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ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) में मध्य प्रदेश को ₹26.61 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले। यह समिट दो दिन चला। भोपाल को सबसे ज़्यादा ₹5.8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले। इंदौर और उज्जैन को लगभग ₹4.7 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले। अडानी ग्रुप, टोरेंट पावर, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड और अवाडा एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड जैसी बड़ी कंपनियों ने निवेश का वादा किया। ये निवेश रिन्यूएबल एनर्जी, हॉस्पिटैलिटी, माइनिंग, फ़ूड प्रोसेसिंग, IT, डेटा सेंटर और अर्बन डेवलपमेंट जैसे कई क्षेत्रों में होंगे।
भोपाल संभाग में सबसे अधिक दिलचस्पी
भोपाल और आसपास के इलाकों में ग्रीन एनर्जी, एविएशन, हॉस्पिटैलिटी प्रोजेक्ट्स, हेल्थकेयर, एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस और अर्बन डेवलपमेंट में निवेश की खास रुचि दिखाई गई। NHAI ने इंदौर-भोपाल-जबलपुर ग्रीनफील्ड हाई-स्पीड कॉरिडोर बनाने की योजना का ऐलान किया। इस प्रोजेक्ट में ₹1.3 लाख करोड़ का निवेश होगा। इसके लिए मध्य प्रदेश सरकार के साथ MoU साइन हुआ है। यह MoU जमीन अधिग्रहण और स्थानीय सहायता के लिए है।
केन्स टेक्नोलॉजी ने भोपाल के IT पार्क में SMT मैन्युफैक्चरिंग के लिए ₹352 करोड़ निवेश करने का वादा किया है। इससे करीब 1,650 नौकरियां पैदा होंगी। InAvia Aviation Consultants GmbH और MP सिविल एविएशन के बीच ₹500 करोड़ के निवेश से भोपाल में मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहाल यूनिट बनाने के लिए MoU साइन हुआ। प्रधान एयर के साथ एक और MoU हुआ। इसके तहत ₹150 करोड़ के निवेश से मध्य प्रदेश में उज्जैन एयर नाम की एक छोटी इंट्रा-स्टेट एयरलाइन शुरू होगी।
नीतियां कर रहीं आकर्षित
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च भोपाल में अपनी एक सुविधा स्थापित करेगा। इससे क्षेत्र के शैक्षणिक और अनुसंधान परिदृश्य को और समृद्ध करेगा। MPIDC के मैनेजिंग डायरेक्टर चंद्रमौली शुक्ला ने हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा कि हर सेक्टर पर केंद्रित नई नीतियों से प्रमुख निवेश प्रस्तावों को आकर्षित करने में मदद मिली है। आकर्षक नीतियों और राज्य में भूमि की उपलब्धता के कारण लगभग हर क्षेत्र ने शिखर सम्मेलन में निवेश प्रस्ताव प्राप्त किए हैं। इंदौर क्षेत्र में बहुत सारी पूछताछ हुई थी। शिखर सम्मेलन के दौरान विनिर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा, खनन और शहरी विकास ने अधिकतम निवेश के इरादे हासिल किए हैं।
यानी हर सेक्टर के लिए नई नीतियां बनाई गई हैं। इससे निवेशकों को आकर्षित करने में मदद मिली है। राज्य में अच्छी नीतियां और ज़मीन उपलब्ध होने के कारण लगभग हर क्षेत्र को निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इंदौर क्षेत्र में निवेशकों ने काफी पूछताछ की। सबसे ज़्यादा निवेश मैन्युफैक्चरिंग, रिन्यूएबल एनर्जी, माइनिंग और अर्बन डेवलपमेंट में आए हैं।
इंदौर में भी दिलचस्पी
इंदौर क्षेत्र ने ₹4.76 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव आकर्षित किए। इंदौर में टोरेंट पावर और अक्षत ग्रीनटेक प्राइवेट लिमिटेड ने बड़े निवेश का वादा किया है। हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में, इंडो यूरोपियन रिसर्च एंड हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड, रुसान फार्मा लिमिटेड, अल्फा लैबोरेटरीज लिमिटेड और मयंक वेलफेयर सोसाइटी इंडेक्स सिटी हॉस्पिटल ने निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। यह समिट मध्य प्रदेश के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। सरकार को उम्मीद है कि इन प्रस्तावों से लाखों नौकरियां पैदा होंगी। यह समिट राज्य के विकास के लिए एक गेम चेंजर साबित हो सकता है
संभाग- निवेश की प्रस्तावित राशि
भोपाल – 5 लाख 82 हजार 93 करोड़
उज्जैन- 4 लाख 77 हजार 506 करोड़
शहडोल – 1 लाख 58 हजार 402 करोड़
जबलपुर – 1 लाख 6 हजार 970 करोड़
रीवा – 68 हजार 475 करोड़
इंदौर– 4 लाख 76 हजार 245 करोड़
नर्मदापुरम– 2 लाख 93 हजार 522 करोड़
सागर – 53 हजार 657 करोड़
चंबल – 52 हजार 92 करोड़
ग्वालियर – 27 हजार 363 करोड़
