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देश में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और विदेशी तेल पर निर्भरता को कम करने के लिए केंद्र सरकार अब इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेक्टर पर बड़ा दांव खेलने की तैयारी में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार PM ई-ड्राइव स्कीम के तहत इलेक्ट्रिक स्कूटर और बाइक पर मिलने वाली सब्सिडी को और बढ़ा सकती है। भारी उद्योग मंत्रालय इस योजना के लिए अतिरिक्त फंड की डिमांड करने की तैयारी में है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग पेट्रोल वाहनों की जगह EV टू-व्हीलर अपनाएं। माना जा रहा है कि आने वाले महीनों में इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदना आम लोगों के लिए पहले से कहीं ज्यादा सस्ता हो सकता है। यही वजह है कि EV कंपनियों के शेयरों में भी उत्साह देखा जा रहा है।
सरकार पहले ही PM ई-ड्राइव स्कीम के तहत FY2026 तक इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सब्सिडी के लिए करीब ₹10,900 करोड़ आवंटित कर चुकी है। ऑटो इंडस्ट्री की मांग के बाद इस योजना को जुलाई तक बढ़ा दिया गया था। अब नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सरकार इस योजना को और मजबूत बनाना चाहती है। हालांकि, अतिरिक्त फंड कितना होगा, इस पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। सूत्रों के अनुसार, पिछले दो महीनों से मंत्रालय इस पर चर्चा कर रहा है कि किन योजनाओं को आगे बढ़ाया जाए और इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेक्टर इस सूची में सबसे ऊपर है।
दरअसल, पश्चिम एशिया में जारी तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने भारत की चिंता बढ़ा दी है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयातित तेल से पूरा करता है, इसलिए तेल महंगा होते ही पेट्रोल-डीजल की कीमतें भी बढ़ जाती हैं। ऐसे में सरकार चाहती है कि लोग धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर शिफ्ट हों, ताकि तेल आयात पर दबाव कम किया जा सके। खास बात यह है कि अब EV केवल एक ट्रेंड नहीं बल्कि जरूरत बनते जा रहे हैं।
हाल के आंकड़े भी यही कहानी बताते हैं। मई के पहले आधे हिस्से में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर रजिस्ट्रेशन में 13.5% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि कुल टू-व्हीलर बिक्री में 5.5% की गिरावट रही। इसका मतलब साफ है कि लोग अब पेट्रोल स्कूटर की जगह इलेक्ट्रिक स्कूटर को प्राथमिकता देने लगे हैं। एथर (Ather Energy) के चीफ बिजनेस ऑफिसर रवनीत सिंह फोकेला ने कहा कि पहले हर घर में पेट्रोल वाहन जरूरी माना जाता था, लेकिन अब हर परिवार कम से कम एक EV रखना चाहता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि EV अब घर की दूसरी गाड़ी के रूप में तेजी से लोकप्रिय हो रही है। ऑफिस जाने, बच्चों को स्कूल छोड़ने या रोजमर्रा के छोटे कामों के लिए लोग इलेक्ट्रिक स्कूटर को बेहतर विकल्प मान रहे हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह कम रनिंग कॉस्ट है। जहां पेट्रोल स्कूटर चलाने में प्रति किलोमीटर कई रुपये खर्च होते हैं, वहीं EV स्कूटर की लागत करीब 30 से 50 पैसे प्रति किलोमीटर तक आ जाती है। रात में घर पर चार्जिंग कर लेना और पेट्रोल पंप की लाइन से बचना लोगों को काफी आकर्षित कर रहा है।
अगर सरकार सब्सिडी और बढ़ाती है, तो इलेक्ट्रिक स्कूटर की कीमतों में और कमी आ सकती है। इससे ओला (Ola Electric), एथर (Ather Energy), TVS iQube, बजाज चेतक (Bajaj Chetak) जैसे ब्रांड्स को बड़ा फायदा मिल सकता है। साथ ही चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और बैटरी टेक्नोलॉजी में भी तेजी से सुधार देखने को मिल सकता है। भारत की EV क्रांति अब अगले बड़े चरण में प्रवेश करती दिख रही है, जहां सरकार, कंपनियां और ग्राहक तीनों मिलकर क्लीन मोबिलिटी को नई रफ्तार देने की तैयारी में हैं।
]]>देश में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की मांग बढ़ी है, लेकिन चुनौतियां अभी कम नहीं हुई है. भारतीय ऑटोमोबाइल मार्केट में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की हिस्सेदारी 5.77 फीसदी तक पहुंच गई है. हालांकि, अभी भी लोगों के मन में बैठी रेंज एंजाइटी खत्म नहीं हुई है. ऐसे में सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है, जिससे ईवी वालों की बड़ी चिंता दूर हो जाएगी।
भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए भारी उद्योग मंत्रालय ने चार्जिंग स्टेशन इंस्टॉल करने का ऐलान किया है. मंत्रालय देशभर में 4,874 इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन लगाएगा. इस प्रोजेक्ट के लिए सरकार 503.86 करोड़ रुपये खर्च करेगी. ये प्रोजेक्ट पीएम ई-ड्राइव स्कीम का हिस्सा है.
