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डॉक्टर की सलाह के बिना गर्भपात की दवाएं लेने का चलन महिलाओं और युवतियों के लिए गंभीर संकट बनता जा रहा है। हाल ही में बुरहानपुर में दवा दुकान से गर्भपात की दवा लाकर खिलाने से एक गर्भवती छात्रा की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। शहर के सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में भी हर दिन ऐसी युवतियां व महिलाएं पहुंच रही हैं, जिनकी हालत दवा लेने के बाद बिगड़ जाती है। सरकारी अस्पतालों में ऐसे औसतन करीब आधा दर्जन मामले सामने आ रहे हैं। डॉक्टर्स का कहना है कि कई बार गर्भपात अधूरा रह जाता है जिससे अत्यधिक रक्तस्राव होने से युवतियों, महिलाओं के शरीर का सिस्टम फेल होने लगता है। ऐसे कई मामले जानलेवा साबित होते हैं।
नियमों की अनदेखी, खुलेआम बिक रहीं दवाएं
कलेक्टर की गाइडलाइन के बावजूद मेडिकल स्टोर्स पर इन दवाओं की बिक्री पर कोई सख्ती नहीं है। बिना प्रिस्क्रिप्शन के दवाएं बेची जा रही हैं, यहां तक कि पुरुषों को भी आसानी से उपलब्ध करा दी जाती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, गर्भपात एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है, जिसे तय समय-सीमा और डॉक्टर की निगरानी में ही किया जाना चाहिए। सोनोग्राफी और जरूरी जांच के बाद ही दवा दी जानी चाहिए। डॉक्टरों का कहना है कि अधूरे गर्भपात के कारण अत्यधिक खून बहने से महिलाओं का ब्लड प्रेशर गिर जाता है और शरीर का सिस्टम फेल होने लगता है। कई मामलों में जान तक चली जाती है।
कैलाशनाथ काटजू, हमीदिया और अन्य अस्पतालों में रोजाना ऐसे आधा दर्जन मामले सामने आ रहे
राजधानी के ही सरकारी और निजी अस्पतालों में ऐसे कई केस आते हैं। कैलाशनाथ काटजू, हमीदिया और अन्य अस्पतालों में रोजाना ऐसे आधा दर्जन मामले सामने आ रहे हैं, जहां महिलाएं या लड़कियां अनचाहे गर्भ को छुपाने खुद ही दवा खरीदकर खा लेती हैं। कई मामलों में गर्भपात अधूरा रह जाता है, जिससे संक्रमण और अत्यधिक रक्तस्राव होता है। ऐसे में कई युवतियों की हालत गंभीर हो जाती है।
काटजू अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. ज्योति खरे इस मुद्दे पर महिलाओं, युवतियों में जागरूकता की जरूरत जताती हैं। उनका कहना है कि हर दिन ऐसी महिलाएं व युवतियां अस्पताल पहुंच रही हैं, जो अधिक रक्तस्राव के कारण एनीमिया का शिकार हो रही हैं। बिना प्रिस्क्रिप्शन दवाओं की बिक्री पर सख्ती और महिलाओं को जागरूक करना बेहद जरूरी है।
प्रमुख बिंदु
महिलाओं को अधूरे गर्भपात से बढ़ रहा खतरा
बिना डॉक्टरी सलाह अबॉर्शन पिल जानलेवा बनीं
अत्यधिक रक्तस्राव से हो रहा एनिमिया
मेडिकल स्टोर्स में बिना पर्चा बिक रहीं दवाएं
पुलिस की ओर से महिला सुरक्षा को लेकर लगवाए गए एक अन्य पोस्टर पर लिखा था, ‘अंधेरे और सुनसान इलाकों में दोस्तों के साथ न जाएं, आपके साथ रेप या गैंगरेप हो सकता है.’ इस तरह के संदेशों को लेकर सोशल मीडिया पर भारी विरोध शुरू हो गया. पुलिस अधिकारियों ने सफाई देते हुए बताया कि ये पोस्टर ‘सतर्कता’ नामक एक संगठन द्वारा ट्रैफिक जागरूकता के लिए प्रस्तावित किए गए थे. डीसीपी (ट्रैफिक वेस्ट) नीता देसाई और एसीपी (ट्रैफिक एडमिन) शैलेश मोदी ने कहा कि पुलिस को पोस्टर की पूरी सामग्री की जानकारी नहीं थी और जैसे ही विवाद बढ़ा इन्हें तुरंत हटवा दिया गया.
