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भारत दुनिया में सबसे तेजी से आगे बढ़ती हुई अर्थव्यस्था (India Fastest Growing Economy) बना हुआ है और चौथी तिमाही में उम्मीद से बेहतर रहे जीडीपी ग्रोथ (India's GDP Growth) के आंकड़े भी इस ओर इशारा करते हैं. इस बीच नई दिल्ली में इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) के एक कार्यक्रम के दौरान संबोधित करते हुए G20 के शेरपा अमिताभ कांत (Amitabh Kant) ने कहा कि इंडियन इकोनॉमी सही ट्रैक पर है और 2047 तक ये 30 ट्रिलियन डॉलर की हो जाएगी.
'पश्चिम बूढ़ा हो रहा, लेकिन भारत युवा'
अमिताभ कांत ने कार्यक्रम को संबोधित करने के दौरान देश की जनसांख्यिकीय बढ़त और महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर के टारगेट्स पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत अपनी युवा आबादी और तेजी से हो रहे शहरीकरण के दम पर साल 2047 तक 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है. उन्होंने कहा कि एक ओर जहां दुनिया का पश्चिमी हिस्सा बूढ़ा हो रहा है और जापान तो पहले से ही बूढ़ा हो चुका है, यहां तक कि चीन में भी बुरा हाल है. वहीं दूसरी ओर भारतीय जनसांख्यिकी बहुत युवा है.
आजादी के 100 साल होने तक कमाल
G20 शेरपा अमिताभ कांत के मुताबिक, भारत की जनसांख्यिकी उम्र सिर्फ 28 साल है और जब हम 100 साल के हो जाएंगे, तब भी औसत आयु 35 साल होगी. यह 'बेबी बूमर्स' का देश है. उन्होंने आगे कहा कि भारत अभी-अभी दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था (India World's 4th Largest Economy) बना है और ये 4 ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े तक पहुंच गया है. कांत ने अनुमान जाहिर करते हए कहा कि जब भारत की आजादी के 100 साल पूरे होंगे, तो 2047 तक यह आंकड़ा बढ़कर लगभग 30 ट्रिलियन डॉलर हो सकता है.
500 नए शहरों करने होंगे तैयार
अमिताभ कांत ने शहरीकरण (Urbanisation) के उस पैमाने को भी रेखांकित किया, जिसके लिए भारत को ये टारगेट पाने के लिए तैयार रहना होगा. उन्होंने कहा, 'आपको अगले 5 दशकों में दो नए अमेरिका बनाने की जरूरत है, जबकि हर पांच साल में भारत में एक शिकागो बनाने की जरूरत है. यही भारत के लिए चुनौती है.' कांत के मुताबिक, आने वाले वर्षों में हमें 500 नए शहरों (New Cities) का निर्माण जरूरी होगा.
कांत ने एविएशन सेक्टर को बताया अहम
उन्होंने इंडियन इकोनॉमी पर बात करते हुए इसकी ग्रोथ में एविएशन सेक्टर भूमिका को भी अहम बताया और कहा कि भारत 400 हवाई अड्डे बनाने की आकांक्षा रखता है, जबकि वर्तमान में देश में 150 से अधिक हवाई अड्डे चालू हैं. उन्होंने कहा कि आपको बेहतरीन एयरपोर्ट्स, शानदार एयरलाइनों की जरूरत है, आपको लंबी दूरी की उड़ानें संचालित करने की जरूरत है. इसके साथ ही इंडिगो (IndiGo) और एयर इंडिया (Air India) को अपने वाइड बॉडी विमानों के साथ अमीरात, कतर एयरवेज के साथ प्रतिस्पर्धा करनी चाहिए, क्योंकि हम बाजार में प्रतिस्पर्धा करने में विश्वास करते हैं.
