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देश भर के राज्यों में गर्मी पूरे शबाब पर है। लोग मॉनसून की बारिश का इंतजार कर रहे हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मुताबिक, अगले 3-4 दिनों के दौरान मुंबई, कर्नाटक के शेष हिस्सों, तटीय आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र के कुछ और हिस्सों, छत्तीसगढ़ के दक्षिणी हिस्सों से मॉनसून के आगे बढ़ने की उम्मीद है। आईएमडी ने कहा कि मॉनसून की स्थिति लगभग सामान्य है, लेकिन मॉनसून से प्रभावित नहीं होने वाले क्षेत्रों में अभी भी उच्च तापमान और गर्मी की लहर की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। आईएमडी के महानिदेशक एम महापात्र ने कहा, "एक बार जब मॉनसून की उत्तरी सीमा अगले सप्ताह तक मध्य भारत के कुछ हिस्सों तक पहुंच जाएगी, तो यह आधे देश को कवर कर लेगा। मॉनसून द्वारा कवर किए गए क्षेत्रों में हीटवेव से राहत मिल जाएगा। जून में बारिश की मात्रा अब तक सामान्य बनी हुई है। मॉनसून आम तौर पर 10-11 जून के आसपास मुंबई में दस्तक देता है।"
कहां तक पहुंचा मॉनसून
मॉनसून मध्य अरब सागर के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ गया है। मॉनसून कर्नाटक के अधिकांश भाग, महाराष्ट्र, तेलंगाना और तटीय आंध्र प्रदेश के कुछ और हिस्से, पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी के अधिकांश हिस्से और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्से तक प्रवेश कर जाएगा। मौसम विभाग के मुताबिक, मॉनसून की उत्तरी सीमा रत्नागिरी, सोलापुर, मेडक, भद्राचलम, विजयनगरम और इस्लामपुर से होकर गुजर रही है। आईएमडी ने कहा, "मध्य अरब सागर के कुछ और हिस्सों, कर्नाटक और तटीय आंध्र प्रदेश के शेष हिस्सों, महाराष्ट्र के कुछ और हिस्सों (मुंबई सहित), तेलंगाना, दक्षिण छत्तीसगढ़ और दक्षिण ओडिशा के कुछ हिस्सों से मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं।"
यूपी में जारी है बारिश/आंधी का दौर
उत्तर पश्चिम भारत में कुछ स्थानों पर बारिश/आंधी तूफान का दौर शुक्रवार तक जारी रहने की संभावना है। अगले 5 दिनों के दौरान पूर्वी भारत, उत्तर प्रदेश और उत्तरी मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में लू चलने की संभावना है। बुधवार को, उत्तर प्रदेश, दिल्ली के दक्षिणी के कुछ हिस्सों और हरियाणा, उत्तरी मध्य प्रदेश और पूर्वी राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों में लू की स्थिति बनी रही। हरियाणा में 17 मई से और मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में 18 मई से लू की स्थिति बनी हुई है।
बुधवार को, हरियाणा, दिल्ली के कई हिस्सों और उत्तरी राजस्थान, उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों के अलग-अलग हिस्सों में अधिकतम तापमान 43-46 डिग्री सेल्सियस के बीच था। इन क्षेत्रों में यह सामान्य से 2-4 डिग्री सेल्सियस अधिक था। बुधवार को सबसे अधिक अधिकतम तापमान 46.2 डिग्री सेल्सियस फतेहपुर (पूर्वी उत्तर प्रदेश) में दर्ज किया गया।
]]>उन्होंने कहा कि केरल के अधिकांश हिस्सों और पूर्वोत्तर के कई हिस्सों को मॉनसून कवर कर चुका है। कुमार ने बताया कि अगले 3-4 दिनों में तमिलनाडु और कर्नाटक के कुछ हिस्सों के साथ-साथ उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और शेष पूर्वोत्तर राज्यों को कवर कर लेने की संभावना है। बता दें कि अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा, नगालैंड, मेघालय, मिजोरम, मणिपुर और असम में मॉनसून के आगमन की सामान्य तिथि 5 जून है।
मौसम वैज्ञानिकों ने कहा कि रविवार को पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश से गुजरे चक्रवात रेमल ने मॉनसून के प्रवाह को बंगाल की खाड़ी की ओर खींच लिया है, जो पूर्वोत्तर में मॉनसून के जल्दी आने का एक कारण हो सकता है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार केरल में पिछले कुछ दिन से भारी बारिश हो रही थी, जिसके परिणामस्वरूप मई में सामान्य से अधिक बारिश हुई है।
इसके अलावा मौसम विभाग ने पश्चिमी विक्षोभ के कारण पश्चिमोत्तर भारत और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में कुछ राहत की उम्मीद जताते हुए जल्द ही बूंदाबांदी के साथ अंधड आने का अनुमान जताया है। आईएमडी ने एक बयान में कहा कि आने वाले पश्चिमी विक्षोभ, बारिश या तूफान और अरब सागर से उत्तर-पश्चिम भारत की ओर बहने वाली दक्षिण-पश्चिमी हवा के कारण तापमान में गिरावट आने के कारण अगले दो-तीन दिनों के दौरान भीषण गर्मी से राहत मिलने के आसार जताये हैं। पिछले कुछ दिनों से पूरा उत्तर-पश्चिम भारत को लू की चपेट में है, जहां राजस्थान के चुरू में अधिकतम तापमान 50 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया।
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