर की बाध्यता ही खत्म कर दी है। शासन का कहना है कि प्रतिलिपि सिर्फ सूचनात्मक होती है। इसलिए उसमें हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं। सिर्फ अधिकारी का नाम, पदनाम और कार्यालय का उल्लेश होना ही पर्याप्त है।
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संभागायुक्त दीपक सिंह की अध्यक्षता आज ई-ऑफिस कार्यप्रणाली एवं टीएल (समय सीमा पत्रों की समीक्षा) बैठक संभागायुक्त कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक में संयुक्त आयुक्त विकास डी.एस. रणदा, अपर कलेक्टर रिंकेश वैश्य, डिप्टी कमिश्नर बृजेश पांडे एवं डिप्टी कलेक्टर सुश्री सीमा कनेश सहित कृषि विभाग, शिक्षा विभाग, लोक स्वास्थ्य एवं यांत्रिकी विभाग आदि विभागों के संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में संभागायुक्त सिंह ने विभिन्न विभागों में प्रस्तावित ई-ऑफिस कार्यप्रणाली की समीक्षा की।
बैठक में संभागायुक्त सिंह ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सभी संभागीय कार्यालयों में आगामी 15 जुलाई 2025 तक ई-ऑफिस प्रणाली को अनिवार्य रूप से लागू किया जाए। इस कार्य के लिए जो भी शिक्षण, प्रशिक्षण होना है, उसे गंभीरता के साथ पूरा किया जाए। ई-ऑफिस कार्यप्रणाली के लिए विशेष कार्ययोजना बनाकर इसे समय सीमा में लागू करने के सतत प्रयास किए जाएं। उच्च अधिकारी सतत मॉनिटरिंग करें। इस कार्य में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समय सीमा का विशेष ध्यान रखें। इस कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही और अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जायेगी। बैठक में बताया गया कि कुछ विभागों में ई-ऑफिस कार्यप्रणाली की शुरूआत हो गई है, लेकिन वह अभी तक पूरी तरह से लागू नहीं हो पायी है।
तीन चरणों में लागू होगी योजना
संभागायुक्त सिंह ने कहा कि ई-ऑफिस कार्यप्रणाली को लागू करने के लिए सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशिक्षण लेना आवश्यक है। बैठक में बताया गया कि ई-ऑफिस कार्यप्रणाली को लागू करने के लिए चरणबद्ध कार्ययोजना है। जिसके तहत प्रथम चरण में 20 जून से सभी अधिकारियों/कर्मचारियों की सूची व ईमेल आईडी का निर्माण किया जाएगा, जिसमें सभी कार्यालयों से नाम, पदनाम व कार्य स्थल की जानकारी संकलित कर प्रणाली में प्रविष्ठ किया जाना है। द्वितीय चरण में 25 जून से ई-ऑफिस हेतु आवश्यक हार्डवेयर, कम्प्युटर, स्केनर, प्रिंटर, इंटरनेट एवं कनेक्टिविटी आदि की उपलब्धता का मूल्यांकन किया जाएगा। तीसरे चरण में 1 से 5 जुलाई तक संभागीय मुख्यालय पर जिला प्रमुख अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यशाला का आयोजन होगा। 6 जुलाई को तकनीकी दल का गठन और 10 जुलाई को फाइल लक्ष्यों का निर्धारण और पूर्ण क्रियान्वयन किया जाएगा। बैठक में समय सीमा पत्रों की भी समीक्षा की गई तथा आवश्यक निर्देश दिए गए।
भोपाल कलेक्टर कार्यालय में 1 मई से ई-ऑफिस प्रणाली लागू होगी। इस संबंध में कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने निर्देश दिए। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को समय-सीमा पत्रों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि अधिकारी अपने कार्यालय को ई-ऑफिस सेटअप तैयार कर लें। एक मई 2025 से कलेक्टर कार्यालय द्वारा ई-ऑफिस के अंतर्गत कार्य संचालित किया जाएगा। किसी भी फाइल की हार्ड कॉपी स्वीकार नहीं की जाएगी।
अवैध कॉलोनियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
बैठक में सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कोचिंग संस्थान, अस्पताल, होटल, पटाखों की दुकान एवं अन्य संस्थानों का फायर ऑडिट सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही जिले में समग्र आईडी को आधार से लिंक कराने के कार्य में गति लाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही राजस्व अभियान अंतर्गत फार्मर रजिस्ट्री आरओआर लिंकिंग के कार्य को शीघ्र अति शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर सिंह ने सभी एसडीएम को अवैध माईनिंग एवं अवैध कॉलोनियों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी एडीएम को एसडीएम कोर्ट एवं एसडीएम को तहसीलदार कोर्ट का निरीक्षण करने आदेशित किया गया।
शिकायतों की प्रतिदिन समीक्षा करने को कहा
टीएल बैठक में कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा करते हुए नाराजगी व्यक्त करते हुए 50 दिवस से अधिक लंबित सीएम हेल्पलाइन शिकायतों की प्रतिदिन समीक्षा कर शिकायतों का निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत जनभागीदारी के माध्यम से जिले की नदी, तालाब, जल संरचनाओं का संरक्षण एवं संवर्धन को गंभीरतापूर्वक लेते हुए समस्त संबंधित विभागों की आगामी एक महीने का प्लान तैयार करने के निर्देश दिए।
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