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यमन के हूती विद्रोहियों ने देश की वायु सीमा में उड़ रहे अमेरिका के एक और एमक्यू-9 निगरानी ड्रोन को रविवार तड़के मार गिराने का दावा किया। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई के जवाब में अमेरिका ने हूती नियंत्रित इलाकों में हवाई हमले किए। वहीं, अमेरिकी सेना ने ‘एसोसिएटेड प्रेस’ से कहा कि वह इस दावे से अवगत है, लेकिन उसे यमन में अमेरिकी सैन्य ड्रोन को गिराए जाने के संबंध में 'कोई रिपोर्ट नहीं मिली है।' हूती विद्रोहियों ने अपने दावे के समर्थन में कोई तस्वीर या वीडियो जारी नहीं किया।
साल 2014 में यमन की राजधानी सना पर कब्जे के बाद हूती विद्रोहियों ने बड़ी संख्या में एमक्यू-9 ड्रोन मार गिराए हैं। गाजा पट्टी में पिछले साल इजराइल और हमास के बीच युद्ध छिड़ने के बाद हूती विद्रोहियों ने अमेरिकी ड्रोन पर हमले तेज करने के साथ ही लाल सागर गलियारा में जहाजों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है। 7 अक्टूबर 2023 के बाद से वे क्षेत्र में कम से कम 80 जहाजों पर ड्रोन और मिसाइल से हमले कर चुके हैं।
क्या बोले हूती विद्रोही
हूती सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी ने एक वीडियो में अमेरिकी ड्रोन को मार गिराने का दावा किया। उन्होंने कहा कि हूती लड़ाकों ने यमन के मारिब प्रांत में उड़ रहे ड्रोन को मार गिराया। मारिब को उसके तेल और प्राकृतिक गैस भंडार के लिए जाना जाता है। इस प्रांत पर सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन बलों का नियंत्रण है, जो 2015 से विद्रोहियों से लड़ाई लड़ रहे हैं। सरी ने हमले के संबंध में कोई विवरण नहीं दिया। उन्होंने कहा कि हूती विद्रोही 'अत्याचार के शिकार फलस्तीनियों की जीत और यमन की रक्षा के लिए अपने जिहादी कर्तव्यों का पालन करना जारी रखेंगे।'
अमेरिका को अरबों का नुकसान
एक एमक्यू-9 ड्रोन की कीमत लगभग तीन करोड़ डॉलर (2.5 अरब रुपए) होती है। यह ड्रोन 50 हजार फुट तक की ऊंचाई पर लगातार 24 घंटे तक उड़ान भर सकता है। यमन में निगरानी के लिए अमेरिका वर्षों से एमक्यू-9 का इस्तेमाल कर रहा है। अमेरिकी ड्रोन को मार गिराने के दावे के बाद हूती विद्रोहियों के अल-मसीरा सेटेलाइट समाचार चैनल ने इब शहर के पास बड़े पैमाने पर अमेरिकी हवाई हमले होने की खबर दी। अमेरिकी सेना ने तत्काल हमले की जिम्मेदारी नहीं ली, लेकिन अमेरिकी बल जनवरी से ही हूती विद्रोहियों के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई कर रहे हैं।
]]>ओमान में रहने वाले अब्दुलसलाम ने देर रात हूतियों द्वारा संचालित अल-मसीरा टीवी के हवाले से कहा कि यह फैसला मस्कट में यूरोपीय संघ के राजदूतों के साथ बातचीत के बाद लिया गया है।
शिन्हुआ समाचार एजेंसी ने हूती टेलीविजन के हवाले से बताया कि लाल सागर में मौजूद जहाज में लगातार तेल रिसाव के कारण कई दिनों से आग जल रही है। जिसे रेस्क्यू कर इरिट्रिया के बंदरगाह पर ले जाया जाएगा।
संयुक्त राष्ट्र में ईरान के मिशन ने बुधवार को कहा कि ईरान समर्थित हूती समूह ने टगबोट और बचाव जहाजों को लाल सागर में क्षतिग्रस्त कच्चे तेल के टैंकर वाले जहाज तक पहुंचने की अनुमति देने के लिए एक अस्थायी संघर्ष विराम पर सहमति व्यक्त की है।
ईरान के संयुक्त राष्ट्र मिशन ने कहा, "कई देशों ने अंसारुल्लाह (हूतियों) से संपर्क साधा और टगबोट और बचाव जहाजों के प्रवेश के लिए अस्थायी संघर्ष विराम का अनुरोध किया है। मानवीय और पर्यावरणीय चिंताओं को ध्यान में रखते हुए अंसारुल्लाह ने इस अनुरोध पर सहमति जताई है।"
ज्ञात हो कि यमन के बंदरगाह शहर होदेइदाह के पास जहाज पर हमला किया गया था। पेंटागन के एक प्रवक्ता ने मंगलवार को कहा कि लाल सागर में जहाज में आग लगी हुई है और अब भी तेल रिस रहा है।
हूती ने कहा कि उन्होंने जहाज पर हमला किया है। बता दें कि विद्रोही फिलिस्तीनियों के समर्थन में लाल सागर से गुजर रहे हर एक जहाजों को निशाना बना रहा है। 150,000 टन कच्चे तेल को ले जाने वाले एमवी सोनियन नामक जहाज पर 23 अगस्त से आग लगी हुई है।
हूतियों के एक बयान के अनुसार, इस हमले में कई नावों, बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया गया था।
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हूती सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सारी ने शुक्रवार रात दावा किया था कि हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में पोतों पर दो हमले किए हैं लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यूकेटीएमओ ने किस पोत पर हुए हमले की जानकारी दी है। विद्रोहियों ने मिसाइल और ड्रोन हमलों के जरिए अब तक 60 से अधिक पोत को निशाना बनाया है और इन हमलों में चार नाविक मारे गए हैं। हूती विद्रोहियों के खिलाफ अमेरिका के नेतृत्व में जनवरी से कई हवाई हमले किए गए हैं।
युद्ध खत्म करने की मांग
विद्रोहियों के अनुसार, 30 मई को हुए हमले में कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई थी और 42 अन्य घायल हुए थे। हूती विद्रोहियों का हालांकि कहना है कि वह इजराइल, अमेरिका या ब्रिटेन के पोतों को ही निशाना बनाता है, लेकिन ऐसे कई पोतों पर हमला किया गया है जिनका इजराइल-हमास युद्ध से कोई लेना-देना नहीं था। विद्रोही इजराइल से गाजा में युद्ध की समाप्त करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक इजरायल के हमले नहीं रुकते तब तक वह हमले जारी रखेंगे।
अमेरिका के निकलते ही बढ़े हमले
हूतियों के हमले तब बढ़े हैं जब अमेरिका ने अपना विमानवाहक पोत लाल सागर से निकाल लिया है। इससे पहले पिछले सप्ताह हूती विद्रोहियों के एक हमले में मालवाहक पोत लाल सागर में डूब गया था। हूती विद्रोहियों के हमले में यह जहाज डूबने का दूसरा मामला था। यूकेएमटीओ ने क्षेत्र में नाविकों को सचेत करते हुए बताया कि ‘द ट्यूटर’ लाल सागर में डूब गया है। यूकेएमटीओ ने कहा था कि अधिकारियों ने बताया कि समुद्र में उन्हें तेल और मलबा दिखा है। इससे अनुमान है कि जहाज डूब गया।
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