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भोपाल में गणपति प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान अज्ञात लोगों ने पत्थर फेंके, जिससे माहौल बिगड़ गया. यह घटना नगर से डीआईजी बंगला की तरफ जा रहे जुलूस के दौरान हुई. पथराव से नाराज लोगों ने पत्थरबाजी करने वालों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर गौतम नगर थाने का घेराव कियाइस दौरान अचानक एक अज्ञात व्यक्ति ने जुलूस पर पत्थर फेंक (Stones thrown) दिया. पत्थरबाजी से अफरातफरी मच गई और लोगों में आक्रोश फैल गया.
घटना से गुस्साए लोग सीधे गौतम नगर थाने पहुंच गए और वहां विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. बड़ी संख्या में लोग थाने के बाहर जमा होकर आरोपियों की पहचान और तत्काल गिरफ्तारी की मांग करने लगे. माहौल बिगड़ता देख थाने के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई.
पत्थरबाजी के बाद विसर्जन जुलूस को रोक दिया गया. इसके बाद मौके पर मौजूद लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी. प्रतिमा विसर्जन का उत्सव तनाव में बदल गया और कई लोग थाने के बाहर डटे रहे.
हिंदूवादी संगठनों की भूमिका
घटना के बाद हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता भी सक्रिय हो गए. वे बड़ी संख्या में गौतम नगर थाने पहुंचे और पुलिस प्रशासन पर दबाव बनाते हुए कहा कि दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी की जाए. उनका कहना था कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज होगा.
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना की गंभीरता से जांच की जा रही है. जुलूस पर पत्थर फेंकने वाले की पहचान की जा रही है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है. पुलिस ने आश्वासन दिया है कि दोषियों को जल्द पकड़ा जाएगा.
पथराव के बाद गणेश झांकी के लोग और गुस्साए कार्यकर्ता डीआईजी बंगले चौराहे पर पहुंचकर जमकर नारेबाजी करने लगे. उन्होंने हनुमान चालीसा का पाठ करते हुए धरना शुरू कर दिया था. इस दौरान सड़क पर भारी जाम लगा रहा. घटना की जानकारी मिलते ही हिंदू उत्सव समिति सहित अन्य हिंदू संगठन के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और यहां तनाव की स्थिति बन गई. घटना की जानकारी मिलते ही कई थानों की पुलिस को इलाके में तैनात करना पड़ा. गौतम नगर थाने के सामने भी भारी भीड़ रही. लोगों की मांग थी कि आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए.
रासुका की कार्रवाई हो, हमारी आस्था पर हमला
हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष पंडित चंद्रशेखर तिवारी ने बताया कि प्रशासन से पहले ही सुरक्षा बढ़ाने की मांग की गई थी, लेकिन पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए. उन्होंने कहा, “यह हमारी आस्था पर हमला है. आरोपियों को गिरफ्तार कर उन पर रासुका की कार्रवाई की जाए.” तिवारी ने दावा किया कि साहिल नाम का युवक इसमें शामिल है और उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि जुलूस को लेकर हमने आरपीएफ की मांग की थी. पुलिस को पहले ही बताया था कि यह इलाका संवेदनशील है और यहां कड़ी सुरक्षा होनी चाहिए.
पथराव करने वालों की पहचान कर गिरफ्तारी होगी
धरने पर बैठे हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने साफ कहा कि जब तक आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. मौके पर पहुंचे डीआईजी रियाज इकबाल ने संगठन के पदाधिकारियों से मुलाकात कर जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया. उन्होंने कहा कि पथराव करने वालों की पहचान कर गिरफ्तारी की जाएगी. इसके बाद पुलिस और प्रशासन की सुरक्षा में सभी झांकियों को विसर्जन स्थल तक भेजा गया.
