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भारत और अमेरिका व्यापार समझौते (India US Trade Deal) को अंतिम रूप देने के लिए भारत की टीम अमेरिका के लिए अगले हफ्ते रवाना होने वाली है.वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने सोमवार को इसकी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि इस दौरे के दौरान भारत के मुख्य वार्ताकार दर्पण जैन भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के लिए कानूनी समझौते को अंतिम रूप देने के लिए अगले सप्ताह वाशिंगटन में एक टीम को लीड करेंगे. यह यात्रा 23 फरवरी को शुरू होने की संभावना है और डील पर साइन मार्च में होने की संभावना है.
इसी महीने की शुरुआत में भारत और अमेरिका ने एक संयुक्त बयान जारी कर अंतरिम व्यापार समझौते का ऐलान कर दिया था. अग्रवाल ने कहा कि संयुक्त बयान डील की रूपरेखा तय करता है. अब इस अंतरिम डील को कानूनी समझौते में बदला जाना बाकी है, जो दोनों पक्षों द्वारा साइन के बाद लागू हो जाएगा. अभी दोनों ही टीमों के बीच वर्चुअल तरीके से बातचीत चल रही है.
India-US Trade Deal व्यापार सौदा
राजेश अग्रवाल ने कहा कि मार्च में समझौते को पूरा करने और हस्ताक्षर करने का प्रयास है. लेकिन इस पर कोई समय सीमा नहीं रखी है क्योंकि कानूनी समझौते को अंतिम रूप देने में भी कुछ चुनौतियां आ सकती हैं, जिसे दोनों पक्षों को सॉल्व करेंगे. जबकि वाशिंगटन ने पहले ही रूसी कच्चे तेल की खरीद के लिए भारत पर 25% दंडात्मक टैरिफ को समाप्त कर दिया है और भारतीय वस्तुओं पर रेसिप्रोकल टैरिफ 25 फीसदी से कम करके 18 फीसदी कर दिया है.
रिपोर्ट के मुताबिक, एक अधिकारी ने कहा कि भारत कपास का बड़ा आयातक है और उसे इसकी ज्यादा आवश्यकता है, क्योंकि वह यूरोपीय संघ और अमेरिका के कपड़ों को के अधिक निर्यात पर नजर रखता है. कृषि, डिजिटल व्यापार को लेकर अधिकारी ने कहा कि अमेरिका और यूरोपीय संघ के साथ व्यापार समझौतों ने भारत के कृषि क्षेत्र के लिए 400 अरब डॉलर का अवसर खोल दिया है.
दाल और डिजिटल टैक्स
अभी भारत का अमेरिका को कृषि निर्यात 2.8 बिलियन डॉलर है, जबकि आयात 1.5 बिलियन डॉलर है. कुल मिलाकर, भारत में कृषि वस्तुओं का आयात 35 अरब डॉलर का है, जबकि निर्यात का मूल्य 51-52 अरब डॉलर है. अधिकारी ने कहा कि संयुक्त बयान में दालें नहीं थीं. अधिकारियों ने कहा कि दोनों पक्षों ने व्यापार सौदे की पहली किश्त में बातचीत में डिजिटल टैक्स, ईकॉमर्स या समकारी लेवी पर चर्चा नहीं की है.
गौरतलब है कि अभी भारत और अमेरिका के बीच फाइनल ट्रेड डील नहीं हुई है. यह सिर्फ अंतरिम समझौते का ऐलान किया गया है. भारत पर टैरिफ घटाकर 18 फीसदी कर दिया गया है. वहीं बहुत से प्रोडक्ट्स पर टैरिफ शून्य लागू है. अमेरिका भी भारत को बड़े लेवल पर समान बेचने वाला है. हालांकि स्पष्ट और पूरी डिटेल डील पर साइन होने के बाद ही आ सकती है.
]]>भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील अगले हफ्ते साइन हो समती है. हालांकि उससे पहले दोनों देश ने अंतरिम ट्रेड एग्रीमेंट (India-US Trade Agreement) का फ्रेमवर्क जारी किया है. इसके तहत भारत पर आज से 18 फीसदी टैरिफ लगाया जाएगा. रूस से तेल खरीदने को लेकर लगाया गया एक्स्ट्रा 25% टैरिफ को भी हटा दिया गया है.
भारत और अमेरिका के इस फ्रेमवर्क को जल्द लागू किया जा सकता है और दोनों देशों के बीच व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौता (BTA) के तौर पर बात आगे बढ़ेगी. यह फ्रेमवर्क 13 फरवरी से शुरू हो रहे भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौता (BTA) वार्ता को आगे बढ़ाएंगे.