कुल- 22 लाख 96 हजार 325 करोड़ रुपए
गौरतलब है कि एमपी में निवेशकों को लुभाने के लिए ग्लोबल इन्वेस्टर समिट से पहले रीजनल समिट आयोजित किए गए थे। रीजनल समिट के जरिए सरकार की कोशिश की थी कि हर क्षेत्र में विकास हो। उसका भी प्रभाव देखने को मिला है।
]]>मध्य प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने के लिए आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में रिलायंस इंडस्ट्रीज ने रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में 60,000 करोड़ रुपए के एमओयू साइन किए हैं। इस निवेश का लाभ राजगढ़ जिले को भी मिल सकता है, क्योंकि रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधि बायोगैस प्लांट के लिए जमीन की मांग कर चुके हैं।
अगर सब कुछ योजना के मुताबिक रहा, तो राजगढ़ में जल्द ही कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट स्थापित हो सकता है, जिससे जिले के औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलेगी।
रिलायंस के अधिकारियों की जिले में रुचि
10 अक्टूबर 2024 को रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधियों ने राजगढ़ कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा से मुलाकात कर बायोगैस प्लांट के लिए भूमि आवंटन की मांग की थी। इस मुलाकात के बाद, कलेक्टर ने संबंधित विभागों को लैंड बैंक तैयार करने और इस परियोजना को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए थे।
रिलायंस इंडस्ट्रीज का विजन
रिलायंस इंडस्ट्रीज के अधिकारी अनुपम जैन ने बताया रिलायंस का उद्देश्य है कि भारत को क्लीन और ग्रीन एनर्जी में लीडर बनाना चाहिए। नई पीढ़ी के लिए सस्टेनेबल यूचर क्रिएट करना हमारा लक्ष्य है। मध्य प्रदेश सरकार की नीति इस दिशा में सहायक है, इसलिए राज्य में बड़े पैमाने पर निवेश किया जा रहा है।
औद्योगिक विकास की नई उमीदें
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में साइन हुए एमओयू से राजगढ़ जिले में औद्योगिक निवेश की संभावनाएं प्रबल हो गई हैं। यदि कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट स्थापित होता है, तो इससे न केवल रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, बल्कि यह जिला ग्रीन एनर्जी सेक्टर में प्रदेश के अग्रणी जिलों में शामिल हो सकता है।
राजगढ़ में बायोगैस प्लांट की संभावनाएं क्यों ?
भूमि उपलब्धता: जिले में पहले से ही 2000 हेक्टेयर भूमि का लैंड बैंक तैयार है, जो औद्योगिक निवेश के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
सुविधाजनक लोकेशन: राजगढ़ का भौगोलिक स्थान, बेहतर आवागमन सुविधा, जल संसाधन और मानव संसाधन की उपलब्धता इसे औद्योगिक परियोजनाओं के लिए उपयुक्त बनाती है।
सरकार की नीतियां: मप्र सरकार रिन्यूएबल एनर्जी और बायोगैस प्लांट के विस्तार के लिए अनुकूल नीतियां बना रही है, जिससे ऐसी परियोजनाओं को बढ़ावा मिल रहा है।
विभाग को जमीन आवंटन करेंगे
अभी आईडीसी से आधिकारिक पत्र नहीं आया है, लेकिन हमें जैसे ही पत्र मिलेगा, हम संबंधित विभाग को जमीन आवंटन करेंगे। राजगढ़ में उद्योगों की स्थापना की अपार संभावनाएं हैं और हम इसे बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। -डॉ. गिरीश मिश्रा, कलेक्टर, राजगढ़
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव अब इस योजना पर फोकस कर रहे हैं। उन्होंने राजधानी भोपाल में आयोजित वैश्विक सम्मेलन ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट-2025 में इस योजना पर चर्चा की। जीआईएस के दूसरे दिन यानी 25 फरवरी को 'अनलॉकिंग लैंड वैल्यू इन सिटीज' सेशन आयोजित किया गया। इस सेशन में शहरों के विकास पर मंथन किया गया।
इस सेशन में हरियाणा के पूर्व सीएम और वर्तमान केंद्रीय मंत्री मनोहरलाल खट्टर एवं प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी मौजूद रहे। सेशन में सीएम मोहन यादव ने कहा कि हमारी सरकार बनने के बाद हमने कई सेक्टर में काम करने का संकल्प लिया।
हमने रीजनल इंडस्ट्रीज कॉन्क्लेव और इंवेस्टर समिट की। इस दौरान प्रदेश में रोजगार, उद्योग और निवेश का वातावरण बनाने का प्रयास किया। यह प्रयोग बहुत अच्छा रहा। इनकी वजह से हमें कई तरह के लाभ मिले। इन्हीं सबके बीच हमें पता चला कि राज्य के छोटे से छोटे स्थान पर भी इंवेस्टर समिट हो सकती है। इससे हमारा कॉन्फिडेंस बढ़ा। हमें पता चला कि नर्मदापुरम जैसी छोटी जगह पर भी निवेश की उम्मीदें हैं।