इलाके में तनाव, पुलिस ने चौकसी बढ़ाई
घटना के बाद से इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है. पुलिस ने हालात पर कड़ी नजर रखी है. सुरक्षा बढ़ाने के साथ ही अज्ञात हमलावरों की तलाश शुरू कर दी गई है. भोपाल में विसर्जन जुलूस के दौरान पथराव की इस घटना ने एक बार फिर धार्मिक आयोजनों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय संगठनों का कहना है कि प्रशासन को पहले से सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने चाहिए थे, ताकि इस तरह की घटनाएं रोकी जा सकें.
माहौल तनावपूर्ण, सुरक्षा कड़ी
पत्थरबाजी की इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. प्रशासन लगातार लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है ताकि कोई भी स्थिति बेकाबू न हो.
पंडाल व्यवस्था पर कड़े नियम
सड़कों पर पंडाल लगाकर मार्ग अवरुद्ध नहीं किए जाएंगे। विशेष रूप से विद्यालयों, अस्पतालों और आपात सेवा मार्गों पर ध्यान रखा जाएगा। आयोजन समितियों को यातायात, पुलिस एवं नगर निगम से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना अनिवार्य होगा। पंडाल में सीसीटीवी कैमरे, वालंटियर्स की व्यवस्था और डस्टबिन रखना आवश्यक होगा। भंडारा के दौरान प्लास्टिक सामग्री का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा।
मूर्ति स्थापना एवं पर्यावरण संरक्षण
केवल मिट्टी से निर्मित मूर्तियों की स्थापना की अनुमति दी गई है। केमिकल युक्त रंग और प्लास्टर ऑफ पेरिस की मूर्तियों पर रोक लगाई गई है। मुख्य पंडाल के बाहर मूर्ति रखने की अनुमति नहीं होगी।
ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग
सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक ही अनुमति होगी। रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। ध्वनि स्तर 45 से 70 डीबी की सीमा में रखना होगा तथा साउंड लिमिटर का उपयोग अनिवार्य है। अश्लील या धार्मिक उन्माद फैलाने वाले गीतों पर प्रतिबंध रहेगा।
मूर्ति विसर्जन के दिशा-निर्देश
विसर्जन केवल निर्धारित तिथि, स्थल और मार्ग के अनुसार किया जाएगा। विसर्जन के दौरान सड़कों पर मंच बनाने की अनुमति नहीं होगी। घाटों की सफाई, प्रकाश व्यवस्था, गोताखोर, जेसीबी और क्रेन की व्यवस्था निगम द्वारा की जाएगी।
शांति व्यवस्था की जिम्मेदारी
जिले के सभी अनुविभागीय दण्डाधिकारी अपने क्षेत्र में शांति समिति की बैठक आयोजित कर इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित करेंगे। पुलिस विभाग को पर्याप्त बल तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने नागरिकों से अपील की है कि त्योहारों को सौहार्द्र और शांतिपूर्ण तरीके से मनाएं और प्रशासन को सहयोग दें।
भगवान गणेश की आपत्तिजनक मूर्तियां बनाने को लेकर इंदौर में हंगामा खड़ा हो गया। भगवान गणेश को एक लड़की के संग दिखान पर हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ता भड़क उठे और कलाकारों के मुंह पर कालिख पोत दी। बाद में हंगामा बढ़ने पर पुलिस ने आरोपी मूर्तिकारों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं।
