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उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं एवं प्रशासनिक विषयों की समीक्षा की। बैठक में डॉक्टरों की पदोन्नति, मेडिकल ऑफिसर्स की काउंसलिंग प्रक्रिया, टीबी मुक्त भारत अभियान और सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन अभियान की प्रगति पर विस्तार से चर्चा कर अप मुख्यमंत्री शुक्ल ने आवश्यक निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी एवं जनहितकारी बनाने के लिए डॉक्टरों की पदोन्नति के लिए आवश्यक प्रस्ताव शीघ्र तैयार करें, जिससे चिकित्सा संस्थानों में प्रशासनिक एवं उपचारात्मक व्यवस्था और सुदृढ़ हो सके। उन्होंने मेडिकल ऑफिसर्स की काउंसलिंग प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से संपन्न कराने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा की नवीन स्वास्थ्य संस्थानों में शीघ्र सेवा प्रदाय प्रारंभ किया जाये।
“टीबी मुक्त भारत” अभियान की समीक्षा करते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प के अनुरूप मध्यप्रदेश को टीबी मुक्त बनाने हेतु जनभागीदारी, समय पर जांच एवं उपचार पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने अधिकारियों को टीबी मरीजों की नियमित मॉनिटरिंग एवं पोषण सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन अभियान की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में व्यापक स्क्रीनिंग, जागरूकता एवं समय पर उपचार के माध्यम से इस बीमारी के नियंत्रण हेतु विशेष प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेशवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। बैठक में आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा धनराजू एस, एमडी एमपीपीएचएससीएल मयंक अग्रवाल सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
]]>छत्तीसगढ़ में 750 करोड़ रुपये से अधिक का चिकित्सा उपकरण और रसायन खरीद घोटाला उजागर हुआ है। मामले में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और चार फर्मों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के एक अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (सीजीएमएससीएल) रायपुर और स्वास्थ्य सेवा विभाग के निदेशालय के अधिकारियों और चार फर्मों-दुर्ग की मोक्षित कॉर्पोरेशन, सीबी कॉर्पोरेशन, रिकॉर्ड्स एंड मेडिकेयर सिस्टम एचएसआईआईडीसी पंचकूला, हरियाणा और रायपुर की श्री शारदा इंडस्ट्रीज व अन्य पर 22 जनवरी को एफआईआर दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि एफआईआर में किसी व्यक्ति का नाम नहीं है। अधिकारी ने कहा, सोमवार को छत्तीसगढ़ और हरियाणा में एक दर्जन से अधिक स्थानों पर इस मामले में छापे मारे गए। छापे में कई दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बैंक खातों का विवरण और दस्तावेज जब्त किए गए हैं। एफआईआर में कहा गया है कि राज्य के लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग ने 2021 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार के दौरान हमर लैब की स्थापना के लिए आवश्यक उपकरण, मशीन आदि की खरीद के निर्देश जारी किए थे।
]]>फूड सेफ्टी ऑफिसर रमेश चौहान की मानें तो सूचना के आधार पर जब टीम फर्रूखनगर में पहुंची तो अवैध मिठाई की फैक्ट्री के संचालक को इसकी खबर लग गई। इस पर वह फैक्ट्री बंद कर भाग गया। इसके बाद टीम ने दाे मिठाई की दुकानों पर छापा मारकर आधा दर्जन से अधिक मिठाईयों के सैंपल लिए हैं। इन सैंपल को जांच के लिए लैब में भेज दिया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों की मानें तो त्यौहार के सीजन में लगातार मिलावटी अथवा नकली मिठाई बिक्री की सूचना आती रहती है जिसके आधार पर कार्रवाई की जाती है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि उन्हें जहां भी नकली अथवा मिलावटी मिठाई बिक्री की सूचना मिलती है वह तुरंत ही विभाग को इसकी सूचना दे ताकि इस पर कार्रवाई की जा सके।
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राज्य सरकार ने स्वास्थ्य विभाग में बड़े पैमाने पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी और स्वास्थ्य अधिकारियों के तबादले किए हैं. लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा जारी आदेश में कई जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को इधर से उधर किया गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार कुल 17 अधिकारियो का तबादला किया गया है।
जिसमें 11 जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं सिविल सर्जनों के नाम शामिल है। साथ ही सूची में कुछ चिकित्सा अधिकारियों के नाम भी शामिल है। कई दिनों से स्वास्थ्य विभाग में ट्रांसफर की चर्चा चल रही थी स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने ट्रांसफर की फाइल मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के पास भेजी थी. जिसके बाद आज स्वास्थ्य विभाग ने ट्रांसफर लिस्ट जारी कर दी।
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