जगह छोटी पर फायदा बड़ा
सीएम यादव ने कहा कि कुछ समय पहले हम रिन्यूएबल एनर्जी के उपकरण निर्माण उद्योग के भूमि पूजन के लिए नर्मदापुरम के मुहासा-बाबई गए थे। यहां जब हम औद्योगिक केंद्र का भूमि पूजन कर रहे थे, तो उस वक्त 200 एकड़ जमीन थी। हमारा कार्यक्रम चालू ही था कि 400 एकड़ और जमीन की मांग आ गई। इस तरह जमीन की 800 एकड़ हो गई। हमने जब इस मांग को पूरा किया, तो पता चला कि 800 एकड़ जमीन की और मांग आ गई। यही छोटी-छोटी जगहों पर इंवेस्टर समिट करने का फायदा है।
इस तरह बसाएंगे महानगर
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि इंदौर को दिल्ली-मुंबई की तरह बनाना है और बाकी प्रदेश को इंदौर की तरह बनाना है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट ने निवेश का और काम करने का माहौल बना दिया है।
हम मेट्रोपॉलिटन कॉन्सेप्ट के आधार पर आसपास के जिलों को जोड़ेंगे। भविष्य में इंदौर-उज्जैन-देवास-शाजापुर-पीथमपुर (धार) को जोड़कर इंडस्ट्रियल सेंटर की कल्पना की है।
इस तरह सब मिलाकर लगभग 8000 किलोमीटर का पूरा क्षेत्र मिलाने की योजना है। मेट्रोपॉलिटन की कल्पना में मामले को कानूनी पेंच में उलझाने की बजाए एक आउट लाइन तय की है।
रोड-रेलवे-बिजली-पानी-सीवर लाइन जैसी सुविधाएं मुहैया कराएंगे।
इस तरह 25 सालों में इस क्षेत्र को महानगर के रूप में विकसित करेंगे। इसी तरह भोपाल-सीहोर-विदिशा-रायसेन-नर्मदापुरम का एक हिस्सा मिलाए जाने की कल्पना है।
एमपी का चहुंओर विकास होगा- मंत्री विजयवर्गीय
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि जिस तरह प्रदेश में निवेश हो रहा है उससे लग रहा है कि राज्य अग्रणी होगा। शहरीकरण देश की जरूरत है। 2047 तक हमारी जनसंख्या बढ़ेगी। चूंकि, हमें कल का प्रदेश बनाना है, इसलिए उस पर चिंतन करना जरूरी है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में सिर्फ दो दिन में 18 नई पॉलिसियों को मंजूरी दी गई। इन पॉलिसियों से प्रदेश का चहुंओर विकास होगा।
]]>ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट-2025 में आए विदेशी और स्वदेशी निवेशकों के लिये मानव संग्रहालय परिसर में "एक जिला-एक उत्पाद" जोन बनाया गया। यह जोन एक जिला-एक उत्पाद योजना में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से चयनित उत्पादों के परिचय और निवेश को आकर्षित करने के लिये बनाया गया। समिट में मध्यप्रदेश के एक जिला-एक उत्पाद योजना में स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बाजार उपलब्ध कराने की दृष्टि से "वन ड्रिस्ट्रिक-वन प्रोडक्ट विलेज" की वृहद प्रदर्शनी भी लगाई गई। जीआईएस में शामिल विदेशी निवेशकों और मेहमानों के लिये यह जोन विशेष आकर्षण का केन्द्र रहा। निवेशकों ने ओडीओपी जोन में अलग-अलग जिलों के चयनित उत्पादों को देखा, समझा और सराहा।
ओडीओपी जोन में दिखी प्रदेश की रंग-बिरंगी लोक संस्कृति की झलक
मानव संग्रहालय परिसर के स्थित ओडीओपी जोन में विदेशी निवेशकों और मेहमानों को प्रदेश की रंग-बिरंगी लोक संस्कृति की झलक दिखाई गई। बुंदेलखंड के बधाई, बैतूल के कोरकू समुदाय का गडली सुसुन नृत्य, बांसूरी की मधुर तान, ढोल और झुंझुरी की थाप ने पूरे माहौल को आनंदित कर दिया।
प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोक कलाकारों ने रंग-बिरंगे परिधानों से सजकर लोक नृत्य की प्रस्तुतियां दी। ओडीओपी जोन देखने आए निवेशकों और मेहमानों ने लोक कलाकारों का तालियों से उत्साहवर्धन किया और सेल्फी भी खिंचवाई।
आतिथियों ने स्थानीय उत्पादों को सराहा, व्यंजनों का उठाया लुत्फ
ओडीओपी जोन में प्रदेश के विभिन्न जिलों के विशिष्ट उत्पाद जैसे ग्वालियर सैंड स्टोन, बुरहानपुर केले के प्रोडक्ट, बैतूल मैटल की सजावट सामग्री, शिवपुरी जैकेट, सीहोर लकड़ी के खिलौने आदि उत्पादों का अवलोकन किया। सभी ने उत्पादों की गुणवत्ता और रचनात्मकता की सराहना की। मेहमानों ने बुंदेली, मालवी और परम्परागत जनजातीय व्यंजनों का लुत्फ उठाया।
ओडीओपी में शामिल है 52 जिलों के विशिष्ट उत्पाद
ओडीओपी योजना के अंतर्गत किसी क्षेत्र विशेष के विशेष उत्पादों को उनके भौगोलिक, जैविकीय, प्राकृतिक या उत्पादन की विशेषताओं के कारण शामिल किया जाता है। योजना में ऐसे उत्पादों का चयन कर उनके संरक्षण और संवर्द्धन के विशेष सरकारी प्रयास किये जाते है। इस समय मध्यप्रदेश के 52 जिलों में ओडीओपी योजना संचालित है, जिनमें हरी सब्जी, मोटे अनाज, क्राफ्टकला हथकरघा, हस्तशिल्प, उपकरण आदि शामिल है।
