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साउथ अफ्रीका के विस्फोटक विकेटकीपर-बल्लेबाज हेनरिक क्लासेन ने वनडे और टी20 क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया। उन्होंने हाल ही में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लिया था। अब वह टी20 लीग में धमाल मचाना जारी रखेंगे। हेनरिक क्लासेन ने 7 फरवरी 2018 को भारत के खिलाफ वनडे डेब्यू किया था। तब से उन्होंने मध्यक्रम में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग कौशल से साउथ अफ्रीका के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने साउथ अफ्रीका के लिए सिर्फ 60 वनडे मैच खेले हैं और 2141 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने 4 शतक और 11 अर्धशतकीय पारियां खेली हैं। क्लासेन के संन्यास से कहीं न कहीं साउथ अफ्रीका की वनडे टीम में एक बड़ी कमी नजर आएगी।
इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट लिखकर क्लासेन ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने लिखा, “यह मेरे लिए दुखद दिन है क्योंकि मैं घोषणा करता हूँ कि मैंने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से दूर रहने का फैसला कर लिया है। मुझे यह तय करने में बहुत समय लगा कि मेरे और मेरे परिवार के लिए भविष्य में क्या सबसे अच्छा रहेगा। यह वाकई बहुत कठिन फैसला था लेकिन साथ ही मैं इससे पूरी तरह से संतुष्ट भी हूँ। पहले दिन से ही, अपने देश का प्रतिनिधित्व करना मेरे लिए सबसे बड़ा सम्मान था और यह वह सब कुछ था जिसके लिए मैंने एक युवा लड़के के रूप में काम किया था और जिसके बारे में मैंने सपना देखा था। मैंने बेहतरीन दोस्त और रिश्ते बनाए हैं जिन्हें मैं जीवन भर संजो कर रखूँगा। प्रोटियाज के लिए खेलने से मुझे महान लोगों से मिलने का मौका मिला जिन्होंने मेरी जिंदगी बदल दी और उन लोगों को मैं जितना भी धन्यवाद कहूँ कम है।”
उन्होंने आगे लिखा, “प्रोटियाज की शर्ट पहनने का मेरा सफर बाकी लोगों से अलग था और मेरे करियर में कुछ ऐसे कोच थे जिन्होंने मुझ पर विश्वास बनाए रखा – मैं उनका हमेशा आभारी रहूँगा। अपनी छाती पर प्रोटियाज बैज के साथ खेलना मेरे करियर का सबसे बड़ा सम्मान था और हमेशा रहेगा। मैं अपने परिवार के साथ अधिक समय बिताने के लिए उत्सुक हूँ क्योंकि यह निर्णय मुझे ऐसा करने का मौका देगा। मैं हमेशा एक बड़ा प्रोटियाज सपोर्टर रहूंगा और मेरे करियर के दौरान मेरा और मेरे साथियों का समर्थन करने वाले सभी लोगों को धन्यवाद देना चाहूंगा।”
दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ खेले गए आईपीएल के अपने आखिरी मैच में क्लासेन ने केवल 39 बॉल पर 105 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली थी। इसमें सात चौके और 9 छक्के शामिल थे। हालांकि टीम पहले ही बाहर हो चुकी थी, इसलिए इस जीत का कोई भी असर उनकी टीम पर नहीं पड़ा। इस सीजन के आईपीएल से पहले एसआरएच ने उन्हें 23 करोड़ रुपये में रिटेन किया था। हालांकि उनका पूरा सीजन तो बहुत अच्छा नहीं गया, लेकिन आखिरी मुकाबले में उन्होंने जबरदस्त पारी खेली।