पुलिस ने झाड़ा पल्ला
वहीं, पुलिस ने इस विवाद से अपना पल्ला झाड़ने की कोशिश की है. एसीपी (ट्रैफिक) एनएन चौधरी ने कहा, ‘हमने इस तरह की भाषा की अनुमति कभी नहीं दी थी.’ स्थानीय निवासी और सामाजिक कार्यकर्ता इस प्रकरण से आहत हैं. घाटलोडिया निवासी एक महिला भूमि पटेल ने कहा, ‘इस तरह के संदेश महिलाओं को दोषी ठहराते हैं, जबकि असल जिम्मेदारी सिस्टम की होती है.’ बोडकदेव की फिटनेस ट्रेनर ने इसे ‘मोरल पुलिसिंग’ करार देते हुए कहा कि यह पोस्टर महिला सुरक्षा का मजाक उड़ाते हैं.
महिलाएं नाराज
बता दें कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर समय-समय पर कैंपेन चलाए जाते हैं. पुलिस प्रशासन इसमें गैरसरकारी संस्थाओं का सहयोग भी लिया जाता है. अहमदाबाद के इस बार के पोस्टर कैंपेन में भी एनजीओ की मदद ली गई थी, पर जिस तरह से महिला सेफ्टी के लिए शब्दों का चयन किया गया, उससे बवाल मच गया. महिलाओं ने खासकर नाराजगी जताई है. नेहरू नगर निवासी एक महिला ने कहा, ‘इन पोस्टरों से वह मानसिकता उजागर होती है जो पीड़िता को दोष देती है और सुरक्षा में चूक के लिए जिम्मेदार संस्थाओं को बचा लेती है.’ इस विवाद ने एक बार फिर महिला सुरक्षा के नाम पर दी जा रही ‘नसीहतों’ के तरीके और उनके पीछे की सोच को कठघरे में खड़ा कर दिया है.
]]>नाइट क्लब, नशा और फिर जरा सी बात पर WWE जैसी फाइट। मध्य प्रदेश के इंदौर में एक बार फिर नशे की हालत में लड़कियों ने जमकर हंगामा किया। गंदी गालियां देते हुए मारपीट का यह वीडियो खूब वायरल हो रहा है।
घटना रविवार देर रात करीब 12 बजे की है। विजयनगर थाना क्षेत्र स्थित मल्हार मेगा मॉल के बाहर लाइट हाउस पब में रोज की तरह लड़के-लड़कियां शराब और नाच-गाने की मस्ती में झूम रहे थे। नाचने के दौरान धक्का लगने से कुछ लड़के-लड़कियों की दूसरे गुट से भिडंत हो गई।
मामूली बात ने देखते ही देखते बड़ा विवाद का रूप ले लिया। पब से लड़ते हुए सभी बाहर आ गए और फुटपाथ पर एक दूसरे को गिराकर पीटने लगे। नशे में चूर लड़कियां भी एक दूसरे को पीटने लगीं। एक-दूसरे के बाल खींचकर गिराती और लात-घूसे बरसाती दिखीं। ऊपर से गंदी गालियां भीं।
इस हाईवॉल्टेज ड्रॉमा को देखने के लिए भीड़ इकट्ठा हो गई। कुछ लोग बीच-बचाव की कोशिश करते रहे तो बाकी मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड करते रहे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों पक्ष पूरी तरह से शराब के नशे में डूबे थे और किसी की सुनने को तैयार नहीं थे। इस दौरान मौके पर बीट जवान पहुंचे। काफी देर बाद हंगामा शांत हो पाया।
विजयनगर थान के टीआई चंद्रकांत पटेल ने बताया कि एक लड़की की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई है। 20 साल की नेहा अजनार ने अपनी शिकायत में कहा है कि वह अपनी दोस्त के साथ मल्हार मेगा मॉल के क्लब में गई थी। क्लब से बाहर निकलते समय काली शर्ट पहने एक लड़के ने पीछे से कॉमेंट किया। बाहर निकलने के बाद उन लड़के लड़कियों ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर हमला कर दिया।
]]>नाइट क्लब, नशा और फिर जरा सी बात पर WWE जैसी फाइट। मध्य प्रदेश के इंदौर में एक बार फिर नशे की हालत में लड़कियों ने जमकर हंगामा किया। गंदी गालियां देते हुए मारपीट का यह वीडियो खूब वायरल हो रहा है।
घटना रविवार देर रात करीब 12 बजे की है। विजयनगर थाना क्षेत्र स्थित मल्हार मेगा मॉल के बाहर लाइट हाउस पब में रोज की तरह लड़के-लड़कियां शराब और नाच-गाने की मस्ती में झूम रहे थे। नाचने के दौरान धक्का लगने से कुछ लड़के-लड़कियों की दूसरे गुट से भिडंत हो गई।