अब तक प्रदेश के 19 उत्पादों को मिला है जीआई टैग
प्रदेश सरकार द्वारा स्थानीय कलाकारों और उत्पादों को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। प्रदेश के अलग-अलग जिलों के 19 विशिष्ट उत्पादों को अब तक जीओ-ग्राफिकल इंडीकेशन्स (जीआई) टैग प्रदान किये गये है। इसमें चंदेरी साड़ी, बाग प्रिंट, नागपुरी संतरा, रतलामी सेंव, कड़कनाथ मुर्गा, चिन्नौर चावल, बुटिक प्रिंट, स्टोन क्राफ्ट, लेदर टॉय, बेल मेटल वेअर, महेश्वरी साड़ी, महोबा देशवारी पान, मुरैना गजक, सुंदरजा आम, शरबती गेहूँ, गोंड पेंटिंग, रॉट आयरन क्राफ्ट, हेन्डमेड कारपेट, वारासिवनी की हेंडलूम साड़ी शामिल है। इनमें से 7 उत्पाद ओडीओपी योजना में भी शामिल है।
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ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 के दूसरे दिन ‘लॉजिस्टिक्स: कनेक्टिंग एमपी टू द वर्ल्ड’ सत्र में मध्यप्रदेश को लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण विचार-विमर्श हुआ। इस अवसर पर विशेषज्ञों और अधिकारियों ने औद्योगिक कॉरिडोर, डिजिटल एकीकरण, निवेश अवसरों और लॉजिस्टिक्स इन्फ्रास्ट्रक्चर के विस्तार पर अपने विचार साझा किए।
मध्यप्रदेश लॉजिस्टिक्स ईज अक्रॉस डिफरेंट स्टेट्स (एलईएडीएस) इंडेक्स में ‘फास्ट मूवर’ के रूप में उभरते हुए इस क्षेत्र में अपनी स्थिति लगातार मजबूत कर रहा है। नियमों को सरल बनाने, एमएसएमई को बढ़ावा देने और निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने से प्रदेश एक लॉजिस्टिक पॉवर हाउस बनाने की ओर अग्रसर है। ऊर्जा दक्षता, इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार और अत्याधुनिक तकनीकों के समावेश से मध्यप्रदेश लॉजिस्टिक्स सेक्टर में नई संभावनाएं सृजित कर रहा है।
लॉजिस्टिक्स पॉवर हाउस में बदलता मध्यप्रदेश
सेशन की शुरुआत में एनवीडी विभाग के सचिव, जॉन किंग्सले ने प्रदेश में लॉजिस्टिक्स सेक्टर के मौजूदा परिदृश्य और नए निवेश अवसरों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश मजबूत परिवहन नेटवर्क, मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स ईकोसिस्टम के व्यापक विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। वर्तमान में मध्यप्रदेश लॉजिस्टिक्स का पावर हाउस बनकर उभर रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश के मध्य स्थित होने की वजह से रोड रेल और एयर कनेक्टिविटी आसान हो गई है।
सीईओ एनआईसीडीसी एवं चेयरमैन एनएलडीएसएल, राजत कुमार सैनी ने लॉजिस्टिक्स इन्फ्रास्ट्रक्चर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में औद्योगिक कॉरिडोर और डिजिटल टेक्नोलॉजी इंटीग्रेशन की भूमिका पर विशेष संबोधन दिया। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश लॉजिस्टिक्स की लागत को प्रभावी बनाने और परिवहन सुविधाओं को डिजिटल माध्यमों से अधिक सशक्त करने की दिशा में लगातार प्रयासरत है।
डब्ल्यूएआईपीए के डिप्टी एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, दुष्यंत ठाकोर ने वैश्विक निवेश परिदृश्य और मध्यप्रदेश के लॉजिस्टिक्स उद्योग में निवेश अवसरों पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश का रणनीतिक भौगोलिक स्थान और विकसित लॉजिस्टिक्स नेटवर्क इसे वैश्विक निवेशकों के लिए आकर्षक बनाता है।
द चार्टर्ड इंस्टीट्यूट ऑफ लॉजिस्टिक्स एंड ट्रांसपोर्ट इंडिया के सेक्रेटरी जनरल, संजीव गर्ग ने लॉजिस्टिक्स सेक्टर में नवाचार और आपूर्ति शृंखला की दक्षता बढ़ाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के लॉजिस्टिक्स हब बनने की प्रबल संभावनाएं हैं, जिससे विभिन्न उद्योगों को सुगम और लागत प्रभावी परिवहन सुविधाएं मिल सकेंगी।
डीपी वर्ल्ड के वाइस प्रेसिडेंट-ऑपरेशंस, रेल एंड इनलैंड टर्मिनल्स, महेंद्र बिरहाडे ने और वेयरहाउसिंग सेक्टर में अत्याधुनिक तकनीकों के उपयोग और मल्टी-मॉडल परिवहन की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि प्रदेश में लॉजिस्टिक्स पार्कों और वेयरहाउसिंग सुविधाओं का विस्तार वैश्विक मानकों को ध्यान में रखकर किया जा रहा है।
