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सूरजपुर जिले के डेडरी स्थित आदिवासी कन्या आश्रम में एक दुखद घटना सामने आई है, जहां एक नौ वर्षीय छात्रा की मौत हो गई. छात्रा कक्षा दूसरी की छात्रा थी, जो पिछले दो सालों से आश्रम में रहकर पढ़ाई कर रही थी. बुधवार से उसकी तबीयत बिगड़ी, जिसकी जानकारी उसने वॉर्डन को दी. देखभाल और सही उपचार के अभाव में बच्ची की मौत के बाद आश्रम में रहने वाले बच्चों की देखभाल और सुरक्षा को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं.
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, छात्रा सुरता गांव के मनोज सिंह की बेटी थी. उसने बुधवार को वार्डन से गाल में दर्द होने की शिकायत की थी, जिसके बाद वार्डन ने उसकी गाल पर पट्टी चिपकाई. इसके बाद छात्रा स्कूल गई, लेकिन स्कूल से लौटने के बाद उसने खाना-पीना नहीं किया. अगले दिन सुबह जब बच्ची नहीं उठी, तो उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. घटना की सूचना मिलने पर पुलिस अस्पताल पहुंची और मर्ग कायम कर मासूम के शव को पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है. पुलिस ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही छात्रा की मौत के कारणों का स्पष्ट रूप से पता चल सकेगा. पुलिस ने इस मामले की गंभीरता से जांच करने का आश्वासन दिया है.
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