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रमेन डेका से आज फिल परमार्थ आश्रम, भिलाई के संस्थापक अमित राज ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने आश्रम की गतिविधियों एवं समाजसेवा से जुड़े कार्यों की जानकारी राज्यपाल को दी।
आश्रम द्वारा सड़कों पर लावारिस अवस्था में घूम रहे बुजुर्गों तथा मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्तियों का रेस्क्यू कर उन्हें आश्रम में आश्रय दिया जाता है। वहां उनके उपचार, देखभाल, भोजन तथा आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की जाती है।
उन्होंने बताया कि अब तक आश्रम के माध्यम से 208 लोगों को राहत एवं पुनर्वास उपलब्ध कराया जा चुका है। वर्तमान में आश्रम में 94 लोग निवास कर रहे हैं, जिनकी नियमित देखरेख की जा रही है।उन्होंने राज्यपाल से आश्रम का भ्रमण करने का आग्रह भी किया।
राज्यपाल ने आश्रम द्वारा किए जा रहे मानवीय एवं सेवा कार्यों की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायी पहल बताया।
उल्लेखनीय की राज्यपाल द्वारा इस संस्था को पूर्व में 2 लाख रुपए का स्वेछानुदान भी प्रदान किया गया है।
इस अवसर पर आश्रम के अन्य कार्यकर्ता भी उपस्थित थे।
राज्यपाल रमेन डेका ने रविवार को जिला पंचायत के सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों और जशपुर विकासखंड के अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन के लिए अधिक से अधिक पेड़ लगाने के लिए प्रोत्साहित किए एक पेड़ मां के नाम अभियान का बेहतर क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने जिले के संभावित टीबी मरीजों की जानकारी ली और मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी को मरीजों का बेहतर इलाज करवाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के स्तन कैंसर की भी विशेष जांच और इलाज की सुविधा उपलब्ध कराए जाए मरीजों को मेडिकल कॉलेज रायपुर अम्बिकापुर और एम्स रायपुर भेजकर ईलाज की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
राज्यपाल रमेन डेका ने सिकल सेल बीमारी और रेड क्रॉस सोसायटी की गतिविधियों की भी जानकारी ली । उन्होंने कहा कि रेड क्रॉस सोसायटी विशेष पिछड़ी जनजाति बसाहटों और गांव गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश दिए हैं। इस अवसर पर कलेक्टर रोहित व्यास वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ.लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार, वनमंडला अधिकारी शशि कुमार और जिला स्तरीय और विकास खंड अधिकारी उपस्थित थे।
उन्होंने विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा और बिरहोर परिवार के लिए प्रत्येक माह मेडिकल कैंप लगाकर स्वास्थ्य परीक्षण करने के लिए कहा है और उनके जीवन शैली में बदलाव लाने के लिए शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने विशेष पिछड़ी जनजाति बसाहटों में शाम के समय विभिन्न गतिविधियों में शामिल करके उनका बौद्धिक और कौशल विकास करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिले में नावाचार को भी बढ़ावा देने के लिए कहा है और संरक्षित जनजाति परिवारों के लिए पायलेट प्रोजेक्ट चालू करने के निर्देश दिए हैं।