फ्लिपकार्ट ग्रुप के रीजनल डायरेक्टर – वेस्ट एवं साउथ, महेश पंजवानी ने ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स के विकास और सप्लाई चेन मैनेजमेंट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीकों के प्रभाव पर रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स का विस्तार तेजी से हो रहा है, जिससे उद्योगों को निर्बाध आपूर्ति शृंखला सुनिश्चित हो सके।
हर्ष ट्रांसपोर्ट प्रा. लि. के मैनेजिंग डायरेक्टर, डिप्पी वांकानी ने लॉजिस्टिक्स सेक्टर में निजी निवेश की संभावनाओं और सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग में निजी निवेश आकर्षित करने के लिए अनुकूल नीतियों पर काम कर रहा है।
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कलेक्टर कोशलेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि जीआइएस कर्टन रेजर इवेंट 20 से 23 फरवरी 2025 तक आयोजित होंगे। पर्यटन काउंसिल भोपाल और एमपीआइडीसी शहर के प्रमुख बाजार व रहवासी इलाकों में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम के जरिए नागरिकों को इंवेस्टर्स समिट की उपयोगिता समझाएगी।
शहनाई वादकों के द्वारा होगा स्वागत
एयरपोर्ट पर बांसुरी वादक, सारंगी व शहनाई वादकों के द्वारा स्वागत किया जाएगा। प्रमुख कार्यक्रमों में हनुमंत ध्वज पताका संस्कृति बैंड इंदौर की प्रस्तुति, मुकेश तिवारी द्वारा भजन संध्या का आयोजन, क्लासिकल नृत्य नाटिका दुर्गा स्तुति और गणेश वंदना, इंस्ट्रुमेंटल फ्यूजन जुगलबंदी शामिल हैं।
कई श्रेणी के एंट्री पास
समिट में विशिष्ट गवर्नमेंट ऑफिशियल और गवर्नमेंट ऑफिशियल ट्रिपल ए श्रेणी को रेड, गेस्ट ऑफ ऑनर (हाई कमीशन) को ऑरेंज, स्पेशल इनवाइटी को गोल्ड, डेलिगेट को पर्पल, फॉरेन डेलिगेट को टील, मीडिया को ब्राउन, ऑर्गनाइजर, ऑर्गनाइज़र ट्रिपल ए श्रेणी, लाइजनिंग ऑफिसर को ब्लू, इवेंट टीम को रॉयल ब्लू, एक्सीबिटर को ग्रीन, सर्विस प्रोवाइडर और वालंटियर को व्हाइट, एनआरआइ को पिंक पास दिए जाएंगे।
ऐसे समझें किसके हिस्से कितने के काम
● 32 करोड़ रुपए नगर निगम
● 65 करोड़ रुपए पीडब्ल्यूडी
● 05 करोड़ रुपए स्मार्टसिटी
● 02 करोड़ रुपए एनएचएआई
● 104 करोड़ रुपए कुल खर्च शहरी व्यवस्थाओं पर
जीआइएस से पहले इन कामों पर फोकस
● सभी अवैध होर्डिंग निकालने
● वॉल पेंटिंग शहरी दीवारों व फ्लाइओवर पर
● प्रवासी भारतीयों को होम स्टे के लिए व्यवस्था पूरी करना
● इंफ्रास्ट्रक्चर व लॉजिस्टिक सेटअप करना
● हेल्थ, सेफ्टी व क्राउड मैनेजमेंट
● ट्रैफिक पार्किंग के काम
महिलाओं के रोजगार पर दिया जोर
बैठक में यह भी तय किया गया कि निवेशकों की सुविधा के लिए एक समर्पित हेल्पडेस्क बनाई जाएगी, जहां वे अपनी समस्याएं और सुझाव सीधे प्रशासन तक पहुंचा सकेंगे। इसके साथ ही उद्योगपतियों ने प्रशासन का ध्यान महिलाओं की तरफ आकर्षित करवाते हुए कहा कि हम लोग इन्वेस्टमेंट पर तो फोकस कर रहे हैं, लेकिन महिलाओं के लिए रोजगार की व्यवस्था करना चाहिए । इंदौर में उद्योगों के विस्तार और रोजगार सृजन को लेकर उद्योगपतियों और विशेषज्ञों ने कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। उद्योगपतियों का कहना है कि इंदौर में पहले से ही मजबूत इकोसिस्टम तैयार हो चुका है, लेकिन प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी औद्योगिक विकास के लिए ठोस प्रयासों की जरूरत है। प्रमुख उद्योगपतियों ने सुझाव दिया कि महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए मल्टी-मॉडल इंडस्ट्रियल हब और महिला केंद्रित कॉरिडोर बनाए जाएं, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा सकें। इसके साथ ही, स्टार्टअप और आईटी कंपनियों के लिए विशेष ज़ोन विकसित करने की भी मांग उठाई गई।
उद्योगपतियों ने सरकार से तेजी से भूमि आवंटन करने की अपील की
पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार को लेकर भी उद्योगपतियों ने सरकार से तेजी से भूमि आवंटन करने की अपील की। उनका कहना है कि कई कंपनियां विस्तार करना चाहती हैं, लेकिन जमीन की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। इसके अलावा, निवेशकों को आकर्षित करने के लिए राज्य सरकार से इंडस्ट्रियल प्रमोशन पॉलिसी में सुधार की मांग की गई, जिसमें सब्सिडी और टैक्स से जुड़े प्रावधानों में राहत देने की बात कही गई। होटल और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने भी सुझाव दिया कि मध्य प्रदेश में पर्यटन उत्सवों की तारीखें पहले से तय की जाएं, ताकि देश-विदेश से पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके।