मामूली बात ने देखते ही देखते बड़ा विवाद का रूप ले लिया। पब से लड़ते हुए सभी बाहर आ गए और फुटपाथ पर एक दूसरे को गिराकर पीटने लगे। नशे में चूर लड़कियां भी एक दूसरे को पीटने लगीं। एक-दूसरे के बाल खींचकर गिराती और लात-घूसे बरसाती दिखीं। ऊपर से गंदी गालियां भीं।
इस हाईवॉल्टेज ड्रॉमा को देखने के लिए भीड़ इकट्ठा हो गई। कुछ लोग बीच-बचाव की कोशिश करते रहे तो बाकी मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड करते रहे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों पक्ष पूरी तरह से शराब के नशे में डूबे थे और किसी की सुनने को तैयार नहीं थे। इस दौरान मौके पर बीट जवान पहुंचे। काफी देर बाद हंगामा शांत हो पाया।
विजयनगर थान के टीआई चंद्रकांत पटेल ने बताया कि एक लड़की की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई है। 20 साल की नेहा अजनार ने अपनी शिकायत में कहा है कि वह अपनी दोस्त के साथ मल्हार मेगा मॉल के क्लब में गई थी। क्लब से बाहर निकलते समय काली शर्ट पहने एक लड़के ने पीछे से कॉमेंट किया। बाहर निकलने के बाद उन लड़के लड़कियों ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर हमला कर दिया।
]]>चौंकाने वाली बात यह है कि वीडियो में एक युवक चिलम जलाते हुए दिखाई दे रहा है, जबकि युवतियां धुएं के छल्ले बना रही हैं। सूत्रों के मुताबिक, ये युवतियां घर के लोगों के सोते ही देर रात गंजेडियों के साथ यहां पहुंचती हैं और खुलेआम नशा करती हैं। सुपर कॉरिडोर जैसी जगह पर इस तरह नशे का सेवन सुरक्षा व्यवस्था और सामाजिक मूल्यों पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।
अब सवाल यह है कि क्या पुलिस और प्रशासन इन युवतियों और इनके साथियों पर कोई कार्रवाई करेगा? इंदौर में युवाओं में बढ़ते नशे की लत पर लगाम लगाने के दावों के बावजूद ये घटनाएं उजागर हो रही हैं।
कल देर रात 2:30 बजे एरोड्रम सुपर कॉरिडोर निकली तो देखा कि ब्रिज पर कुछ खास हलचल तो नहीं थी लेकिन ब्रिज के डिवाइडर पर युवाओं का ग्रुप बैठा था। टीम ने उनपर ध्यान दिया तो पता चला कि युवकों के साथ युवतियां बंसी में गांजा भरकर दम मार रही है। मुंह से ऐसे खींच रही है जैसे नशे की आदि हो। युवतियों के साथ चार अन्य युवक भी खड़े थे जो युवती के मुंह में रखी बंसी को सुलगाने के लिए माचिस जलाकर आग दे रहे थे। यह घटना उस समय हुई जब इलाके में सन्नाटा रहता है, लेकिन रात का समय है। शहर में क्राइम रेट फ्लकचुएट होने के चलते कमिश्नर संतोष सिंह ने अधिकारियों को रात में टाइट पुलिसिंग के निर्देश दे रखे है। उसके बाद भी ऐसे इलाकों में पुलिस की पेट्रोलिंग गाड़ी गश्त करती नहीं दिखी और न ही बीट के पुलिसकर्मी दिखाई दिए।
घरवालों के सोने के बाद दरवाजा खोलकर निकली
गांजा पी रही एक युवती और युवक को बहाने से बुलाकर बात की और खुद को कॉलेज का छात्र होना बताकर घर से निकालने का बहाना बनाना पूछता तो युवती बोली कि मम्मी-पापा के सो जाने के बाद में घर का दरवाजा खोलकर निकल जाती हूं। युवती फिलहाल सुखलिया इलाके के मार्थोमा स्कूल में 11वीं की पढ़ाई कर रही है। युवक भी 11वीं कक्षा में है। वहीं, अन्य युवती और युवक भी 11वीं और 12वीं कक्षा में पढ़ाई कर रहे है।
]]>मध्यप्रदेश के सिंगरौली में 8वीं कक्षा में पढ़ने वाली नाबालिग छात्रा ने सरकारी स्कूल में एक बच्चे को जन्म दिया है. छात्रा को पेट में दर्द की शिकायत के बाद परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे थे जहां उसे इलाज के लिए भर्ती कराया था. इलाज के लिए जब डॉक्टरों ने जांच की तो पता चला की छात्रा 9 महीने की गर्भवती है. इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने तत्काल पुलिस को मामले की सूचना दी.