कई राज्यों में लगेंगे EV चार्जिंग स्टेशन
12 मई को बेंगलुरू में हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केंद्रीय मंत्री एच डी कुमारस्वामी ने इस बारे में जानकारी दी है. इस कदम का उद्देश्य लोगों के मन में बैठी रेंज एंजाइटी को कम करना है. इसके लिए सरकार इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग का एक मजबूत नेटवर्क तैयार करना चाहती है. इससे जब भी लोगों को जरूरत होगी वे अपने व्हीकल को चार्ज कर पाएंगे।
इन चार्जिंग स्टेशन पर इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स, थ्री व्हीलर्स, पैंसेजर कार, बस और हैवी ड्यूटी ट्रक्स को भी चार्ज किया जा सकेगा. सरकार की मानें तो इन चार्जिंग स्टेशन को प्लानिंग के तहत अलग-अलग राज्यों में लगाया जाएगा. इसमें कर्नाटक, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, गुजरात, केरल, तेलंगाना और तमिलनाडु शामिल हैं।
बढ़ रहा ईवी का दबदबा
इस फंडिंग का बड़ा हिस्सा कर्नाटक में खर्च होगा. रिपोर्ट्स की मानें, तो राज्य में 1243 चार्जिंग स्टेशन इंस्टॉल किए जाएंगे, जिसें लगभग 123.66 करोड़ रुपये खर्च होंगे. इस प्रोजेक्टर को पूरा करने में प्रमुख पब्लिक सेक्टर इंटरप्राइसेस का भी योगदान होगा. प्रमुख तेल कंपनियां (जिनके नाम से आप पेट्रोल पंप देखते हैं) इस इंस्टॉलेशन प्रोजेक्ट को लीड करेंगी।
मौजूदा स्थिति की बात करें, तो पैसेंजर व्हीकल कैटेगरी में ईवी की हिस्सेदारी 5.77 फीसदी की है. वहीं टू-व्हीलर कैटेगरी में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की हिस्सेदारी 7.76 फीसदी तक पहुंच गई है. कमर्शियल व्हीकल कैटेगरी में ईवी का शेयर 2.26 फीसदी है. थ्री व्हीलर कैटेगरी में ईवी का दबदबा है. यहां इलेक्ट्रिक व्हीकल की हिस्सेदारी 60.38 फीसदी की है. ये आंकड़े अप्रैल 2026 में हुई सेल के हैं।
]]>देश में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की मांग बढ़ी है, लेकिन चुनौतियां अभी कम नहीं हुई है. भारतीय ऑटोमोबाइल मार्केट में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की हिस्सेदारी 5.77 फीसदी तक पहुंच गई है. हालांकि, अभी भी लोगों के मन में बैठी रेंज एंजाइटी खत्म नहीं हुई है. ऐसे में सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है, जिससे ईवी वालों की बड़ी चिंता दूर हो जाएगी।
भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए भारी उद्योग मंत्रालय ने चार्जिंग स्टेशन इंस्टॉल करने का ऐलान किया है. मंत्रालय देशभर में 4,874 इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन लगाएगा. इस प्रोजेक्ट के लिए सरकार 503.86 करोड़ रुपये खर्च करेगी. ये प्रोजेक्ट पीएम ई-ड्राइव स्कीम का हिस्सा है.
