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उपभोक्ता न्याय व्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वपूर्ण पहल
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयालदास बघेल ने उपभोक्ता संरक्षण विषय पर आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया। कार्यशाला में राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति ए.पी. साही, छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता प्रतितोषण आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति गौतम चौरड़िया, खाद्य विभाग की सचिव मती रीना बाबा साहेब कंगाले, मध्यप्रदेश, गोवा, बिहार, झारखंड उत्तरप्रदेश सहित आठ राज्यों के प्रतिनिधि एवं अन्य सदस्यगण उपस्थित थे।
राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति ए.पी. साही ने कार्यशाला में छत्तीसगढ़ सरकार की पहल की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार उपभोक्ता अधिकारों की सुरक्षा और त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से तकनीकी एवं विधिक सुधारों की दिशा में ठोस कदम उठा रही है। इसी क्रम में जागरूकता एवं तकनीकी पहलुओं की प्रशिक्षण के लिए कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। कार्यशाला में तकनीकी, डिजिटल व्यवस्था, प्रक्रियात्मक सुधार और विधायी संशोधनों पर विस्तृत चर्चा की गई।
इस दौरान दौरान ई-प्रणालियों का विस्तार और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग की जानकारी दी गई। वहीं ई-जागृति, ई-फाइलिंग और ई-हियरिंग’’ जैसी डिजिटल सुविधाओं के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया गया। इन व्यवस्थाओं के माध्यम से उपभोक्ताओं को घर बैठे शिकायत दर्ज करने और सुनवाई में भाग लेने की सुविधा मिल रही है। उपभोक्ता न्याय को किफायती, पारदर्शी और त्वरित बनाने हेतु कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के उपयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।
अधिकारियों ने पत्रकारों से चर्चा के दौरान शिकायत स्वीकृति की प्रक्रिया, उपभोक्ता आयोग के आर्थिक एवं क्षेत्रीय क्षेत्राधिकार, शिकायत और जवाब दावा प्रस्तुत करने की समय-सीमा जैसे महत्वपूर्ण विषयों को स्पष्ट किया। इस दौरान यह भी बताया गया कि यदि प्रतिवादी पक्ष 30 दिनों की निर्धारित अवधि या अधिकतम 15 दिनों की अतिरिक्त अवधि (कुल 45 दिन) में लिखित बयान प्रस्तुत नहीं करता है, तो उसके साक्ष्यों पर विचार सीमित हो सकता है। साथ ही प्रतिवादी को शिकायतकर्ता के गवाहों से जिरह का अवसर और उसकी सीमा पर भी चर्चा हुई।
अधिकारियों एवं न्यायमूर्तियों ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर बढ़ती चुनौतियों, डार्क पैटर्न जैसी भ्रामक डिजाइन तकनीकों और झूठे व भ्रामक विज्ञापनों के मुद्दों पर चर्चा की। क्षेत्राधिकार संबंधी विवादों और तकनीकी जटिलताओं के त्वरित समाधान हेतु वर्तमान संरचना में सुधार की आवश्यकता पर बल दिया गया। निष्पादन आवेदन के त्वरित और प्रभावी निपटारे के लिए व्यावहारिक कठिनाइयों और प्रणालीगत विलंब संबंधी जानकारी दी गई।
सभी उपभोक्ता आयोगों में प्रक्रियात्मक एकरूपता लाने, मानकीकृत नियम एवं दिशानिर्देश अपनाने तथा केस मैनेजमेंट को सुव्यवस्थित करने पर भी जोर दिया गया। उपभोक्ता संरक्षण आयोग के अधिकारियों ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल उपभोक्ताओं को त्वरित, पारदर्शी और सुलभ न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
]]>खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल ने आज बेमेतरा जिले के नगर पंचायत नवागढ में नगरीय प्रशासन विभाग के द्वारा आयोजित जनसमस्या निवारण पखवाड़ा शिविर का अवलोकन किया और हितग्राहियों से चर्चा करके राशनकार्ड वितरण, उचित मूल्य दुकान के माध्यम से खाद्यान की उपलब्धता एवं अन्य समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि लोगों की समस्याओं का समाधान करने के लिए शिविर का आयोजन किया गया है, जिनका राशनकार्ड नहीं बना है। वे 15 अगस्त 2024 तक नवीनीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं।
हितग्राही द्वारा खाद्य विभाग की वेबसाइट https://fcs.cg.gov.in/ से डाउनलोड करके नवीनीकरण का कार्य किया जा सकता है। हितग्राही उचित मूल्य दुकान में भी जाकर ऑनलाईन के माध्यम से अपने राशनकार्ड नवीनीकरण और ई-केवायसी का कार्य करवा सकतें है। मंत्री श्री बघेल ने कहा कि ई-केवायसी के लिए प्रत्येक हितग्राही का बायोमेट्रिक अद्यतन होना चाहिए जिन सदस्यों का बाल आधार बना है उन्हें पहले आधार सेवा केंद्र से अपना बायोमेट्रिक अपडेट कराना होगा। इसके पश्चात् उचित मूल्य दुकान के ई-पॉस मशीन से ई-केवायसी करा सकते हैं। विदित हो कि राशनकार्ड में ई-केवायसी और नवीनीकरण की सुविधा निःशुल्क है। शिविर में आवेदन कर सकते हैं।
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