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कही ये बात
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए कानूनी और वित्तीय परामर्शदाताओं को इंदौर में स्थापित करने की जरूरत है, ताकि निवेश प्रक्रिया को सरल बनाया जा सके। इंदौर में औद्योगिक विकास को लेकर उद्योगपतियों ने कई अहम सुझाव दिए हैं, जिनमें महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने, औद्योगिक क्षेत्रों के विस्तार और निवेशकों को आकर्षित करने के लिए नीतिगत बदलाव की मांग शामिल है।
मप्र की राजधानी भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) का आयोजन 24 और 25 फरवरी को होने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 फरवरी सुबह दस बजे इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में जीआईएस का शुभारंभ करेंगे। पीएम मोदी के साथ करीब दो दर्जन देशों के राजनयिक और दर्जन भर से अधिक देशों के उद्योगपति भी भोपाल आने वाले हैं। भारत के लगभग सभी बड़े उद्योगपतियों या उनके प्रमुख पदाधिकारी जीआईएस में शामिल होने भोपाल आ रहे हैं। इनकी सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए आधुनिक एक दर्जन ड्रोन और सीसीटीवी से बिल्डिंग से लेकर सड़कों के चप्पे चप्पे पर नजर रखी जाएगी। इसमें वीवीआईपी और वीआईपी मेहमानों के लिए तय रूट को चिन्हित किया गया है। जिन पर पुलिसकर्मी के साथ आधुनिक तकनीक का उपयोग कर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। जीआईएस में बिना पास के किसी को भी एंट्री नहीं मिलेगी। अंदर प्रवेश करने के लिए हर व्यक्ति को हैंड-हेल्ड मेटल डिटेक्टर और डिजिटल मल्टी-फंक्शन डिटेक्टर से होकर जाना होगा।
तीन हजार पुलिस कर्मी रहेगे तैनात
भोपाल के राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में दो दिन जीआईएस का आयोजन होगा। इसके अलावा शहर की 50 होटलों में मेहमानों के ठहरने के इंतजाम किए गए हैं। 100 तंबुओं की टेंट सिटी भी बनाई जा रही है। इन सभी जगह पुलिसकर्मी तैनात होंगे। करीब तीन हजार पुलिस कर्मी पूरी व्यवस्था में लगेंगे। साथ ही रिजर्व में भी पुलिस बल रखा जाएगा। सख्त सुरक्षा के लिए आसपास के जिलों से भी पुलिस बल को बुलाया गया है।
ट्रैफिक रूट पर भी होगी निगरानी
जीआईएस के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन ने आठ अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए हैं। इन मार्गों पर वीवीआई और वीआईपी मेहमानों का आना जाना होगा। ऐसे में इन रूट के अलावा उनकी पार्किग पर भी पुलिस विशेष निगरानी रखेगी। पुलिस ने संवेदनशील और निर्माणाधीन जगहों पर भी सुरक्षा कड़ी कर दी है।
तीसरी आंख से रहेगी हर गतिविधि पर नजर
जीआईएस में शामिल होने वाले वीवीआईपी की सुरक्षा के पुख्ता इंतजार किए गए हैं। जीआईएस से लेकर चिन्हित मार्गों पर सीसीटीवी लगाए गए हैं। होटल, रेस्टारेंट और वीवीआई-वीआईपी मूवमेंट वाले स्थानों पर भी कड़ी निगरानी रखी जाएगी। वीवीआईपी थ्री लेयर सुरक्षा व्यवस्था के घेरे में रहेंगे।
एसपीजी के साथ होगी अधिकारियों की बैठक
प्रधानमंत्री मोदी की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाली स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) के अधिकारियों की एक राउंड की बैठक मध्यप्रदेश पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ हो चुकी है। संभवत: 16 या 17 फरवरी को एसपीजी की एक टीम भोपाल पहुंचने वाली है जो प्रधानमंत्री के भोपाल स्टेट हैंगर पर उतरने के साथ ठहरने, कार्यक्रम स्थल तक आने-जाने वाले पूरे मार्ग का निरीक्षण करेगी। इसके बाद मप्र पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों के साथ बैठक कर खाका तैयार कर रणनीति बनाई जाएगी।
थ्री लेयर सिक्योरिटी की तैयारी की जा रही
भोपाल पुलिस आयुक्त हरिनारायणचारी मिश्रा ने बताया कि थ्री लेयर सिक्योरिटी की तैयारी की जा रही है। कुछ दिनों में पुलिस मुख्यालय और प्रशासन के आला अधिकारियों के साथ बैठक होने जा रही है। इसके साथ ही एसपीजी के साथ बैठक कर सुरक्षा का पूरा खाकर तैयार किया जाएगा, इसके बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि सुरक्षा में कितना बल लगाया जाएगा।
