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राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि विद्यार्थी भावी जीवन में निरंतर सीखने की भावना जागृत रखें और “अन-लर्निंग, रि-स्किलिंग व अप-स्किलिंग” पर विशेष ध्यान दें। साथ ही यह संकल्प लें कि जीवन के उतार-चढ़ाव और विपरीत परिस्थितियों में भी अपने आदर्शों, ज्ञान और आचरण के उच्चतम प्रतिमानों का निष्ठा के साथ पालन करेंगे। राज्यपाल श्री पटेल ने यह बात जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर के दीक्षांत समारोह में उपाधि प्राप्त विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कही। उन्होंने गोल्ड मैडल व उपाधियाँ प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों, उनके अभिभावक व गुरुजनों को बधाई दी और सभी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
राज्यपाल श्री पटेल की अध्यक्षता एवं नालंदा विश्वविद्यालय बिहार के चांसलर पद्मभूषण डॉ. विजय पी. भटकर के मुख्य आतिथ्य में आयोजित हुआ। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. अविनाश तिवारी, कुलाधिसचिव प्रो. डी. एन. गोस्वामी, कुल सचिव श्री अरूण सिंह चौहान एवं कार्य परिषद के सदस्यगण मंचासीन थे। दीक्षांत समारोह में पद्मभूषण डॉ. विजय पी. भटकर को डॉक्टर ऑफ साइंस की मानद उपाधि और साहित्यकार व वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. नरेन्द्र नाथ लाहा को डीलिट् की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। साथ ही शिक्षण सत्र 2022-23 और 2023-24 के 81 विद्यार्थियों को 126 गोल्ड मैडल, 297 विद्यार्थियों को पीएचडी (डॉक्टर ऑफ फिलोसपी) एवं 397 विद्यार्थियों को स्नातकोत्तर उपाधियाँ प्रदान की गईं। विश्वविद्यालय की प्रतिभावान छात्रा सुश्री अंकिता मिश्रा को 4 एवं सुश्री त्रिपर्णा बारिक को 3 गोल्ड मैडल देकर सम्मानित किया गया।
राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि दीक्षांत कार्यक्रम सदैव से हमारी प्राचीन संस्कृति का हिस्सा रहे हैं। प्राचीन काल में गुरुकुल शिक्षा में अध्ययन के समापन के बाद घर वापस लौटने के लिये समावर्तन संस्कार होता था। आधुनिक दीक्षांत समारोह उसी का एक रूप है। उन्होंने कहा दीक्षांत समारोह एक भावनात्मक अनुबंध का प्रतीक भी हैं, जिसमें छात्र-छात्राएँ अपने ज्ञान और मेधा के साथ गुरुजनों के बताए मार्ग पर चलने और राष्ट्र सेवा की शपथ लेते हैं। राज्यपाल श्री पटेल ने विद्यार्थियों से कहा कि तेजी से बदलते वैश्विक परिवेश में या तो आप परिवर्तन को प्रेरित करते हैं अथवा परिवर्तन आपको प्रेरित करता है। इसलिए विद्यार्थी अपने जीवन के लक्ष्य निर्धारित करें और एकाग्र होकर उन लक्ष्यों को हासिल करने के लिये प्राण-पण से जुट जाएँ।
राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से समर्थ, सशक्त, समृद्ध और विकसित भारत बनाने के लिये भावी पीढ़ी को मति, गति और दिशा निर्धारण करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी विश्वविद्यालयों को सौंपी है। विश्वविद्यालयों से अपेक्षा है कि शिक्षा के इस मंदिर में विद्यार्थियों को ज्ञान, विज्ञान के साथ बौद्धिकता और संस्कारों के समन्वय की सीख भी दें। हर विधा के विद्यार्थियों को शोध एवं नवाचारों को समझने और अपनाने का अवसर भी विश्वविद्यालय में मिले।
पद्मभूषण डॉ. विजय पी. भटकर ने दीक्षांत भाषण दिया। उन्होंने कहा कि अच्छे विश्वविद्यालय देश को महान बनाते हैं। खुशी की बात है कि जीवाजी विश्वविद्यालय “मेक द नेशन” के पथ पर चलकर देश को महान बनाने के लक्ष्य पर आगे बढ़ रहा है। हमारी कामना है कि यह विश्वविद्यालय विश्व स्तरीय विश्वविद्यालय का रूप लेकर नॉलेज बेस्ड इंडिया के निर्माण में अपना अहम योगदान दे। डॉ. भटकर ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि जीवाजी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में गोल्ड मैडल व उपाधियाँ प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में छात्राओं की संख्या अधिक है। इससे निश्चित ही महिला सशक्तिकरण के प्रयासों को बल मिलेगा।
जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलगुरू (कुलपति) प्रो. अविनाश तिवारी ने दीक्षांत उपदेश दिया एवं गोल्ड मैडल व उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को शपथ दिलाई।
डॉ. नरेन्द्र नाथ लाहा ने मानद डीलिट् उपाधि प्रदान करने के लिये जीवाजी विश्वविद्यालय के प्रति धन्यवाद व्यक्त किया और यह उपाधि अपने माता-पिता को समर्पित की। दीक्षांत समारोह के आरंभ में शोभा यात्रा निकली। शुभारंभ व समापन राष्ट्रगान जन-गण-मन के सामूहिक गान के साथ हुआ। राज्यपाल श्री पटेल सहित अन्य अतिथियों ने दीक्षांत समारोह में जीवाजी विश्वविद्यालय की स्मारिका का विमोचन भी किया। संचालन विश्वविद्यालय के कुल सचिव श्री अरूण सिंह चौहान द्वारा किया गया।
राज्यपाल श्री पटेल ने 8 विभागों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का दर्जा मिलने पर दी बधाई
राज्यपाल श्री पटेल ने जीवाजी विश्वविद्यालय के 8 शिक्षण विभागों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का दर्जा एवं सरकार की पीएम उषा योजना के तहत 100 करोड़ रूपए का अनुदान मिलने पर बधाई दी। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा अंकुर ऐप के माध्यम से परिसर में किए गए पौध-रोपण की जानकारी प्राप्त कर सराहा।
फास्ट फूड की बजाय मिलेट्स को प्राथमिकता दें विद्यार्थी
राज्यपाल श्री पटेल ने इस अवसर पर विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे पढ़ाई के साथ अपनी सेहत का भी ध्यान रखें। पूरी नींद लें और नियमित रूप से व्यायाम करें। साथ ही पिज्जा, बर्गर जैसे फास्ड फूड की बजाय मिलेट्स (मोटे अनाज) से बने व्यंजनों को अपने भोजन का हिस्सा बनाएँ।
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राज्यपाल श्री पटेल सोमवार को शासकीय कमला नेहरू कन्या महाविद्यालय के छात्रावास में आयोजित सिकल सेल एनीमिया स्क्रीनिंग शिविर को संबोधित कर रहे थे। जनजातीय कार्य विभाग और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस स्क्रीनिंग शिविर में जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह भी उपस्थित थे।
राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि सिकल सेल एनीमिया की रोकथाम के लिए गर्भधारण के पूर्व और गर्भावस्था में भी मेडिकल काऊंसलिंग बहुत जरूरी है। अब जन्म के 72 घंटों में सिकल सेल का पता लगने पर नवजात शिशुओं के विशेष उपचार की सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार मिलकर सिकल सेल एनीमिया के उन्मूलन के लिए विशेष प्रयास कर रही हैं। राज्यपाल श्री पटेल ने संबंधित विभागों को सिकल सेल स्क्रीनिंग के लिए लक्षित प्रत्येक व्यक्ति की अत्यंत गंभीरता से स्क्रीनिंग कराने के निर्देश दिए।
सिकल सेल जागरूकता के लिए बेटियाँ आगे आयें
राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि भारतीय संस्कृति में मातृ-शक्ति का विशेष महत्व है। सिकल सेल उन्मूलन के लिए बेटियों का योगदान जरूरी है। उन्होंने कहा कि सिकल सेल जागरूकता के लिए बेटियां आगे आयें और अपने करीबियों, रिश्तेदारों व आस-पड़ौस के लोगों को इस रोग के बारे में बताएं और रक्त की जांच कराने को कहें। राज्यपाल श्री पटेल ने उपस्थित जनों से अपील की कि सिकल सेल रोग के लक्षण, रोकथाम और उन्मूलन के प्रयासों में हर व्यक्ति सक्रिय योगदान करे। मानवता की सेवा के इस पुनीत कार्य के प्रति हमेशा संवेदनशील रहें। उन्होंने 2047 तक भारत को सिकल सेल एनीमिया से मुक्त बनाने के संकल्प के लिए सामूहिक सहभागिता का आहवान किया।