राज्यपाल रमेन डेका ने बच्चों को नशापान से दूर रखने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने समीक्षा के दौरान जशपुर जिले की लखपति दीदी मती लालमणि प्रजापति को सम्मानित करने की बात कही उन्होंने कहा लखपति दीदी ने बढ़िया काम किया है उन्हें राजभवन में सम्मानित किया जाएगा।
राज्यपाल रमेन डेका ने जशपुर जिले के स्व सहायता समूह की महिलाओं का आत्मनिर्भर बनाने के लिए और हस्तकला में पारंगत बनाने के लिए समूहों की दीदियों को आसाम और उड़ीसा राज्य भेजने के निर्देश दिए है ताकि समूह की महिलाएं बाजार की मांग के अनुसार नया डिजाइन के साड़ी,साल और अन्य सामग्री तैयार कर सके।
रमेन डेका ने जल संरक्षण और संवर्धन के लिए बेहतर कार्य करने के निर्देश दिए हैं।
छोटे और बड़े किसानों के खेतों में डबरी निर्माण और पुराने कुआं का जिर्णोद्धार करने के निर्देश दिए हैं। योग को बढ़ावा देने के लिए नियमित अभ्यास को बढ़ावा देने के निर्देश दिए हैं। समीक्षा के दौरान उन्होंने वरिष्ठ नागरिक और 75 वर्ष से अधिक आयु के वृद्धजनों का आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए कहा है।
किसानों का आर्थिक विकास हो इसके लिए खेती के आधुनिक तकनीक की जानकारी देने के लिए कहा है। किसानों को वरमी कम्पोस्ट खाद और आर्गेनिक खेती के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं।
समीक्षा बैठक में कलेक्टर रोहित व्यास ने जानकारी देते हुए बताया कि जल संरक्षण संवर्धन के तहत रैन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, अमृत सरोवर,सोकपिट और मैजिक पिट बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को जैविक खेती के प्रति प्रेरित किया जा रहा है। स्वच्छता को बढ़ावा दिया जा रहा है गांव में सेग्रेशन शेड एवं डोर टू डोर कचरा कलेक्शन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। जिले के सभी विकास खंड में 100 दिवसीय निक्षय निरामय अभियान चलाया जा रहा है।
जिला मुख्यालय में जिला ग्रंथालय संचालित किया जा रहा है प्रातः 6 बजे से रात 11 बजे तक संचालित होता है जहां बच्चों की सुविधा के लिए निःशुल्क वाई फाई की सुविधा दी गई है। जिला ग्रंथालय में 6425 पुस्तकें उपलब्ध है।
कलेक्टर ने बताया कि जिले में विज्ञान और प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने के लिए आगामी 7 अप्रैल से अन्वेषण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
जशपुर जिले के विघार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान और इसरो की उपलब्धियों से परिचित कराने के लिए स्पेस ऑन व्हील्स अन्वेषण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज लोकभवन पहुँचकर राज्यपाल श्री रमेन डेका को उनके जन्मदिन के अवसर पर आत्मीय शुभकामनाएँ एवं बधाई दी।
मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका को पुष्पगुच्छ, छत्तीसगढ़ की पारंपरिक ढोकरा शिल्प की आकर्षक कलाकृति तथा शॉल भेंट किया। उन्होंने राज्यपाल रमेन डेका के उत्तम स्वास्थ्य, सुखमय जीवन तथा दीर्घायु की कामना की।
]]>राज्यपाल रमेन डेका से आज यहां लोेकभवन में छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति गौतम चौरड़िया ने सौजन्य भेंट की। उन्होंने आयोग के कार्याे एवं गतिविधियों की जानकारी राज्यपाल को दी। डेका ने इस संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश एवं मार्गदर्शन दिया।