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भोपाल में 24 व 25 फरवरी को प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट कार्यक्रम के दौरान चिकित्सा व्यवस्था के संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय भोपाल द्वारा सभी शासकीय और निजी चिकित्सा संस्थाओं को चिकित्सा सेवाओं की तैयारी करने हेतु कहा गया है। 24 एवं 25 फरवरी को आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री सहित वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री, अधिकारीगण, मल्टीनेशनल कंपनियों के प्रतिनिधि, उद्योगपति एवं गणमान्य नागरिक शामिल होंगे।
तैयारी रखने के निर्देश
समिट के दौरान 23 से 26 फरवरी के बीच पी एम श्री एयर एम्बुलेंस सर्विसेज को आकस्मिक स्थिति के लिए एयर एम्बुलेंस तैयार रखने हेतु कहा गया है। भोपाल जिले में संचालित सभी 108 एम्बुलेंस तथा उनके उपकरणों की कार्यशीलता सुनिश्चित की जा रही है। आवश्यक होने पर अन्य जिलों की 108 एम्बुलेंस को भी तैयारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
अतिथियों के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रत्येक बिंदु पर समीक्षा कर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। सी एम एच ओ भोपाल डॉ प्रभाकर तिवारी द्वारा जारी निर्देशों में चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ , सपोर्ट स्टाफ की उपलब्धता , आकस्मिक स्थिति हेतु पर्याप्त संख्या में बेड्स की व्यवस्था, ऑपरेशन थिएटर, विभिन्न समूह के रक्त की व्यवस्था, जीवन रक्षक उपकरणों, औषधियां, ऑक्सीजन, वेंटीलेटर, एचएफएनसी, सीपेप, एम्बुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु कहा गया है।
पहले से ही रिहर्सल कर मुस्तैद रहने के आदेश जारी
सभी स्वास्थ्य संस्थाओं को चिकित्सा सेवाओं के साथ साथ उपकरणों, एम्बुलेंस, विद्युत व्यवस्था, जनरेटर इत्यादि की कार्यशीलता के परीक्षण हेतु कहा गया है। वी आई पी कारकेड हेतु अत्यधिक मेडिकल उपकरणों से युक्त एम्बुलेंस, विशेषज्ञ चिकित्सकीय दल, ब्लड ग्रुप के आधार पर डोनर्स की व्यवस्था , शासकीय एवं निजी स्वास्थ्य संस्थाओं में आईसीयू कक्ष आरक्षित किए जा रहे हैं। कार्यक्रम स्थल पर भी चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ एवं एम्बुलेंस की व्यवस्था की जाएगी।
]]>भोपाल में होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) में दुनिया भर के 50 देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इन मेहमानों के स्वागत के लिए भोपाल पूरी तरह से तैयार है। ठहरने के लिए वीआईवी और वीवीआईपी कमरे बुक किए गए हैं। इसके अलावा टेंट सिटी भी मेहमानों को एक अनोखा अनुभव प्रदान करेगी।
एमपी टूरिज्म देख रहा रहने की व्यवस्था
मेहमानों के ठहरने की पूरी जिम्मेदारी एमपी टूरिज्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के पास है। कॉर्पोरेशन के एमडी इलया राजा ने कहा कि किसी भी तरह की कमी नहीं होने देंगे। मेहमानों के स्वागत के लिए राजधानी पूरी तरह तैयार है। यह कथन दर्शाता है कि प्रशासन मेहमान नवाजी के लिए कितना तत्पर है।
होटलों की किया जा रहा अपग्रेड
चुने गए होटलों को सभी मानकों के अनुसार अपग्रेड किया जा रहा है। सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और सांस्कृतिक अनुभवों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सम्मेलन के दौरान बुकिंग और सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए टूरिज्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन ने एक समर्पित समन्वय प्रकोष्ठ स्थापित किया है।
मेहमानों के लिए जगह जगह हेल्प डेस्क
होटल, टेंट सिटी और समिट स्थल के बीच परिवहन की व्यवस्था अंतिम रूप दे दी गई है। सभी जगहों पर पर्यावरण के अनुकूल उपायों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रतिनिधियों की सहायता के लिए महत्वपूर्ण स्थानों पर सूचना कियोस्क और हेल्प डेस्क स्थापित किए जाएंगे।
यादगार समिट बनाने की तैयारी
कॉर्पोरेशन सेवाओं के सुचारू समन्वय को सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहा है। इसके अलावा, अंतिम समय की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अतिरिक्त आवास विकल्पों की भी पहचान की गई है। पर्यटन विभाग ने मेहमानों के लिए शहर के विस्तृत गाइड भी तैयार किए हैं। इससे मेहमान शहर की खूबसूरती का आनंद ले पाएंगे। सब मिलकर इस सम्मेलन को यादगार बनाने के लिए प्रयासरत हैं।