राज्यपाल श्री पटेल ने कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलन और जनजातीय वीर नायकों के छायाचित्रों पर माल्यार्पण के साथ किया। जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. शाह और कन्या महाविद्यालय छात्रावास की बालिकाओं ने राज्यपाल श्री पटेल का पुष्प-गुच्छ भेंट कर आत्मीय अभिनंदन किया। इस अवसर पर राज्यपाल श्री पटेल ने कन्या महाविद्यालय छात्रावास की छात्राओं को उपहार भी दिये।
व्यवस्था करेंगे कि हर छात्रावास में एक नर्स हर महीने विद्यार्थियों की जांच करें
जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. शाह ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश के सिकल सेल उन्मूलन मिशन में राज्यपाल श्री पटेल की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। श्री शाह ने जनजातीय हितों के लिए राज्यपाल श्री पटेल के मार्गदर्शन में राजभवन में स्थापित किए गए 'जनजातीय प्रकोष्ठ' की मुक्त-कंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्यपाल श्री पटेल जनजातीय वर्ग के प्रति अत्यंत ही संवेदनशील हैं। श्री पटेल के प्रयासों से ही प्रदेश में सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन का कार्य मिशन मोड पर तेजी से जारी है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से हम ऐसी व्यवस्था कर रहे हैं कि प्रदेश के प्रत्येक अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों के सभी छात्रावासों में एक नर्स हर महीने जायेगी और छात्रावासी बच्चों के रक्त की जांच करेगी।
72 लाख से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग हो चुकी
स्क्रीनिंग कैम्प में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) की उप संचालक डॉ. रूबी खान ने स्क्रीनिंग शिविर के उद्देश्यों और सिकल सेल रोग के लक्षणों, रोग की पहचान, रोकथाम एवं उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत सरकार के सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन के तहत अब तक प्रदेश में 72 लाख से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। मिशन के लक्ष्य के तहत एक करोड़ लोगों की सिकल सेल स्क्रीनिंग की जानी है। कार्यक्रम में कन्या महाविद्यालय छात्रावास की सिकल सेल एनीमिया पॉजिटिव छात्राओं ने अपने अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन जनजातीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. ई. रमेश कुमार ने दिया। आभार जनजातीय कार्य विभाग के संभागीय उपायुक्त श्री नरोत्तम वरकडे ने व्यक्त किया। कार्यक्रम में राजभवन के जनजातीय प्रकोष्ठ के सचिव श्री अमरपाल सिंह, जनजातीय कार्य विभाग की उप सचिव एवं संचालक, जनजातीय क्षेत्रीय विकास योजनाएं श्रीमती वंदना वैद्य, प्रभारी निदेशक बी.एम.एच.आर.सी. श्रीमती मनीषा श्रीवास्तव, जनजातीय और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, कन्या महाविद्यालय छात्रावास की छात्रायें और उनके अभिभावक भी मौजूद थे। कार्यक्रम के उपरांत राज्यपाल श्री पटेल एवं मंत्री डॉ. शाह ने कन्या महाविद्यालय छात्रावास का अवलोकन कर यहां छात्राओं को दी जा रही सुविधाओं व अन्य व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया।
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स्वच्छता साथी वॉश ऑन व्हील्स सेवा की विशेषताएं
अधिकांश संस्थागत शौचालयों में अक्सर सफाई का अभाव देखा जाता है जिससे शौचालयों की उपयोगिता और स्थिति प्रभावित होती है। इसी कमी को दूर करने के लिए जिला प्रशासन ने यह अनूठी पहल की है। कलेक्टर श्री शीलेन्द्र सिंह के मार्गदर्शन और जिला पंचायत के सीईओ श्री अग्रिम कुमार के नेतृत्व में इसे लागू किया गया है।
सेवा का संचालन
जिले के प्रत्येक 11 जनपद में 3 ग्राम पंचायतो से 1 कलस्टर का गठन किया गया हैं। इन दलों को अत्याधुनिक उपकरण और सुरक्षा किट प्रदान की गई हैं, जिनमें इलेक्ट्रिक व बैटरी से चलने वाली वॉशिंग मशीनें शामिल हैं।