अस्पताल पहुंची पुलिस ने पूछताछ कर अज्ञात ऑटो चालक के खिलाफ रेप का मामला दर्ज किया है.
9 महीने पहले हुआ था दुष्कर्म
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि 9 महीने पहले वह छात्रावास से ऑटो में सवार होकर अपने घर जा रही थी. इसी दौरान ऑटो चालक ने सुनसान जगह पर पीड़ित छात्रा के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया था. इस घटना के बारे में छात्रा ने अपने परिजनों को नहीं बताया था. 21 मार्च को अचानक उसके पेट में दर्ज होना शुरू हुआ. इसके बाद परिजन उसे लेकर अस्पताल पहुंचे थे.
गर्भवती निकली छात्रा
अस्पताल में डॉक्टरों ने छात्रा की जांच करवाई, तो रिपोर्ट में छात्रा के पेट में 9 महीने का गर्भ होने का पता चला. डॉक्टरों ने जब परिजनों से पति के बारे में जानकारी मांगी, तो उन्होंने छात्रा नाबालिग और बिना शादीशुदा होना बताया. मामला संदिग्ध लगने पर अस्पताल प्रबंधन ने इसकी सूचना सरई पुलिस को दी.
ऑटो चालक पर केस दर्ज
इस पर पुलिस ने छात्रा के बयान के आधार पर अज्ञात ऑटो चालक के खिलाफ मामला दर्ज पर जांच शुरू कर दी है. सरई थात्रा प्रभारी जितेंद्र सिंह भदोरिया ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन से सूचना मिलते ही अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्द किया गया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है. आरोपी ऑटो चालक की तलाश की जा रही है.
गोविंदपुरी स्टेशन में इधर-उधर भटकते समय जब आरपीएफ ने किशोरी से बात की तो वह रोने लगी। इसके बाद आरपीएफ ने किशोरी के पिता को फोन किया। इसके बाद पता चला कि बेटी की गुमशुदगी का मुकदमा भोपाल के थाने में दर्ज है। इसके बाद दोनों ही जगहों की पुलिस ने आपस में संपर्क किया और कहा गया कि किशोरी को सुरक्षित रखें, उसे लेने आ रहे हैं।
किसी ने गलत ट्रेन पर चढ़ाया
बताया जा रहा है कि किशोरी भोपाल के आनंद नगर बिजली कॉलोनी निवासी राजकुमार लोधी की बेटी है। उसका नाम रोशनी है। रोशनी के अनुसार- वह रविवार को घर से महाकुंभ स्नान करने के लिए निकली थी। इस दौरान स्टेशन पर किसी ने गलत ट्रेन में चढ़ा दिया और वह गोविंदपुरी पहुंच गई। जब बेटी से संपर्क नहीं हुआ तो पिता ने गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवा दी।
परिजनों के पास पहुंची नाबालिग
इसके बाद मध्य प्रदेश पुलिस किशोरी की तलाश में जुटी थी। लेकिन जैसे ही परिवार को किशोरी के सकुशल होने की जानकारी मिली तो वे खुश हो गए। गोविंदपुरी जीआरपी ने उसे चाइल्ड लाइन को सौंप दिया इसके बाद बाद किशोरी का मेडिकल परीक्षण कराया गया और उसे परिजनों के हवाले कर दिया।
]]>संविद नगर में शनिवार रात एक युवती ने जमकर हंगामा किया। महिलाओं से हाथापाई और बाइक सवारों के साथ अभद्रता की। पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे, लेकिन महिला बल नहीं होने से असहाय खड़े रहे। घटना रात करीब तीन बजे की है।
जींस-टीशर्ट पहनी इस युवती ने सबसे पहले मूलचंद कौशल के घर दस्तक दी। दरवाजा खोलते ही जबरन अंदर घुसने लगी। इसके बाद विमला खरे के घर में घुस गई और उनके बेटे को पकड़ लिया।
पलंग पर सो गई
