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पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि नगरीय क्षेत्र के रहवासियों को भूमि स्वामी अधिकार-पत्र देने की धारणाधिकार योजना से नागरिक भूमि के मालिक बन गये हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से पहले निवासरत नागरिकों का सर्वे किया गया था। सर्वे के आधार पर ऐसे रहवासी, जो 2014 के पूर्व जहां रह रहे थे, वहां उन्हें भूमि स्वामी का अधिकार-पत्र दिया गया है। निवास कार्यालय पर राज्य मंत्री श्रीमती गौर ने खजूरी कला बरखेड़ा पठानी आदि बस्तियों के 61 रहवासियों को भूमि स्वामी अधिकार-पत्र वितरित किये।
राज्य मंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि जिन रहवासियों को भूमि स्वामी अधिकार-पत्र दिये गये हैं। इससे वे अपना आवास बनाने के लिये बैंक से ऋण ले सकते हैं। अपने घर का बिजली-पानी कनेक्शन आदि भी ले सकतें हैं। उन्हें अब किसी के द्वारा हटाये जाने का डर नहीं रहेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा शहरी क्षेत्र के रहवासियों को यह सौगात दी गई है। राज्य मंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि इस योजना में अब संशोधन कर 2019 तक के रहवासियों को भी शामिल किया जा रहा है। शहरी क्षेत्र में जो व्यक्ति 2019 तक जहां निवास कर रहा था, वहां का सर्वे किया जा रहा है। सर्वे के बाद उन्हें भी भूमि स्वामी अधिकार-पत्र प्रदान किया जायेगा। इस अवसर पर सुरेन्द्र वाटिका, वी.शक्ति राव, नीरज सिंह, श्रीमती मधु सिबनानी, एसडीएम एमपी नगर एल.के. खरे, तहसीलदार एमपी नगर आलोक पारे, नायब तहसीलदार सुशिवांगी खरे और भू-स्वामी अधिकार-पत्र प्राप्त करने वाले हितग्राही उपस्थित रहे।
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दीपावली मिलन समारोह में राज्यमंत्री श्रीमती गौर
राज्यमंत्री गौर ने हिन्दी भवन में आयोजित दीपावली मिलन समारोह को संबोधित किया
भोपाल
पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि दीपावली पर्व का सांस्कृतिक के साथ आर्थिक महत्व भी है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर शुक्रवार को मध्यप्रदेश राष्ट्र भाषा प्रचार समिति के हिन्दी भवन में आयोजित दीपावली मिलन समारोह को संबोधित कर रही थीं।
राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि दीपावली पर्व का महत्व सांस्कृतिक के साथ आर्थिक भी है। धनतेरस से शुरू होने वाला 5 दिवसीय दीपावली पर्व सभी वर्गों को लाभान्वित करता है। ऐसा कोई वर्ग नहीं है, जिसे दीपावली पर आय नहीं होती है। मिट्टी के दिये, खिलौने, बताशे, मिठाई, नये वस्त्र आदि का भरपूर व्यवसाय मिलता है, जिससे आय होती है। यह आय बाजार में पहुँचती है और समाज की व्यवस्था को संतुलित करती है। उन्होंने कहा कि मिलन समारोह के अवसर पर समाज में उत्कृष्ट सेवाएँ देने वाले समाज-सेवियों का राष्ट्र भाषा प्रचार समिति ने सम्मान किया है। यह एक अच्छी परम्परा है। आने वाली पीढ़ियाँ उत्कृष्ट कार्य करने वालों से प्रेरणा प्राप्त करेंगी। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया की 5वीं बड़ी अर्थ-व्यवस्था बन चुका है और आर्थिक क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे पर्व, त्यौहार और मिलन समारोह परस्पर खुशियाँ बाँटने और विचारों को साझा करने के माध्यम होते हैं। हमारी संस्कृति उत्सव प्रधान संस्कृति है।
दीपावली मिलन समारोह के अध्यक्षीय उद्बोधन में पूर्व सांसद रघुनंदन शर्मा ने कहा कि भारतीय संस्कृति में त्यौहारों का बहुत महत्व है। हमें अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन तत्परता से करना चाहिये। कार्यक्रम के प्रारंभ में मध्यप्रदेश राष्ट्र भाषा प्रचार समिति के अध्यक्ष कैलाशचंद्र पंत ने स्वागत उद्बोधन दिया। ख्याति प्राप्त चिकित्सक डॉ. केशव सुंदरदास बुधवानी, वरिष्ठ पत्रकार रमेश शर्मा, प्रतिष्ठित अधिवक्ता सुशील तापड़िया, लेखिका और समाज-सेविका श्रीमती श्यामा गुप्ता, व्यवसायी और समाज-सेवी सुनील जैन, गौ-सेवक प्रहलाद दास मंगल, उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सेवाएँ देने वाली डॉ. ललिता त्रिपाठी और शिक्षा एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का सम्पादन कर रहीं डॉ. मंजुलता शुक्ल और व्यायाम एवं एलोवेरा, गिलोय आदि औषधियों का प्रचार-प्रसार कर रहे राधाकृष्ण गुरु को सम्मानित किया गया। डॉ. रंजना अरगड़े, डॉ. संजय सक्सेना, श्रीमती अनीता सक्सेना, सुनील सक्सेना सहित बड़ी संख्या में नागरिक कार्यक्रम में उपस्थित थे। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी दी गयीं।
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