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लखपति दीदी पहल के अंतर्गत 04 महिलाओं को ई-रिक्शा वितरित
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर कोंडागांव जिले की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लखपति दीदी पहल के अंतर्गत चार महिलाओं को ई-रिक्शा प्रदान किया गया। बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं कोंडागांव विधायक लता उसेंडी ने रविवार को मोर सुआद में जिले की चार महिलाओं को ई-रिक्शा वितरित किया गया। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्री नरपति पटेल, कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना एवं पुलिस अधीक्षक श्री पंकज चंद्रा भी उपस्थित रहे। इस दौरान विधायक उसेंडी एवं कलेक्टर श्रीमती पन्ना ने सभी महिलाओं को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस पहल से महिलाओं को स्वरोजगार का अवसर मिलेगा और वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगी।
दीदी ई-रिक्शा योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में पंजीकृत हितग्राहियों को ई-रिक्शा प्रदान किया गया। इनमें ग्राम सातगांव की श्रीमती मेहन्दी बाई पाण्डे, ग्राम पंचायत दुधगांव चिखलपुटी की श्रीमती बुका कश्यप और श्रीमती सोमारी बाई तथा ग्राम संबलपुर निवासी श्रीमती मीना पटेल शामिल हैं। इस पहल से महिलाओं को रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे तथा वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगी। जिला पंचाययत के सीईओ श्री अविनाश भोई के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय ग्रामीण आजिविका मिशन बिहान की टीम का स्वसहायता समूह की महिलाओं को शासन की महात्वाकांक्षी योजना का लाभ दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान रहा।
इस अवसर पर एनआरएलएम के जिला मिशन प्रबंधक श्री विनय सिंह, डीपीएम श्री कुंजलाल सिंन्हा एवं श्री दुर्योधन मेघ, बीपीएम श्री फागूराम साहू, श्रम विभाग के अधिकारी कर्मचारी सहित समूह की महिलाएं उपस्थित रहीं।
]]>राजधानी भोपाल की स्कूलों के बाद आज से शहर के 12 व्यस्ततम और अहम वीवीआईपी जगहों पर ई-रिक्शा चलाने और पार्किंग पर प्रतिबंध है। दरअसल 27 जून को हुई जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में ई-रिक्शा चलाने पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया था।
पहले 7 दिन दी जाएगी समइाइश
इन सभी मार्गों को भोपाल ट्रैफिक पुलिस ने दो पैमानों पर तय किया है। पहला ये कि इन सभी मार्गो पर नगर सेवा बाहन पहले से संचालित है। दूसरा यह कि इन सड़कों पर ई-रिक्शा की ज्यादा संख्या होने के कारण ट्रैफिक जाम के हालात बनते हैं। दो दिन पहले ई-रिक्शा से स्कूली छात्र-छात्राओं के परिवहन पर भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने प्रतिबंध लगाया था। ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि अगले सात दिनों तक प्रतिबंधित मार्गों पर ई-रिक्शा चलाने और पार्क करने वाले चालकों को समइाइश दी जाएगी। इसके बाद चालान होंगे।
यहां ई-रिक्शा व उसकी पार्किंग प्रतिबंधित
सुरक्षा कारणों से लिया गया फैसला
यातायात पुलिस के अनुसार, भोपाल की इन सड़कों पर वीआईपी मूवमेंट और उच्च यातायात घनत्व अधिक होता है। आम नागरिकों की सुरक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है। ई-रिक्शा की धीमी गति और बेतरतीब पार्किंग व्यवस्था कई बार दुर्घटनाओं और जाम का कारण बनती है।
स्कूली बच्चों को ले जाने पर भी सख्त रोक
भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने 20 जुलाई 2025 को निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा, स्कूली छात्रों को अब ई-रिक्शा से नहीं ले जाया जा सकता। यह फैसला बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है। ट्रैफिक पुलिस इस विषय पर जागरूकता अभियान भी चला रही है।
भोपाल में 7,000 से अधिक ई-रिक्शा संचालित
भोपाल क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) के मुताबिक, भोपाल में 7,000 से अधिक ई-रिक्शा संचालित हैं। इनमें से ज्यादातर बिना परमिट के संचालित हैं। भोपाल टॉकीज़ से करोंद चौराहा और अयोध्या बाईपास तक ई रिक्शा के चलते भारी ट्रैफ़िक जाम लगता है। भोपाल आरटीओ ने यह आंकड़े पिछले साल जारी किए थे। अब इनकी संख्या और बढ़ गई होगी।
स्कूलों में ई-रिक्शा पर प्रतिबंध लगेगा, बच्चों की सेफ्टी …….
शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए शुक्रवार को कंट्रोल रूम में एक मीटिंग हुई। सांसद आलोक शर्मा ने जिला प्रशासन, पुलिस, नगर निगम और पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए। मीटिंग में लेफ्ट-टर्न को सुधारने, ई-रिक्शा पर नियंत्रण रखने, ट्रांसफार्मर हटाने और पार्किंग व्यवस्था को ठीक करने जैसे मुद्दों पर बात हुई।
पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को उनके अधूरे प्लान के लिए फटकार लगाई गई और उन्हें एक हफ्ते में ट्रैफिक एक्सपर्ट्स के साथ मिलकर लेफ्ट टर्न सुधार का प्लान पेश करने का निर्देश दिया गया। शहर के 42 चौराहों पर लेफ्ट टर्न की समस्या को दूर करने के लिए 3 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है।
ई-रिक्शा पर रोक
ई-रिक्शा के गलत इस्तेमाल को लेकर चिंता जताई गई और कलेक्टर ने कहा कि बच्चों को ई-रिक्शा में स्कूल भेजना सुरक्षित नहीं है। इसलिए स्कूलों में ई-रिक्शा को प्रतिबंधित करने का फैसला लिया गया, क्योंकि यह बच्चों की सुरक्षा के लिए जरूरी था। मीटिंग में सड़कों से अतिक्रमण हटाने और कंडम वाहनों को हटाने पर भी बात हुई। सांसद शर्मा ने ट्रांसफार्मर और खंभों को हटाने की बात कही और पार्किंग व्यवस्था को आम लोगों के लिए आसान बनाने के निर्देश दिए।
पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को फटकार
सांसद आलोक शर्मा ने पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को फटकार भी लगाई। दरअसल, पीडब्ल्यूडी अधिकारी बिना किसी वर्किंग प्लान के मीटिंग में पहुंच गए थे। इस पर सांसद ने नाराजगी जताई। मीटिंग में संबंधित विभागों को कुछ निर्देश दिए गए। उन्हें मैनिट के ट्रैफिक विशेषज्ञों की मदद से सभी 42 चौराहों की समीक्षा रिपोर्ट और एस्टीमेट तैयार करने को कहा गया। इससे जल्द से जल्द काम शुरू किया जा सके। ऐसा करने से ट्रैफिक जाम में कमी आएगी और लोगों का आना-जाना आसान हो जाएगा। साथ ही, चौराहों की सुरक्षा और दृश्यता भी बेहतर हो जाएगी।