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इजरायल ने एक बार फिर गाजा में हमला किया है. इजरायली सेना ने गाजा में एक पेट्रोल स्टेशन और एक स्कूल पर मंगलवार (16 जुलाई) को बमबारी की. वहीं, तीन अलग-अलग हमलों में दर्जनों फिलिस्तीनी मारे गए. एफपी की रिपोर्ट के मुताबिक, गाजा नागरिक सुरक्षा प्रवक्ता महमूद बसल ने कहा कि युद्धग्रस्त फिलिस्तीनी क्षेत्र में एक घंटे के भीतर तीन हवाई हमलों में कम से कम 44 लोग मारे गए. जबकि, दर्जनों लोग घायल हुए हैं. इस दौरान इजराइल का कहना है कि उसने दो हमले किए हैं.
रिपोर्ट के अनुसार, स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी देते हुए बताया कि दक्षिणी गाजा के अल-मवासी में एक पेट्रोल स्टेशन पर हुए हमले में 17 लोग मारे गए. इसके अलावा फिलिस्तीनी रेड क्रिसेंट ने कहा कि लगभग उसी समय मध्य गाजा के नुसेरात शरणार्थी शिविर में संयुक्त राष्ट्र द्वारा संचालित अल-रजी स्कूल पर हुए एक अलग हमले में 5 लोग मारे गए हैं.
रविवार को हुए हमले में 92 लोगों मौत- स्वास्थ्य मंत्रालय
वहीं, नागरिक सुरक्षा एजेंसी ने कहा कि इजरायल का तीसरा हमला उत्तरी गाजा में एक गोल चक्कर के पास लोगों की भीड़ पर किया गया था. हालांकि, इसमें मृतकों की सटीक संख्या नहीं बताई गई है. बता दें कि, गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि बीते रविवार (14 जुलाई) को हुए हमलें में कम से कम 92 लोग मारे गए थे. इस दौरान फिलिस्तीनी रेड क्रिसेंट के डॉक्टरों ने बताया कि उन्होंने दक्षिणी शहर खान यूनिस के बाहर एक घर से 4 शव और नुसेरात शिविर से 1 शव बरामद किया है.
गाजा में लगभग "40 आतंकवादी ठिकानों" पर किया अटैक- IDF
उधर, इजरायली सेना का कहना है कि उसके फाइटर जेट्स ने गाजा में लगभग "40 आतंकवादी ठिकानों" पर हमला किया, जिनमें "स्नाइपर चौकियां, निगरानी चौकियां, हमास सैन्य बिल्डिंग, आतंकवादियों के ठिकानों और विस्फोटकों से भरी इमारतें" शामिल हैं. साथ ही कहा गया कि इजरायली सैनिक दक्षिणी शहर राफाह और मध्य गाजा में अपने छापे जारी रखे हुए हैं.
इजरायल और हमास के बीच युद्ध में 38 हजार से ज्यादा लोगों की मौत
इजरायल और हमास के बीच युद्ध की शुरुआत 7 अक्टूबर को हुई थी. जिसमें हमास द्वारा इजरायल पर एक के बाद एक कई हमले किए थे. जिसके बाद 1,195 लोग मारे गए, जिनमें से ज्यादातर नागरिक थे. बता दें कि, उग्रवादियों ने 251 लोगों को बंधक भी बना लिया, जिनमें से 116 अभी भी गाजा में हैं, जिनमें से 42 के बारे में इजरायली सेना का कहना है कि वे मर चुके हैं. हालांकि, गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, इजरायल ने जवाबी सैन्य हमला किया जिसमें कम से कम 38,713 लोग मारे गए, जिनमें अधिकतर नागरिक थे.
]]>कार्यालय ने कहा कि गाजा में हर 10 में से नौ लोगों के विस्थापित होने का अनुमान है, विस्थापन की नई लहरें मुख्य रूप से उन लोगों को प्रभावित कर रही हैं, जो पहले भी कई बार विस्थापित हो चुके हैं, लेकिन फिर से उन्हें भागने के लिए मजबूर होना पड़ा है. उन्हें बार-बार अपना जीवन फिर से शुरू करने के लिए मजबूर होना पड़ता है.
गाजा में लोग, खासकर बच्चे, हर दिन पानी इकट्ठा करने के लिए घंटों कतार में खड़े रहते हैं. आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच भी एक बड़ी चुनौती है. उत्तरी गाजा में, आंतरिक रूप से विस्थापित 80,000 लोगों के लिए कोई शिविर नहीं है, इन्हें जून के अंत में यहां आने के लिए मजबूर होना पड़ा. कई लोग ठोस कचरे और मलबे के बीच सोते हुए पाए गए, उनके पास गद्दे या कपड़े भी नहीं थे, और कुछ ने आंशिक रूप से नष्ट हो चुकी संयुक्त राष्ट्र सुविधाओं और आवासीय भवनों में आश्रय लिया था.
मानवीय मामलों के संयुक्त राष्ट्र कार्यालय ने कहा कि इजरायली सेना ने इन क्षेत्रों को निकासी क्षेत्र के रूप में नामित किया, जिससे पिछले दो हफ्तों में छोटे बच्चों और बुजुर्गों सहित कई परिवारों को विस्थापन की लहरों से गुजरना पड़ा. यहां मानवीय कार्यों को जारी रखने के लिए ईंधन और दूसरी चीजों की गंभीर कमी हो गई है, साथ ही गर्मी के कारण आपूर्ति (विशेष रूप से भोजन) के खराब होने और संक्रमण का जोखिम भी बढ़ गया है.
गाजा में 18 बेकरी में से केवल सात ही चालू हैं, सभी देर अल बलाह में हैं, और पहले से ही आंशिक क्षमता पर काम कर रही छह बेकरी को अब ईंधन की कमी के कारण पूरी तरह से बंद करने के लिए मजबूर होना पड़ा है. कार्यालय ने कहा कि खाना पकाने की गैस और खाद्य आपूर्ति की कमी के चलते सामुदायिक रसोई भी काम करने के लिए संघर्ष कर रही हैं. यहां पका हुआ भोजन मिलना मुश्किल हो गया है. विस्थापित परिवार खाना पकाने के लिए फर्नीचर और कचरे से लकड़ी और प्लास्टिक जलाने पर निर्भर हैं, जिससे स्वास्थ्य जोखिम और पर्यावरणीय खतरे बढ़ रहे हैं.
खाना पकाने के लिए, मानवीय एजेंसी ने कहा कि वे गेहूं का आटा और डिब्बाबंद भोजन वितरित कर रहे हैं लेकिन एरेज वेस्ट क्रॉसिंग बंद होने से अब इसमें भी बाधा आ रही है. संयुक्त राष्ट्र खाद्य और कृषि संगठन और संयुक्त राष्ट्र उपग्रह केंद्र द्वारा किए गए एक संयुक्त आकलन में अनुमान लगाया गया है कि गाजा की लगभग 57 प्रतिशत कृषि योग्य भूमि और उसके एक तिहाई ग्रीनहाउस क्षतिग्रस्त हो गए हैं. स्थानीय बाजार में मांस और मुर्गी जैसे भोजन की भी भारी कमी है, स्थानीय रूप से उत्पादित कुछ सब्जियां ही सस्ती कीमतों पर उपलब्ध हैं.
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