कई राज्यों में लगेंगे EV चार्जिंग स्टेशन
12 मई को बेंगलुरू में हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केंद्रीय मंत्री एच डी कुमारस्वामी ने इस बारे में जानकारी दी है. इस कदम का उद्देश्य लोगों के मन में बैठी रेंज एंजाइटी को कम करना है. इसके लिए सरकार इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग का एक मजबूत नेटवर्क तैयार करना चाहती है. इससे जब भी लोगों को जरूरत होगी वे अपने व्हीकल को चार्ज कर पाएंगे।
इन चार्जिंग स्टेशन पर इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स, थ्री व्हीलर्स, पैंसेजर कार, बस और हैवी ड्यूटी ट्रक्स को भी चार्ज किया जा सकेगा. सरकार की मानें तो इन चार्जिंग स्टेशन को प्लानिंग के तहत अलग-अलग राज्यों में लगाया जाएगा. इसमें कर्नाटक, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, गुजरात, केरल, तेलंगाना और तमिलनाडु शामिल हैं।
बढ़ रहा ईवी का दबदबा
इस फंडिंग का बड़ा हिस्सा कर्नाटक में खर्च होगा. रिपोर्ट्स की मानें, तो राज्य में 1243 चार्जिंग स्टेशन इंस्टॉल किए जाएंगे, जिसें लगभग 123.66 करोड़ रुपये खर्च होंगे. इस प्रोजेक्टर को पूरा करने में प्रमुख पब्लिक सेक्टर इंटरप्राइसेस का भी योगदान होगा. प्रमुख तेल कंपनियां (जिनके नाम से आप पेट्रोल पंप देखते हैं) इस इंस्टॉलेशन प्रोजेक्ट को लीड करेंगी।
मौजूदा स्थिति की बात करें, तो पैसेंजर व्हीकल कैटेगरी में ईवी की हिस्सेदारी 5.77 फीसदी की है. वहीं टू-व्हीलर कैटेगरी में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की हिस्सेदारी 7.76 फीसदी तक पहुंच गई है. कमर्शियल व्हीकल कैटेगरी में ईवी का शेयर 2.26 फीसदी है. थ्री व्हीलर कैटेगरी में ईवी का दबदबा है. यहां इलेक्ट्रिक व्हीकल की हिस्सेदारी 60.38 फीसदी की है. ये आंकड़े अप्रैल 2026 में हुई सेल के हैं।
]]>शनिवार-रविवार दरमियानी रात रतलाम के लक्ष्मणपुर पीएनटी कॉलोनी स्थित एक मकान में चार्जिंग के लिए रखी गई ई स्कूटर में आग लग गई। आग से पास में खड़ी एक्टिवा भी चपेट में आ गई और हादसे में एक 11 साल बच्ची की मौत हो गई जबकि दो अन्य लोग घायल हो गए।
जानकारी के अनुसार पीएनटी कॉलोनी दीपक किराना के पास रहने वाले भगवती मौर्य व परिवार के लोग टुनवाल कंपनी का ई स्कूटर चार्जिंग पर लगा कर सो गए थे। रात में चार्जिंग पूरी होने के बाद इसमें से चिंगारियां निकलने लगी, इससे पास में खड़ी एक्टिवा भी चपेट में आ गई।
11 साल की बच्ची अंदर ही रह गई
आग लगने के दौरान घर में सभी सदस्य सो रहे थे। धुंआ होने पर उनकी नींद खुली तो उन्होंने मदद के लिए शोर मचाया। आसपास के लोगों ने आग बुझाने शुरू कर फायर ब्रिगेड को सूचना दी और घर के सदस्यों को जैसे तैसे बाहर निकाला, लेकिन 11 साल बच्ची अंतरा चौधरी अंदर ही रह गई।
बाहर निकाला तब तक वह झुलस गई थी
थोड़ी देर बाद बच्ची को भी निकाल कर बाहर लाया गया लेकिन तब तक वह झुलस गई थी। मेडिकल कॉलेज ले जाने के दौरान बालिका की मौत हो गई। अंतरा अपनी मां सोनाली के साथ नाना भगवती मौर्य के घर आई थी। उन्हें रविवार सुबह ही वापस बड़ोदरा गुजरात जाना था।
शनिवार को मनाया था छोटी बहन का जन्मदिन
शनिवार को छोटी बहन का जन्मदिन होने से सभी ने मिलकर जन्मदिन मनाया था। हादसे में घायल भगवती मौर्य और 12 वर्षीय लावण्या को मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना मिलने पर क्षेत्रीय परिषद कविता महावर, सुनील महावर सहित अन्य लोग भी मौके पर पहुंचे।
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