शहर में गणेश चतुर्थी से पहले मूर्ति निर्माण का कार्य जोरों पर है। बड़ी संख्या में बंगाल से मूर्तिकार इंदौर समेत मध्य प्रदेश के अन्य हिस्सों में मूर्तियां बनाते हैं। खजराना इलाके में एक स्थान पर भगवान गणेश की कुछ मूर्तियां देखकर हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता भड़क उठे। उन्होंने आरोप लगाया कि भगवान की मूर्तियों से छेड़छाड़ की जा रही है। उन्हें लड़कियों के साथ दिखाकर उनकी छवि को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है और धार्मिक भावनाएं आहत की जा रही हैं।
हिंदूवादी कार्यकर्ताओं ने मौके पर खूब हंगामा किया। उन्होंने तीन कलाकारों के चेहरों पर कालिख पोत दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने मूर्ति कलाकार आरोपी कलाकार राजू पाल, चंद्रपाल और रतनलाल पाल को गिरफ्तार कर लिया। तीनों पश्चिम बंगाल के नादिया जिले के रहने वाले हैं। पुलिस ने उन पर धार्मिक भावनाएं आहत करने समेत कई मामलों में एफआईआर दर्ज की है।
बजरंग दल के विभाग संयोजक प्रवीण दरेकर ने कहा कि यह सामान्य गलती नहीं है, बल्कि सोच-समझकर हिंदू आस्था के प्रतीक गणेश भगवान की छवि को विकृत किया जा रहा था। मूर्तियों में ऐसे आकृति और, रंगरूप दिए जा रहे थे जो पूरी तरह से अशोभनीय हैं। इससे संपूर्ण हिंदू समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। बजरंग दल ने चेतावनी दी है कि आगे इस तरह की मूर्तियां बनाई गईं या किसी भी रूप में देवी-देवताओं का मजाक उड़ाने की कोशिश की गई, तो उसका अंजाम गंभीर होगा।
बजरंगदल से जुड़े लक्की रघुवंशी ने कहा कि मूर्तियां बनाने के लिए 50 से अधिक कलाकार पश्चिम बंगाल से आए हैं, जिनमें से कई की पहचान स्पष्ट नहीं है। न तो इनका पुलिस वेरिफिकेशन कराया गया। संगठन को आशंका है कि इनमें से कुछ लोग बांग्लादेशी घुसपैठिए या संदिग्ध मजहबी मानसिकता वाले भी हो सकते हैं। बजरंगदल के विजय पटेल, रघुवीर गुर्जर, राकेश चौहान, विजय यादव, कौशल ठाकुर, अमर गुर्जर सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने खजराना थाने पहुंचकर आरोपियों के केस दर्ज करवाया है।
थाना प्रभारी मनोज सेंधव का कहना था कि अमित पाल सहित दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है कल हिंदूवादी संगठन ने मूर्ति बनाने वाले कलाकारों के ऊपर आपत्ति जताई थी जिसको लेकर धार्मिक भावना आहत होने की धारा में प्रकरण पंजीबद किया जाए, वही तीनों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है।
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चल समारोह मार्ग का सतत निरीक्षण करने व सुधार की रोजाना की अपडेट देने के लिए स्थानीय अधिकारियों- इंजीनियरों को नोडल बनाया गया है। एडीएम ऋतुराज सिंह, डीसीपी रियाज इकबाल, एडिशनल डीसीपी शालिनी दीक्षित, एसडीएम आशुतोष शर्मा सहित नगर निगम एमपीईबी और नगर निगम के अधिकारी मौजूद थे। इस अवसर पर पूर्व अध्यक्ष नारायण सिंह कुशवाह, कमलापति घाट समिति के अध्यक्ष शिव यादव, समाजसेवी प्रमोदनेमा, कैलाश साहू, निहाल साहू आदि उपस्थित थे।
अनंतचतुर्दशी चल समारोह इस साल भारत टॉकीज से शुरू होगा