युवती को बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन वह पलंग पर सो गई। लोगों ने एक-दूसरे को कॉल कर महिलाओं को एकत्र किया। जैसे-तैसे उसे बाहर निकाला, युवती ने समझाने वाली महिलाओं से मारपीट करना शुरू कर दी।
कपड़ों का भी होश नहीं था
युवती को कपड़ों का भी होश नहीं था। उसने जूते खोल दिए और कपड़े उतारने लगी। भाजपा नेता राजा कोठारी के मुताबिक तिलक नगर थाने से पुलिसकर्मियों को बुलाया, लेकिन उन्होंने कहा कि महिला को नहीं पकड़ सकते। महिला बल नहीं होने से पुलिसकर्मी भी असहाय बने रहे।
इधर… नशे में धुत कार चालक ने राहगीरों को मारी टक्कर
इंदौर में कार चालक द्वारा राहगीरों व वाहनों को टक्कर मारने का मामला सामने आया है। लोगों ने चालक को जमकर पीटा। लोगों का आरोप है कि कार चालक शराब के नशे में था। ब्रेक की जगह एक्सीलरेटर दबाने से नियंत्रण खो बैठा था।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक लसूड़िया थाना अंतर्गत निपानिया में बालाजी स्काइज के समीप कार एमपी 09 जेडवाय 6128 ने दोपहिया वाहनों को चपेट में ले लिया। कार तेज रफ्तार में थी, फूड कोर्ट के पास दोपहिया वाहनों को टक्कर मारते हुए कार से टकरा गई।
एमवाय अस्पताल में भर्ती करवाया
कई युवक-युवतियां चपेट में आ गए। गुस्साई भीड़ ने चालक को पीटा। लोगों ने बताया कि चालक शराब के नशे में था। टीआई तारेश सोनी के मुताबिक आरोपित 20 वर्षीय पराग निवासी गोयल एवेन्यु निपानिया है। उसके विरुद्ध कुलदीप रामलाल अवचर निवासी निपानिया की शिकायत पर केस दर्ज किया है। कुलदीप को गंभीर अवस्था में एमवाय अस्पताल में भर्ती करवाया गया था।
]]>अमेरिका दुनिया का सबसे अमीर देश । ऐसा देश जहां जाने का सपना हर किसी का होता है ।कहते हैं जो इस देश चला गया , उसकी तो समझो लाइफ बन गई । आपने अमेरिका के बारे में यूं तो बहुत कुछ सुना होगा , लेकिन ऐसी बहुत सी बातें हैं , जो आप नहीं जानते होंगे ।
यहां की कई बातें आपको काफी हैरान कर सकती है । ये देश कितना धनी है इसका अंदाजा तो इसी बात से लगाया जा सकता है कि एप्पल , गगूल , माइक्रोसॉफ्ट जैसी दुनिया की बड़ी कंपनीज अमेरिकी कंपनीज हैं ।
यहां के 5 प्रतिशत लोगों के पास इतना ज्यादा पैसा है जितना दुनिया के 65 प्रतिशत लोगों के पास भी नहीं है । अमेरिका में जितने प्रतिशत लोग वोट देने नहीं जाते उससे कहीं ज्यादा लोग फेसबुक और वॉट्सएप यूज करते हैं ।
एक रिसर्च के अनुसार यहां की 40 प्रतिशत महिलाएं शादी से पहले बच्चे को जन्म देती हैं ।
यहां पर शादी को काफी कम महत्व दिया जाता है । – अमेरिका में मैरिड लोगों से ज्यादा उन लोगों की संख्या ज्यादा है
जिन्होंने अब तक शादी नहीं की या फिर उनका तलाक हो गया है ।अमेरिका में हर एक घंटे में 100 से ज्यादा तलाक होते हैं ।अमेरिका में 30 प्रतिशत बिजनेस की मालिक महिला ही है । यहां बिजनेस में महिलाओं का वर्चस्व है ।
यहां तक की किसी बडे पर महिला का ही कब्जा होता है । – लगभग 7 प्रतिशत अमेरिकी ये दावा करते हैं कि वे अपनी जिन्दगी में आज तक नहीं नहाए हैं ।
स्वास्थ के मामले में अमेरिका को दुनिया में अव्वल माना जाता है , लेकिन इसके बाद भी यहां के 20 से 30 प्रतिशत लोगों की मौत मेडिकल ट्रीटमेंट की गलतियों से होती है
