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प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर गंतव्यों एवं एकल खिड़की व पारदर्शी शूटिंग अनुमतियों के कारण मध्यप्रदेश फिल्म शूटिंग्स के लिये एक प्रमुख गंतव्य बन चुका है। बिहार शासन ने हाल ही में म.प्र. फिल्म पर्यटन नीति की तर्ज पर बिहार फिल्म प्रोत्साहन नीति 2024 लागू की है। फिल्म नीति के लिये क्रियान्वयन के लिये विकसित नियमावली एवं संचालन विधियों के अध्ययन के लिये शुक्रवार को बिहार फिल्म विभाग के एक दल ने म.प्र. टूरिज्म बोर्ड की अपर प्रबंध संचालक (एएमडी) सुश्री बिदिशा मुखर्जी से मुलाकात की। बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम लिमिटेड के महाप्रबंधक श्री राहुल कुमार के नेतृत्व में कंसल्टेंट श्री अनादि शंकर एवं गुरजीत सलुजा ने टूरिज्म बोर्ड में फिल्म नीति के क्रियान्वयन को जाना।
सुश्री बिदिशा मुखर्जी ने बताया कि, फिल्म पर्यटन नीति लागू 2020 के लागू होने के बाद से म.प्र. में 400 से ज्यादा फिल्म, वेब सीरिज, डॉक्युमेंट्री, टीवी सीरियल्स, एड फिल्म्स की शूटिंग हो चुकी है। म.प्र. प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक धरोहरों और सांस्कृतिक विविधता के लिए प्रसिद्ध है, जो फिल्मों के लिए एक आदर्श स्थान प्रदान करता है। ऐतिहासिक किले, मंदिर, जंगल, नदियाँ, और ग्रामीण क्षेत्रों की आकर्षक लोकेशन्स हैं। म.प्र. लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत फिल्मों की शूटिंग के लिए अनुमति देने वाला देश का पहला राज्य है। 15 कार्य दिवसों के भीतर आवेदन का निपटारा करना होता है। पॉलिसी में आकर्षक सब्सिडी और प्रोत्साहन, सिंगल विंडो क्लियरेंस जैसे प्रमुख बिंदु शामिल है। सुश्री मुखर्जी ने बिहार से आए दल को नीति से जुड़ी जानकारी दी। उन्होंने प्रोत्साहन राशि से जुड़े आवेदनों का समयावधि में समाधान करने, फिल्म शूटिंग अनुमतियों के लिये ऑनलाइन प्रक्रिया जैसे बिंदुओं पर चर्चा की।
उल्लेखनीय है कि सितंबर 2022 में बिहार राज्य के अधिकारियों का एक दल मध्यप्रदेश फिल्म नीति का अध्ययन करने के लिये भोपाल पहुंचा था। राज्य में बनायी जा रही फिल्म नीति को व्यावहारिक एवं व्यापक बनाने के लिए मध्यप्रदेश राज्य में निर्मित फिल्म नीति के निर्माण एवं क्रियान्वयन का अध्ययन किया था।
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फिल्म पर्यटन नीति-2020 लागू होने के बाद से राजधानी भोपाल सहित पूरे प्रदेश को एक नई पहचान मिली है। बीते चार साल में प्रदेश में अब तक 406 फिल्मों और वेबसीरीज की शूटिंग हो चुकी है, जिनमें भोपाल समेत अन्य शहरों के खूबसूरत दृश्य देखकर लोगों का नजरिया बदला है और वे मप्र की ओर आकर्षित हुए हैं। इससे लोगों को प्रदेश की कला-संस्कृति से रूबरू होने का मौका भी मिला है।