चौरड़िया ने 21 एवं 22 फरवरी 2026 को रायपुर में उपभोक्ता संरक्षण पर आयोजित हो रहे दो दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला हेतु बतौर मुख्य अतिथि राज्यपाल को आमंत्रित भी किया।
]]>स्कूल के विद्यार्थियों ने देखा लोकभवन स्कूल के विद्यार्थियों ने देखा लोकभवन
राज्यपाल रमेन डेका की पहल पर लोकभवन की गतिविधियों से जनसामान्य, विशेषकर विद्यार्थियों को जोड़ने के उद्देश्य से लोकभवन का भ्रमण कराया जा रहा है। इसी कड़ी में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रायपुर मठपारा के 50 छात्र-छात्राओं ने अपने शिक्षकों के साथ आज लोकभवन का भ्रमण किया।
विद्यार्थियों ने लोकभवन परिसर स्थित छत्तीसगढ़ मंडपम, उदंती परिसर, कन्हार परिसर, डिस्पेंसरी उद्यान तथा सचिवालय की विभिन्न शाखाओं का अवलोकन किया। बच्चों ने राज्यपाल से मुलाकात कर सामूहिक फोटोग्राफी कराई।
इस अवसर पर राज्यपाल ने बच्चों को शिक्षा के महत्व के बारे में बताते हुए उन्हें उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी।
सभी विद्यार्थियों को पौधे भेंट किए गए और उन्हें घर, स्कूल तथा गांव में पौधारोपण कर उनकी नियमित देखभाल करने का संदेश दिया गया।
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ पर आज नवा रायपुर के सेंध जलाशय के ऊपर भारतीय वायु सेना की प्रतिष्ठित एरोबेटिक "सूर्यकिरण" की टीम ने रोमांचक एयर शो का प्रदर्शन किया। देश के उप राष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन, राज्यपाल श्री रमेन डेका, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के साथ हजारों लोगों ने अद्भूत और रोमांचक एयर शो का आनंद लिया। आज प्रदेशवासियों के लिए वायु सेना का एयर शो कमाल का अनुभव रहा। सेंध जलाशय के ऊपर वायु सेना के फाइटर प्लेन्स ने एक के बाद एक कई हवाई करतब दिखाए। आसमान में पंछियों के झुंड की तरह बिल्कुल क्रम से उड़ने वाले फाइटर प्लेन्स के माध्यम से वायु सेना के जाबांजों ने अपने नियंत्रण और शौर्य का अद्भुत प्रदर्शन किया। विमानों के माध्यम से जब आकाश में तिरंगा लहराया तो सेंध जलाशय भारत माता की जय के नारे से गूंज उठा।
एयर शो के दौरान "सूर्यकिरण" टीम के लीडर ग्रुप कैप्टन श्री अजय दशरथी ने आसमान से छत्तीसगढ़वासियों को रजत महोत्सव की बधाई दी। वहीं छत्तीसगढ़ निवासी भारतीय वायु सेना के स्क्वाड्रन लीडर श्री गौरव पटेल ने सेंध जलाशय के ऊपर अपने कॉकपिट से 'जय जोहार' और 'छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया' कहकर दर्शकों का अभिवादन किया। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, कौशल विकास मंत्री गुरू खुशवंत साहेब और सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल सहित विभिन्न निगमों, मंडलों और आयोगों के पदाधिकारी भी एयर शो देखने पहुंचे थे।