और यहां अच्छे हेल्थ केयर के बावजूद यहां के लोगों की औसम आयु विकसित देशों से काफी कम है ।
सिक्योरिटी के मामले में अमेरिका को अच्छा माना जाता है लेकिन फिर भी दुनिया का आधा क्रेडिट कार्ड फ्रॉड अमेरिका में होता है ।
अमेरिकी महिलाओं में एक दशक पहले की तुलना में बच्चे पैदा करने की संभावना अधिक है
2024 में प्रसव उम्र के अंतिम पड़ाव पर पहुंची अमेरिकी महिलाओं में से जिन्होनें कभी बच्चे को जन्म दिया है, उनकी हिस्सेदारी 10 साल पहले की तुलना में अधिक थी। यू.एस. जनगणना ब्यूरो के आंकड़ों के प्यू रिसर्च सेंटर के विश्लेषण के अनुसार, 40 से 44 वर्ष की आयु की लगभग 86% महिलाएँ माताएँ हैं, जबकि 2016 में यह 80% थी। 1 इस आयु वर्ग की महिलाओं में से जो माताएँ हैं, उनकी हिस्सेदारी 1990 के दशक की शुरुआत में जितनी थी, उतनी ही है।
न केवल महिलाओं के माँ बनने की संभावना पहले से ज़्यादा है, बल्कि वे ज़्यादा बच्चे भी पैदा कर रही हैं। कुल मिलाकर, महिलाओं के जीवन में औसतन 2.07 बच्चे होते हैं – 2006 में 1.86 से बढ़कर, जो रिकॉर्ड पर सबसे कम संख्या है। और जो माताएँ हैं, उनके परिवार का आकार भी बढ़ गया है। 2016 में, अपने बच्चे पैदा करने की उम्र के अंत में माताओं ने लगभग 2.42 बच्चे पैदा किए, जबकि 2008 में यह संख्या 2.31 थी।
मातृत्व और प्रजनन क्षमता में हाल ही में हुई वृद्धि इस धारणा के विपरीत प्रतीत हो सकती है कि अमेरिका मंदी के बाद "बेबी बस्ट" का अनुभव कर रहा है। हालांकि, प्रत्येक प्रवृत्ति एक अलग प्रकार के माप पर आधारित है। यहाँ विश्लेषण जीवन भर की प्रजनन क्षमता के संचयी माप पर आधारित है, एक महिला द्वारा अब तक जन्म दिए गए जन्मों की संख्या; इस बीच, अमेरिका में प्रजनन क्षमता में गिरावट की रिपोर्ट वार्षिक दरों पर आधारित है, जो एक समय में प्रजनन क्षमता को दर्शाती है।
]]>टीआइ सीके पटेल ने बताया कि घटना स्कीम-54 की है। युवती का नाम नंदनी धनोतिया निवासी नेहरूनगर है। नंदनी एमबीए की पढ़ाई कर रही है। दोपहर को वह दोस्त दीपेश जैन से मिलने गई थी। अचानक तीसरी मंजिल से नीचे गिर गई। गनीमत रही नंदनी नीचे बनी दुकान के शेड गिरी, जिससे उसकी जान बच गई। युवती के गिरने से लोग घबरा गए।
इंदौर में हिंदू लड़कियों के साथ फ्लैट में मिले फैजान को पुलिस ने किया गिरफ्तार, नशा करवाता थाइंदौर में हिंदू लड़कियों के साथ फ्लैट में मिले फैजान को पुलिस ने किया गिरफ्तार, नशा करवाता था
लोगों ने तुरंत ही पुलिस को मामले का सूचना दी। उसके बाद उसको लेकर अस्पताल पहुंच गए, जहां उसका इलाज चल रहा है। नंदनी के कमर और हाथों में चोट आई है।
पैर फिसलने से नीचे गिरी लड़की
टीआइ ने जानकारी दी कि नंदनी ने बयान में बताया कि दीपेश उसी के कॉलेज का छात्र है। वह उसका सीनियर है।वह उससे मिलने के लिए गई थी। इस दौरान मोबाइल पर फोन आ गया, तो वह बातचीत कर रही थी। मेरा ध्यान न होने की वजह से पैर फिसल गया और नीचे गिर गई।
हादसे के समय रूम में था दीपेश
दीपेश जैन ललितपुर का रहने वाला है। वह यहां किराये से रहकर पढ़ाई कर रहा है। उसने पुलिस को जानकारी दी कि हादसे के समय वह रूम में ही मौजूद था। नंदनी के मोबाइल पर कॉल आने से पहले वह बातचीत कर रहे थे।
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