हेनरिक क्लासेन ने सोशल मीडिया पर एक लंबा पोस्ट लिखा। इसमें क्लासेन ने कहा कि यह उनके लिए दुखद दिन है, क्योंकि वह घोषणा कर रहे हैं कि उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से दूर रहने का फैसला किया है। उनका कहना है कि उन्हें तय करने में बहुत समय लगा कि उनके और परिवार के लिए भविष्य में क्या सबसे अच्छा रहेगा। यह वाकई बहुत कठिन फैसला था, लेकिन वह पूरी तरह से संतुष्ट हैं। क्लासेन ने कहा कि पहले दिन से ही, अपने देश का प्रतिनिधित्व करना मेरे लिए सबसे बड़ा सम्मान था और यह वह सब कुछ था, जिसके लिए एक युवा के रूप में काम किया था और जिसके बारे में सपना देखा था।
क्लासेन ने कहा कि बेहतरीन दोस्ती और रिश्ते बनाए हैं, जिन्हें वह जीवन भर संजो कर रखेंगे। साउथ अफ्रीका के खेलने से उन्हें उन महान लोगों से मिलने का मौका मिला जिन्होंने जिंदगी बदल दी और उन लोगों को वह जितना भी धन्यवाद कहें कम है। टीम की शर्ट पहनने का उनका सफर बाकी लोगों से अलग था और करियर में कुछ ऐसे कोच थे जिन्होंने विश्वास बनाए रखा। अपनी छाती पर प्रोटियाज बैज के साथ खेलना उनके करियर का सबसे बड़ा सम्मान था और हमेशा रहेगा।
हेनरिक क्लासेन अभी केवल 33 साल के हैं और उनका रिटायरमेंट लेना किसी को भी समझ नहीं आ रहा है। साउथ अफ्रीका के लिए क्लासेन ने चार टेस्ट खेलकर 104 रन बनाए हैं, वहीं 60 वनडे मैच खेलकर उन्होंने 2141 रन बनाने का काम किया है। बात अगर टी20 इंटरनेशनल की करें तो वहां उन्होंने 58 मुकाबले खेलकर पूरे 1000 रन अपने नाम किए हैं। आईपीएल में भी क्लासेन का जलवा रहता है, वे कई अहम और विध्वंसक पारियां खेलने में कामयाब रहे हैं।
]]>क्लासेन ने दक्षिण अफ्रीका की चार रन से जीत के बाद कहा,‘‘निश्चित तौर पर अगर आप दुनिया को दिखाना चाहते हैं और यहां बाजार तलाश रहे हैं तो मुझे नहीं लगता कि इस तरह की परिस्थितियों में ऐसा करना संभव होगा। क्रिकेट के लिहाज से यह कड़ी प्रतिस्पर्धा है। इससे शीर्ष टीमों और अन्य टीमों के बीच अंतर कम हो गया है।’’
इस आक्रामक बल्लेबाज ने कहा कि बल्लेबाज इस तरह की पिच पर खेलना पसंद नहीं करेंगे जबकि गेंदबाज ऐसी पिचों पर खेलना चाहेंगे। आईसीसी पहले ही स्वीकार कर चुका है कि उसने जिस तरह की पिचों की उम्मीद की थी यह वैसी नहीं हैंं।
क्लासेन ने कहा,‘ईमानदारी से कहूं तो ‘मुझे लगता है कि सभी बल्लेबाज इस स्थान से बाहर निकलना चाहेंगे लेकिन गेंदबाज यही बने रहना चाहेंगे। लेकिन हमने अपनी भूमिका निभाई और हमारा लक्ष्य यहां तीनों मैच में जीत दर्ज करना था। निश्चित तौर पर जितना हमने सोचा था जीत हासिल करना उससे अधिक मुश्किल रहा।’’
उन्होंने कहा,‘‘हमारे लिए यहां काफी तनाव भरा रहा क्योंकि मैच वास्तव में काफी करीबी बन गए। हमारे लिए कोई भी मैच आसान नहीं रहा लेकिन इसके बावजूद यह अच्छा मनोरंजक क्रिकेट है। कोई भी टीम इस मैदान पर किसी भी टीम को हरा सकती है।’’पिछले साल मेजर लीग क्रिकेट में खेलने वाले क्लासेन ने कहा,‘‘मैं डलास और उत्तरी कैरोलिना में खेला था। वहां विकेट इससे बेहतर थे और उस तरह की परिस्थितियों में क्रिकेट का प्रसार करना थोड़ा आसान हो जाता है।’’
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