भोपाल में 24 और 25 फरवरी को ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट (जीआईएस) होगी। इसमें देश-विदेश से करीब 20 हजार मेहमान आएंगे। अंबानी, अडाणी, महिंद्रा, टाटा समेत देश के 50 बड़े उद्योगपति भी आएंगे।
VVIP के लिए फाइव स्टार होटल्स में 1 लाख रुपए के रूम भी बुक हो रहे हैं। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजभवन में रुक सकते हैं। जीआईएस में आ रहे मेहमानों के रुकने के लिए व्यवस्था की जिम्मेदारी मप्र राज्य पर्यटन विकास को सौंपी गई है।
एमपी टूरिज्म और प्राइवेट समेत कुल 48 होटल्स में प्रीमियम, सुइट और डीलक्स स्तर के 1397 कमरे 23, 24 और 25 फरवरी के लिए ब्लॉक किए गए हैं। इन रूम्स का रोज का किराया ही एक लाख रुपए है। इनमें अंबानी-अडाणी जैसे बड़े उद्योगपतियों को रुकवाया जा सकता है। हालांकि, अभी कौन किस होटल में रुकेगा, यह तय नहीं हुआ है। उद्योगपतियों के आने का 'ओके' होते ही यह तय हो जाएगा।
मेहमानों के लिए इन होटल्स में बुकिंग 5 स्टार होटल ताज लेक फ्रंट, कोटयार्ड बाय मेरियट और होटल रेडिशन में प्रेसिडेटिंयल सुइट, लग्जरी सुइट, एक्जीक्यूटिव सुइट, डीलक्स लेक व्यू, लग्जरी, डीलक्स रूम, कोटयार्ड सुइट, क्लब रूम, जूनियर सुइट, विंटरग्रीन जैसे रूम हैं। जिनका एक दिन का किराया 12 हजार से 1 लाख रुपए तक है। 2, 3 और 4 स्टार होटल्स में भी 1600 से 4 हजार रुपए प्रतिदिन तक के कमरे हैं।
सांची, उदयगिरी में भी ठहरेंगे मेहमान भोपाल की 5 सितारा होटलों में बड़े उद्योगपति, केंद्रीय मंत्रियों को रुकवाने का प्लान है। इसलिए यहां सुरक्षा का कड़ा घेरा रहेगा। विदेशी मेहमानों के लिए भी यहां रुकने की व्यवस्था हो सकती है। हालांकि, बड़े होटल्स में करीब 2 हजार कमरे ही हैं। ऐसे में सांची, उदयगिरी और आसपास के क्षेत्रों में मौजूद बड़े होटल या रिसोर्ट में भी मेहमानों का इंतजाम किया जा रहा है।
कुछ होटलों में शादियों की बुकिंग दरअसल, 24 फरवरी को कई शादियां भी होंगी। इसके लिए प्राइवेट होटलों में पहले से बुकिंग हो चुकी है। इस कारण भी शहर से बाहर बड़े होटलों की लिस्ट बनवाई गई है।
इन प्रमुख उद्योगपतियों को आमंत्रण जीआईएस में जिन प्रमुख उद्योगपतियों को आमंत्रित किया जा रहा है, उनमें मुकेश अंबानी, गौतम अडाणी, एन. चंद्रशेखरन, नोएल एन. टाटा, आनंद महिंद्रा, जमशेद एन. गोदरेज, संजीव पुरी, संजीव बजाज, सतीश रेड्डी, नादिर गोदरेज, पवन मुंजाल, एसएन सुब्रह्मण्यम, रिशद प्रेमजी, अजीज प्रेमजी, सलिल एस. पारेख, दिलीप संघवी, वेणु श्रीनिवासन, सुनील भारत मित्तल, बाबा एन. कल्याणी, उदय कोटक शामिल हैं। कुछ की सहमति मिल गई है, जबकि बाकी की आ रही है।
इसके अलावा, कई विदेशी मेहमान भी भोपाल पहुंचेंगे। इनमें से कई 23 फरवरी को ही आ जाएंगे, जिनके स्वागत के लिए खास तैयारियां की जा रही हैं। प्लान के अनुसार, 23 फरवरी की रात में ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी भोपाल में आ सकते हैं।
वे और सीएम डॉ. मोहन यादव रात में इन मेहमानों के साथ डिनर करेंगे, जबकि 24 और 25 फरवरी को लंच और डिनर का आयोजन होगा। मेहमानों के लिए खास मेन्यू तैयार किया जा रहा है, जिसमें भारतीय, इंटरनेशनल और मध्यप्रदेश की पारंपरिक डिशेज़ को शामिल किया गया है।
खास मेहमानों को परोसेंगे 50 स्पेशल डिश अब तक यह समिट इंदौर में होती आई थी, लेकिन इस बार भोपाल को इसकी मेजबानी का मौका मिला है। इसे लेकर बड़े स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। प्रशासनिक अधिकारियों की लगातार बैठकें हो रही हैं, और खासतौर पर मेहमानों के खानपान को लेकर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कुल 50 तरह के व्यंजन परोसे जाएंगे।
खास मेन्यू को लेकर अधिकारियों-शेफ्स में चर्चा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में भारत के प्रमुख उद्योगपतियों समेत जापान, स्पेन और अन्य देशों से विदेशी निवेशक भी आएंगे। उनके स्वागत के लिए एमपी टूरिज्म बोर्ड एक अनोखा और बहुआयामी मेन्यू तैयार कर रहा है, ताकि विदेशी और भारतीय मेहमानों को मध्य प्रदेश के स्वादिष्ट पारंपरिक व्यंजन परोसे जा सकें।
खास मेन्यू को लेकर संबंधित अधिकारियों और शेफ्स के बीच चर्चा हो चुकी है। ताकि GIS में आने वाले मेहमानों को बेहतरीन अनुभव मिल सके। हालांकि, फाइनल मेन्यू 10 फरवरी के बाद ही तय होगा।
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