भारत टॉकीज पुल के पास मेन रोड पर भोपाल मेट्रो का काम जारी होने से हिंदू उत्सव समिति द्वारा निकाला जाने वाला अनंत चतुर्दशी चल समारोह इस वर्ष भारत टॉकीज चौराहे से प्रारंभ होकर इतवारा, मंगलवारा,हनुमानगंज, सिंधी मार्केट, सोमवारा, मोती मस्जिद से रानी कमलापति घाट पहुंचेगा।
17 सितंबर से 19 सितंबर तक रहेगा विसर्जन की व्यवस्था
गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए घाटों पर 17 सितंबर से 19 सितंबर तक व्यवस्था रहेगी।
1500 से अधिक पांडाल शहर में लगे हुए हैं
06 विसर्जन घाट बनाए हुए हैं
खटलापुरा, प्रेमपुरा, संत हिरदाराम नगर, हथाईखेड़ा डैम, शाहपुरा व आर्चब्रिज घाट पर होगा निरीक्षण। शीतलदास की बगिया घाट से विसर्जन नहीं होगा।
विसर्जन चल समारोह मार्ग का निरीक्षण किया। संबंधित विभागों को मार्ग को बेहतर करने, बाधाएं हटाने ओर सतत निगरानी के लिए कहा है। मार्ग व घाटों पर सुरक्षा व प्रकाश के पूरे इंतजाम रहेंगे।
रितूराजसिंह, एडीएम
]]>गणेशोत्सव पर गुढ़ियारी में छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति का अद्भुत प्रदर्शन, नंदा जाही का रे थीम पर सजाया पंडाल
14 सितंबर को भव्य कवि सम्मेलन, मीर अली मीर और अन्य दिग्गज कवियों की प्रस्तुतियाँ
रायपुर
12 सितंबर 2024। गणेशोत्सव की रौनक इस वर्ष पूरे छत्तीसगढ़ में जोरों पर है, और रायपुर के गुढ़ियारी स्थित पहाड़ी चौक का गणेश पंडाल अपने अनूठे और भव्य थीम के चलते पूरे प्रदेश में आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस वर्ष इस पंडाल की सजावट छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध गीतकार मीर अली मीर की लोकप्रिय रचना 'नंदा जाही का रे' पर आधारित है। यह गीत छत्तीसगढ़ी लोकसंस्कृति और ग्रामीण जीवन की सरलता का जीवंत चित्रण है, जिसे इस बार पंडाल की थीम में बखूबी उकेरा गया है।
लोकगीत और परंपरा का मिलन
'नंदा जाही का रे' छत्तीसगढ़ी लोकगीतों में एक अमर रचना है, जो प्रदेश के ग्राम्य जीवन, प्रेम, और संस्कृति को अभिव्यक्त करती है। इस गीत का विशेष महत्व यह है कि यह छत्तीसगढ़ की जनभावनाओं और सांस्कृतिक धरोहर को संजोए हुए है। इसी भावना को जीवंत करने के लिए गुढ़ियारी के पहाड़ी चौक के गणेश पंडाल में इस गीत को थीम बनाया गया है। सजावट में छत्तीसगढ़ के ग्रामीण जीवन की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई देती है, जो लोक परंपरा को जीवंत करती है और लोगों को अपनी जड़ों से जुड़े रहने का संदेश देती है।
सजावट की खासियत
इस गणेश पंडाल में छत्तीसगढ़ के ग्राम्य जीवन की सजीव झांकी प्रस्तुत की गई है। मिट्टी के घर, हरे-भरे खेत, बैल, हल, और ग्रामीण झोपड़ियां सजावट का हिस्सा हैं, जो छत्तीसगढ़ की ग्रामीण संस्कृति और उसकी सादगी को दर्शाते हैं। गणेश जी की प्रतिमा भी पारंपरिक छत्तीसगढ़ी परिधान में सजाई गई है, जिससे पूरे पंडाल में लोकजीवन का अनूठा संगम देखने को मिलता है। पंडाल के चारों ओर ग्रामीण परिवेश को ध्यान में रखते हुए सजावट की गई है, जिसमें छत्तीसगढ़ की मिट्टी की महक और उसकी सांस्कृतिक समृद्धि को विशेष रूप से उभारा गया है।
सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने का संदेश
गणेशोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज की सांस्कृतिक धरोहर और परंपराओं को संजोने का भी एक माध्यम बनता जा रहा है। रायपुर के इस पंडाल ने न केवल धार्मिक आस्था को मजबूती दी है, बल्कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति को एक नए आयाम के साथ प्रस्तुत किया है। इस प्रकार का आयोजन हमें अपनी परंपराओं और लोककला से जुड़े रहने का संदेश देता है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।
14 सितंबर को भव्य कवि सम्मेलन
गणेशोत्सव के इस भव्य आयोजन के साथ ही 14 सितंबर को ॐ रिद्धि-सिद्धि गणेश उत्सव समिति द्वारा एक विशाल कवि सम्मेलन का आयोजन भी किया जा रहा है। इस सांस्कृतिक और साहित्यिक आयोजन में छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित गीतकार मीर अली मीर अपनी प्रसिद्ध रचना 'नंदा जाही का रे' का भावपूर्ण काव्य पाठ करेंगे। उनकी प्रस्तुति इस कवि सम्मेलन का मुख्य आकर्षण होगी।
इस कार्यक्रम में प्रदेश के कई वरिष्ठ और प्रतिष्ठित कवि भी शामिल होंगे, जिनमें रामेश्वर शर्मा, राममूरत शुक्ल, मिनेश साहू, डॉ. इन्द्रदेव यदु और हास्य कवि यशवंत यदु "यश" शामिल हैं। ये सभी कवि अपनी रचनाओं के माध्यम से श्रोताओं का मन मोह लेंगे और इस आयोजन को एक साहित्यिक महोत्सव के रूप में स्थापित करेंगे।
रतलाम में शनिवार रात को गणेश प्रतिमा जुलूस के दौरान बवाल हो गया। जुलूस में शामिल लोगों का आरोप है कि वे प्रतिमा लेकर नाचते गाते जा रहे थे। इसी दौरान अंधेरे से किसी ने मूर्ति की ओर पत्थर फेंका। इसके बाद जुलूस में शामिल लोग आक्रोशित हो गए। जैसे ही यह खबर फैली बड़ी संख्या में लोग मौक पर जमा हो गए और जाम लगा दिया। करीब 500 की संख्या में मौजूद लोगों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और उसने जांच के बाद कार्रवाई की बात कही।
फिर भी भीड़ नहीं मानी और उसने स्टेशन रोड थाने का घेराव कर दिया। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया। पुलिस घटनास्थल के समीप लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाल रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मामला दर्ज होने के बाद लौट रहे लोगों पर एक बार फिर किसी ने पत्थर फेंका। इसके लोग और भड़क गए और जवाब में भी पत्थर फेंके गए। हालांकि मौके पर मौजूद पुलिस ने फौरन स्थिति को संभाला। इस दौरान पुलिस को हल्का लाठीचार्ज भी करना पड़ा।
लोगों ने बताया कि जुलूस जब रतलाम के मोचीपुरा से गुजर रहा था तभी गणेश प्रतिमा पर पत्थर पर फेंकने की घटना हुई। आक्रोशित हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं को जब इसकी जानकारी लगी तो उन्होंने स्टेशन रोड थाना की ओर सड़क जाम कर दी। हालांकि पत्थर फेंकने का कोई वीडियो सामने नहीं आया है। आक्रोशित हिंदू संगठन के लोग आरोपियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर थाने पहुंचे और नारेबाजी की। पुलिस ने उन्हें समझाया और अज्ञात के खिलाफ FIR दर्ज की।