शूटिंग के लिए भोपाल, चंदेरी, इंदौर, महेश्वर, उज्जैन, ओरछा, ग्वालियर आदि शहरों को ज्यादा पसंद किया जा रहा है। इससे प्रदेश में पर्यटन सहित विभिन्न व्यवसायों को बढ़ावा मिल रहा है। स्त्री पार्ट दो रिलीज होने के बाद मप्र के गंतव्य खासतौर से चंदेरी फिर चर्चा में है। बता दें कि देश की हृदय स्थली मध्य प्रदेश की पहचान खूबसूरत गंतव्य और कला-संस्कृति है। बीते चार साल में घर-घर में मप्र के गांवों को देखा गया। जबकि पहले सूरमा भोपाली और भोपाल गैस कांड ही मप्र की पहचान थे।
मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट आकर्षण का केंद्र
फिल्मों और वेबसीरीज की शूटिंग के लिए मध्य प्रदेश बालीवुड की पहली पसंद बनता जा रहा है।
मप्र को सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट अवार्ड दिया है।
इसकी वजह प्रदेश में फिल्म अनुकूल वातावरण है और सरल व सहज फिल्म नीति निर्माताओं को आकर्षित करती है।
इससे प्रदेश शासन और प्रदेशवासियों की आय भी बढ़ी है।
फिल्म प्रोडक्शन क्रू, कलाकार, सिक्युरिटी, टूरिज्म और हास्पिटेलिटी, एक्टिंग क्लासेस जैसे बिजनेस को बढ़ावा मिल रहा है।
मध्य प्रदेश में शूटिंग का बहुत अच्छा माहौल है। बहुत बड़े स्तर पर काम हो रहा है, जिससे प्रदेश में आर्थिक समेत विभिन्न गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है और प्रदेश के कलाकारों को मंच भी मिल रहा है। लोकल कलाकारों के हितों के संरक्षण को ध्यान में रखने हुए फिल्म निर्माताओं को स्थानीय कलाकारों को फिल्म में विशेष अवसर देने पर अतिरिक्त सब्सिडी देने का प्रविधान भी फिल्म पर्यटन नीति 2020 में किया गया है। – शिवशेखर शुक्ला, प्रमुख सचिव, मप्र पर्यटन और संस्कृति विभाग
स्त्री-2 में दिखी खास झलक, कई प्रोजेक्ट हिट
स्त्री-2 फिल्म की भी शूटिंग चंदेरी के अतिरिक्त भोपाल, नरसिंहगढ़, रायसेन और भोपाल में हुई है।
राजकुमार राव और श्रद्धा कपूर स्टारर फिल्म की सफलता में कहानी, स्टारकास्ट के साथ ही चंदेरी की वास्तविक लोकेशन का भी बड़ा योगदान है।
चंदेरी का किला, कस्बा, गलियां और वहां लगने वाले मेले ने दर्शकों के मन में अमिट छाप छोड़ी है। इसके पूर्व वर्ष 2018 में आई फिल्म स्त्री और सुई धागा ने भी चंदेरी को विश्व मानचित्र पर उभारा था।
इसके अतिरिक्त आमिर खान प्रोडक्शन की फिल्म लापता लेडीज, विद्या बालन की फिल्म शेरनी, भूमि पेडनेकर की फिल्म की दुर्गावती की शूटिंग भोपाल व आसपास की अलग-अलग लोकेशन पर हुई।
अक्षय कुमार की पैडमैन और चंबल के बीहड़ों में बनी सोनचिरैया और प्रेरणादायक फिल्म 12वीं फेल के भी काफी चर्चे रहे।
सेल्फी, पंचायत, गुल्लक, महारानी, भुज द प्राइड आफ इंडिया, ये काली काली आंखें, धाकड़, शेरनी, लूडो, टायलेट एक प्रेम कथा जैसी हिट फिल्मों और वेबसीरीज की शूटिंग भोपाल और आसपास की लोकेशन में हुई है।
2020 से अब तक शूट हुए प्रोजेक्ट
फिल्म- 221
टीवी शो – 30
वेबसीरीज – 105
डाक्यूमेंट्री – 50
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