"सूर्यकिरण" टीम ने अनुशासन, परस्पर विश्वास, सटीकता और उत्साह के साथ एक घंटे तक वायु सेना के विमानों के साथ कलाबाजी दिखाकर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। नवा रायपुर के सेंध जलाशय में मौजूद हजारों दर्शक पायलटों के हैरतअंगेज साहस और करतबों को देखकर मंत्रमुग्ध होते रहे। विंग कमांडर श्री ए.व्ही. सिंह के नेतृत्व में वन-एफ-9 और वन-एफ-8 हेलीकॉप्टर यूनिट ने वी-17 और वी-5 हेलीकॉप्टरों से स्लीपरी और स्काई-ऑपरेशन के करतब दिखाए। 'आदिदेव' नाम के इन हेलीकॉप्टरों से केवल 15 मीटर ऊंचाई पर स्थिर रहकर 14 गरूड़ कमांडोज रस्सी के सहारे नीचे उतरे। वहीं स्काई-ऑपरेशन के दौरान आठ गरूड़ कमांडोज रस्सी पर लटककर हेलीकॉप्टर से दर्शकों के सामने से आकाश में उड़ते हुए गुजरे। इन दोनों ऑपरेशनों को लड़ाई और आपदा के दौरान जनसामान्य को बचाने के लिए किया जाता है।
एयर शो में "सूर्यकिरण" की टीम के नौ हॉक-मार्क-123 फाइटर विमानों ने आसमान में हार्ट, डायमंड, लूप, ग्रोवर, डान लाइट, कॉम्बैट तेजस जैसे शानदार फार्मेशन बनाकर लोगों को रोमांचित किया। नीले आसमान में उड़ते लाल-सफेद जेट विमानों द्वारा तिरंगे की आकर्षक ट्रेल छोड़ने पर सेंध जलाशय परिसर तालियों और जय-हिंद के नारों से गूंज उठा। हज़ारों की संख्या में मौजूद नागरिक, युवा और बच्चे लगातार विमानों की कलाबाजियों को अपने कैमरों और मोबाइलों में कैद करते रहे।
वायु सेना के जाबांज फाइटर पायलटों ने आसमान में दिल की आकृति बनाकर 25वें राज्योत्सव की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने तिरंगे के तीन रंगों से डीएनए की आकृति बनाकर तिरंगे के प्रति अपना सम्मान प्रस्तुत किया। उन्होंने 360° में फाइटर जेट उड़ाते हुए उल्टा जेट भी उड़ाया। तेजस और युवाओं को समर्पित अंग्रेजी अक्षर 'वाई' की आकृति बनाने के साथ ही कई करतब दिखाए। टीम का प्रदर्शन केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि युवाओं में देशप्रेम, साहस और भारतीय सशस्त्र बलों में सेवा की प्रेरणा जगाने का संदेश भी देता है।
एयर शो में छत्तीसगढ़ के स्क्वाड्रन लीडर श्री गौरव पटेल का शामिल होना राज्यवासियों के लिए गर्व और भावनात्मक जुड़ाव का पल था। आसमान में अपने विमान को तेज गति से उड़ाते हुए श्री पटेल ने अपने कॉकपिट से 'जय जोहार' और 'छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया' का जय घोष किया। फ्लाइट लेफ्टिनेंट सुश्री कंवल संधू ने अपनी लाइव कमेंट्री के दौरान एयर शो के रोमांचक वर्णन के साथ ही पायलटों के अनुशासन, समर्पण, प्रशिक्षण और जोखिम प्रबंधन की बारीकियों की जानकारी दी।
'सूर्यकिरण' एशिया की एकमात्र नौ लड़ाकू विमानों वाली एरोबैटिक टीम, 1996 में हुई थी स्थापना
भारतीय वायु सेना की सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम (Surya Kiran Aerobatic Team) एशिया की एकमात्र नौ लड़ाकू विमानों वाली एरोबैटिक टीम है। यह विशिष्ट टीम भारत में ही निर्मित एचएएल (HAL) लाइसेंस प्राप्त हॉक एमके-132 (Mk-132) विमान उड़ाती है। इन विमानों के ज़रिए भारतीय वायु सेना की सटीकता, पेशेवर उत्कृष्टता और कौशल का अद्भुत प्रदर्शन करती है, जिसमें रोमांचक हवाई करतब और बेहद सटीक फॉर्मेशन शामिल होते हैं। सूर्यकिरण टीम को उसका मिशन विशेष बनाता है। देश के युवाओं को भारतीय सशस्त्र बलों में शामिल होकर देशसेवा के लिए प्रेरित करना इनका मिशन है।
सूर्यकिरण टीम की स्थापना वर्ष 1996 में की गई थी। तब से यह टीम एशिया की एकमात्र नौ-विमानों वाली एरोबैटिक टीम होने का गौरव रखती है और दुनिया की कुछ चुनिंदा शीर्ष एरोबैटिक टीमों में शामिल है। यह असाधारण टीम अब तक भारत भर में 700 से अधिक प्रदर्शन कर चुकी है। साथ ही चीन, श्रीलंका, म्यांमार, थाईलैंड, सिंगापुर और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जैसे कई देशों में भारत का प्रतिनिधित्व अंतरराष्ट्रीय एयर शोज़ में भी किया है। टीम मंं कुल 13 पायलट, 3 इंजीनियरिंग अधिकारी, 1 उद्घोषक (कमेन्टेटर) और 1 चिकित्सा अधिकारी शामिल हैं।