घटना शनिवार देर रात 9 बजे के करीब हुई। रात 11 बजे के आसपास एक युवक ने एफआईआर दर्ज कराई। इसमें युवक ने बताया कि वह नमकीन की दुकान चलाता है। समिति के लोग खेतलपुर से गणेश प्रतिमा लेकर मेहंदीकुई बालाजी से हाथीखाना मोचीपुरा होते हुए जा रहे थे। जुलूस में महिलाएं, बच्चे भी शामिल थे। उनका जुलूस जब हाथीखाना रोड पर मोचीपुरा पहुंचा, तभी अंधेरे से किसी ने मूर्ति पर पत्थर फेंका। युवक ने कहा कि पत्थर उसके पास से होकर निकला। इससे मूर्ति क्षतिग्रस्त हो सकती थी।
विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री गौरव शर्मा ने कहा कि किसी ने पत्थरबाजी की है। पुलिस आरोपी को कानून के कटघरे में लाए। वहीं सीएसपी अभिनव बारंगे ने कहा- रात में गणेश प्रतिमा ले जाई जा रही थी। जुलूस में शामिल लोगों में से कुछ का यह कहना है कि उन पर पत्थर फेंके गए। इसकी तस्दीक के लिए सीसीटीवी कंट्रोल रूम में शिकायतकर्ता को भेजा गया, जिसने पत्थर फेंकने के आरोप लगाए हैं। आसपास के कैमरों को खंगाला जा रहा है। केस दर्ज कर लिया गया है। स्थिति नियंत्रण में है।
]]>“मेरी माटी के गणेश’’
भोपाल
संचालनालय पुरातत्व अभिलेखागार एवं संग्रहालय द्वारा मिट्टी के गणेश निर्माण एवं विभागीय प्रतिकृतियों की प्रशिक्षण कार्यशाला 4 सितम्बर को प्रात: 10 से दोपहर 2 बजे तक होगी।
कार्यशाला में भाग लेने के लिये विभागीय वेबसाइट https://archaeology.mp.gov.in से पंजीयन फार्म डाउनलोड कर अपना फार्म भरकर ई-मेल mparcharology@gmail.com पर भेज सकते हैं। इसके अलावा विभाग में ऑफलाइन पंजीयन भी कर सकते हैं।
मध्यप्रदेश की विपुल पुरासम्पदा की सुरक्षा, रख-रखाव एवं इसके प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से पुरातत्व संचालनालय द्वारा प्रदेश में बिखरी उत्कृष्ट एवं पुरातत्वीय दृष्टि से महत्वपूर्ण कलाकृतियों को संग्रहालयों में संरक्षित किया गया है। इन्हीं कलाकृतियों में से उत्कृष्ट श्रेणी की विलक्षण एवं अद्भुत प्राचीन प्रतिमाओं की प्रतिकृतियों का निर्माण कराया जाता है, जिन्हें लागत मूल्य पर प्रचार-प्रसार के लिये जन-सामान्य को विक्रय किया जाता है। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए 4 सितम्बर को संचालनालय पुरातत्व, बाणगंगा मार्ग, भोपाल में जन-सामान्य के लिये “मेरी माटी के गणेश’’ शीर्षक से कार्यक्रम के अंतर्गत मिट्टी के गणेश निर्माण एवं विभागीय प्रतिकृतियों के निर्माण का प्रशिक्षण दिया जायेगा।
प्रतिभागी निर्माण की गई एक गणेश प्रतिमा को अपने साथ भी ले जा सकेंगे। यह प्रशिक्षण कार्यशाला नि:शुल्क रहेगी। प्रतिभागियों को संचालनालय की तरफ से प्रमाण-पत्र भी दिये जायेंगे। प्रभारी अधिकारी मॉडलिंग पुरातत्व आशुतोष उपरीत ने बताया कि कार्यशाला का आयोजन प्रतिभागियों को विभागीय प्रतिकृति निर्माण से संबंधित जानकारी एवं पुरातत्वीय धरोहरों के प्रति रुचि उत्पन्न करने के लिये कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है।
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अगर आप अपने जीवन में किसी तरह की परेशानी का सामना कर रहे हैं या फिर तरक्की और सुख समृद्धि हासिल करना चाहते हैं। तो आज हम आपको कुछ ऐसे उपायों के बारे में बताते हैं जो आपके जीवन के आकस्मिक संकटों को टाल देंगे और घर में सुख समृद्धि लेकर आएंगे।
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