सफाई प्रक्रिया
यह सेवा स्कूलों, आंगनवाड़ियों, छात्रावासों और सामुदायिक शौचालयों में जाकर शौचालयों की सफाई करेगी।
आर्थिक लाभ
यह योजना स्वच्छता कर्मियों को रोजगार के साथ-साथ करीब 20,000 रुपये की मासिक आमदनी भी प्रदान करेगी। यह पहल जिले में स्वच्छता अभियान को नई दिशा देने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों की सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में अहम भूमिका निभाएगी। इस विशेष अवसर पर सांसद श्री विवेक बंटी साहू, अमरवाड़ा विधायक श्री कमलेश प्रताप शाह, कलेक्टर श्री शीलेन्द्र सिंह, सीईओ जिला पंचायत श्री अग्रिम कुमार, म.प्र.भारिया विकास प्राधिकरण तामिया के अध्यक्ष श्री दिनेश कुमार अंगारिया, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कांता ठाकुर, जिला समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण सुधीर कृषक और अन्य प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।
राज्यपाल श्री पटेल तथा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने "स्वच्छता ही सेवा" अभियान पर केंद्रित मध्यप्रदेश की फिल्म का लोकार्पण किया।कार्यक्रम में स्वच्छता ही सेवा अभियान की रूपरेखा पर केन्द्र सरकार की लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। जिला चिकित्सालयों में आरंभ हो रहे "प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्रों" पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। राज्यपाल श्री पटेल तथा मुख्यमंत्री डॉ. यादव को भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी द्वारा प्ले कार्ड भेंट किये गये। राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने, सफाई मित्रों का सम्मान कर प्रोत्साहन राशि और स्वच्छता किट का वितरण किया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ला, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय तथा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री वी.डी. शर्मा उपस्थित थे। राज्यपाल श्री पटेल ने इंदौर शहर को स्वच्छता में लगातार 7 वर्ष तक सिरमौर बने रहने पर बधाई दी। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए इंदौर के सफाई कर्मचारियों की अथक और सतत् मेहनत की सराहना की। राज्यपालन ने स्वच्छता की आदत और स्वच्छता गतिविधियों में इंदौरवासियों की उत्साहपूर्वक सहभागिता के लिए शुभकामनाएं दीं।
जन औषधि केन्द्र गरीबों के लिए प्रधानमंत्री की विशिष्ट पहल
राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि जन औषधि केन्द्र गरीबों के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की विशिष्ट पहल है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री मोदी के जन्म-दिवस के अवसर पर प्रदेश के सभी 50 जिला चिकित्सालयों में प्रधानमंत्री जन औषधि केन्द्रों के शुभारंभ पर प्रदेशवासियों को बधाई दी। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि न्यूनतम दाम और गुणवत्तापूर्ण दवाईयों के कारण औषधि केन्द्र गरीबों के आर्थिक हित में हैं। राज्यपाल श्री पटेल ने सभी से अपील की कि अपने आस-पास के गरीब और जरूरतमंदों को जन औषधि केन्द्र में मिलने वाली जेनेरिक, किफायती दवाईयों और आर्थिक बचत के बारे में ज्यादा से ज्यादा बताएं। उन्होंने चिकित्सकों से भी कहा कि मरीजों के इलाज के समय उन्हें प्रधानमंत्री जन औषधि केन्द्रों की सुविधा और लाभ के बारे में भी जरूर जानकारी दें।