सूर्यकिरण टीम भारतीय वायुसेना की उस भावना को दर्शाती है जो उत्कृष्टता, अनुशासन और टीमवर्क पर आधारित है। टीम के सभी पायलट अत्यंत कठिन प्रशिक्षण से गुजरते हैं, जिसमें जटिल एरोबैटिक मूवमेंट्स का महीनों तक अभ्यास किया जाता है। उनका बेदाग़ तालमेल और नियंत्रण ही क्लोज़ फॉर्मेशन फ्लाइंग की नींव है जहाँ नौ विमान मानो एक ही आत्मा से संचालित प्रतीत होते हैं।
]]>राज्यपाल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बस्तर के आकांक्षी विकासखण्डों की समीक्षा बैठक ली
रायपुर
राज्यपाल रमेन डेका ने आज राजभवन में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बस्तर संभाग के आकांक्षी विकासखण्डों में चल रहे कार्याे की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को मानवीय संवेदना के साथ आकांक्षी क्षेत्र में तेजी से समन्वित विकास के लिए निर्देशित किया है।
बैठक में राज्यपाल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास की दिशा में विशेष पहल करें और इसमें तेजी से प्रगति लायें। टीबी उन्मूलन के कार्य को गति देने, स्कूलों से ड्राप आउट बच्चों पर विशेष ध्यान देने, आजीविका के लिए स्व-सहायता समूहों को मजबूत करने और उन्हें रोजगार कार्यों से जोड़ने के लिए कहा गया है। बैठक में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, आकांक्षी जिलों के कलेक्टर, सीईओ जिला पंचायत एवं विभिन्न विभागों के जिला एवं विकासखंड अधिकारी उपस्थित थे।
राज्यपाल डेका ने बस्तर जिले के तोकापाल, बीजापुर जिले के उसूर, दंतेवाड़ा जिले के कुवाकोंडा, कोण्डागांव जिले के माकड़ी, नारायपुर जिले के ओरछा, सुकमा जिले के कोंटा और कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा एवं दुर्गकोंदल आकांक्षी विकासखण्डों में किए जा रहे समन्वित विकास कार्याे एवं योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा की। राज्यपाल ने इन क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने और इसके लिए जनजागरूकता की दिशा में प्रयास करने के निर्देश दिए हैं। राज्यपाल ने रेडक्रॉस सोसायटी में अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने और इसका सक्रिय उपयोग लेने कहा है। बच्चों के सुपोषण, पशु टीकाकरण पर ध्यान देने कहा गया है। स्कूलों मं। बच्चों के आंख एवं कान की नियमित जांच कराने पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत दूरस्थ क्षेत्रों में तेजी से आवास के निर्माण के लिए सामाग्री का भंडारण समन्वय के साथ करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। अधिकारियों को दिसंबर माह तक कार्य में प्रगति लाकर प्रगति रिपोर्ट देने कहा गया है।
]]>राज्यपाल रमेन डेका ने आज डोंगरगढ़ पहुंचकर माँ बम्लेश्वरी की पूजा-अर्चना की। उन्होंने माँ बम्लेश्वरी से प्रदेशवासियों की खुशहाली, उन्नति व सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। इस अवसर पर राज्यपाल के परिजन भी उपस्थित थे। राज्यपाल ने ज्योति कलश के दर्शन किए एवं हवन कुण्ड की पूजा की।
इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका को कलेक्टर संजय अग्रवाल एवं पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग ने पर्यटन विभाग द्वारा प्रकाशित काफी-टेबल बुक भेंट की। इस अवसर पर मां बमलेश्वरी ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने राज्यपाल को स्मृति चिन्ह भेंट किया।
]]>राज्यपाल श्री रमेन डेका ने स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय दुर्ग अंतर्गत गठित ग्रामीण प्रौद्योगिक और उद्यमिता फाउंडेशन के तहत किये जा रहे स्टार्टअप्स का प्रस्तुतीकरण देखा। उन्होंने सभी स्टार्टअप्स की सराहना करते हुए इसे आम व्यक्ति के लिए सरल व सुलभ बनाने पर बल दिया।
राज्यपाल श्री डेका ने सभी उद्यमियों द्वारा प्रस्तुत विभिन्न योजनाओं को प्रोत्साहित किया और कहा कि स्टार्टअप्स के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा युवाओं को रोजगार से जोड़ सके ऐसी योजनाएं बनाई जायंे। इस संबंध में उन्होंने उद्यमियांे का मार्गदर्शन किया और उपयोगी सुझाव दिये। राजभवन के कांफ्रेंस हॉल में आज उद्यमियों ने 6 स्टार्टअप्स योजनाओं का प्रस्तुतीकरण किया। सुश्री विनिता पटेल ने ग्रामीण महिलाओं विशेषकर आदिवासी समुदाय की महिलाओं को ध्यान में रखते हुए पुनः उपयोग में आ सकने वाले सेनेटरी पैड निर्माण की योजना बताई। श्री करण चंद्राकर ने केले पौधे के अपशिष्ट से कपड़ा, कप-प्लेट, ईट आदि उत्पादन की योजना बताई। श्री राहुल बघेल ने सौर ऊर्जा के उपयोग से आत्मनिर्भर गांव एवं विभिन्न कुटीर उद्योगांे पर प्रस्तुतीकरण दिया। उद्यमी श्री रविन्द्रकुमार धुरंधर ने कुपोषण से पीड़ित लोगांे के लिए इंस्टेट फूड उत्पाद की योजना पर अपना प्रस्तुतीकरण दिया। श्री अंकेश बंजारे ने आदिवासी कलाकारों को डिजिटल प्लेटफॉर्म और वैश्विक बाजार उपलब्ध कराने की योजना बताई तथा पुरूषोतम, अजय कुमार, सिद्धार्थ सिंह ने उच्च क्षमता वाले ड्रोन के माध्यम से कृषि फसलो की निगरानी की योजना के संबंध में प्रस्तुतीकरण दिया। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष सहकार भारती (छ.ग.) डॉ. लक्ष्मीकांत द्विवेदी ग्रामीण प्रौद्योगिकी और उद्यमिता फाउंडेशन के संचालक डॉ. आर. एन. पटेल, सीईओ श्री अग्रांशु द्विवेदी तथा उद्यमी उपस्थित थे।
राज्यपाल श्री रमेन डेका से छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद के सामान्य सचिव श्री चंद्रेश शाह एवं अन्य पदाधिकारियों ने सौजन्य भेंट की। उन्होंने संस्था कीे गतिविधियों से राज्यपाल को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि मध्य भारत का एक मात्र स्पीच थेरेपी सेंटर उनकी संस्था द्वारा रायपुर के सप्रे स्कूल में स्थापित किया गया है। जहां नाम मात्र राशि पर सेवाएं दी जाती है।
उन्होंने बताया कि अब तक 24 बच्चों का उपचार कर उन्हें मुख्य धारा में लाया गया है। अब ये बच्चे सामान्य स्कूलों में प्रवेश लेकर अध्ययन कर रहे हैै। वर्तमान में सेंटर में 54 बच्चे थेरेपी ले रहे हैं। राज्यपाल श्री डेका ने संस्था के कार्यों की सराहना की और कहा कि वे जल्द ही स्पीच थेरेपी सेंटर को देखने आयेंगे। इस अवसर पर डॉ. अशोक त्रिपाठी, डॉ कमल वर्मा उपस्थित थे।
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