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मार्क मोबियस के अनुसार, भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। कुछ सालों में भारत 11वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था से पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। अभी अमेरिका, चीन, जर्मनी और जापान ही भारत से आगे हैं। आईएमएफ के अनुसार, भारत की अर्थव्यवस्था 4.3 ट्रिलियन डॉलर की है। यह जापान (4.4 ट्रिलियन डॉलर) और जर्मनी (4.9 ट्रिलियन डॉलर) से थोड़ी ही कम है। अनुमान है कि भारत इस साल जापान से और 2027 तक जर्मनी से आगे निकल जाएगा।
मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में ऐसे आएगी तेजी
मोबियस ईएम ऑपर्च्युनिटीज फंड चलाते हैं। उन्होंने कहा कि अगर भारत आयात पर लगी रोक हटा दे तो मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में तेजी आएगी। इससे अर्थव्यवस्था और भी मजबूत होगी। उन्होंने भारतीय शेयर बाजार के बारे में कहा कि अमेरिकी टैरिफ लगने से पहले भी भारतीय शेयर बाजार में गिरावट आई थी।
मोबियस ने कहा, 'बाजार में रिकवरी जरूर आएगी। ऐसे में अच्छे शेयरों को एवरेज करने का यह सही समय है। अगर किसी निवेशक के पास शेयर पहले से हैं तो उसे होल्ड करने का यह सबसे अच्छा समय है।' इसका मतलब है कि अगर आपके पास पहले से शेयर हैं तो उन्हें अभी बेचना नहीं चाहिए।
हाल ही में भारतीय शेयर बाजार में तेजी आई है। पिछले पांच दिनों में सेंसेक्स और निफ्टी करीब 4 फीसदी बढ़ चुके हैं।
3 साल में जर्मनी और जापान से आगे निकल जाएगा भारत
उधर, नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रमण्यम ने भी भारत की आर्थिक तरक्की के बारे में कई बातें कही हैं। उन्होंने कहा कि भारत अगले तीन सालों में जर्मनी और जापान से आगे निकल जाएगा। 2047 तक भारत दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है।
सुब्रमण्यम ने कहा कि भारत के पास युवा लोगों की बड़ी संख्या है। यह भारत के लिए अच्छी बात है। भारत दुनिया के लिए काम करने वाले लोगों का भरोसेमंद स्रोत बन सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत शिक्षा का केंद्र बन सकता है। उन्होंने भारतीय कंपनियों से दुनिया में सबसे आगे रहने का लक्ष्य रखने को कहा है।
मार्क मोबियस ने भारत के बारे में कुछ चिंताएं भी जताईं। उन्होंने कहा कि भारत में क्वालिटी कंट्रोल जैसी कई बाधाएं हैं। अगर भारत इन बाधाओं को हटा दे तो यह और भी तेजी से तरक्की कर सकता है। उन्होंने अमेरिका के साथ मुक्त व्यापार समझौता करने की भी सलाह दी है। इससे दोनों देशों को फायदा होगा।
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता करने की बात चल रही है। दोनों देश 2025 से पहले टैरिफ कम करने पर काम कर रहे हैं। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ेगा। मोबियस ने ट्रेड वार के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि दुनिया की अर्थव्यवस्था में कुछ दिक्कतें आ सकती हैं। लेकिन, डोनाल्ड ट्रंप कई देशों के साथ व्यापार समझौते करेंगे। इससे बाजार शांत हो जाएगा और बड़ी मंदी का खतरा टल जाएगा।
]]>मार्क मोबियस के अनुसार, भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। कुछ सालों में भारत 11वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था से पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। अभी अमेरिका, चीन, जर्मनी और जापान ही भारत से आगे हैं। आईएमएफ के अनुसार, भारत की अर्थव्यवस्था 4.3 ट्रिलियन डॉलर की है। यह जापान (4.4 ट्रिलियन डॉलर) और जर्मनी (4.9 ट्रिलियन डॉलर) से थोड़ी ही कम है। अनुमान है कि भारत इस साल जापान से और 2027 तक जर्मनी से आगे निकल जाएगा।
मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में ऐसे आएगी तेजी
मोबियस ईएम ऑपर्च्युनिटीज फंड चलाते हैं। उन्होंने कहा कि अगर भारत आयात पर लगी रोक हटा दे तो मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में तेजी आएगी। इससे अर्थव्यवस्था और भी मजबूत होगी। उन्होंने भारतीय शेयर बाजार के बारे में कहा कि अमेरिकी टैरिफ लगने से पहले भी भारतीय शेयर बाजार में गिरावट आई थी।
मोबियस ने कहा, 'बाजार में रिकवरी जरूर आएगी। ऐसे में अच्छे शेयरों को एवरेज करने का यह सही समय है। अगर किसी निवेशक के पास शेयर पहले से हैं तो उसे होल्ड करने का यह सबसे अच्छा समय है।' इसका मतलब है कि अगर आपके पास पहले से शेयर हैं तो उन्हें अभी बेचना नहीं चाहिए।
हाल ही में भारतीय शेयर बाजार में तेजी आई है। पिछले पांच दिनों में सेंसेक्स और निफ्टी करीब 4 फीसदी बढ़ चुके हैं।