प्रदेश के 50 चिकित्सालयों में आरंभ हो रहे प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि जन-जन के जीवन को आसान बनाने के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराना ही प्रधानमंत्री श्री मोदी को दी जाने वाली सबसे बड़ी और यादगार भेंट है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के जन्म-दिवस पर प्रदेश के सभी 50 चिकित्सालयों में आरंभ हो रहे प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र तथा प्रधानमंत्री आवास योजना में हो रहा है गृह प्रवेश, प्रदेश के आम आदमी के जीवन स्तर में सुधार लाएगा। सफाई मित्रों के कल्याण के लिए भी राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। आम आदमी के लिए किए जा रहे हैं यह कार्य ही प्रधानमंत्री श्री मोदी के जन्म-दिवस की भेंट है।
कचरा-मुक्त शहर स्टार प्रमाणीकरण होगा सफाई मित्रों को राशि प्रदान करने का आधार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगरीय निकायों में कार्यरत सफाई मित्रों को उनके योगदान के प्रोत्साहन स्वरूप नगरीय निकायों को राशि उपलब्ध कराने की घोषणा भी की। स्वच्छता सर्वेक्षण-2024 में नगरीय निकायों को कचरा-मुक्त शहर-स्टार प्रमाणीकरण के आधार पर सफाई मित्रों को राशि प्रदान की जाएगी। नगरीय निकायों को रैंकिंग में जितने स्टार प्राप्त होंगे, उसमें कार्यरत सभी सफाई मित्रों को उतने हजार की राशि दी जाएगी, अर्थात्एक स्टार प्राप्त नगरीय निकाय के सभी सफाई मित्रों को एक-एक हजार रूपए राशि प्रदान की जाएगी, नगरीय निकाय सात स्टार तक की रैकिंग प्राप्त कर सकते हैं।
आवासहीनों को नि:शुल्क आवास उपलब्ध कराना प्रधानमंत्री श्री मोदी जैसे दूरदर्शी व्यक्तित्व के लिए ही संभव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी की पहल पर प्रदेश के 1 लाख 31 हजार परिवार पीएम आवास योजना के अंतर्गत नवनिर्मित आवासों में प्रवेश कर रहे हैं। प्रदेश में अब तक 36 लाख 24 हजार से अधिक ग्रामीण परिवारों को योजना के अंतर्गत आवास उपलब्ध कराए गए हैं।
जन-सामान्य को स्वस्थ रखने में सफाई कर्मियों का महत्वपूर्ण योगदान, हम सभी उनके आभारी हैं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जन-सामान्य को स्वस्थ रखने और लोगों को बीमारियों से बचाने में सफाई कर्मियों का महत्वपूर्ण योगदान है, हम सभी उनके आभारी हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश को स्वच्छता के क्षेत्र में मिली उपलब्धियां में सफाई मित्रों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। सफाई मित्रों के कार्य की महत्ता अतुलनीय है। कोविड काल में भी सफाई कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। साथ ही उनके प्रयासों के परिणामस्वरूप भोपाल को देश की स्वच्छतम राजधानी और इंदौर को 7 बार देश के स्वच्छतम नगर का अवार्ड प्राप्त हुआ।
सफाई मित्र हुए सम्मानित
राज्यपाल श्री पटेल तथा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सफाई मित्रों को सम्मानित भी किया। इसमें भोपाल नगर निगम के सफाई मित्र सर्वश्री आकाश वाल्मिकी, जीवन लाल, धर्म सिंह, राजेश दामले और सुश्री रश्मि को तथा ग्रामीण क्षेत्र की श्रीमती दीप माला, श्रीमती प्रीति और सर्वश्री निखलेश, अमित कुमार व धर्मेन्द्र वाल्मिकी को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम को उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल तथा नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी संबोधित किया। प्रमुख सचिव श्री नीरज मंडलोई ने समारोह की रूपरेखा प्रस्तुत की।
इस अवसर पर लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री नरेंद्र शिवाजी पटेल, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास सारंग, जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह, नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्रीमती राधा सिंह, सांसद श्री आलोक शर्मा, भोपाल की महापौर श्रीमती मालती राय, विधायक श्री रामेश्वर शर्मा, विधायक श्री भगवान दास सबनानी एवं जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।
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