पीयूष गोयल ने जानकारी दी कि इस वार्ता के तहत धीरे-धीरे बाजार पहुंच बढ़ेगी, सप्लाई चेन को मजबूत किया जाएगा और ट्रेड बैरियर जैसे प्रावधान खत्म किए जा सकते हैं. साथ ही भारत और अमेरिका सभी औद्योगिक चीजों पर टैरिफ को कम कर सकते हैं. वाणिज्य मंत्री ने कहा कि यह ट्रेड डील भारत के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर का मार्केट खोलेगा.
ट्रेड डील की 10 बड़ी बातें
दरअसल अमेरिका ने पहली बार अप्रैल में भारत पर 25 फीसदी टैरिफ लगाया, फिर रूसी तेल खरीदने का आरोप लगाकर 25 फीसदी अतिरिक्त पेनॉल्टी थोप दिया. जिससे भारत पर कुल टैरिफ बढ़कर 50 फीसदी हो गया था. लेकिन अब भारत को लेकर ट्रंप ने अपनी सच्ची दोस्ती दिखाई और टैरिफ को घटाकर केवल 18 फीसदी कर दिया है.
डील के पीछे इस शख्स की बड़ी भूमिका
टैरिफ को लेकर दोनों देशों के बीच लगातार बैठकें चल रही थीं. लेकिन जब से सर्जियो गोर ने भारत में अमेरिकी राजदूत का पद संभाला, तब से ट्रेड डील को लेकर धीरे-धीरे तस्वीरें साफ होने लगीं. सर्जियो गोर ने अमेरिकी राजदूत (United States Ambassador to India) का पद 12 जनवरी 2026 को संभाला था.
उन्होंने पद संभालते ही कहा था कि भारत और अमेरिका के बीच सबकुछ All Is Well है, उन्होंने कहा कि बातचीत सकारात्मक दिशा में चल रही है, जल्द अच्छे परिणाम आने वाले हैं, भारत और अमेरिका के बीच रिश्ते बेहद अच्छे हैं, दोनों देश एक-दूसरे को तरजीह देते हैं.
इससे पहले गोर व्हाइट हाउस प्रेसिडेंशियल पर्सनल ऑफिस के डायरेक्टर थे, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भरोसेमंद सहयोगी माने जाते हैं. ट्रंप ने भारत की कमान उन्हें ऐसे समय पर सौंपी, जब भारत–अमेरिका के रिश्तों में टैरिफ और व्यापार मुद्दों को लेकर तनाव बढ़ रहा था.
राजदूत के पद पर नियुक्ति के तुरंत बाद गोर ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता (trade deal) की बातचीत जारी है और दोनों देशों को इसे अंतिम रूप देने पर मिलकर काम करना चाहिए. अपने नियुक्त के अगले दिन यानी 13 जनवरी 2026 को ही भारत और अमेरिका के अधिकारियों के बीच ट्रेड डील पर बातचीत के संकेत दिए थे. उसके बाद उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच करीब 7 दौर की बैठकें हो चुकी हैं, और सबकुछ सकारात्मक दिशा में है.
दोनों देशों के बीच रिश्ते बेहतर: सर्जियो गोर
इस बीच सर्जियो गोर (Sergio Gor) की नियुक्ति के 21वें दिन ही भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील का ऐलान हो गया है. कहा जा रहा है कि इस डील को अंतिम रूप देने में अमेरिकी राजदूत की बड़ी भूमिका रही है, क्योंकि ये डोनाल्ड ट्रंप के बेहद करीबी हैं और उन्हें ये जिम्मेदारी दी गई थी.
गोर ने अपने पहले बड़े सार्वजनिक संबोधन में कहा था कि कोई भी साझेदार भारत जितना महत्वपूर्ण नहीं है और भारत-अमेरिका का रिश्ता इस सदी की सबसे महत्वपूर्ण वैश्विक साझेदारी है. उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों देशों को व्यापार के साथ-साथ सुरक्षा, तकनीक, ऊर्जा और शिक्षा जैसे अन्य क्षेत्रों में भी मजबूत सहयोग की आवश्यकता है.
ट्रेड डील को लेकर गोर का बयान
डील के ऐलान के बाद गोर ने कहा कि भारत और अमेरिका के रिश्तों में अनंत संभावनाएं हैं और यह समझौता दोनों के लिए एक लैंडमार्क क्षण है. उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप भी वास्तव में प्रधानमंत्री मोदी को एक सच्चा मित्र मानते हैं, और इसी व्यक्तिगत भरोसे ने व्यापार वार्ता को तेजी से आगे बढ़ाया है.
गोर ने कहा कि डील के तहत भारतीय वस्तुओं पर लगने वाला टैरिफ पहले के 50% से घटकर 18% हो गया है, जो दोनों देशों के सहयोग को आसान बनाता है और व्यापारिक तनाव को कम करता है.
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