3 साल में जर्मनी और जापान से आगे निकल जाएगा भारत
उधर, नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रमण्यम ने भी भारत की आर्थिक तरक्की के बारे में कई बातें कही हैं। उन्होंने कहा कि भारत अगले तीन सालों में जर्मनी और जापान से आगे निकल जाएगा। 2047 तक भारत दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है।
सुब्रमण्यम ने कहा कि भारत के पास युवा लोगों की बड़ी संख्या है। यह भारत के लिए अच्छी बात है। भारत दुनिया के लिए काम करने वाले लोगों का भरोसेमंद स्रोत बन सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत शिक्षा का केंद्र बन सकता है। उन्होंने भारतीय कंपनियों से दुनिया में सबसे आगे रहने का लक्ष्य रखने को कहा है।
मार्क मोबियस ने भारत के बारे में कुछ चिंताएं भी जताईं। उन्होंने कहा कि भारत में क्वालिटी कंट्रोल जैसी कई बाधाएं हैं। अगर भारत इन बाधाओं को हटा दे तो यह और भी तेजी से तरक्की कर सकता है। उन्होंने अमेरिका के साथ मुक्त व्यापार समझौता करने की भी सलाह दी है। इससे दोनों देशों को फायदा होगा।
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता करने की बात चल रही है। दोनों देश 2025 से पहले टैरिफ कम करने पर काम कर रहे हैं। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ेगा। मोबियस ने ट्रेड वार के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि दुनिया की अर्थव्यवस्था में कुछ दिक्कतें आ सकती हैं। लेकिन, डोनाल्ड ट्रंप कई देशों के साथ व्यापार समझौते करेंगे। इससे बाजार शांत हो जाएगा और बड़ी मंदी का खतरा टल जाएगा।
]]>गीता गोपीनाथ ने कहा कि भारत ने पिछले वित्तीय वर्ष में उम्मीद से बेहतर विकास दर दर्ज की. इसे बनाए रखने के लिए किए गए उपायों का इस साल हमारी उम्मीदों पर असर पड़ेगा. इसके अलावा, हमने भारत में निजी खर्च में भी जोरदार उछाल देखा है.
आईएमएफ की उप प्रबंध निदेशक गीता गोपीनाथ ने कहा कि पिछले साल निजी खर्च में केवल 4 फीसदी की वृद्धि हुई थी. जैसे-जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में खर्च बढ़ेगा, इसमें भी वृद्धि होगी. दोपहिया वाहनों की बिक्री और एफएमसीजी की बिक्री में तेजी आई है. बारिश के साथ, अच्छी फसल उत्पादन संभव है. नतीजतन, कृषि आय बढ़ेगी और ग्रामीण विनिमय में तेजी आएगी. ये हमारी उम्मीदों के सोर्स हैं.
IMF ने विकास की उम्मीदें बढ़ाई
आईएमएफ ने भारत में एफएमसीजी, दोपहिया वाहनों की बिक्री और अनुकूल वर्षा के आंकड़ों के आधार पर वित्त वर्ष 2024-25 के लिए भारत के विकास अनुमान को बढ़ाकर 7 फीसदी कर दिया है. यह भारत सरकार द्वारा इस वर्ष के आर्थिक सर्वेक्षण में दिए गए 6.5 फीसदी विकास अनुमान से अधिक है.
2025 तक भारतीय अर्थव्यवस्था
भारत जी20 शेरपा, नीति आयोग के पूर्व सीईओ अमिताभ कांत ने पहले ही राय दी है कि भारत 2025 तक दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा. अमिताभ कांत ने कहा कि पिछली तीन तिमाहियों में रिकॉर्ड जीएसटी संग्रह और 8 फीसदी जीडीपी वृद्धि जैसी चीजों ने भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत किया है. भारत वर्तमान में अमेरिका, चीन, जर्मनी और जापान के बाद दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है. 2022 में भारत ब्रिटेन को पछाड़ते हुए छठे स्थान से पांचवें स्थान पर पहुंच गया.
इकोनॉमी में तेजी के पीछे ये तर्क
बता दें, भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर गीता गोपीनाथ ने जो अनुमान दिया है, वो पिछले महीने बजट में भारत सरकार द्वारा आर्थिक सर्वे में पेश किए गए अनुमान से भी ज्यादा है. भारत सरकार ने 6.5 फीसदी जीडीपी ग्रोथ का अनुमान लगाया है. जबकि अब IMF ने जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को बढ़ाकर 7 फीसदी कर दिया है. गीता गोपीनाथ ने इस अनुमान के आधार पर बताया कि 2027 तक भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी बन जाएगा.
उन्होंने बताया कि पिछले साल निजी खपत ग्रोथ 4 फीसदी के करीब था, जिसमें इस साल खासी बढ़ोतरी की उम्मीद है, खासकर ग्रामीण इलाकों में तेजी रिकवरी की संभावना दिख रही है.
ADB को भारत की ग्रोथ पर भरोसा
बता दें, IMF से जुड़ीं गीता गोपीनाथ से पहले एशियाई विकास बैंक (ADB) ने भी भारतीय अर्थव्यवस्था की तारीफ की थी. एशियाई विकास बैंक (ADB) ने भारत के जीडीपी अनुमान को 7 फीसदी पर बरकार रखा है. वहीं भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने चालू वित्त वर्ष में जीडीपी ग्रोथ रेट 7.2 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है.